15.2 C
Dehradun
Monday, March 16, 2026


Home Blog Page 21

विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल हेतु हुए बन्द

0

श्री केदारनाथ धाम के कपाट आज 23 अक्टूबर, 2025 (गुरुवार) की प्रातः 8ः20 बजे पूर्ण वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना एवं धार्मिक परम्पराओं के अनुसार शीतकाल हेतु विधिवत बंद कर दिये गये हैं। कपाट बंद होने की प्रक्रिया आज प्रातः 4 बजे से ही विशेष पूजा-अर्चना के साथ प्रारम्भ की गयी है। कपाट बन्द होने के अवसर पर मा. मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड श्री पुष्कर सिंह धामी, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय कोंडे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीकेटीसी विजय थपलियाल सहित तीर्थ पुरोहितगण व धाम में पहुंचे श्रद्धालुगण रहे।

कपाट बंद होने से पश्चात बाबा केदारनाथ की डोली ने केदारनाथ धाम से ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ के लिए प्रस्थान किया है। डोली का प्रथम पड़ाव रामपुर मेें रहेगा। कल डोली गुप्तकाशी पहुंचेगी, दिनांक 25 अक्टूबर को डोली अपने गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मन्दिर ऊखीमठ पहुंचेगी।

कल प्रातः 8:30 बजे पूर्ण वैदिक विधि-विधान के साथ बंद होंगे बाबा केदारनाथ धाम के कपाट।

0

श्री केदारनाथ धाम के कपाट कल दिनांक 23 अक्टूबर, 2025 (गुरुवार) प्रातः 8:30 बजे पूर्ण वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना एवं धार्मिक परंपराओं के अनुसार शीतकाल हेतु विधिवत बंद किए जाएंगे। कपाट बंद होने की प्रक्रिया प्रातः चार बजे से ही विशेष पूजा-अर्चना के साथ प्रारंभ होगी।

कपाट बंद होने से पश्चात बाबा केदारनाथ की डोली यात्रा कल केदारनाथ धाम से ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ के लिए प्रस्थान करेगी। यह यात्रा प्रथम पड़ाव रामपुर द्वितीय पड़ाव गुप्तकाशी से होते हुए ऊखीमठ पहुंचेगी। वहां बाबा केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली का भव्य स्वागत किया जाएगा।

कपाट बंद होने के उपरांत पूरे शीतकालीन अवधि में बाबा केदारनाथ जी की पूजा-अर्चना ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में नियमित रूप से सम्पन्न की जाएगी।

इस वर्ष लगभग 17.39 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने अब तक बाबा केदारनाथ के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया है।

जिला प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन, यात्रा प्रबंधन एवं संबंधित विभागों द्वारा कपाट बंद होने के उपलक्ष्य पर सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं।

राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह (से.नि.), मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी एवं गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भी इस यात्रा सत्र में धाम पहुंचकर व्यवस्थाओं की प्रशंसा की।

जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन ने कहा कि कपाट बंद होने की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं तथा तीर्थयात्रियों एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा और अन्य व्यवस्थाओं के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं का लिया जायजा, पुनर्निर्माण कार्यों और यात्रियों की सुविधाओं का किया निरीक्षण।

0

*मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं का लिया जायजा, पुनर्निर्माण कार्यो

*बाबा केदारनाथ के दर्शन कर लिया आशीर्वाद, वर्ष 2026 की यात्रा तैयारियों के दिए निर्देश*

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने आज बुधवार को पवित्र केदारनाथ धाम पहुंचकर भगवान बाबा केदारनाथ के दर्शन किए और धाम परिसर में चल रहे पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने धाम क्षेत्र में विभिन्न फेज़ों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और कार्य निष्पादन की समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी प्रतीक जैन से धाम में चल रहे सभी कार्यों की विस्तृत जानकारी ली, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सौंदर्य और धार्मिक आस्था का विशेष ध्यान रखा जाए।उन्होंने कहा कि कल, 23 अक्टूबर को बाबा केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने जा रहे हैं, उन्होंने निर्देश दिए कि कपाट बंद होने के बाद भी धाम क्षेत्र में सुरक्षा, सामग्री संरक्षण और बर्फबारी की स्थिति में कार्यों के रखरखाव को लेकर पूरी तैयारी रखी जाए।मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि अब से ही अगले यात्रा सत्र 2026 की तैयारी प्रारंभ कर दी जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सभी व्यवस्थाओं की पूर्व योजना (pre-planning) तैयार की जाए ताकि अगले यात्रा सीजन में यात्रियों को और भी बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, संचार, परिवहन, सुरक्षा, और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों के बीच समन्वय को और मजबूत करने पर बल दिया।।
इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि केदारनाथ यात्रा से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय और सहयोग से कार्य कर रहे हैं।

मुख्य सचिव ने धाम क्षेत्र में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि केदारनाथ धाम आज पूरे देश में पुनर्निर्माण और पुनरुत्थान का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार ,प्रसासन का लक्ष्य केवल भौतिक निर्माण नहीं, बल्कि आस्था और सुविधा का संतुलित संगम सुनिश्चित करना है, ताकि श्रद्धालुओं को एक पवित्र, सुरक्षित और दिव्य अनुभव प्राप्त हो।

इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, मुख्य कार्याधिकारी मंदिर समिति विजय थपलियाल, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला, अधिशासी अभियंता डी.डी.एम. विनय झिंकवाण तथा ए.आर.टी.ओ. रुद्रप्रयाग धर्मेंद्र सिंह बिष्ट एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

 

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने बाबा केदारनाथ के किए दर्शन, विशेष पूजा-अर्चना कर विश्व कल्याण की कामना की।

0

*केदारघाटी का प्रत्येक कण शिवमय : राज्यपाल गुरमीत सिंह*

*राज्यपाल ने पुनर्निर्माण कार्यों, यात्रा व्यवस्थाओं एवं प्रशासन की तत्परता की सराहना की*

*उत्तराखंड के सतत विकास और नागरिकों की खुशहाली के लिए मांगा आशीर्वाद*

उत्तराखंड के महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने आज मंगलवार सुबह प्रातः 8:45 बजे बाबा केदारनाथ धाम पहुंचकर भगवान केदारनाथ के दर्शन किए तथा विशेष रुद्राभिषेक पूजन कर विश्व कल्याण, मानवता की समृद्धि एवं उत्तराखंड के सतत विकास के लिए आशीर्वाद मांगा।

राज्यपाल के धाम आगमन पर अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा एवं मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत द्वारा वीआईपी हैलीपैड पर पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। तत्पश्चात राज्यपाल पैदल मार्ग से मंदिर प्रांगण पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान केदारनाथ का अभिषेक, पूजन-अर्चना कर क्षेत्र के नागरिकों की खुशहाली और राज्य की उन्नति की कामना की।

*तीर्थ पुरोहित समाज से भेंट एवं श्रद्धालुओं का अभिवादन*

मा० राज्यपाल गुरमीत सिंह ने मंदिर परिसर में तीर्थ पुरोहित समाज से भेंट की, जिनके द्वारा पारंपरिक मंत्रोच्चारण और पूजा-विधि के साथ राज्यपाल का स्वागत किया गया। राज्यपाल ने इसे अत्यंत आध्यात्मिक एवं भावनात्मक अनुभव बताते हुए कहा कि “केदारघाटी का प्रत्येक कण शिवमय है। यहां के पर्वतों में भगवान शिव की उपस्थिति का अनुभव होता है। इस पवित्र भूमि पर कदम रखते ही मन ध्यानमग्न हो जाता है।”

पूजन उपरांत राज्यपाल ने मंदिर प्रांगण में एकत्र श्रद्धालुओं का अभिवादन किया तथा ‘बोलो बाबा केदारनाथ की जय’ के जयघोष से वातावरण को भक्तिमय कर दिया।

*राज्यपाल ने पुनर्निर्माण कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण*

राज्यपाल ने केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस अवसर पर अधिशासी अभियंता डी.डी.एम. विनय झिंकवाण द्वारा राज्यपाल को धाम में चल रहे निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि अधिकांश पुनर्निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं, शेष कार्य भी अंतिम चरण में हैं।

राज्यपाल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में यात्रा प्रबंधन एवं पुनर्निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने जिला प्रशासन, मंदिर समिति, पुलिस विभाग, SDRF, NDRF तथा सभी सहयोगी एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि “चारधाम यात्रा को सफल, सुरक्षित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने में आप सभी की भूमिका अत्यंत सराहनीय है।”

*तीर्थ पुरोहितों हेतु भवन निर्माण कार्य पूर्ण*

राज्यपाल को यह भी अवगत कराया गया कि तीर्थ पुरोहितों के लिए बनाए जा रहे भवनों का निर्माण कार्य अधिकांश पूर्ण हो चुका है तथा भूमि और भवन आवंटन से जुड़े मुद्दों का निराकरण किया जा चुका है। राज्यपाल ने इस समन्वित प्रयास के लिए मंदिर समिति एवं जिला प्रशासन की विशेष रूप से प्रशंसा की।

*सेवाभाव और समर्पण के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों की सराहना*

राज्यपाल ने केदारनाथ में ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों, सुरक्षाकर्मियों एवं कर्मचारियों से भेंट कर उनका मनोबल बढ़ाया और कहा कि प्रशासन, पुलिस एवं सेवा दल सभी श्रद्धालुओं को सुविधाजनक यात्रा अनुभव कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने सभी को प्रेरित करते हुए कहा कि “श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रत्येक कर्मचारी पूर्ण निष्ठा और सेवाभाव से कार्य करें।”

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत, मुख्य कार्याधिकारी मंदिर समिति विजय थपलियाल, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला, अध्यक्ष पं. राजकुमार तिवारी, महामंत्री राजेन्द्र तिवारी, मंत्री अंकित प्रसाद सेमवाल सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं तीर्थ पुरोहितगण उपस्थित रहे।

कैंची धाम आश्रम के समीप लाइसेंसी हथियार से चली गोली, होटल कर्मचारी की मौत।

0

नैनीताल-

उत्तराखण्ड में नैनीताल के कैंचींधाम के समीप गोली लगने से होटल कर्मचारी की हत्या। फोरेंसिक टीम सैम्पल ले रही है और पुलिस साक्ष्य जुटाने में जुटी है।

नैनीताल के कैंचींधाम आश्रम के समीप शुक्रवार रात एक निजी होटल में कुछ लोग बैठे थे। उसी क्षेत्र और आसपास के रहने वाले लोगों के बीच एक लाइसेंसी हत्यार को लेकर वार्ता चल रही थी। अचानक हत्यार की खींचातानी में एक्सिडेंटल गोली चल गई। गोली, बेतालघाट निवासी टैक्सी चालक 36 वर्षीय आनंद सिंह के गले में लग गई।

अत्यधिक रक्त रिसाव से आनंद की जान चली गई। सूचना मिलने के बाद घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने जानकारी के आधार पर हत्यार को घर से बरामद कर लिया है। बताया जा रहा है कि हत्यार रमेश किरौला के नाम दर्ज है, जिसके बच्चों को आनंद स्कूल लाता ले जाता था।

एस.पी.क्राइम जगदीश चंद्र ने बताया कि घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम नमूने ले रही है और घटना में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इसके बाद शव को पोस्ट मॉर्टम के लिए भेजा जाएगा और परिजनों से मिलने वाली शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया चतुर्थ सीमांत पर्वतीय बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ।

0

*सीमान्त जनपदों के वैज्ञानिक सशक्तिकरण हेतु चतुर्थ सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, बणसू, जाखधार, गुप्तकाशी रुद्रप्रयाग में हुआ भव्य आयोजन*

  • जलवायु परिवर्तन अनुकूलन व आपदा जोखिम प्रबंधन विषय पर आधारित है राज्य स्तरीय आयोजन*

उत्तराखण्ड विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी परिषद ( सूचना प्रौद्योगिकी, सुराज एंव विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग ) उत्तराखण्ड सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 में चतुर्थ सीमांन्त पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का राज्य स्तरीय आयोजन का शुभारंभ आज 15 अक्टूबर को सीमान्त जनपद रुद्रप्रयाग के पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, बणसू, जाखधार, गुप्तकाशी में हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मा० मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार पुष्कर सिंह धामी की गरिमामयी उपस्थित में किया गया। कार्यक्रम में मा० मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। तत्पश्चात उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित बाल वैज्ञानिकों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित किया तथा बच्चों की शंकाओं का समाधान भी किया, कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से आए हुए बाल वैज्ञानिकों ने मा० मुख्यमंत्री से जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक जल संसाधन एवं संरक्षण, आपदा प्रबंधन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, ऊर्जा संरक्षण आदि विषयों पर चर्चा की गई, मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस भव्य आयोजन से सीमांत जनपदों के बाल वैज्ञानिकों को एक नई दिशा और अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने इस अवसर पर युकोस्ट की रुद्रप्रयाग डैशबोर्ड पुस्तक का विमोचन भी किया। यह जीआईएस आधारित रिमोट सिस्टम डैशबोर्ड है, जिसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं से जुड़ी सूचनाएँ एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने बाल वैज्ञानिकों से संवाद करते हुए कहा कि सीमांत जनपदों में अब ऐसे नवाचार केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहाँ आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी उपयोगी जानकारी और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, सीमांत क्षेत्र के उद्यमी इंद्र सिंह रावत, और सीमांत सेवा फाउंडेशन के डॉ. पाटनी को सम्मानित किया। महोत्सव में कुल छह जनपदों के 238 बाल वैज्ञानिक प्रतिभाग कर रहे हैं, जिनमें 90 छात्र और 148 छात्राएँ शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मा०प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत नवाचार, अनुसंधान और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का विजन है कि “नए भारत की गति और दिशा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के नवाचारों पर निर्भर करेगी।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि विज्ञान की नई तकनीकों के बल पर आज भारत अंतरिक्ष सहित कई क्षेत्रों में अपना परचम लहरा रहा है। देहरादून देश की पाँचवीं साइंस सिटी बनने जा रही है, जो उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न सरकारी सेवाओं को ई-गवर्नेंस के माध्यम से ऑनलाइन पोर्टल द्वारा सरल और सुलभ बनाया जा रहा है, जिससे जनसामान्य को पारदर्शी और प्रभावी सेवाएँ मिल रही हैं। उन्होंने कहा है कि कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश मे विज्ञान, प्रौद्योगिकी एंव नवाचार को बढ़ावा देने व आम जीवन मे उसका समावेश करना तथा सीमांत क्षेत्रों के सतत विकास एवं वैज्ञानिक सशक्तिकरण पर केन्द्रित है।

इस अवसर पर विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनकी उपस्थिति से बाल वैज्ञानिकों को नई ऊर्जा और प्रेरणा मिली है।

चतुर्थ सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव की थीम – जलवायु परिवर्तन अनुकूलन रणनीतियों तथा आपदा जोखिम प्रबंधन एकीकरण ( Integrated climate change adaptation and mitigation strategies into disaster risk management plans) है इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक जल संसाधन एवं संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा को बढ़ावा देना और ऐसी रणनीतियाँ विकसित करना है जो पहाड़ी क्षेत्रों में एक स्थायी और स्थिति -स्थापक भविष्य सुनिश्चित होगा ।

*मुख्यमंत्री घोषणाएं*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जवाहर नवोदय विद्यालय में विभिन्न कार्यो के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने जनपद में आपदा प्रबंधन केंद्र के निर्माण हेतु जिलाधिकारी को कार्ययोजना बनाने हेतु आदेशित किया, साथ ही सीमांत क्षेत्रों में सीमांत क्षेत्र विकास परिषद के गठन की भी घोषणा की, जिसके लिए उन्होंने महानिदेशक, युकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया।

कार्यक्रम में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग पूनम कठैत, महानिदेशक, युकॉस्ट प्रो० दुर्गेश पंत, उपाध्यक्ष महिला बाल विकास ऐश्वर्या रावत, भाजपा जिला अध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, प्रधानाचार्य पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय जाखधार तिलक सिंह, जिलाधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

 

1347 सहायक अध्यापकों तथा 109 समीक्षा एवं सहायक समीक्षा अधिकारियों को मिली नियुक्ति।

0

*1456 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किये नियुक्ति पत्र*

*1347 सहायक अध्यापकों तथा 109 समीक्षा एवं सहायक समीक्षा अधिकारियों को मिली नियुक्ति*

*राज्य में चार साल में 26 हजार से अधिक युवाओं को मिल चुकी है सरकारी नौकरी*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को दून मेडिकल कॉलेज, पटेलनगर में 1456 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। इसमें लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित 109 समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी और उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 1347 सहायक अध्यापक (एल.टी.) शामिल हैं।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह अवसर नियुक्ति अभ्यर्थियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, साथ ही राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव निर्धारण के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने नवनियुक्त युवाओं से अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और समर्पण की भावना के साथ करने की अपेक्षा करते हुए कहा कि अपने कार्य क्षेत्र में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य की शासन व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण आधार उसका प्रशासनिक तंत्र होता है। सचिवालय को राज्य की शासन व्यवस्था का मस्तिष्क कह सकते हैं, क्योंकि यहीं पर नीतियां बनती हैं, निर्णय लिए जाते हैं और विकास परियोजनाओं को धरातल पर उतारने का खाका तैयार किया जाता है। इस पूरी व्यवस्था को प्रभावी बनाने में समीक्षा अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब एक बच्चे को अच्छी शिक्षा मिलती है, तो वह अपने जीवन को बेहतर बनाने के साथ समाज और देश के लिए भी अमूल्य योगदान देता है। शिक्षक के कर्तव्य है कि वे बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के साथ ही उनके भीतर समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना का भी संचार करें, जिससे वे अच्छे नागरिक बन सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य में विद्यालयों के इन्फ्रास्ट्रक्चर से लेकर डिजिटलाइजेशन तक, प्रत्येक स्तर पर व्यापक सुधार लाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार सालों में राज्य में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी में सेवायोजित किया जा चुका है। यह संख्या राज्य के गठन के पश्चात् से पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में मिली कुल नौकरियों से दो गुना से भी अधिक हैं। आज हमारे युवा पारदर्शी व्यवस्था और मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियों में अवसर पा रहे हैं। हाल ही में हरिद्वार के एक परीक्षा सेंटर पर एक व्यक्ति द्वारा नकल का एक प्रकरण सामने आया था। सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और मामले की जांच के एसआईटी का गठन किया। युवाओं के हितों की रक्षा के लिए और युवाओं की मांग पर सीबीआई जांच की संस्तुति प्रदान कर पेपर को निरस्त करने का भी निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं युवाओं के पास धरनास्थल पर जाकर उनकी सभी न्यायोचित मांगों को मानने का आश्वासन दिया।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा शिक्षा विभाग में नियुक्तियों का सिलसिला लगातार जारी रहेगा जल्द ही बीआरपी, सीआरपी, बेसिक अध्यापकों और चतुर्थ श्रेणी में नियुक्तियां प्रदान की जायेगी। उन्होंने नियुक्ति प्राप्त करने वाले सभी अध्यापकों से कहा कि सबको दुर्गम क्षेत्रों में नियुक्ति प्रदान की जा रही है। कुछ साल सभी को अनिवार्य रूप से दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देनी है।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री महेन्द्र भट्ट, विधायक श्री विनोद चमोली, सचिव श्री रविनाथ रमन, श्री दीपेन्द्र चौधरी एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम धामी के निर्देश पर मकानों पर नंबर प्लेट लगाने के टिहरी व उत्तरकाशी के डीपीआरओ के आदेश रद्द।

0

*वायरल पत्र का सीएम धामी ने लिया संज्ञान : दिए जांच के निर्देश*

*सरकारी कार्यों में स्थानीय लोगों को सर्वोच्च प्राथमिकता का निर्देश*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मकानों पर नंबर प्लेट लगाने के संबंध में जिला पंचायतराज अधिकारी, टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी द्वारा जारी आदेशों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने के साथ ही मामले की पूरी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी जिले के जिला पंचायतराज अधिकारियों के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन आदि कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार करने हेतु मकानों पर नम्बर प्लेट लगाने का कार्य एक बाहरी व्यक्ति को देने से संबंधित पत्र सोशल मीडिया में वायरल हुए थे।

मुख्यमंत्री ने उक्त प्रकरणों का संज्ञान लेते हुए इस संबंध में अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि सरकार के संकल्प के अनुरूप सभी योजनाएँ और कार्यक्रम जनहित, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ लागू होने आवश्यक हैं। सभी कार्यों में स्थानीय लोगों के रोजगार और हितों का पूरा ध्यान रखने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने दोहराया कि रू. 10 करोड़ तक के सरकारी अधिप्राप्तियों में स्थानीय लोगों को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने हेतु सरकार के द्वारा जारी आदेशों का हर स्तर पर सख्ती से अनुपालन किया जाए।

*मां से बिछड़ चुके छोटे बच्चे को केदारनाथ पुलिस ने मिलवाया।

0

केदारनाथ ।।14 अक्टूबर 2025 को केदारनाथ में बीकानेर से आई श्रद्धालु श्रीमती पूजा देवी द्वारा केदारनाथ धाम स्थित पुलिस द्वारा स्थापित खोया-पाया केंद्र में जाकर बताया कि उनका ढाई वर्षीय पुत्र कहीं मंदिर परिसर आंगन में खो गया है, जो काफी ढूंढने पर नहीं मिल रहा है। जिस पर केदारनाथ पुलिस द्वारा एक टीम बनाकर सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से व इधर-उधर ढूंढखोज कर इनके ढाई वर्षीय पुत्र चंदन को प्रसाद की दुकान के सामने से सकुशल बरामद कर उसकी माता के सुपुर्द किया गया। जिस पर बीकानेर से आए श्रद्धालुओं द्वारा केदारनाथ पुलिस का आभार प्रकट कर अर अपने गन्तव्य के लिए प्रस्थान किया गया। पुलिस टीम में चोकी प्रभारी केदारनाथ मुकेश डिमरी, आरक्षी सूरज बैंजवाल, आरक्षी सचिन मौजूद रहे।

उत्तराखंड कैबिनेट बैठक हुई खत्म,8 प्रस्तावों पर बनी सहमति।

0

देहरादून

उत्तराखंड कैबिनेट बैठक खत्म

बैठक में आये 8 प्रस्ताव

महिला सशक्तिकरण में बाल विकास विभाग के तहत

मिनी आंगनबाड़ी केन्दों को आंगनबाड़ी केंद्र में तब्दील किया जाने का केंद्र सरकार ने दी सहमति

सुपरवाइजर नियमावली में संशोधन

50 प्रतिशत पद अब आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से ही भरे जाएंगे

रायपुर में बनने वाले विधानसभा के तहत फ्री जोन में मिली छूट

मकान और छोटी दुकान बनाने के लिए मिली अनुमति

चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत स्वाथ्य कार्यकर्ता स्वास्थ्य परिवेक्षक नियमावली संशोधन

स्वाथ्य कार्यकर्ता स्वास्थ्य परिवेक्षक नियमावली में एक बार

एक बार तबादले में मिली छूट

Ucc नियमावली में आंशिक संशोधन

नेपाली और भूटानी के लिए शादी होने पर

UCC पोर्टल पर आधार कार्ड की बयाज

विदेशी पंजीकरण के आधार पर भी हो सकेगा पंजीकरण

राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर होने वाले विधानसभा सत्र की तिथि के लिए

मुख्यमंत्री को किया गया अधिकृत