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Tuesday, September 29, 2026
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उत्तराखंड में 55 प्रोजेक्ट के लिए 894 करोड़ मंजूर ।

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उत्तराखंड में 55 प्रोजेक्ट के लिए 894 करोड़ मंजूर,

पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता योजना में जारी हुई धनराशि,

मंजूर हुई धनराशि से सड़के, भवन, अस्पताल, मेडिकल कॉलेज , बस टर्मिनल समेत जन सुविधाओं से जुड़ी 55 परियोजनाओं पर होगी खर्च,

राज्य सरकार की तरफ से 76 परियोजनाओं में पूंजीगत निवेश के लिए 1418 करोड़ की धनराशि आवंटित करने की की गई थी मांग,

पहले चरण में 894 करोड़ की धनराशि की गई है जारी,

जारी की गई धनराशि को 1 साल के भीतर करना होगा खर्च,

Uksssc की जिन भर्ती परीक्षाओं के हुए पेपर लीक उनका भविष्य अधर में अटका।

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Uksssc की जिन भर्ती परीक्षाओं के हुए पेपर लीक उनका भविष्य अधर में अटका

एसटीएफ की जांच पूरी होने तक आयोग नहीं ले सकता कोई निर्णय

पेपर लीक के दायरे से ही तय होगा कि यह भर्तियां रद्द होंगी या नहीं।

आयोग ने 13 विभागों के 916 पदों पर भर्ती के लिए पिछले साल चार व पांच दिसंबर को कराई थी परीक्षा

परिणाम जारी करने के बाद आयोग ने चुने गए अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों का किया था सत्यापन

अंतिम चयन सूची विभागों को भेजी जाती, इससे पहले ही पेपर लीक की सूचनाएं आ गईं।

तब से अटका है राज्य में भर्ती प्रक्रिया रिजल्ट

विधान सभा सत्र से पहले धामी सरकार की कैबिनेट बैठक आज।

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धामी सरकार की कैबिनेट बैठक आज,

सचिवालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होगी कैबिनेट बैठक,

शाम 4 बजे शुरू होगी कैबिनेट बैठक,

कई अहम प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर,

मंत्रिमंडल की बैठक में अनुपूरक बजट पर हो सकता है मंथन,

नकल निशेध कानून पर लग सकती है मुहर,

विधानसभा पटल पर रखे जाने वाले प्रत्यावेदन पर भी चर्चा सम्भव,

स्मार्ट सिटी योजना के तहत ग्रीन बिल्डिंग का प्रस्ताव आएगा कैबिनेट में,

नई राजश्व संहिता के प्रस्ताव भी चर्चा संभव,

बांध परियोजना के पुनर्वास ओर विस्थापन पर चर्चा संभव,

शराब तस्करी पर रुद्रप्रयाग पुलिस सक्त 14 पेटी अंग्रेजी शराब के साथ 02 व्यक्तियों को किया गिरफ्तार।

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शराब तस्करी पर रुद्रप्रयाग पुलिस सक्त 14 पेटी अंग्रेजी शराब के साथ 02 व्यक्तियों को किया गिरफ्तार।

₹ 1,10,000 की 14 पेटीअंग्रेजी शराब पुलिस ने की जब्त ।

रुद्रप्रयाग ।सम्पूर्ण उत्तराखण्ड प्रदेश भर मे चलाये जा रहे Drugs free Devbhoomi 2025 मिशन को सफल बनाये जाने के उद्देश्य से, जनपद रुद्रप्रयाग को नशामुक्त करने तथा युवा पीढी को नशे के चुंगल से बचाने के लिए पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग द्वारा जनपद के सभी थाना प्रभारियों, एसओजी एवं एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की टीम को नशे की तस्करी, विक्रय करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। निर्गत निर्देशों के क्रम में एसओजी प्रभारी निरीक्षक श्री मनोज सिंह नेगी द्वारा अपनी टीम के साथ गहन सुरागरसी पतारसी कर 02 अभियुक्तों को मयाली क्षेत्र में उनके निजी वाहन से 14 पेटी अवैध शराब (अलग-अलग ब्राण्ड) की तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया गया है। जिनके विरुद्ध थाना कोतवाली रुद्रप्रयाग में मु0अ0सं0 44/22 धारा 60/72 आबकारी अधिनियम पंजीकृत किया गया है। एवं अभियुक्तगणों के विरुद्ध अग्रेत्तर कार्यवाही की जा रही है।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

1- राजेन्द्र सिंह पुत्र भगवान सिह राणा निवासी ग्राम इन्द्रनगर, मखेत पोस्ट मयाली जिला रुद्रप्रयाग
(उम्र 35 वर्ष)
2- खुशाल सिंह रावत पुत्र अमर सिह निवासी ग्राम कुरछोला तहसील जखोली जिला रुद्रप्रयाग (उम्र 38 वर्ष)

रामद अवैध शराब का विवरण

14 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब अनुमानित कीमत ₹ 1,10,000 लगभग

बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ चारधाम यात्रा का विधिवत समापन, मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं।

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बद्रीनाथ धाम की कपाट बंद होने के साथ चारधाम यात्रा का विधिवत समापन, मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं

-इस यात्रा वर्ष रिकॉर्ड यात्रियों ने किये चारधामों के दर्शन

भू-बैकुंठ श्री बदरीनाथ धाम की कपाट बंदी के साथ ही चारधाम यात्रा का भी विधिवत समापन हो गया है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर देश-विदेश के तमाम श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए यात्रा के सफल संचालन हेतु तमाम विभागों का भी आभार प्रकट किया है।

गौरतलब है कि इस बार रिकॉर्ड साढ़े छियालीस लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधामों के दर्शन किये। अकेले 17 लाख 60 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान बदरीविशाल के दर्शन कर पुण्य कमाया।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री चारधामों के कपाट बंद होने के अवसर पर तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस बार रिकॉर्ड यात्रियों का चारधाम की यात्रा पर आना यह भी परिलक्षित करता है कि राज्य सरकार द्वारा की गई बेहतर व्यवस्थाओं के चलते संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्तमान में श्री केदारनाथ धाम एवं श्री बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है जिससे आनेवाले यात्राकाल में तीर्थयात्रियों एवं आम जनमानस को पर्याप्त सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने हालिया दौरे के दौरान केदारनाथ धाम एवं हेमकुंट धाम के लिए रोपवे की आधारशिला रखी है जिससे आने वाले दिनों में यह दोनों यात्राएं न केवल सुगम बल्कि सुरक्षित हो सकेंगी। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं में जुटे रहे तमाम विभागों के कार्मिकों का भी आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों के बीच बेहतर सामंजस्य एवं स्थानीय लोगों की भागीदारी से ही कुशलता पूर्वक यात्रा संभव हो सकी है।

भू-बैकुंठ धाम श्री बद्रीनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद ।

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श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद।


बद्रीनाथ धाम । भू-बैकुंठ धाम श्री बद्रीनाथ मंदिर के कपाट आज शुभ मुहूर्त में सांय 3.35 बजे पूरी विधि विधान, वैदिक परम्परा एवं मंत्रोचारण के साथ शीतकाल के लिए बन्द कर दिए गए। पंच पूजाओं के साथ शुरू हुई कपाट बंद होने की प्रक्रिया के अंतिम दिन भगवान नारायण की विशेष पूजा अर्चना की गई।

मुख्य पुजारी रावल जी, मंदिर समिति के सदस्यों एवं सैकड़ों श्रद्वालुओं की मौजूदगी में भगवान बद्री विशाल जी के कपाट इस वर्ष शीतकाल के लिए बंद किए गए। कपाट बंद होते समय आर्मी के मधुर बैंड ध्वनि ने सबको भावुक कर दिया। कपाट बंद होने से पूर्व भगवान को घृत कम्बल पहनाया गया। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्वालुओं ने भगवान के कपाट बंद होने की प्रक्रिया देखी।

पूरी बद्रीनाथपुरी जय बदरी विशाल के उद्घोष के साथ गूंज उठी। मुख्य पुजारी रावल ईश्वरी नम्बूदरी ने इस वर्ष की अंतिम पूजा की। कपाट बंद होने का माहौल अत्यंत धार्मिक मान्यताओं, परम्पराओं के साथ हुआ। कपाट बंद होने के अवसर पर बडी संख्या में श्रद्वालुओ ने पूरे भाव भक्ति से भगवान बद्री विशाल के दर्शन किए। जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकडों के अनुसार इस वर्ष 17 लाख 58 हजार, 789 श्रद्वालु भगवान बद्रीविशाल के दर्शनों के लिए बद्रीनाथ पहुॅचे।

चमोली के चार किशोरों की नदी में नहाने समय रहस्यमयी तरीके से मौत ।।

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चमोली के चार किशोरों की नदी में नहाने समय रहस्यमयी तरीके से मौत ।।

चमोली जनपद को शुक्रवार व शनिवार रहा हादसों भरा दिन ।
आज और कल रहा हादसों को दिन,दो दिन में 16 लोगो की मौत ।


चमोली ।विकासखंड देवाल से लगे कलसीरी गांव के नीचे कैल नदी में 4 नाबालिग बच्चो की डूबने से दर्दनाक मौत हो गयी वहीं बच्चो का इस तरह से साफ और कम गहरे पानी मे ही डूब जाने से हुई मौत से रहस्य का पर्दा नहीं उठ पाया है ।
अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर बाद से ही चारो बच्चे अचानक लापता हो गए थे परिजनों द्वारा शाम तक भी बच्चो के घर न लौटने पर परिजनों ने पूरी रात आसपास के इलाकों में इन बच्चो की काफी ढूंढ खोज की
शनिवार सुबह जानकारी मिली कि हाट कल्याणी सवाड मोटरमार्ग पर कलसीरी गांव के नीचे कैल नदी में बच्चो के शव नदी के अंदर पड़े हैं सूचना मिलते ही पुलिस मिउके पर पहुंची जहां स्थानीय लोगो की मदद से पुलिस ने चारों शवो को नदी के अंदर से बाहर निकाला

चारो बच्चो की पहचान प्रियांशु पुत्र रघुवीर सिंह उम्र 16 वर्ष ,अंशुल पुत्र हरेंद्र सिंह उम्र 17 वर्ष,धर्मेंद्र पुत्र भरत सिंह उम्र 15 वर्ष और लकी पुत्र राकेश मिश्रा उम्र 16 वर्ष के रूप में हुई है चारो बच्चे अलग अलग गांव के बताए जा रहे हैं और राजकीय इंटर कालेज देवाल में 9 से 11 वी तक कि अलग अलग कक्षाओं में अध्ययनरत हैंस्थानीय लोगो के मुताबिक बरामद शवो के पास से ओसीबी पेपर भी मिले हैं जिससे इस घटना से पहले किसी तरह के नशीले पदार्थों का सेवन किये जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने घटनास्थल की जांच और जांच ले बाद मौके से पाए जाने वाले पदार्थों की फोरेंसिक जांच की मांग की है।

वहीं उपजिलाधिकारी थराली रविन्द्र जुंवाठा ने भी मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस रहस्यमयी मौतों से पर्दा उठने की बात कही है उपजिलाधिकारी थराली ने कहा कि कम गहरे पानी मे एक साथ डूब जाने से चारो बच्चो की मौत हुई है इसमें कहीं न कहीं कुछ संदिग्ध नजर आ रहा है उन्होंने मामले की जांच करने की बात कही है
वहीं चारो मासूम बच्चो की मौत से देवाल में शोक की लहर है

लाखो खर्च करने के बाद भी बिरान पड़ा हुआ भेड़ प्रजजन केंद्र खलियान ।

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रुद्रप्रयाग ।  उतर पदेश के समय से पशुपाल विभाग के द्वारा विकासखण्ड जखोली के खलियान बाँगर में भेड़ प्रजजन केंद्र की स्थापना की हुई है और उत्तराखण्ड के इन 22 सालो के अंतर्गत भी यंहा पर 100 से 1000 भेड़ो के लिये भवन व भाड़े बनाये गए हैं ।इस भेड़ प्रजजन केंद्र पर आस्ट्रेलियन प्रजाति से लेकर बिभिन्न किस्म के भेड़ो को यंहा रखा जाता था।लेकिन पिछले एक साल से खलियान भेड़ प्रजजन केंद्र बिना भेड़ो के बिरान पड़ा हुआ है जबकि पशुपालन विभाग के द्वारा भेड़ो की रेख देख के लिये यंहा पर पशुप्रसार अधिकारी व अन्य कर्मचारीयो की नियमित नियुक्ति की हुई है ।

यही नही कर्मचारियों के लिये आवास कलोनी के साथ साथ करोड़ो रूपये का स्ट्रेक्चर को भी यंहा पर खड़ा किया हुआ है ।लेकिन भेड़ो के होने से यंहा पर बने कमरे धूल फांक रहे है ।विकास खण्ड जखोली के खलियान भेड़ प्रजजन केंद्र को सन 60 के दशक में खोला गया था इस भेड़ प्रजनन केंद्र को 300 नाली भूमि पर बनाया गया है पिछले तीन वर्षों से यहां पर उत्तराखण्ड सरकार के द्वारा भेड़ों और विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लियेभवनों का निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन पिछले सात आठ महिनों से यह संस्थान बिना भेड़ों के खाली पड़ा हुआ हैं विभाग ने क्यो इस भेड़ केंद्र को इतने लंबे समय से खाली रखा है इसे लेकर यंहा तैनात कर्मचारी नही बता पा रहे है ,

जहां सदैव ढेड़ सौ से अधिक भेड़ों से यह सीप फार्म भरा रहता था वर्तमान में विरान पड़ा हुआ हैं इस भेड़ प्रजजन केंद्र से भेड़ो की रेख देख के लिये पांच स्थानीय व्यक्ति को भी रखा गया था ।लेकिन आठ माह से केंद्र में भेड़ न होने से इन लोगो का भी रोजगार छीन चुका है ।

वर्ष 2003 में इस भेड़ प्रजनन केंद्र की दुर्दशा व विभागीय उदासीनता की समस्या को भी यंहा की जनता व क्षेत्र प्रतिनिधि समय समय अपने अपने माध्यमो से उठाते आये है  राज्य गठन से पूर्व चार दशक से अधिक समय तक यह सीप फार्म क्षेत्रीय लोगों के लिए नौकरी रोजगार के साथ ही पशु पालकों और काश्तकारों के लिए बहुत ही लाभकारी सिद्ध हुआ करता था लेकिन वर्तमान समय पूर्व के तीन वर्षों से यहां पर सरकार द्वारा करोड़ों की लागत से भवनों निर्माण कार्य किया जा रहा है लेकिन जिस उद्देश्य को लेकर संस्थान को बना था आज उसका लाभ होता दिखाई नही दे रहा हैं । क्षेत्रीय जनता का प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी व रुद्रप्रयाग विधानसभा के विधायक श्री भरत सिंह चौधरी से आग्रह करते हैं कि इस भेड़ प्रजनन केंद्र को बहु उद्देशीय फार्म के रूप में विकसित किया जाय ताकि क्षेत्रीय पशु पालकों, किसानों और क्षेत्रीय काश्तकारों को भी इसका लाभ मिल सके ।

स्वास्थ्य सुविधाओ के अभाव में ग्रामीण प्रसव पीड़ित महिला को 18 किलोमीटर पैदल दूरी तय करने के बाद पहुंचा रहे हैं अस्पताल ।

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भले ही हम आज के आधुनिक व भौतिकवादी युग मे चन्द्रमा पर बसने की तैयारियां कर रहे हो या दूरसंचार के संसाधनों में कांतिकारी परिवर्तन ला कर 2 जी से 5 जी तक आमदमी कि पहुंच बना चुके हो लेकिन उत्तराखण्ड के दूरस्थ क्षेत्रो में आज भी सड़क ,स्वास्थ्य, शिक्षा,आम आदमी से कोसो दूर दिखती नजर आ रही है ।आज भी कई ग्रामीण क्षेत्रो में स्वास्थ्य सेवाओं व सड़क के अभाव में लोगो को मिलो पैदल चल कर अपनी रोजमर्रा की आवश्यकताओं की पूर्ति करनी पड़ती है ।लेकिन इन 22 सालो के उत्तराखण्ड में दूरस्थ ग्रामीण आंचलों की सुध लेनी की निष्ठा किसी भी सरकार में दिखाई नही दे रही है ।जिस कारण आज संसाधनों के अभाव में गांव के गांव खाली होते नजर आ रहे है ।

आज हम बात कर रहे है चमोली जनपद के जोशीमठ विकास खंड के क्षेत्र डुमक गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में दो दिनों तक प्रसव पीड़ा से तड़पती रही महिला को 18 किमी पैदल चलकर किसी तरह से जिला मुख्यालय गोपेश्वर पहुंचाया गया। जहां प्रसव पीड़ा महिला ने नवजात शिशु का जन्म दिया । बताया कि जच्चा बच्चा दोनों स्वास्थ्य हैं।


पहाड़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति सरकार कितनी गंभीर है आए दिन पहाड़ में हो रही घटनाएं सरकार के पहाड़ में स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल रही है। दूरस्थ गांव डुमक की दीपक सिंह पत्नी दीक्षा देवी की सोमवार की रात्रि से प्रसव पीड़ा शुरु हो गई थी। स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के चलते मंगलवार को पूरे दिन घर पर ही महिला प्रसव पीड़ा से तड़पती रही जिस पर ग्रामीणों द्वारा प्रसव पीड़ा महिला की जब हालात गंभीर दिखी तो गुरुवार की सुबह गांव के युवाओं व बुजुर्गों द्वारा गांव में आपदा विभाग द्वारा 2013 में दिया गया स्ट्रेचर जो कि जीर्णशीर्ण हालत में था ,

जिस पर ग्रामीणों ने आनन फानन में स्ट्रेचर को किसी तरह से डंडियों व रस्सियों की मदद से बांधकर प्रसव पीड़ा महिला को 18 किमी पैदल चलकर कुजौं मैकोट गांव में पहुंचाया ,जहां से 14 किमी सड़क मार्ग से प्रसव पीड़ा महिला को देर सांय तक जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया ।जहां प्रसव पीड़ा महिला ने नवजात शिशु को जन्म दिया । डुमक गांव के यशवंत सिंह, सूरज सिंह भंड़ारी, बच्चन सिंह नेगी, नरेंद्र सिंह ,योगम्बर सिंह का कहना है कि गांव में आए दिन बीमार , प्रसव पीड़ा से पीड़ित ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं व सड़क के अभाव में आए दिन भारी मुसीबतों से गुजरना पड़ता है। गांव में सड़क व स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार एक ओर जहां पहाड़ों से पलायन रोकने व बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की बात करती है , वहीं पहाड़ों में स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है।

ऋषिकेश बद्रीनाथ रष्ट्रीय राजमार्ग ब्यासी के पास कार दुर्घटना ग्रस्त ।

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दिल्ली से बद्रीनाथ जा रहे तीन लोगों की बेगनार कार आज सुबह गूलर पुल के नजदीक अनियंत्रित हो कर खाई में जा गिरी ,कार में सवार तीनो लोग एक ही परिवार है जो आज सुबह ऋषिकेश से बद्रीनाथ के लिये निकले थे लेकिन सुबह 5 बजे गूलर पुल के नजदीक कार अनियंत्रित हो कर खाई में जा गिरी।कार दुर्घटना की सूचना लोगो द्वारा ब्यासी पुलिस को दी गयी। सूचना मिलते ही ब्यासी में तैनात SDRF की टीम मौके पर पहुंची । खाई में गिरे वाहन से तीनों लोगो का रेस्क्यू करके सभी घायलों को अस्पताल पहुचाएं गया ।