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Thursday, June 25, 2026
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राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड के आंदोलन के क्रम में 13 जनपदों में प्रधानाचार्य सीधी भर्ती नियमावली का तर्पण देकर प्रतियां माँ गंगा के तट पर प्रवाहित की गई ।

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हरिद्वार

राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड के आंदोलन के क्रम में 13 जनपदों में प्रधानाचार्य सीधी भर्ती नियमावली का तर्पण देकर प्रतियां माँ गंगा के तट पर प्रवाहित की गई ।

राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड के सदस्यों ने आज माँ गंगा के अतिरिक्त विविध जनपदों के नदी तटों पर सीधी भर्ती प्रतिलिपि के विसर्जन के साथ विभिन्न पवित्र तटों पर संकल्प लिया कि जब तक शिक्षकों की न्यायोचित मांगों का निस्तारण नहीं किया जाता तब तक असहयोग आन्दोलन जारी रहेगा,

17 सितंबर को मुख्यमंत्री मंत्री के आवास कूच कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया ।

तर्पण कार्यक्रम के तहत प्रांतीय अध्यक्ष राम सिंह चौहान मंडलीय अध्यक्ष श्याम सिंह सरियाल मंत्री डॉ हेमंत पैन्यूली जनपद कार्यकारिणी हरिद्वार जनपद मंत्री टिहरी डॉ बुद्धि भट्ट लक्ष्मण सजवाण जनपद अध्यक्ष देहरादून कुलदीप कंडारी मंत्री अर्जुन पंवार चंडी नौटियाल अरविंद कोठियाल ममराज चौहान संजय मंमगांई अनिल कुकरेती तथा विभिन्न घटक संगठनों के पदाधिकारी तथा मक्खन शाह तथा जनपद हरिद्वार देहरादून के पदाधिकारियों शिक्षकों द्वारा माँ गंगा के तट पर चंडी घाट मे सम्मिलित होकर सीधी भर्ती नियमावली का तर्पण देकर प्रतियाँ माँ गंगा में विसर्जित की गई ।

मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों को हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा है कि हिन्दी हमारी सांस्कृतिक भावनाओं, आकांक्षाओं एवं आदर्शाे का प्रतीक है। किसी भी देश की भाषा ही उसकी संस्कृति एवं परम्पराओं से जोड़ने में मददगार होती है। हिन्दी मात्र भाषा ही नही है बल्कि हमारी सभ्यता व संस्कृति की भी पहचान है। हिन्दी देश की एकता एवं अखंडता का भी आधार है। यह हमारी परंपराओं और हमारी विरासत का बोध कराने वाला एक सतत अनुष्ठान भी है।

उन्होंने कहा कि हिंदी एक भाषा ही नहीं हमारे राष्ट्र की आत्मा भी है। हिंदी ने हमारे समाज को जोड़ा है और हमारी सभ्यता को समृद्ध किया है। विश्व पटल पर हिंदी ने हमें विशेष स्थान दिलाया है। हिंदी केवल हमारे लिए संवाद का माध्यम नहीं है बल्कि हमारी अस्मिता, संस्कृति और भारतीयता का प्रतीक भी है। हिंदी ने विविधता से भरे हमारे समाज को एक सूत्र में बांधने का प्रयास किया है। सहजता, सरलता और सामर्थ्य से परिपूर्ण हिंदी में समन्वय की अदभुत क्षमता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा हिंदी को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किये जा रहे हैं। ’मन की बात’ कार्यक्रम में उनके द्वारा हिंदी का प्रयोग करने से हिंदी को वैश्विक पहचान मिली है।

उन्होंने कहा कि आज दुनिया के विभिन्न देशों में हिंदी का अध्ययन किया जा रहा है। हिंदी ने समाज में जागरूकता लाने में भी अहम भूमिका निभाई है। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक हिंदी सामाजिक चेतना का भी प्रमुख माध्यम रही है। स्वतंत्रता संग्राम के समय हिंदी संघर्ष की भाषा बनी और देशवासियों को एक सूत्र में बांधने में अहम भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा हिंदी के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी वैचारिक निष्ठा हिन्दी के प्रति रही है। हिंदी के गौरव को बनाए रखना हम सभी का दायित्व है। हिंदी के विकास के लिए जब हम सभी मिलकर कार्य करेंगे, तभी हिन्दी को अपेक्षित सम्मान प्राप्त होगा। हिंदी भारत ही नहीं बल्कि विश्व की सबसे अधिक लोकप्रिय भाषाओं में से एक है। हिंदी एक भाषा के रूप में भारतवासियों के बीच सेतु का भी काम करती है। देश की विभिन्न भाषाओं के साथ सामंजस्य बनाने की ताकत भी हिन्दी भाषा में है।

राजभाषा हिन्दी के गौरव एवं सम्मान के लिये सभी से सहयोगी बनने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिन्दी दिवस पर हमें अपने दैनिक जीवन में हिन्दी के अधिक से अधिक प्रयोग का भी संकल्प लेना होगा।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से उत्तराखण्ड में हवाई सेवाओं के विस्तार पर की चर्चा।

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हेली सेवा पुनः प्रारंभ होने से चारधाम यात्रा होगी सुगम*

*मुख्यमंत्री ने जौलीग्रांट में रात्रिकालीन हवाई सेवा आरंभ करने का किया अनुरोध*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू से भेंट कर राज्य में विमानन क्षेत्र के विकास, हवाई सम्पर्क में सुधार एवं पर्यटन को नई गति देने से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने राज्य को विमानन क्षेत्र में मिले सहयोग के लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री का प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से प्रदेश के हवाई अड्डों पर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने हेतु अम्ब्रेला ब्राण्ड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के अंतर्गत कियोस्क स्थापित किए जाने की पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे राज्य में स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली है।

मुख्यमंत्री ने राज्य में मानसून समाप्ति के बाद चारधाम यात्रा के लिए हेली सेवाओं को पुनः प्रारंभ करने की योजना से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। यह सेवाएं विशेष रूप से बुजुर्ग, दिव्यांग एवं असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के संबंधित विभागों के मध्य इस विषय पर समन्वय जारी है। विगत 01 सितम्बर को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में हेली सेवाओं के संचालन के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करते हुए हेली सेवाओं का पुनः संचालन यात्रा को सहज बनाएगा एवं सड़क मार्गों पर दबाव कम करेगा।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य का 70 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र वनाच्छादित है। राज्य में विशेषकर पर्वतीय जिलों में हवाई सम्पर्क न केवल आवश्यक है, बल्कि पर्यटन, नागरिक आवागमन तथा आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने गौचर (चमोली) एवं चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) हवाई पट्टियों को छोटे विमान संचालन के लिए विकसित करने एवं इन्हें दिल्ली, देहरादून तथा हिंडन से जोड़ने का अनुरोध किया। इससे चारधाम यात्रा की सुविधा बढ़ेगी एवं पर्वतीय क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में भी सुगमता रहेगी।

मुख्यमंत्री ने जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर रात्रिकालीन हवाई सेवा के संचालन का भी केन्द्रीय मंत्री से अनुरोध किया ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को विमान सेवा का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण को लेकर भी चर्चा की और बताया कि राज्य सरकार द्वारा अधिकांश आवश्यक कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। उन्होंने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को शीघ्र कार्य प्रारंभ करने हेतु निर्देशित करने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से क्षेत्रीय सम्पर्क योजना के तहत दिल्ली से पिथौरागढ़ के लिए नियमित हवाई सेवा शीघ्र प्रारम्भ करने का अनुरोध करते हुए बताया कि राज्य के पर्यटन के साथ-साथ सामरिक एवं मानवीय दृष्टिकोण से भी हवाई सेवा लाभकारी सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टी का निरीक्षण कर हवाई सेवा का संचलान किये जाने हेतु कार्यवाही प्रारंभ करने का भी केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से उपर्युक्त प्रस्तावों को प्राथमिकता देते हुए स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने मुख्यमंत्री को सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

छेनागाड़ आपदा: युद्ध स्तर पर जारी है सर्च एवं रेस्क्यू अभियान।

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*ड्रोन कैमरे व आधुनिक उपकरणों की मदद से तेज हुई खोजबीन*

*जेसीबी मशीनों से मलबा हटाने का कार्य लगातार जारी*

*लापता लोगों की तलाश हेतु घंटों जुटी हैं टीमें*

*आपदा प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा अब तक किया गया 1036 लोगों का चिकित्सा परीक्षण*

*जिलाधिकारी स्वयं कर रहे हैं पूरे अभियान की सतत मॉनिटरिंग*

जनपद रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र के अंतर्गत छेनागाड़ गांव में 28 अगस्त की रात को आई भीषण दैवीय आपदा ने जहां जन-जीवन को गहराई तक प्रभावित किया है, वहीं आपदा के पश्चात् लापता हुए 08 लोगों की खोज हेतु जिला प्रशासन द्वारा लगातार युद्ध स्तर पर प्रयास जारी हैं।

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीआरडीएफ और पुलिस की संयुक्त टीमें दिन-रात लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। रेस्क्यू टीमें मलबे की गहराई तक जाकर सर्चिंग कर रही हैं, ताकि लापता लोगों का कोई सुराग मिल सके। इस कार्य में ड्रोन कैमरों और आधुनिक उपकरणों की मदद ली जा रही है, जिससे मलबे के अंदर तक संभावित लोकेशन का पता लगाया जा सके।

आज गुरुवार को भी रेस्क्यू टीमों द्वारा मैनुअल सर्चिंग के साथ-साथ जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने और गहरी खुदाई का कार्य किया गया। प्रशासन ने खोजबीन की गति को और तेज करने के लिए तकनीकी उपकरणों को शामिल किया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा आपदा में क्षतिग्रस्त छेनागाड़ मार्ग को बड़ी मशीनों के संचालन हेतु सुचारू कर लिया गया है, जिससे राहत एवं बचाव कार्य में तेजी आई है।

सर्च अभियान की जानकारी देते हुए जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि सभी लापता व्यक्तियों की खोज हेतु सघन प्रयास किए जा रहे हैं। इस अभियान की मॉनिटरिंग जिलाधिकारी स्वयं कर रहे हैं और समय-समय पर मौके का निरीक्षण भी कर रहे हैं।

आपदा के बाद से प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में न केवल राहत और बचाव कार्य जारी है बल्कि प्रभावितों की स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बसुकेदार क्षेत्र के अंतर्गत आपदा प्रभावित गांव बक्शीर बांगर, तालजामण, बड़ेथ, स्यूर और उछोला में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार डटी हुई हैं। अब तक इन टीमों द्वारा 1036 लोगों का चिकित्सा परीक्षण किया जा चुका है। आवश्यकतानुसार प्रभावितों को दवाइयां भी वितरित की गई हैं और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं मौके पर ही उपलब्ध कराई जा रही हैं।

प्रशासनिक स्तर पर राहत एवं पुनर्वास कार्यों को गति देने के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। प्रभावित परिवारों को आवश्यक सामग्री, अस्थायी आश्रय एवं खाद्य आपूर्ति उपलब्ध कराई गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लापता लोगों की खोज पूरी ताक़त और संसाधनों के साथ जारी रहेगी।

जिलाधिकारी ने आमजन से अपील करते हुए कहा है कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में चल रहे रेस्क्यू अभियान में धैर्य बनाए रखें और प्रशासन के साथ सहयोग करें।

मौसम खराब होने की वजह से पीएम मोदी का हवाई दौरा हुआ रद्द।

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देहरादून-पीएम मोदी को आज उत्तराखंड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करना था,इसके लिए पीएम मोदी देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे, इसी बीच मौसम खराब हो गया। जिसके कारण पीएम मोदी का आपदाग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण रद्द करना पड़ा। पीएम मोदी को उत्तरकाशी,चमोली, टिहरी और पौड़ी का हवाई निरीक्षण करना था, अभी फिलहाल पीएम मोदी जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर हैं। यहां वे सीएम धामी से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में हुये नुकसान की जानकारी ले रहे हैं. पीएम मोदी शाम साढ़े पांच बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट के स्टेट गेस्ट हाउस में आपदा प्रभावित क्षेत्र के लोगों से भी मुलाकात करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम अपने तय कार्यक्रम के अनुसार देहरादून एयरपोर्ट पहुंचे. जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरप्रीत सिंह ने उनका स्वागत किया। जिसके बाद प्रधानमंत्री स्टेट गेस्ट हाउस गए हैं। पीएम मोदी आपदा वीरों और आपदा प्रभावितों से मुलाकात करेंगे। उसके बाद प्रधानमंत्री स्टेट गेस्ट हाउस में उच्च अधिकारियों के साथ एक हाई लेवल बैठक लेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री विशेष विमान द्वारा दिल्ली रवाना होंगे।

राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग अपने नवनिर्मित परिसर में हुआ स्थानांतरित, ग्रामवासियों ने किया गर्मजोशी से स्वागत।

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रुद्रप्रयाग ।।राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग ने आज एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अपने अस्थायी परिसर (पूर्व राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, रुद्रप्रयाग) से स्थानांतरित होकर विधिवत रूप से नवनिर्मित परिसर (चोपड़ा तोक, ग्राम जवाड़ी) में शिक्षण कार्य प्रारंभ कर दिया है।
इस अवसर पर ग्राम जवाड़ी के पूर्व प्रधानपति जगदंबा प्रसाद नौटियाल एवं भगवती प्रसाद नौटियाल द्वारा महाविद्यालय के समस्त शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया गया। ग्रामवासियों ने महाविद्यालय के आगमन को क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था के लिए मील का पत्थर बताया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आशुतोष त्रिपाठी ने ग्रामवासियों के सहयोग और स्वागत हेतु आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्थानांतरण उच्च शिक्षा के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि परिसर के सतत् उन्नयन हेतु समुदाय और महाविद्यालय के बीच सहयोग आवश्यक है, तथा सभी से इसमें सक्रिय सहभागिता की अपेक्षा की।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण, कर्मचारी एवं स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

 

आज की धामी कैबिनेट बैठक में 6 महत्व पूर्ण बिंदुओं पर लिया गया फैसला।

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देहरादून।।

बैठक में कुल 6 प्रस्तावो पर लगी मुहर

मुख्यमंत्री सचिव बंशीधर तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी

उच्च न्यायालय में अधिष्ठान कार्यालय में दो अधिवक्ताओं के पदों का सर्जन किया गया। वरिष्ठ प्रमुख,निजी सचिव और आशुलिपिक पद

उधम सिंह नगर जिले में 9.918 हेक्टयर जिला विकास प्राधिकरण को भूमि आवंटित की गई।

देहरादून शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए देहरादून सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड कंपनी बनाई जाएगी जोकि बसों का रखरखाव और संचालन करेगी

पशुपालन विभाग के तहत कुकुट आहार सब्सिडी योजना को मंजूरी। राज्य के 9 पर्वतीय जिलों के लिए योजना को लाया गया है। 2 करोड़ 25 लाख 85 हजार सब्सिडी में राशि दी जाएगी

उत्तराखंड सेवा का अधिकार का नवम वार्षिक प्रतिवेदन 2023- 24 विधानसभा पटल पर प्रस्तुत के जाने का निर्णय लिया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मैक्स हॉस्पिटल में जाकर पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी के स्वास्थ्य का हालचाल जाना।

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देहरादून

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज देहरादून स्थित मैक्स हॉस्पिटल पहुंचे, जहां उन्होंने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ राजनेता भुवन चंद्र खंडूरी के स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की,

एक्स सीएम खंडूरी वर्तमान में स्वास्थ्य संबंधी कारणों से अस्पताल में उपचाररत हैं।

मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से एक्स सीएम खंडूरी के स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

इस अवसर पर उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खंडूरी भूषण भी उपस्थित रहीं।

मुख्यमंत्री ने उनसे भी एक्स सीएम खंडूरी के स्वास्थ्य एवं उपचार की जानकारी ली |

सी. पी. राधाकृष्णन बने भारत के नए उपराष्ट्रपति, 452 वोटों से दर्ज की ऐतिहासिक जीत

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दिल्ली।भारत को आज नया उपराष्ट्रपति मिल गया है। एनडीए प्रत्याशी सी. पी. राधाकृष्णन ने विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। संसद भवन में हुए मतदान में राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि विपक्षी प्रत्याशी को केवल 300 वोट ही हासिल हो सके। कुल 781 सांसदों में से 767 सांसदों (98.21%) ने मतदान में भाग लिया।

एनडीए की जीत और विपक्ष की चुनौती

यह नतीजा स्पष्ट रूप से बताता है कि संसद में एनडीए गठबंधन मजबूत स्थिति में है। राधाकृष्णन की जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा और उसके सहयोगी दलों की एकजुटता का प्रमाण मानी जा रही है। वहीं, विपक्षी दलों के लिए यह परिणाम निराशाजनक रहा है।

उपराष्ट्रपति का संवैधानिक महत्व

भारत में उपराष्ट्रपति देश का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है। वे राज्यसभा के सभापति (Chairperson) होते हैं और आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रपति के अस्थायी कार्यभार का निर्वहन भी करते हैं। उपराष्ट्रपति का चुनाव दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सांसदों के वोट से, गुप्त मतदान प्रणाली के तहत होता है।

सी. पी. राधाकृष्णन का परिचय

पूरा नाम: चंद्रापुरम पोनुसामी राधाकृष्णन

जन्म: 4 मई 1957

राजनीतिक जीवन:

भाजपा के वरिष्ठ नेता और लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े।

1998 और 1999 में तमिलनाडु की कोयंबटूर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए।

भाजपा तमिलनाडु इकाई के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके।

हाल ही में महाराष्ट्र और झारखंड के राज्यपाल पद पर कार्य कर चुके।

राधाकृष्णन अपनी सहज और सौम्य कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। उन्हें भाजपा का अनुभवी और जमीनी नेता माना जाता है।

पूर्व उपराष्ट्रपति का इस्तीफा

गौरतलब है कि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से 21 जुलाई 2025 को अपने पद से इस्तीफा दिया था। उनके बाद यह चुनाव कराना आवश्यक हो गया था।

निष्कर्ष

सी. पी. राधाकृष्णन का उपराष्ट्रपति बनना भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय है। संसद में उनकी भूमिका न केवल महत्वपूर्ण होगी बल्कि वे सरकार और विपक्ष के बीच संतुलन बनाए रखने की भी बड़ी जिम्मेदारी निभाएंगे।

अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीम ने जनपद के आपदा-प्रभावित क्षेत्रों का किया स्थलीय निरीक्षण।

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*तहसील बसुकेदार क्षेत्र के अंतर्गत आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भारत सरकार की अंतरमंत्रालयीय टीम ने हवाई सर्वे कर लिया क्षति का विस्तृत जायजा*

*जिलाधिकारी ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से जनपद में हुयी विभिन्न परिसंपत्तियों की क्षति से टीम को अवगत कराया*

*टीम ने तालजामण, उछोला, स्यूर बांगर सहित अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्र में हो रहें भू-धसाव का किया हवाई सर्वे*

*टीम ने बड़ेथ में आपदा प्रभावित स्थानीय निवासियों से बात कर आपदा से हुयी क्षति की जानकारी ली*

*प्रभावितों के जान–माल को हुए नुकसान की समीक्षा कर सरकार को जल्द भेजेंगे रिपोर्ट

बसुकेदार ।। केंद्र सरकार द्वारा जनपद के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए गठित उच्च-स्तरीय अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीम (IMCT) ने मंगलवार को जनपद के तहसील बेसुकेदार क्षेत्र अंतर्गत आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थलीय निरीक्षण किया।
टीम के निरीक्षण का उद्वेश्य आपदा के कारण हुए नुकसान का विस्तृत आकलन करना और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा करना रहा।
टीम के सदस्य कल देर शाम अगस्तमुनि हेलीपेड पहुंचे जहां जिलाधिकारी प्रतीक जैन द्वारा उनका स्वागत किया गया। तत्पश्चात जिलाधिकारी द्वारा टीम को जिला कार्यालय सभागार में जनपद में आपदा के दौरान परिसंपत्तियों को हुए नुकसान तथा जन हानि से सम्बंधित आंकड़ों की विस्तृत जानकारी दी गई।
आज प्रातः टीम द्वारा बड़ेथ तक सड़क मार्ग से आपदा प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया गया तथा स्थानीय लोगों, प्रशासन एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों से क्षति और पुननिर्माण कार्यों के आंकलन की जानकारी ली गयी।

टीम ने आपदा में प्रभावित क्षेत्र में कार्यरत अधिकारियों और स्थानीय प्रभावित लोगों के साथ ग्राम बड़ेथ में बातचीत कर स्थिति की समीक्षा की। स्थानीय लोगों ने टीम के समक्ष अपनी समस्याएं रखी तथा उनके निराकरण किए जाने का अनुरोध किया। आपदा प्रभावित लोगों ने उनके मकानों,फसलों और व्यवसायों सहित विभिन्न परिसंपत्तियों को हुए नुकसान की जानकारी दी तथा टीम से क्षेत्र में हेलीपैड निर्माण, पुनर्वास, भूगर्भीय सर्वेक्षण कराने, रोजगार, पुर्नस्थापन और परिस्थिति क्षतिपूर्ति (मुआवजा) स्वास्थ्य सुविधाएं आदि जल्द उपलब्ध कराने की मांग की।
स्थानीय ग्रामीणों ने आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों में जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ तथा अन्य एजेंसियों द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई की सराहना की। साथ ही, उन्होंने विभागीय अधिकारियों से पुनर्वास कार्यों, प्रभावित परिवारों को दी जा रही सहायता, राशन व चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता, अस्थायी आश्रयों की व्यवस्था तथा सड़क मार्गों को शीघ्र खोलने के प्रयासों की सराहना की।
टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण के साथ हवाई सर्वे कर आपदा से प्रभावित क्षेत्रों छैनागाड़,तालजमण, बगड़तोक,जौला, डुंगर भटवाड़ी, स्यूर आदि की स्थिति का बारीकी से अध्ययन किया, निरीक्षण के दौरान टीम द्वारा बुनियादी ढाँचे की क्षति, सड़कों, पुलों, सार्वजनिक भवनों, बिजली एवं जल आपूर्ति लाइनों को हुए नुकसान के आकलन के साथ साथ कृषि, फसलों, पशुधन और स्थानीय आजीविका के अन्य साधनों को हुए नुकसान का जायज़ा लिया। टीम ने निरीक्षण के दौरान आपदा के समय की गई भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहायता और अस्थायी आश्रयों की उपलब्धता जैसे राहत बचाव कार्यों की जानकारी भी ली।

अंतर मंत्रालय केंद्रीय टीम का नेतृत्व कर रहें संयुक्त सचिव भारत सरकार डॉ.आर. प्रसन्ना ने कहा कि उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य आपदा से हुई वास्तविक क्षति का आकलन करना है ताकि भारत सरकार को प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों के लिए आवश्यक सहायता एवं पुनर्निर्माण कार्यों की योजना शीघ्र बनाई जा सके।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों के जान–माल को हुए नुकसान की जानकारी स्थानीय प्रशासन के माध्यम से ली जा रही है। टीम द्वारा किए गए हवाई सर्वेक्षण, स्थलीय निरीक्षण एवं प्रशासन से हुई विस्तृत चर्चा से प्राप्त जानकारी को संकलित कर विस्तृत रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, बुनियादी ढाँचे की बहाली तथा दीर्घकालिक सुरक्षा उपायों के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
टीम प्रभावितों के मकान , आजीविका, जमीनों, फसलों आदि परिसंपत्तियों को हुए नुकसान से संबंधित रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी तथा उसके बाद राहत पैकेज की घोषणा की जाएगी।

जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने कहा कि यह निरीक्षण आपदा प्रबंधन और प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने लोगों की प्रमुख समस्याओं के निराकरण हेतु किए जा रहे कार्यों की जानकारी लोगो को दी उन्होंने इस क्षेत्र की प्रमुख मांग हेलीपैड निर्माण हेतु बड़ेथ के पास मिनी स्टेडियम को हेलीकॉप्टर लैंडिंग हेतु विकसित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने छैनागाड़ में गुमशुदा लोगों की तलाश करने हेतु खोज बचाव कार्यों में तेजी से कार्य करने का आश्वासन दिया, उन्होंने बताया कि मा० मुख्यमंत्री द्वारा आपदा के कारण पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त आवासों के मुआवजे की राशि को 2 लाख से बड़ा कर 05 लाख कर दिया गया है और प्रभावितों को मुआवजा देने का कार्य निरंतर गतिमान है, उन्होंने स्थानीय लोगों की मांग पर अधिकारियोंको प्रभावित क्षेत्रों में पुनः क्षति का आकलन करने तथा भूगर्भीय सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए, उन्होंने तालजामण तक वैकल्पिक मार्ग बस्टी से सुचारू करने के कार्य की जानकारी दी,उन्होंने कहा कि टीम अपनी सिफारिशों की विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी, जिस पर सरकार द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा। टीम का यह दौरा आपदा के बाद पुनर्निर्माण और जन जीवन बहाली सुनिश्चित करने तथा केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों का हिस्सा है। जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने मानसून काल के दौरान जनपद में हुई आपदा से क्षति तथा पुनर्वास कार्यों हेतु 1850 करोड रुपए का प्रस्ताव समिति के सम्मुख रखा है।

टीम का नेतृत्व संयुक्त सचिव भारत सरकार आर. प्रसन्ना ने किया तथा टीम के अन्य सदस्य निदेशक वित्त शैलेश कुमार,मुख्य अभियंता पंकज सिंह, उपनिदेशक विकास सचान, मोहित पूनिया प्रमुख सलाहकार (ULMMC)उपस्थित रहे।