26.2 C
Dehradun
Monday, March 16, 2026


Home Blog Page 32

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत तिरंगा फहराया।

0

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत तिरंगा फहराया।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से प्रारंभ हुआ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान आज जन-जन तक पहुंचकर राष्ट्रभक्ति का एक महाअभियान बन चुका है।

तिरंगा हमारी स्वतंत्रता, एकता और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस स्वतंत्रता दिवस पर सभी अपने घर, कार्यालय, दुकान आदि पर तिरंगा गर्व और सम्मान के साथ फहराएं तथा देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाले वीर सेनानियों को नमन करें। साथ ही तिरंगे के साथ अपनी फोटो लेकर harghartiranga.com पर अवश्य साझा करें।

उत्तराखंड में भारी बारिश का रेड अलर्ट, सभी से सावधान रहने की अपील।

0

– उत्तराखंड में अगले दो दिनों तक प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद सभी जिलों के जिला प्रशासन और उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। प्रदेश के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने सभी लोगों से अपील की है की मौसम विभाग के इस रेड अलर्ट को सभी लोग गंभीरता से लेते हुए अपने यात्रा को फिलहाल स्थगित कर दें और सुरक्षित स्थान पर रहें।आपको बता दें कि उत्तराखंड में पहाड़ से लेकर मैदान तक भारी बारिश का दौर जारी है। 13 और 14 अगस्त को भी विभिन्न जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने अल्मोड़ा, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी, बागेश्वर और उधमसिंहनगर में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके चलते विभाग ने इन जनपदों में रेड अलर्ट जारी किया है। सभी लोगों से अपील की गई है कि वह नदी नालों से बचकर रहे क्योंकि कभी भी नदी नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। साथ ही यात्रा करने से भी बचने की सलाह दी गई है।

 

उत्तराखण्ड में नेक्स्ट-जनरेशन डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा।

0

*राज्य में “एआई मिशन“ प्रारंभ किया जाएगा, जिसे “एक्सीलेंस सेंटर“ के रूप में विकसित किया जाएगा।*

*राज्य में नेक्स्ट-जनरेशन रिमोट सेंसिंग एवं ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर का विकास किया जाएगा।*

*राज्य में एक विशिष्ट आईटी कैडर स्थापित करने के लिए सरकार प्रयास करेगी।*

*सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाओं के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री ने की घोषणाएं।*

*उत्तराखण्ड को तकनीकी रूप से दक्ष राज्य बनाने के लिए “हिल से हाइटेक“ के मंत्र पर किया जा रहा है कार्य – मुख्यमंत्री।*

  • मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाओं का शुभारंभ किया। इनमें डिजिटल उत्तराखण्ड एप का उद्घाटन, सुरक्षित, स्केलेबल और सुगम्य (S3Waas) प्लेटफॉर्म आधारित 66 वेबसाइटों का उद्घाटन, नगरीय क्षेत्र में कूड़ा उठाने वाले वाहनों की रियल टाइम ट्रैकिंग के लिए विकसित की गई जीआईएस आधारित वेब एप का उद्घाटन, जन सुविधा के लिए संचालित 1905 सीएम हेल्पलाइन में एआई के अनुप्रयोग नवाचार का शुभारंभ और अतिक्रमण की निगरानी के लिए वेब आधारित एप्लीकेशन का शुभारंभ शामिल हैं।
  1. *मुख्यमंत्री घोषणाएं –*
    1- भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए राज्य में नेक्स्ट-जनरेशन डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत डिजास्टर रिकवरी के लिए भी एक अलग से मैकेनिज्म बनाया जाएगा।
    2- राज्य में शीघ्र ही भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए “एआई मिशन“ प्रारंभ किया जाएगा, जिसे “एक्सीलेंस सेंटर“ के रूप में विकसित किया जाएगा।
    3- गुड गवर्नेंस की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए राज्य में नेक्स्ट-जनरेशन रिमोट सेंसिंग एवं ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर का विकास किया जाएगा।
    4- राज्य में एक विशिष्ट आईटी कैडर स्थापित करने के लिए सरकार प्रयास करेगी।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड सुंदर पहाड़ी राज्य होने के साथ ही तकनीकी रूप से दक्ष राज्य के रूप में आगे बढ़े, इसके लिए राज्य सरकार “हिल से हाइटेक“ के मंत्र पर कार्य कर रही है। आज प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी 5 महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की गई है। ये सभी नवाचार शासन व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने के साथ ही विभिन्न सेवाओं में गति एवं पारदर्शिता भी लाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया अभियान के माध्यम से प्रौद्योगिकी और नवाचार का विस्तार हुआ है। उनके ’डिजिटल इंडिया’ के सपने को साकार करने के लिए राज्य सरकार भी निरंतर प्रयास कर रही है। “डिजिटल उत्तराखण्ड“ एप के माध्यम से लोग घर बैठे ही अनेक सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह एप प्रधानमंत्री के ’मिनिमम गवर्नमेंट – मैक्सिमम गवर्नेंस’ के मंत्र को साकार करने में सहायक होगा। इससे सरकारी सेवाओं को एकीकृत, सरल और सुलभ बनाने में सहायता मिलेगी और विभिन्न गतिविधियों की मॉनिटरिंग भी आसानी से होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि S3Waas प्लेटफॉर्म पर आधारित 66 नई सरकारी वेबसाइटें विभागीय जानकारी को सुरक्षित, त्वरित और पारदर्शी तरीके से जनता तक पहुंचाएंगी। जीआईएस आधारित वेब ऐप शहरी क्षेत्रों में कूड़ा उठाने वाले वाहनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करेगा। अतिक्रमण की रोकथाम के लिए एक वेब-आधारित ऐप के माध्यम से कोई भी नागरिक अतिक्रमण की तस्वीर या वीडियो अपलोड कर सकेगा, जिस पर संबंधित विभाग तुरंत जांच कर कार्यवाही सुनिश्चित करेगा। इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि 1905 सीएम हेल्पलाइन राज्य के नागरिकों और सरकार के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इस सेवा में भी एआई आधारित सुविधाओं से शिकायतों का ऑटो-केटेगराइजेशन, त्वरित समाधान और फॉलो-अप मॉनिटरिंग और भी बेहतर तरीके से होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ऑनलाइन शिक्षा, ई-स्वास्थ्य सेवा और भूलेख डिजिटलीकरण जैसे कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल और सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से लोगों को घर बैठे ही अनेक सरकारी सेवाओं का लाभ प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लासरूम और ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म का भी विस्तार किया जा रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को टेलीमेडिसिन और ई-संजीवनी सेवाओं के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह घर बैठे उपलब्ध कराने का भी कार्य किया जा रहा है। “अपणी सरकार“ पोर्टल द्वारा 886 सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध करवाया जा रहा है। राज्य के लगभग 95 प्रतिशत गांवों में दूरसंचार कनेक्टिविटी पहुंच चुकी है।

इस अवसर पर विधायक श्री खजानदास, प्रमुख सचिव श्री एल. फैनई, सचिव श्री नितेश झा, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री नीरज खेरवाल, डॉ. वी. षणमुगम, श्री श्रीधर बाबू अदांकी, महानिदेशक यू-कॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, निदेशक आईटी श्री गौरव कुमार (वर्चुअल माध्यम), नगर आयुक्त देहरादून श्रीमती नमामि बंसल, संबंधित विभागों के अपर सचिव एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

पंचायत चुनावों में भाजपा की ऐतिहासिक बढ़त ,जिला पंचायत अध्यक्ष पदों पर ‘चौका’ और 11 ब्लॉक प्रमुख निर्विरोध।

0

देहरादून

*पंचायत चुनावों में भाजपा की ऐतिहासिक बढ़त*

*जिला पंचायत अध्यक्ष पदों पर ‘चौका’ और 11 ब्लॉक प्रमुख निर्विरोध*

उत्तराखंड में पंचायत चुनावों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में भाजपा न केवल सत्ता में बल्कि जमीनी राजनीति में भी बेमिसाल बढ़त बनाए हुए है।

नामांकन के अंतिम दिन तक भाजपा के 4 जिला पंचायत अध्यक्ष और 11 ब्लॉक प्रमुख निर्विरोध चुने गए, जबकि कांग्रेस कई जगह मैदान में उतरने तक की स्थिति में नहीं रही।

निर्विरोध जीते जिला पंचायत अध्यक्ष
• उत्तरकाशी – रमेश चौहान
• पिथौरागढ़ – जितेंद्र प्रसाद
• उधम सिंह नगर – अजय मौर्या
• चंपावत – आनंद सिंह अधिकारी

निर्विरोध जीते ब्लॉक प्रमुख
अंचला बोरा (चंपावत), चंद्रप्रभा (काशीपुर), उपकार सिंह (सितारगंज), सरिता राणा (खटीमा), ममता पंवार (भटवाड़ी), राजदीप परमार (डुंडा), राजेश नौटियाल (जाखणीधार), सुमन सजवाण (चंबा), नारायण ठाकुर (विकासनगर), लता देवी (पाबौ), मीनाक्षी आर्य (ताकुला)।

जीत का मंत्र: विपक्ष को मौका ही न देना

सीएम धामी की रणनीति साफ थी स्थानीय समीकरणों को साधते हुए विपक्ष को मैदान में उतरने का मौका ही न मिले। भाजपा ने प्रत्याशियों के चयन में जातीय, भौगोलिक और सामाजिक संतुलन का गहन ध्यान रखा। नतीजतन कांग्रेस गुटबाज़ी और संगठनात्मक कमजोरी से जूझती रही और कई जगह नामांकन तक दाखिल नहीं कर पाई। इन नतीजों ने साफ कर दिया है कि भाजपा का संगठन पंचायत से लेकर विधानसभा तक मजबूत है।

यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर अगले 3 दिनों के लिए रोकी गई श्री केदारनाथ यात्रा ।

0

*श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: जिलाधिकारी प्रतीक जैन*

*भारी बारिश की चेतावनी पर रुद्रप्रयाग प्रशासन अलर्ट, सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ मुस्तैद*

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के पूर्वानुमान के अनुसार 12, 13 और 14 अगस्त को राज्यभर सहित जनपद रुद्रप्रयाग में भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है। इस चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि राज्य आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी विभागों को सतर्क और अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं। वाॅर्निंग सिस्टम का परीक्षण किया गया है और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है। यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत केदारनाथ धाम की यात्रा अगले तीन दिनों के लिए अस्थायी रूप से रोक दी गई है। सभी राष्ट्रीय राजमार्गों के डेंजर जोनों में 24 घंटे जेसीबी व पोकलैंड मशीनें तैनात की गई हैं, ताकि मार्ग बाधित होने पर तुरंत खोलने की कार्रवाई हो सके। साथ ही पुलिस, लोक निर्माण विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों को लगातार अलर्ट रहने के निर्देश दिए गये है।
जिलाधिकारी ने बताया कि नदी के जल स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और विभिन्न माध्यमों से लोगों को मौसम की जानकारी व अलर्ट जारी किया जा रहा है। ये सभी कदम श्रद्धालुओं और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाए गए हैं।

 

रुद्रप्रयाग में जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष सहित क्षेत्र पंचायतों के प्रमुख, ज्येष्ठ उप प्रमुख और कनिष्ठ उप प्रमुख पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी।

0

रुद्रप्रयाग में जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष सहित क्षेत्र पंचायतों के प्रमुख, ज्येष्ठ उप प्रमुख और कनिष्ठ उप प्रमुख पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी*

*आज 11 अगस्त को सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक भी हो रही नामांकन पत्रों की बिक्री*

राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तराखण्ड द्वारा घोषित सामान्य निर्वाचन-2025 के तहत जनपद रुद्रप्रयाग में जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष सहित क्षेत्र पंचायतों के प्रमुख, ज्येष्ठ उप प्रमुख और कनिष्ठ उप प्रमुख पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है।

राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आज 11 अगस्त को सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक नामांकन पत्रों की बिक्री हो रही है। वहीं, नामांकन दाखिल करने का समय पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक निर्धारित है। नामांकन पत्रों की जांच आज ही अपराह्न 3 बजे से कार्य समाप्ति तक की जाएगी।

 

धराली आपदा अपडेट : लिमच्यागाड में बना वैली ब्रिज – सोनगाड तक सड़क संपर्क बहाल।

0

*धराली आपदा अपडेट*

*लिमच्यागाड में बना वैली ब्रिज – सोनगाड तक सड़क संपर्क बहाल*

*मुख्यमंत्री द्वारा राहत एवं बचाव अभियान की निरंतर निगरानी का नतीजा*

*आगे के हिस्सों में क्षतिग्रस्त सड़क का तेजी से पुनर्निर्माण की राह हुई प्रशस्त*

गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर लिमच्यागाड में आपदा से क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर वैली ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।

युद्धस्तर पर कार्य कर तीन दिनों की अल्प अवधि में पुल बना दिए जाने से गंगोत्री मार्ग पर अब सोनगाड तक सड़क मार्ग सुचारू हो गया है और इससे आगे क्षतिग्रस्त सड़क का तेजी से पुनर्निर्माण करने की राह भी प्रशस्त हो गई है।

गत दिनों हुई अतिवृष्टि के कारण गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग अनेक स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया था और गंगनानी से आगे लिमच्यागाड़ पर बना 30 मीटर लंबाई का पुल आपदा के दौरान बह गया।

जिसके फलस्वरूप सीमांत टकनौर क्षेत्र की लाइफलाइन कही जाने वाली इस सड़क पर यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया था।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा आपदा के तुरंत बाद मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव तथा पुनर्निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए गए थे।

मुख्यमंत्री निरंतर इन कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री की निगरानी व निर्देशन में राज्य व केंद्र सरकार के अनेक विभागों व एजेंसियों द्वारा रेस्क्यू एवं राहत अभियान बेहतर समन्वय और पूरी तेजी के साथ संचालित किया जा रहा है। इसके साथ ही आपदा प्रभावित क्षेत्र में यथाशीघ्र सामान्य स्थिति बहाल करने हेतु दिन रात काम किया जा रहा है।

जिसके परिणामस्वरूप आपदा प्रभावित क्षेत्र में संचार सुविधा, बिजली और पेयजल की आपूर्ति को बहाल किया जा चुका है।

भटवाड़ी सहित अन्य जगहों पर क्षतिग्रस्त सड़क को बहाल करने के बाद सीमा सड़क संगठन ने लोनिवि के सहयोग से दिनरात जुट कर लिमच्यागाड मे वैली ब्रिज बनाने का चुनौतीपूर्ण कार्य रविवार सांय को पूरा कर लिया है।

गंगोत्री मार्ग पर अब सोनगाड तक सड़क संपर्क बहाल हो जाने के फलस्वरूप इससे आगे के हिस्सों में क्षतिग्रस्त सड़क के पुनर्निर्माण का कार्य तेजी से पूरे हो सकेंगे ।

इससे राहत एवं पुनर्वास कार्यों को और अधिक प्रभावी एवं तीव्र गति से संचालित किया जा सकेगा।

बेंजी बना रुद्रप्रयाग का संस्कृत ग्राम, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया भव्य शुभारंभ*

0

*यहां के संग्रहालय में आज भी है 500 वर्ष पुरानी हस्तलिखित संस्कृत पांडुलिपियां सुरक्षित*

रुद्रप्रयाग जनपद के अगस्त्यमुनि ब्लॉक का बेंजी गांव अब एक विशिष्ट पहचान के साथ इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज वर्चुअल माध्यम से यहां जनपद के पहले संस्कृत ग्राम का विधिवत एवं भव्य शुभारंभ किया। यह गांव लगभग सात सौ वर्षों से संस्कृत भाषा की परंपरा को जीवंत रखे हुए है और आज भी इसकी धड़कन में संस्कृति और संस्कृत दोनों रची-बसी हैं।

बेंजी गांव का ऐतिहासिक महत्व भी कम नहीं है। यहां सदियों पहले स्थापित अगस्त्य गुरुकुलम कभी मन्दाकिनी घाटी का एकमात्र शिक्षा केंद्र था। इस गुरुकुल ने अनेक विद्वानों को जन्म दिया और ज्ञान की अमिट धारा बहाई। आज भी यहां के पुस्तकालय और संग्रहालय में 400 से 500 वर्ष पुरानी हस्तलिखित संस्कृत पांडुलिपियां सुरक्षित रखी हुई हैं, जो गांव की समृद्ध बौद्धिक विरासत का प्रमाण हैं।

गांव में आयोजित शुभारंभ समारोह का आरंभ श्री महंत शिवानंद जी महाराज के पावन करकमलों से दीप प्रज्वलित कर हुआ। उनके साथ विधायक प्रतिनिधि अनूप सेमवाल, जिला प्रचारक पंकज , पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अरुणा बेंजवाल, ग्राम प्रधान विमला देवी तथा सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा रुद्रप्रयाग मनसाराम मैंदुली ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम को ऊंचाइयों पर पहुंचाया।

कार्यक्रम संचालन का दायित्व जगदम्बा बेंजवाल एवं दीपक बेंजवाल ने संभाला। समारोह में क्षेत्रभर से पहुंचे संस्कृत प्रेमियों, विद्वानों और ग्रामीणों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया।

इस अवसर पर मनोज नोटियाल, वसुदेव सेमवाल, चन्द्र शेखर बेंजवाल, शिव प्रसाद शर्मा, मदन वशिष्ठ, अयोध्या बेंजवाल, कैलाश, अनिल, मनोज बेंजवाल, सुमेधा बेनीवाल, रश्मि, संगीता, भागीरथी समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

 

उत्तरकाशी के निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष बीजेपी में हुए शामिल।

0

– उत्तराखंड में जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव को लेकर बीजेपी काफी संजीदगी दिख रही है। बीजेपी ने प्रदेश मुख्यालय में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में उत्तरकाशी और चमोली जिले के कई नवनिर्वाचित सदस्यों को बीजेपी की सदस्यता दिलाई। इनमें उत्तरकाशी के ने वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक विजल्वाण भी शामिल हैं। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि आगामी 14 अगस्त तक उत्तराखंड बीजेपी में सभी जिलों के काफी संख्या में नवनिर्वाचित पदाधिकारी शामिल होंगे। महेंद्र भट्ट ने दावा किया है कि सभी 89 ब्लॉक प्रमुखों में से अधिकांश सीटों पर भाजपा के ब्लॉक प्रमुख चुनाव जीतेंगे। आपको बता दें कि हरिद्वार को छोड़कर प्रदेश के सभी 12 जिलों में पंचायत चुनाव हुए हैं। ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव के साथ थी जिला पंचायत अध्यक्षों के चुनाव भी होने हैं और उन सभी चुनाव में भाजपा अपने जीत का दावा कर रही है।

 

भारत निर्वाचन आयोग ने की मतदान कार्मिकों के पारिश्रमिक में वृद्धि।

0

डिप्टी डीईओ, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के कार्मिक, सेक्टर अधिकारियों के मानदेय में वृद्धि
– मतदान/मतगणना ड्यूटी के लिए भोजन/नाश्ते की दरों में वृद्धि

दिल्ली/ देहरादून : भारत निर्वाचन आयोग ने मतदान कार्मिकों के पारिश्रमिक में वृद्धि की है। चुनाव ड्यूटी में तैनात किए जाने वाले केन्द्र सरकार, राज्य सरकारों, सार्वजनिक उपक्रमों, स्थानीय निकायों आदि से नियुक्त किए गए अधिकारी एवं कर्मचारियों को नई संशोधित दर के अनुसार पारिश्रमिक मिल सकेगा।

भारत निर्वाचन आयोग ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि चुनाव ड्यूटी में लगे कार्मिकों को उचित पारिश्रमिक मिले, इसके लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस से पहले आयोग ने वर्ष 2014 से 2016 के बिच इस प्रकार का प्रमुख संशोधन किया था।

पारिश्रमिक (Remuneration)
चुनाव ड्यूटी में तैनात पीठासीन अधिकारी एवं काउंटिंग सुपरवाइज़र को पहले की ₹350 प्रतिदिन के बजाय अब ₹500 प्रतिदिन या ₹2000 एकमुश्त दिए जाएंगे। पोलिंग ऑफिसर का पारिश्रमिक ₹250 प्रतिदिन से बढ़ाकर ₹400 प्रतिदिन या ₹1600 एकमुश्त कर दिया गया है। काउंटिंग असिस्टेंट को ₹250 प्रतिदिन के स्थान पर ₹450 प्रतिदिन या ₹1350 एकमुश्त दिया जाएगा। विभिन्न कार्यों के लिए लगे चतुर्थ श्रेणी (Class-IV) कर्मियों का भुगतान ₹200 प्रतिदिन से बढ़ाकर ₹350 प्रतिदिन या ₹1400 एकमुश्त किया गया है, जबकि कॉल सेंटर/कंट्रोल रूम में लगे चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को ₹200 प्रतिदिन के स्थान पर ₹1000 एकमुश्त दिया जाएगा। वीडियो सर्विलांस टीम, वीडियो व्यूइंग टीम, अकाउंटिंग टीम, कंट्रोल रूम और कॉल सेंटर स्टाफ, मीडिया सर्टिफिकेशन एवं मॉनिटरिंग कमेटी, फ्लाइंग स्क्वॉड, स्टैटिक सर्विलांस टीम, व्यय मॉनिटरिंग सेल आदि के लिए, श्रेणी-I/II के कार्मिकों का मानदेय ₹1200 एकमुश्त से बढ़ाकर ₹3000 एकमुश्त तथा श्रेणी-III कार्मिकों का ₹1000 एकमुश्त से बढ़ाकर ₹2000 एकमुश्त कर दिया गया है। माइक्रो ऑब्जर्वर का मानदेय ₹1000 एकमुश्त से बढ़ाकर ₹2000 एकमुश्त किया गया है।

भोजन/नाश्ता (Food/Refreshment)
आयोग ने मतदान एवं मतगणना ड्यूटी में लगे कार्मिक, पुलिस कर्मी, मोबाइल पार्टियों के कर्मी, होमगार्ड, वनरक्षक, ग्राम रक्षक दल, एनसीसी कैडेट, पूर्व सैनिक, स्वयंसेवक आदि के भोजन/जलपान के लिए दिए जाने वाले मानदेहमें भी वृद्धि की है। मतदान एवं मतगणना ड्यूटी में लगे कार्मिकों को पहले ₹150 प्रतिदिन के बजाय अब ₹500 प्रतिदिन या उसके हिस्से के रूप में पैक्ड लंच और हल्का नाश्ता उपलब्ध कराया जाएगा।

मानदेय (Honorarium)
आयोग के नए निर्णय के अनुसार डिप्टी डीईओ को संबंधित कर्मचारी के एक माह के मूल वेतन से कम नहीं दिया जाएगा। सीएपीएफ के राजपत्रित अधिकारियों (कमांडेंट, अडहॉक कमांडेंट, डिप्टी कमांडेंट, असिस्टेंट कमांडेंट, मेडिकल ऑफिसर एवं समकक्ष रैंक) को पहले 15 दिन या उससे कम अवधि के लिए ₹2500 और 15 दिन से अधिक होने पर ₹1250 प्रति सप्ताह दिया जाता था, जिसे बढ़ाकर क्रमशः ₹4000 और ₹2000 प्रति सप्ताह कर दिया गया है।

सीएपीएफ के अधीनस्थ अधिकारियों (इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर एवं समकक्ष) को पहले 15 दिन या उससे कम अवधि के लिए ₹2000 और 15 दिन से अधिक होने पर ₹1000 प्रति सप्ताह दिया जाता था, जिसे बढ़ाकर क्रमशः ₹3000 और ₹1500 प्रति सप्ताह कर दिया गया है। अन्य रैंकों (हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल एवं समकक्ष) के लिए यह राशि 15 दिन या उससे कम पर ₹1500 से बढ़ाकर ₹2500 तथा 15 दिन से अधिक होने पर ₹750 प्रति सप्ताह से बढ़ाकर ₹1250 प्रति सप्ताह कर दी गई है। इसी प्रकार असिस्टेंट एक्सपेंडिचर ऑब्जर्वर, सेक्टर ऑफिसर/सेक्टर पुलिस ऑफिसर को पहले पूर्णकालिक चुनाव ड्यूटी या आनुपातिक आधार पर ₹7500 मिलता था, जिसे अब बढ़ाकर ₹10,000 कर दिया गया है।