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Tuesday, March 17, 2026


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महाराष्ट्र के गवर्नर से मिले डॉ हरक सिंह रावत ।।

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देहरादून।।  महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी व डॉ हरक सिंह की हुई मुलाकात ।

दोनों की मुलाकात के राजनीति गिलायरो में चर्चा

आखिर डॉ हरक सिंह रावत ने गुपचुप तरीके से क्यों कि मुलाकात ।राजनीति में कब क्या हो जाए कुछ भी कहना हमेशा अप्रत्याशित रहता है आपको बता दें कल ऐसी ही एक चौकाने वाली खबर सामने आई जहां महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलने के लिए हरक सिंह रावत आये ।

 

सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र के  राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी डिफेंस कॉलोनी स्थित आवास से सुबह 7:30 बजे पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत बाहर निकले।बताया जा रहा है कि हरक सिंह रावत मुख्य दरवाजे की जगह रसोई घर के दरवाजे से बाहर निकले और बिना किसी से बात किए बगैर चुपचाप गाड़ी में बैठकर निकल गए हरक की गुपचुप मुलाकात से सियासी सरगर्मियां तेज हो चुके हैं।सूत्रों के मुताबिक हरक सिंह ने दोहराया कि उनका भाजपा छोड़ने का कोई इरादा नहीं था 1 घंटे की इस मुलाकात को सियासी जानकार सामान्य नहीं मान रहे हैं।इस विषय पर पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह ने भी चुप्पी साध रखी है। हरक सिंह रावत को उत्तराखंड की राजनीति में एक कद्दावर नेता माना जाता है। आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव से पूर्व हरक सिंह रावत ने कांग्रेस जॉइन की एवं उनकी बहू अनुकृति गुसाई ने लैंसडाउन से चुनाव भी लड़ा हालांकि सफलता उनके हाथ नहीं लगी।

तिलवाडा घनसाली मोटर मार्ग पर यातायात बहाल करने के निर्देश ।।

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तिलवाडा घनसाली मोटर मार्ग पर यातायात बहाल करने के निर्देश ।।

रुद्रप्रयाग । जनपद में लगातार हो रही बारिश के कारण विगत दिनों तिलवाडा मयाली-घनसाली मोटर मार्ग ब्रिज  क्षतिग्रस्त हो चुका है ।जिसके कारण आवाजाही नहीं हो पा रही है, इसके दृष्टिगत सम्बन्धित स्थान पर अस्थाई पुल बनाये जाने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने लोनिवि अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त पुल का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियन्ता लोनिवि को निर्देश दिए हैं कि यातायात व्यवस्था सुचारू करने के लिए क्षतिग्रस्त पुल के बगल में ही अस्थायी पुल का निर्माण कार्य करवाया जाए जिससे कि सड़क मार्ग सुचारू हो सके ।और क्षेत्रवासियों को आवाजाही करने में कोई दिक्कत न हो। इसके साथ ही उन्होने क्षतिग्रस्त सड़क को दुरुस्त करने के लिए अल्ट्रानेट अस्थायी व्यवस्था हेतु दूसरे स्थान से रोड़ बनाए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए है कि भारी वर्षा के कारण जो भी सडक मार्ग अवरुद्ध हो रहे हैं उन पर त्वरित गति के कार्य करने के निर्देश दिए तथा यातायात को शीघ्रता से शीघ्र सुचारू किया जाए। ताकि क्षेत्रवासियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसमें सभी अधिकारी आपसी समन्वय एवं तत्परता कार्य करना सुनिश्चित करें।

सड़क पर आए भूस्खलन के कारण बोल्डरों को हटाने के निर्देश|

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सड़क पर आए भूस्खलन के कारण बोल्डरों को हटाने के निर्देश

चमोली -मोहन गिरी (थराली)

जनपद चमोली के विकासखण्ड देवाल के अंतर्गत निर्माणाधीन मानमती-चोटिंग-हरमल-झलिया मोटर सड़क के कारण चोटिंग गांव के अनुसूचित बस्ती को भूस्खलन के बाद सड़क पर आएं भारी बोल्डरों को हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इधर बोल्डर,मलुवें के आवादी क्षेत्र में गिरने की संभावना को देखते हुए संभावित नुकसान को कम करने के लिए तहसील प्रशासन के द्वारा 11 अस्थाई विस्थापित परिवारों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन को सूचना भेज दी हैं।
लोनिवि थराली के अधिशासी अभियंता अजय काला ने बताया कि भारी बारिश के कारण सड़क के हिलसाइड में खड़े बोल्डर सड़क पर आ गिरें थे ठीक इस स्थान के नीचे चोटिंग की एससी बस्ती हैं जिनके लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। बताया कि सड़क पर पड़े भारी बोल्डरों को तोड़ कर अंयत्र हटाने के निर्देश दें दिन गए हैं। इसके अलावा आवादी क्षेत्र के पीछे अलग-अलग लियरों में गैबिंग लगाने की कार्यवाही शुरू कर दी गई हैं। इसके तहत पत्थरों को जमा कर मौसम के अनुरूप गैबिग भरने की कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी।इस क्षेत्र के लोनिवि के सहायक अभियंता निरंजन रावत ने बताया कि अस्थाई रूप से विस्थापित परिवारों की मांग पर मवेशियों के रहने के लिए पालीथीन भिजवाई जा चुकी हैं। विभाग जितना संभव हैं पीड़ितों की सहायता का प्रयास कर रहा है।
इधर थराली के तहसीलदार प्रदीप नेगी ने बताया कि अस्थाई रूप से विस्थापित चोटिंग के 11 परिवारों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन से सहायता दिए जाने की मांग की गई हैं। पीड़ितों के चिन्हित स्थानों पर विस्तापन करने पर बिजली,पानी शौचालय सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में कार्यवाही गतिमान है। प्रशासन पीड़ितों को हरसंभव सुविधाएं देने पर गंभीर हैं।

एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू देहरादून|

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एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू देहरादून

देहरादून//एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू आज उत्तराखंड पहुंची इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। उन्होने उत्तराखंड के विधायकों और सांसदों के साथ बैठक की। प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने बताया कि बैठक में बीजेपी के सभी विधायक मौजूद थे। साथ ही निर्दलीय विधायकों को भी इस बैठक में बुलाया गया था। उन्होंने कहा सभी विधायकों से समर्थन देने की बात कही गई है। उन्होंने कहा सभी विधायकों ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और एनडीए के सभी वरिष्ठ नेताओं को धन्यवाद दिया। देश की आजादी के बाद पहली बार एक आदिवासी महिला को राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनाया है।

बढ़ती महंगाई के खिलाफ केंद्र सरकार पुतला दहन ।।

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बढ़ती महंगाई के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने किया केंद्र सरकार का पुतला दहन

चमोली/जितेंद्र पँवार कर्णप्रयाग//
दिनों दिन बढ़ती मंहगाई के खिलाप कर्णप्रयाग में कॉंग्रेस कार्यकर्ताओ ने केंद्र सरकार के खिलाप सड़को पर जमकर नारेबाजी की , और केंद्र सरकार का पुतला दहन किया , कॉंग्रेस के कार्यकर्ताओं का कहना है कि पेट्रोलियम पदार्थों व रसोई गैस के दामों में लगातार वृद्धि होने से महंगाई आसमान छू रही है ।सरकारें जनता को राहत देने की बाते तो बहुत करती है लेकिन दिनों दिन बढ़ रही महंगाई ने जनता की कमर तोड़ कर रख दी है । रसोई गैस के दाम हो या पेट्रोलियम पदार्थ आये दिन इनके दामों में वृद्धि होती का रही है । प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आवाहन पर कर्णप्रयाग में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई के खिलाप केंद्र सरकार के खिलाप जमकर प्रदर्शन किया और पुतला दहन किया । बढ़ती महंगाई से नाराज होकर कॉंग्रेस के लोगो का कहना है कि सरकार दिनों दिन महंगाई बढाकर जनता के साथ धोखा कर रही है । आम जनता का जीना दूभर हो गया है । सरकार ने सत्ता में आने से पहले तमाम वादे किए थे लेकिन आज जनता परेशान है ।

उत्तराखण्ड में कांग्रेस पार्टी के गिरे दो और विकेट ।

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देहरादून: देश व प्रदेशो में कांग्रेस पार्टी इतनी कमजोर हो जाएगी ये कभी किसी ने भी सोचा नही होगा ।आज देश के कहि राज्यो से वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पार्टी छोड़ कर जा रहे हैं जिससे पार्टी का कुनबा धीरे धीरे कम होता जा रहा है ।उत्तराखण्ड में भी कांग्रेस पार्टी इससे अछूती नही है विधान सभा चुनाव से लेकर अब तक पार्टी में गुटबाजी देखने को साफ मिल रही है ।इसी गुटबाजी को देखते हुए वरिष्ठ कांग्रेसी जन पार्टी को धीरे धीरे अलविदा कहते हुए सामने आ रहे हैं ।
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद प्रदेश में फिर से पार्टी को खड़ा करने की कोशिश के बीच सोमवार को कांग्रेस को दो बड़े झटके लगे हैं।महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष कमलेश रमन के साथ ही पार्टी के प्रवक्ता और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजेंद्र प्रसाद रतूड़ी ने कांग्रेस छोड़ने का एलान किया। डॉ. आरपी रतूड़ी ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की। खबर है कि ये दोनों नेता आम आदमी पार्टी का दामन थाम सकते हैं।

डॉ. रतूड़ी ने लिखा, ‘ आज मन अत्यंत आहत है। मैंने अपने जीवन के 45 साल कांग्रेस पार्टी को दिए और अब कांग्रेस के जो हालात हैं वह भविष्य के लिए अच्छा संकेत नहीं है। पार्टी नेतृत्व द्वारा जिस तरह के फैसले लिए जा रहे हैं, पार्टी में जिस तरह की अंतरकलह है वह सब अत्यंत ही दुःखद हैं। 2017 के चुनाव परिणाम से सबक लेने के बजाय 2022 की चुनावी हार के बाद पार्टी में गुटबाजी और तेज हो रही है।

कांग्रेस पार्टी का उत्तराखंड का नेतृत्व नहीं चाहता कि 2027 में पार्टी चुनाव जीते। चंपावत चुनाव में पार्टी की जो दुर्गति हुई उसके बाद भी बड़े नेता लगातार सोशल मीडिया पर रोज झगड़ते दिख रहे हैं। उससे कार्यकर्ता अत्यंत हतोत्साहित हैं। इसलिए मैं आज आहत होकर कांग्रेस पार्टी के सभी पदों से अपने को मुक्त करते हुए कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे रहा हूं।’

कमलेश रमन ने प्रदेश अध्यक्ष महिला कांग्रेस की लिखे एक पत्र में कहा कि वह विगत तीन दशक से कांग्रेस से जुड़ी रही और समर्पित भाव से अपना जितना भी सहयोग हो सकता था कांग्रेस पार्टी को दिया। लेकिन विगत कुछ समय से अपने को उपेक्षित एवं ठगा सा महसूस कर रही हूं। मेरी जैसी पूर्णकालिक निष्ठावान कार्यकर्ता की उपेक्षा एवं लगातार बढ़ रहे अंतर्कलह से आहत होकर और बहुत ही दुखी मन से आज कांग्रेस के सभी पदों के साथ प्राथमिक सदस्यता से अपने को मुक्त कर रही हूं।

अलकनन्दा नदी के तट पर पैर फिसलने से पुलिस कर्मी लापता।

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अलकनन्दा नदी में पैर फिसलने से पुलिस कर्मी लापता।
पुलिस जुटी जांच में ,पांव फिसलना या छलांग (आत्महत्या)
रुद्रप्रयाग ।जनपद रुद्रप्रयाग में पुलिस संचार सेवा में कार्यरत पुलिस कर्मी मुख्यालय से 5 किलोमीटर दूर स्थित अपने कुछ साथियों के साथ कोटेश्वर मंदिर घूमने के लिये आया हुआ था ।कोटेश्वर मंदिर के पास अलकनंदा नदी के बहाव में पैर फिसने नदी में गिर गया ।अलकनन्दा नदी का बहाव अधिक होने से पुलिस कर्मी का कहि भी कोई पता नही चल पाया है । पुलिस खोजबीन में जुटी है। जानकारी के मुताबिक रविवार अपराहन 2 बजकर 50 बजे करीब पुलिस वायरलेस ब्रांच में कार्यरत जगत बंधु जोशी अपने कुछ साथियों के साथ कोटेश्वर घूमने गया। जहां अचानक वह अलकनंदा नदी के तेज बहाव में बह गया। नदी का पानी इतना अधिक है कि उक्त का कहीं भी कुछ पता नहीं चल पाया। बताया जा रहा है कि सीसीटीवी कैमरे में घटना की पुष्टि हुई है। वहीं घटना की सूचना पर जल पुलिस, एसडीआरएफ एवं कोतवाली पुलिस मय फोर्स मौके पर पहुंची और खोजबीन का कार्य शुरू किया। किंतु अत्यधिक बहाव होने के कारण कहीं भी सुराग नहीं मिल सका। पुलिस ने बताया की पुलिस की संचार शाखा रुद्रप्रयाग तैनात जगत बंधु जोशी उम्र 28 निवासी यमकेश्वर ब्लॉक पौड़ी गढ़वाल अपने साथियों के साथ कोटेश्वर घूमने गया था कि इस बीच वह पैर फिसल कर अलकनंदा नदी में गिर गया और तेज बहाव में बह गया। हालांकि चर्चा यह भी हो रही है कि उक्त पुलिसकर्मी ने नदी में छलांग लगाई है। पुलिस उपाधीक्षक सुबोध घिल्डियाल ने बताया मामले की जांच की जा रही है साथ ही खोजबीन जारी है।

सुरकंडा देवी रोपवे हुई बीच रास्ते मे बंद, आधे घंटे तक विधायक किशोर उपाध्याय सहित 50 यात्री फसे रहे।

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नई टिहरी में हाल ही में शुरू हुए सुरकंडा मंदिर रोपवे रविवार दोपहर को तकनीकि खराबी की वजह से बंद हो गया। टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय सहित करीब 50 लोग करीब आधे घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच झूलते रहे।उत्तराखंड के नई टिहरी जिले में हाल ही में शुरू हुए सुरकंडा मंदिर रोपवे रविवार दोपहर को तकनीकि खराबी की वजह से बंद हो गया। करीब आधे घंटे तक रोपवे बंद होने से यात्री फंस गए। टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय सहित करीब चार दर्जन से अधिक लोग रोपवे में फंस गए। रोपवे में तकनीकी खराबी का पता चलते ही रोपवे में बैठे लोग घबराए हुए नजर आए।

बीच रास्ते में ही रोपवे के बंद होने से लोगाें में चीख-पुकार मच गई। थोड़ी दूर चलने के बाद रोपवे फिर बंद हो गई। रोपवे के बीच रास्ते में बंद होने से लोग जोर-जोर से मदद की गुहार लगाने लगे। करीब आधे घंटे तक लोग जिंदगी और मौत के बीच झूलते रहे। सुरकंडा देवी रोपवे को करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोबारा चालू किया गया।

एक-एक करके लोगों को रोपवे से सुरक्षित उतारा गया। स्थानीय प्रशासन ने तकनीकी जांच तक रोपवे के संचालन को बंद करवा दिया है।रविवार के दिन सुरकंडा मंदिर में लगा रोपवे दोहपर में लगभग सवा चार बजे के लगभग तकनीकी खामी के चलते बंद हो गया। जिससे रोप वे में सवार लगभग चार दर्जन से अधिक लोग आधा घंटे तक हवा में लटके रहे

लोगों ने रोप वे संचालकों से जानकारी चाही, तो उन्होंने बिजली न होने का बहाना तक बना डाला। लगभग आधे घंटे बाद किसी तरह से रोप वे को चालू कर लोगों को रोप वे से सुरक्षित बाहर निकाला गया। रोपवे में आधे घंटे तक फंसे फूलदास, रमन सिंह व चंदन ने बताया कि रोप वे का इस तरह से रूक जाने से वे घबरा गये थे।

एक बार लगा कि अगर रोप वे चालू न हुआ तो, क्या होगा। भगवान का शुक्र है कि रोप वे चालू हुआ। बताया जा रहा है कि चक्के से तार उतर जाने के कारण रोप वे बंद हुआ। तकनीशियनों ने खंभे पर चढ़कर खामी को पूरा कर संचालन शुरू किया। एसडीएम धनोल्टी लक्ष्मी राज चौहान ने बताया कि फिलहाल रोप वे के संचालन को बंद करवा दिया गया है।

तकनीकी इंस्पेक्शन एजेंसी ब्रिडकुल की जांच के बाद फिट पाये जाने के बाद ही रोप वे का संचालन शुरू किया जायेगा। विधायक किशोर उपाध्याय ने कहा कि इस तरह से रोप वे का बंद होना दुर्घटना की दृष्टि से उचित नहीं है। समय-समय ठोस तकनीकी जांच रोप वे की होती रहनी चाहिए।

रोपवे हादसे से टिहरी विधायक किशाेर उपाध्याय काफी नाराज दिखाई दिए।  हादसे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए विधायक उपाध्याय ने इसकी जांच की मांग की है। कहा कि वह इस मामले को लेकर सचिव पर्यटन के साथ ही कंपनी के प्रतिनिधियों से भी बात करेंगे। कहा कि पर्यटन के नाम पर किसी भी यात्री की जिंदगी खतरे में नहीं डाल सकते।उपाध्याय ने कहा कि रोपवे की शुरुआत में भी तकनीकि खराबी की बात सामने आई थी। उन्होंने कहा कि रोपवे जबतक पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाता तबतक इसके संचालन पर पूरी तरह से रोक लगा देनी चाहिए।

पहाड़ी जिलों में 22 वर्षो बाद भी स्वास्थ्य सेवा बदहाल

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पिथौरागढ़ -भले ही उत्तराखण्ड सरकारे स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लाख दावे करे । लेकिन इन 22 वर्षो बाद भी उत्तराखण्ड के पहाड़ी जिलों में आज भी स्वास्थ्य सेवाएं  हाशिये पर है ।आज भी उत्तराखण्ड के कहि जिलों में ग्रामीणों को स्वास्थ्य लाभ लेने के लिये कहि किलोमीटर दूरी तय करने के बाद अस्पतालों में जाना पड़ता है। सड़क व अस्पताल के अभाव में बीमार व्यक्ति को कुर्सी या ठंडी के सहारे ले जाना पड़ता है । आज भी उत्तराखण्ड के पहाड़ी जिले टिहरी ,उत्तरकाशी,पौड़ी ,रुद्रप्रयाग,चमोली,बागेश्वर ,अल्मोड़ा,पिथौरागढ़,के आम आदमी से स्वास्थ्य सेवा बहुत दूर खड़ी है ।
जनपद पिथौरागढ़ तहसील मुनस्यारी ग्राम सभा बोना क्षेत्र में राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय में पिछले 8 महीनों से डॉक्टर नही है, डॉक्टर न होने से बोना तोमिक गोल्फा के लोगों को आये दिन अनेकों परेशानियों से गुजरना पड़ता है, और एक और मामला फिरसे सामने आया है जहां पर स्थानीय गीता देवी पत्नी कुंदन बृजवाल के अचानक तबीयत खराब होने से उन्हें डोली के सहारे 30 किलोमीटर पैदल चलकर मदकोट तक लाया गया वहीं स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता विक्रम दानू का कहना है कि जिलाधिकारी के द्वारा राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय बोना के लिए डॉक्टर अहमद राज की नियुक्ति की गई थी पर डॉक्टर अहमद राज को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मदकोट में अटैच कर दिया गया है, जबकि मदकोट में पहले से दो डॉक्टर मौजूद हैं..
वहीं झापुली से बोना तक मोटर मार्ग पिछले सप्ताह से बंद पड़ी हुई है,जिसके चलते जगह जगह पर रोड खराब है,ग्रामीणों द्वारा लो0नि0वि विभाग को बार-बार मोटर मार्ग खोलने की मांग करने के बाद भी अभी तक सुध नहीं ली जा रही है ।और ग्रामीणों को बीमार लोगो को कंधों पर मिलो पैदल ले जाने को विवश होना पड़ता है ।

बदलते मौसम को देखते हुए फूलों की घाटी में प्रवेश वर्जित ।।

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चमोली /जोशीमठ – एक और जहाँ उत्तराखण्ड में चारो धामो में देश विदेश से तीर्थ यात्री आ रहे हैं वही मानसून के दस्तक देने से जगह जगह सड़को व पहाड़ो के टूटने का सिलसिला भी जारी है ।जिससे आमगमन करने वाले लोगो को घण्टो इंतजार करना पड़ रहा है।इस समय चारो धामो के अलावा पर्यटक ,फूलों की घाटी में खिले रंग वीरेंगे फूलों की खुशबू का आनंद लेने को यंहा पहुंच रहे है ।लेकिन लगातार हो रही

मूसलाधार बारिश के चलते विश्व धरोहर फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान संपर्कमार्ग अवरूद्ध होने से सैलानियों को घांघरिया में रोकना पड़ रहा है
देर रात से कुंठ खाल छेत्र में मूसलाधार बारिश के चलते विश्व धरोहर फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान का पैदल संपर्क मार्ग अवरूद्ध,हो चुका है कुंठ खाल फूलों की घाटी छेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के चलते घाटी के द्वारी पेरा टॉप,और ग्लेशियर प्वाइंट में पैदल मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त,हुए हैं ।वही पार्क प्रबंधन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फूलों की घाटी की यात्रा फ़िलहाल रोकी दी गयी है ।जब तक बारिश बंद नही हो जाती है तब तक ,सुरक्षा के मद्देनजर आज घाटी में किसी भी पर्यटक को जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।फूलों की घाटी में फूलों की विभिन्न प्रजातियों को देखने के देश विदेश से यहाँ हजारों तादात में पर्यटक पहुंच रहे हैं ।मौसम को देखते हुए,पर्यटकों को घांघरिया बेसकैंप में ही रोका जा रहा है ।वही पार्क की रेंज अधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि अनुकूल मौसम होने पर जल्द मार्ग ठीक किया जाएगा,।पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल फूलों की घाटी का प्रवेश द्वार प्रकृति प्रेमियों के लिए बन्द किया हुआ है ।