देहरादून – भाजपा हाईकमान के द्वारा उत्तराखंड में प्रदेश अध्यक्ष पद से मदन कौशिक की छुट्टी किए जाने और पूर्व विधायक महेंद्र भट्ट को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जाने के बाद अब उत्तराखंड के सियासी गलियारों में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं चल रही हैं, यहां तक कि भाजपा संगठन में भी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है कि कभी भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं, प्रदेश में मंत्रिमंडल की 3 कुर्सी खाली पड़ी है, इसलिए कई विधायक उम्मीद लगाए हुए हैं, कि उनको मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्री पद मिल सकता है, लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर जो कयास लगाए जा रहे हैं,वह प्रदेश अध्यक्ष पद से मदन कौशिक की छुट्टी होने के बाद लगाए जा रहे हैं, माना जा रहा है कि मदन कौशिक को धामी कैबिनेट में मंत्री के तौर पर जगह मिल सकती है,मदन कौशिक भाजपा के भीतर बड़ा कद रखते हैं, और यही वजह थी, कि जब तीरथ सिंह रावत की जगह पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री बने थे,तो उस समय मदन कौशिक को मंत्रिमंडल की जगह प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी,ऐसे में अब कयास लगाए जा रहे हैं कि हरिद्वार पंचायत चुनाव से पहले मंत्रिमंडल विस्तार कर हरिद्वार जनपद को मंत्री पद दिया जा सकता है, जिसके तहत मदन कौशिक को मंत्री बनाया जा सकता है,मदन कौशिक के साथ एक और विधायक के मंत्री पद की शपथ लेने की भी चर्चाएं हैं,हालांकि भाजपा विधायकों का कहना है कि यह मुख्यमंत्री पर निर्भर करता है कि कब वह मंत्रिमंडल विस्तार करते हैं। वही इस बार भाजपा में बदलाव के दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री और वर्तमान राजपुर विधायक खजान दास भी प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में थे लेकिन उनको भी पार्टी ने किनारे खड़ा कर दिया , वही खजान दास को भी कैबिनेट में जगह मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच बीजेपी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा की पार्टी समय-समय पर अपना काम करती है , समय आने पर जो भी संभव होगा वह किया जाएगा।
धामी मंत्रीमंडल का जल्द हो सकता है विस्तार ।
निर्माणाधीन रेलवे टर्नल के बाहर बनी दीवार क्षतिग्रस्त|
चमोली /कर्णप्रयाग-ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना के अन्तर्गत सिवाई में बन रही निर्माणधीन रेलवे टर्नल के बाहर बनी दीवार भू-धसाव होने से क्षतिग्रस्त हो गई है |
साथ ही टर्नल के ऊपर से गुजरने वाली कर्णप्रयाग सिवाई मोटर मार्ग लगभग 15 मीटर धसने के कारण पूर्ण रूप से बंद है जिसके चलते 13 गावो का संपर्क भी टूट चुका है।
गुनहगार कितना भी बड़ा शातिर क्यों न हो लेकिन सबूत कुछ न कुछ जोड़ हि जाता है ।
फिल्मी अंदाज में अपने ही उस्ताज को होटल हेल्पर ने मौत के घाट उतारा।
अपराध करने के बाद भी अपराधी बेपरवाह बना रहा ।
उत्तरकाशी – उत्तराखण्ड की शांत वादियों में रहने वाले भी आज अपराध के दल दल में फंसते जा रहे हैं ।दोस्त कब दुश्मन बन जाये ये भी पता नही ।आज हम जिस वारदात की बात कर रहे हैं वो एक होटल में उस्ताज व हेल्पर कि आपसी रंजिश से एक की मौत तो दूसरा आजीवन कैद में रहेगा । इस घटना को देख कर हर कोई दंग रह गया कि अपराधी किस फिल्मी अंदाज में अपने की उस्ताज को मौत के घाट उतार देता है ।एक साथ खाना पीना व उसके बाद फिर नदी के किनारे टहलना किसी फिल्मी अंदाज से कम नही ।भला हो इस टेक्निकल युग जो गुनेगार को अपनी तीसरी आंख से कैद कर लेता है । मौत से बेपरवाह सोबन सिंह पंवार को उसके साथ ही होटल में हेल्पर का काम करने वाले महादेव नौटियाल ने रात्रि में केदारघाट के पास भागीरथी नदी में फेंक दिया ।
दोनों लोग एक होटल में काम करते थे और रात को शराब पीने के बाद केदार घाट पर घूमने आए नदी के किनारे फ़ोटो खींचते खींचते हेल्पर ने उसके दोनों पाव उठा कर नदी में फेंक दिया जिसकी वारदात घाट पर लगे सीसीटीवीफुटेज में कैद हो गयी ।
सोबन सिंह जब होटल नही पहुंचा तो घटना को अंजाम देने वाला महादेव होटल मालिक के साथ गुमशुदगी दर्ज करना कोतवाली पहुंच गये ।पुलिस जांच में जुटी तो अपने तरिके से जांच भी शुरू हो गयी ।लेकिन शातिर अपराधी को पता नही था कि मुझे भी कोई देख रहा है ।पूरे बाजार में सोबन सिंह लापता होने की चर्चा चलती रही ।
– होटल मालिक शिवराज गुसांई पुत्र मदन सिंह गुसाई नि0 लदाड़ी थाना कोतवाली उत्तरकाशी द्वारा कोतवाली उत्तरकाशी पर आकर अपनी विश्वनाथ स्वीट शॉप पर काम करने वाले सोबन सिंह पंवार के लापता होने के सम्बन्ध में एक लिखित तहरीर दी गई।तहरीर के आधार पर कोतवाली उत्तरकाशी पर तत्काल उक्त व्यक्ति की गमुशुदगी दर्ज की गई। मामला पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी अर्पण यदुवंशी के संज्ञान में आते ही उनके द्वारा क्षेत्राधिकारी उत्तरकाशी व प्रभारी कोतवाली को गुमशुदा की तलाश हेतु उचित दिशा-निर्देश दिये गये।
गुमशुदा सोबन सिंह पंवार को उसके साथ ही होटल में हेल्पर का काम करने वाले महादेव नौटियाल द्वारा रात्रि में केदारघाट के पास भागीरथी नदी में फेंककर मार दिया गया है।पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए महादेव नौटियाल को हिरासत में ले लिया गया। दुकान में काम करने के दौरान अक्सर सोबन सिंह पंवार मुझे काम करने के लिये डांटता रहता था, टार्चर करता था और मेरे ऊपर अपना आर्डर चलाता था, जिस कारण से मेरे मन में सोबन सिंह पंवार के प्रति बहुत गुस्सा था और मैंने उसे जान से मारने की ठान ली थी । मैंने पहले से ही अपने मन में सोबन सिंह को जान से मारने की पूरी प्लानिंग बना ली थी।
मेरे द्वारा दुकान मालिक से 1500 रू0 लिये गये, मैने ठेके से शराब मंगा के रखी थी । मैंने अपने उस्ताद सोबन सिंह से बोला कि आज पार्टी करते हैं, फिर हम दोनों ने साथ में बैठकर शराब पी, शराब खत्म होने के बाद मैंने बोला कि चल और शराब पीते हैं और बहाने से मैं उस्ताद को अंग्रेजी शराब के ठेके उत्तरकाशी लाया । वहां पर मैंने एक क्वार्टर शराब और लिया। हम दोनों ने वह वार्टर पिया । उसके बाद मैं उसे अपने साथ – साथ केदारघाट पर ले गया । मैंने उसे बातों में उलझाया और सोबन सिंह भी मोबाईल फोन से विडीयो बनाने लगा । मैं सोबन सिंह को विडियो बनाते हुये केदारघाट भगीरथी नदी के किनारे पर लगी रेलिंग के पास ले गया और मौका पाकर मैने सोबन सिंह पंवार के पांव पकड़कर नदी में गिरा कर जान से मार दिया। उसके बाद मै वहां से अपने घर चला गया था। मैं दूसरे दिन स्वीट शॉप मालिक के साथ सोबन सिंह पंवार की गुमशुदगी दर्ज करवाने के लिये इसलिये थाने आया ,ताकि मुझ पर कोई शक न करे।
57 साल पुराना जर्जर बेलनी मोटर पुल भारी वाहनों की आवाजाही के लिये बंद ।
- जर्जर बेलनी पुल से रोजना होती हजारों वाहनों की आवाजाही ।
बड़े हादसे की आशंका से पूर्व ही रोक दी भारी वाहनों की आवाजाही ।
वर्ष 1963 में हुआ था अलकनंदा नदी के ऊपर 63 मीटर पुल का निर्माण ।
यातायात को लेकर पुलिस ने बनाया नया ट्रैफिक प्लान,
रुद्रप्रयाग-रुद्रप्रयाग मुख्य बाजार स्थित जर्जर हो चुके बेलनी पुल पर अब भारी वाहनों की आवाजाही बन्द कर दी गई है।जिला प्रशासन की अनुमति पर एनएच ने पुल से भारी भरकम वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।इससे अब पुल पर भारी ट्रक, बसें और अन्य बड़े वाहनों की आवाजाही नहीं होगी।वहीं पुल से भारी वाहनों की आवाजाही बन्द होने के बाद रुद्रप्रयाग पुलिस ने भी नया ट्रैफिक प्लान बनाया है।इसमें स्थानीय व्यापारियों एवं जनता से सहयोग करने की अपील भी की गई है।
बता दें 1963 में बने करीब 63 मीटर लम्बे रुद्रप्रयाग बेलनी पुल की जर्जर हालत को लेकर कई बार सवाल खड़े किये जाते रहे हैं।वहीं कई बार पुल पर सम्भावित दुर्घटनाएं होने की खबरों को लेकर बार-बार एनएच लोनिवि,प्रशासन और पुलिस को अलर्ट किया जाता रहा है,लेकिन पुल पर भारी वाहन गुजरते रहे हैं।अब जाकर एनएच रुद्रप्रयाग डिवीजन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।अब बेलनी पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है।अब कर्णप्रयाग की ओर से आने वाले भारी वाहनों को मुख्य बाजार से ही गुजरना पड़ेगा,जबकि चोपता,दुर्गाधार जाने वाले भारी वाहनों को जवाड़ी बाईपास से होकर आना होगा।
वहीं दूसरी ओर बेलनी से भारी वाहनों की आवाजाही बन्द होने के बाद पुलिस की ओर से नया ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है।पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध घिल्डियाल ने बताया कि बेलणी स्थित पुल की हालत नाजुक बनी हुई है।ऐसी स्थिति में भारी वाहनों की आवाजाही होनी मुश्किल है।
बारिश कहर बनकर टूट पड़ रही है ग्रामीणों पर ।
जगह जगह बन रहे नये भूस्खलन क्षेत्र ।धारचूला में 100 से अधिक परिवार बेघर 6 मकान ध्वस्त ।उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पिथौरागढ़ जिले के धारचूला नगर की एलधारा में बारिश के बाद हुए भूस्खलन के कारण सैकड़ों परिवार अपना घर छोड़कर दूसरी जगह या फिर रिश्तेदारों के यहां रहने को मजबूर हैं। भारी बारिश से जहां सेना का एक बैली ब्रिज भी मलबे में दब गया है वहीं धारचूला-तवाघाट रोड से भारी-भरकम बोल्डर और मलबे से सीमांत धारचूला शहर के अस्तित्व के लिए खतरा पैदा कर दिया है। हालात खतरनाक होने पर राहत और बचाव कार्य के लिए सेना मैदान में उतरी है। सेना की कुमाऊं स्काउट ने मोर्चा संभाला हुआ है।
बता दें कि धारचूला नगर के एलधारा के पास एक तरफ सेना दूसरी तरफ एसएसबी के जवान तैनात हैं। एलधारा से लेकर मल्लीबाजार में किसी को प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। सेना के कुमाऊं स्काउट के सीओ कर्नल अजयपाल सिंह ने एसडीएम के साथ राहत शिविरों में जाकर निरीक्षण किया। सीओ ने कहा कि सेना प्रभावितों की हरसम्भव मदद कर रही है। अतिवृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। भूस्खलन के बाद से धारचूला नगर में अफरा-तफरी मची है। बोल्डरों से छह मकान ध्वस्त हो चुके हैं। पंद्रह मकान खतरे की जद में हैं। एलधारा के पास हाईवे से मलबा हटाना संभव नहीं हो पा रहा है।
सेना के जवान शिफ्ट होने वाले परिवारों का सामान शिविरों तक पहुंचा रहे हैं। घरों में बुजुर्ग, दिव्यांग और बीमार लोगों को पीठ पर उठाकर शिविरों तक पहुंचा रहे हैं। खतरे को देखते हुए धारचूला मल्ली बाजार के 54 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। करीब 100 परिवार अभी तक यहां बेघर बताए जा रहे हैं, जिन्होंने अपने मकान छोड़कर कहीं दूसरी जगह शरण ले रखी है।
मौसम विभाग के अलर्ट ने यहां के लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। रात में अगर बारिश के बाद फिर से ऐसे ही भूस्खलन हुआ तो कई और मकान जमींदोज हो सकते हैं। वहीं, स्थानीय लोगों में शासन-प्रशासन, सिंचाई विभाग, बीआरओ और हिलवेज कंपनी के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। जनता ने शासन-प्रशासन का प्रदर्शन कर पुतला भी जलाया है।
Uksssc पेपर लीक मामले में कोर्ट कर्मी की गिरफ़्तारी, अब तक STF द्वारा 12 गिरफ़्तार|
देहरादून -उत्तराखण्ड में हाल में UKSSSC पेपर लीक मामले में STF की ताबड़तोड़ कारवाई जारी है। STF ने काशीपुर से पकड़े गए गिरोह से जुड़े अभियुक्त महेंद्र चौहान को गिरफ्तार किया है। SSP STF अजय सिंह ने बताया कि महेंद्र चौहान न्यायलय सीजेएम कोर्ट,नैनीताल में कनिष्ठ सहायक के पद पर तैनात है। अभियुक्त को STF ने लंबी पूछताछ की जिसके बाद देर रात उसे गिरफ्तार किया गया।
इस पूरे मामले में अब तक 12 लोगों की STF गिरफ्तारी कर चुकी है। इस मामले में बीते 36 घंटे में कुमाऊं क्षेत्र में ताबड़तोड़ दबिश जारी है। जिसमें एक दर्जन लोगों को पूछताछ के लिए देहरादून लाया गया।
इस सनसनीख़ेज़ मामले में एक पुलिस कॉन्स्टबल, उपनल महासंघ के दो पूर्व अध्यक्ष समेत कई लोगों के नाम सामने आ चुके हैं। इस मामले में अबतक की कार्यवाही में पेपर लीक मामले में 1.20 करोड़ से ज़्यादा का कैश/इन्वेस्टमेंट का खुलासा हो चुका है।
पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा|
पर्यटन के लिहाज से देखा जाए तो उत्तराखंड में कई ऐसे पौराणिक स्थल है जिन को देखने के लिए पूरे विश्व से पर्यटक उत्तराखंड का रुख करते हैं। रुद्रप्रयाग में भगवान शिव के सबसे बड़े पुत्र भगवान कार्तिकेय का प्रसिद्ध मंदिर है पर्यटन विभाग देश के दक्षिणी हिस्सों में इस मंदिर के प्रचार प्रसार की तैयारी कर चुका है। जल्द ही उत्तराखंड पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग इसके लिए प्रचार-प्रसार भी करेगा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग उत्तराखंड का रुख करें,दरअसल उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में पोखरी गांव में भगवान शिव के बड़े पुत्र भगवान कार्तिकेय का प्राचीन मंदिर जी ने दक्षिण भारत के तमिलनाडु में राज्य के देवता का दर्जा दिया गया है दक्षिण में ही भगवान कार्तिक को कार्तिकेय मुरूगन उनके नाम से पूजा जाता है यही नहीं पूरी दुनिया में जहां भी तमिल मूल के लोग रहते हैं वहां भगवान कार्तिकेय मुरूगन की पूजा की जाती है,पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने रुद्रप्रयाग के इस प्राचीन मंदिर का प्रचार प्रसार करने की बात कही है पर्यटन मंत्री ने कहा है कि भगवान कार्तिकेय मुरूगन जी के इस प्राचीन मंदिर के लिए पर्यटन विभाग केरल और तमिलनाडु में प्रचार-प्रसार करेगा जिससे वहां के लोग उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में भगवान कार्तिकेय मुरूगन के दर्शन कर सके।
जिम कॉर्बेट की बंदूक को जल्द मिलने जा रहा नया वारिस, सैलानी भी कर सकेंगे दीदार।
रामनगर -विश्व विख्यात एडवर्ड जिम कॉर्बेट की बंदूक को अब जल्द उसका नया वारिस मिलने जा रहा है। बताया जा रहा है कि अगले 15 दिनों में बंदूक नए वारिस पर होगी। साल 2019 में त्रिलोक सिंह नेगी की मौत के बाद उनके परिजनों को ये बंदूक कालाढूंगी थाने में जमा करानी पड़ी थी। कालाढूंगी ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष राजकुमार पांडे के हस्तक्षेप के बाद अगले 15 दिनों में बंदूक त्रिलोक सिंह नेगी के बेटे मोहित सिंह नेगी के नाम हो जाएगी। विश्व विख्यात जिम कॉर्बेट जब भारत छोड़ कर केन्या गए, तो उस वक्त उन्होंने अपनी बंदूक धरोहर के रूप में छोटी हल्द्वानी स्थिति अपने करीबी मित्र शेर सिंह नेगी को दे गए थे, जिन्होंने इसे धरोहर के रूप में संभालकर रखा था। शेर सिंह की मौत के 3 दशक तक उनके बेटे त्रिलोक सिंह ने इस बंदूक को संभालकर रखा था, जिसको धरोहर के रूप में पर्यटकों को भी कई कभार इसके दीदार कराए जाते थे। साल 2019 में त्रिलोक सिंह नेगी की मौत के बाद उनके परिजनों को ये बंदूक कालाढूंगी थाने में जमा करानी पड़ी थी। तब से ही वे इस बंदूक को विरासत के रूप में अपने नाम कराने के जद्दोजहद में लग हुए थे। अब जिसके नाम ये बंदूक होने जा रही है। उसके नए वारिस स्वर्गीय त्रिलोक सिंह नेगी के पुत्र मोहित सिंह नेगी हैं। मोहित सिंह नेगी ने बताया कि साल 2019 में उनके पिता की मौत हो गयी थी। तब से ही ये बंदूक कालाढूंगी में जमा थी। उन्होंने कहा कि कालाढूंगी ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष राजकुमार पांडे के हस्तक्षेप के बाद अब पुलिस कहा जा रहा है कि अगले 15 दिनों में बंदूक उनके नाम हो जाएगी। जानवरों को खदेड़ने के काम आती थी बंदूक: मोहित नेगी ने बताया कि सिंगल नाली बंदूक से कॉर्बेट साहब आबादी के पास आये जानवरों को हवाई फायर कर खदेड़ते थे। उन्होंने कहा कि वे उत्साहित हैं कि ऐसी अनमोल धरोहर के वे नए वारिस होंगे। कालाढूंगी ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष राजकुमार पांडे ने बताया कि अब जल्द बंदूक मोहित सिंह नेगी के नाम दर्ज हो जाएगी। सैलानी कॉर्बेट साहब की अनमोल धरोहर को 10 रुपये शुल्क देखकर दीदार कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि ये बंदूक मोहित नेगी के घर पर ही देख पाएंगे क्योंकि उसी के पास जिम कॉर्बेट साहब चौपाल भी लगाया करते थे। सैलानी चौपाल के साथ ही बंदूक के दीदार भी कर पाएंगे।
आसमान से बरस रही मुसीबतों की बारिस ।
पिथौरागढ़ जनपद में आपदा कहर बन कर बरस रही है। कहीं भूस्खलन से मकान जमीदोज हो रहे हैं] तो कहीं पहाड़ गिरने से यातायात प्रभावित हो रहा है। जिले की धारचूला तहसील में तो मानो प्राकृतिक आपदा एक बार फिर लोगों में अपना खौफ दिखाना चाह रही है। हर वर्ष सीमांत के शांत पहाड़ों में हलचल होती है और उसका शिकार होते हैं स्थानीय निवासी। एलधार में हुए हादसे के बाद अब सोबला में बादल फटने की घटना सामने आई है।
प्रधानमंत्री मोदी की मन कि बात ।
*देहरादून*- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की मन की बात कार्यक्रम को सुना।मन की बात कार्यक्रम को सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी की 75 वीं वर्षगांठ पर अमृत महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। हम सभी देशवासियों का कर्तव्य है कि हम देश को आजादी दिलाने वाले सभी ज्ञात अज्ञात महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान गाथाओं को सदैव याद रखे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर इस स्वतंत्रता दिवस पर 13 अगस्त से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेश वासियों से इस महान अभियान में प्रतिभाग करते हुए अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पूरे विश्व में हमारी एकता का संदेश जाएगा। आज पूरा विश्व भारत की ओर देखता है। भारतीय संस्कृति, योग व आयुष के महत्व को दुनिया मान रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट एवं अन्य गणमान्य लोगों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सुना।

















