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Saturday, June 27, 2026
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आपदा राहत हेतु अपना एक माह का वेतन देंगे।

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उत्तरकाशी जिले के धराली एवं हर्षिल क्षेत्र में हाल ही में आई आपदा के दौरान राज्य सरकार द्वारा युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक माह के वेतन को आपदा राहत कार्यों हेतु प्रदान करने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित लोगों के साथ हर कदम पर खड़ी है और इस कठिन परिस्थिति में सभी को एकजुट होकर पीड़ितों की सहायता करनी चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वयंसेवी संगठनों एवं आम नागरिकों से भी अपील की कि वे अपनी क्षमता के अनुसार राहत कार्यों में सहयोग करें।

मुख्यमंत्री धामी स्वयं राहत एवं बचाव कार्यों की निरंतर निगरानी कर रहे हैं तथा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने के निर्देश दे चुके हैं।

रुद्रप्रयाग में जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के चुनाव की अधिसूचना जारी, आचार संहिता लागू।

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Rudraprayag।।

राज्य निर्वाचन आयोग उत्तराखण्ड द्वारा जारी अधिसूचनाओं के क्रम में जनपद रुद्रप्रयाग में जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष सहित क्षेत्र पंचायतों के प्रमुख, ज्येष्ठ उप प्रमुख एवं कनिष्ठ उप प्रमुख पदों पर सामान्य निर्वाचन-2025 कराए जाने की घोषणा की गई है। 07 अगस्त 2025 को जारी अधिसूचनाओं के अनुसार निर्वाचन कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। निर्वाचन की घोषणा के साथ ही जनपद रुद्रप्रयाग की समस्त जिला पंचायत एवं क्षेत्र पंचायतों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है, जो मतगणना सम्पन्न होने तक प्रभावी रहेगी।

क्षेत्र पंचायतों के प्रमुख, ज्येष्ठ उप प्रमुख एवं कनिष्ठ उप प्रमुख पदों के लिए नामांकन 11 अगस्त को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक किया जाएगा। नामांकन पत्रों की जांच उसी दिन अपराह्न 3 बजे से कार्य समाप्ति तक की जाएगी। नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 12 अगस्त है, जिसमें अभ्यर्थी पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न 2 बजे तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 14 अगस्त को प्रातः 10 बजे से अपराह्न 3 बजे तक कराया जाएगा तथा मतदान समाप्ति के उपरांत उसी दिन मतगणना की जाएगी।

इसी प्रकार जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पदों हेतु भी निर्वाचन प्रक्रिया 11 अगस्त से आरंभ होगी। नामांकन की प्रक्रिया 11 अगस्त को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक चलेगी। नामांकन पत्रों की जांच उसी दिन अपराह्न 3 बजे से कार्य समाप्ति तक की जाएगी, जबकि नाम वापसी की अंतिम तिथि 12 अगस्त निर्धारित की गई है, जिसमें सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। मतदान 14 अगस्त को पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न 3 बजे तक होगा तथा मतगणना भी मतदान समाप्ति के बाद उसी दिन कराई जाएगी।

 

उत्तराखण्ड आई0ए0एस0 एसोसिएशन द्वारा आपदा पीड़ितों की सहायता के लिये दिया जायेगा एक दिन का वेतन।

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देहरादून

मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा की जायेगी धनराशि*

सचिव उत्तराखण्ड आई0ए0एस0 एसोसिएशन दिलीप जावलकर ने बताया कि एसोसिएशन द्वारा उत्तराखण्ड में आई भीषण आपदा के दृष्टिगत एक महत्वपूर्ण बैठक एसोसिएशन के अध्यक्ष एल०ए० फैनई की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।

इस बैठक में राज्य के समक्ष उत्पन्न हालिया प्राकृतिक आपदा की गंभीरता पर विचार किया गया, जिसमें दिनांक 05 जुलाई, 2025 को उत्तरकाशी जनपद के धराली क्षेत्र में आई भीषण आपदा को लेकर व्यापक चर्चा की गई।

बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि उत्तराखण्ड राज्य के समस्त भारतीय प्रशासनिक सेवा (आई०ए०एस०) अधिकारियों द्वारा एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में स्वेच्छा से प्रदान किया जाएगा।

यह निर्णय एसोसिएशन द्वारा आपदा पीड़ितों के प्रति मानवीय संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक है।

उन्होंने बताया कि यह सांकेतिक योगदान न केवल आपदा प्रभावितों के प्रति एसोसिएशन की सहानुभूति और प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि उन समर्पित अधिकारियों, सुरक्षा बलों, चिकित्सकीय दलों, आपदा प्रबंधन कर्मियों एवं स्वयंसेवकों के साथ एकजुटता प्रकट करता है, जो राहत-बचाव और पुनर्वास कार्यों में दिन-रात जुटे हुए हैं।

इस योगदान का उद्देश्य राज्य सरकार द्वारा संचालित बहु-एजेंसी आपदा प्रबंधन तंत्र को समर्थन करना है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास की प्रक्रिया को गति मिल सके।

सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि बैठक में इस भीषण आपदा की घड़ी में एसोसिएशन के प्रत्येक सदस्य से अपेक्षा की गई है कि वह संवेदना और उत्तरदायित्व के साथ अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करें।

ऐसी आपदाओं के समय प्रत्येक अधिकारी, कर्मचारी एवं नागरिक की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

यह पहल संवेदना से परिपूर्ण प्रशासनिक सेवा की उस भावना को पुष्ट करती है, जिसमें जनहित सर्वाेपरि होता है।

ज्योतिर्मठ मलारी हाईवे सलधार में 20 मीटर क्षतिग्रस्त, आवाजाही ठप्प।

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चीन सीमा को जोड़ने वाला मलारी हाईवे तेज बारिश के कारण भारी मात्रा में मलबा आने से सलधार के पास करीब 20 मीटर तक क्षतिग्रस्त हो गया जिससे सेना, आईटीबीपी के साथ ही सीमावर्ती गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही ठप पड़ गई है।
क्षेत्र में हो रही बारिश से हाईवे खोलने का काम भी धीमी गति से चल रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मौसम सामान्य होने पर हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।
नीती घाटी में सोमवार से हो रही बारिश मंगलवार को भी जारी रही। बारिश के बीच मंगलवार को अपराह्न करीब तीन बजे तपोवन से आगे सलधार में हाईवे का करीब 20 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हाईवे पर मलबे के साथ बोल्डर भी आ गए हैं। गनीमत यह रही कि जिस वक्त चट्टान से मलबा छिटककर हाईवे पर आया उस दौरान यहां कोई वाहन नहीं गुजर रहा था जिससे बड़ी घटना होने से टल गई। हाईवे बंद होने से चीन सीमा चौकियों में मौजूद सेना और आईटीबीपी के वाहनों की आवाजाही ठप पड़ गई है।
साथ ही नीती, गमशाली, फरकिया, मलारी, बांपा, मेहरगांव आदि गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही भी बाधित हो गई है। वहीं ज्योतिर्मठ के उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि नीती घाटी में तेज बारिश हो रही है जिससे हाईवे खोलने का काम धीमी गति से चल रहा है। मौसम सामान्य होने पर हाईवे सुचारु कर दिया जाएगा।

उत्तराखंड में ज़िला पंचायत अध्यक्ष पद हेतु पंचायतीराज विभाग ने जारी की अंतिम आरक्षण सूची।

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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अंतिम आरक्षण सूची हुई जारी।

आरक्षण में नहीं किया गया कोई परिवर्तन।

विगत मै जारी हुई आरक्षण सूची को लेकर विपक्ष ने खड़े किए थे सवाल।

बावजूद इसके आरक्षण सूची में नहीं हुआ कोई परिवर्तन।

  • पंचायती राज विभाग ने जारी की आरक्षण सूची।

धराली आपदा : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में।

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*धराली आपदा : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में*

*देहरादून व ऋषिकेश में ICU सहित बेड आरक्षित*

*मानसिक स्वास्थ्य पर भी फोकस, 03 मनोचिकित्सक धराली भेजे गए*

उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में बादल फटने से उत्पन्न आपदा को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूर्णतः अलर्ट मोड में है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को बेहतर इलाज समय पर मिल सके।

इस संबंध में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि देहरादून, ऋषिकेश और अन्य प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में बेड आरक्षित कर दिए गए हैं, ताकि आपदाग्रस्त क्षेत्र से लाए गए घायलों को तत्काल उपचार मिल सके।

*आरक्षित चिकित्सा व्यवस्था इस प्रकार है:-*

🔹 *दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल, देहरादून*

150 जनरल बेड

50 ICU बेड

🔹 *कोरोनेशन जिला चिकित्सालय, देहरादून*

80 जनरल बेड

20 ICU बेड

🔹 *एम्स, ऋषिकेश*

50 जनरल बेड

20 ICU बेड

इन अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल और दवा आपूर्ति की व्यवस्था भी पूरी कर ली गई है।

*मानसिक स्वास्थ्य पर भी फोकस, मनोचिकित्सक भेजे गए*

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि आपदा से प्रभावित लोगों में मानसिक तनाव और अवसाद की स्थिति पैदा होना स्वाभाविक है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने विशेष तौर पर तीन मनोचिकित्सकों को धराली क्षेत्र में तैनात किया है, ताकि ज़रूरतमंदों को तत्काल काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता मिल सके।उन्होंने बताया कि इन डॉक्टरों की टीम स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय में काम करेगी और राहत शिविरों में जाकर लोगों से संवाद भी करेगी।

*स्वास्थ्य विभाग पूर्ण सतर्कता में*

स्वास्थ्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) और आपदा प्रतिक्रिया टीमें अलर्ट पर हैं। 108 एम्बुलेंस सेवा को भी चौबीसों घंटे एक्टिव मोड पर रखा गया है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा यह एक संवेदनशील समय है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री जी के स्पष्ट निर्देश हैं कि एक भी घायल या जरूरतमंद व्यक्ति इलाज से वंचित न रह जाए। स्वास्थ्य विभाग हर स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है।

उत्तरकाशी धराली आपदा : मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, त्वरित राहत कार्य जारी*

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*विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम रवाना, अस्पतालों में बेड आरक्षित, चिकित्सकीय अवकाश पर रोक*

*108 एंबुलेंस सेवा हाई अलर्ट पर, जिला स्तरीय आपात नियंत्रण कक्ष स्थापित,लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई- डॉ.आर. राजेश कुमार*

उत्तरकाशी जनपद के धराली गांव में सोमवार को बादल फटने से उत्पन्न भीषण आपदा के बाद राज्य सरकार पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित चिकित्सकीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री स्वयं राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं, ताकि समय पर पीड़ितों तक सहायता पहुंच सके।

*विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम रवाना*
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने आपदा की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम तत्काल धराली क्षेत्र के लिए रवाना करने के निर्देश दिए हैं। इस टीम में सर्जन, निश्चेतक, फिजीशियन और आर्थोपेडिक सर्जन शामिल हैं। टीम का संचालन गढ़वाल मंडल के निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को सौंपा गया है, जिन्हें इस आपदा में नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

*अस्पतालों में बेड आरक्षित, चिकित्सकीय अवकाश पर रोक*
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने आपदा प्रबंधन के तहत राज्य के सभी प्रमुख चिकित्सालयों को निर्देश दिए गए हैं कि गंभीर रूप से घायल मरीजों के इलाज के लिए बेड आरक्षित रखें। साथ ही, सभी चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है, जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती। यह सुनिश्चित किया गया है कि अस्पतालों में दवाओं, सर्जिकल सामग्री और चिकित्सा उपकरणों की कोई कमी न रहे।

*108 एंबुलेंस सेवा हाई अलर्ट पर*
धराली और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में 108 एंबुलेंस सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इन सेवाओं के माध्यम से घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार देना, उन्हें निकटतम अस्पतालों तक पहुंचाना और संवेदी वर्गों की प्राथमिक चिकित्सा सुनिश्चित करना प्रमुख उद्देश्य है। आसपास के जनपदों से भी एंबुलेंस सेवाओं का समन्वय कर आपदा क्षेत्र में भेजा गया है।

*जिला स्तरीय आपात नियंत्रण कक्ष स्थापित*
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि उत्तरकाशी जिले में 24×7 सक्रिय एक आपात नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। यह नियंत्रण कक्ष राहत और चिकित्सा कार्यों की निरंतर निगरानी करेगा और आवश्यक समन्वय स्थापित करेगा, ताकि किसी भी प्रकार की बाधा को तत्काल दूर किया जा सके।

*लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई*
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि यह एक अत्यंत संवेदनशील और मानवीय आपदा है, जिसमें हर अधिकारी और कर्मचारी से संवेदनशीलता और तत्परता अपेक्षित है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

उत्तरकाशी धराली में आई आपदा में अब तक 70 से 80 लोगो का किया गया रेस्क्यू।

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  • धराली रेस्क्यू अपडेट:
    SDRF की पोस्ट भटवाड़ी व गंगोत्री से रेस्क्यू टीमें मय रेस्क्यू उपकरणों के घटनास्थल पर पहुँच गयी है। रेस्क्यू टीम द्वारा सैटेलाइट फोन के माध्यम से अवगत कराया गया कि आपदा प्रभावित क्षेत्र से अभी तक 60 से 70 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुँचा दिया गया है। SDRF की अन्य टीमें रास्ते मे है जो जल्दी ही प्रभावित क्षेत्र में पहुँच जाएगी।धराली आपदा

शासन ने उत्तरकाशी आपदा पर तीन IAS अधिकारियों को दी जिम्मेदारी।

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शासन ने उत्तरकाशी आपदा पर तीन IAS अधिकारियों को दी जिम्मेदारी,

आपदा राहत बचाव कार्यों ओर समन्वय के लिए तीनों को दी जिम्मेदारी,

IAS अभिषेक रुहेला,
IAS मेहरबान सिंह बिष्ट,
IAS गौरव कुमार को दी जिम्मेदारी,

टनकपुर – बागेश्वर रेल लाइन पर केंद्र ने मांगी राज्य की सहमति।

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राज्य की सहमति के बाद जल्द शुरु होगा रेललाइन पर काम*

टनकपुर – बागेश्वर रेललाइन पर जल्द काम शुरु हो सकता है। केंद्र सरकार ने इस परियोजना पर काम शुरु करने के लिए राज्य सरकार से औपचारिक तौर पर सहमति देने को कहा है। राज्य सरकार जल्द इस दिशा में अधिकारिक पत्र केंद्र सरकार को भेजने जा रही है।

प्रस्तावित टनकपुर- बागेश्वर रेललाइन को कुमांउ क्षेत्र में रेल नेटवर्क विस्तार की दिशा में गेम चेंजर प्रोजेक्ट के रूप में देखा रहा है। करीब 170 किमी लंबी इस परियोजना के लिए फाइनल सर्वे का काम पूरा हो चुका है। अब अगले चरण में परियोजना पर राज्य सरकार से विचार विमर्श होना है।काम शुरु करने से पहले केंद्र सरकार ने राज्य से औपचारिक सहमति प्रदान करने को कहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव को इस दिशा में शीघ्र औपचारिकताएं पूरी करते हुए कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। इस तरह टनकपुर – बागेश्वर रेललाइन का धरातल पर उतरने का रास्ता साफ हो रहा है।

कर्णप्रयाग रेल लाइन 2026 तक तैयार होगी
उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में रेल नेटवर्क विकसित करने पर तेजी से काम हो रहा है। इसी क्रम में ऋषिकेश – कर्णप्रयाग रेललाइन पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है, सामरिक महत्व की इस परियोजना का काम 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसी तरह टनकपुर – बागेश्वर रेल लाइन बन जाने के बाद, कर्णप्रयाग – बागेश्वर जैसे दो पर्वतीय शहरों को रेल नेटवर्क से जोड़कर, गढ़वाल- कुमांऊ के बीच रेल सम्पर्क स्थापित किया जा सकता है। साथ ही प्रदेश सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ऋषिकेश-उत्तरकाशी और देहरादून – सहारनपुर रेलवे लाइनों की डीपीआर भी तैयार कर रही है। 81 किमी लंबी देहरादून –सहारनपुर शाकुंभरी देवी मंदिर के रास्ते से होकर गुजरेगी। यह रेललाइन सहारनपुर से देहरादून के हर्रावाला रेलवे स्टेशन तक बिछेगी। इसमें 11 किमी लंबी सुरंग भी शामिल है

*बागेश्वर – टनकपुर रेललाइन पर काम शुरु करने के लिए समस्त औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही है। इसी तरह ऋषिकेश – उत्तरकाशी और देहरादून – सहारनपुर रेलवे लाइनों की भी फाइनल डीपीआर तैयार की जा रही है। केंद्र सरकार उत्तराखंड में रेल नेटवर्क को मजबूत करने में पूरा सहयोग प्रदान कर रही है।*