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Tuesday, March 17, 2026


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अगस्त्यमुनि के बच्छणस्यूं क्षेत्र के विद्यालयों के विधायक भरत सिंह चौधरी ने किया ₹ 1.08 करोड़ की योजनाओं का लोकापर्ण एवं शिलान्यास।

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जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखंड अगस्तमुनि के बाड़ा में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय विधायक श्री भरत सिंह चौधरी द्वारा बच्छणस्यूं क्षेत्र के विद्यालय जिसमें राजकीय इंटर कॉलेज बाड़ा में विज्ञान प्रयोगशाला का लोकापर्ण- (लागत-46 लाख), राजकीय इंटर कॉलेज बरसुडी के लिये 2 कक्षा-कक्षाओं का शिलान्यास (लागत-36.00 लाख) राजकीय इंटर कॉलेज खेड़ाखाल के लिए स्मार्ट क्लास निर्माण का शिलान्यास ( लागत- 26 लाख) किया गया। इस अवसर पर इन सभी विद्यालयों में धनराशि स्वीकृत कराने के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी श्री पदमेंद्र सिंह बिष्ट द्वारा विधायक भरत सिंह चौधरी का धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही उन्होंने कहा कि आगे भी रुद्रप्रयाग जिले के स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए सहयोग करने का अनुरोध किया। वही इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित विधायक भरत सिंह चौधरी विद्यालयों में होने वाले विभिन्न विकास कार्यों के शुभारंभ के लिए सभी बच्चों एवं अभिभावकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा उनकी सर्वोच प्रार्थमिकता है। हमारे बच्चों को शिक्षण संस्थानों में जो बुनियादी सुविधाएं है,उनका लाभ मिले इसके लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने का शिक्षा के कोई भी धन की कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक भी बच्चों को पूर्ण मनोयोग से पढ़ाएं जिससे कि उनका भविष्य बेहतर बने। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र में किये जा रहे विकास कार्यों एवं सरकार की योजनाओं की जानकारी से भी जनता को अवगत कराया। उन्होंने कहा की बच्छणस्यूं क्षेत्र जल्द ही जलागम प्रबन्ध परियोजना के कार्य भी शुरू होंगे। जिससे जो पलायन क्षेत्र से हो रहा है उस पर रोक लगेगी। यहाँ के बंजर जमीन को फिर से आबाद किया जाएगा। वही कार्यक्रम में राजकीय इंटर कॉलेज बाड़ा के प्रधानाचार्य श्री सुभाष पांडे द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष पंचायत अध्यक्ष विक्रम पटवाल, कनिष्ठ प्रमुख अगस्तमुनि श्री शशि सिंह नेगी, जिला उपाध्यक्ष भाजपा श्री सुरेंद्र जोशी , श्री बुद्धिबलव ममंगई, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग श्रीमती मीनल गुलाटी, प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज बरसूडी श्री साहेब लाल धीमान प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज खेड़ाखाल श्री जय सिंह कंडीयाल सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अभिभावकोंगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

पंच केदारो में द्वितीय केदार भगवान मद्दमेश्वर के कपाट आम श्रदालुओ लिए आज कपाट खुले।

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उत्तराखंड के पंच केदारों में द्वितीय केदार के रूप में विश्वविख्यात भगवान मदमहेश्वर के कपाट बुधवार को विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार, शिवभक्तों की जयकारों और शुभ लग्नानुसार ग्रीष्मकालीन दर्शन हेतु खोल दिए गए। कपाट खुलने के पावन अवसर पर कुल 667 तीर्थ यात्रियों ने भगवान मदमहेश्वर के प्रथम दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।कपाटोद्घाटन की पूर्व संध्या पर मदमहेश्वर मुख्य मंदिर समेत सहायक मंदिरों को छह कुन्तल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जिससे पूरा धाम भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। कपाट खुलते ही यात्रा मार्गों और पड़ावों पर रौनक लौट आई है। श्रद्धालु 14 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर भगवान के दरबार में पहुंच रहे हैं और दर्शन कर आध्यात्मिक सुख की अनुभूति कर रहे हैं।

एक देश एक चुनाव से और अधिक सशक्त होगा लोकतंत्र – मुख्यमंत्री

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संयुक्त संसदीय समिति की बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मसूरी रोड स्थित एक होटल में “एक देश, एक चुनाव” विषय पर संयुक्त संसदीय समिति के साथ संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष श्री पी. पी. चौधरी एवं समिति के सभी सदस्यगणों का स्वागत और अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एक देश एक चुनाव’ हमारे लोकतंत्र को और अधिक सशक्त, प्रभावी और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि हमारी चुनाव प्रणाली विविधताओं के बावजूद प्रभावी और मजबूत रही है, लेकिन अलग-अलग समय में चुनाव होने से बार-बार आचार संहिता लगती है, इसके चलते राज्यो के सारे काम ठप पड़ जाते हैं। जब भी चुनाव आता है, तो बड़ी संख्या में कार्मिकों को मूल कार्य से हटाकर चुनाव ड्यूटी में लगाना पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन सालों में राज्य में विधानसभा, लोकसभा और निकाय चुनावों की आचार संहिता के कारण 175 दिन तक राज्य की प्रशासनिक मशीनरी नीतिगत निर्णय लेने की प्रक्रिया से वंचित रही। छोटे और सीमित संसाधनों वाले राज्य के लिए ये 175 दिन शासन व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा निर्वाचन का पूर्ण व्यय भार राज्य सरकार वहन करती है और लोकसभा निर्वाचन का व्यय भार केंद्र सरकार द्वारा उठाया जाता है। दोनों चुनाव एक साथ कराए जाएं तो राज्य और केंद्र सरकार पर व्यय भार समान रूप से आधा-आधा हो जाएगा। दोनों चुनाव एक साथ कराने से कुल व्यय में लगभग 30 से 35 प्रतिशत तक की बचत होगी। इसका उपयोग राज्य के स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, जल, कृषि एवं महिला सशक्तिकरण जैसे अनेक क्षेत्रों में किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में जून से सितंबर का समय चारधाम यात्रा के साथ- साथ, बारिश का भी होता है, ऐसे में चुनावी कार्यक्रम होने से बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा जनवरी से मार्च तक वित्तीय वर्ष की अंतिम तिमाही के समय भी चुनावी प्रक्रिया निर्धारित नहीं की जानी चाहिए। फरवरी-मार्च के माह में हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट बोर्ड परीक्षाएं होने से प्रशासनिक संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी और विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्यों में “एक देश एक चुनाव” महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के दुर्गम क्षेत्रों में मतदान केंद्रों तक पहुंचना कठिन होता है, जिसके कारण चुनाव की प्रक्रिया में अधिक समय और संसाधन लगते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में मतदाताओं के लिए चुनाव में भाग लेना भी चुनौतीपूर्ण होता है, बार -बार चुनाव होने से लोगों में मतदान के प्रति रुझान कम होता है और मतदान प्रतिशत भी घटता है।

सनी देओल से मिले उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के सीईओ बंशीधर तिवारी, बॉर्डर 2 के सेट पर हुई सकारात्मक चर्चा।

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देहरादून, 20 मई। उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बंशीधर तिवारी ने आज देहरादून के हल्दूवाला स्थित बॉर्डर 2 के सेट पर सुप्रसिद्ध अभिनेता सनी देओल और निर्देशक अनुराग सिंह से मुलाकात की। इस अवसर पर उनके साथ परिषद के संयुक्त सीईओ डॉ. नितिन उपाध्याय भी मौजूद थे। मुलाक़ात के दौरान उत्तराखंड की फिल्म नीति, लोकेशन विविधता और राज्य सरकार की ओर से दिए जा रहे समर्थन पर सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बनी उत्तराखंड की वर्तमान फिल्म नीति को देश की सबसे प्रगतिशील नीतियों में एक माना जा रहा है, जहां फिल्म निर्माताओं को समय से शूटिंग की अनुमति, प्रशासनिक सहयोग और स्थानीय संसाधनों की सहज उपलब्धता मिलती है। श्री तिवारी ने बताया कि यहां फिल्म यूनिट को जिस तरह का सकारात्मक और सहज वातावरण मिल रहा है, वह प्रदेश को फिल्म निर्माण की दृष्टि से एक सशक्त गंतव्य बनाता है। सनी देओल भी इस दौरान काफी सहज और उत्साहित नज़र आए।

बॉर्डर 2 की बात करें तो यह फिल्म जेपी दत्ता, निधि दत्ता और टी-सीरीज़ के प्रोडक्शन में बन रही है, जिसकी शूटिंग फरवरी से देहरादून में चल रही है। केसरी फेम अनुराग सिंह इसके निर्देशक हैं और इसमें सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी जैसे प्रमुख कलाकार शामिल हैं।

फ़िल्म के प्रोड्यूसर बिनोय गांधी ने बताया कि फिल्म 1971 के भारत-पाक युद्ध पर आधारित है और इसके लिए देहरादून के हल्दूवाला क्षेत्र में कश्मीर के एक गांव का भव्य सेट बनाया गया है। सेट निर्माण की शुरुआत पिछले साल नवंबर में हुई थी। फिल्म में युद्ध के सीन, टैंक और सेना के मूवमेंट जैसे दृश्य शामिल हैं और इसका विजुअल प्रजेंटेशन VFX के लिहाज़ से भी बेहद महत्वपूर्ण है। फिल्म के आर्ट डायरेक्टर मयूर शर्मा हैं और एक्शन डायरेक्शन की जिम्मेदारी रवि वर्मा निभा रहे हैं, जो पहले जाट जैसी फिल्मों में भी अपने काम के लिए सराहे जा चुके हैं। इस प्रोजेक्ट से रोज़ाना लगभग 350 स्थानीय लोगों को काम मिल रहा है।

फिल्म बॉर्डर 2 के अलावा इस समय उत्तराखंड में कई प्रमुख फिल्मों की शूटिंग चल रही है। तनु वेड्स मनु फेम निर्माता विनोद बच्चन की फिल्म गिन्नी वेड्स सनी 2 की शूटिंग देहरादून में हो रही है, जिसमें अविनाश तिवारी और 12वीं फेल फेम एक्ट्रेस मेधा शंकर मुख्य भूमिकाओं में हैं। इनके साथ गोविंद नामदेव और सुधीर पांडे जैसे अनुभवी कलाकार भी फिल्म का हिस्सा हैं। वहीं, अन्नू कपूर, पवन मल्होत्रा और बिजेंद्र काला अभिनीत कॉमेडी सटायर ‘उत्तर दा पुत्तर’ की शूटिंग देहरादून और ऋषिकेश में चल रही है।

उत्तराखंडी सिनेमा को प्रोत्साहन देने के तहत इन दिनों *गढ़वाली भाषा की तीन फिल्में*—मारचा, तेरी माया और नमक—की शूटिंग क्रमशः देहरादून, टिहरी और उत्तरकाशी में हो रही है। राज्य सरकार की पहल से इन फिल्मों को स्थानीय लोकसंस्कृति, परंपरा और बोली के साथ तकनीकी संसाधनों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है, जिससे क्षेत्रीय सिनेमा को एक नई दिशा और पहचान मिल रही है।

वहीं, *बीते कुछ समय में* उत्तराखंड में कई उल्लेखनीय हिंदी फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग पूरी हो चुकी है, जिनमें ‘विकी विद्या का वो वाला वीडियो’, ‘तिकड़म’, ‘दो पत्ती’, ‘पुतुल’, ‘रौतू का राज’, ‘तन्वी द ग्रेट’, ‘पास्ट टेंस’, ‘केसरी 2’ और ‘मेरे हसबैंड की बीवी’ प्रमुख हैं। वर्ष 2024 -25 में उत्तराखंड सरकार द्वारा 225 शूटिंग अनुमतियाँ जारी की गईं ।

उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद लगातार राज्य को एक आकर्षक फिल्म निर्माण गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रयासरत है, जहां संस्कृति, प्रकृति, तकनीक और प्रशासनिक सहयोग का संगम फिल्म निर्माताओं को विशेष अनुभव प्रदान करता है।

तहसीलदार कार्यालय में तैनात पेशकार को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों विजिलेंस टीम ने किया गिरफ्तार ।

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रुड़की ।उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। देहरादून सेक्टर की ट्रैप टीम ने सोमवार,19 मई (आज) को हरिद्वार जिले के रुड़की स्थित अपर तहसीलदार कार्यालय में तैनात पेशकार रोहित को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर

शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान की टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 पर दर्ज शिकायत में बताया कि उसकी बहन की कृषि भूमि से संबंधित एक मामला तहसीलदार न्यायालय, रुड़की में विचाराधीन था। इस प्रकरण में न्यायालय द्वारा दिनांक 24 मार्च 2025 को एकपक्षीय आदेश पारित किया गया था। उक्त आदेश को चुनौती देते हुए शिकायतकर्ता ने 21 अप्रैल 2025 को न्यायालय में पुनः सुनवाई हेतु एक रेस्टोरेशन प्रार्थना पत्र दायर किया.शिकायत के अनुसार, इस प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई आगे बढ़ाने के एवज में कार्यालय में तैनात पेशकार रोहित द्वारा 25,000 रुपये की रिश्वत की मांग की गई। शिकायतकर्ता इस भ्रष्ट आचरण से व्यथित होकर सीधे सतर्कता अधिष्ठान से संपर्क में आया।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सतर्कता अधिष्ठान देहरादून की ट्रैप टीम ने जाल बिछाया और सोमवार को रोहित पुत्र रामपाल सिंह, निवासी मकान संख्या 273, ग्राम कस्बा रुड़की, जनपद हरिद्वार को दस हजार रुपये की प्रथम किस्त लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम ने पूरी कार्रवाई स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में संपन्न की, जिससे गिरफ्तारी पूरी तरह प्रमाणिक और वैध रही।

गिरफ्तारी के बाद सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने आरोपी पेशकार रोहित के आवास व अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर संपत्ति की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या आरोपी ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है।

सतर्कता अधिष्ठान के निदेशक डॉ. वी. मुरूगेसन ने ट्रैप टीम की इस सफल कार्रवाई की सराहना करते हुए उन्हें नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

 

सतर्कता अधिष्ठान ने प्रदेश की आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग करता है, रिश्वत की मांग करता है या फिर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करता है, तो उसकी सूचना तत्काल सतर्कता अधिष्ठान की टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 या व्हाट्सएप नंबर 9456592300 पर दें। सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

लिया।यह कार्रवाई स्वतन्त्र गवाहों की मौजूदगी में पूरी पारदर्शिता के साथ की गई।

शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान की टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 पर दर्ज शिकायत में बताया कि उसकी बहन की कृषि भूमि से संबंधित एक मामला तहसीलदार न्यायालय, रुड़की में विचाराधीन था। इस प्रकरण में न्यायालय द्वारा दिनांक 24 मार्च 2025 को एकपक्षीय आदेश पारित किया गया था। उक्त आदेश को चुनौती देते हुए शिकायतकर्ता ने 21 अप्रैल 2025 को न्यायालय में पुनः सुनवाई हेतु एक रेस्टोरेशन प्रार्थना पत्र दायर किया.शिकायत के अनुसार, इस प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई आगे बढ़ाने के एवज में कार्यालय में तैनात पेशकार रोहित द्वारा 25,000 रुपये की रिश्वत की मांग की गई। शिकायतकर्ता इस भ्रष्ट आचरण से व्यथित होकर सीधे सतर्कता अधिष्ठान से संपर्क में आया।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सतर्कता अधिष्ठान देहरादून की ट्रैप टीम ने जाल बिछाया और सोमवार को रोहित पुत्र रामपाल सिंह, निवासी मकान संख्या 273, ग्राम कस्बा रुड़की, जनपद हरिद्वार को दस हजार रुपये की प्रथम किस्त लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम ने पूरी कार्रवाई स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में संपन्न की, जिससे गिरफ्तारी पूरी तरह प्रमाणिक और वैध रही।

गिरफ्तारी के बाद सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने आरोपी पेशकार रोहित के आवास व अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर संपत्ति की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या आरोपी ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है।

सतर्कता अधिष्ठान के निदेशक डॉ. वी. मुरूगेसन ने ट्रैप टीम की इस सफल कार्रवाई की सराहना करते हुए उन्हें नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

 

सतर्कता अधिष्ठान ने प्रदेश की आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग करता है, रिश्वत की मांग करता है या फिर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करता है, तो उसकी सूचना तत्काल सतर्कता अधिष्ठान की टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 या व्हाट्सएप नंबर 9456592300 पर दें। सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

कार्तिक स्वामी मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन: 108 बालमपुरी शंखों की पूजा और हवन में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, दक्षिण भारत से आए शिवाचार्यों ने बढ़ाई शोभा।

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रुद्रप्रयाग।।उत्तराखंड के प्रतिष्ठित एवं प्राचीन मंदिरों में शामिल, क्रौंच पर्वत पर स्थित भगवान कार्तिकेय को समर्पित कार्तिक स्वामी मंदिर में आज एक विशेष, अद्वितीय और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ।इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर में 108 बालमपुरी शंखों की विशेष पूजा एवं हवन विधिपूर्वक संपन्न किया गया, जिसने न केवल श्रद्धालुओं को दिव्य आध्यात्मिक अनुभव प्रदान किया, बल्कि देश की सांस्कृतिक एकता का भी प्रेरणादायक प्रतीक प्रस्तुत किया।यह आयोजन उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद, जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग एवं कार्तिक स्वामी मंदिर समिति के संयुक्त प्रयासों से सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें तमिलनाडु राज्य के छह प्रमुख मंदिरों के प्रतिष्ठित शिवाचार्य विशेष रूप से सम्मिलित हुए। इन प्रमुख मठों में माईलम एथेनम, कूनमपट्टी एथेनम, कौमारा मुथ्त एथेनम, श्रृंगेरी मठ जैसे मंदिर शामिल थे। इन शिवाचार्यों ने उत्तर और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक विरासत को एक सूत्र में पिरोते हुए न केवल शंख पूजा व वैदिक हवन अनुष्ठान सम्पन्न कराए, बल्कि स्थानीय परंपराओं के साथ भी आत्मीय संवाद स्थापित किया।
इस अवसर पर केदारनाथ विधायक श्रीमती आशा नौटियाल, उत्तराखंड सरकार में सचिव कौशल विकास रवि शंकर, जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे सहित राज्य सरकार, प्रशासन एवं धार्मिक संगठनों के अनेक गणमान्य व्यक्तित्व उपस्थित रहे।जनसमूह को संबोधित करते हुए विधायक श्रीमती आशा नौटियाल ने कहा कि कार्तिक स्वामी मंदिर को धार्मिक पर्यटन के दृष्टिकोण से एक मॉडल स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने मंदिर तक पहुँच मार्ग, पार्किंग, धर्मशाला, शौचालय एवं पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के शीघ्र निर्माण की घोषणा की। साथ ही मंदिर को राष्ट्रीय धार्मिक धरोहर के रूप में विकसित करने की आवश्यकता भी बताई।कौशल विकास सचिव रवि शंकर ने कहा कि यह भव्य आयोजन लगातार तीसरे वर्ष आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर दक्षिण भारत के कार्तिक स्वामी मंदिरों एवं क्रौंच पर्वत स्थित मंदिर के वस्त्रों का पारंपरिक आदान-प्रदान हुआ। 108 बालमपुरी शंख पूजा के आयोजन से यहां का धार्मिक पर्यटन तीन गुना बढ़ा है। भविष्य में मंदिर को रोपवे योजना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, साथ ही तीन किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग पर सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है।
इस आयोजन में जिला पर्यटन अधिकारी श्री राहुल चौबे, मंदिर समिति अध्यक्ष विक्रम सिंह नेगी, मंडल अध्यक्ष विनोद राणा, उत्तम सिंह नेगी, मगन सिंह, अर्जुन नेगी सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धालुओं की सेवा और व्यवस्थाओं में सराहनीय योगदान दिया।

रुद्रप्रयाग मुख्यालय में आयोजित हुआ तिरंगा शौर्य सम्मान*

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गढ़वाल सांसद के नेतृत्व में संपन्न हुआ कार्यक्रम*

जनपद रुद्रप्रयाग के मुख्य बाजार से लेकर गुलाबराय मैदान तक आज का दिन राष्ट्रीय गर्व, वीरता और देशभक्ति की मिसाल बनकर सामने आया, जब तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा का भव्य आयोजन गढ़वाल सांसद श्री अनिल बलूनी के नेतृत्व में संपन्न हुआ। यह यात्रा भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में प्रदर्शित अद्वितीय साहस, पराक्रम एवं बलिदान को सम्मान देने हेतु आयोजित की गई, जो जिलेभर के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं भूतपूर्व सैनिकों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनी।
यात्रा की शुरुआत रुद्रप्रयाग के मुख्य बाजार से हुई, जहाँ सैकड़ों की संख्या में आम नागरिक, जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता एवं सेना के सेवानिवृत्त जवान तिरंगा हाथ में लेकर देशभक्ति के गीतों के साथ शामिल हुए। गुलाबराय मैदान तक पहुँचने तक यह यात्रा एक विशाल जनसमूह का रूप ले चुकी थी। चारों ओर ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘जय हिन्द’ के उद्घोष वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग रहे थे।
इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए सांसद अनिल बलूनी ने कहा, “यह तिरंगा यात्रा सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि यह उन वीर जवानों को सम्मान देने का प्रयास है जिन्होंने देश की रक्षा हेतु अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। *’ऑपरेशन सिंदूर’* भारतीय सेना के अद्वितीय पराक्रम की गाथा है, जो भावी पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा, समर्पण और एकता की प्रेरणा देता रहेगा।” उन्होंने आगे कहा कि हमारा दायित्व है कि हम इन बलिदानों को केवल स्मृति तक सीमित न रखें, बल्कि इन्हें जन-जन तक पहुँचाकर राष्ट्रप्रेम की भावना को और अधिक सुदृढ़ करें।
कार्यक्रम में रुद्रप्रयाग विधायक श्री भरत सिंह चौधरी, केदारनाथ विधायक श्रीमती आशा नौटियाल एवं भाजपा जिलाध्यक्ष श्री भारत भूषण भट्ट ने भी विचार व्यक्त किए और भारतीय सेना के वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सदैव से वीरभूमि रहा है और यहां की धरती ने देश को अनेक जांबाज़ सपूत दिए हैं।
इस गौरवमयी अवसर पर बीकेटीसी के उपाध्यक्ष श्री विजय कपरवाण, पूर्व जिलाध्यक्ष वाचस्पति सेमवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता महावीर पंवार, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम पटवाल, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी कमलेश उनियाल, प्रदेश प्रवक्ता विपिन कैंथोला, जिला महामंत्री विनोद देवशाली, नगर मण्डल अध्यक्ष सुरेन्द्र रावत सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
यात्रा में विशेष रूप से भारतीय सेना से सेवानिवृत्त वीर जवानों का सम्मान किया गया, जिनमें प्रेम सिंह रावत, हरि सिंह रावत, कुंवर सिंह कपरवाण, वीर सिंह बिष्ट, धनपाल सिंह कपरवाण शामिल रहे। इन सभी को पुष्पमालाओं एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

 

टिहरी घनसाली में हुए सड़क हादसे में दो सगे भाइयों की मौत।

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टिहरी- टिहरी के घनसाली भिलंगना ब्लॉक के ग्यारह गांव हिंदाव के अंथवाल गांव के पास एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गयी.हादसे में दो सगे भाइयों की मौत हो गई। घटना के बाद जहां गांव में मातम पसरा हुआ है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।उत्तराखंड के टिहरी में भीषण सड़क हादसे की खबर है। यहां घनसाली भिलंगना ब्लॉक स्थित अंथवाल गांव के पास एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस दुर्घटना में दो सगे भाइयों की दर्दनाक मौत हो गयी, जबकि एक अन्य गम्भीर रूप से घायल है।जानकारी के मुताबिक हादसा अंथवाल गांव के पास हुआ, कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी, कार में तीन लोग सवार थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तुरंत घायलों को खाई से बाहर निकाला, और 108 के माध्यम से अस्पताल भेजा, लेकिन रास्ते में ही दोनों सगे भाइयों की मौत हो गई। तीसरे घायल को अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद श्रीनगर बेस अस्पताल रेफर किया गया है। मृतकों की पहचान रमेश अंथवाल (शिक्षक) और उनके बड़े भाई चिंतामणि अंथवाल (सेवानिवृत फार्मासिस्ट) के रूप में हुई है।

केदारनाथ में एम्स का हेलीकॉप्टर क्रैश,डॉक्टरों की बची जान।

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*ब्रेकिंग न्यूज़, केदारनाथ|*

केदारनाथ में एम्स का हेलीकॉप्टर क्रैश,डॉक्टरों की बची जान

केदारनाथ धाम में एम्स की हेली एंबुलेंस की इमरजेंसी लैंडिंग

डिसबैलेंस के चलते अचानक की गई ज़बरदस्त लैंडिंग, मची अफरा-तफरी

बाबा केदार की कृपा से बड़ा हादसा टला, सभी डॉक्टर सुरक्षित

हेली एंबुलेंस किसी मरीज को लेने पहुंचा था केदारनाथ

लैंडिंग के दौरान हेली का पिछला हिस्सा हुआ क्षतिग्रस्त

स्थानीय प्रशासन और बचाव टीम मौके पर पहुंची, स्थिति नियंत्रण में

*हेली एम्बुलेंस में तकनीकी खराबी, पायलट ने कराई सुरक्षित लैंडिंग*

*हेली एम्बुलेंस में सवार थे पायलट सहित एक डॉक्टर एवं एक नर्सिंग स्टाफ, सभी सुरक्षित*

*आपात लैंडिंग में टूटा टेल रोट, तकनीकी खराबी की जांच करेगा डीजीसीए*

श्री केदारनाथ धाम में एक मरीज को रेस्क्यू करने पहुंचे संजीवनी हेली एंबुलेंस की आपातकाल लैंडिंग करनी पड़ी। पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। हेली एम्बुलेंस में एम्स ऋषिकेश से आई मेडिकल टीम भी सवार थी। सफल आपातकाल लैंडिंग के चलते पायलट सहित मेडिकल की टीम सुरक्षित है।

जिला पर्यटन विकास अधिकारी एवं नोडल हेली सेवा राहुल चौबे ने बताया कि श्री केदारनाथ धाम में दर्शन को पहुंची एक महिला श्रद्धालु को सांस लेने में अधिक समस्या होने लगी। तबियत ज्यादा बिगड़ती देख राज्य सरकार की हेली एंबुलेंस सेवा संजीवनी की मदद ली गई। हेली में एम्स से मेडिकल टीम भी साथ केदारनाथ पहुंच रही थी, जिसमें एक डॉक्टर एवं एक नर्सिंग स्टाफ शामिल था। केदारनाथ के मुख्य हेलीपैड पर लैंडिंग से पहले ही हेली में कुछ तकनीकी खराबी आ गई। जिसे समय पर भांपते हुए पायलट ने हेलीपैड से ठीक पहले समतल स्थान पर लैंडिंग करना उचित समझा। लैंडिंग के दौरान हेली एम्बुलेंस का टेल रोटर टूट गया। पायलट की सूझबूझ से सफल आपातकाल लैंडिंग हो सकी और हेली में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं। हालांकि हेली का टेल रोटर टूट गया है। इस पूरे मामले की तकनीकी जांच डीजीसीए द्वारा की जाएगी जिसके उपरांत तकनीकी खामी की सही जानकारी मिल सकेगी।

 

 

दो मुट्ठी चावल’ पर अब संबंधित अधिकारी को देना होगा स्पष्टीकरण।

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देहरादून- उत्तराखंड में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को अब वायरल पत्र पर स्पष्टीकरण देना होगा। दरअसल, लोहाघाट में पीडब्ल्यूडी कार्यालय से अपर सहायक अभियंता की सर्विस बुक खोने के बाद दैवीय आस्था के आधार पर ‘दो मुट्ठी चावल’ कर्मचारियों से मंगाए गए थे, ताकि इन्हें मंदिर में डालकर दैवीय न्याय पाया जा सके। मामले को शासन ने गंभीरता से लिया और इसके बाद फौरन लोक निर्माण विभाग मुख्यालय ने संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।