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Tuesday, March 17, 2026


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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से कीई भेंट ,उत्तराखंड की अनेक महत्वपूर्ण सड़क एवं अवसंरचना परियोजनाओं के शीघ्र स्वीकृति दिए जाने का कियाअनुरोध ।

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दिल्ली

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर उत्तराखंड की अनेक महत्वपूर्ण सड़क एवं अवसंरचना परियोजनाओं के शीघ्र स्वीकृति दिए जाने का अनुरोध किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि हाल के वर्षों में चारधाम यात्रा के दौरान पर्यटकों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि होने से राज्य की सड़कों पर यातायात का दबाव बढा है।

लिहाजा सड़कों की यातायात वहन क्षमता बढाए जाने व समुचित रख-रखाव के साथ ही क्षेत्रीय संपर्क, पर्यटन और आर्थिक प्रगति की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता की इन परियोजनाओं का शीघ्र क्रियान्वयन होना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री से भेंट के दौरान केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि के अंतर्गत अवशेष ₹ 367.69 करोड़ की प्रतिपूर्ति शीघ्र राज्य सरकार को किये जाने का मामला प्रमुखता से उठाया।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश बाईपास परियोजना को स्वीकृति प्रदान किए जाने और बिहारीगढ़ से रोशनाबाद तक के 33 कि.मी लंबे राज्य मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में अधिसूचित किये जाने का भी अनुरोध किया। काठगोदाम से पंचेश्वर तक 189 किमी लंबे मार्ग को भी राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा दिये जाने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने देहरादून शहर की ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान हेतु बिंदाल व रिस्पना नदियों के ऊपर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड को एनएच-07 के लूप के रूप में स्वीकृत किए जाने का भी आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने मानसखण्ड परियोजना के अंतर्गत पौराणिक मंदिरों से जुड़ी 508 किमी लंबाई की 20 सड़कों के अपग्रेडेशन की कुल रू. 8000 करोड़ की लागत की परियोजना के प्रथम चरण हेतु ₹1000 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया।

इसके अतिरिक्त खटीमा में रिंग रोड निर्माण के साथ ही पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण से प्रभावित एनएच-109 के पुनः संरेखण के बाद प्रस्तावित बाईपास सड़क के निर्माण हेतु संशोधित लागत रू. 371.84 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करने और एनएच-07 पर प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के लिए ₹110 करोड़ की अतिरिक्त सहायता दिए जाने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने एनएच 507 पर बाड़वाला से लखवाड़ बैंड (28 किमी) एवं एनएच 534 पर दुगड्डा से गुमखाल तक (18.10 किमी) चौड़ीकरण कार्यों की शीघ्र स्वीकृति का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी प्रस्तावित परियोजनाओं को त्वरित स्वीकृति देने का अनुरोध किया।

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

श्री केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के परिचालन पर पूरी तरह से लगाई रोक ।

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श्री केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के परिचालन पर पूरी तरह से रोक लगाई,

श्रीकेदारनाथ यात्रा के दौरान घोड़ा-खच्चर अहम भूमिका निभाते हैं,

इक्वाइन इंफ्लुएंजा के लक्षण दिखाई देने एवं कुछ पशुओं की मृत्यु होने के पश्चात जिला प्रशासन ने तत्काल कार्यवाही की,

प्रशासन ने पिछले 48 घंटे से श्रीकेदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के परिचालन पर पूरी तरह से रोक लगाई है जो फिलहाल जारी है,

18 चिकित्सकों की टीम के साथ साथ पंतनगर विश्वविद्यालय एवं राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान संस्थान हिसार के विशेषज्ञ चिकित्सक लगातार सैंपलिंग एवं परीक्षण कर रहे हैं,

इसी क्रम में घोड़े-खच्चर मालिकों को तात्कालिक राहत देने के लिए जिला प्रशासन ने एक और कदम उठाया है,

जिला प्रशासन ने दो क्वारंटीन सेंटर, चेतक-1 एवं चेतक-2 बनाए हैं,

घोड़े खच्चरों के मालिकों से अपील की है कि वे अपने बीमार घोड़े-खच्चरों को इन सेंटरों में रखें,

जिन पशुपालकों के घोड़े-खच्चर बीमार हैं, वे इक्वाइन इंफ्लुएंजा बीमारी का प्रमाणपत्र पशुपालन विभाग को दिखाकर पचास प्रतिशत सब्सिडी पर पर चारा क्रय कर सकते हैं,

उत्तरकाशी के गंगनानी में यात्रियों को ले जा रहा Aerotrans Services Pvt. Ltd. हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने से 6 लोगो की मौत।

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उत्तरकाशी, गंगनानी में यात्रियों को ले जा रहा Aerotrans Services Pvt. Ltd. हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने से 6 लोगो की मौत।

 

जनपद उत्तरकाशी, गंगनानी में यात्रियों को ले जा रहा हैली हुआ दुर्घटनाग्रस्त, SDRF उत्तराखंड पुलिस कर रही रेस्क्यू ऑपरेशन*

SDRF टीम भटवाड़ी द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर देखा गया कि हेलीकॉप्टर लगभग 200 से 250 मीटर गहरी खाई में गिरा हुआ है।

टीम द्वारा घटनास्थल पर बेस बनाकर खाई में उतरने का रेस्क्यू कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हेलीकॉप्टर Aerotrans Services Pvt. Ltd. का था, जिसकी रजिस्ट्रेशन संख्या VT-OXF है।

यह हेलीकॉप्टर सहस्त्रधारा हेलीपैड, देहरादून से खरसाली हेलीपैड के लिए उड़ान पर था। हेलीकॉप्टर के पायलट कैप्टन रॉबिन सिंह थे।

हेलीकॉप्टर में कुल 07 व्यक्ति सवार थे, जिनमें 01 पायलट और 06 यात्री शामिल हैं।

SDRF द्वारा स्थानीय पुलिस व अन्य बचाव इकाइयों के साथ मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

हैली हुआ दुर्घटनाग्रस्त, SDRF उत्तराखंड पुलिस कर रही रेस्क्यू ऑपरेशन*

SDRF टीम भटवाड़ी द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर देखा गया कि हेलीकॉप्टर लगभग 200 से 250 मीटर गहरी खाई में गिरा हुआ है।

टीम द्वारा घटनास्थल पर बेस बनाकर खाई में उतरने का रेस्क्यू कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

 

 

यह हेलीकॉप्टर सहस्त्रधारा हेलीपैड, देहरादून से खरसाली हेलीपैड के लिए उड़ान पर था। हेलीकॉप्टर के पायलट कैप्टन रॉबिन सिंह थे।

हेलीकॉप्टर में कुल 07 व्यक्ति सवार थे, जिनमें 01 पायलट और 06 यात्री शामिल हैं।

 

 

 

*रेस्क्यू अपडेट:-*
घायल का विवरण –
1- मकतूर भास्कर निवासी निवासी 19/295 मोमिनबाद गुंटकल अनंतपुर आंध्र प्रदेश, उम्र 51 वर्ष।
मृतकों का विवरण
1 – विजयलक्ष्मी रेड्डी सी पत्नी चिरा, सुब्बा निवासी गैलेरिया सेंट्रल एवेन्यू सोसाइटी लिमिटेड पावई मुंबई महाराष्ट्र,उम्र 57 वर्ष।
2. रॉबिन सिंह पुत्र रामकरण सिंह निवासी 201 सरनम विला प्रताप गंज विक्रमभोग बड़ोदरा फतेहगंज गुजरात उम्र 60 वर्ष, पायलट।
3- राधा अग्रवाल पत्नी रामचंद्र अग्रवाल निवासी आलमगीरी गंज बरेली उत्तरप्रदेश उम्र 79 वर्ष ।
4- रुचि अग्रवाल निवासी 2504 ओडेसी2 हीरानंदानी गार्डेंस पावई मुंबई suburban महाराष्ट्र उम्र 56 वर्ष।
5 – कला चंद्रकांत सोनी पुत्री चंद्रकांत सोनी, ए – 103 गोल्डन ओक हाइ स्ट्रीट डी मार्ट समोर हीरानंदानी गार्डेंस पावई मुंबई महाराष्ट्र उम्र 61 वर्ष।
6 – वेदांती पत्नी एम. भास्कर निवासी 19/295 मोमिनबाद गुंटकल अनंतपुर आंध्र प्रदेश, उम्र 48 वर्ष।

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले भू बैकुंठ श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट।

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चमोली।।

बोल बदरी विशाल की जय के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच खुले भू बैकुंठ नगरी श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट, छह माह के लिए यात्रा का मंगल शुभारम्भ,,,,
,,श्री बदरीनाथ धाम
बद्रीनाथ धाम: श्रद्धा, भक्ति और आस्था के अनूठे संगम के बीच, आज दिनांक 04 मई 2025 को प्रात: 06 बजे शुभ मुहूर्त पर, भगवान विष्णु को समर्पित श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इसी के साथ, इस वर्ष की श्री बद्रीनाथ धाम की यात्रा का विधिवत शुभारम्भ हो गया।

शुभ मुहूर्त पर तीर्थ पुरोहितों द्वारा पूर्ण विधि विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की गई। भारी सुरक्षा बल की उपस्थिति और ढोल-नगाड़ों व आर्मी बैंड की मधुर धुन के बीच, हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने ‘जय बद्री विशाल’ और ‘बद्रीनाथ भगवान की जय’ के जयकारे लगाए, जिससे पूरा बद्रीनाथ धाम परिसर भक्तिमय हो उठा। देश-विदेश से आए सहस्त्रों श्रद्धालु इस अलौकिक और पावन कपाटोद्घाटन बेला के साक्षी बने।

कपाटोद्घाटन से पूर्व, श्री बद्रीनाथ मंदिर को लगभग 15 टन रंग-बिरंगे और सुगंधित फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था, जिसने मंदिर की सुंदरता में चार चांद लगा दिए। प्रातः काल से ही, श्री बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल जी, धर्माधिकारी व वेदपाठियों द्वारा मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। विधि विधान से माता लक्ष्मी को गर्भ गृह से निकालकर मंदिर की परिक्रमा कराकर लक्ष्मी मंदिर में विराजमान किया गया। तत्पश्चात भगवान कुबेर जी व उद्धव जी को बद्री विशाल मंदिर के गर्भ गृह में विराजित किया गया। शुभ मुहूर्त पर, भगवान की चतुर्भुज मूर्ति को परंपरागत रूप से हटाए गए घृत कंबल से अलग कर उनका विधिवत अभिषेक (स्नान) करवाया गया और आकर्षक श्रृंगार किया गया। अब अगले छह माह तक बैकुण्ठ धाम में भगवान की चतुर्भुज मूर्ति के साथ-साथ उद्धव, कुबेर, नारद और नर नारायण के दिव्य दर्शन श्रद्धालु प्रतिदिन कर सकेंगे। मुख्य मंदिर के साथ ही बदरीनाथ धाम मंदिर परिक्रमा स्थित गणेश, घटाकर्ण, आदि केदारेश्वर और आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर व माता मूर्ति मंदिर के कपाट भी इस यात्रा हेतु श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह माना जाता है कि वर्षभर में साल के 6 महीने (ग्रीष्मकालीन) मनुष्य भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, जबकि बाकी के 6 महीने (शीतकालीन) यहां देवता स्वयं भगवान विष्णु की आराधना करते हैं, जिसमें मुख्य पुजारी देवर्षि नारद होते हैं।

बद्री केदार मन्दिर समिति के अध्यक्ष बने हेमन्त द्विवेदी।

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सीएम श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर “श्री बद्रीनाथ एवं श्री केदारनाथ मन्दिर समिति” में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष नियुक्त किये गए है। इस बार अध्यक्ष के अतिरिक्त दो उपाध्यक्ष भी नियुक्त किये गए हैं ।
श्री हेमन्त द्विवेदी, जनपद पौड़ी गढ़वाल को “श्री बद्रीनाथ एवं श्री केदारनाथ मन्दिर समिति” में “अध्यक्ष” के पद पर जबकि श्री ऋषि प्रसाद सती, जनपद चमोली और श्री विजय कपरवाण, जनपद रूद्रप्रयाग को “श्री बद्रीनाथ एवं श्री केदारनाथ मन्दिर समिति” में “उपाध्यक्ष” के पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से नामित किया गया है।

“श्री बद्रीनाथ एवं श्री केदारनाथ मंदिर समिति” के कार्यक्षेत्र में विस्तार, तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चारधाम यात्रा के बेहतर प्रबंधन और समिति के कार्यों का कुशल संचालन और बेहतर समन्वय के लिए एक से अधिक उपाध्यक्ष नियुक्त किये गए हैं। पौङी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों से स्थानीय जनप्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है। इससे निर्णय प्रक्रिया तेज़ होगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
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*”श्री हेमन्त द्विवेदी जी को ‘श्री बद्रीनाथ एवं श्री केदारनाथ मंदिर समिति’ के अध्यक्ष पद पर तथा श्री ऋषि प्रसाद सती जी और श्री विजय कपरवाण जी को उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त किए जाने पर हार्दिक बधाई देता हूं। इन दायित्वों के माध्यम से मुझे पूर्ण विश्वास है कि सभी सम्मानित पदाधिकारीगण अपने अनुभव, समर्पण और दूरदृष्टि से समिति के कार्यों को नई गति और दिशा प्रदान करेंगे।*
*दो उपाध्यक्षों की नियुक्ति का निर्णय तीर्थ क्षेत्रों के व्यापक संचालन, बेहतर समन्वय और यात्रियों को अधिक सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुझे आशा है कि यह नई टीम भगवान बद्री-केदार के दिव्य धामों के प्रबंधन को और अधिक सशक्त और पारदर्शी बनाएगी। सरकार की ओर से हर संभव सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।”*

 

श्री केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को मिलेगी फ्री वाईफाई सुविधा

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धाम में मिल रही सुविधाओं से श्रद्धालुओं में उत्साह, सरकार और प्रशासन का जताया आभार*

*राज्य सरकार और जिला प्रशासन के प्रयासों से अपना स्वयं का मोबाइल नेटवर्क स्थापित करने वाला पहला जिला बना रुद्रप्रयाग*

चारधाम यात्रा पर देश-विदेश से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुखद और सुगम हो इसके लिए राज्य सरकार एवं प्रशासन लगातार नए प्रयास कर रहा है। देश की सबसे कठिन पैदल यात्राओं में से एक श्री केदारनाथ धाम यात्रा ने इस दिशा में नई कीर्तिमान स्थापित किया है। केदारपुरी में दर्शन को पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब फ्री वाईफाई की सुविधा उपलब्ध होगी। शनिवार को इसका सफल ट्रायल होने के बाद यह सुविधा श्रद्धालुओं को समर्पित कर दी गई है। बाबा के दर्शनों को पहुंचे श्रद्धालुओं ने इसपर खुशी जाहिर करते हुए सरकार और जिला प्रशासन को इसके लिए आभार जताया है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन और जिलाधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार की पहल पर आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील रुद्रप्रयाग जनपद ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए अपना स्वयं का मोबाइल नेटवर्क स्थापित किया है। इस नेटवर्क को “डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर रिसोर्स नेटवर्क” नाम दिया गया है।

यह नेटवर्क न केवल आपदा या किसी भी विकट परिस्थिति में लगातार संचालित रहेगा, बल्कि इसमें मोबाइल डाटा, वॉयस कॉलिंग और हाई क्वालिटी सीसीटीवी विजुअल्स की भी सुविधा उपलब्ध है।

इसी रिसोर्स नेटवर्क के तहत श्रद्धालुओं को अब फ्री वाईफाई की सुविधा मिलने जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती ने बताया कि वाईफाई का फायदा उठाने के लिए वाईफाई सेटिंग पर जाकर अपना मोबाईल नंबर पंजीकृत करना होगा जिसके बाद एक ओटीपी मोबाईल नंबर पर आएगा जिसे भरने के बाद आधे घंटे तक हाय स्पीड वाईफाई का लाभ उठाया जा सकता है।

*देश का पहला मॉडल*

रुद्रप्रयाग देश का पहला जनपद बन गया है, जिसके पास अपना अलग और संपूर्ण मोबाइल नेटवर्क है। जुलाई 2024 में केदारनाथ पैदल मार्ग पर आई आपदा के दौरान जब अन्य मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप हो गए थे, तब यही नेटवर्क यात्रियों, मजदूरों और रेस्क्यू टीमों के लिए जीवन रेखा बना। इससे रास्ते में फंसे लोगों ने अपने घरों से संपर्क किया और राहत एवं बचाव कार्यों में भी अत्यंत मदद मिली।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश से चार धाम यात्रा का आज विधिवत किया शुभारंभ।

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ऋषिकेश- विश्व प्रसिद्ध उत्तराखंड की चार धाम यात्रा का आज विधिवत शुभारंभ हो गया है। ऋषिकेश के ट्रांजिट कैंप परिसर में चार धाम यात्रा संचालित करने वाली संयुक्त रोटेशन व्यवस्था समिति ने चार धाम यात्रा के शुभारंभ पर कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल पूर्व मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल पहुंचे। मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चार धाम यात्रा पर जा रही 10 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं से बातचीत की और उनसे ट्रांसिट कैंप परिसर में व्यवस्थाओं के बारे में भी पूछा। मुख्यमंत्री से मिलकर श्रद्धालु काफी खुश और गदगद नजर आए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस बार की यात्रा ऐतिहासिक होने जा रही है। सरकार ने पिछले वर्ष की यात्रा से सीख लेकर कई नई व्यवस्थाएं की है। जिसमें सबसे पहले ऑफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था को सुधारा गया है। इसके अलावा चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए तमाम सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए हैं। बीते वर्ष 36 दिन की रुकावट के बावजूद 46 लाख श्रद्धालुओं ने चार धाम यात्रा के दर्शन किए थे। इस बार पिछले साल की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का रिकॉर्ड टूटेगा। चार धाम यात्रा की सड़कों को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दुरुस्त किया गया है। कहा कि कम समय में श्रद्धालु चार धाम यात्रा पहुंचेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गौरीकुंड से केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे की जो योजना पास की है। जब वह धरातल पर उतरेगी तो चारों धाम के साथ हेमकुंड की यात्रा पर जाना और ज्यादा सुविधाजनक होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चार धाम यात्रा को सिंगल यूज प्लास्टिक के लिए प्रतिबंधित किया गया है। इसलिए श्रद्धालु इसका ख्याल रखें। मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से देवभूमि को कचरा मुक्त रखने की अपील की है।

केदारनाथ धाम हेली सेवा, 7 मई से खुल रहीं जून यात्रा की बुकिंग

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*केवल अधिकृत वेबसाइट से ही बुक कीं हेली*

केदारनाथ धाम की पवित्र यात्रा में सम्मिलित होने की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक महत्त्वपूर्ण सूचना सामने आई है। इस वर्ष की यात्रा के पहले माह — अर्थात 2 मई से 31 मई 2025 तक — की सभी हेली सेवा टिकटें पूर्ण रूप से बुक हो चुकी हैं। श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या और आस्था को देखते हुए यह स्पष्ट है कि हेली सेवा को लेकर इस बार भी अपार उत्साह देखने को मिला है। 1 जून से 30 जून 2025 तक के लिए हेली टिकट बुकिंग 7 मई 2025 से आरंभ होगी। इच्छुक श्रद्धालु इस तिथि से हेली सेवा के लिए अग्रिम बुकिंग कर सकेंगे।
प्रशासन द्वारा यह दोहराया गया है कि हेली सेवा टिकट बुकिंग का एकमात्र अधिकृत माध्यम भारतीय रेलवे कैटरिंग एवं पर्यटन निगम (IRCTC) की आधिकारिक वेबसाइट https://www.heliyatra.irctc.co.in है।प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी अन्य वेबसाइट, सोशल मीडिया पेज (जैसे फेसबुक या इंस्टाग्राम), या व्हाट्सएप चैटिंग लिंक के माध्यम से की जाने वाली बुकिंग न केवल अमान्य है, बल्कि ऐसे प्रयासों से साइबर ठगी की संभावनाएं अत्यधिक बढ़ जाती हैं।
पुलिस विभाग की ओर से श्रद्धालुओं को आगाह किया गया है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें और किसी भी अन्य माध्यम से टिकट खरीदने से बचें। यदि कोई व्यक्ति किसी फर्जी लिंक या अनाधिकृत एजेंट के चक्कर में पड़ता है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जिसमें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ यात्रा से वंचित रह जाने की स्थिति भी बन सकती है।

*हेली टिकट नहीं मिली तो भी न हों निराश*

ऐसे श्रद्धालु जिनकी हेली टिकट अभी तक बुक नहीं हो पाई है, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए अब भी अन्य पारंपरिक और सुगम विकल्प उपलब्ध हैं। श्रद्धालु पैदल मार्ग, घोड़े-खच्चर, पालकी अथवा डंडी-कंडी के माध्यम से भी यात्रा कर सकते हैं। ये सभी सेवाएं स्थानीय प्रशासन की देखरेख में व्यवस्थित रूप से संचालित की जा रही हैं।

*प्रशासन ने की व्यवस्थाओं की समीक्षा*

गौरतलब है कि यात्रा से पूर्व प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, ठहराव और मार्गदर्शन से जुड़ी व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

*श्रद्धालुओं से अपील*

यात्रा में सम्मिलित होने जा रहे सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं, अधिकृत पोर्टल से ही बुकिंग करें, और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन अवश्य करें।

 

विधि- विधान से तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी के कपाट खुले।

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विधि- विधान से तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी के कपाट खुले*

• पांच सौ से अधिक श्रद्धालु कपाट खुलने के अवसर पर मौजूद रहे।

तुंगनाथ/ उखीमठ/रूद्रप्रयाग: 2 मई पंचकेदारों में प्रतिष्ठित तृतीय केदार श्री तुंगनाथ के कपाट आज शुक्रवार 2 मई को पूर्वाह्न 10 . 15 ( सवा दस) बजे खुल गये है। प्रसिद्ध कथावाचक व्यास आचार्य लंबोदर मैठाणी,श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी )प्रबंधक बलबीर नेगी की उपस्थिति में आचार्य पुजारी विजय भारत मैठाणी तथा अन्य पुजारी गणों ने कपाट खोलने की प्रक्रिया पूरी की।
श्री तुंगनाथ जी के स्य़भू शिवलिंग को समाधि रूप से श्रृंगार रूप दिया इस अवसर पर पांच से अधिक लोगों ने बाबा तुंगनाथ जी के दर्शन किये। इस अवसर पर श्री तुंगनाथ मंदिर को फूलों से सजाया गया था।

श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट खुलने पर सभी श्रद्धालुओं को बधाई दी है।

प्रेस विज्ञप्ति में बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि बृहस्पतिवार 1 मई को तुंगनाथ जी की चल विग्रह डोली भूतनाथ मंदिर से चोपता प्रवास हेतु पहुंची
शुक्रवार 2 मई सुबह भगवान तुंगनाथ जी की चल विग्रह डोली चोपता से श्री तुंगनाथ पहुंची तथा आज 2 मई को पूर्वाह्न 10.15 सवा दस बजे श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दर्शनार्थ खुल गये।

श्री तुंगनाथ जी के कपाट खुलने के अवसर पर अवसर पर आचार्य लंबोदर मैठाणी, मक्कूमठ में मठापति रामप्रसाद मैठाणी, पूर्व मंदिर अधिकारी भूपेंद्र मैठाणी, मंदिर समिति प्रबंधक बलबीर नेगी,ग्राम प्रधान विजय पाल, क्षेत्र समिति सदस्य जयबीर नेगी,पुजारी रविंद्र मैठाणी सहित चंद्र मोहन मैठाणी,मुकेश मैठाणी,विनोद मैठाणी, अतुल मैठाणी, अजय मैठाणी सहित चंद्र मोहन बजवाल, आलोक एवं बड़ी संख्या में हकहकूकधारी तथा श्रद्धालु मौजूद रहे।

मंत्र उच्चारण के बीच विधि-विधान से खुले ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट।

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*मंत्र उच्चारण के बीच विधि-विधान से खुले ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट।*

*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी भी बने कपाट खुलने के साक्षी।*

*सबसे पहली पूजा प्रधानमंत्री के नाम हुई सम्पन्न।*

*हर हर महादेव के उदघोष से प्रफुल्लित हुई बाबा केदार की नगरी।*

*आस्था, विश्वास और सनातन संस्कृति की विराटता का अदभुत संगम है बाबा केदारनाथ का धाम : मुख्यमंत्री।*

*कपाट खुलने पर हेली से हुई पुष्प वर्षा।*

रुद्रप्रयाग स्थित विश्वप्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट शुक्रवार को विधि-विधान से खुल गए हैं। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी भी कपाट खुलने के साक्षी बने। मुख्यमंत्री ने कपाट खुलने पर केदारनाथ धाम में पूजा अर्चना कर प्रदेश में सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। केदारनाथ धाम में सबसे पहली पूजा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नाम सम्पन्न हुई। मंत्र उच्चारण, हर हर महादेव के उदघोष एवं सेना के ग्रेनेडियर रेजीमेंट के बैंड की भक्तिमय धुनों के बीच बाबा केदार के कपाट सुबह 7 बजे खुले।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट खुलने पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा राज्य के साथ ही संपूर्ण देश को इस पल की प्रतीक्षा रहती है। केदारनाथ धाम सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र होने के साथ ही भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। हमारे राज्य के लिए यह उत्सव का समय है। मुख्यमंत्री ने बाबा केदार से सभी यात्रियों के मंगलमयी यात्रा की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा केदार के धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। बाबा केदार के आशीर्वाद से इस वर्ष भी चारधाम यात्रा नया कीर्तिमान बनायेगी। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने चार धाम यात्रा के सुव्यस्थित और सफल संचालन के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा सुरक्षा और सुगमता के लिए सरकार ने सभी आवश्यक प्रबंध किए हैं। उन्होंने कहा हम सभी उत्तराखंडवासियों का कर्तव्य है कि हम देश और दुनिया से आने वाले अतिथियों का स्वागत आत्मीयता और सेवा भाव से करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी बाबा केदारनाथ के अनन्य भक्त हैं। 2013 आपदा के बाद प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केदार नगरी के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू हुआ। उन्हीं के मार्गदर्शन में आज केदारनाथ परिसर का दिव्य और भव्य निर्माण कार्य हुआ है। प्रधानमंत्री ने केदारनाथ की इसी भूमि से 21वी सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बताया था। उनके शब्दों को सच करने के लिए राज्य सरकार निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है।

 

*108 क्विंटल से ज्यादा फूलों से सजाया गया बाबा केदार का धाम।*

कपाट उद्घाटन के लिए केदारनाथ मंदिर की भव्य सजावट की गई। मंदिर को 108 क्विंटल से अधिक फूलोंं से सजाया गया है। भव्य सजावट के बीच कपाट खुलते ही हेली से पुष्प वर्षा भी की गई, जिसे देख श्रद्धालु अभिभूत नज़र आए।

*धार्मिक परम्परा अनुसार कपाट खुलते ही हुई विशेष पूजा अर्चना।*

भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली शीतकाल गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से होते हुए गुप्तकाशी, फाटा, गौरीकुंड जैसे विभिन्न पड़ावों से श्री केदारनाथ धाम पहुंची। कपाट खुलने की प्रक्रिया सुबह पांच बजे से शुरू हुई यद्यपि। 6 बजे श्री केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी बागेश लिंग, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती, धर्माचार्यों वेदपाठीगणों भैरव नाथ के अरविंद शुक्ला ने पूरब द्वार से मंदिर में प्रवेश किया तथा मंदिर के गर्भगृह के द्वार की पूजा-अर्चना में शामिल हुए। देवी देवताओं का आव्हान कर जन कल्याण की कामना तथा संकल्प के साथ ही ठीक प्रातः सात बजे श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दर्शनार्थ खोल दिये गये। इसी समय मंदिर का मुख्य दक्षिण द्वार भी खुल गया।

कपाट खुलने के अवसर पर श्रीमती गीता धामी, जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, मुख्य कार्याधिकारी बीकेटीसी विजय प्रसाद थपलियाल, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, मंदिर समिति प्रभारी अधिकारी/सहायक अभियंता गिरीश देवली, केदारसभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी धर्माधिकारी औंकार शुक्ला वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, पुजारी बागेश लिंग,वेदपाठी स्वयंबर सेमवाल, यशोधर मैठाणी, विश्व मोहन जमलोकी , देवानंद गैरोला,विपिन तिवारी कुलदीप धर्म्वाण, प्रकाश पुरोहित,उमेश शुक्ला सहित बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहितगण, हकहकूकधारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।