जखोली विकासखंड में ग्राम पंचायत लौंगा के अंतर्गत सतनीखील में विधायक निधि ₹ 4 लाख की लागत से
निर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण कर जनता कर स्थानीय जनता को सुपुर्द किया। क्षेत्र भ्रमण के दौरान स्थानीय महिलाओं द्वारा गांव में सार्वजनिक कार्यों के एवं सामग्री रखने के लिए विधायक भरत सिंह चौधरी से समुदायक भवन की निर्माण की मांग की थी। विधायक भरत सिंह चौधरी द्वारा ₹4 लाख की लागत विधायक निधि स्वीकृत की एवं महिला मंगलदल की महिलाओं द्वारा स्वयं कार्य कर समुदायक भवन का निर्माण किया। लोकार्पण के अवसर पर महिलाओं द्वारा विधायक भरत सिंह चौधरी का फूल-मालाओं के साथ स्वागत करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। वही कार्यक्रम में उपस्थित विधायक भरत सिंह चौधरी ने भवन के निर्माण के लिए उन्होंने महिला मंगलदल को बधाई देते हुये कहा कि सभी महिलाओं ने स्वयं कार्य कर इसका निर्माण किया है। जो कि एक अच्छी पहल है। उन्होंने कहा आगे भी गांव के जनहित के कार्य होंगे उनको पूरा किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याण कारी योजनाओं की जानकारी से उनको अवगत कराया। इस अवसर पर भाजपा मंडल महामंत्री भगवान सिंह रावत, श्री भूपेंद्र भण्डारी, शांति देवी, सुनीता देवी, दिनेश्वरी देवी, ममता देवी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
विधायक भरत चौधरी ने किया विधायक निधि से निर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण।
*2 मई को खुलेंगे बाबा केदारनाथ के कपाट, 108 क्विंटल फूलों से सजाया गया मंदिर परिसर।
केदारनाथ।विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बाबा केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को विधि-विधान से खोले जाएंगे। इस अवसर पर देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए केदारघाटी पहुंचने लगे हैं। मंदिर परिसर और आस-पास के क्षेत्रों में भक्तों की चहल-पहल देखते ही बन रही है। चार धाम यात्रा के प्रमुख केंद्र केदारनाथ धाम में कपाटोद्घाटन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
इस बार केदारनाथ मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है। ऋषिकेश, गुजरात से आई पुष्प समिति द्वारा मंदिर को 108 क्विंटल फूलों से भव्य रूप में सजाया गया है। मंदिर की इस आकर्षक सजावट को देखने के लिए भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुँच रहे हैं। रंग-बिरंगे फूलों की सुगंध और भव्यता मंदिर को और भी दिव्य आभा प्रदान कर रही है।जिला प्रशासन ने कपाट खोलने के अवसर पर हर प्रकार की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात और स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंदिर परिसर में पुलिस बल, आपदा राहत टीमें और मेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है।
बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। देश के कोने-कोने से लोग यहाँ पहुँचे हैं और बाबा के जयकारों से सम्पूर्ण क्षेत्र गूंज रहा है। स्थानीय व्यापारियों और तीर्थ पुरोहितों में भी उत्साह का माहौल है, क्योंकि यह समय आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।इसी के साथ आज सायं बाबा केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली भी केदारनाथ मंदिर पहुँच जाएगी। डोली के स्वागत के लिए मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया है और भक्ति संगीत के साथ समारोह आयोजित किया जाएगा। डोली के पहुँचने के साथ ही केदारनाथ धाम में आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्तिभाव चरम पर पहुंच जाएगा।
बाबा केदारनाथ के कपाटोद्घाटन के साथ ही आधिकारिक रूप से चार धाम यात्रा की शुरुआत हो जाएगी और आने वाले महीनों में लाखों श्रद्धालु केदारनाथ धाम की यात्रा करेंगे।
रुद्रप्रयाग विधायक भरत चौधरी ने किया नेशनल हाइवे 107 रुद्रप्रयाग-गुप्तकाशी का स्थलीय निरीक्षण।
रुद्रप्रयाग।।2 मई से शुरू हो रही बाबा केदार की ग्रीष्मकालीन यात्रा को देखते हुये रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी नेशनल हाईवे 107 रुद्रप्रयाग-गुप्तकाशी का स्थलीय निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिन-जिन स्थानो पर डामरीकरण का कार्य शेष रह गया है उनको यथाशीघ्र पूरा करें। इसके साथ ही उन्होंने यात्रा के मुख्य पड़ावों पर भी यात्रियों के लिये शौचालय, पीने के पानी की समुचित व्यवस्था करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि बाबा केदार के प्रति श्रद्धालुओं में अटूट श्रद्धा है, जिससे इस बार यात्रा में और वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष की यात्रा सरल और सुगम हो यात्रियों को किसी भी प्रकार की कोई असुविधा न हो इसके लिए सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि यात्रा व्यवस्थाओ में कोई भी कोतवाई न बरतें। स्थानीय लोगों को भी यात्रा का ज्यादा से ज्यादा लाभ मिले। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री भारत भूषण भट्ट, पूर्व जिलाध्यक्ष विजय कपरवान, भूपेंद्र भण्डारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
केदारनाथ धाम की पवित्र यात्रा 2 मई से प्रारंभ*, *तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन सतर्क*,*जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने की प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा
मार्गों पर GPS एवं पर्यटन मित्रों की तैनाती*
*प्रत्येक घोड़े-खच्चर के लिए अनिवार्य हॉकर*
*टोकन व्यवस्था से मंदिर दर्शन की समयसीमा को घटाया जाएगा*
*यात्रियों की भारी संख्या की स्थिति में डाइवर्जन प्लान तैयार*
केदारनाथ धाम की पवित्र यात्रा 2 मई से प्रारंभ होने जा रही है। यात्रा को सुचारु एवं सुरक्षित रूप से संपन्न कराने हेतु जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने आज जिला सभागार कक्ष में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की और यात्रा तैयारियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए।
*प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा*
बैठक में जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने कहा कि पैदल यात्रा मार्ग पर रात्रि के समय समुचित रोशनी की व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही, ठंड से बचाव के लिए स्थान-स्थान पर अलाव एवं गर्म पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यात्रा के सभी पड़ावों पर साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की जाए।
*यात्रा मार्ग पर GPS और टूरिज्म मित्रों की तैनाती*
जिलाधिकारी ने आरटीओ विभाग को निर्देशित किया कि सभी सेक्टर मजिस्ट्रेटों के वाहनों में जल्द से जल्द जीपीएस लगाए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त, यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थलों पर “पर्यटन मित्रों” की तैनाती की जाए जो न केवल श्रद्धालुओं की सहायता करें, बल्कि सफाई व्यवस्था में भी सहयोग करें।
*घोड़े-खच्चरों की निगरानी के लिए हॉकर्स की तैनाती अनिवार्य*
जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने पशुपालन विभाग को निर्देश दिए कि प्रत्येक घोड़े-खच्चर के साथ अनिवार्य रूप से ‘हॉकर्स’ (देखरेख करने वाले कर्मचारी) की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि पशुओं की स्वास्थ्य और सुरक्षा पर लगातार निगरानी रखी जा सके।
*भीड़ नियंत्रण के लिए डाइवर्जन प्लान और टोकन सिस्टम*
बैठक में एसपी अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने जानकारी दी कि संगम ब्रिज के समीप टोकन काउंटर लगाए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन में सुगमता हो। उन्होंने बताया कि पूर्व वर्षों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण मंदिर में दर्शन के लिए 3 से 4 घंटे तक लग जाते थे, लेकिन इस बार दर्शन हेतु अधिकतम 1 घंटे की समयावधि सुनिश्चित की गई है। भीड़ नियंत्रण के लिए एक सुस्पष्ट डाइवर्जन प्लान भी तैयार किया गया है।
*स्वच्छता व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम*
स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए पैदल यात्रा मार्ग पर हर 50 मीटर की दूरी पर एक पर्यावरण मित्र की तैनाती की जा रही है। यानी औसतन हर किलोमीटर पर 20 पर्यावरण मित्र सेवा में लगाए जाएंगे। स्वच्छता व्यवस्था में सक्रिय ‘रिसाइकल संस्था’ के साथ मिलकर इस वर्ष भी कूड़े के निस्तारण की प्रभावी योजना तैयार की गई है। इसके लिए एक विशेष कॉम्पैक्टर भी जल्द ही केदारपुरी पहुंचने वाला है।
*ग्राम सभाओं को भी किया जा रहा है शामिल*
डीपीआरओ प्रेम सिंह रावत ने बताया कि यात्रा मार्ग पर स्थित ग्राम सभाओं को स्वच्छता अभियान से जोड़ने के लिए उन्हें विशेष बजट आवंटित किया गया है, जिससे सड़क किनारे की झाड़ियां, प्लास्टिक कचरा और अन्य अपशिष्टों की सफाई की जा सकेगी।
*सुलभ इंटरनेशनल ने बढ़ाई कर्मचारी संख्या*
जिला प्रशासन के निर्देश पर सुलभ इंटरनेशनल ने केदारनाथ पैदल मार्ग और मंदिर परिसर में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ा दी है। सुलभ इंटरनेशनल के क्षेत्रीय प्रबंधक धनंजय पाठक ने बताया कि इस वर्ष लगभग 550 पर्यावरण मित्र स्वच्छता कार्यों में जुटे रहेंगे, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 50 अधिक हैं। इसके अतिरिक्त, धाम में 50 नए शौचालय भी लगभग तैयार हो चुके हैं, जिनका उपयोग मई महीने के अंत तक प्रारंभ कर दिया जाएगा।
*यात्रा संचालन को लेकर प्रशासन पूरी तरह तत्पर*
प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि इस बार यात्रा को बेहतर ढंग से संचालित करने हेतु हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
कांग्रेस की संविधान बचाओ यात्रा एक ढ़ोंग है। आपातकाल लगाकर संविधान की हत्या करने वाली कांग्रेस आज इसकी रक्षा के लिए यात्रा निकाल रही है। भरत चौधरी
मुख्यालय रुद्रप्रयाग में रुद्रप्रयाग विधायक श्री भरत सिंह चौधरी जी ने प्रेस वार्ता के माध्यम से कांग्रेस द्वारा निकाली जा रही संविधान बचाओ यात्रा पर कटाक्ष करते हुए कहा की संविधान बचाओ यात्रा एक ढ़ोंग है। आपातकाल लगाकर संविधान की हत्या करने वाली कांग्रेस आज इसकी रक्षा के लिए यात्रा निकाल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में कई बार संविधान को ताक पर रखकर देश का शासन चलाने के प्रयास किए गए 1975 में जयप्रकाश नारायण के आंदोलन के दौरान जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंदिरा गांधी को चुनाव को गलत बताते हुए उसे रद्द कर दिया था तो इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 को देश पर इमरजेंसी लगाकर 22 जुलाई 1975 को संविधान का 38 वां संशोधन करके आपातकाल पर न्यायिक समीक्षा का रास्ता भी बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासन के दौरान भारत के संविधान में तरह-तरह से संविधान में बदलाव का प्रस्ताव लाया गया था। जिसमें इंदिरा गांधी ताउम्र प्रधानमंत्री बने और न्यायपालिका को सरकार की नीतियों के साथ चलने का प्रस्ताव लाया गया था। भाजपा सहित कई पार्टियों के विरोध के बाद भी संविधान में 42 में संशोधन के दौरान संविधान की प्रस्तावना में समाजवादी धर्मनिरपेक्षता जैसे शब्दों को जोड़ा गया ।उन्होंने कहा कि हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। देश में 26 नवंबर 1949 को संविधान अपनाया गया और यह 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।मोदी सरकार आने के बाद 2015 में नागरिकों के बीच संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया गया। 2015 में जब संविधान दिवस मनाने की आधिकारिक शुरुआत की गई तब भी कांग्रेस ने इसका विरोध किया। इससे पहले बाबा साहब की 125 में जयंती का भी कांग्रेस ने विरोध किया। उन्होंने कहा 1949 में कांग्रेस सरकार ने धारा 370 को सविधान में शामिल कर जम्मू कश्मीर को मुख्य धारा से अलग कर दिया था। और देश को दो निशान दो प्रधान और दो संविधान प्रदान किया। वहीं 1951 में अनुच्छेद 19 के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को खत्म किया और मीडिया को आजादी और राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाया ।उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को इंदिरा गांधी की चुनाव को निष्क्रिय घोषित किए जाने के बाद 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लगाया गया।उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता कांग्रेस शांसन काल में हुए अनगिनत भ्रष्टाचार पर हुई कार्यवाही के लिए अपने कुकृत्य को छुपाने के लिए संवैधानिक संस्थानों पर सवाल खड़े करती हैं। कांग्रेस हमेशा अपनी हार का ठीकरा ईवीएम एवं चुनाव आयोग पर थोपती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू कश्मीर में धारा 370 हटाकर देश को एक निशान, एक प्रधान, एक संविधान प्रदान कर जम्मू कश्मीर को देश की मुख्य धारा से जोड़ा। कांग्रेस सिर्फ सविंधान बचाने के नाम पर सिर्फ ढोंग रचती है। संविधान को बार-बार बदलने का कार्य कांग्रेस के शासन में हुआ है। इस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला अध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, पूर्व जिला अध्यक्ष विजय कप्रवाण ,जिला मीडिया प्रभारी सतेन्द्र बर्त्वाल, मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र रावत, विकास डिमरी आदि मौजूद रहे।
भगवान श्री केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली ने ऊखीमठ से केदारनाथ धाम के लिए किया प्रस्थान।
*भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली ने ऊखीमठ से किया प्रस्थान।*
*2 मई को खुलेंगे बाबा केदारनाथ के कपाट।
उखीमठ ।।श्री केदारनाथ भगवान की पंचमुखी चल-विग्रह डोली आज ऊखीमठ स्थित श्री ओंकारेश्वर मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना और सेना के बैंड की भक्तिमय धुनों के बीच श्रद्धापूर्वक प्रस्थान कर गई। डोली प्रस्थान के अवसर पर ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा और चारों ओर ‘‘जय केदारनाथ‘‘ के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा।
डोली आज अपने प्रथम पड़ाव, श्री विश्वनाथ मंदिर, गुप्तकाशी पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। तत्पश्चात 29 अप्रैल को प्रातः डोली गुप्तकाशी से प्रस्थान कर फाटा पहुंचेगी और वहां रात्रि विश्राम होगा। 30 अप्रैल को फाटा से आगे बढ़कर डोली श्री गौरामाई मंदिर, गौरीकुंड पहुंचेगी और वहीं विश्राम करेगी। 1 मई को डोली गौरीकुंड से प्रस्थान कर अपराह्न में श्री केदारनाथ धाम स्थित मंदिर भंडार पहुंचेगी।
2 मई को प्रातः 7ः00 बजे, वैदिक मंत्रोच्चार और विधि विधान के साथ श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु विधि पूर्वक खोले जाएंगे। इस अवसर पर श्री केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग, मुख्य पुजारी बागेश्वर लिंग, वरिष्ठ पुजारी शिवशंकर लिंग सहित बीकेटीसी के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या श्रद्धालू मौजूद रहे।
काकड़ागाड़ में शराब की दुकान पर अपर जिलाधिकारी का छापा, कई अनियमितताएं उजागर, कार्रवाई के निर्देश।
काकड़ागाड़ में शराब की दुकान पर आज अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा द्वारा क्षेत्र की शराब दुकानों के औचक निरीक्षण के तहत काकड़ागाड़ स्थित शराब की दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दुकान में कई अनियमितताएं पाई गईं, जिससे शासन के निर्धारित मानकों का उल्लंघन स्पष्ट रूप से सामने आया। निरीक्षण के समय दुकान परिसर में ग्राहकों के लिए अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाने वाली रेट लिस्ट नहीं लगी हुई थी। इसके अलावा, ग्राहकों को बिल देने के लिए आवश्यक प्रिंट रसीद मशीन भी खराब अवस्था में पाई गई।
मौके पर अनियमितताएं पाए जाने पर अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा ने नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल संबंधित आबकारी अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शराब की दुकानों में पारदर्शिता और उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए तय नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
आगामी चारधाम यात्रा को लेकर सरकार की तैयारी,मूलभूत सुविधाओं पर दिया जा रहा है जोर।
देहरादून-आगामी 30 अप्रैल को चारधाम यात्रा शुरू होने जा रही है, जिसको लेकर सरकार तैयारी में जुटी है। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने बताया कि 30 अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू होने जा रही है और चारधाम यात्रा में किसी भी तरह की कोई दिक्कत ना हो इसको देखते हुए लगातार बैठकें की जा रही है। गढ़वाल कमिश्नर ने बताया कि पिछली चारधाम यात्रा संपन्न होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत बैठक की थी और यह देखा गया कि यात्रा में किस प्रकार की कमियां रही हैं, जिन्हें आगामी यात्रा में दूर किया जा सके।
गढ़वाल कमिश्नर ने बताया कि इस बार यात्रा में हमने मूलभूत सुविधाओं पर जोर दिया है, जिसमें रोड कनेक्टिविटी पर खास ध्यान दिया गया है। इसमें चारों धामों को जाने वाले मार्गों को ठीक कर लिया गया है, कुछ मार्गों पर काम चल रहा है जिसे आगामी 29 अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही लोगों के ठहरने, पीने के पानी और शौचालय की व्यवस्था को भी सुनिश्चित कर लिया गया है। यात्रा मार्ग पर लैंडस्लाइड जैसी स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान पर रोकने के लिए चारों धामों के मार्गों पर खाने की व्यवस्था, रहने की व्यवस्था, शौचालय की व्यवस्था हो ऐसे स्थान को भी चिन्हित कर लिया गया है। गढ़वाल कमिश्नर ने कहा कि पहलगाम की घटना को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से भी पर्याप्त पुलिस बल को लगाया गया है, जिसमें दस कंपनी सेंट्रल पैरा मिलिट्री फोर्सेस की है। साथ ही ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग की सुविधा को भी बढ़ाया गया है। हरिद्वार और ऋषिकेश में ऑफलाइन काउंटर की संख्या बढ़ाई गई है और इस बार लोगों की यात्रा सरल हो, सुखद हो और उत्तराखंड से सभी यात्री एक अच्छा अनुभव लेकर लोग जाएं इसको लेकर हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
संस्कृत महाविद्यालय रुद्रप्रयाग में विधायक भरत सिंह चौधरी ने किया कॉमन हाल का लोकार्पण।
रुद्रप्रयाग।।रुद्रप्रयाग संगम तट पर स्थित संस्कृत महाविद्यालय रुद्रप्रयाग में जिला खनन न्यास निधि ₹ 13 लाख की लागत से निर्मित कॉमन हाल का लोकार्पण स्थानीय विधायक श्री भरत सिंह चौधरी के द्वारा किया गया। पूर्व में महाविद्यालय की और से विधायक भरत सिंह चौधरी से महाविद्यालय में छात्रों के लिए एक कॉमन हाल की मांग की गई थी। जिसके लिए विधायक भरत सिंह चौधरी द्वारा जिला खनन न्यास निधि से धन उपलब्ध कराया गया एव ग्रामीण निर्माण विभाग के माध्यम से महाविद्यालय में कॉमन हाल का निर्माण करवाया गया।
कॉमन हाल का निर्माण पूर्ण होने पर उसका लोकार्पण कर महाविद्यालय को सुपुर्द किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रधानाचार्य श्री शशि भूषण बमोला द्वारा विधायक भरत सिंह चौधरी एव सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। एव महाविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट से सभी को अवगत कराया। साथ ही विधायक भरत सिंह चौधरी से महाविद्यालय में फर्नीचर, एवं खेल सामग्री उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। वही कार्यक्रम में उपस्थित विधायक भरत सिंह चौधरी ने कहा कि महाविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों अच्छी सुविधाएं मिले इसके लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। उन्होंने कहा कि आज इस भाषा को संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता है। इस महाविद्यालय में शिक्षा से ले रहे सभी छात्रों को अच्छी शिक्षा ग्रहण करने के साथ ही संस्कृत का प्रचार- प्रसार करना चाइये। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के अन्य देशों में तेजी से संस्कृत भाषा प्रभाव बढ़ रहा। अगर इस क्षेत्र में सही से अध्ययन किया जाय तो इससे रोजगार के अवसर भी हमारे युवाओं को मिल सकता हैं।हमारा देश और प्रदेश संस्कृत के क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने के बड़े केंद्र बन सकते है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में जो फर्नीचर की कमी है उसको पूरा किया जाएगा। और ई-लर्निंग तकनीक से भी आने वाले समय में संस्कृत महाविद्यालय को जोड़ा जाएगा। जिससे यहाँ शिक्षा लेने वाला हर बच्चा संस्कृत के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों को जान से और सीख सकें। इसके साथ ही महाविद्यालय में बोर्ड परीक्षाओं में मेरिट सूची में स्थान पाने वाले छात्रों को विधायक भरत सिंह चौधरी द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कोटेश्वर महंत शिवानंद गिरी महाराज, रुद्रनाथ मंदिर के महंत धर्मानंद गिरी महाराज, सभासद सुरेंद्र रावत, प्रबंधक श्री ओम प्रकाश भट्ट, राहुल मेवाल सहित अन्य उपस्थित रहे।
सूचना प्रसारण मंत्रालय ने भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच सरकार ने मीडिया चैनलों के लिए जारी की विशेष एडवाइजरी।
नई दिल्ली-।।जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनज़र केंद्र सरकार सतर्क हो गई है। इस स्थिति को देखते हुए केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सभी टेलीविज़न चैनलों और मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी सूचनाओं का प्रसारण करते समय सावधानी बरती जाए, विशेषकर उन मामलों में जो सुरक्षा बलों की रणनीति और ऑपरेशन्स से संबंधित हों।

यह एडवाइजरी राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों का सीधा प्रसारण न करें। मंत्रालय ने कहा है, ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में, रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों का सीधा प्रसारण न करें।’
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने कश्मीर के पहलगाम हमले के बीच यह एडवाइडजारी जारी की है। 26 अप्रैल, 2025 को जारी बयान में मंत्रालय ने कहा है कि हालात को देखते हुए देशहित में मीडिया चैनल लाइव कवरेज करते हुए सावधानी बरतें। एडवाइजरी में 8 निर्देश दिए गए हैं।
मंत्रालय ने कहा कि रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों के लाइव कवरेज से बचने के लिए सभी मीडिया चैनलों को एडवाइजरी जारी की गई है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में, सभी मीडिया प्लेटफॉर्म्स, समाचार एजेंसियों और सोशल मीडिया यूजर्स को सलाह दी जाती है कि वे अत्यंत जिम्मेदारी के साथ काम करें और रक्षा व अन्य सुरक्षा से संबंधित अभियानों की रिपोर्टिंग करते समय मौजूदा कानूनों और नियमों का सख्ती से पालन करें।
विशेष रूप से: रक्षा अभियानों या बलों की गतिविधियों से संबंधित किसी भी प्रकार का रियल-टाइम कवरेज, लाइव प्रसारण, या ‘सूत्रों पर आधारित’ जानकारी का प्रकाशन नहीं किया जाना चाहिए। संवेदनशील जानकारी का समय से पहले खुलासा करने से शत्रुतापूर्ण तत्वों को मदद मिल सकती है और इससे अभियानों की प्रभावशीलता और सुरक्षा बलों के कर्मियों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
पिछले घटनाक्रमों ने जिम्मेदार रिपोर्टिंग के महत्व को रेखांकित किया है। कारगिल युद्ध, मुंबई आतंकवादी हमले (26/11), और कंधार अपहरण जैसी घटनाओं के दौरान, अनियंत्रित कवरेज का राष्ट्रीय हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा था।
मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और पर्सनल यूजर राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कानूनी दायित्वों के अलावा, यह हमारी सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी भी है कि हम अपनी कार्रवाइयों से जारी अभियानों या सुरक्षा बलों की सुरक्षा से समझौता न करें।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय पहले ही सभी टीवी चैनलों को केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2021 के नियम 6(1)(p) का पालन करने की सलाह दे चुका है। नियम 6(1)(p) कहता है कि, कोई भी कार्यक्रम केबल सेवा में प्रसारित नहीं किया जाएगा जिसमें किसी भी सुरक्षा बल द्वारा किए जा रहे किसी भी आतंकवाद विरोधी अभियान का लाइव कवरेज शामिल हो, जहां मीडिया कवरेज को केवल सरकार द्वारा नामित अधिकारी द्वारा समय-समय पर ब्रीफिंग तक सीमित रखा जाएगा, जब तक कि ऐसा अभियान समाप्त नहीं हो जाता।
ऐसा प्रसारण केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2021 का उल्लंघन है और इसके तहत कार्रवाई के लिए उत्तरदायी है। इसलिए, सभी टीवी चैनलों को सलाह दी जाती है कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में किसी भी आतंकवाद विरोधी अभियान और सुरक्षा बलों की गतिविधियों का लाइव कवरेज न करें।
मीडिया कवरेज को सरकार द्वारा नामित अधिकारी द्वारा समय-समय पर की गई ब्रीफिंग तक सीमित किया जा सकता है, जब तक कि अभियान समाप्त न हो जाए।
सभी हितधारकों से अनुरोध है कि वे सतर्कता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ रिपोर्टिंग जारी रखें, और राष्ट्र की सेवा में उच्चतम मानकों को बनाए रखें। यह आदेश मंत्रालय के सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से जारी किया गया है।
















