थराली(चमोली)- चमोली ज़िले में थराली तहसील के अंतर्गत करूंडपानी गांव में एक घर के अंदर शॉर्ट सर्किट होने के कारण घर पर आग लगने से दादी और पोते की घर के अंदर जलकर मौत हो गई।घटना के बाद गांव में शोक का माहौल हैं।मौके पर प्रशासन की टीम ने शवों का पंचायतनामा करने के पश्चात पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया हैं।मौके पर प्रशासन की टीम और विद्युत विभाग के अधिकारियों के द्वारा घटना की जांच की जा रही हैं।
थराली के थानाध्यक्ष पंकज कुमार ने बताया कि थाने को देर रात करीब साढ़े 3 बजे सूचना मिली कि मध्यरात्रि 1:00 बजे करीब ग्वालादम के पास करूंडपानी गांव में एक घर पर आग लग गई हैं।जिसके बाद मौके पर पुलिस की टीम को भेजा गया,घटना में हरमा देवी 80 दादी और अंकित 10 साल पोते की मौत हुई हैं।बताया कि घटना के वक्त घर में कुल पाँच सदस्य थे,मृतका अपने पोते के साथ उस कमरे में सोई थी जिसमे आग लगने की घटना हुई,जब आग फैलने के बाद परिवार के अन्य सदस्यों का भी घुटने लगा तो वह कमरे से बाहर की तरफ़ भागे,जिससे अन्य तीन सदस्यों की जान बच पाई।
चमोली से दुःखद समाचार :- थराली के करूंडपानी में शार्ट सर्किट होने के बाद आग लगने से घर के अंदर दादी और पोते की जलकर मौत।
प्रधानमंत्री ने मुखवा से दिया शीतकालीन यात्रा का जोरदार संदेश।
*प्रधानमंत्री ने की ‘घाम तापो’ के तौर पर की उत्तराखंड विंटर टूरिज्म की ब्रांडिंग*
*कॉरपोरेट जगत, फिल्म इंडस्ट्री, योग साधक, युवा लें विंटर टूरिज्म का अनुभव*
*उत्तराखंड के लिए बारामासी पर्यटन गतिविधियां बेहद जरूरी, हर सीजन में पयर्टन रहे ऑन*
एक दिवसीय शीतकालीन यात्रा पर उत्तरकाशी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुखवा और हर्षिल से उत्तराखंड में शीतकालीन तीर्थाटन और पयर्टन की जोरदार ब्रांडिंग की है। प्रधानमंत्री ने तीर्थयात्रियों, पर्यटकों से लेकर कॉरपोरेट और फिल्म उद्योग तक को विंटर सीजन में उत्तराखंड आने का निमंत्रण दिया।
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के विंटर टूरिज्म की ब्रांडिंग ‘घाम तापो टूरिज्म’ के तौर पर की है।
गुरुवार को हर्षिल में जनसभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले बीते दिनों माणा में हुए हिमस्खलन में दिवंगत लोगों के प्रति दुख: व्यक्त किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की यह भूमि, आध्यात्मिक ऊर्जा से औत प्रोत है। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड से अपना आत्मीय लगाव, व्यक्त करते हुए कहा कि वो जीवनदायनी मां गंगा के शीतकालीन गद़्दी स्थल पर अपने परिवारजनों के बीच पहुंचकर धन्य महसूस कर रहे हैं। प्रधानमंत्री बोले कि मां गंगा की कृपा से ही उन्हें दशकों तक उत्तराखंड की सेवा का सौभाग्य मिला। मां गंगा के आशीर्वाद से ही वो काशी पहुंच सांसद के रूप में काशी की सेवा कर रहे हैं। इसलिए उन्होंने कहा था कि मां गंगा ने ही उन्हें काशी बुलाया है। प्रधानमंत्री ने दार्शनिक अंदाज में कहा कि उन्हें कुछ महीने पहले अनुभूति हुई कि जैसे मां गंगा ने उन्हें गोद ले लिया है, अब अपने बच्चे के प्रति मां गंगा का दुलार ही है कि वो आज खुद मुखवा गांव पहुंच पाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वो हर्षिल की धरती पर आकर, अपनी दीदी भुलियों को भी याद कर रहे हैं, क्योंकि वो उन्हें हर्षिल की राजमा और अन्य लोकल प्रॉडक्ट भी भेजती रहती हैं।
*बन रहा उत्तराखंड का दशक*
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ साल पहले जब वो बाबा केदार के दर्शन के लिए आए थे तो बाबा के दर्शन के बाद उनके मुंह से अचानक ही भाव प्रकट हुआ कि ये दशक उत्तराखंड का होने जा रहा है। ये भाव भले ही उनके थे, लेकिन इसके पीछे सामर्थ देने की शक्ति बाबा केदार की थी। अब बाबा के आशीर्वाद से ये शब्द धीरे- धीरे सच्चाई में बदल रहे हैं। ये दशक अब उत्तराखंड का बन रहा है। उत्तराखंड की प्रगति के लिए, नए – नए रास्ते खुल रहे हैं, जिन आकांक्षाओं को लेकर उत्तराखंड का जन्म हुआ था, उत्तराखंड नित नए लक्ष्य और संकल्प लेते हुए, उन्हें पूरा कर रहा है।
*शीतकालीन यात्रा पर सीएम की पहल को सराहा*
प्रधानमंत्री ने शीतकालीन तीर्थाटन – पर्यटन पर जोर देते हुए कहा कि इसके माध्यम से उत्तराखंड की आर्थिक सामर्थ को साकार करने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने इस अभिनव पहल के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड के लिए अपने टूरिज्म सेक्टर को बहूआयामी या बारामासी बनाना बहुत जरूरी है। उत्तराखंड में 365 दिन का पर्यटन जरूरी है। वो चाहते हैं कि उत्तराखंड में कोई भी पर्यटन सीजन ऑफ नहीं रहे, बल्कि हर सीजन में टूरिज्म ऑन रहे। प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी पहाड़ों पर मार्च से जून के बीच ही ज्यादातर पर्यटन आते हैं, जबकि इसके बाद पर्यटकों की संख्या बहुत कम हो जाती है। अभी सर्दियों के सीजन में होटल, रिजॉर्ट, होम स्टे खाली पड़े रहते हैं। ये असंतुलन साल के बड़े हिस्से में उत्तराखंड की आर्थिकी को सुस्त कर देता हैं। जबकि सच्चाई यह कि अगर देश- विदेश के लोग, सर्दियों में यहां आए तो उन्हें सच्चे अर्थ में देवभूमि की आभा के दर्शन होंगे। विंटर टूरिज्म में यहां लोगों को ट्रैकिंग, स्कीइंग जैसी एक्टिविटी का रोमांच मिलेगा।
*सर्दियों का सीजन धार्मिक यात्रा के लिए भी अहम*
प्रधानमंत्री ने कहा कि धार्मिक यात्रा के लिए भी उत्तराखंड में सर्दियों का समय बेहद खास होता है। यहां इस समय कई तीर्थ स्थलों पर विशेष अनुष्ठान होते हैं। यहां मुखवा गांव में ही जो अनुष्ठान किया जाता है, वो हमारी प्राचीन परंपरा का हिस्सा है, इसलिए उत्तराखंड सरकार का बारामासी पर्यटन का विजन, लोगों को दिव्य अनुभूति से जोड़ेगा। इससे यहां साल भर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
*डबल इंजन की सरकार मिलकर काम कर रही*
प्रधानमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने के लिए मिलकर काम कर रही है। राज्य में चारधाम, ऑल वेदर रोड आधुनिक एक्सप्रेस वे से लेकर रेलवे और हेली सेवाओं का विस्तार हो रहा है।
एक दिन पहले ही केंद्र सरकार ने केदारनाथ और हेमकुंडसाहिब के लिए रोपवे को मंजूरी प्रदान की है। केदारनाथ रोपवे के जरिए आठ से नौ घंटे की पैदल यात्रा 30 मिनट में पूरी हो जाएगी। इससे बुजुर्ग, महिलाओं ओर बच्चों की यात्रा सुगम हो सकेगी।
*सीमांत गांवों के विकास पर जोर*
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, 2014 से पहले चार धाम यात्रा पर प्रतिवर्ष 18 लाख यात्री ही आते थे, अब हर साल 50 लाख से अधिक यात्री चारधाम यात्रा पर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साल के बजट में 50 टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित किए जा रहे हैं। इसके जरिए सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड के बॉर्डर वाले इलाकों में पर्यटक पहुंचे। उन्होंने कहा कि पहले सीमावर्ती गांवों को आखरी गांव कहा जाता, लेकिन अब उन्हें पहला गांव कहा जा रहा है। इसी क्रम में सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज योजना शुरू की गई है, इसके जरिए नेलांग और जादुंग गांव फिर से बसाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के टिम्मबरसैंण, महादेवसैंण, माणा और जादुंग गांव में पर्यटकों के लिए आधारभूत सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं। जादुंग को 1962 में चीन युद्ध के समय खाली करा दिया गया था, अब 70 साल बाद सरकार इस गांव को फिर से बसा रही है।
*गढ़वाली में ‘घाम तापो पयर्टन’*
प्रधानमंत्री ने देशभर के लोगों खासकर युवाओं से सर्दियों में उत्तराखंड आने का आह्वाहन करते हुए कहा कि सर्दियों में जब देश के बड़े हिस्से में कोहरा होता है, तो पहाड़ों में आप धूप का आनंद ले सकते हैं। गढ़वाली में इसे ‘घाम तापो पयर्टन’ कहते हैं। प्रधानमंत्री ने देश के कॉरपोरेट से उत्तराखंड में विंटर टूरिज्म से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि कॉरपोरेट की मीटिंग, कांफ्रेंस, सेमिनार, एक्जीबिशन के लिए देवभूमि से अच्छी जगह नहीं हो सकती है। यहां आकर योग और आवुर्वेद के जरिए आप खुद को रिचार्ज कर सकते हैं। इसी तरह कॉलेज, यूनिवर्सिटी, स्कूलों के नौजवान विंटर ट्रिप के लिए उत्तराखंड आ सकते हैं।
*शूटिंग और वैडिंग डेस्टिनेशन*
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे यहां हजारों करोड़ रुपए की वैडिंग इकॉनामी है। इसलिए उन्होंने देशवासियों से वेड इन इंडिया के तहत देश में ही शादियां करने की अपील की थी। सर्दियों के सीजन में वेडिंग डेस्टिनेशन के लिए देशवासी उत्तराखंड को प्राथमिकता दे सकते हैं। इसी तरह भारत की फिल्म इंडस्ट्री उत्तराखंड का रुख कर सकती है, उत्तराखंड को मोस्ट फिल्म फ्रैंडली स्टेट का पुरस्कार मिल चुका है। यहां फिल्म शूटिंग के लिए शानदार सुविधाएं विकसित हो रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई देश विंटर टूरिज्म के लिए जाने जाते हैं, उत्तराखंड उनसे बहुत कुछ सीख सकता है। इसके लिए उत्तराखंड टूरिज्म के सभी स्टेक होल्डर मिलकर अध्ययन करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में कई जगह हॉट स्प्रिंग हैं, इन्हें वेलनेस स्पा के रूप में विकसित किया जा सकता है। धार्मिक आध्यात्मिक और योग जगत के दिग्गज सर्दियों में अपने यहां विशेष योगा कैम्प लगा सकते हैं।
*कंटेंट क्रिएटर निभाएं भूमिका*
प्रधानमंत्री ने हर्षिल में विंटर टूरिज्म पर लगाई गई, प्रदर्शनी का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका मन कर रहा था के वो पचास साल पुराने दिनों में लौटकर इन सभी जगहों पर कुछ दिन बिता सकूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें उत्तराखंड के विंटर टूरिज्म की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए कंटेंट क्रिएटर की मदद लेनी चाहिए, इसके लिए एक प्रतियोगिता आयोजित की जा सकती है। प्रधानमंत्री ने गंगा मैया की जय नारे के साथ अपने संबोधन का समापन किया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का माँ गंगा के मायके मुखवा एवं सीमांत क्षेत्र हर्षिल घाटी आगमन पर सभी प्रदेशवासियों की ओर से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि उत्तराखंड के चहुँमुखी विकास के साथ ही यहाँ की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में हमें सदैव प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त होता रहा है। उत्तराखंड में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफल आयोजन, विश्व स्तरीय जी-20 सम्मेलन की बैठकों का आयोजन, यूसीसी जैसा कानून लागू करना हो या फिर हाल ही में उत्तराखंड में आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों का भव्य आयोजन हो, प्रधानमंत्री का राज्य को हमेशा मार्गदर्शन मिला। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पर जब भी कोई विपदा आयी है, चाहे केदारनाथ यात्रा मार्ग पर आई प्राकृतिक आपदा, जोशीमठ में भूधंसाव, सिलक्यारा टनल हो या फिर अभी हाल ही में चमोली में माणा गाँव के पास हुई हिमस्खलन की घटना हो। प्रधानमंत्री जी हमारे साथ सदैव खड़े रहे है।
मुख्यमंत्री ने 04 हजार 81 करोड़ रूपए की लागत से गौरीकुंड से केदारनाथ और 27 सौ 30 करोड़ रूपए से अधिक की लागत से गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे निर्माण की सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों रोपवे परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद तीर्थयात्रियों को आवगमन के लिए सुगमता होगी और प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आर्थिकी का एक प्रमुख आधार है। होटल व्यवसायियों से लेकर टैक्सी चालकों, स्थानीय दुकानदारों के साथ ही यात्रा से जुड़े हुए लाखों लोगों को रोज़गार के अवसर प्राप्त होते हैं। शीतकाल में उत्तराखण्ड के चारों धामों के कपाट बंद होने के बाद इन सभी लोगों की आर्थिकी प्रभावित होती थी। जिसके दृष्टिगत प्रधानमंत्री जी से मार्गदर्शन प्राप्त कर इस वर्ष से राज्य में शीतकालीन यात्रा की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आगमन से न केवल शीतकालीन यात्रा को वृहद् स्तर पर बढ़ावा मिलेगा बल्कि सीमांत क्षेत्र में ट्रेकिंग और माउंटेन बाइकिंग के साथ-साथ दूसरी एडवेंचरस एक्टिविटीज को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही राज्य में दो बड़े धार्मिक आयोजन प्रस्तावित है। जिनमें नंदा राजजात यात्रा और कुंभ शामिल है। हमें विश्वास है कि पीएम के नेतृत्व में इन दोनों आयोजन का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री श्री अजय टम्टा , कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट, सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक श्री सुरेश चौहान मौजूद थे।
रुद्रप्रयाग में फिर लगेगा पासपोर्ट कैम्प, नागरिकों को एक जगह पर मिलेंगी सभी सुविधाएं।
अगस्त्यमुनि में 19, 20 एवं 21 मार्च को आएगी पासपोर्ट मोबाइल वैन*
*आसानी से बन सकेंगे आपके पासपोर्ट*
जनपद रुद्रप्रयाग में पासपोर्ट सेवाओं को सुगम बनाने के उद्देश्य से पासपोर्ट मोबाइल वैन सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। विदेश मंत्रालय के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, देहरादून के निर्देशानुसार 19, 20 एवं 21 मार्च 2025 को अगस्त्यमुनि स्थित क्रीड़ा भवन मैदान में यह सेवा प्रदान की जाएगी।
अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा ने बताया कि पूर्व में भी इस तरह का कैंप आयोजित किया गया था, जो सफल रहा। इसी को देखते हुए एक बार फिर मोबाइल वैन कैंप लगाया जा रहा है। इस कैंप के सफल संचालन हेतु जिला पर्यटन अधिकारी, रुद्रप्रयाग को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
आयोजन के दौरान नागरिकों को पासपोर्ट आवेदन, नवीनीकरण एवं अन्य संबंधित सेवाएं प्रदान की जाएंगी। प्रशासन ने क्षेत्रवासियों से इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है, ताकि उन्हें पासपोर्ट संबंधी कार्यों के लिए अन्य शहरों का रुख न करना पड़े।
प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से हाथ मिलाकर, पीठ थपथपाकर सीएम को शाबाशी।
शानदार बाॅंडिन्ग, छोटे भाई ऊर्जावान मुख्यमंत्री जैसे शब्दों का प्रयोग*
*राज्य सरकार के प्रयासों को प्रधानमंत्री ने बार-बार सराहा*
*अहम फैसले लेने और उन्हें लागू करने पर संतुष्टि जाहिर*
शीतकालीन यात्रा पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की शानदार बाॅंन्डिग गुरूवार को भी दिखी। प्रधानमंत्री को जब जहां मौका मिला, वह मुख्यमंत्री को शाबासी देते, प्रोत्साहित करते हुए दिखाई दिए। भाषण खत्म कर मुख्यमंत्री जैसे ही प्रधानमंत्री के करीब पहुंचे, तो पहले तो उन्होंने गर्मजोशी से हाथ मिलाया। बाद में मुख्यमंत्री की पीठ भी थपथपा दी।
एक के बाद एक महत्वपूर्ण फैसले लेने और उन्हें अमल में लाने के मुख्यमंत्री के अंदाज को शीर्ष स्तर पर पसंद किया जा रहा है। चाहे समान नागरिक संहिता हो या राष्ट्रीय खेलों का आयोजन, प्रधानमंत्री के स्तर पर मुख्यमंत्री को भरपूर शाबासी मिली है। अब शीतकालीन यात्रा के लिए राज्य सरकार के प्रयास पर प्रधानमंत्री संतुष्ट नजर आ रहे हैं। अपने संबोधन में उन्होंने इसका बार-बार जिक्र भी किया। उन्होंने शीतकालीन यात्रा के उत्तराखंड से जुडे़ आर्थिक पहलु को रेखांकित करते हुए इसे अभिनव पहल बताया। साथ ही, इसके लिए मुख्यमंत्री और उनकी सरकार को धन्यवाद भी दिया।
अपने संबोधन की शुरूआत में मुख्यमंत्री के लिए प्रधानमंत्री ने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया, वह गौर करने वाले रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री को छोटा भाई और ऊर्जावान मुख्यमंत्री कहते हुए संबोधित किया। उन्होंने अपनी केदारनाथ यात्रा का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि यह दशक उत्तराखंड का बन रहा है। इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार बढ़िया काम कर रही है।
*कभी मुस्कराए, कभी विनम्रता से जोड़े हाथ*
हर्षिल की जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्षेत्रवासियों के जबरदस्त उत्साह के दर्शन भी हुए। कार्यक्रम में कई बार मोदी-मोदी के नारे गूंजे। इस पर प्रधानमंत्री कई बार मुस्कराए। कई बार उन्होंने विनम्रता से हाथ जोड़ लिए। पारंपरिक परिधान और टोपी पहने प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कई आंचलिक शब्दों का इस्तेमाल भी किया।
आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन का केंद्र में संयुक्त सचिव के लिए इम्पैनलमेंट।
देहरादून।।: वर्ष 2007 बैच के आई0ए0एस अधिकारी सचिव आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन का केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव पद के लिए इम्पैनलमेंट हुआ है। विनोद कुमार सुमन राज्य गठन के बाद पहले ऐसे आईएसएस अधिकारी हैं (पीसीएस से आईएएस में पदोन्नत) जिनका केंद्र सरकार के लिए इम्पैनलमेंट हुआ है। सुमन वर्तमान में सचिव आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास के साथ ही राज्य संपत्ति, सामान्य प्रशासन तथा प्रोटोकॉल की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
इससे पूर्व उन्होंने सचिव वित्त, प्रभारी सचिव शहरी विकास, सचिव सहकारिता, सचिव कृषि, सचिव पशुपालन के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। वे राज्य गठन के बाद से अब तक शहरी विकास में सबसे लम्बे समय तक निदेशक रहने वाले अधिकारी रहे हैं। वे चमोली, अल्मोड़ा में नैनीताल में डीएम भी रह चुके हैं। उन्होंने राजधानी देहरादून में लम्बे समय तक सिटी मजिस्ट्रेट व अपर जिलाधिकारी का पदभार संभाला था तथा सचिव एमडीडीएम भी रहे।
केदारनाथ और हेमकुंड रोपवे के लिए केंद्रीय कैबिनेट द्वारा मंजूरी दिए जाने पर सीएम ने व्यक्त किया पीएम का आभार
देवभूमि उत्तराखंड आगमन से पहले पीएम ने दी राज्य को दी दो बड़ी सौगात।*
*दिल्ली दौरे के दौरान सीएम ने दोनों रोपवे के निर्माण के लिए पीएम से किया था अनुरोध।*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोनप्रयाग से केदारनाथ और गोविन्दघाट से हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे विकास के लिए केन्द्रीय मंत्रीमंडल द्वारा मंजूरी दिये जाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड आने से पहले प्रधानमंत्री ने राज्य को दो बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे का विकास होने से श्रद्धालुओं को दर्शन में काफी सुगमता होगी। मुख्यमंत्री ने अपने दिल्ली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री से इन दोनों रोपवे के निर्माण के लिए अनुरोध किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का देवभूमि उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है। उनके मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल हो रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केन्द्र सरकार का हर क्षेत्र में राज्य को सहयोग मिल रहा है। श्री केदारनाथ का पुनर्निमाण, श्री बदरीनाथ के मास्टर प्लान के कार्य तेजी से हुए हैं। उनके आने के बाद राज्य में शीतकालीन यात्रा में भी श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी।
*केन्द्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम के तहत पर्वतमाला परियोजना के अन्तर्गत उत्तराखंड में सोनप्रयाग से केदारनाथ (12.9 किमी) तक रोपवे को दी मंजूरी ।*
केन्द्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम के तहत पर्वतमाला परियोजना के अन्तर्गत उत्तराखंड में सोनप्रयाग से केदारनाथ (12.9 किमी) तक रोपवे को मंजूरी दी है। परियोजना का डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और स्थानांतरण (डीबीएफओटी) मोड पर 4,081.28 करोड़ रुपये की कुल पूंजी लागत पर विकसित किया जाएगा। रोपवे को सार्वजनिक-निजी भागीदारी में विकसित करने की योजना है और यह सबसे उन्नत ट्राई-केबल डिटेचेबल गोंडोला (3एस) तकनीक पर आधारित होगा। इसकी डिजाइन क्षमता 1,800 यात्री प्रति घंटे प्रति (पीपीएचपीडी) होगी, जो प्रतिदिन 18 हजार यात्रियों को ले जाएगी।
यह रोपवे परियोजना केदारनाथ आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए वरदान होगी क्योंकि यह पर्यावरण-अनुकूल, आरामदायक और तेज़ कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और एक दिशा में यात्रा का समय लगभग 8 से 9 घंटे से घटकर लगभग 36 मिनट कर देगी। रोपवे परियोजना निर्माण और संचालन के साथ-साथ आतिथ्य, यात्रा, खाद्य और पेय पदार्थ (एफ एंड बी) और पर्यटन जैसे संबद्ध पर्यटन उद्योगों में पूरे वर्ष रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराएगी। रोपवे परियोजना का विकास संतुलित सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने, पहाड़ी क्षेत्रों में लास्ट मील कनेक्टिविटी को बढ़ाने और तेजी से आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
वर्तमान में केदारनाथ मंदिर तक की यात्रा गौरीकुंड से 16 किमी की चुनौतीपूर्ण चढ़ाई है और इसे पैदल, घोड़ा-खच्चर, पालकी और हेलीकॉप्टर से किया जाता है। प्रस्तावित रोपवे की योजना मंदिर में आने वाले तीर्थयात्रियों को सुविधा प्रदान करने और सोनप्रयाग तथा केदारनाथ के बीच हर मौसम में कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है। केदारनाथ 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक है जो उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में 3,583 मीटर (11968 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है।
*केन्द्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम – पर्वतमाला परियोजना के तहत उत्तराखंड राज्य में गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब जी (12.4 किमी) तक रोपवे परियोजना के विकास को भी दी मंजूरी ।*
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब जी तक 12.4 किलोमीटर रोपवे परियोजना के निर्माण को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना का डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण (डीबीएफओटी) मोड पर विकसित किया जाएगा, जिसकी कुल पूंजीगत लागत 2,730.13 करोड़ रुपये होगी। वर्तमान में हेमकुंड साहिब जी की यात्रा गोविंदघाट से 21 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण चढ़ाई है और इसे पैदल, घोड़ा-खच्चर, पालकी से किया जाता है। प्रस्तावित रोपवे की योजना हेमकुंड साहिब जी के दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों और फूलों की घाटी में आने वाले पर्यटकों को सुविधा प्रदान करने के लिए बनाई गई है और यह गोविंदघाट और हेमकुंड साहिब जी के बीच हर मौसम में अंतिम मील की कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी।
- रोपवे को सार्वजनिक-निजी भागीदारी में विकसित करने की योजना है और यह गोविंदघाट से घांघरिया (10.55 किमी) तक मोनोकेबल डिटैचेबल गोंडोला (एमडीजी) पर आधारित होगा, जिसे घांघरिया से हेमकुंड साहिब जी (1.85 किमी) तक सबसे उन्नत ट्राइकेबल डिटैचेबल गोंडोला (3 एस) तकनीक से जोड़ा जाएगा, इसका डिजाइन इस तरीके से तैयार किया जाएगा जिससे इसकी क्षमता प्रति घंटे प्रति दिशा 1,100 यात्री (पीपीएचपीडी) होगी और यह प्रतिदिन 11,000 यात्रियों को ले जाएगा। रोपवे परियोजना निर्माण और परिचालन के दौरान और साथ ही पूरे वर्ष आतिथ्य, यात्रा, खाद्य और पेय (एफ एंड बी) और पर्यटन जैसे संबद्ध पर्यटन उद्योगों में रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा करेगी। रोपवे परियोजना का विकास संतुलित सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने, तीर्थयात्रियों के लिए अंतिम मील तक कनेक्टिविटी बढ़ाने और क्षेत्र के तीव्र आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हेमकुंड साहिब जी उत्तराखंड राज्य के चमोली जिले में 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तीर्थ स्थल है। इस पवित्र स्थल पर स्थापित गुरुद्वारा मई से सितम्बर के बीच साल में लगभग 5 महीने के लिए खुला रहता है और हर साल लगभग 1.5 से 2 लाख तीर्थयात्री यहां आते हैं।
जनपद चमोली के गोविंदघाट में चट्टान टूटने से गोविंदघाट से घांघरिया को जोड़ने वाला मोटर पुल हुआ क्षतिग्रस्त, आवागमन हुआ बंद।
जोतिर्मठ (चमोली)- गोविंद घाट में हेमकुंड साहिब जाने वाला मुख्य पुल पहाड़ी से पत्थर गिरने से टूटा,बुधवार सुबह लगभग 10:00 बजे गोविंद घाट में स्थित हेमकुंड साहिब व फूलों की घाटी जाने वाला मुख्य पुल पहाड़ी से चट्टान का बड़ा वभारी हिस्सा टूटने के कारण पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है । जिससे अब पुलना ,घांघरिया ,भ्यूंडार , हेमकुंड साहिब व फूलों की घाटी की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद हो गई है । 
चमोली जनपद के गोविंद घाट से बड़ी खबर आ रही है,श्री लोकपाल हेमकुंड साहिब को जोड़ने वाला एक मात्र मोटर पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। बताया जा रहा है कि पहाड़ी से भारी मात्रा में मलवा आने से पुल को बड़ा नुकसान हुआ है।पुल के टूटने से पुलना,लोकपाल घाटी का संपर्क ब्लॉक मुख्यालय सहित देश दुनिया से कट गया है।
बताते चलें कि गोविंद घाट गुरुद्वारे के समीप अलक नन्दा नदी के ऊपर ये ब्रिज बना था।पुल टूटने से भ्यूडार/पुलना गांव का संपर्क भी जोशीमठ से कट गया है। एसडीएम जोशीमठ चंद्र शेखर वशिष्ट गोविंद घाट पहुंच कर स्थिति का जायजा लेने मौके पर है। वहीं गोविंद घाट से पुलना तक की पैदल आवाजाही भी फिलहाल ठप्प हो गई है।
10 मार्च से डिम्मर गांव मे 107 वें साल की रामलीला का होगा भव्य आयोजन।
चमोली।Oसुंन्दरकांड पाठ पूजा-अर्चना हनुमान चालीसा भजन कीर्तन के सांथ हनुमान ध्वज स्थापित किया गया।
10 मार्च से जनपद चमोली के तहसील कर्णप्रयाग के डिम्मर गांव मे 107 वें साल की रामलीला का आयोजन किया जाना है,जिसके लिए बसंत पंचमी पर्व पर डिम्मर गांव की ऐतिहासिक रामलीला की तिथि और हनुमान ध्वज के स्थापित करने की तिथि घोषित की गयी थी। जिसके तहत विधि विधान के सांथ हनुमान ध्वज स्थापित किया गया।
रामलीला मंडली के संरक्षक मोहन प्रसाद डिमरी, अध्यक्ष अशोक डिमरी, प्रकाश डिमरी, नरेश खंडूरी, पूनीत डिमरी, हरीश डिमरी, पं गणेश चन्द्र डिमरी ने कहा कि डिम्मर गांव की पौराणिक रामलीला के प्रति क्षेत्र की लोगो की आस्था श्रधा बनी रहती है।107वें रामलीला के लिए तैयारियां हो रही है। सभी कलाकार एक माह से अभ्यास कर रहे है,कहा कि इस बार रामलीला भब्य रूप से होली के सांथ होगी।
उत्तराखंड में आईपीएस अधिकारियों के हुए तबादले
देहरादून ।।
देहरादून
उत्तराखंड शासन ने पांच आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। आदेश के अनुसार, मुकेश कुमार को एआईजी पी एंड एम से डीआईजी पीएसी बनाया गया है। धीरेंद्र गुंज्याल को एडीजी कारागार से डीआईजी अपराध एवं कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। रचिता जुयाल को पुलिस मुख्यालय से एसपी सतर्कता अधिष्ठान उत्तराखंड नियुक्त किया गया है। जितेंद्र मेहरा को एएसपी अपराध/ यातायात हरिद्वार से एसपी अपराध/ यातायात हरिद्वार और निहारिका तोमर को एएसपी अपराध यातायात उधमसिंह नगर से एसपी अपराध/ यातायात बनाया गया है।
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गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई।
रुद्रप्रयाग।।एलपीजी उपभोक्ताओं से घरेलू गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार के आदेशानुसार, गैस एजेंसियों को निर्धारित मूल्य पर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपभोक्ताओं को सिलेंडर की होम डिलीवरी करनी होगी। यदि कोई उपभोक्ता स्वयं गैस गोदाम से सिलेंडर लेता है, तो उसे कैश एंड कैरी के तहत अनिवार्य रूप से छूट प्रदान की जाएगी।
जिला पूर्ति अधिकारी के एस एस कोहली ने बताया कि यदि किसी गैस एजेंसी द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ता किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायत क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक कार्यालय अथवा जिला पूर्ति अधिकारी, रुद्रप्रयाग के कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं।















