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Saturday, September 26, 2026
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उत्तराखण्ड के निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल प्राप्तियाँ लगभग रू० एक लाख एक हजार चौंतीस करोड़ पचहत्तर लाख (रू0 1,01,034.75 करोड़) अनुमानित।

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देहरादून।।उत्तराखण्ड के निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल प्राप्तियाँ लगभग रू० एक लाख एक हजार चौंतीस करोड़ पचहत्तर लाख (रू0 1,01,034.75 करोड़) अनुमानित है, जिसमें रू० बासठ हजार पाँच सौ चालीस करोड़ चौव्वन लाख (रू0 62,540.54 करोड़) राजस्व प्राप्तियाँ तथा रू० अड़तीस हजार चार सौ चौरानवे करोड़ इक्कीस लाख (रू0 38,494.21 करोड़) पूंजीगत प्राप्तियाँ हैं।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व प्राप्तियों में कर राजस्व रू० उन्तालीस हजार नौ सौ सतरह करोड़ चौहत्तर लाख (रू0 39,917.74 करोड़) है, जिसमें केन्द्रीय करों में राज्यांश रू० पन्द्रह हजार नौ सौ दो करोड़ बयानवे लाख (रू0 15,902.92 करोड़) सम्मिलित है।

राज्य के स्वयं के स्रोतों से कुल अनुमानित राजस्व प्राप्ति रू० अठाईस हजार चार सौ दस करोड़ तीस लाख (रू0 28,410.30 करोड़) में कर राजस्व रू० चौबीस हजार चौदह करोड़ बयासी लाख (रू0 24,014.82 करोड़) तथा करेत्तर राजस्व रू० चार हजार तीन सौ पंचानवे करोड़ अड़तालीस लाख (रू0 4395.48 करोड़) अनुमानित है।

व्ययः

वर्ष 2025-26 में ऋणों के प्रतिदान (W.M.A. / अर्थोपाय अग्रिम सहित) पर रू० छब्बीस हजार पाँच करोड़ छियासठ लाख (रू0 26,005.66 करोड़), ब्याज की अदायगी के रूप में रू० छः हजार नौ सौ नब्बे करोड़ चौदह लाख (रू0 6,990.14 करोड़), राज्य कर्मचारियों के वेतन-भत्तों आदि पर लगभग रू० अठारह हजार एक सौ सत्तानवे करोड़ दस लाख (रू0 18,197.10 करोड़), सहायता प्राप्त शिक्षण व अन्य संस्थाओं एवं कर्मचारियों के वेतन भत्तों के रूप में लगभग रू० एक हजार चार सौ सैंतालीस करोड़ छब्बीस लाख (रू0 1,447.26 करोड़), पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्तिक लाभों के रूप में रू० नौ हजार नौ सौ सतरह करोड़ चालीस लाख (रू0 9,917.40 करोड़), व्यय अनुमानित है।

वर्ष 2025-26 में कुल व्यय रू० एक लाख एक हजार एक सौ पचहत्तर करोड़ तैंतीस लाख (रू0 1,01,175.33 करोड़) अनुमानित है। कुल अनुमानित व्यय में से रू० उनसठ हजार नौ सौ चौव्वन करोड़ पैंसठ लाख (रू0 59,954.65 करोड़) राजस्व लेखे का व्यय है तथा रू० इकतालीस हजार दो सौ बीस करोड़ अड़सठ लाख (रू0 41,220.68 करोड़) पूंजी लेखे का व्यय है

*प्रमुख आर्थिक बिंदु (बजट 2025-26)*

*₹101175.33 करोड़*

बजट का आकार 2024-25 के सापेक्ष 13.38%

*(व्यय)*

राजस्व व्यय
₹59954.65 करोड़

पूंजीगत व्यय
₹41220.68 करोड़

पूंजीगत परिव्यय
₹14763.13 करोड़

*(प्राप्तियां)*

कुल प्राप्तियां
₹101034.75 करोड़

राजस्व प्राप्तियां
₹62540.54 करोड़

पूंजीगत प्राप्तिया
₹38494.21 करोड़

*मानव सेवा नारायण सेवा गरीब कल्याण*

सामाजिक सुरक्षा हेतुः
₹1811.66 करोड़

• विभिन्न योजनाओं में सब्सिडी :
₹918.92 करोड़

• अन्नपूर्ति योजना :
₹600.00 करोड़

• प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण):
₹207.18 करोड़

• प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) :
₹54.12 करोड़

• ई०डब्ल्यू०एस०आवास हेतु अनुदानः
₹25.00 करोड़

• परिवहन निगम की बसों में निर्धारित श्रेणी के यात्रियों हेतु निःशुल्क यात्रा की सुविधा :
₹40.00 करोड़

• राज्य खाद्यान योजना :
₹10.00 करोड़

• अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को सस्ती दरों पर नमक उपलब्ध कराने हेतु :
₹34.36 करोड़

• निर्धन परिवार हेतु रसोई गैस पर अनुदान हेतु
₹55.00 करोड़

• पर्यावरण मित्र बीमा हेतुः
₹2.00 करोड़

*बजट में युवाओं को सशक्त बनाने पर फोकस*

• शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत: ₹178.83 करोड़

• 9वीं से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क पाठ्य पुस्तक हेतुः ₹59.41 करोड़

• कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों हेतु निःशुल्क जूता एवं बैग की व्यवस्था हेतु: ₹23.00 क

• विद्यालयी शिक्षा विभाग के अन्तर्गत छात्रवृत्ति हेतुः ₹15.00 करोड़

• शैक्षिक कार्यक्रमों के अन्तर्गत छात्रवृतिः ₹15.00 करोड़

• बालिका शिक्षा प्रोत्साहन (साईकिल) योजना हेतु: ₹15.00 करोड़

• साइन्स सिटी एवं विज्ञान केन्द्रों की स्थापना : ₹26.64 करोड़

अंतरिक्ष उपयोग केन्द्र को सहायता हेतुः ₹5.75 करोड़

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद को सहायता हेतुः ₹16.80 करोड़

• उत्तराखण्ड विज्ञान एवं शिक्षण अनुसंधान की स्थापना हेतुः ₹5.40 करोड़

• विज्ञान केन्द्र चम्पावत हेतुः ₹10.00 करोड़

• विद्या समीक्षा केन्द्र हेतु: ₹2.41 करोड़

• राजकीय महाविद्यालय में ई-ग्रंथालय की स्थापनाः ₹2.00 करोड़

• मुख्यमंत्री शेवनिंग उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति हेतु: ₹2.00 करोड़

• एन०डी०ए० तथा आई०एम०ए० में चयनित छात्र/छात्राओं को पुरूस्कार हेतुः ₹1.25 करोड़

• उद्यमिता, कौशल एवं नवाचार को बढ़ावा दिये जाने हेतुः ₹7.11 करोड़

• टाटा टैक्नोलॉजी मॉडल के अनुसार आईटीआई का उन्नयन हेतु राजस्व मद हेतुः ₹45.00 करोड़ तथा पूंजीगत मद हेतुः ₹18.00 करोड़

• उदीयमान खिलाडियों को छात्रवृति हेतुः ₹10.00 करोड़

खेल महाकुम्भ के आयोजन हेतुः ₹15.00 करोड़

• राज्य और राष्ट्रीय युवा महोत्सवः ₹5.00 करोड़

• मुख्यमंत्री युवा मंगल दल स्वावलम्भन योजना हेतुः ₹5.00 करोड़

• मुख्यमंत्री ग्रामीण खेलकूद एवं स्वास्थ्य संवर्धन योजना हेतुः ₹2.50 करोड़

• रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर (RBI) हेतुः ₹20.00 करोड़

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना हेतुः ₹60.00 करोड़

मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना हेतु: ₹10.00 करोड़

• प० दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना हेतुः ₹21.60 करोड़

मुख्यमंत्री ने किया यूएसडीएमए के नव वर्ष कैलेण्डर का विमोचन।

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आपदाओं से बचाव के लिए व्यापक जनजागरूकता जरूरी- सीएम*

*04 पिकअप वाहनों को दिखाई हरी झंडी*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को यूएसडीएमए के नव वर्ष 2025 के कैलेंडर (वॉल तथा टेबल टॉप) का विमोचन किया। उन्होंने चम्पावत, रुद्रप्रयाग, चमोली और ऊधमसिंहनगर जनपद के लिए सीएसआर मद में प्राप्त 04 पिकअप वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। इन वाहनों में टैंट, स्लीपिंग बैग, लीफलेट तथा कैलेण्डर रवाना किए गए। इन फॉर बाय फॉर पिक अप वाहनों में 01-01 मिनी जनरेटर, 15 स्लीपिंग बैग एवं 70 टैंट तथा आकाशीय बिजली से बचाव हेतु 9500 लीफलेट एवं 40-40 नव वर्ष कैलेण्डर उपरोक्त प्रत्येक जनपद को भेजे गए। यह वाहन तथा अन्य उपकरण जनपदों में आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्यों के लिए उपयोगी साबित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा आपदाओं का सामना करने के लिए जनजागरूकता बहुत जरूरी है। जागरूकता, सजगता और सतकर्ता से आपदा से नुकसान को काफी कम किया जा सकता है। यदि लोग आपदाओं के प्रकार, उनके प्रभाव और सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूक होंगे, तो वे अपनी और दूसरों की जान बचाने के लिए सही कदम उठा सकेंगे।

मुख्यमंत्री द्वारा यूएसडीएमए को नव वर्ष कैलेण्डर में ऋतु अनुसार विभिन्न आपदाओं से बचाव के लिए जागरूकता सामग्री प्रकाशित किए जाने के निर्देश दिए गए थे। उनके निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा विभिन्न माध्यमों से आपदाओं से बचाव के लिए जागरूकता संदेशों तथा सामग्री का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से नियमित तौर पर आपदाओं से सुरक्षा संबंधी पोस्ट, एनीमेटेड वीडियोज को प्रसारित किया जा रहा है। विभिन्न आपदाओं से बचाव हेतु जन सामान्य को किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए तथा क्या-क्या एहतियात बरतने चाहिए, इन्हें लेकर लीफलेट्स मुद्रित किए गए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य के स्कूलों में प्राथमिक स्तर से ही पाठ्यक्रम में आपदा प्रबंधन विषय को शामिल किये जाने के अनुपालन में यूएसडीएमए के स्तर पर एक कमेटी गठित की गई है। बच्चे यदि आपदाओं के प्रति जागरूक रहेंगे तो यह न केवल उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करेगा बल्कि उन्हें समाज में एक ज़िम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करेगा। छोटी उम्र से ही अगर बच्चे भूकंप, बाढ़, तूफान, भूस्खलन, सड़क दुर्घटनाओं जैसी आपदाओं के बारे में सीखेंगे, तो वे आपातकालीन स्थितियों में घबराने के बजाय सही और त्वरित निर्णय ले सकेंगे।

सचिव आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि यूएसडीएमए समुदायों को जागरूक करने की दिशा में भी प्रयासरत है। स्थानीय लोग ही फर्स्ट रिस्पांडर्स के तौर पर सबसे पहले किसी भी आपदा का सामना करते हैं। यदि आपदा संभावित क्षेत्र में स्थानीय लोग विभिन्न आपदाओं के प्रति जागरूक और उनके बचाव के उपायों के बारे में शिक्षित होंगे, तो वे संकट की घड़ी में एक-दूसरे की सहायता कर सकते हैं।यूएसडीएमए द्वारा आपदा मित्रों की तरह ही आपदा सखी बनाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से समय पर आम जनमानस को अलर्ट भेजे जा रहे हैं ताकि लोगों को सचेत किया जा सके। विभिन्न आपदाओं से बचाव के लिए यूएसडीएमए द्वारा समस्त जनपदों तथा जन सामान्य के लिए एडवाइजरी भी जारी की जा रही हैं।

इस अवसर पर यूएसडीएमए के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन श्री आनन्द स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, अपर सचिव श्री महावीर सिंह चौहान, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद थे।

रेखा गुप्ता होगी दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री।

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दिल्ली में भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने पर श्रीमती रेखा गुप्ता जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!

मुझे पूर्ण विश्वास है कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के मार्गदर्शन में आपका नेतृत्व दिल्ली की प्रगति को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और दिल्ली का सर्वस्पर्शी व सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा।

वन स्टॉप सेंटर की मुहिम के द्वारा रुद्रप्रयाग जिले में 3 नाबालिक बालिकाओं के विवाह को रोका गया।

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रुद्रप्रयाग ।।अज्ञात सूत्रों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर जलई ग्राम सभा के अंतर्गत 3 नाबालिक बालिकाओं का विवाह रोका गया। ज्ञातव्य है कि पिछले कुछ समय से जखोली और ऊखीमठ क्षेत्रांतर्गत बाल विकास विभाग, रुद्रप्रयाग की टीम द्वारा 7 बाल विवाह रोके गए हैं।
इसी क्रम में जलई में 03 नाबालिग बालिकाओं के विवाह की सूचना मिलते ही वन स्टॉप सेंटर से केंद्र प्रशासक रंजना गैरोला भट्ट, बाल संरक्षण अधिकारी रोशनी रावत एवं चाइल्ड हेल्पलाइन के केस वर्कर अखिलेश सिंह द्वारा बिना देरी किए उन बालिकाओं के घर जाकर परिजनों को समझाया गया कि बाल विवाह कानूनी अपराध है जिसके लिए उनको 2 साल का सख्त कारावास तथा 1 लाख का आर्थिक दण्ड दोनों से दंडित किया जा सकता है। साथ ही घरवालों को चेतावनी दी गई कि यदि उनके द्वारा किसी बालिका का बाल विवाह किया जाता है तो उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

 

उत्तराखंड में सख़्त भू कानून लागू ये हैं अहम् प्रावधान ।

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उत्तराखंड में सख़्त भू कानून लागू ये हैं अहम् प्रावधान –

पुष्कर सिंह धामी  सरकार ने बुधवार को प्रदेश के लिए एक नया भू कानून लेकर आई है। इसके अंतर्गत

बाहरी व्यक्तियों की भूमि खरीद पर प्रतिबंध

हरिद्वार और उधम सिंह नगर को छोड़कर, उत्तराखंड के 11 अन्य जिलों में राज्य के बाहर के व्यक्ति हॉर्टिकल्चर और एग्रीकल्चर की भूमि नहीं खरीद पाएंगे।

पहाड़ों में चकबंदी और बंदोबस्ती

पहाड़ी इलाकों में भूमि का सही उपयोग सुनिश्चित करने और अतिक्रमण रोकने के लिए चकबंदी और बंदोबस्ती की जाएगी।

जिलाधिकारियों के अधिकार सीमित

अब जिलाधिकारी व्यक्तिगत रूप से भूमि खरीद की अनुमति नहीं दे पाएंगे। सभी मामलों में सरकार द्वारा बनाए गए पोर्टल के माध्यम से प्रक्रिया होगी।

ऑनलाइन पोर्टल से होगी भूमि खरीद की निगरानी

प्रदेश में जमीन खरीद के लिए एक पोर्टल बनाया जाएगा, जहां राज्य के बाहर के किसी भी व्यक्ति द्वारा की गई जमीन खरीद को दर्ज किया जाएगा।

शपथ पत्र होगा अनिवार्य

राज्य के बाहर के लोगों को जमीन खरीदने के लिए शपथ पत्र देना अनिवार्य होगा, जिससे फर्जीवाड़ा और अनियमितताओं को रोका जा सके।

नियमित रूप से भूमि खरीद की रिपोर्टिंग

सभी जिलाधिकारियों को राजस्व परिषद और शासन को नियमित रूप से भूमि खरीद से जुड़ी रिपोर्ट सौंपनी होगी।

नगर निकाय सीमा के भीतर तय भू उपयोग

नगर निकाय सीमा के अंतर्गत आने वाली भूमि का उपयोग केवल निर्धारित भू उपयोग के अनुसार ही किया जा सकेगा।

यदि किसी व्यक्ति ने नियमों के खिलाफ जमीन का उपयोग किया, तो वह जमीन सरकार में निहित हो जाएगी।

क्या होगा नए कानून का प्रभाव ?

इस कानून से उत्तराखंड में बाहरी लोगों द्वारा अंधाधुंध भूमि खरीद पर रोक लगेगी।

पहाड़ी क्षेत्रों में भूमि का बेहतर प्रबंधन होगा, जिससे राज्य के निवासियों को अधिक लाभ मिलेगा।

भूमि की कीमतों में अप्राकृतिक बढ़ोतरी पर नियंत्रण रहेगा और राज्य के मूल निवासियों को भूमि खरीदने में सहूलियत होगी।

सरकार को भूमि खरीद-बिक्री पर अधिक नियंत्रण प्राप्त होगा, जिससे अनियमितताओं पर रोक लगेगी।

भू कानून को लेकर आज होगी धामी मंत्रिमंडल की अहम बैठक,बजट सत्र के बीच मुख्यमंत्री धामी ने बुलाई कैबिनेट बैठक।

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भू कानून को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है धामी सरकार,विधानसभा के पटल पर रखा जा सकता है भू-कानून।

धामी कैबिनेट की बैठक थोड़ी देर में कैबिनेट मीटिंग में निम्न प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर।

संशोधित भू-कानून विधेयक को लेकर हो सकती है चर्चा।

उत्तराखण्ड सत्र की समयावधि बढ़ाने पर लिया जा सकता है निर्णय।

उत्तराखंड ऑनलाइन दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण नियमावली पर चर्चा।

परिवहन विभाग की रोड सेफ्टी पॉलिसी पर हो सकता है निर्णय।

शिक्षा विभाग में बीआरपी-सीआरपी के साथ ही चतुर्थ श्रेणी के 4100 पदों पर भर्ती संबंधित प्रस्ताव पर चर्चा।

प्रदेश के सभी नगर निकायों में एक समान टैक्स प्रणाली किए जाने संबंधित प्रस्ताव पर होगी चर्चा।

उत्तराखंड के पुराने बाजरों को नए सिरे से विकसित करने के लिए री-डेवलपमेंट नीति संबंधित प्रस्ताव पर ले सकते है निर्णय।

उत्तराखंड के राजकीय मेडिकल कॉलेज में पीजी की पढ़ाई करने वाले डॉक्टर्स अगले दो साल तक उत्तराखण्ड में करनी होगी नौकरी संबंधी प्रस्ताव पर लग सकती है मुहर।

एकल महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के प्रस्ताव पर भी हो सकता है निर्णय

केंद्र सरकार ने पंजाब, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग का अनुदान किया जारी ।

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देहरादून

केंद्र सरकार ने पंजाब, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग का अनुदान जारी किया

ग्रामीण शासन को मजबूत करने के लिए उत्तराखंड को 93 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि मिली

ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान पंद्रहवें वित्त आयोग अनुदान जारी किया है।

पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई)/ ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) को प्रदान किए गए ये अनुदान जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पंजाब के ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 225.1707 करोड़ रुपये की अप्रतिबंधित अनुदान (स्थानीय निकायों को उनके क्षेत्र में विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए दी जाने वाली धनराशि) की पहली किस्त जारी की गई है।

ये धनराशि राज्य की 13144 ग्राम पंचायतों, 146 ब्लॉक पंचायतों और सभी 22 जिला पंचायतों के लिए है।

छत्तीसगढ़ में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान जारी पंद्रहवें वित्त आयोग अनुदान में वित्तीय वर्ष 2024-25 के अप्रतिबंधित अनुदानों की 237.1393 करोड़ रुपए की दूसरी किस्त के साथ-साथ वित्तीय वर्ष 2024-25 के अप्रतिबंधित अनुदानों की पहली किस्त की रोकी गई राशि 6.9714 करोड़ रुपए शामिल है।

ये धनराशि राज्य की 11548 ग्राम पंचायतों, सभी 146 ब्लॉक पंचायतों और सभी 27 जिला पंचायतों के लिए है।

उत्तराखंड में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए, वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अप्रतिबंधित अनुदानों की 93.9643 करोड़ रुपए की पहली किस्त जारी की गई है।

पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय ( पेयजल और स्वच्छता विभाग ) के माध्यम से भारत सरकार ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए राज्यों को पंद्रहवें वित्त आयोग अनुदान जारी करने की सिफारिश करती है , जिसे बाद में वित्त मंत्रालय जारी करता है। आवंटित अनुदानों की सिफारिश की जाती है जिसे एक वित्तीय वर्ष में 2 किस्तों में जारी किया जाता है।

वेतन और अन्य स्थापना लागतों को छोड़कर, संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में निहित उनतीस ( 29 ) विषयों के तहत स्थान-विशिष्ट में महसूस की जाने वाली जरूरतों को पूरा करने के लिए पंचायती राज संस्थान (पीआरआई) / ग्रामीण स्थानीय निकाय (आरएलबी) इस अनबंधित अनुदानों का उपयोग करता है।

इन अनुदानों का उपयोग (ए) स्वच्छता और ओडीएफ स्थिति के रखरखाव की बुनियादी सेवाओं के लिए किया जा सकता है, और इसमें विशेष रूप से घरेलू कचरे का प्रबंधन और उपचार, और मानव मल और मल कीचड़ प्रबंधन शामिल होना चाहिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) का किया लोकापर्ण।

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देहरादून-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खण्डूडी भूषण की उपस्थिति में मंगलवार को ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) का लोकापर्ण किया। इस बार विधानसभा का बजट सत्र नेशनल ई- विधान एप्लीकेशन के तहत संचालित किया जा रहा है।

उत्तराखण्ड में विधानसभा के कार्यों को डिजिटल और पेपरलेस बनाने के लिए ई-विधानसभा प्रणाली अपनाई गई है। इसके माध्यम से विधायकों को कार्यसूची, विधानसभा में पूछे गये प्रश्नों के जवाब और अन्य दस्तावेज अब ऑनलाइन उपलब्ध कराये जायेंगे। इसके तहत विधानसभा में विधायकों की टेबल पर टैबलेट लगाए गए हैं, और सभी दस्तावेज डिजिटल रूप से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि विधानसभा की कार्यवाही भी अधिक दक्षता से संपन्न होगी।

नगर पंचायत तिलवाडा के अंतर्गत संदिग्ध परिस्थियों में 32 वर्षीय युवक की मौत।

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तिलवाडा ।।तिलवाडा नगर क्षेत्र के अंतर्गत एक सनसनीखेज मौत का मामला सामने आया है जिसमे 32 वर्षीय युवक रस्सी के सहारे लटका हुआ मामला सामने आया है।बताया जा रहा है ग्राम मठियाणा निवासी सूरज सिंह रावत पुत्र बलवीर सिंह रावत के गले मे रस्सी टांक कर झूलता हुआ नजर आया है सुबह जैसे कि उक्त मृतक की पत्नी अपने मवेशियों को चारा देने गोशाला गई तो उन्होनें देखा कि उनका पति गोशाला के बाहर गाय को बांधने वाले रस्सी के सहारे लटका हुआ है उन्होंने आन फानन में दरांती से रस्सी को काट दिया लेकिन तब तक सूरज सिंह की मौत हो चुकी थी ।
मौत का मामला रहस्यमय बना हुआ है आत्महत्या है या किसी ने बारदात कर के उसे रस्सी के सहारे टांक दिया ।यह जांच का विषय बना हुआ है जैसे कि आसपास के लोगो व ग्रामीणों को मौत की घटना की सूचना मिली तो सभी लोग घटना स्थल पर पहुंच कर घटना की सूचना दूरभाष पर पुलिस को दी ।अगस्त्यमुनि थाना प्रभारी महेश रावत मय पुलिस फोर्स के साथ घटना स्थल पर पहुंच कर जांच पड़ताल कर शव को अपने कब्जे मे लिया।मृतक शव पंचनामा भर कर पोस्टमार्डम के लिए जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग को भेजा जा रहा है।

उत्तराखंड शासन ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बंसीधर तिवारी को सौंपी नई जिम्मेदारी।

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देहरादून-

उत्तराखंड शासन ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बंसीधर तिवारी को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं।

झरना कमठान की अनुपस्थिति में IAS बंशीधर तिवारी को अतिरिक्त प्रभार।

मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में 17 फरवरी से 28 मार्च 2025 तक आयोजित 126वें इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम (ITP) में हिस्सा लेने के कारण डीजी विद्यालयी शिक्षा झरना कमठान की अनुपस्थिति में आईएएस अधिकारी बंशीधर तिवारी को विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक (डीजी) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

अजय नौडियाल को प्रारंभिक शिक्षा निदेशक का प्रभार

इसी क्रम में, अपर शिक्षा निदेशक और सीमैट के अधिकारी अजय कुमार नौडियाल को प्रारंभिक शिक्षा निदेशक का प्रभार दिया गया है। उन्हें यह जिम्मेदारी तत्काल प्रभाव से सौंपी गयी है।