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Friday, March 20, 2026


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राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी बधाई एवं शुभकामना।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के 24 वर्ष पूर्ण होने और रजत जयन्ती वर्ष के शुभारम्भ अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों एवं देश के लिये सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उत्तराखण्ड की मजबूत नींव रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी बाजपेई को भी राज्य की जनता की ओर से नमन किया है।

मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में कहा कि प्रदेश की महान जनता के आशीर्वाद, सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा राज्य आंदोलन के मूल में उत्तराखण्ड के समग्र एवं संतुलित विकास की अवधारणा रही थी। इस भावना को मूर्त रूप प्रदान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा पारदर्शिता, जन सहभागिता और नई कार्य संस्कृति के साथ विकास की नई गाथा लिखने की उल्लेखनीय पहल की गई है। प्रदेश की मातृशक्ति, युवा शक्ति और पूर्व सैनिकों की अहम भागीदारी से सशक्त उत्तराखण्ड के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में हम अग्रसर हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप राज्य, तेजी से विकास पथ पर अग्रसर है।वर्ष 2023-24 के एस.डी.जी. इंडेक्स में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है।उन्होंने कहा कि गत वर्ष जी-20 की तीन बैठकों के आयोजन का अवसर मिलना एक उपलब्धि है, जो प्रधानमंत्री जी का देवभूमि उत्तराखण्ड के लोगों की क्षमता और प्रतिभा पर अटूट विश्वास का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए गौरव की बात है कि उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष में 38वें नेशनल गेम्स हमारे राज्य में होने जा रहे हैं। राष्ट्रीय खेल महाकुम्भ के लिये उत्तराखण्ड तैयार है। उन्होंने कहा कि हमने पिछले विधानसभा चुनाव में राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया था। जल्द ही हम इसे प्रदेश में लागू करने जा रहे हैं। ऊधमसिंहनगर के किच्छा में एम्स का सैटेलाईट सेंटर बनने से एक बड़ी आबादी को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव किसी से छुपा नहीं है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का भव्य और दिव्य पुनर्निर्माण कार्य तेजी से हुआ है। बदरीनाथ धाम के मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य गतिमान हैं। इसी प्रकार मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत प्रथम चरण में 16 पौराणिक मंदिर क्षेत्रो को विकसित किया जा रहा हैं। ऑल वेदर रोड़ से चार धाम यात्रा को सुगम किया गया है। दिल्ली- देहरादून एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर केवल दो से ढ़ाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। जल्द ही पहाड़ में रेल का सपना साकार होने जा रहा है। जौलीग्रान्ट और पंतनगर एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए कार्य गतिमान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रोपवे कनेक्टिविटी का भी विस्तार किया जा रहा है। पर्वतमाला परियोजना के तहत राज्य के धार्मिक और पर्यटन स्थलों को रोपवे से जोड़ा जा रहा है। गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का शिलान्यास प्रधानमंत्री जी द्वारा किया गया है। सुरकंडा देवी मंदिर में रोपवे का शुभारम्भ किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने के लिये हमारी सरकार ने निवेश अनुकूल वातावरण बनाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश के लिये पर्यटन, आयुष, वेलनेस, आईटी और सौर ऊर्जा सहित सर्विस सेक्टर पर विशेष फोकस किया गया है। सीमांत क्षेत्रों के लिये मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना शुरू की गई है। वाईब्रेंट विलेज योजना से उत्तराखण्ड के सीमावर्ती गांवों का विकास हो रहा है। वोकल फॉर लोकल पर आधारित एक जनपद दो उत्पाद योजना से स्थानीय आजीविका के अवसर बढ़ाये जा रहे हैं। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नई सौर ऊर्जा की नीति लाई गई है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में आवेदनों के डिस्पोजल में उत्तराखण्ड देश में सबसे आगे है। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के प्रति भी लोगों की रूचि बढ़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू कर प्रदेश के लाखों युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया गया है। पिछले 03 वर्षों में सरकारी सेवाओं में लगभग 18 हजार 500 भर्तियां की जा चुकी हैं। प्रदेश में भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण के लिये कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। टोल-फ्री नम्बर 1064 भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। अपणि सरकार पोर्टल, सीएम हेल्पलाईन 1905, सेवा का अधिकार, ट्रांसफर एक्ट की पारदर्शी व्यवस्था से सुशासन की परिकल्पना साकार हो रही है। जनता से जुड़ी योजनाओं के सरलीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को बहुआयामी पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने पर काम किया जा रहा है। आध्यात्मिक, धार्मिक और सामान्य पर्यटन के साथ ही एडवेंचर टूरिज्म, इको टूरिज्म और रूरल टूरिज्म पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी की वेड इन उत्तराखण्ड की अपील के बाद, उत्तराखण्ड की वैडिंग डेस्टिनेशन के रूप में पहचान बन रही है। हमारी सरकार के प्रयासों से उत्तराखंड की पहचान फिल्म शूटिंग के डेस्टिनेशन के रूप में बनी है। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की शुरूआत करने में उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान हमारी परम्परा रही है। प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण के साथ ही सहकारी समितियों में भी राज्य की महिलाओं के 33 प्रतिशत पद आरक्षित रखे जाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, लखपति दीदी योजना और मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना सहित अनेक योजनाएं महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बना रही हैं। हमारी सरकार ने उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों को पेंशन में वृद्धि के साथ ही राज्य आंदोलनकारियों और पात्र आश्रितों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का निर्णय लिया है। आंगनबाड़ी और आशा बहनों के मानदेय में बढ़ोत्तरी के साथ ही प्रदेश के लोक कलाकारों का मानदेय भी दोगुना किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड के मूल स्वरूप को बनाये रखने के लिये राज्य में जबरन धर्मांतरण के विरूद्ध कठोर कानून बनाया गया है। प्रदेश में अब दंगा करने वाले दंगाईयों से ही सारे नुकसान की भरपाई का कानून लागू किया गया है। राज्य की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिये निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश में लगभग 5 हजार एकड़ सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। प्रधानमंत्री जी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र को ध्येय वाक्य मानकर हम आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास में देवभूमि की देवतुल्य जनता का आशीर्वाद हमें प्राप्त होता रहे, इसके लिये हम निरन्तर प्रयासरत हैं। रजत जयंती वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाने में सफल हो यह हमारा संकल्प है।

केदारनाथ विधानसभा के उप चुनाव के प्रचार के दौरान भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल ने कहा क्षेत्र का विकास सरकार व उनकी पहली प्राथमिकता ।

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रुद्रप्रयाग। भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल ने ल्वारा-नागजगई क्षेत्र के दर्जनों का गांवों में चुनाव प्रचार अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। चुनाव प्रचार के दौरान उनके साथ भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट मांगे।
शुक्रवार को भाजपा प्रत्याशी ने खेड़ा, तुलंगा, ल्वाणी, सल्या, ल्वारा, फलीपसालत, तिनसोली, देवली भणिग्राम, लंबगौंडी, नागजगई, फेगू एवं बरम्वाडी के गांवों का भ्रमण किया। उनके साथ चल रहे भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, ब्लाक प्रमुख श्वेता पांडे, भाजपा नेता कुलदीप रावत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमंत तिवारी, कुलदीप नेगी के आजाद ने भी भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट मांगे। इस मौके पर भाजपा प्रत्याशी ने कहा कि सरकार क्षेत्र के विकास के प्रति गंभीर है। क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं हुई है। क्षेत्र का चहुंमुखी विकास हो यही सरकार व उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने प्रदेश सरकार के विकास कार्यो को आधार बनाकर ग्रामीणों से भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व व देश एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे है। कहा कि मुख्यमंत्री ने गुप्तकाशी-जखोली मोटरमार्ग व तिनसोली एवं फेगू-नागजगई मोटरमार्ग डामरीकरण की स्वीकृति प्रदान की गई है। जबकि राइंका नागजगई में कला वर्ग के पदों की स्वीकृति दी गई है। भाजपा नेता कुलदीप रावत ने कहा कि क्षेत्र के विकास करने में सिर्फ भाजपा ही सक्षम है। क्षेत्र के लिए कई विकास की घोषणाएं हो चुकी है। निकट भविष्य में इनका लाभ प्रत्यक्ष रुप से जनता को मिलेगा। उन्होंने सभी को एकजुट होकर भाजपा के पक्ष में मतदान कर पार्टी प्रत्याशी को विजयी बनाने की अपील की। इस मौके पर महिला मोर्चा की प्रदेश मीडिया प्रभारी नेहा शर्मा, जिला प्रभारी ऋषि कंडवाल, बीर सिंह रावत, मंडल अध्यक्ष राय सिंह राणा, मंडल महामंत्री सुबोध बगवाडी, वरिष्ठ भाजपा नेता देवप्रकाश सेमवाल, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सविता भंडारी, महामंत्री किरन शुक्ला, जिलाध्यक्ष युवा मोर्चा प्रदीप राणा, छात्र नेता यशवंत सिंह, विपिन सेमवाल, पूर्व जिपंस केशव तिवारी, मंडल प्रभारी रघुवीर सिंह बिष्ट, लवीश राणा, रक्षित बगवाड़ी, कमला बगवाड़ी, सरस्वती देवी आदि मौजूद थे।

उत्तरकाशी जिले में बीते दिनों हिन्दू संगठनों पर हुई लाठीचार्ज की गाज एडीएम रजा अब्बास और डिप्टी एसपी प्रशांत कुमार पर गिरी ,दोनो का हुआ तबादला।

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उत्तरकाशी-उत्तराखंड में शासन स्तर पर बड़ी कार्रवाई हुई है उत्तरकाशी जिले में तैनात दो बड़े अधिकारियों को जनपद से हटा दिया गया है.बीते दिनों उत्तरकाशी जिले में मस्जिद को हटाने को लेकर विवाद बढ़ गया। जिसको लेकर 24 अक्टूबर को बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा हिंदूवादी संगठन के ऊपर लाठी चार्ज का मामला सामने आया था। जिसको लेकर स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी.वहीं अब शासन स्तर पर उत्तरकाशी जिले के दो बड़े अधिकारियों को हटाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। जिसके मुताबिक अपर जिलाधिकारी पीसीएस रजा अब्बास को उत्तरकाशी जिले से हटा कर कार्मिक एवं सतर्कता विभाग उत्तराखंड शासन से अटैच किया गया है। वही उत्तरकाशी जिले के एक और अधिकारी डिप्टी एसपी प्रशांत कुमार को भी जिले से हटाकर पुलिस मुख्यालय से अटैच किया गया है।

बीते 24 अक्तूबर को मस्जिद के खिलाफ जनाक्रोश रैली के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई थी, जब प्रदर्शनकारी तय मार्ग से जाने की बजाए दूसरे मार्ग से जाने पर अड़ गए थे। उत्तरकाशी बवाल मामले में एडीएम रजा अब्बास और सीओ प्रशांत कुमार पर गाज गिरी है। दोनों को शासन ने देहरादून संबद्ध करने के आदेश जारी किए हैं। जनाक्रोश रैली आयोजक संयुक्त सनातन धर्म रक्षक संगठन की ओर उक्त दोनों अधिकारियों के तबादले की मांग की जा रही थी

बता दें कि बीते 24 अक्तूबर को मस्जिद के खिलाफ जनाक्रोश रैली के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई थी, जब प्रदर्शनकारी तय मार्ग से जाने की बजाए दूसरे मार्ग से जाने पर अड़ गए थे। इस दौरान ढाई घंटे तक गतिरोध के बाद पथराव और लाठीचार्ज की घटना हुई, जिसमें 9 पुलिसकर्मी सहित कुल 27 घायल हुए। कई घायलों का आज भी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।बुधवार को घटना के बाद पहली बार सीएम पुष्कर सिंह धामी उत्तरकाशी पहुंचे थे और शाम को लौट गए थे। इसके बाद देर शाम को एडीएम और सीओ को देहरादून संबद्ध किए जाने के आदेश जारी हो गए। अपर जिलाधिकारी रजा अब्बास को जहां कार्मिक एवं सतर्कता विभाग में संबद्ध किया गया। वहीं, सीओ प्रशांत कुमार को पुलिस मुख्यालय संबद्ध किया गया है। हालांकि जनाक्रोश रैली के दौरान एडीएम रजा अब्बास मौके पर भी नहीं थे, लेकिन आयोजक संयुक्त सनातन धर्म रक्षक संगठन ने उनके दूसरे समुदाय का होने पर अन्य अधिकारियों को भ्रमित करने का आरोप लगाया। वहीं सीओ प्रशांत कुमार रैली के दौरान उसी बेरिकेडिंग पर तैनात थे, जहां पथराव और लाठीचार्ज की घटना हुई थी।

तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ जी की उत्सव विग्रह डोली शीतकालीन गद्दीस्थल श्री मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ पहुंची।

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शीतकाल में श्री मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में होगी शीतकालीन पूजायें*

*इस यात्रा वर्ष 173742 से अधिक श्रद्धालु पहुंचे श्री तुंगनाथ*

  1. पंचकेदारों में प्रतिष्ठित तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी की उत्सव डोली आज समारोह पूर्वक शीतकालीन गद्दीस्थल श्री मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में विराजमान हो गयी है। इसी के साथ श्री मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में भगवान तुंगनाथ जी की शीतकालीन पूजाएं शुरू हो गयी।
    आज डोली के मक्कूमठ पहुंचने के अवसर पर स्थानीय जनता तथा श्रद्धालुओं ने श्री तुंगनाथ जी की डोली का भब्य स्वागत किया। पूरे डोली यात्रा मार्ग पर हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा तुंगनाथ जी की उत्सव डोली के दर्शन किये शीतकालीन गद्दीस्थल श्री मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ को श्री तुंगनाथ जी की डोली के पहुंचने के अवसर हेतु फूलों से सजाया गया है।
    भगवान तुंगनाथ जी की उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दीस्थल पहुंचने के अवसर पर अपने संदेश में श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी। उन्होंने बताया कि इस यात्रा वर्ष 173742( एक लाख तिहत्तर हज़ार सात सौ बयालीस) तीर्थयात्रियों ने भगवान तुंगनाथ जी के दर्शन किये।
    बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने भी श्री तुंगनाथ जी की उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दीस्थल पहुंचने पर श्रद्धालुओं को शुभकामनायें प्रेषित की हैं ।
    उल्लेखनीय है कि श्री तुंगनाथ मंदिर मंदिर के 4 नवंबर सोमवार को शुभ मुहूर्त पर विधि- विधान से शीतकाल के लिए बंद हो गये थे।
    कपाट बंद होने के बाद 4 नवंबर सोमवार को भगवान तुंगनाथ जी की चल विग्रह डोली चोपता प्रवास किया 5 नवंबर तथा 6 नवंबर को चलविग्रह डोली दूसरे पड़ाव भनकुंड प्रवास पर रही । आज बृहस्पतिवार 7 नवंबर को प्रात: भनकुंड से प्रस्थान कर भगवान तुंगनाथ जी की चलविग्रह डोली शीतकालीन गद्दीस्थल श्री मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ पहुंची।
    इसके बाद भगवान तुंगनाथ जी की चल विग्रह मूर्ति को श्री मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ मंदिर गर्भगृह में स्थापित कर दिया गया बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा हरीश गौड़ ने बताया कि इसी के साथ श्री मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में भगवान तुंगनाथ जी की शीतकालीन पूजाएं शुरू हो गयी है।
    आज श्री तुंगनाथ जी की देवडोली के श्री मक्कूमठ पहुंचने के अवसर पर पूर्व विधायक आशा नौटियाल, सहित मठापति रामप्रसाद मैठाणी, बदरीनाथ धाम के सेवानिवृत्त मंदिर अधिकारी भूपेंद्र मैठाणी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवाण, एसएओ/प्रभारी अधिकारी केदारनाथ मंदिर यदुवीर पुष्पवान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना में शामिल हुए।
    इस अवसर पर डोली यात्रा के साथ प्रबंधक बलबीर नेगी,डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित सहित पुजारीगण अतुल मैठाणी, अजय मैठाणी रविन्द्र मैठाणी, विनोद मैठाणी, चंद्रमोहन बजवाल, प्रमोद कैशिव,दिलवर नेगी, दीपक पंवार,जीतपाल भंडारी, उम्मेद थोर, नरेंद्र भंडारी एवं वन विभाग, पुलिस प्रशासन के प्रतिनिधि, दस्तूरधारी तथा मक्कूमठ गांव हक-हकूकधारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन मौजूद रहे। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद भी वितरित किया गया।

 

देवभूमि तुष्टिकरण की सियासत कर रही है कांग्रेस , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केदारनाथ का हुआ कायाकल्प आशा नौटियाल

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देवभूमि तुष्टिकरण की सियासत कर रही है कांग्रेस

केदारनाथ की जनता कांग्रेस को नहीं करेगी माफ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केदारनाथ का हुआ कायाकल्प आशा नौटियाल

कांग्रेस पार्टी में अपनी अपनी डफली अपना अपना राग अलापने वाले नेता केदारनाथ उपचुनाव में अपने-अपने वर्चस्व की लड़ाई लड़ रहे हैं । कांग्रेस पार्टी नेबुनियादी मुद्दों को लेकर जनता को गुमराह कर रही है केदारनाथ की जनता भाजपा अपना आशीर्वाद दिया है।
भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल का कहना है केदारनाथ धाम के विकास को लेकर जो रोड मैप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनाया है उसकी तस्वीर देश और दुनिया से आने वाले श्रद्धालु देख चुकी है

तुष्टिकरण की राजनीति करने वाली कांग्रेस पार्टी आज केदारनाथ धाम के विकास का रोना रो रही है । मगर केदारनाथ धाम के विकास के लिए कुछ नहीं किया है कांग्रेस पार्टी को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।

केदारनाथ की जनता अच्छी तरह से जानती है केदारनाथ का विकास किस पार्टी ने किया गया है ।

कांग्रेस पार्टी तुष्टिकरण की राजनीति करती है मगर केदारनाथ की जनता तुष्टिकरण की राजनीति करने वालों कभी माफ नहीं करेगी।

भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल का कहना है कि भाजपा किसानों नौजवानों सैनिकों के साथ खड़ी है सैनिकों के सम्मान के लिए भाजपा ने हर संभव कदम उठाए हैं।
उनका कहना है कि केदारनाथ के क्षेत्र के विकास के लिए प्रदेश सरकार कई बड़ी योजनाओं पर काम कर रही है जिससे केदारनाथ धाम का जहां विकास होगा । वहीं क्षेत्र में भी विकास किया जाएगा।

1. त्रियुगीनारायण-तोषी गरूडचट्टी मार्ग स्वीकृति

2. विजयनगर झूला पुल से रामलीला मैदान के पीछे एप्रोच रोड एवं पार्किंग का निर्माण किया जाएगा।

3. स्व० शहीद फते सिंह रा०उ०मा०वि० बाडव का उच्चीकरण कर इण्टरमीडिएट किया जाएगा।

4. श्री वासुदेव मंदिर पुजारगांव के सौन्दर्गीकरण हेतु रुपए 01 करोड की स्वीकृति।

5. ग्राम मैठाणा के पणसिल्ला नामी तोक में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्वीकृति।

6. राजकीय इंटर कॉलेज नागजगई, रांसी, पौठी, बावई, कमसाल, ग्वेफड़, खाखंरा, बीना में कला वर्ग के पदों की स्वीकृति दी जाएगी।

7. ग्राम सभा नाला में त्रिपुरासुन्दरी खेल मैदान, ग्राम सभा बडेथ (तालजामण) के बुगला तोक, शिवानन्दी, रणधार बांगर एवं कोठगी में मिनी स्टेडियम के निर्माण की स्वीकृति।

8. पर्यटक स्थल बधाणीताल का सौन्दर्यकरण किया जायेगा।

9. सुमाड़ी को नगर पंचायत बनाया जायेगा।

10. थाती बड़मा में वैटनरी मेडिकल की स्वीकृति (पूर्व में प्रस्तावित स्वीकृति सैनिक स्कूल की भूमि पर)

11. चिरबटिया आईटीआई का भवन निर्माण किया जायेगा।

12. रुद्रप्रयाग में सर्किट हाउस का निर्माण किया जायेगा।

13. गंगाधर मैठाणी राजकीय महाविद्यालय विद्यापीठ में बीएससी, एमएससी एवं एमए के साथ स्नातकोत्तर की स्वीकृति दी जाती है।

14. नाला से जाखधार- बणसू- त्यूडी तक मोटर मार्ग का डामरीकरण किया जायेगा।

15. चोपता में पॉलिटेक्निक कॉलेज भवन के अवशेष निर्माण कार्य को पूर्ण करने हेतु वन पत्रावली का निस्तारण किया जायेगा।

16. ऊखीमठ- पिंगलापानी पेयजल योजना की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाती है।

17. गुप्तकाशी- मस्ता- कालीमठ मोटर मार्ग की स्वीकृति दी जाती है

18. सिल्ला- बामण गाँव में साणेश्वर मन्दिर, सिद्धपीठ आशुतोष महादेव, तुगेश्रवर महादेव मन्दिर, फलासी एवं महड़ महादेव मंदिर महड़ गांव के सौंदर्गीकरण के लिए 25-25 लाख रुपए की स्वीकृति दी जाती है।

19. बसुकेदार में तहसील भवन के निर्माण की स्वीकृति दी जाती है।

20. पूर्व घोषणा के अंतर्गत शहीद रामसिंह राणा रा० उ०मा०वि० कालीमठ के उच्चीकरण की सैधान्तिक स्वीकृति ।

21. उरोली से कुंड सौड तक 2 किलोमीटर मोटर मार्ग की स्वीकृति दी जाती है।

22. जनता इंटर कॉलेज देवीधार (मोलखाचौरी) में भूगोल, ग्रह विज्ञान, मनो विज्ञान, एवं विज्ञान वर्ग

की इंटर स्तर पर वित्त सहिता मान्यता स्वीकृति दी जाती है।

23. बदरी-केदार मंदिर समिति में अस्थाई कर्मियों का वन टाइम सेटलमेन्ट विनियमितीकरण किया जायेगा।

24. नगर पालिका परिषद रूद्रप्रयाग, अगस्त्यमुनि एवं नगर पंचायत तिलवाड़ा तथा ऊखीमठ के बाल्मिकी बस्ती के निवासियों हेतु आवासीय सुविधा की व्यवस्था की जायेगी।

25. फाटा में नई पार्किंग व्यवस्था विकसित की जाएगी

राज्य में प्रवासी उत्तराखंड परिषद् का गठन किया जायेगा- मुख्यमंत्री

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दून विश्वविद्यालय में “प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन“ में मुख्यमंत्री ने की घोषणा।*

*उत्तराखंड रजत जयंती वर्ष का लोगो किया जारी।*

*राज्य के विकास में अपना योगदान देने के लिए प्रवासी उत्तराखंड़ियों से सीएम ने किया आह्वाहन।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय में “प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन“ में सभी प्रवासी उत्तराखंड़ियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले अल्मोड़ा जनपद में बस हादसे में अपनी जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की माटी से जुड़े हुए प्रवासियों ने शिक्षा, अनुसंधान, ब्यूरोक्रेसी, फिल्म निर्माण, उद्योग, व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोभाल और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान उत्तराखंड से हैं। भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस श्री विपिन रावत भी इसी भूमि से थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति अपने आप में विशिष्ट है। हमारे प्रवासी देश के विभिन्न राज्यों में अपनी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन सालों में उन्हें देश के अनेक राज्यों में पर्वतीय समाज के लोगों से मिलने का अवसर मिला और उन्होंने महसूस किया कि हमारे प्रवासियों के भीतर बसा उत्तराखंड सदैव उनके साथ रहता है। उन्होंने उत्तराखंड की भाषा, संस्कृति और संस्कारों को कभी नहीं छोड़ा। यह प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन सभी को उत्तराखंड की मिट्टी से पुनः जोड़ने का एक प्रयास है। यह ऐसा समागम है जहां सभी प्रवासी भाई बहन न सिर्फ राज्य के अधिकारियों के साथ संवाद कर सकेंगे बल्कि उन्हें विभिन्न राज्यों में निवासरत अन्य उत्तराखंडी प्रवासियों से भी मिलने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यहां से निकलने वाला संदेश लाखों उत्तराखंडी प्रवासियों तक पहुँचेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूर्ण करने में उत्तराखंड भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं सहयोग से प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी, पेयजल सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों का इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से मजबूत हो रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का कार्य भी तेजी से चल रहा है। एयर कनेक्टिविटी को मजबूत बनाया जा रहा है। 30 से अधिक नई नीतियां लाकर उत्तराखंड को निवेश और रोजगार सृजन के लिए अनुकूल बनाया है। प्रदेश में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भी प्राथमिकता के साथ कार्य हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश हित में कई कठोर एवं ऐतिहासिक निर्णय लिये गये हैं। यूसीसी का कानून राज्य में जल्द लागू होगा। देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण रोधी कानून और दंगा रोधी कानून लागू किया गया है। लैंड जिहाद के खिलाफ भी मुहिम चलाकर प्रदेश भर में 5000 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करवाया है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत् विकास के लक्ष्यों के इंडेक्स में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। राज्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी में है। एक वर्ष में बेरोजगारी दर 4.4 प्रतिशत कम हुई है। राज्य में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए नई फिल्म नीति को भी मंजूरी दी है जिसमें राज्य में फिल्मों की शूटिंग करने पर कई प्रकार की सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी उत्तराखंड़ियों को प्रदेश की विभिन्न जानकारियां उपलब्ध कराने और उनकी समस्याओं को दूर करने के उद्देश्य से एक डेडीकेटेड वेबसाइट भी तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रवासियों से अपील की कि कम से कम वर्ष में एक बार अपने गांव और पैतृक घर पर जरूर आएं और अपनी-अपनी विशेषज्ञता के हिसाब से अपने क्षेत्र के विकास में योगदान दें। आपके सुझावों एवं कार्यों के आधार पर विशिष्ट नीतियां बनाकर उन पर कार्य किया जायेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आज होने वाले मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह अवश्य ही उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि यह गौरवशाली क्षण है, आज प्रवासी उत्तराखंड़ियों ने अपने संघर्ष और परिश्रम के बल पर देश के कोने-कोने में अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। राज्य में कार्य करने के लिए अनेक क्षेत्रों में संभावनाएं हैं।

विधायक श्री विनोद चमोली ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की स्थापना बड़े संघर्षों के बाद हुई। राज्य में कार्य करने के लिए बहुत अच्छा वातावरण है। हम सबको राज्य के विकास के लिए सामुहिक प्रयास करने होंगे।

प्रवासी उत्तराखंडी और मेयर लखनऊ श्रीमती सुषमा खरकवाल ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें प्रवासी सम्मेलन में आने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि सबसे पहले मेरे लिए मातृभूमि उत्तराखंड है। यह देवभूमि प्रतिभाओं की धनी है।

प्रवासी उत्तराखंडी और अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने कहा कि राज्य में क्षेत्रीय फिल्मों को बढ़ावा मिलना चाहिए। उत्तराखंड की लोक कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के आयोजन सेतु के रूप में कार्य करेंगे।

प्रवासी उत्तराखंडी और भारत सरकार में सचिव वाणिज्य श्री सुनील बर्थवाल ने कहा कि प्रवासियों को अपने गांव को गोद लेने वाला विचार बहुत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि राज्य के लिए वे हर संभव सहयोग देंगे और अपनी मातृभूमि के विकास के लिए भागीदार बनेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जैविक उत्पाद के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। इनकी मांग राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से बढ़ी है। सामुहिक खेती से उत्त्राखंड में जैविक उत्पादों को बढ़ाया जा सकता है।

प्रवासी उत्तराखंडी और राजस्थान के मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत ने कहा कि प्रवासी उत्तराखंड़ियों को अपने माटी से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा सराहनीय पहल की गई है। राज्य में पर्यटन, ऊर्जा, वन संपदाओं, उद्योग के क्षेत्र में कार्य के अनेक संभावनाएं हैं। हर क्षेत्र में राज्य तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि अपनी मातृभूमि के लिए कार्य करने के लिए उन्हें जो भी अवसर मिलेगा, वे हमेशा उपस्थित रहेंगे।

इस अवसर पर विधायक श्री बंशीधर भगत, श्री किशोर उपाध्याय, श्रीमती सविता कपूर, विधायक एवं प्रवासी उत्तराखंडी श्री सुरेन्द्र मैठाणी, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, अनेक संख्या में आये प्रवासी उत्तराखंडी और शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखण्ड राज्य अतिथि गृह ‘उत्तराखण्ड निवास’ का नई दिल्ली में मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण।

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*उत्तराखण्ड राज्य अतिथि गृह ‘उत्तराखण्ड निवास’ का नई दिल्ली में मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण।*

*उत्तराखण्ड निवास में राज्य की संस्कृति, लोक कला और वास्तुकला का किया गया है समावेश।

*श्री अन्न उत्पादों और जैविक उत्पादों के लिए उत्तराखण्ड निवास में लगेगा विशेष काउंटर।

*यह भवन राष्ट्रीय राजधानी में हमारे प्रदेश की गरिमा का प्रतीक बनेगा-सीएम।

*आने वाले बजट सत्र में राज्य में एक सख्त भू-कानून लाया जायेगा- मुख्यमंत्री।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को नई दिल्ली के चाणक्यपुरी में उत्तराखण्ड राज्य अतिथि गृह ‘उत्तराखण्ड निवास’ का लोकार्पण किया। इस भव्य उत्तराखण्ड निवास का निर्माण लगभग 120 करोड़ 52 लाख की लागत से किया गया है। इस अवसर पर सबसे पहले मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद के मार्चुला बस दुर्घटना में दिवंगत आत्माओं की शांति और उनके परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज हम सब उत्तराखण्ड निवास के लोकार्पण के ऐतिहासिक पल के साक्षी बन रह हैं। उत्तराखण्ड निवास में राज्य की संस्कृति, लोक कला और वास्तुकला का समावेश किया गया है। उत्तराखण्ड की अद्वितीय कला की छाप उत्तराखण्ड निवास संजोये हुए है। इसकी दीवार पारंपरिक रूप से पहाड़ी शैली के सुंदर पत्थरों से निर्मित है, जो हमारी सांस्कृतिक धरोहर को भी जीवंत करने का का कार्य करती है। यह भवन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक पंरपराओं को एक नई ऊंचाई प्रदान करने के साथ ही उत्तराखण्ड और देश-विदेश से आने वाले अतिथियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आरामदायी आवास व्यवस्था तथा उत्तराखण्ड की संस्कृति की झलक को समेटे यह भवन राष्ट्रीय राजधानी में हमारे प्रदेश की गरिमा का प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड निवास में हमारे पारंपरिक व्यंजनों की व्यवस्था की जाए। श्री अन्न उत्पादों और जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए भी यहां पर एक विशेष काउंटर की व्यवस्था की जाए। उत्तराखण्ड की पहचान टोपी, पिछोड़ा, शॉल, जैकेट एवं राज्य के प्रसिद्ध उत्पादों की बिक्री की भी व्यवस्था हो। राज्य की महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उच्च गुणवत्ता के उत्पाद बनाये जा रहे हैं। यह हमारे आने वाले अतिथियों के लिए एक विशेष प्रकार का अनुभव होगा। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड भवन के निर्माण में योगदान देने वाले सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। सभी श्रमिकों के समर्पण भाव की भी उन्होंने सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 09 नवम्बर को हम उत्तराखण्ड राज्य की रजत जयंती वर्ष में प्रवेश करने जा रहे हैं। ऐसे में उत्तराखण्ड भवन का लोकार्पण श्रेष्ठ उत्तराखण्ड बनाने का हमारे संकल्प को मजबूती प्रदान करेगा और राज्य को आगे बढ़ाने में हम सबको प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए पिछले सालों में कई महत्वपूर्ण योजनाएं और नीतियां लागू की गई हैं। यही कारण है कि नीति आयोग द्वारा इस वर्ष जारी सतत विकास के लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखण्ड को देश प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में राज्य को एचीवर्स और स्टार्टप में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। जीएसडीपी में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उत्तराखण्ड युवाओं को रोजगार देने में भी अग्रणी राज्य बना है। एक वर्ष में बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत कमी लाई गई है। फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी सबसे अनुकूल राज्य होने के लिए भी उत्तराखण्ड को देश में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्यहित में अनेक निर्णय लिये हैं। समान नागरिक संहिता की दिशा में कदम उठाने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। जल्द ही यूसीसी राज्य में लागू करने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। राज्य में देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। जिससे प्रदेश के युवाओं में नया आत्मविश्वास जगा है। हर जनपद से युवाओं का चयन हो रहा है। विगत तीन वर्षों में राज्य में 18500 सरकारी पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं। राज्य में धर्मान्तरण को रोकने के लिए सख्त कानून लागू किया गया है। जो देवभूमि की पवित्रता और संस्कृति की रक्षा करेगा। 05 हजार से भी अधिक सरकारी जमीन जो गैरकानूनी रूप से कब्जे में थी, उसको अतिक्रमण से मुक्त कराया है। प्रदेश में लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घटिया मानसिकता के खिलाफ भी कड़ा रूख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले बजट सत्र में एक सख्त भू-कानून भी लाया जायेगा। जिसकी काफी लंबे समय से प्रतिक्षा है। राज्य सरकार उत्तराखण्ड के अंतिम छोर के व्यक्ति तक विकास की धारा से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री प्रेमचन्द अग्रवाल, श्री गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, सासंद एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, सांसद श्री अजय भट्ट, राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री महेन्द्र भट्ट, सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्यसभा सासद डॉ. कल्पना सैनी, विधायकगण, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, पूर्व मुख्य सचिव श्री शत्रुघ्न सिंह, प्रमुख सचिव श्री आर.के सुधांशु एवं सचिवगण उपस्थित थे।

बाबा केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में हुई विराजमान।

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डोली यात्रा मार्ग एवं एवं श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में डोली का भब्य स्वागत*

*भगवान केदारनाथ जी की शीतकालीन पूजाएं शुरू*

भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी से सेना के बैंड के भक्तिमय धुनों तथा स्थानीय वाद्य यंत्रों के साथ समारोह पूर्वक आज दोपहर बाद शीतकाल गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंच गयी है।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा पंचमुखी डोली का भव्य स्वागत किया गया। आज के दिन हेतु ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ को भव्य रूप से फूलों से सजाया गया है। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ जी की डोली के दर्शन किये।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली के शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचने के अवसर पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी है तथा डोली यात्रा में शामिल सभी को धन्यवाद दिया है। कहा कि भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली के शीतकालीन गद्दीस्थल पहुंचने के बाद श्री ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में भगवान केदारनाथ जी की शीतकालीन पूजाएं शुरू है गयी है।
बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने भी भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली के शीतकालीन गद्दीस्थल पहुंचने पर शुभकामनाएं दी हैं।
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डाॅ. हरीश गौड़ ने बताया कि बीते रविवार 03 नवंबर भैयादूज को श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद हुए थे।कल बीते सोमवार 04 नवंबर को भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली रामपुर से प्रस्थान कर शायं को श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंची।
आज भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली ने श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी से प्रातः 9 बजे श्री ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान हुई। श्रद्धालुओं ने डोली का पूरे यात्रा मार्ग गुप्तकाशी बाजार, विद्यापीठ, कुंड, संसारी, ऊखीमठ मंदिर मार्ग पर पुष्प वर्षा से स्वागत किया।
श्री ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचने पर बाबा केदारनाथ की डोली का भव्य स्वागत हुआ।
आज डोली के ऊखीमठ पहुंचने के अवसर पर बीकेटीसी सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, रणजीत सिंह राणा, अधिशासी अभियंता अनिल ध्यानी, केदारसभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी,केदारनाथ मंदिर प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, प्रधान पुजारी शिवशंकर लिंग, डोली प्रभारी प्रदीप सेमवाल, धर्मेंद्र तिवारी, अरविंद शुक्ला कुलदीप धर्म्वाण, प्रेम सिंह रावत, बीरेश्वर भट्ट, अभिरतन धर्म्वाण, अनूप तिवारी, रणवीर पुष्पवान, आचार्य संजय तिवारी, वेदप्रकाश त्रिवेदी, प्रकाश शुक्ला, हिमांशु बर्त्वाल सहित मंदिर समिति कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन मौजूद रहे।
उन्होंने यह भी अवगत कराया है कि श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट बीते 04 नवंबर सोमवार दोपहर को बंद हुए तथा श्री तुंगनाथ जी की उत्सव डोली ने कल चोपता प्रवास किया आज उत्सव डोली चोपता से भनकुन पहुंची तथा कल 06 नवंबर को भी भनकुन प्रवास करेगी। 07 नवंबर को पंचमुखी उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल श्री मर्केटेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी इसी के साथ श्री मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में शीतकालीन पूजाएं शुरू हो जायेंगी।
इस अवसर पर मठापति रामप्रसाद मैठाणी, डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित, प्रबंधक बलबीर नेगी, चंद्र मोहन बजवाल, पुजारी विनोद मैठाणी, प्रकाश मैठाणी रवीन्द्र मैठाणी आदि मौजूद रहे।

 

इस वर्ष श्री केदारनाथ धाम में 16 लाख, 52 हजार यात्रियों ने किए दर्शन।01 अरब, 31 करोड़, 17 लाख, 20 हजार सात सौ का किया गया व्यवसाय,07 करोड, 19 लाख, 43 हजार 6 सौ राजस्व की हुई प्राप्ति।

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श्री केदारनाथ धाम की इस वर्ष की यात्रा सफलतापूर्वक हुई संपन्न*

*16 लाख, 52 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा केदार के दर्शन*

*जिलाधिकारी ने सफल यात्रा संपादन के लिए सभी अधिकारियों-कार्मिकों एवं सुरक्षा व्यवस्था में तैनात अधिकारियों एवं कार्मिकों को दी बधाई*

वर्ष 2024 की 11वें ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ धाम की यात्रा रविवार को प्रातः 8ः30 बजे मंत्रोच्चारण के साथ भगवान केदारनाथ के कपाट शीतकालीन हेतु बंद हो गए हैं। इस अवसर पर 18 हजार से अधिक लोग मौजूद रहे।
श्री केदारनाथ धाम की यात्रा को सुव्यवस्थित ढंग से संपादित कराने के लिए यात्रा व्यवस्थाओं में लगे अधिकारियों-कार्मिकों, सुरक्षा बलों, तीर्थ पुरोहितों आदि का जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष यात्रा में कई चुनौतियां सामने आई हैं। 31 जुलाई को आई भारी आपदा के कारण केदारनाथ धाम एवं यात्रा मार्ग में फंसे 15 हजार से अधिक फंसे यात्रियों को सकुशल निकाला गया तथा क्षतिग्रस्त यात्रा मार्ग को तत्परता से कार्य करते हुए यात्रा हेतु एक माह से कम समय में सुचारू किया गया। उन्होंने कहा कि इस कठिन परिस्थितियों के बावजूद भी श्री केदारनाथ बाबा के भक्तों के उत्साह एवं श्रद्धा में कोई कमी नहीं आई तथा भक्तों ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए। उन्होंने यात्रा में लगे सभी नोडल अधिकारियों-कार्मिकों, सुरक्षाबलों, पुलिस, सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, आईटीबीपी, स्वास्थ्य विभाग की टीम, तीर्थ पुरोहितों, मंदिर समिति सहित मीडिया बंधुओं का भी केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर प्रमुखता से खबरों का प्रकाशन के लिए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने यात्रा व्यवस्थाओं में लगे नोडल अधिकारियों से कहा कि इस यात्रा व्यवस्थाओं में जो भी कमी एवं त्रुटि रह गई हैं उसको आगामी यात्रा को और अधिक सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए अभी से तैयारी सुचारू करने के भी निर्देश दिए गए।
इस वर्ष श्री केदारनाथ धाम में 16 लाख, 52 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए हैं। जिसमें 249 विदेशी दर्शनार्थी शामिल हैं।
नोडल अधिकारी यात्रा/मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती ने अवगत कराया है कि इस यात्रा में 4 लाख, 79 हजार, 624 तीर्थ यात्रियों ने घोड़े-खच्चरों के माध्यम से बाबा केदारनाथ के दर्शन किए हैं। जिससे 01 अरब, 31 करोड़, 17 लाख, 20 हजार सात सौ का व्यवसाय किया गया है। जिसमें 07 करोड, 19 लाख, 43 हजार 6 सौ राजस्व प्राप्त हुआ है।
नोडल अधिकारी हैली सेवा/जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने अवगत कराया है कि हैली सेवा के माध्यम से 01 लाख, 28 हजार से अधिक लोगों ने हैली सेवा से बाबा केदारनाथ के दर्शन किए हैं तथा हैली कंपनियों द्वारा 01 अरब, 10 करोड़ से अधिक का व्यवसाय किया गया है।
नोडल अधिकारी स्वास्थ्य/प्र. मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विमल सिंह गुसांई ने अवगत कराया है कि श्री केदारनाथ धाम की इस वर्ष की यात्रा में 1 लाख, 98 हजार, 952 श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य उपचार किया गया है। जिसमें 1 लाख, 57 हजार, 330 पुरुष तथा 41 हजार, 622 महिलाएं शामिल हैं। इसके साथ ही 15 हजार 173 लोगों को ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराई गई तथा 01 लाख, 61 हजार 308 श्रद्धालुओं की स्क्रीनिंग भी की गई। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान 218 लोगों को एंबुलेंस सेवा से तथा 90 श्रद्धालुओं को हेली सेवा के माध्यम से हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया।

 

तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट शीतकाल के लिए हुए बंद ।

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इस यात्रा वर्ष पौने दो लाख श्रद्धालु पहुंचे श्री तुंगनाथ

*पांच सौ से अधिक श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने

पंचकेदारों में प्रतिष्ठित तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट आज पूर्वाह्न 11 बजे शुभ मुहूर्त पर विधि-विधान से शीतकाल के लिए बंद हो गये है। इस अवसर पर मंदिर को सजाया गया था।कपाट बंद होने के बाद भगवान श्री तुंगनाथ जी की उत्सव डोली ने स्थानीय वाद्य यंत्रों ढोल-दमाऊं सहित बाबा तुंगनाथ के जय उदघोष के साथ प्रथम पड़ाव चोपता को प्रस्थान किया इस अवसर पर पांच सौ से अधिक श्रद्धालु मौजूद रहे।
श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के अवसर पर अपने संदेश में श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी। उन्होंने बताया कि इस यात्रा वर्ष एक लाख सत्तर हजार से अधिक तीर्थयात्रियों ने भगवान तुंगनाथ जी के दर्शन किये। बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने भी कपाट बंद होने अवसर पर श्रद्धालुओं को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
कपाट बंद होने के एक दिन पहले 3 नवंबर को श्री तुंगनाथ मंदिर में यज्ञ-हवन किया गया था। आज 4 नवंबर प्रातः साढ़े चार बजे मंदिर खुल गया था। प्रातः कालीन पूजा के पश्चात श्रद्धालुओं ने भगवान तुंगनाथ जी के दर्शन किये। ठीक दस बजे से मंदिर गर्भगृह में कपाट बंद की प्रक्रिया शुरू हुई।
भगवान तुंगनाथ के स्वयंभू शिवलिंग को श्रृंगार रूप से समाधि स्वरूप में ले जाया गया। शिवलिंग को स्थानीय पुष्पों, फल पुष्पों, अक्षत से ढक दिया गया।
इसके बाद मठापति रामप्रसाद मैठाणी, प्रबंधक बलबीर नेगी डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित,की उपस्थिति में पुजारी अतुल मैठाणी तथा अजय मैठाणी ने तुंगनाथ मंदिर के कपाट बंद किये।
कपाट बंद होने के बाद मंदिर समिति कर्मचारियों तथा श्रद्धालुओं के साथ मंदिर की परिक्रमा पश्चात अखोड़ी और हुडु गांव के हक-हकूकधारी भगवान तुंगनाथ जी की चल विग्रह डोली के साथ चोपता को प्रस्थान हुए।
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डाॅ. हरीश गौड़ ने बताया कि 4 नवंबर सोमवार को भगवान तुंगनाथ जी की चल विग्रह डोली चोपता प्रवास करेगी। उन्होंने बताया कि 5 नवंबर तथा 6 नवंबर को चलविग्रह डोली दूसरे पड़ाव भनकुन प्रवास करेगी। इसके बाद 7 नवंबर को भगवान तुंगनाथ जी की चलविग्रह डोली शीतकालीन गद्दीस्थल श्री मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में विराजमान हो जायेगी।
इसके साथ ही श्री मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में भगवान तुंगनाथ जी की शीतकालीन पूजाएं शुरू हो जायेगी।
इस अवसर पर मठापति रामप्रसाद मैठाणी, प्रबंधक बलबीर नेगी,डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित सहित पुजारीगण रवीन्द्र मैठाणी, विनोद मैठाणी, चंद्रमोहन बजवाल,दिलवर नेगी, दीपक पंवार,जीतपाल भंडारी, उम्मेद थोर, नरेंद्र भंडारी एवं वन विभाग, पुलिस प्रशासन के प्रतिनिधि, दस्तूरधारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन मौजूद रहे।