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Friday, March 20, 2026


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पौड़ी जिलापंचायत में करोडों के घपले के आरोपी कनिष्ठ अभियंता को किया गया निलंबित, वित्तीय अनियमितताओं समेत लगे हैं कई आरोप।

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पौड़ी-जिला पंचायत पौड़ी में सेवारत तदर्थ कनिष्ठ अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। सचिव चंद्रेश कुमार यादव ने निलंबन आदेश जारी कर, तदर्थ कनिष्ठ अभियंता को पंचायतीराज निदेशालय संबंद्ध किया है। निलंबित तदर्थ कनिष्ठ अभियंता पर विकास कार्यों में अनियमितता सहित कई आरोप हैं। गढ़वाल मंडल आयुक्त की जांच में जिला पंचायत के विकास कार्यों में 1.61 करोड़ की वित्तीय अनियमितता पहले ही सामने आ चुकी है। आय से अधिक संपत्ति की विजिलेंस जांच में जुटी है। निलंबित तदर्थ कनिष्ठ अभियंता से बीते माह जिला पंचायत पौड़ी के अभियंता का प्रभार भी छीन लिया गया था।

जिला पंचायत पौड़ी में कनिष्ठ अभियंता के पद पर संविदा के तहत वर्ष 2008 में सुदर्शन रावत की नियुक्ति हुई थी। इस बीच जिला पंचायत में नियमित अभियंता की तैनाती नहीं होने पर उन्हें अभियंता का प्रभार भी सौंपा गया। वर्ष 2018-19 में विभाग में नियमित कनिष्ठ अभियंता के पद पर तदर्थ तैनाती दी गई, लेकिन लगातार उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता, जिला पंचायत सदस्यों ने डीएम पौड़ी, गढ़वाल मंडल आयुक्त, पंचायतीराज निदेशक, सचिव, विधायक, मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायतें की गई।

कुछ दिनों पहले तदर्थ कनिष्ठ अभियंता पर कांवड यात्रा में सेक्टर मजिस्ट्रेट की अहम जिम्मेदारी के बावजूद बिना शासन की अनुमति के बीते 15 से 20 जुलाई तक विदेश यात्रा पर जाने, जिला पंचायत प्रशासन द्वारा जनवरी 2012 से दिसंबर 2018 के बीच 20 करोड़, 20 लाख 57 हजार से अधिक की नकद दी गई धनराशि में 84.27 लाख की धनराशि स्वयं व पत्नी के खाते में जमा करना, विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता सहित अनेक आरोप हैं। आय से अधिक संपत्ति को लेकर विजीलेंस जांच गतिमान है। गढ़वाल मंडल आयुक्त की जांच में जिला पंचायत पौड़ी में विकास कार्यों में 1 करोड़ 61 लाख की वित्तीय अनियमतता की पुष्टि भी हो चुकी है।

सचिव उत्तराखंड शासन चंद्रेश कुमार यादव ने कहा कि जिला पंचायत पौड़ी में सेवारत तदर्थ कनिष्ठ अभियंता सुदर्शन रावत को वित्तीय अनियमितताओं सहित अन्य आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गा है। साथ ही निलंबित कनिष्ठ अभियंता को पंचायतीराज निदेशालय संबंद्ध किया गया है। प्रकरण की विभागीय जांच के लिए जल्द ही एक कमेटी गठित की जाएगी।

पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने की 04 घोषणाएं।

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पुलिस कार्मिकों के आवासीय भवनों के निर्माण के लिए आगामी वित्तीय वर्ष में रू0 100 करोड़ की राशि आवंटित की जायेगी।*

*उत्तराखण्ड पुलिस विभाग में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के पौष्टिक आहार भत्ते में 100 रूपये की वृद्धि की जायेगी।*

*उत्तराखण्ड पुलिस विभाग में कार्यरत निरीक्षकों और सहायक उप निरीक्षकों के वर्दी भत्ते में 3500 रूपये की वृद्धि की जायेगी।*

9,000 फीट से अधिक ऊँचाई पर तैनात पुलिस और एस.डी.आर.एफ. कर्मियों को प्रदान की जा रही उच्च तुंगता भत्ता 200 रूपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 300 रूपये प्रतिदिन किया जायेगा।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस लाइन, देहरादून में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शहीद स्मारक पर पुलिस एवं अर्द्ध सैन्य बलों के शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने शहीद पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आन्तरिक सुरक्षा व्यवस्था एवं कानून-व्यवस्था बनाये रखने का उत्तरदायित्व राज्यों के पुलिस बल एवं अर्द्ध सैनिक बलों का है। विगत एक वर्ष में सम्पूर्ण भारत में कुल 216 अर्द्ध सैनिक बलों एवं विभिन्न राज्यों के पुलिस कर्मी शहीद हुए, जिसमें उत्तराखण्ड पुलिस के 04 वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय पुलिस स्मारक की स्थापना की गई है, जो हमारे पुलिस बल के अद्वितीय समर्पण और बलिदान का प्रतीक है। पिछले कुछ वर्षों में हमारी पुलिस ने अनेक चुनौतियों का सामना किया है। आतंकवाद, देश के विभिन्न क्षेत्रों में नक्सलवाद, प्राकृतिक आपदाओं, कानून व्यवस्थाओं से संबंधित जटिल परिस्थितियों में हमारी पुलिस ने अदम्य साहस और वरता का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड भौगोलिक एवं सामरिक महत्व के दृष्टिगत राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अत्यन्त संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण राज्य है। राज्य में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को बनाये रखने में हमारे पुलिस की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। किसी भी राज्य की पुलिस व्यवस्था उस राज्य की सुरक्षा और समृद्धि का एक अभिन्न स्तम्भ है। राज्य पुलिस भी सेवा की भावना और कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए अनेकों चुनौतियों नशा, साइबर क्राईम, महिला अपराध, यातायात व्यवस्था, चारधाम यात्रा, आपदा, भूस्खलन, काँवड यात्रा प्रबंधन का सामना करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 तक देवभूमि उत्तराखण्ड को ड्रग्स फ्री बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए उत्तराखण्ड पुलिस के अन्तर्गत एक त्रिस्तरीय एण्टी नारकोटिक फोर्स का गठन किया गया है। इस वर्ष 1100 से ज्यादा नशे के सौदागरों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए लगभग 23 करोड़ रूपये के नारकोटिक पदार्थ भी बरामद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध एक बड़ा खतरा बन चुका है। हमारी पुलिस को इस दिशा में भी सजग रहना होगा और तकनीकि रूप से और अधिक दक्ष होना पड़ेगा। राज्य में महिलाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के प्रत्येक थाने पर “महिला हैल्प डेस्क” के अन्तर्गत ‘क्यूआरटी’ का गठन किया गया है। बच्चों एवं महिलाओं के प्रति हुए अपराधों में 95 प्रतिशत से अधिक मामलों का अनावरण कर 50 प्रतिशत से अधिक अभियुक्तों के विरूद्ध कार्यवाही की गयी है। जिसके लिए उत्तराखण्ड पुलिस बधाई की पात्र है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस कर्मियों के आवासीय स्तर को सुधारने के लिए 150 करोड़ से अधिक की लागत से 380 आवासों का निर्माण किया जा चुका है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 42 करोड़ की लागत से 05 पुलिस थानों 02 पुलिस चौकियों, 02 फायर स्टेशनों और तीन पुलिस लाईनों के प्रशासनिक भवनों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। पुलिस के रिस्पॉस टाइम को बेहतर करने के लिए 1105 पुलिस वाहनों की खरीद के लिए मंजूरी दी गई है। पुलिस सैलरी पैकेज के अन्तर्गत पुलिस कार्मिकों के लिए 75 लाख से 1 करोड़ तक का दुर्घटना बीमा कराया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत 15 करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि दिवंगत पुलिस कार्मिकों के परिजनों को प्रदान की जा चुकी है। आपदा एवं राहत के क्षेत्र में सरकार द्वारा एस0डी0आर0एफ0 की एक कम्पनी स्वीकृत करते हुए 162 पदों का सृजन किया गया। 06 थानों व 21 पुलिस चौकियों के क्रियान्वयन हेतु 327 पद स्वीकृत किये गये, पी0पी0एस0 के ढांचे में 11 नये पदों का सृजन किया गया। उप निरीक्षक स्तर के 222 पदों पर भर्ती निकाली गयी है तथा 2000 सिपाहियों की भर्ती की प्रक्रिया प्रचलित है। राज्य में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए उत्तराखण्ड खेल नीति के अन्तर्गत कुशल खिलाड़ी कोटे में भी पुलिस विभाग में भर्तियां की जायेंगी।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मधु चौहान, विधायक श्री विनोद चमोली, श्री मुन्ना सिंह चौहान, श्रीमती सविता कपूर, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, सचिव गृह श्री शैलेश बगोली, डीजीपी श्री अभिनव कुमार एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

भगवान तुंगनाथ के शीतकालीन कपाट 4नवम्बर होंगे बंद।

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*04 नवंबर को बंद होंगे श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट*

*चोपता, भनकुन गुफा होते हुए शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ में पहुंचेगी उत्सव डोली*

उखीमठ ।।तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल हेतु आगामी 04 नवंबर को पूर्व परम्परा के अनुसार बंद कर दिए जाएंगे।
उक्त आशय की जानकारी देते हुए श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने अवगत कराया है कि भगवान श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट आगामी शीतकालीन हेतु 04 नवंबर, 2024 को बंद कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि श्री तुंगनाथ जी की उत्सव डोली यात्रा कार्यक्रम के तहत 04 नवंबर को प्रातः प्रस्थान कर डोली रात्रि विश्राम हेतु चोपता पहुंचेगी। अगले दिन 05 नवंबर को चोपता से प्रस्थान कर रात्रि विश्राम हेतु भनकुन गुफा पहुंचेगी। 06 नवंबर को उत्सव डोली भनकुन गुफा में ही अवस्थान करेगी जबकि 07 नवंबर, 2024 को श्री तुंगनाथ जी की उत्सव डोली भनकुन गुफा से प्रस्थान कर अपने शीतकालीन गद्दी स्थल श्री मक्कूमठ मंदिर में पहुंचेगी।

देवप्रयाग के पास ट्रक दुर्घटनाग्रस्त ,ट्रक हादसे में पति पत्नी लापता ,सर्च अभियान जारी।

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देवप्रयाग ।उत्तराखंड के देवप्रयाग से बड़े हादसे की खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है आज सुबह यहां बिसलेरी की पानी की बोतल से लदा हुआ एक ट्रक 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। खाई में गिरे ट्रक के आगे का हिस्सा नदी में समा गया है जबकि बाकी का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।बताया जा रहा है दुर्घटना ग्रस्त ट्रक में ड्राइवर और उसकी पत्नी सवार थे। दोनों ही इस हादसे में लापता हैं। पुलिस द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

प्राप्त हो रही जानकारी के मुताबिक देवप्रयाग से 3 किलोमीटर दूर सैनिक होटल के पास पुलिस को एक ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई जिस पर तत्काल एसओ महिपाल सिंह फोर्स के साथ राहत बचाव कार्य हेतु दुर्घटना स्थल पर पहुंचे। वहां सैनिक होटल से पहले सड़क किनारे बने पिरेफिट टूटे हुए थे। नदी के नीचे जाकर तलाश की गई तो सड़क से करीब 500 मीटर नीचे की तरफ एक ट्रक आयशर जिसका नंबर यूके 08 CB – 3646 दुर्घटनाग्रस्त हालत में मिला ट्रक के आगे का हिस्सा नदी में समा चुका था और बाकी हिस्सा बुरी तरीके से क्षतिग्रस्त पाया गया।

देवप्रयाग थाना प्रभारी महिपाल रावत ने बताया कि आज सुबह ट्रक के नदी में गिरने की सूचना प्राप्त हुई थी जिसमें वाहन चालक और उसकी पत्नी सवार थे दोनों दुर्घटना के बाद से लापता बताए जा रहे हैं दोनों की खोजबीन में गंगा नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

केदारनाथ धाम में महिला के साथ दुष्कर्म का प्रयास ÷ कुछ सुलगते सवाल।

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केदारनाथ धाम जैसे पवित्र स्थान पर किसी महिला के साथ दुराचार का प्रयास करना ,महिलाओं की सुरक्षा पर सरकार पर भी कई सवालिया निशान उठते है ,जो भरतीय जनता पार्टी चाल चरित्र की बाते करती है वही पार्टी अपने जिला कार्यकारणी के महिला पदाधिकारी के साथ क्यों समय पर खड़ी नही हुई,जो पार्टी बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा देकर वाहवाही लुटती है क्यों उनकी पीड़ित जिले पदाधिकारी को अपनी शिकायत दर्ज करने के लिए  डीजी पुलिस उत्तराखण्ड को पत्र भेजने की जरूरत पड़ी। क्यों 5 दिनों के  इंतजार के बाद  सोनप्रयाग थाने को  मुकदमा दर्ज करना पड़ता ये सवाल सभी के जेहन में जरूर उठ रहे होंगे क्या किसी सफेदपोश का इसमें हस्तक्षेप हो रहा था। ये सब
महिला के साथ दुष्कर्म का प्रयास ÷ कुछ सुलगते सवाल।

) करोड़ों लोगों के आस्था के केन्द्र बाबा के धाम में ऐसा कुकृत्य घोर निन्दनीय व अक्षम्य है।
बाबा के सभी भक्तों को मुखर होकर विरोध करना होगा।
२) आरोपी ऐसे समाज से है,यदि इस समाज का कोई व्यक्ति देश के किसी भी कोने में चला जाय तो हर श्रद्धालू बाबा के धाम को याद कर व बाबा का उपासक मानकर सम्मान देता है।
इस समाज को भी मुखर होकर ऐसे व्यक्ति का विरोध करना चाहिए।
3) आश्चर्य की बात तो यह है कि पीड़िता बीजेपी की जिला पदाधिकारी है और बीजेपी के नेताओं के मुँह में दई जमीं हुई है।
कहाँ गया बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ का नारा।
४) कांग्रेस की चुप्पी भी दुष्कर्म की मौन स्वीकृति है।
५) दुष्कर्म का प्रयास किसी दूसरे समुदाय के व्यक्ति द्वारा किया होता तो अबतक बीजेपी के छूट भैया से लेकर बड़े भैया तक सभी खुद ही पुलिस व जज बनकर फैसला कर देते।
६) सुना है बीजेपी ने जिसे जिले में चाल, चरित्र का पहरेदार बना रखा है वही पीड़िता पर शिकायत न करने का दबाव बना रहा है।
७) घटनास्थल से मात्र 100 मीटर की दूरी पर पुलिस की रिपोर्टिंग चौकी है,पीड़िता के शिकायत करने के बावजूद भी कुछ मीडियाकर्मियों के आगे आने व डीजीपी के कहने पर 4 दिन बात एफआईआर दर्ज हो सकी,यह देरी किसके दबाव में हुई यह सबसे बड़ा जॉच का विषय है।
८) पीड़िता ने अपनी शिकायत में लिखा है कि मेरी ही पार्टी के कुछ बड़े नेता मुझ पर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं, जॉच में ऐसे चेहरों को जनता के सामने बेनकाब करना चाहिए।

मुख्यमंत्री और नीति आयोग के उपाध्यक्ष के बीच राज्य से जुडे विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा

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पर्वतीय राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नीति बनाने का सीएम ने किया अनुरोध।*

*राज्य के सामरिक महत्व को देखते हुए नीति बने-सीएम।*

*नीति आयोग के उपाध्यक्ष से आपदा, वनाग्नि, राज्य की फ्लोटिंग आबादी के दृष्टिगत विशेष सहयोग की अपेक्षा की।*

*नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने एस.डी.जी रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर मुख्यमत्री को दी बधाई।*

*राज्य की प्रमुख चुनौतियों पर हर संभव सहयोग का दिया आश्वासन।*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सचिवालय में नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री सुमन बेरी के साथ राज्य से जुड़े अहम विषयों पर बैठक की। मुख्यमंत्री ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष का देवभूमि उत्तराखण्ड में स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि उत्तराखण्ड विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला राज्य है। राज्य में पर्वतीय, मैदानी, भाबर और तराई क्षेत्र हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में आपदा, वनाग्नि, पलायन और फ्लोटिंग जनसंख्या बड़ी चुनौती है। दो देशों की अन्तरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे होने के कारण उत्तराखण्ड सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। उन्होंने नीति आयोग के उपाध्यक्ष से अनुरोध किया कि हिमालयी राज्यों की भौगोलिक परिस्थियों को ध्यान में रखते हुए नीतियों का निर्धारण किया जाए। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों की आजीविका में वृद्धि के लिए विशेष नीति बनाने का अनुरोध भी किया। इससे पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन जैसी बड़ी समस्या का समाधान होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिम आधारित नदियों को वर्षा आधारित नदियों से जोड़े जाने की एक महत्वाकांक्षी परियोजना पर कार्य कर रही है, इसके दीर्घकालिक परिणाम गेम चेंजर साबित होंगे। “नदी-जोड़ो परियोजना“ के क्रियान्वयन के लिए अत्यधिक धनराशि की आवश्यकता है जिसके लिये उन्होंने इसके नीति आयोग से तकनीकी सहयोग के लिए अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की जनसख्या मूल रूप से लगभग सवा करोड़ है, लेकिन धार्मिक और पर्यटन प्रदेश होने की वजह से राज्य में इससे 10 गुना लोगों की आवाजाही है। राज्य में फ्लोटिंग जनंसख्या को ध्यान में रखते हुए आधारभूत और बुनियादी सुविधाओं के विकास की आवश्यकता होती है। उन्होंने नीति आयोग के उपाध्यक्ष से अनुरोध किया राज्य में फ्लोटिंग आबादी को ध्यान में रखते हुए राज्य के लिए नीति बने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आपदा की दृष्टि से बहुत संवेदनशील राज्य है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण राज्य को प्रत्येक साल जन-धन की काफी क्षति होती है। राज्य में विकसित किया गया इन्फ्रास्टक्चर प्राकृतिक आपदाओं के कारण काफी प्रभावित होता है। उन्होंने अनुरोध किया कि राज्य की प्राकृतिक आपदाओं को ध्यान में रखते हुए नीति बनाई जाय। उन्होंने कहा कि वनाग्नि भी राज्य की बड़ी समस्या है। राज्य में वनाग्नि की चुनौतियों से समाधान के लिए राज्य को पर्याप्त संसाधनों की आवश्यकता होगी। राज्य के सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए भी विशेष नीति बनाने का अनुरोध भी मुख्यमंत्री ने किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूरा करने की दिशा में लिए ’सशक्त उत्तराखण्ड पहल“ वर्ष 2022 में आरम्भ किया गया, जिसके अन्तर्गत आगामी पांच वर्षों में राज्य की आर्थिकी को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में हमने राज्य की आर्थिकी वर्ष 2022 के सापेक्ष 1.3 गुना हो चुकी है। हमने इस लक्ष्य को पूरा करने हेतु अल्पकालिक, मध्यकालिक एवं दीर्घकालिक रोडमेप तैयार किये है।

नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री सुमन बेरी ने नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखण्ड को प्रथम स्थान मिलने पर मुख्यमंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज बैठक में राज्य की प्रमुख चुनौतियों से संबंधित जिन विषयों पर चर्चा हुई है, इन सभी विषयों पर हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के आकांक्षी जनपदों और विकासखण्डों के विकास के लिए भी नीति आयोग द्वारा हर संभव सहयोग दिया जायेगा।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड के सेतु आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजशेखर जोशी, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आरं के. सुधांशु, राज्य सलाहकार नीति आयोग, भारत सरकार सोनिया पंत, सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुदंरम, श्री शैलेश बगोली, श्री एस.एन.पाण्डेय, अपर सचिव श्री विजय कुमार जोगदण्डे, सीपीपीजीजी के एसीईओ डॉ. मनोज पंत उपस्थित थे।

चोपता दुगलबिठा जा रही पर्यटकों की अल्टिका कार दुर्घटना ग्रस्त हो कर 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी

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चोपता दुगलबिठा जा रही पर्यटकों की अल्टिका कार दुर्घटना ग्रस्त हो कर गहरी खाई में गिरी

चोपता दुगलबिठा जा रही पर्यटकों की अल्टिका कार दुर्घटना ग्रस्त हो कर गहरी खाई में गिरी
कार में बैठे सभी आठ सवारियों का सकुशल किया गया रेस्क्यू।

सभी पर्यटक कानपुर यूपी के रहने वाले थे।

आज सुबह 11 बजे लगभग उखीमठ से चोपता जा रही पर्यटकों की कार दुगलबिठा के पास सड़क से 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी ।कार में एक ही परिवार के आठ लोग सवार थे ।जिन्हें खाई से सकुशल निकाल कर 108 की मद्दत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उखीमठ पहुंचाया गया।
जिला आपदप्रबन्धन अधिकारी नन्दं सिंह रजवार ने कहा कि आपदा परिचालन केन्द्र रुद्रप्रयाग से सूचना मिली है कि 11:30बजे लगभम एक अल्टिका कार दुगल्बीटा से लगभग 100मी आगे गहरी खायी में गिर गयी है ।सूचना मिलते ही डी डी आर एफ टीम ऊखीमठ ने तुरन्त घटना स्थल पर जाकर सभी यात्रीयों सकुशल रेस्कयु किया तथा ज्यादा चोटिल व्यक्ति को 108 के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ऊखीमठ भेजा गया
विवरण 1-अमर राजपूत पुत्र राम अवतार उम्र 40 वर्ष
2-अमित राजपूत पुत्र अशोक कुमार उम्र 35 वर्ष
3-संनजय राजपूत पुत्र दीना देवसार उम्र 33 वर्ष
4-दीप राजपूत पुत्र रामाआसरय उम्र 41 वर्ष
5-सूरज राजपूत पुत्र राम जीवन उम्र 23 वर्ष वाहन चालक
6-शिवा राजपूत पुत्र राम प्रकाश उम्र 19 वर्ष
7-विनोद पाल पुत्र छोटे लाल उम्र 43 वर्ष
ये सभी लोग एक ही परिवार के हैं।जो कानपुर उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। जो कि वाहन स्खया UP 78 HA 4485 में आये थे जो कि आज दुर्गघटना ग्रस्त हो गई ।

 

केदारनाथ धाम में भाजपा महिला नेत्री के साथ दुष्कर्म का प्रयास, मुकदमा हुआ दर्ज।

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रुद्रप्रयाग- केदारनाथ धाम में एक महिला के साथ दुष्कर्म करने के प्रयास का संगीन मामला प्रकाश में आया है।परिजनों के मुताबिक 5 दिन पूर्व घटना की शिकायत केदारनाथ चौकी में तहरीर देकर की थी,लेकिन तहरीर देने के बावजूद भी आरोपी के विरुद्ध मुकदमा मुकदमा पंजीकृत ना होने से परिजनों का केदारनाथ चौकी प्रभारी के ख़िलाफ़ आक्रोश बना हुआ है।आक्रोश बढ़ता देख महिला की तहरीर पर अब सोनप्रयाग थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

बताया जा रहा है कि पीड़ित भारतीय जनता पार्टी रुद्रप्रयाग जनपद में महिला मोर्चा की पदाधिकारी भी है। केदारनाथ में शिकायत दर्ज न होने के बाद महिला द्वारा शुक्रवार देर शाम सोनप्रयाग थाने में अपनी तहरीर दी। जिसके बाद मुकदमा थाने में मुकदमा पंजीकृत हो पाया।

पुलिस को दी गई तहरीर में पीड़ित महिला ने बताया की वह केदारनाथ धाम में रोजगार के लिए यात्रियों के ठहरने के हेतु टैंटो का संचालन करती हैं।बीतें 13 अक्टूबर रात्रि को राकेश चंद्र शुक्ला ग्राम नागजगई तहसील बसुकेदार ने उनके टैंट में घुसकर उनके साथ जबरदस्ती कर दुष्कर्म करने का प्रयास किया।जिसकी शिकायत उनके द्वारा केदारनाथ चौकी में की गई।लेकिन पुलिस के द्वारा मामलें पर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई।सोनप्रयाग थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह असवाल ने बताया कि संबंधित के विरुद्ध सोनप्राग थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है,और मामले की विवेचना शुरू कर दी है।जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

केदारनाथ धाम को संचालित होने वाली हेली सेवाओ में टिकटों की कालाबाजारी व ओवररेट होने पर रुद्रप्रयाग पुलिस ने हेलीपैडों पर जाकर की ताबड़तोड़ छापेमारी।

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पुलिस की कार्यवाही से मचा हड़कम्प*

*गुप्तकाशी व फाटा क्षेत्रान्तर्गत संचालित 02 संदिग्ध होटल स्वामियों को पुलिस ने लिया हिरासत में

जनपद रुद्रप्रयाग में स्थित श्री केदारनाथ धाम जाने हेतु हैलीकॉप्टर टिकटों की ठगी तथा कालाबाजारी व ओवररेटिंग की शिकायतों पर प्रभावी कार्यवाही किये जाने हेतु एसपी रुद्रप्रयाग श्री अक्षय प्रहलाद कोंडे ने थाना प्रभारी गुप्तकाशी व एसओजी की टीम को निर्देशित किया गया था।
पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशन में जनपद पुलिस के स्तर से आज गुप्तकाशी व फाटा क्षेत्रान्तर्गत संचालित हो रही विभिन्न हैली सेवा प्रदाता कम्पनियों पर छापेमारी की गयी। इस दौरान पुलिस के स्तर से सम्बन्धित हैली सेवा प्रदाता कम्पनियों के स्टाफ व हैलीपैड पर मौजूद यात्रियों व लोगों से आवश्यक पूछताछ की गयी। हालांकि इस दौरान पुलिस को किसी भी प्रकार की शिकायतें नहीं मिली परन्तु पुलिस कार्यवाही से विभिन्न हैलीपैडों पर हड़कम्प मचा रहा। वहीं पुलिस को मिली शिकायत के आधार पर गुप्तकाशी व फाटा क्षेत्रान्तर्गत संचालित 02 होटल स्वामियों को हिरासत में लिया गया है, जिनके विरुद्ध ईमेल के माध्यम से यात्रियों से ओवररेटिंग कर हैलीकॉप्टर टिकट दिलाये जाने की शिकायतें मिली थीं। पुलिस के स्तर से इनसे आवश्यक पूछताछ की जा रही है। इनकी किसी भी प्रकार की संलिप्तता पाये जाने पर उचित वैधानिक कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।

 

उत्तराखण्ड में Uniform Civil Code लागू करने की दिशा में बढ़ा एक और कदम, आज नियमावली का प्रारूप कमेटी ने सीएम धामी को सौंपा

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Uniform Civil Code उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने की राह प्रशस्त नियमावली का प्रारूप आज समिति ने सौंपा। सरकार प्रारूप का अध्ययन करने के बाद इसे अंतिम रूप देगी। समिति के अध्यक्ष व पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि समिति के पास प्रकाशित प्रारूप आ चुका है। नियमावली के प्रविधानों के अनुसार मोबाइल एप भी तैयार किया गया है।

*प्रारूप का अध्ययन करने के बाद अंतिम रूप देगी सरकार*

दो साल और पांच माह के इंतजार के बाद अब प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की राह प्रशस्त हो गई है। समान नागरिक संहिता की नियमावली तैयार करने वाली समिति शुक्रवार को इसका प्रारूप मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपा।


सरकार प्रारूप का अध्ययन करने के बाद इसे अंतिम रूप देने के लिए कैबिनेट में प्रस्तुत करेगी। कैबिनेट से पारित होने के पश्चात नियमावली अस्तित्व में आ जाएगी। मुख्यमंत्री धामी कह चुके हैं कि राज्य स्थापना दिवस तक समान नागरिक संहिता को राज्य में लागू कर दिया जाएगा।

समिति ने दो फरवरी 2024 को सरकार को सौंपा था ड्राफ्ट
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा चुनाव में किए गए वादे को पूरा करते हुए 27 मई 2022 को जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में समान नागरिक संहिता का प्रारूप बनाने के लिए समिति का गठन किया। समिति ने दो फरवरी 2024 को इसका ड्राफ्ट सरकार को सौंपा।

इसके बाद सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर समान नागरिक संहिता विधेयक को सदन से पारित कराया। 11 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इसे मंजूरी प्रदान कर दी। इस अधिनियम को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने इसी वर्ष फरवरी में पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया, जिसने नियमावली पर कार्य शुरू किया।

*वेबसाइट और मोबाइल एप लगभग बनकर तैयार*

प्रस्तावित नियमावली में विवाह का पंजीकरण, लिव इन की सूचना और वसीयत आदि की जानकारी समान नागरिक संहिता की वेबसाइट और मोबाइल एप के माध्यम से भी दर्ज किया जाना प्रस्तावित है।वेबसाइट और मोबाइल एप लगभग बनकर तैयार हो चुके हैं। इन्हें प्रस्तावित नियमावली के अनुसार बनाया गया है। सरकार यदि नियमावली में कोई बदलाव करती है तो फिर इसमें भी बदलाव करने होंगे

समिति ने इसी सात अक्टूबर को प्रारूप को अंतिम रूप देते हुए इसे प्रकाशन को भेजा था। अब यह प्रारूप बनकर आ चुका है। समिति के अध्यक्ष व पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि समिति के पास प्रकाशित प्रारूप आ चुका है। इसे शुक्रवार को सरकार को सौंप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोशिश की गई है कि नियमावली आम नागरिक के लिए सुलभ व सरल हो।