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Thursday, July 2, 2026
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प्रदेश में काउंसलिंग के माध्यम से शिक्षकों का स्थानांरण करने पर राजकीय शिक्षक संघ रुद्रप्रयाग द्वारा शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत का किया गया स्वागत सम्मान समारोह।

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रुद्रप्रयाग ।।*प्रदेश में काउंसलिंग के माध्यम से शिक्षकों का स्थानांरण करने पर राजकीय शिक्षक संघ रुद्रप्रयाग द्वारा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान रतूड़ा में प्रदेश के प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, सहकारिता, उच्च शिक्षा, विद्यालयी शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत स्वागत सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया*स्वागत सम्मान समारोह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, सहकारिता, उच्च शिक्षा, विद्यालयी शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि एक स्थान पर कई वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षकों की काउंसलिंग के माध्यम से स्थानांतरित किया गया है जिसमें लगभग 6300 शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन शिक्षकों की काफी लंबे समय से पदोन्नति नहीं हुई है उन्हें शीघ्र ही इसका लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्राइमरी में शिक्षकों की कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए प्राइमरी में शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है जिन प्राइमरी स्कूलों में 10 बच्चे अध्ययनरत हैं उनमें एक शिक्षक हैं तथा 20 से 25 तक छात्र संख्या वाले स्कूलों में 02 तथा 40 से अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में 03 तथा 75 से अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में 4 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इसके साथ ही शीघ्र ही एलटी शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया की जा रही है तथा प्रदेश में 2500 चतुर्थ श्रेणी की नियुक्ति जल्द ही की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो शिक्षक गढ़वाल का कुमांऊ मंडल में तथा कुमाऊ मंडल का गढ़वाल में हैं इसके लिए शीघ्र ही अंर्तमंडलीय स्थानातरण शीघ्र ही किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कई शिक्षकों द्वारा बीमार होने का आवेदन पत्र भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं इसके लिए यह निर्णय लिया गया है कि इसमें मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाएगा। जिसमें ऐसे आवेदन करने वालों पर मेडिकल बोर्ड द्वारा विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए जिन स्कूलों में फर्नीचर, कंप्यूटर एवं पुस्तकालय की आवश्यकता है उसके लिए वह प्रस्ताव देने को कहा ताकि ऐसे विद्यालयों में सभी सामग्री उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि जो स्कूल क्षतिग्रस्त एवं जीर्ण शीर्ण हैं इसके लिए तत्काल प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक बेहतर करने के लिए शिक्षकों के साथ बैठक करते हुए उनके सुझाव भी आमंत्रित किए जाएंगे। उन्होंने सभी शिक्षकों से अपेक्षा की है कि शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है जिससे कि बच्चे का सर्वागीण विकास होने पर अपने जनपद एवं प्रदेश का नाम रोशन कर सके।
इस अवसर पर विधायक श्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि शिक्षा मंत्री द्वारा प्रदेश में शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐसे-ऐसे कार्य किए गए हैं जिनकी कभी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो उनसे मांग की गई थी उन सभी मांगों पर उन्होंने गंभीरता से कार्य करते हुए उनको पूरा किया है।
इस अवसर पर शिक्षक संघ के जनपदीय अध्यक्ष नरेश कुमार भट्ट ने शिक्षा मंत्री का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि मंत्री जी का आशीर्वाद सभी शिक्षकों को प्राप्त हुआ है तथा काउंसलिंग के माध्यम से शिक्षकों के स्थानांतरण किए गए हैं वह एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि 35 सूत्रीय मांग पत्र मंत्री जी को सौंपा है जिस पर कई मांगों को पूरा किया गया है तथा कुछ ऐसी मांगें है जिन पर विचार नहीं किया जा सका है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि शेष मांगों पर मंत्री जी द्वारा जल्द ही विचार किया जाएगा।
इस अवसर पर प्राचार्य डायट सीपी रतूड़ी ने कार्यक्रम में प्रतिभाग करने पर शिक्षा मंत्री का आभार एवं साधुवाद किया तथा कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिए सभी शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अमरदेई शाह की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री द्वारा शिक्षण संस्थान के परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया।
इस अवसर पर राज्य मंत्री श्री चंडी प्रसाद भट्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री सुमंत तिवारी, जिलाध्यक्ष भाजपा चमोली, पूर्व राज्य मंत्री मातवर सिंह रावत, ग्राम प्रधान मयकोटी अमित प्रदाली, अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा एसबी जोशी, मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रमेंद्र कुमार बिष्ट, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक अजय कुमार चौधरी, खंड शिक्षा अधिकारी जखोली यशवीर सिंह रावत सहित शिक्षक संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती कुसुम एवं आलोक रौथाण द्वारा किया गया।

 

मेगा कम्पनी ने सुमेरपुर-नरकोटा 9.46 किमी एस्केप टनल हुई आर-पार कामयाबी ।

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रुद्रप्रयाग। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग 125 किमी नई ब्रॉड गेज (बीजी) रेलवे लाइन में रेलवे को एक और सफलता हासिल हुई है। सुमेरपुर से नरकोटा के बीच 9.46 किमी स्केप टनल का सफलता पूर्वक ब्रेक थ्रू कर दिया गया है। जल्द ही मुख्य टनल भी आर-पार कर दी जाएगी।
रेलवे के अधिकारी-कर्मचारी एवं मजदूरों की कड़ी मेहनत के चलते पीके-7बी ने रात 11:35 बजे पोर्टल-1 नरकोटा छोर से पोर्टल-1 तक संचालित सुरंग-13 (एस्केप सुरंग) में 9.46 किमी की भूमिगत खुदाई का काम पूरा करके प्रतिष्ठित परियोजना में एस्केप सुरंग की अंतिम सफलता हासिल की है। सुमेरपुर से नरकोटा के बीच टनल का सफलता पूर्वक ब्रेक थ्रू किया गया जो आरवीएनएल, पीएमसी (मैसर्स एईसीओएम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड) के संयुक्त प्रयास से हासिल किया गया है।

मेगा कम्पनियों के मजदूर, अधिकारी एवं कर्मचारियों ने जताई खुशी।चार धाम परियोजना के हिस्से के रूप में भारतीय रेलवे ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग 125 किमी नई बीजी लाइन के निर्माण का काम रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) द्वारा किया जा रहा है। आरवीएनएल ने निर्माण गतिविधियों के उद्देश्य से परियोजना को 10 निर्माण पैकेजों में विभाजित किया है। परियोजना के पैकेजों में से एक, मेसर्स मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (ठेकेदार) और मेसर्स को प्रदान किया गया है। एईसीओएम इंडिया प्रा. सीमित (पीएमसी) में सुरंग-13 और तिलणी स्टेशन यार्ड का निर्माण कार्य शामिल है। सुरंग-13 का समरेखण रुद्रप्रयाग पुनाड़ गदेरे और औण गांव के पास कम ओवरबर्डन क्षेत्र से होकर गुजर रहा है, जहां नियंत्रित विस्फोट और घरों के नीचे यांत्रिक खुदाई की गई। एस्केप सुरंग का निर्माण कार्य चार अलग-अलग चेहरों के रूप में किया गया। सुरंग में पहले नरकोटा, दूसरा सुमेरपुर, तीसरा एडिट 7 जवाड़ी बाईपास और चौथा पीके-7बी पर बीती रात 11:35 बजे सुमेरपुर से नरकोटा के बीच सुरंग-13 (एस्केप सुरंग) 9.46 किमी की भूमिगत खुदाई का सफलता पूर्वक ब्रेक थ्रू हुआ है। मेगा कंपनी के महाप्रबंधक एचएन सिंह ने बताया कि सुमेरपुर से नरकोटा एस्केप टनल का सफलतापूर्वक ब्रेक थ्रू कर दिया गया है।

शासन ने देर रात किये कई जिलों के जिला आबकारी अधिकारी सहित 14 सहायक आबकारी आयुक्तों के तबादले

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शासन ने देर रात किये कई जिलों के जिला आबकारी अधिकारी सहित 14 सहायक आबकारी आयुक्तों के तबादले

कैलाश चन्द्र बिंजोला को बनाया गया देहरादून का नया जिला आबकारी अधिकारी

राजीव चौहान को दी गयी उत्तरकाशी जिले में तैनाती

आबकारी सचिव एल फेनई ने आदेश किये जारी

रमेश चन्द्र बंगवाल को बनाया गया रुद्रप्रयाग का जिला आबकारी अधिकारी

भारत सरकार से केदारनाथ आपदा की क्षतिपूर्ति हेतु विशेष आर्थिक पैकेज मांग के लिए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने विभागों को तत्काल आंकलन प्रेषित करने के निर्देश दिए।

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देहरादून

*भारत सरकार से केदारनाथ आपदा की क्षतिपूर्ति हेतु विशेष आर्थिक पैकेज मांग के लिए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने विभागों को तत्काल आंकलन प्रेषित करने के निर्देश दिए*

*रिकॉर्ड समय में सफलतापूर्वक राहत एवं बचाव अभियान संचालित करने के लिए शासन-प्रशासन की प्रंशसा*

हाल ही में केदारनाथ में आपदा से हुई क्षति के पुनर्निर्माण तथा भविष्य में आपदा से बचाव हेतु भारत सरकार से विशेष आर्थिक पैकेज मांग हेतु मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने प्रभावित विभागों को तत्काल आंकलन प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने नागरिक उड्डयन विभाग से भीमबली, केदारनाथ, सोनप्रयाग, चिम्बासा व लिंचौली क्षतिग्रस्त हैलीपेड्स का आंकलन, आपदा प्रबन्धन विभाग से भूस्खलन की निगरानी व पूर्व चेतावनी, लाइट डिटेक्शन एण्ड रेंजिंग सर्वेक्षण, असंतुलित ढलानों का भूतकनीकी अन्वेक्षण, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के लिए शमन उपाय, रिमोट सेंसिंग द्वारा बाढ़ निगरानी एवं भूस्खलन पूर्व चेतावनी हेतु आर्थिक पैकेज का आंकलन तत्काल तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने यूएलएमएमसी , लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, पुलिस, यूपीसीएल, आरडब्ल्यूडी, उरेडा, परिवहन व पशुपालन विभाग को आपदा न्यनीकरण हेतु प्रस्तावित कार्यों का आगणन भी प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने रिकॉर्ड समय में सफलतापूर्वक राहत एवं बचाव अभियान संचालित करने के लिए सभी सम्बन्धित अधिकारियों व कार्मिकों की प्रंशसा की है।

श्री केदारनाथ धाम की यात्रा को पुनः संचालित करने के लिए सोनप्रयाग में बाधित सड़क मार्ग को खोलने के लिए कार्य शुरू।

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श्री केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग में क्षतिग्रस्त हुए मार्ग को विषम कठिन परिस्थितियों में मजदूरों द्वारा बाधित यात्रा मार्ग को खोलने के लिए तत्परता से कार्य किया जा रहा है*

*केदारनाथ धाम से छोटी लिनचोली तक क्षतिग्रस्त पैदल यात्रा मार्ग को आवाजाही हेतु कर दिया गया है सुचारू*

सोनप्रयाग।।विगत दिन मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारघाटी में 31 जुलाई को आपदा के कारण हुए नुकसान एवं राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को जल्द से जल्द जनजीवन सामान्य बनाने के निर्देश दिए गए थे तथा क्षतिग्रस्त राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवरुद्ध हुए पैदल यात्रा मार्ग को तत्परता से दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे।
अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग निर्भय सिंह ने अवगत कराया है कि मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में सोनप्रयाग एवं गौरीकुंड के बीच जो डेढ मीटर राष्ट्रीय राजमार्ग पूर्णतः क्षतिग्रस्त हो गया था जिसे खोलने के लिए पोकलैंड मशीन के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग खोलने के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही सोनप्रयाग पुल के पास जो सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी उसका पुश्ता निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
अधिशासी अभियंता डीडीएमए विनय झिंक्वाण ने अवगत कराया है कि केदारनाथ पैदल मार्ग कई स्थानों से क्षतिग्रस्त हो गया है तथा लगभग 15 स्थान ऐसे हैं जहां पैदल सड़क मार्ग पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। उन्होंने कहा कि केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग को दुरुस्त करने के लिए मजदूरों द्वारा विषम कठिन परिस्थितियों में मरम्मत एवं निर्माण कार्य निरंतर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम से छोटी लिनचोली तक क्षतिग्रस्त पैदल यात्रा मार्ग को आवाजाही हेतु सुचारू कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि मजदूरों द्वारा क्षतिग्रस्त केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग को खोलने के लिए कार्य त्वरित गति से किया जा रहा है किन्तु मौसम साथ न देने के कारण मजदूरों की सुरक्षा के दृष्टिगत कार्य निरंतर नहीं हो पा रहा है।

 

ग्रामीणों की आवाजाही के लिए मंदाकनी नदी पर लगाई गई इलेक्ट्रिक ट्रॉली।

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  1. अगस्त्यमुनि।जनपद रुद्रप्रयाग के विकास खण्ड जखोली के चाका ग्रामीणों को अगस्त्यमुनि बाजार आने के लिए लम्बी दूरी तय करके मुख्य बाजार आना पड़ता था ।लेकिन ग्रामीणों की मांग पर लोक निर्माण विभाग के द्वारा जिल्लायोजन के अंतर्गत स्वीकृत धनराशि से इलेक्ट्रिक ट्रॉली लगाई गई है जिसका विधिवत शुभारम्भ लोक निर्माण विभाग व जनप्रतिनिधियों के द्वारा किया है इस ट्रॉली के लगने से स्कूली छात्र छात्राओं को एक किलोमीटर दूरी तय करने बाद आसानी से अपने विद्यालय को पहुंच जाएंगे।
    अगस्तमुनि में मंदाकिनी नदी पर चाका_अगस्तमुनि के मध्य चाका गांव सहित अन्य क्षेत्र वासियों के लिए मंदाकिनी नदी पर आवाजाही के लिए इलेक्ट्रिक ट्राली का शुभारंभ विधायक भरत सिंह चौधरी के द्वारा किया गया।। विगत वर्ष ट्रॉली निर्माण का कार्य प्रारंभ विधायक भरत सिंह चौधरी के द्वारा शुरू करवाया गया था।। लंबे समय से क्षेत्र वासियों द्वारा ट्रॉली लगाने की मांग की जा रही थी। ट्राली लगने पर विधायक भरत सिंह चौधरी ने सभी क्षेत्र वासियों को हार्दिक बधाई। मंदाकिनी नदी पर आवाजाही के लिए कोई साधन न होने के चलते चाका गांव अन्य क्षेत्रों के स्थानीय ग्रामीणों एवं स्कूली बच्चों को लंबे दूरी तय कर अगस्तमुनि आना पड़ता है। ट्राली लगने से अब क्षेत्र वासियों को सुविधा होगी। साथ इस अवसर पर विधायक भरत सिंह चौधरी ने कहा कि मंदाकिनी नदी पर सिल्ली-चाका के मध्य मोटर पुल का निर्माण किया जायेगा। जिसके लिए ₹17.75 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त है। उन्होंने क्षेत्र वासियों से अनुरोध किया कि आपसी विवाद को सुलझाकर सभी लोग आपसी सांमजस्य बनाकर पुल निर्माण में सहयोग करें। जिससे जल्दी पुल निर्माण की प्रकिया आगे बढ़ सके।। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अमरदेई शाह ने कहा कि ट्रॉली की क्षेत्र वासियों की जो मांग थी वो पूरी कर ली गई। आगे भी क्षेत्र के विकास में सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला योजना के तहत ट्राली निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध करवाई गई। आगे भी निरंतर क्षेत्र के विकास के पूरा सहयोग किया जाएगा।

सेना द्वारा सोनप्रयाग में मंदाकनी नदी पर बनाया गया पैदल पुल नदी के जलस्तर बढ़ने से बह गया।

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रुद्रप्रयाग। केदार घाटी में लगातार हो रही बारिश के चलते बीती रात सोनप्रयाग में मंदाकिनी नदी पर सेना द्वारा बनाया गया पैदल पुल बह गया है जिससे दोबारा से यहां मुश्किलें पैदा हो गई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नन्दन सिंह रजवार ने बताया कि सोनप्रयाग मन्दाकिनी नदी पर सेना द्वारा केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग में फंसे तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए जो पैदल पुल तैयार किया गया था, वह पुल कल बीती रात लगातार भारी बारिश होने से नदी का जल स्तर बढ़ने के कारण बह गया है।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से मंगलवार को राजभवन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की शिष्टाचार भेंट

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राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से मंगलवार को राजभवन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की शिष्टाचार भेंट

प्रदेश के विभिन्न मुद्दों पर किया गया विचार विमर्श

इस दौरान राज्यपाल को मुख्यमंत्री ने केदारनाथ पैदल मार्ग के क्षतिग्रस्त होने के उपरांत प्रसाशन द्वारा किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी दी

इस दौरान राज्यपाल को मुख्यमंत्री ने हाल ही में सपन्न हुई कांवड़ यात्रा एवं प्रदेश में मानसून की स्थिति से भी अवगत कराया।इस अवसर पर राज्यपाल ने केदारनाथ में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों हेतु स्वयं मौके पर पहुंचकर नेतृत्व करने के लिए मुख्यमंत्री की प्रशंसा की

जनपद चमोली के मोहनखाल-चोपता सड़क निर्माण को लेकर क्षेत्रवासियों ने किया संघर्ष समिति का गठन।

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चमोली- मोहनखाल, कानातोली – चोपता सड़क निर्माण को लेकर क्षेत्र के लोगो ने मोहनखाल में बैठक आयोजित कर सघर्ष समिति का गठन किया है। संघर्ष समिति में अध्यक्ष पद पर राकेश नेगी, उपाध्यक्ष दीपक थपलियाल, सचिव बासुदेव सिंह, सह सचिव धर्मेन्द्र सिंह बिष्ट, कोषाध्यक्ष महेन्द्र सिंह, संयोजक रवींद्र सिंह नेगी प्रधान ताली कंसारी को बनाया गया है। इसके अलावा क्षेत्र कई लोगो को समिति में जोडा गया है।

समिति ने सड़क संघर्ष का गठन करने पश्चात सड़क निर्माण के लिए शासन-प्रशासन व सरकार से पत्राचार कर मांग की जायेगी। यदि मंग पूरी नही हुई तो अग्रिम बैठक में आन्दोलन करने के लिए रणनीति बनायी जायेगी।बैठक में समस्त क्षेत्र लोगो ने कहा कि मोहनखाल-कानातोली- तक 13 किमी0 सड़क स्वीकृत थी,जिसमें से 10 किमी0 सड़क का निर्माण 1989/80 में किया गया था। इसी दौरान 1980/81 में वन अधिनियम बना तो इस सड़क का निर्माण बंद हो गया था। उत्तराखंड सरकार ने सरकारी कार्यो में वन अधिनियम में सरलीकरण किया गया है। वक्ताओ ने कहा कि मोहनखाल-कानातोली-चोपता सड़क बनने से तीर्थाटन और पर्यटन की अपार संभावनाएं है। कहा कि इस सड़क के निर्माण से सैलानियों की चहल कदमी से स्थानीय लोगो को रोजगार भी मिलेगा, और स्थानीय लोगो का पलायन भी रुकेगा।

केदारनाथ धाम में कल से हेली सेवा के माध्यम से शुरू होगी यात्रा,हेली के टिकटों पर 25 प्रतिशत छूट देगी राज्य सरकार।

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*रेस्क्यू अभियान पूरा, जल्द पैदल यात्रा दोबारा शुरू करना प्राथमिकता: मुख्यमंत्री*

*मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग पहुंचकर लिया अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा*

*हैली सेवाओं के माध्यम से यात्रा को हरी झंडी, प्रति टिकट 25 फीसदी छूट देगी राज्य सरकार*

*मौसम ठीक होते ही हैली कंपनियों को यात्रा शुरू करवाने के निर्देश*

*मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों, रेस्क्यू हुए लोगों, तीर्थ पुरोहितों सहित जनप्रतिनिधियों से की मुलाकात*

*अधिकारियों की समीक्षा बैठक में सभी विभागों से ली क्षति की जानकारी, जिलाधिकारी को दिए क्षति का आंकलन करने के निर्देश*

*रामपुर जीएमवीएन में स्थानीय लोगों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री बोले हर यात्री और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता*

*यात्रा को दोबारा शुरू करने में स्थानीय लोगों का सहयोग लेने के दिए निर्देश*

*मुख्यमंत्री ने प्रभावितों की सारी समस्याओं का समाधान करने का दिया आश्वासन*

केदारघाटी में अतिवृष्टि के चलते हुए नुकसान, रेस्क्यू एव बचाव कार्यों, यात्रा को दोबारा शुरू करने को चल रही तैयारियों की समीक्षा करने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी रुद्रप्रयाग पहुंचे। इसके बाद उन्होंने अतिवृष्टि को लेकर संबंधित आधिकारी कर्मचारियों की समीक्षा बैठक ली। इससे पहले उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी किया। उन्होंने बताया कि श्री केदारनाथ धाम की यात्रा को पुनः संचालित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बताया कि श्री केदारनाथ धाम की यात्रा बुधवार से हैली के माध्यम से पुनः संचालित हो जाएगी। हैली सेवा के माध्यम से केदारनाथ दर्शन करने पहुंच रहे श्रद्धालुओं को किराए में 25 प्रतिशत छूट देने की घोषणा करते हुए कहा कि इसका वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान यात्रा मार्ग से जुड़े सभी विभागों की समीक्षा करते हुए बारिश के चलते हुई क्षति की जानकारी ली। वहीं सभी विभागों को यात्रा शुरू करने के लिए उनके स्तर से किए जा रहे प्रयासों एव तैयारियों की जानकारी ली। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि अतिवृष्टि से 29 स्थानों पर भू-स्खलन की चपेट में आने से पैदल एव सड़क मार्ग कट हुआ है। इसके अतिरिक्त पेयजल व विद्युत की लाइनों सहित बड़ी मात्रा में सरकारी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा । कुछ स्थानों पर दूरसंचार की सेवाएं भी बाधित हुई हैं। उन्होंने बताया कि अतिवृष्टि की घटना के बाद से ही जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन तथा एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, एनडीआरएफ सहित अन्य संस्थाओं एवं जनप्रतिनिधियों, पंडा समाज, तीर्थ पुरोहित, धार्मिक व सामाजिक सरोकारों से जुड़े संगठनों ने मिलकर इस आपदा में पूरे मनोयोग से अभिनव प्रयास करते हुए इस रेस्क्यू अभियान में फंसे हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का कार्य किया है। उन्होंने यात्रा शुरू करने के लिए किए जाने वाले कार्यों में भी स्थानीय लोगों के सुझाव एव सहायता लेने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रिकॉर्ड समय में 12 हजार से अधिक यात्री एव स्थानीय लोगों को रेस्क्यू किया गया है। रेस्क्यू अभियान लगभग पूर्ण हो चुका है। इसके बाद सरकार व जिला प्रशासन का अतिवृष्टि से प्रभावित हुए जनजीवन व प्रभावित क्षेत्र तथा जो सड़क मार्ग भू-स्खलन की चपेट में आए हैं उन्हें दुरुस्त करने पर है। इसके साथ-साथ वैकल्पिक मार्गों पर भी फोकस किया जा रहा है। इसके अलावा राज्य सरकार भी पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रामपुर जीएमवीएन में स्थानीय लोगों से संवाद के दौरान कठिन परिस्थितियों में प्रशासन और सरकार के साथ कंधा से कंधा मिलाकर रेस्क्यू अभियान में योगदान देने के लिए सभी को धन्यवाद दिया। वहीं चौमासी प्रधान मुलायम सिंह सहित रुद्रप्रयाग प्रधान संगठन के अध्यक्ष सुभाष रावत, केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी सहित राहत कार्यों में सहयोग देने वाले अन्य लोगों का विशेष धन्यवाद दिया। इस अवसर पर उन्होंने प्रभावितों की सारी समस्याओं का समाधान करने का दिया आश्वासन।

केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि अतिवृष्टि के बाद से ही केंद्रीय सरकार द्वारा चिनूक व एमआई हैलीकॉप्टर सहित हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा केदारघाटी में आई अतिवृष्टि के बाद राज्य सरकार द्वारा भी हर तरह से राहत एवं बचाव कार्यों के लिए जिला प्रशासन को तत्परता से सर्च व रेस्क्यू ऑपरेशन करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने जनपद प्रभारी मंत्री सहित स्थानीय विधायक, जनप्रतिनिधियों एवं सभी विभागीय अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि आपदा के बाद सामान्य जनजीवन के लिए सभी को आगे आकर सामूहिक योगदान देने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर जनपद प्रभारी मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अभिनव कुमार, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज पांडेय, सचिव आपदा विनोद सुमन, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल करन सिंह नगन्याल, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग श्रीमती अमरदेई शाह, विधायक रुद्रप्रयाग श्री भरत चौधरी, राज्यमंत्री श्री चंडी प्रसाद भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा भाजपा आशा नौटियाल, जिलाध्यक्ष भाजपा महावीर पंवार, जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, पुलिस अधीक्षक डॉ विशाखा अशोक भदाणे, कमांडेंट एनडीआरएफ सुदेश कुमार, कमांडेंट एसडीआरएफ मणिकांत मिश्रा सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद हैं।