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Friday, July 3, 2026
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सराईखेत से दिल्ली जा रही रामनगर डिपो की रोडवेज की बस झिमार के पास दुर्घटनाग्रस्त होने से बची,बाल-बाल बची 34 यात्रियों की जान।

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रामनगर ।।सराईखेत से दिल्ली जा रही रामनगर डिपो की रोडवेज बस झिमार के पास दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गई. बताया जा रहा है कि बस चालक को दूसरे वाहन को पास देने के चक्कर में कच्चे में उतारनी पड़ी. लेकिन गीली मिट्टी होने के कारण बस खाई की ओर चली गई, जिसे चालक ने समय रहते नियंत्रित कर लिया. वहीं घटना को देखकर यात्रियों में चीख पुकार मच गई. बस को जेसीबी मशीन से निकाला गया और रामनगर डिपो लाया गया.
अल्मोड़ा जिले के सल्ट के सराईखेत से आज सुबह दिल्ली जा रही रामनगर डिपो की रोडवेज की बस दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गई. जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया. चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा होने से बच गया. जानकारी देते हुए परिवहन विभाग के एआरएम आनंद प्रकाश ने बताया कि बस में सवार सभी 34 यात्री सुरक्षित हैं. उन्होंने कहा कि रोड साइडों में बरसार से हो रहे गड्ढों को भरने के लिए मिट्टी भरने का कार्य चल रहा है,जिस कारण झिमार के पास एक अन्य वाहन को पास देते समय बस कच्चे में चली गयी.
बरसात की वजह से मिट्टी गीली है, जिसके वजह से बस खाई की ओर चली गई थी. जिसको ड्राइवर द्वारा सतकर्ता दिखाते हुए पहले ही रोक दिया गया. जिस कारण बस हादसा होने से टल गया और सभी यात्रियों ने राहत की सांस ली है. बता दें कि बस को जेसीबी के माध्यम से उसके उपरांत निकाला गया. साथ ही बस को रामनगर डिपो लाया जा चुका है. बताया जा रहा है कि बस में 34 से ज्यादा यात्रि सवार थे।

बरसाती सीजन में 34 जेसीबी मशीनों के द्वारा खुलवाई जाएगी जनपद की सड़के।

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मानसून में 34 जेसीबी रखेंगे रुद्रप्रयाग की सड़कों का ख्याल*

*राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग एवं पीएमजीएसवाई ने जनपद के डेंजर जोन चिन्हित कर तैनात किए जेसीबी*

रुद्रप्रयाग।।मानसून अवधि शुरू होने के साथ ही जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन सहित संबंधित विभागों में ने कमर कस ली है। आपदा प्रबंधन सहित राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग एवं पीएमजीएसवाई एवं संबंधित विभाग श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग सहित जनपद के सभी डेंजर जोन चिन्हित कर चुके हैं। मानसून अवधि में बारिश के चलते सड़क बंद होने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई करते हुए सड़क खोलने के लिए 34 जेसीबी विभिन्न स्थानों पर तैनात किए गए हैं। इसके अलावा अन्य अनिवार्य मशीनें भी विभिन्न स्थानों पर रिजर्व रखी गई हैं।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि मानसून अवधि शुरू होने से पहले ही श्री केदारनाथ यात्रा एवं स्थानीय लोगों आवागमन के लिहाज से सभी संवेदनशील एवं डेंजर जोन चिन्हित कर लिए गए थे। सभी चिन्हित स्थानों पर सड़क बंद होने की स्थिति एवं अन्य आपातकाल स्थिति में बिना देरी के कार्रवाई के लिए रेस्क्यू टीमों का गठन भी कर लिया गया है। इसके अलावा चिन्हित स्थानों के समीप जेसीबी रखे गए हैं ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके। सभी विभागों द्वारा 36 स्थान चिह्नित किए गए हैं जिनके लिए 34 जेसीबी, 02 एक्सकेवेटर एवं एक लोडर तैनात किया गया है। इसके अलावा सभी विभागों द्वारा जेसीबी ऑपरेटर से लेकर जेई और सहायक अभियंता के नंबर भी जारी किए गए हैं। ताकि स्थानीय लोग या श्री केदारनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु भी सड़क ठीक करवाने के लिए संबंधित विभागों से संपर्क कर सकें।

 

शिक्षा विभाग में गंभीर रोगों से ग्रसित शिक्षकों को दी जाएगी अनिवार्य सेवानिवृत्ती।

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नैनीताल- शिक्षा विभाग की खास नजर अब उन शिक्षकों पर है जो तबादले होने पर बीमार होने का हवाला देते हुए मेडिकल लगा देते हैं। शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि इस साल से शिक्षकों के तबादले काउंसलिंग के जरिये किए जाएंगे। मेडिकल बोर्ड की राय पर बीमार शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्त किया जाएगा।

प्रदेश के उच्च शिक्षा व स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत अपने दो दिवसीय दौरे के तहत नैनीताल में रहे। इस दौरान धन सिंह रावत ने नैनीताल में जिले भर के विभागीय अधिकारियों के साथ सरकारी योजनाओं व विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान धन सिंह रावत ने कहा स्थानांतरण के लिए मेडिकल लगाने वाले शिक्षकों का परीक्षण राज्यस्तरीय चिकित्सा बोर्ड से होगा। शिक्षक वास्तव में गंभीर रूप से बीमार होंगे तो उनको जबरन रिटायर किया जाएगा। दूसरी ओर, प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर सात हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया आरंभ हो गई है. मंत्री ने कहा इस साल 500 चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी. सरकारी अस्पतालों में अब भर्ती होने या रेफर वाले अस्पताल में एक ही पर्ची काम आएगी. देर रात तक नैनीताल क्लब में आयोजित मैराथन बैठक में कैबिनेट मंत्री घन सिंह रावत ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. धन सिंह रावत ने कहा अस्पतालों को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जाएगा. इससे वह डिजिटल माध्यम से किसी भी दिन अस्पताल की व्यवस्थाओं समेत अन्य गतिविधियों का निरीक्षण कर सकते हैं।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिले को 54 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।उन्होंने सीएमओ को अस्पतालों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने, हर दिन बेड सीट बदलने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा हर अस्पताल के बाहर बड़े-बड़े होर्डिंग में अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं की पूरी जानकारी अंकित हो, जिससे मरीजों को सुविधाओ की जानकारी मिलेगी. बैठक में विधायक सरिता आर्य ने बेतालघाट में शिक्षकों की कमी दूर करने का अनुरोध किया. साथ ही बेतालघाट क्षेत्र में आग की चपेट में आए विद्यालय के बारे में जानकरी दी।

नैनीताल पहुंचे कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा अस्पतालों में डाक्टरों व विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को पूरा किया जा रहा है. अक्सर तबादले व अवकाश के लिए फर्जी मेडिकल प्रस्तुत किए जाते हैं. ऐस में अब मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाएगा. गंभीर रोगों से ग्रसित कर्मचारियों को वीआरएस दे दिया जाएगा. सहकारिता विभाग को डिफाल्टर लोगों को नोटिस जारी कर उनकी जानकारी अखबारों में प्रकाशित करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने बताया पहली जुलाई को शासन स्तर पर बैठक तय है जिसमे काउंसलिंग के माध्यम से शिक्षकों के तबादलों पर विचार कर निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने कहा हर विश्विद्यालय व राजकीय महाविद्यालय में नैक का मूल्यांकन अनिवार्य किया गया।

लद्दाख हादसे में उत्तराखण्ड का जवान हुआ शहीद।

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लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास टैंक से श्योक नदी पार करने के अभ्यास के दौरान बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में सेना के जेसीओ सहित पांच जवान शहीद हो गए। शहीद जवानों में उत्तराखण्ड के पौड़ी जिले के जवान भूपेंद्र नेगी भी शामिल हैं। भूपेंद्र नेगी पुत्र श्री कुंवर सिंह नेगी पौड़ी गढ़वाल के पाबो के बिसल्ड गांव के निवासी हैं।

शहीद भूपेंद्र का परिवार देहरादून शिमला बाईपास में रहता है। परिवार के करीबी नेबताया गया कि भूपेंद्र नेगी का पार्थिव शरीर रविवार को उनके आवास राजधानी देहरादून पहुंचेगा। इस घटना से परिवार पर दुख का पहाड़ टूटा है।

बता दें कि लद्दाख में टैंक से श्योक नदी पार करने के अभ्यास के दौरान बड़ा हादसा हो गया था। इस हादसे में जेसीओ सहित पांच जवान की जान चली गई। यह दुर्घटना रात एक बजे के करीब चुशूल से 148 किलोमीटर दूर मंदिर मोड़ के पास हुई। नदी में अचानक आई बाढ़ के चलते यह हादसा हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी इलाके में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास सेना के जवान टी-72 टैंक में सवार होकर नदी पार कर रहे थे। इसी दौरान अचानक से बाढ़ आ गई। देखते ही देखते नदी के बढ़ते जलस्तर ने आसपास की जगह को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। टैंक भी तेजी के साथ तेज बहाव की चपेट में आ गया।

1 जुलाई से बदलेंगे क़ानून, जानिए अब किन धाराओं पर अपराधियों पर केस दर्ज होगा,क्राइम के बाद FIR दर्ज कराना पहले से ज्यादा आसान, 1 जुलाई से सख्त सजा का भी प्रावधान।

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नई दिल्ली- 30 जून

भारतीय कानून में बदलाव के चलते इनकी जगह पर पीड़ितों को अब भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के माध्यम से न्याय दिलाया जाएगा। हत्या, रेप सहित अन्य अपराध करना अब बिल्कुल भी आसान नहीं होने वाला है। 1 जुलाई से अब नई धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। जघन्य अपराधों पर सख्त सजा का भी प्रावधान है।

एक जुलाई के बाद इंडियन पीनल कोड (आईपीसी), क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (सीआरपीसी) व एविडेंस एक्ट इतिहास बनेगा। भारतीय कानून में बदलाव के चलते इनकी जगह पर पीड़ितों को अब भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के माध्यम से न्याय दिलाया जाएगा। बदली व्यवस्थाओं को ठीक से संचालित करने को पुलिस के क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क्स एंड सिस्टम पोर्टल में नई धाराएं जोड़नी शुरू कर दी हैं। चार दिनों में इसे अपग्रेड करने के बाद एक जुलाई हत्या, दुष्कर्म, धोखाधड़ी जैसे मामलों में नई धाराओं में केस दर्ज होगा। अब अपराध होने पर किसी भी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकेगी। हालांकि तीन दिन के अंदर पीड़ित को संबंधित थाने पहुंचकर हस्ताक्षर करने होंगे। वहीं वारदात होने पर पुलिस को घटनास्थल पर पहुंचकर हर काम की वीडियोग्राफी करनी होगी। दुष्कर्म, पॉक्सो जैसे मामलों में दो माह के अंदर पुलिस को हर हाल में जांच पूरी करनी पड़ेगी। चार्जशीट भी ऑनलाइन दाखिल हो सकेगी। वहीं तीन वर्ष से अधिक व 7 वर्ष से कम सजा के मामलों में सीधे गिरफ्तारी नहीं होगी। इसकी जांच 14 दिन में की जाएगी। आरोपी को गिरफ्तारी के समय परिचित को सूचना देने का अधिकार मिलेगा। वहीं जेंडर के आधार पर आरोपों को तय नहीं किया जाएगा।

धारा जो लागू होंगी⤵️

अपराध- पुरानी धारा⤵️ नई धारा⤵️

हत्या- 302 103 (1)

हत्या का प्रयास- 307 109

गैर इरादतन हत्या- 304 (ए) 106

दहेज हत्या- 304 (बी) 80

भ्रूण हत्या- 313 89

आत्महत्या को उकसाना- 306 108

दुष्कर्म- 376 63

अभद्रता व छेड़छाड़- 294 296

अपहरण 363 137(2)

इन धाराओं में भी बदलाव⤵️

हंगामा- 144 187

देशद्रोह- 121 145

एंटी नेशनल- 121ए 146

ऋषिकेश बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग शिवमूर्ति के पास पिकप वाहन दुर्गघटनाग्रस्त वाहन चालक की मौके पर ही मौत।

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देवप्रयाग ।।उत्तराखंड के पहाड़ी जनपदों में हादसों की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. आज एक बार फिर सुबह सुबह नेशनल हाइवे 58 पर शिवमूर्ति के पास हादसा हो गया. यहां एक पिकअप वाहन 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरा. स्थानीय लोगों ने जब वाहन खाई में गिरने की आवाज सुनी तो वो घटना स्थल की तरफ भागे.
देवप्रय आनन-फानन में लोगों ने इसकी सूचना देवप्रयाग पुलिस को दी. सूचना मिलते ही देवप्रयाग सहित आसपास की चौकियों की रेस्क्यू टीमें घटना स्थल पर पहुंची. तुरंत रेस्क्यू कार्य शुरू किया गया. दो घायलों को सड़क पर लाया गया. इनमें से एक घायल की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गयी. दूसरे घायल व्यक्ति को नजदीकी अस्पताल में भर्ती किया गया.दुर्घटना में पिकअप चालक सुमित पुत्र हेम सिंह (उम्र लगभग 29 वर्ष) निवासी ग्राम बिरसडी, ब्लॉक कोट, पट्टी कंडवालस्यू, जनपद पौड़ी गढ़वाल के सिर पर चोट लगने के कारण मौके पर ही मृत्यु हो गई थी. सुमित के गांव का ही उसका साथी धीरेंद्र पुत्र सुल्तान सिंह (उम्र लगभग 36 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गया. पुलिस द्वारा सरकारी वाहन से मृतक व घायल को CHC बागी, देवप्रयाग भिजवाया गया है. परिवार वालों को घटना की सूचना दे दी गयी है. दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है. देवप्रयाग एसएचओ महिपाल रावत ने बताया कि ये घटना आज सुबह हुई. इसमें एक व्यक्ति की मौत हुई जबकि एक घायल हो गया जिसे अस्पताल भर्ती कर दिया गया है।

पौड़ी की बेटी अंकिता ध्यानी ने बढ़ाया प्रदेश का मान नेशनल चैंपियनशिप में जीता स्वर्ण।

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देहरादून: पंचकूला में चल रही 63वीं नेशनल इंटर स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उत्तराखंड की बेटी अंकिता ध्यानी ने स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया। उन्होंने 5000 मीटर दौड़ में यह कामयाबी हासिल की।उत्तराखंड एथलेटिक्स संघ के सचिव केजेएस कलसी ने बताया कि अंकिता ने 16 मिनट 10.31 सेकेंड में दौड़ पूरी की। जबकि, हिमाचल की सीमा और महाराष्ट्र की संजीवनी क्रमशः दूसरे एवं तीसरे स्थान पर रहीं।

एथलेटिक्स में पहाड़ की बेटी के नाम एक और कीर्तिमान दर्ज ,मूल रूप से पौड़ी जिले के तहसील लैंसडौन के गांव मेरूड़ा की निवासी अंकिता कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक जीत चुकी हैं। हाल ही में तेहरान में हुई एशियन इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने रजत पदक जीता था। उनके नाम 12 सेअधिक स्वर्ण, करीब छह रजत और तीन कांस्य पदक हैं। अंकिता की इस सफलता पर उत्तराखंड एथलेटिक्स संघ ने हर्ष जताया है। मालूम हो कि पंचकूला में चल रही राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तराखंड के बीस एथलीट हिस्सा ले रहे हैं।

SDRF के जवान राजेंद्र सिंह नाथ ने रचा कीर्तिमान* *नार्थ अमेरिका की सबसे ऊंची चोट ,माउंट देनाली को किया फतह।

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देहरादून

*SDRF के जवान राजेंद्र सिंह नाथ ने रचा कीर्तिमान*

*नार्थ अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी🏔️माउंट देनाली को किया फतह।*

*अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट देनाली (6190 मीटर है) जो कि अलास्का प्रदेश मे स्थित है*

श्रीमती रिधिम अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक, SDRF द्वारा नॉर्थ अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी देनाली को फतह करने पर SDRF के जवान मुख्य आरक्षी राजेंद्र नाथ को उनके साहस एवं समर्पण के लिए बधाई दी गयी

उन्होंने कहा कि पर्वतारोहण एक साहसिक गतिविधि है, जिसमें साहस, दृढ़ता और धीरज की हर कदम पर परीक्षा होती है।

हिमालय के उच्च तुंगता क्षेत्र में SDRF द्वारा किए जाने वाले रेस्क्यू अभियानों में दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों के पर्वतारोहण का यह अनुभव काफी मददगार साबित होगा,

माउंट देनाली पर सफलतापूर्वक आरोहण करने के लिए सेनानायक, SDRF मणिकांत मिश्रा ने राजेन्द्र को शुभकामनाएं दी।

उन्होंने कहा कि राजेन्द्र नाथ SDRF के लिए प्रेरणास्रोत बने है।

इससे पूर्व दिनाँक 10 जून 2024 को SDRF वाहिनी, जॉलीग्रांट से सेनानायक मणिकांत मिश्रा, SDRF द्वारा माउंट देनाली के आरोहण हेतु जा रहे राजेन्द्र नाथ को शुभकामनाओं सहित फ्लैग ऑफ किया गया था।

दिनाँक 13 जून 2024 को दिल्ली से हवाई यात्रा शुरू करने के उपरांत राजेन्द्र नाथ फ्रैंकफर्ट (जर्मनी) होते हुए अमेरिका के अलास्का स्टेट में लास्ट रोड हेड टॉकीटना पहुंचे, जहाँ से विश्राम के बाद इन्होंने पैदल यात्रा आरम्भ की।

राजेन्द्र नाथ ने बताया कि कई दिन पैदल यात्रा के उपरांत दिनाँक 23 जून 2024 को सुबह 11:00 बजे हम लोग समिट कैम्प से माउंट देनाली को फतह करने के लिए निकले।

माइनस 25-30° तापमान के बीच बर्फ़ीली हवाओं एवं अन्य बाधाओं को पार करते हुए 12 घण्टे लगातार ग्लेशियर पर चढ़ाई करने के बाद रात्रि 11:00 बजे (भारतीय समयानुसार दिनांक 24 जून, दिन के 12:30 बजे) इन्होंने इस चोटी पर सफलतापूर्वक आरोहण कर लिया गया।

राजेन्द्र नाथ के शब्दों में ” मैं अब तक यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुश, अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट क्लिमन्जारो, साउथ अमेरिका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट अंकोकागुआ एवं नॉर्थ अमेरिका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट देनाली को फतह कर भारत तथा उत्तराखण्ड पुलिस का झंडा फहरा चुका हूँ।

मेरा लक्ष्य विश्व के सभी सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगे के साथ-साथ उत्तराखंड राज्य एवं पुलिस का झंडा फहराकर नाम रोशन करना है।

राजेन्द्र नाथ द्वारा पूर्व में भी अनेक कीर्तिमान हासिल किये गए है। इनके द्वारा विगत वर्षों में चंद्रभागा-13 (6264 मीटर), डीकेडी-2 (5670 मीटर), माउंट त्रिशूल (7120 मीटर) माउंट गंगोत्री प्रथम (6672 मीटर), माउंट श्रीकंठ (6133 मीटर), माउंट बलज्यूरी (5922 मीटर), माउंट बंदरपूंछ (5500 मीटर), यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुश(5642 मीटर), अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो (5895 मीटर) व दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के अर्जेंटीना में स्थित सबसे ऊँची चोटी माउंट अंकोकागुआ (6961 मीटर) को सफलतापूर्वक फतह कर देश व उत्तराखंड पुलिस का नाम रोशन किया गया है।

मुख्यमंत्री धामी ने की केंद्रीय संचार मंत्री से भेंट, राज्य में संचार सेवाओं के विस्तार से संबंधित विभिन्न विषयों पर की चर्चा।

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दिल्ली

*मुख्यमंत्री ने की केंद्रीय संचार मंत्री से भेंट, राज्य में संचार सेवाओं के विस्तार से संबंधित विभिन्न विषयों पर की चर्चा*

*मुख्यमंत्री ने केंद्रीय संचार मंत्री से नैनीताल शहर में जाम से मुक्ति तथा यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये नैनीताल नगर के मुख्य चौराहे पर स्थित डाकघर को अन्यत्र शिफ्ट करने का किया अनुरोध*

*मुख्यमंत्री ने राज्य में 4G सैचुरेशन स्कीम के अन्तर्गत अवशेष टावरों की स्थापना हेतु बी.एस.एन.एल. को निर्देश देने तथा राज्य में संचार व्यवस्था से वंचित क्षेत्रों में भी टावर लगाकर संचार व्यवस्था से आच्छादित किए जाने का केंद्रीय संचार मंत्री से किया अनुरोध*

*राज्य सरकार द्वारा 481 टावरों की स्थापना के लिये भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही की गई है पूर्ण*

सांदर के ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग रुद्रप्रयाग के कार्यालय में लगाए ताले।

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रुद्रप्रयाग। नगर मुख्यालय के नजदीकी गांव सांदर के ग्रामीणों ने लोनिवि द्वारा गांव में सड़क बनाने के दौरान क्षतिग्रस्त किए सम्पर्क मार्ग, गौशाला और पुश्तों का निर्माण न करने से आक्रोशित ग्रामीणों ने लोनिवि दफ्तर में तालाबंदी की। ग्राम प्रधान के नेतृत्व में ग्रामीणों ने लोनिवि कार्यालय में विरोध-प्रदर्शन कर नारेबाजी की। साथ ही मांग पूरी न होने पर दोबारा तालाबंदी की चेतावनी दी। बाद में अधिकारियों के मौके पर जाकर निरीक्षण कर कार्यवाही का भरोसा देने के बाद ग्रामीण शांत हुए।

गुस्साए ग्रामीणों ने लोनिवि कार्यालय में विरोध प्रदर्शन कर की नारेबाजी

शुक्रवार को सांदर गांव के प्रधान भूपेंद्र जगवाण ने नेतृत्व में ग्रामीणों ने जागतोली स्थित लोनिवि कार्यालय में प्रदर्शन किया। विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। जबकि दफ्तर में ताले जड़ दिए। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2020-21 में सांदर गांव में सड़क निर्माण किया गया जिससे ग्रामीणों के कई सम्पर्क मार्ग, पुश्ते, खेत, दीवार और गौशालाएं क्षतिग्रस्त हो गए। कई बार कहने के बाद भी विभाग द्वारा कोई सुध नहीं ली गई जिस कारण मजबूरन आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा। साथ ही कहा कि तहसील से सांदर गांव के लिए सड़क काटी गई किंतु शुरूआत से ही सड़क काफी तंग है। यहां आवाजाही में जान जोखिम डालकर आवाजाही करनी पड़ती है। जबकि गांव में सड़क काफी चौड़ी है। सड़क का न तो आज तक चौड़ीकरण किया और न ही डामरीकरण जिससे हर समय दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। सड़क कटिंग से गांव में ग्रामीणों के क्षतिग्रस्त गौशालाएं, पुश्ते, खेत, दीवार के निर्माण को लेकर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। ग्राम प्रधान भूपेंद्र जगवाण ने कहा कि इस बावत कई बार विभाग के साथ ही प्रशासन एवं सीएम पोर्टल तक शिकायतें कर चुके हैं किंतु कोई सुनने वाला नहीं है जिस कारण ग्रामीणों को मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा। जबकि पूर्व में विधायक द्वारा भी विभाग को वर्ष 2023 में सड़क के द्वितीय स्टेज के डामरीकरण के साथ ही गांव में क्षतिग्रस्त सम्पत्तियों के लिए लिए होने वाले काम के लिए आंगणन बनाने के निर्देश दिए गए थे किंतु इस पर भी विभाग ने कुछ कार्यवाही नहीं की।