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Friday, July 3, 2026
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रुद्रप्रयाग से बड़ी खबर महिला यात्री से छेड़छाड़ करने वाले पुलिस चौकी इंचार्ज के साथ दरोगा निलंबित।

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रुद्रप्रयाग। बीते साल केदारनाथ आई एक महिला यात्री के साथ पुलिस द्वारा छेड़खानी का शर्मनाक मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि महिला इसे यात्रा के बाद अपने घर जाकर घटना की शिकायत सीएम हेल्पलाइन और डीजीपी को दी। पुलिस ने मामले की जांच की और गंभीरता को देखते हुए सोनप्रयाग कोतवाली में चौकी इंचार्ज केदारनाथ और दरोगा के खिलाफ छेड़खानी का मुकदमा दर्ज किया जबकि दोनों को सस्पेंड कर दिया है।

पुलिस ने कोतवाली सोनप्रयाग में किया छेड़खानी का मुकदमा पंजीकृत

मिली जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष मई 2023 में मध्य प्रदेश की एक महिला यात्री केदारनाथ दर्शनों को आई। बताया जा रहा है कि महिला के रहने की व्यवस्था के लिए महिला के किसी परिचित ने चौकी इंचार्ज केदारनाथ को मदद करने के लिए फोन किया। चौकी इंचार्ज ने केदारनाथ में ही तैनात दरोगा को महिला के रहने की उचित व्यवस्था की जिम्मेदारी दी। किंतु दरोगा ने महिला को पुलिस कैंप में ऐसी जगह ठहराया जहां वह महिला से छेड़खानी कर सके। दरोगा द्वारा महिला के साथ छेड़खानी की गई। सूत्रों के मुताबकि महिला ने मामले की रुद्रप्रयाग पुलिस को शिकायत नहीं दी जबकि अपने घर लौटकर उत्तराखंड सीएम हेल्पलाइन और डीजीपी को शिकायत पहुंचाई। इधर, पुलिस के अनुसार महिला द्वारा जो नाम बताए गए वे कुछ अलग थे। जिससे जांच में लम्बा समय लगा। बाद में पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच की।

महिला ने छेड़छाड़ को लेकर घटना की शिकायत सीएम हेल्पलाइन और डीजीपी से की

पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा 28 जून 2024 को महिला से छेड़खानी के मामले में कोतवाली सोनप्रयाग में मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। जबकि चौकी इंचार्ज मंजुल रावत और तत्कालीन दरोगा कुलदीप सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। उधर, चौकी इंचार्ज वर्तमान में भी केदारनाथ में तैनात थे जबकि दरोगा वर्तमान में गुप्तकाशी में तैनात थे। पुलिस अधीक्षक विशाखा अशोक भदाणे ने कहा कि घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। अपराधी बाहर का हो या घर का पुलिस इस तरह के मामलों में सख्त कार्यवाही करेगी। प्रथम दृष्टया महिला की शिकायत पर सोनप्रयाग कोतवाली में छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। आरोपी चौकी इंचार्ज केदारनाथ और दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, कुमाऊं में अतितीव्र वर्षा की संभावना के मद्देनजर रेड अलर्ट जारी।

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देहरादून

उत्तराखंड के कई हिस्सों में अगले तीन दिन तक भारी बारिश का अलर्ट जारी

कुमाऊं में भारी से भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, कुमाऊं में अतितीव्र वर्षा की संभावना के मद्देनजर रेड अलर्ट जारी

देहरादून, हरिद्वार, टिहरी और पौड़ी जिले के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी

अगले तीन दिन अतिवृष्टि की संभावना,साथ ही पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन एवं चट्टान गिरने की आशंका

मौसम विभाग की तरफ से आम जनता को सतर्क रहने की हिदायत

थराली देवाल नंदकेसरी मोटरमार्ग पर नंदकेशरी के पास स्कूटी संख्या UK14A 4940 दुर्घटनाग्रस्त।

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ब्रेकिंग थराली
थराली देवाल नंदकेसरी मोटरमार्ग पर नंदकेशरी के पास स्कूटी संख्या UK14A 4940 दुर्घटनाग्रस्त

स्कूटी में थे तीन सवार

नंदकेसरी के समीप स्कूटी पर पत्थर गिरने के चलते चोट लगने के कारण एक की मौक़े पर ही मृत्यु हो गई जबकि दो घायल हो गये

घायलों को सरकारी अस्पताल देवाल ले गये है जबकि मृतक को देवाल अस्पताल की मॉर्चरी में रखा गया है

घटनास्थल और अस्पताल में पुलिस मौक़े पर है तीनों के परिजनों को सूचना दे दी गई है स्कूटी मलबे में दबी हुई है

1- नितिन चंदोला पुत्र गिरीश चंदोला निवासी राड़ीबगड थराली उम्र 21 वर्ष(मृतक)
2-सतीश नेगी पुत्र संग्राम सिंह निवासी उपरोक्त उम्र 30 वर्ष (स्कूटी चालक)
3-सागर जोशी पुत्र प्रमोद कुमार उम्र 24 वर्

भारी बारिश की संभावना को देखते हुए पौड़ी जनपद में 4 जुलाई को 1 से 12 तक सभी विद्यालयों में अवकाश की घोषणा।।

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  1. पौड़ी जनपद में कल 1 से 12 तक के सभी विद्यालयों में रहेगा अवकाश, भारी बारिश की संभावना के चलते जिलाधिकारी ने दिए आदेश।

ऋषिकेश बदरीनाथ हाईवे पर पागल नाला पर बनेगी 50 मीटर सुरंग, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी।

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चमोली- ऋषिकेश – बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पीपल कोटी और जोशीमठ के मध्य वर्षों से सुगम यातायात में बाधक बने पागल नाला में अब सुरंग का निर्माण कर यातायात को सुगम बना दिया जायेगा।

राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास (एनएचआईडीसीए) की ओर से भारत सरकार के सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को भेजे गये प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। अब विभागीय स्तर पर इसकी डीपीआर बनाई जा रही है। आलवेदर रोड परियोजना कार्य से बदरीनाथ हाईवे अधिकांश जगहों पर सुगम हो गया है लेकिन पागल नाला में स्थिति नहीं सुधरी है। यहां पूर्व में सीमा सड़क संगठन और अब राष्ट्रीय राजमार्ग सड़क परिवहन निगम की ओर से जो भी सुधारात्मक कार्य किये गये है वे बरसात में बह गये। इस वर्ष टीएचडीसी की ओर से नाले से विष्णु गाड जल विद्युत परियोजना की सुरंग का मलवा डंप किया जा रहा है। इससे यहां हाईवे चौड़ा तो‍ हों गया है लेकिन अब बरसात में यहां मलवे के बह जाने और दलदल होने का खतरा बना हुआ है।

एनएचडीसीएल के डीजेएम सुशील बर्मा ने बताया कि पागल नाला में सुरंग निर्माण को लेकर बीते वर्ष सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया था जिसे मंजूरी मिल गई है। अब इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है। जल्द ही यह कार्य भी पूरा हो जाएगा। सुरंग निर्माण में देरी नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल नाले का उपचार भी शुरू कर दिया गया है।

उत्तराखंड पुलिस प्रशासन को दी जाएगी हाईटेक लक्जरी हार्ले डेविडसन बाइक।

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देहरादून।पुलिस विभाग अब सड़कों पर तेज रफ्तार वाहन चालकों पर नकेल कसने के लिए हाईटेक इंटरसेप्टर मोटरसाइकिल खरीदने जा रहा रहा है। इस क्रम में हार्ले डेविडसन अथवा बीएमडब्लू मोटर बाइक की खरीद को सड़क सुरक्षा कोष से 21 लाख रुपये प्रति मोटर साइकिल के हिसाब से आठ मोटर साइकिल के लिए 1.68 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए गए हैं। इनकी शुरुआत चार मैदानी जिलों देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर व नैनीताल से की जाएगी। उत्तराखंड पुलिस के प्रवक्ता नीलेश आनंद भरणे ने बताया हाईटेक बाइक्स के साथ कमांड कंट्रोल व्हीकल जो आपातकालीन, चारधाम और कावड़ यात्रा में मॉनिटरिंग करने का कार्य किया जाएगा । साथ ही शुरुआत में आठ इंटरसेप्टर तैयार किए जा रहे हैं। हर जिले में शुरू में दो-दो इंटरसेप्टर दिए जाएंगे। यह प्रयोग सफल होने पर इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी और अन्य जिलों में भी इन्हें तैनात किया जाएगा।

शासन से कई IAS अधिकारियों के तबादलों के आदेश जारी।

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देहरादून ।

*उत्तराखंड शासन ने कुल 17 अधिकारियों के तबादले किए हैं*

*15 आईएएस अधिकारियों के तबादले, जबकि एक आईएफएस और एक दीपक कुमार आईटीएस सेवा के अधिकारी हैं*

दिलीप जावलकर से गृह विभाग हटाकर, सहकारिता की जिम्मेदारी

सचिव बीवीआरसी पुरुषोत्तम को फिर से पशुपालन मत्स्य और दुग्ध विकास की जिम्मेदारी

रंजीत कुमार सिंह से आपदा विभाग हटाया, दिया गया सचिव तकनीकी शिक्षा

रविनाथ रमन से तकनीकी शिक्षा हटाया गया है

हरिश्चंद्र सेमवाल से पंचायती राज विभाग हटाया गया, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास के साथ आयुक्त खाद्य की जिम्मेदारी

चंद्रेश यादव से संस्कृत शिक्षा और महिला सशक्तिकरण विभाग हटाकर, पंचायती राज विभाग दिया

बृजेश कुमार संत से समाज कल्याण विभाग के सचिव और आयुक्त पद को वापस लिया गया है, सचिव परिवहन और आयुक्त परिवहन की जिम्मेदारी मिली है

नीरज खैरवाल से नियोजन विभाग हटा, सचिव समाज कल्याण आयुक्त, समाज कल्याण की जिम्मेदारी मिली

सुरेंद्र नारायण पांडे से आवास विभाग हटाया गया, कृषि विभाग की जिम्मेदारी मिली है

विनोद कुमार सुमन को सचिव वित्त, सचिव आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है

आईएफएस अफसर पराग मधुकर धकाते को विशेष सचिव जलागम की भी जिम्मेदारी मिली

आईएएस, आ Transfer orders IAS

मौसम विभाग के लगातार चेतावनी जारी करने के बाद 03 जुलाई को भी बंद रहेंगे बागेश्वर जिले के सभी विद्यालय, जिलाधिकारी ने जारी किए आदेश।

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बागेश्वर- 3 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए बागेश्वर जिले की डीएम अनुराधा पाल ने जिले के कक्षा एक से 12 तक के सभी सरकारी अर्द्ध सरकारी और निजी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्र में अवकाश घोषित किया है। विदित हो कि मौसम विभाग ने बुधवार को भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।

जिला आबकारी अधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार,70 हजार रूपये की रिश्वत लेते आबकारी ऑफिस में विजलेंस टीम ने किया गिरफ्तार।

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उधमसिंह नगर-विजलेंस की टीम की बड़ी कार्यवाही, जिला आबकारी अधिकारी अशोक मिश्रा को रिश्वत लेते किया गिरफ्तार, 70 हजार रूपये की रिश्वत लेते आबकारी ऑफिस में किया गिरफ्तार, ठेकेदार की शिकायत पर हल्द्वानी से पहुंची टीम ने की कार्यवाही, विजलेंस की टीम अशोक मिश्रा से पूछताछ कर रही है।

उत्तराखंड से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है कुमाऊं से उधम सिंह नगर जिले के आबकारी अधिकारी को 70 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। विजिलेंस सूत्रों के अनुसार आज मंगलवार दो जुलाई की दोपहर रुद्रपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कार्यालय से जिला आबकारी अधिकारी अशोक कुमार मिश्रा को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि भ्रष्ट आबकारी अधिकारी के काशीपुर स्थित आवास पर भी छापेमारी की जा रही है।

आज मंगलवार को पुलिस उपाधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी नैनीताल अनिल सिंह मनराल के पर्यवेक्षण में शिकायतकर्ता की शिकायत पर जिला आबकारी अधिकारी, ऊधमसिंहनगर अशोक कुमार मिश्रा को निवासी- जी-8 प्रकाश सिटी, काशीपुर जनपद ऊधमसिंहनगर को शिकायतकर्ता से 70,000/- रूपये रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत की थी कि उसकी देशी मदिरा की दुकान खटीमा में है, जो वर्ष 2023-24 में आवंटित हुई थी जिसे पुनः वर्ष 2024-25 में नवीनीकरण करा लिया गया। वर्ष 2023-24 में शिकायतकर्ता द्वारा सम्पूर्ण अधिभार जमा करा दिया गया था। पिछले वर्ष में जमा अधिभार का 10,21,417 रूपये का माल शिकायतकर्ता नहीं ले पाया था, जो वो अब लेना चाहता है। जिस पर जिला आबकारी अधिकारी अशोक कुमार मिश्रा द्वारा अधिभार के 10 प्रतिशत के हिसाब से रिश्वत की मांग की जा रही है। वह रिश्वत नहीं देना चाहता है। आरोपी के खिलाफ कार्यवाही चाहता है।

उक्त शिकायत पर पुलिस उपाधीक्षक अनिल सिंह मनराल द्वारा शिकायतकर्ता के शिकायती प्रार्थना पत्र की जांच कराने पर तथ्य सही पाये जाने पर अपने पर्यवेक्षण में निरीक्षक विनोद कुमार यादव के नेतृत्व में ट्रैप टीम का गठन किया गया। टीम द्वारा नियमानुसार कार्यवाही करते हुये आज दिनांक 02-07-2024 को ट्रैप टीम द्वारा जिला आबकारी अधिकारी, ऊधमसिंहनगर अशोक कुमार मिश्रा निवासी जी-8 प्रकाश सिटी, काशीपुर जनपद ऊधमसिंहनगर को शिकायतकर्ता से 70,000/- (सत्तर हजार रूपये) रूपये रिश्वत लेते हुये उनके कार्यालय से रंगे हाथो गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त से पूछताछ जारी है। उक्त प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत कर अनुसंधान किया जायेगा।

निदेशक सतर्कता वी०मुरूगेशन महोदय द्वारा ट्रैप टीम को नगर पुरुष्कार से पुरुष्कृत करने की घोषणा की गयी है। सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री हैल्पलाइन नम्बर-1064 एवं Whatsapp हैल्पलाइन नम्बर 9456592300 पर 24X7 सम्पर्क कर भ्रष्टाचार के विरूद्ध अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने हेतु निदेशक सतर्कता वी० मुरूगेशन द्वारा अपील की गई है।

IPC खत्म 1 जुलाई से नये क्रिमनल लॉ लागू, देखिये क्या कुछ बदलाब हुए भारतीय दण्ड सहिंता में।

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नई दिल्ली-

1 जुलाई से देशभर में कानून की भाषा बदलने वाली है। तीन नए आपराधिक कानून लागू हो जाएंगे। इन नए कानूनों के लागू होने के बाद आपराधिक न्याय प्रणाली में व्यापक बदलाव आएंगे और ब्रिटिश काल से कानूनों की विदाई हो जाएगी। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम ब्रिटिश काल के भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह लेंगे।

देश में सोमवार, 1 जुलाई से तीन नए आपराधिक कानून लागू हो गए हैं. कानून की यह संहिताएं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) हैं. नए कानूनों में कुछ धाराएं हटा दी गई हैं तो कुछ नई धाराएं जोड़ी गई हैं. कानून में नई धाराएं शामिल होने के बाद पुलिस, वकील और अदालतों के साथ-साथ आम लोगों के कामकाज में भी काफी बदलाव आ जाएगा।

वे मामले जो एक जुलाई से पहले दर्ज हुए हैं, उनकी जांच और ट्रायल पर नए कानून का कोई असर नहीं होगा. एक जुलाई से सारे अपराध नए कानून के तहत दर्ज होंगे. अदालतों में पुराने मामले पुराने कानून के तहत ही सुने जाएंगे. नए मामलों की नए कानून के दायरे में ही जांच और सुनवाई होगी. अपराधों के लिए प्रचलित धाराएं अब बदल चुकी हैं, इसलिए अदालत, पुलिस और प्रशासन को भी नई धाराओं का अध्ययन करना होगा. लॉ के छात्रों को भी अब अपना ज्ञान अपडेट करना होगा।

बदल गए न्याय संहिताओं के नाम⤵️

इंडियन पीनल कोड (IPC) अब हुई भारतीय न्याय संहिता (BNS)
कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर (CrPC) अब हुआ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS)
इंडियन एविडेंस एक्ट (IEA) अब हुआ भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)

दिल्ली में इन नए कानूनों के तहत पहली एफआईआर सोमवार सुबह दर्ज भी हो गई। नए कानून लागू होने के बाद आम लोगों के पास पुलिस की पहुंच आसान होगी। पूरा सिस्टम ऑनलाइन होगा। नए क्रिमिनल लॉ लागू होने के बाद आपके जीवन में क्या बड़े बदलाव होंगे? 10 पॉइंट में समझिए।

1 ➡️ नये कानूनों से एक आधुनिक न्याय प्रणाली स्थापित होगी जिसमें ‘जीरो एफआईआर’, पुलिस में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराना, ‘एसएमएस’ (मोबाइल फोन पर संदेश) के जरिये समन भेजने जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम और सभी जघन्य अपराधों के वारदात स्थल की अनिवार्य वीडियोग्राफी जैसे प्रावधान शामिल होंगे।

इसके अलावा महिलाओं, पंद्रह वर्ष की आयु से कम उम्र के लोगों, 60 वर्ष की आयु से अधिक के लोगों तथा दिव्यांग या गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को पुलिस थाने आने से छूट दी जाएगी और वे अपने निवास स्थान पर ही पुलिस सहायता प्राप्त कर सकते हैं। नये कानूनों के तहत अब कोई भी व्यक्ति पुलिस थाना गये बिना इलेक्ट्रॉनिक संचार माध्यम से घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज करा सकता है। इससे मामला दर्ज कराना आसान और तेज हो जाएगा तथा पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी।

2 ➡️ नये कानूनों के तहत आपराधिक मामलों में फैसला मुकदमा पूरा होने के 45 दिन के भीतर आएगा और पहली सुनवाई के 60 दिन के भीतर आरोप तय किए जाएंगे। दुष्कर्म पीड़िताओं का बयान कोई महिला पुलिस अधिकारी उसके अभिभावक या रिश्तेदार की मौजूदगी में दर्ज करेगी और मेडिकल रिपोर्ट सात दिन के भीतर देनी होगी।

3 ➡️ नये कानूनों में संगठित अपराधों और आतंकवाद के कृत्यों को परिभाषित किया गया है, राजद्रोह की जगह देशद्रोह लाया गया है और सभी तलाशी तथा जब्ती की कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराना अनिवार्य कर दिया गया है।

4 ➡️ महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर एक नया अध्याय जोड़ा गया है, किसी बच्चे को खरीदना और बेचना जघन्य अपराध बनाया गया है और किसी नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के लिए मृत्युदंड या उम्रकैद का प्रावधान जोड़ा गया है। नये कानूनों में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की जांच को प्राथमिकता दी गयी है जिससे मामले दर्ज किए जाने के दो महीने के भीतर जांच पूरी की जाएगी।

नये कानूनों के तहत पीड़ितों को 90 दिन के भीतर अपने मामले की प्रगति पर नियमित रूप से जानकारी पाने का अधिकार होगा। इसके अलावा महिलाओं और बच्चों के साथ होने वाले अपराध पीड़ितों को सभी अस्पतालों में निशुल्क प्राथमिक उपचार या इलाज मुहैया कराया जाएगा। यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि पीड़ित को आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल तुरंत मिले।

5 ➡️ शादी का झूठा वादा करने, नाबालिग से दुष्कर्म, भीड़ द्वारा पीटकर हत्या करने, झपटमारी आदि मामले दर्ज किए जाते हैं लेकिन मौजूदा भारतीय दंड संहिता में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं थे।

6 ➡️ ‘जीरो एफआईआर’ से अब कोई भी व्यक्ति किसी भी पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज करा सकता है, भले ही अपराध उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं हुआ हो। इससे कानूनी कार्यवाही शुरू करने में होने वाली देरी खत्म होगी और मामला तुरंत दर्ज किया जा सकेगा।

7 ➡️ नये कानून में जुड़ा एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि गिरफ्तारी की सूरत में व्यक्ति को अपनी पसंद के किसी व्यक्ति को अपनी स्थिति के बारे में सूचित करने का अधिकार दिया गया है। इससे गिरफ्तार व्यक्ति को तुरंत सहयोग मिल सकेगा।

8 ➡️ इसके अलावा, गिरफ्तारी विवरण पुलिस थानों और जिला मुख्यालयों में प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा जिससे कि गिरफ्तार व्यक्ति के परिवार और मित्र महत्वपूर्ण सूचना आसानी से पा सकेंगे। आरोपी और पीड़ित दोनों को अब प्राथमिकी, पुलिस रिपोर्ट, आरोपपत्र, बयान, स्वीकारोक्ति और अन्य दस्तावेज 14 दिन के भीतर पाने का अधिकार होगा। अदालतें समय रहते न्याय देने के लिए मामले की सुनवाई में अनावश्यक विलंब से बचने के वास्ते अधिकतम दो बार मुकदमे की सुनवाई स्थगित कर सकती हैं।

9 ➡️ नये कानूनों में सभी राज्य सरकारों के लिए गवाह सुरक्षा योजना लागू करना अनिवार्य है ताकि गवाहों की सुरक्षा व सहयोग सुनिश्चित किया जाए और कानूनी प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता व प्रभाव बढ़ाया जाए।

अब ‘लैंगिकता’ की परिभाषा में ट्रांसजेंडर भी शामिल हैं जिससे समावेशिता और समानता को बढ़ावा मिलता है। पीड़ित को अधिक सुरक्षा देने तथा दुष्कर्म के किसी अपराध के संबंध में जांच में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए पीड़िता का बयान पुलिस द्वारा ऑडियो-वीडियो माध्यम के जरिए दर्ज किया जाएगा