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Thursday, July 2, 2026
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उत्तराखंड में शासन से आज की बड़ी खबर,

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उत्तराखंड में शासन से आज की बड़ी खबर,

शासन ने की बड़ी कार्रवाई,

सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर,

उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव को शासन ने हटाया,

आईएफएस अफसर एसपी सुबुद्धि से सदस्य सचिव। की जिम्मेदारी ली वापस ,

आईएफएस सुशांत कुमार पटनायक को अतिरिक्त प्रभार के तौर पर दी गई जिमेदारी,

आईएफएस अफसर एसपी सुबुद्धि पिछले कई सालों से सदस्य सचिव के पद की संभाल रहे थे जिम्मेदारी,

बीते दिनों से वह प्लास्टिक इस्तेमाल को लेकर विभिन्न फैक्ट्रियों को नोटिस देने को लेकर भी आये थे। चर्चाओं में,

उनकी इस कार्रवाही के बाद अब हुई कार्रवाही,

उनसे ये जिम्मेदारी वापस लेते हुए सुशांत कुमार पटनायक को सौंपी गई जिमेदारी,

मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल के साथ अब सदस्य सचिव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जिम्मेदारी भी संभालेंगे एस के पटनायक,

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का दो दिवशीय उत्तराखण्ड दौरा।।

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  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के उत्तराखंड आगमन पर गुरुवार को जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनका स्वागत किया | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुवार को उत्तराखंड में अपने प्रथम दो दिवसीय प्रवास पर देहरादून पहुंची हैं |

इस अवसर पर उपस्थित कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, सौरभ बहुगुणा, मुख्य सचिव डॉ एस एस संधू , पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, कमिश्नर गढ़वाल सुशील कुमार, जिलाधिकारी देहरादून तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने भी राष्ट्रपति का अभिवादन किया।

लैंसडौन विधायक ने खोया आपा वीडियो हो रहा वायरल।

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एक्सक्लूसिव वीडियो —

लैंसडौन विधायक ने खोया आपा वीडियो हो रहा वायरल।

लैंसडाउन से भाजपा विधायक महंत दिलीप रावत क्षेत्र में लगे प्रशासनिक कैंप में वीडिओ के समय से पहले चले जाने पर भड़क गए। विधायक इतने बड़े गए कि उन्होंने इस बात की शिकायत जिले के उच्च अधिकारियों से कर दी। विधायक दिलीप रावत ने कहा कि जनता अधिकारियों का इंतजार कर रहे हैं और अधिकारी अपनी मनमर्जी से आते हैं और चले जाते हैं ऐसे में जनता परेशानियों का सामना करती है अधिकारियों को जनता के उन परेशानियों से कोई लेना देना नही है ।

 

देवभूमि के प्रथम गांव में मंथन करेगी धामी कैबिनेट, 2025 तक आदर्श बनेंगे सभी गांव।

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धामी सरकार ने उत्तराखंड को वर्ष 2025 तक देश के श्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी में लाने का लिया है संकल्प।

इसी कड़ी में सरकार का सीमावर्ती समेत सभी गांव को आदर्श ग्राम बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

निदेशक पंचायती राज बंशीधर तिवारी ने दी जानकारी।

प्रथम चरण में चंपावत जिले के गांव को इस मुहिम में लिया जाएगा।

धीरे-धीरे अन्य जिलों को आदर्श ग्राम योजना में जोड़ा जाएगा।

योजना के तहत गांव में तेजी से मूलभूत सुविधाएं जुटाई जाएंगी।

साथ ही वहां आजीविका विकास को लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

इसके अलावा गांव में स्ट्रीट लाइट खेल मैदान ओपन जिम कचरा प्रबंधन आदि के लिए कार्य किए जाएंगे।

पीएम नरेंद्र मोदी अपने प्रस्तावित उत्तराखंड के दौरे के दौरान लोहाघाट के अद्वैत आश्रम मायावती में कर सकते हैं प्रवास।

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लोहाघाट।सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पीएम नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी लोहाघाट के प्रसिद्ध अद्वैत आश्रम मायावती में प्रवास कर सकते हैं उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी के द्वारा अपने मायावती प्रवास के दौरान इस बात की सहमति जताई जा चुकी है सरकार द्वारा मानस खंड कारीडोर बनवाया जा रहा है इसके अलावा कैलाश यात्रा मार्ग भी तैयार हो रहा है सरकार की मनसा चार धाम यात्रा से मानस खंड गलियारों को जोड़ना है मालूम हो लोहाघाट क्षेत्र के प्रसिद्ध अद्वैत आश्रम मायावती की स्थापना स्वामी विवेकानंद जी की प्रेरणा से 19 मार्च 1899 में सेवियर दंपत्ति के द्वारा करी गई थी और 3जनवरी 1901 से लेकर 18 जनवरी 1901 तक स्वामी जी ने यहां प्रवास किया था जो कि एक विश्व प्रसिद्ध आध्यात्म का केंद्र माना जाता है यहा काफी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी अपने प्रवास के दौरान यहां ध्यान लगा सकते हैं उत्तराखंड के सीएम धामी के द्वारा रात्रि प्रवास के दौरान यहां ध्यान लगाया गया था अगर पीएम नरेंद्र मोदी अद्वैत आश्रम मायावती आते हैं तो अद्वैत आश्रम मायावती व लोहाघाट क्षेत्र को पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान मिलेगी इसके अलावा पीएम मोदी पिथौरागढ़ जिले के प्रसिद्ध नारायण आश्रम में प्रवास कर सकते हैं

सैनिक बाहुल्य सवाड़ गांव में तीन दिवशीय शहीद सैनिक मेला ।

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चमोली। उत्तराखण्ड सरकार के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी बुधवार को जनपद चमोली के विकासखंड देवाल के सैनिक बाहुल्य गांव सवाड़ पहुंचे। जहां सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने तीन दिवसीय 15वें अमर शहीद सैनिक मेला 2022 का शुभांरभ कर सवाड़ गांव में स्थापित वीर सैनिकों को समर्पित सैन्य स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित किया। चमोली के सवाड़ गांव पहुंचने पर सैनिक कल्याण मंत्री का ग्रामीण एवं मेला कमेटी की ओर से भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर मंत्री गणेश जोशी ने सवाड़ के वीर सैनिकों को सलाम करते हुए कहा कि इस वीर भूमि के सैनिकों ने आज तक देश के लिए जितना किया वह इतिहास में स्वर्णियम अक्षरों से अंकित हों चुका हैं।

इस मौके पर उन्होंने इसी सत्र से सवाड़ में केंद्रीय विद्यालय खोले जाने एवं सवाड़ मेले को राजकीय मेला घोषित किए जाने की मुख्यमंत्री की ओर से घोषणा की। उन्होंने कृषि एवं उद्यान को बढ़ावा देने के लिए देवाल में एक प्रशिक्षण केन्द्र एवं कोल्ड स्टोर खोलने की घोषणा की।कहा कि कृषि एवं उद्यान के बलबूते लोगों की आर्थिकी मजबूत बनाने के लिए कार्य करने की बात कही।

धामी सरकार ने दिव्यंग कर्मियों को दी बड़ी राहत, वाहन भत्ता बढ़ाया।।

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धामी सरकार ने दिव्यंग कर्मियों को दी राहत, वाहन भत्ता बढ़ाया।।

भत्ते को दोगुना करते हुए 6 सौ से 1 हजार तक किया गया।।

दिव्यंग कर्मियों की दिक्कतों को देखते हुए वाहन भत्ते की दरों का पुनरीक्षण किया गया।।

लेवल 1 ग्रेड पे 1800 तक के कर्मचारियों के वाहन भत्ते में 300 से बढ़ाकर 600 किया गया।

ग्रेड पे 1900, 2400 और 2800 के कर्मचारियों का पत्ता 400 से बढ़ाकर 800 किया गया।।

ग्रेड पे 4200 कर्मचारियों का पत्ता 500 से बढ़ाकर 1000 किया गया।।

बच्चे की नई दरें शासनादेश जारी होने की तिथि से लागू होगी।।

दो दिवसीय दत्तात्रेय अनुसूया देवी मेले का शुभारम्भ।

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चमोली जनपद में हर वर्ष होने वाले अनसूया मेले की विधि विधान शुरुआत हो गई है।
मेले का शुभारंभ उत्तराखण्ड कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा के द्वारा किया गया।
मां अनसूया देवी मन्दिर के सोन्द्रीयकर्ण के लिये कैबिनेट मंत्री द्वारा 15 लाख रुपये की घोषणा की गयीं।

चमोली ।दत्तात्रेय जयंती पर आयोजित होने वाले दो दिवसीय अनुसूया मेले को लेकर प्रदेश के अलग-अलग कोनों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु यहां पर पहुंचते हैं। इस मेले का आकर्षण क्षेत्र के पांच आराध्या देवियों की डोलिया रहती हैं और यह डोलिया अलग-अलग गांवों से होकर मंडल क्षेत्र से 5 किलोमीटर दूरी पर स्थित अनुसूया माता मंदिर में विराजमान होती हैं,

दूसरी इस मंदिर की जो सबसे खास बात यह है कि यंहा पर निसंतान दंपत्ति पुत्र रत्न की प्राप्ति के लिए रात्रि जागरण करते हैं और लोगों की मनौती पूरी होती है , क्षेत्र में अनुसूया नाम के लड़के और लड़कियां इस बात के गवाह हैं कि लोगों का सती माता अनसूया पर कितना विश्वास है, दो दिवसीय इस मेले में मंदिर में रात्रि जागरण के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं वही सुबह यहां से 1 किलोमीटर की दूरी पर सभी डोलिया अत्रि मुनि आश्रम में अमृत गंगा मैं स्नान के लिए पहुंचते हैं और उसके बाद सभी डोलिया अपने अपने मूल गांव के लिए लौट जाती हैं।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में नर्सिंग अधिकारी के 1564 रिक्त पद शीघ्र भरें जाएंगे।

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चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में नर्सिंग अधिकारी के 1564 रिक्त पद शीघ्र भरें जाएंगे।

नर्सिंग अधिकारी के पदों पर वर्षवार होगा चयन ।New Doc 2022-12-06 15.10.40 (1)

, मंगलवार को सचिव (प्रभारी) चिकित्सा स्वास्य् एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन में उत्तराखंड अधीनस्थ नर्सिंग (अराजपत्रित) सेवा (संशोधन) नियमावली, 2022 निर्गत कर दी गयी है।
डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा बताया गया कि चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में नर्सिंग अधिकारी के 1564 रिक्त पद शीघ्र ही भरें जाएंगे। चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर धामी व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा दिए जाएंगे।
नियमावली, 2022 के अनुसार नर्सिंग अधिकारी के रिक्त पदों को चयन वर्ष 2022-23 हेतु एक बार के लिए वर्षवार योग्यताक्रम में जैसा कि अभ्यर्थी द्वारा डिग्री/डिप्लोमा में प्राप्त अंकों से प्रकट हो, के आधार पर आरक्षण रोस्टर का अनुपालन करते हुए भरा जाएगा।
संशोधित नियमावली में वर्ष 2022-23 हेतु नर्सिंग अधिकारी के रिक्त पदों पर 80 प्रतिशत महिला अभ्यर्थी व 20 प्रतिशत पुरुष अभ्यर्थी का चयन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त चयन हेतु कुल उपलब्ध रिक्त पदों में से 70 प्रतिशत पद नर्सिंग में डिप्लोमाधारक अभ्यर्थियों तथा 30 प्रतिशत पद नर्सिंग में डिग्रीधारक अभ्यर्थियों में से वर्षवार योग्यताक्रम के आधार पर चयन किया जाएगा।
नियमावली में संशोधन के बाद सीधी भर्ती उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड द्वारा संपादित की जाएगी जो कि ऑनलाइन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार वाले दो दैनिक समाचार पत्रों में विज्ञप्ति जारी कर की जाएगी। उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड प्रदेश की अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्ग, आर्थिक रुप से कमजोर वर्गों तथा अन्य श्रेणियों के अभ्यर्थियों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कर आवेदन पत्रों की जांच करेगा। इसके अतिरिक्त अभ्यर्थियों के डिप्लोमा/डिग्री परीक्षा में प्राप्त अंकों के प्रतिशत के बराबर ही अंक देय होंगे।
उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड डिप्लोमा/डिग्री अभ्यर्थियों द्वारा प्राप्त अंकों के अनुसार सूचियां तैयार करेगा। यदि दो या अधिक अभ्यर्थी समान अंक प्राप्त करें तो जिस अभ्यर्थी की जन्मतिथि पहले हो उसका नाम पहले, के आधार पर योग्यता क्रम में रखेगा। इसके अतिरिक्त सूची के नामों की संख्या रिक्तियों की संख्या से अधिक (किंतु 25 प्रतिशत से अधिक नहीं) होगी।
सचिव (प्रभारी) चिकित्सा स्वास्य्ि एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा बताया गया कि विभाग का प्रयास है कि नर्सिंग अधिकारियों के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाएगा जिससे प्रदेश के चिकित्सा इकाइयों में आम जनमानस को पूर्ण लाभ मिल सके।

जिला प्रशासन द्वारा महज खानापूर्ति के लिए लगाए जा रहे तहसील दिवश ।

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बिना प्रचार प्रसार के तहसील मुख्यालयों को छोड़ कर लगाए जा रहे हैं अन्य स्थानों पर तहसील दिवश ।

क्षेत्रीय जनता की नही दिख रही है तहसील दिवशो में रुचि ।

तहसील दिवश के नाम पर केवल दो तीन विभाग ही दिखते है बैठकों में ।


रुद्रप्रयाग ।शासन प्रशासन के दिशा निर्देशो पर तहसील मुख्यालयों को छोड़ कर दूरस्थ क्षेत्र की जनता की सुविधा के लिये दूरस्थ क्षेत्रो में तहसील दिवश लगाए जा रहे है ।लेकिन बिना प्रचार प्रसार के ग्रामीणों क्षेत्रो में तहसील दिवश का आयोजन किया जा रहा है ओर नाही जिला मुख्यालय के अधिकारी इन तहसील दिवशो में अपनी रुचि ले पा रहे है आलम यह है कि खानापूर्ति के लिये जेई,पंचायत मंत्री,उप राजस्व निरीक्षक ही इन बैठकों में सरकारी नुमाइंदे रहते है ।
दिसम्बर माह के पहले मंगलवार को उप जिलाधिकारी जखोली परमानन्द राम की अध्यक्षता में आज विकास खण्ड जखोली के राजकीय इंटर कॉलेज तैला सिलगढ़ के प्रांगण में तहसील दिवश आयोजन रखा गया था । जिसमें ग्रामीणों की संख्या बहुत ही नगण्य देखने को मिली है ।तहसील दिवश का आकलन इसी से लगाया जा सकता है केवल 7 शिकायते यंहा पर दर्ज की गयी जिसमे 4 को मौके पर निस्तारण किया गया ।इससे साफ जाहिर होता है कि प्रशासन दूरस्थ क्षेत्र के नाम पर तहसील दिवशो का आयोजन खाना पूर्ति के लिये कर रहा है जबकि जिस स्थान पर तहसील दिवश का आयोजन किया गया उसके आप पास लगभग 20 हजार की आबादी के गांव आते है लेकिन ग्रामीणों को तहसील दिवशो की सूचना न होने से ऐसे आयोजनों में नही पहुंच पा रहे है ।जिसके कारण ये तहसील दिवश केवल शहर सपाटा तक ही सीमित रह गए है ।यही नही रुद्रप्रयाग में अधिकारियों के सामने उनके कर्मचारी किस अनुशासन से रहते है इसे भी देखिये कुर्सियों में पांव फैला कर बैठे हैं क्या इसी को तहसील दिवश कहते हैं दुर्भाग्य है रुद्रप्रयाग का यहां पर कोई अधिकारी है और ना ही कोई जनप्रतिनिधि ।