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Monday, March 16, 2026


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बारिश के इस मौसम में अनावश्यक सफर करने से बचें : फिलहाल केदारनाथ हाईवे पर यात्री वाहनों की आवाजाही की गयी है प्रतिबन्धित।

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*केदारनाथ धाम आ रहे यात्रियों सहित जनपद में निवासरत जनमानस की सुरक्षा सर्वाेपरि : एसपी रुद्रप्रयाग।*

*बारिश के इस मौसम में अनावश्यक सफर करने से बचें : फिलहाल केदारनाथ हाईवे पर यात्री वाहनों की आवाजाही की गयी है प्रतिबन्धित।*

आआज प्रातःकाल मुनकटिया के पास हुई दुःखद घटना सहित जनपद में ऑरेंज अलर्ट के चलते केदारनाथ हाईवे कई स्थानों पर बाधित हो रहा है। विशेषकर बांसवाड़ा के पास स्थित स्लाइडिंग जोन क्षेत्र में मार्ग के खुलने व बन्द होने की आंख मिचौली बनी हुई है तथा यदि यहां पर मार्ग खुल भी रहा है तो वाहनों का आवागमन होने में काफी दिक्कतें हो रही हैं। इस क्षेत्र में वाहन फंस जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त काकड़गाड़, डोलिया देवी सहित अन्य भूस्खलन क्षेत्र भी काफी खतरनाक बने हुए हैं। जनपद में लगातार हो रही बारिश के कारण फिलहाल प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुद्रप्रयाग मनोज नेगी के नेतृत्व में जनपद मुख्यालय स्थित चौकी जवाड़ी बाईपास पर पहुंच रहे यात्री वाहनों को केदारनाथ की ओर नहीं जाने दिया जा रहा है। यात्रियों को जनपद मुख्यालय में ही रुकने या बद्रीनाथ की ओर भेजा जा रहा है। हालांकि सम्पूर्ण उत्तराखण्ड सहित जनपद क्षेत्रान्तर्गत निरन्तर बारिश हो रही है तथा कहीं पर भी पहाड़ी दरकने, भूस्खलन होने की घटना घटित हो सकती है, ऐसे में सभी से आग्रह है कि गैर जरूरी यात्रा करने से बचें तथा मौसम साफ होने तक सुरक्षित स्थानों पर ही रुके रहें।

 

मुनकटिया में बलोरो वाहन के ऊपर चट्टान टूटने से दो लोगो की मौके पर ही मौत।

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सोनप्रयाग ।मुनकटिया के पास बोल्डर गिरने से बलोरो वाहन क्षतिग्रसत।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी का कहना है उक्त वाहन उत्तरकाशी से केदारनाथ यात्रा पर आया हुआ था ।आज सुबह सोनप्रयाग से गौरीकुंड के लिए निकला था लेकिन मुनकटिया के पास पहाड़ी टूटने से वाहन के ऊपर जा गिरा जिसमे दो लोगो मोके पर ही मौत हुई है


बलोरो वाहन में 11 लोग सवार होने बताए जा रहे है जिनमे दो की मौके पर ही मौत ,दो गम्भीर घायल व अन्य लोगो को हल्की छोटे आई है । ये सभी लोग उत्तरकाशी के बताए जा रहे है।

आज प्रातःकाल मैक्स बोलेरो वाहन संख्या यूके 11 टीए 1100 जो कि सोनप्रयाग से गौरीकुण्ड के लिए 11 सवारियां लेकर चला था, तकरीबन सवा सात बजे के आसपास मुनकटिया लैंडस्लाइड जोन के कोने पर ऊपर से एक बड़ा पत्थर आने से यह वाहन इसकी चपेट में आ गया। जिस कारण वाहन में सवार 2 व्यक्तियों की मृत्यु तथा 3 व्यक्ति घायल हो गये। जिनको कि रेस्क्यू टीमों व स्थानीय लोगों द्वारा तत्काल सोनप्रयाग अस्पताल लाया गया है।
घायलों का विवरण –
1- नवीन सिंह रावत पुत्र जयेंद्र सिंह निवासी सियालब थाना बड़कोट जिला उत्तरकाशी उम्र 35 वर्ष
2- ममता पत्नी चैन सिंह पवार निवासी सियालब थाना बड़कोट जिला उत्तरकाशी उम्र 29 वर्ष
3- प्रतिभा पुत्री गिरवर सिंह निवासी सियालब थाना बड़कोट जिला उत्तरकाशी उम्र 25 वर्ष
(क्रमांक 1 व 2 पर अंकित घायलों को हायर सेन्टर के लिए रैफर कर दिया गया है।)

मृतकों का विवरण –
1- श्रीमती रीता पत्नी उदय सिंह निवासी सियालब थाना बड़कोट उत्तरकाशी उम्र 30 वर्ष
2- चंद्र सिंह पुत्र कलम सिंह निवासी सियालब थाना बड़कोट जिला उत्तरकाशी उम्र 50 वर्ष

 

आपदा के बीच जखोली के बकसिर बंगड़ गांव में 21 वर्षीय गर्भवती महिला की मेडिकल टीम ने घर पर करवाई सुरक्षित डिलीवरी, जच्चा-बच्चा स्वस्थ।

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जनपद रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र में हाल ही में हुई अतिवृष्टि के बाद से पूरे जिले में आपदा जैसी स्थिति बनी हुई है। इसके बावजूद जिले के सभी विभाग अपने-अपने कार्यों को तेज़ी से अंजाम दे रहे हैं। बीते दिन तालजामण क्षेत्र में बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल कर दी गई, वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और प्रभावित लोगों की हर संभव मदद कर रही हैं। इसी क्रम में जखोली ब्लॉक के बकसिर बंगड़ गांव में मेडिकल टीम ने एक 21 वर्षीय महिला की सुरक्षित डिलीवरी उसके घर पर ही करवाई। महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है।बड़ी बात ये की मेडिकल टीम संपर्क मार्ग टूटे होने के बाद बड़ी की विकट परिस्थितियों में महिला के घर पहुँची और महिला की सुरक्षित डिलीवरी करवाई।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश ने जानकारी देते हुए बताया कि देर रात सूचना प्राप्त हुई कि सक्षमा देवी (उम्र 21 वर्ष), पत्नी पंकज चंद को अत्यधिक प्रसव पीड़ा हो रही है। सूचना मिलते ही प्रभारी चिकित्सा अधिकारी जखोली डॉ. खुशपाल सिंह के निर्देशन में एक मेडिकल टीम गठित कर महिला के घर भेजी गई। टीम में डॉ. अयोध्या, फार्मासिस्ट प्रदीप साह और सीएचओ मोहित शामिल थे।टीम देर रात गांव पहुंची और स्थानीय दाई की सहायता से महिला का सुरक्षित प्रसव करवाया। इस दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. खुशपाल सिंह भी लगातार टीम के संपर्क में रहे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश ने बताया कि जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। महिला के परिजनों के संपर्क में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार बनी हुई है, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या न हो।

प्राकृतिक आपदा के लिहाज से बारूद के ढेर पर बसे हैं रुद्रप्रयाग के मयाली, तिलवाड़ा, विजयनगर और चन्द्रापुरी बाजार

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उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित मयाली, तिलवाड़ा, विजयनगर और चन्द्रापुरी बाजार कभी भी भयानक खतरे का सामना कर सकते हैं । इनके बीचों-बीच बहने वाले बरसाती गदेरे कभी भी विकराल रूप धारण कर सकते हैं, जैसा कि 2013 की मंदाकिनी घाटी की बाढ़ में देखा गया था। उस आपदा में सोनप्रयाग, चंद्रापुरी, तिलकनगर, गंगानगर, विजयनगर और तिलवाड़ा जैसे क्षेत्रों में भारी तबाही हुई, जहां नदियों का उच्च डिस्चार्ज, बैंक कटाव और फ्लैश फ्लड्स ने जान-माल का भारी नुकसान किया। नदी के किनारों पर बने टैरेस (RBM – River Borne Material) पर बाढ़ ने 1-6 मीटर मोटी तलछट जमा की और नदी का मार्ग 2-15 मीटर तक बदल दिया।

हिमालय क्षेत्र टेक्टोनिक रूप से सक्रिय है, जहां मेन सेंट्रल थ्रस्ट (MCT), वैकृत थ्रस्ट (VT) और मंदाकिनी फॉल्ट जैसी भ्रंश रेखाएं मौजूद हैं। ये चट्टानों को कमजोर बनाती हैं, जिससे भूस्खलन (Landslides) आसान हो जाते हैं। जिले में 290 भूस्खलन दर्ज हुए, जिनमें 65% डेब्रिस (मलबा )स्लाइड्स थे, जो भारी बारिश से संतृप्त मिट्टी के कारण हुए। सड़कें और गदेरे के पास 76% भूस्खलन हुए, जहां ढलान संशोधन या टो इरोजन (कटाव) मुख्य कारण थे।

22 क्लाउडबर्स्ट घटनाएं दर्ज, जिनमें विजयनगर जैसी जगहें शामिल। ये 100 मिमी/घंटा से अधिक बारिश वाली घटनाएं हैं, जो फनल-आकार की घाटियों में होती हैं और डेब्रिस फ्लो का कारण बनती हैं। 2013 में ये आपदाएं उखीमठ तहसील में 41% थीं।

बाढ़ ने केदारनाथ में नदी मार्ग बदल दिए, रामबाड़ा जैसे शहर बह गए। डाउनस्ट्रीम में चंद्रापुरी और विजयनगर में नदी बेड 5-6 मीटर ऊंचा हो गया, जिससे भविष्य में और बाढ़ का खतरा बढ़ा।

ग्लेशियर पिघलाव (जैसे गंगोत्री ग्लेशियर 20-22 मीटर/वर्ष की दर से पीछे हट रहा) और बढ़ते तापमान (IPCC के अनुसार 1.6-3°C तक) से बारिश की तीव्रता बढ़ रही है, जो फ्लैश फ्लड्स और भूस्खलन को ट्रिगर करती है।
जंगलों की कटाई और अनियोजित विकास से मिट्टी का कटाव बढ़ता है, जिससे गदेरों में मलबा जमा होता है।

हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स (जैसे सिंगरोली-भटवाड़ी HEP) से डेब्रिस डंपिंग और सड़क निर्माण ढलानों को अस्थिर बनाते हैं। नदी किनारों पर निर्माण टो इरोजन को बढ़ावा देता है, जिससे बैंक फेलियर और लैंडस्लाइड्स होते हैं। हिमालय में बढ़ते निर्माण से घातक फ्लैश फ्लड्स का खतरा और बढ़ गया है, जैसा कि हालिया घटनाओं में देखा गया।

ये गदेरे भारी बारिश में डेब्रिस फ्लो और फ्लैश फ्लड्स लाते हैं, जो इनके किनारों पर बने ढांचों को बहा ले जाते हैं। बाबजूद इसके भी लोग यहां बड़े स्तर पर निर्माण कार्य कर रहे हैं, 2013 में RBM टैरेस पर बने बाजार तबाह हुए क्योंकि ये तलछट जमा करने वाली जगहें हैं, जहां बाढ़ आसानी से घुस सकती है।

विशेषज्ञ कहते हैं कि नदी से 50-100 मीटर दूरी रखें, और कोलुवियम या ग्लेशियल सेडिमेंट्स (ग्लेशियल तलछट) पर निर्माण न करें। अन्य जगहों की आपदाओं (जैसे 2023 हिमाचल और सिक्किम) से सबक लें, अनियोजित विकास रोकें! अन्यथा आने वाले समय में इसके परिणाम प्रलयंकारी साबित होंगे..!!

आपदा प्रभावित क्षेत्रों में दूसरे दिन भी युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य जारी।

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रुद्रप्रयाग।जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार क्षेत्र अंतर्गत दिनांक 29 अगस्त, 2025 को हुई अत्यधिक वर्षा के कारण विभिन्न स्थानों यथा तालजामण, छेनागाढ, स्यूर एवं ललूड़ी (उछोला) में अनेक परिसम्पत्तियों को क्षति पहुँची है। आपदा की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा लगातार दूसरे दिन भी राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित किए जा रहे हैं।

जिलाधिकारी प्रतीक जैन के निर्देशानुसार प्रभावित क्षेत्रों में हुई क्षति का त्वरित आंकलन कर आख्या उपलब्ध कराने हेतु अधिशासी अभियन्ता, लघु सिंचाई विभाग रुद्रप्रयाग को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। साथ ही विभिन्न स्थानों के लिए अभियन्ताओं, राजस्व उपनिरीक्षकों एवं ग्राम विकास अधिकारियों को सम्मिलित कर विशेष टीमें गठित की गई हैं।

गठित टीमें निम्नवत् हैं –

1. *तालजामण क्षेत्र*
➡ *टीम-01* :
शैलेन्द्र तोमर, सहा. अभियंता, जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, रुद्रप्रयाग,
सौरभ गैरोला, कनिष्ठ अभियंता, जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, ऊखीमठ
सम्बन्धित क्षेत्र का राजस्व उप निरीक्षक
सम्बन्धित क्षेत्र का ग्राम विकास अधिकारी
➡ *टीम-02* :
ओम प्रकाश, सहा. अभियंता, प्रान्तीय खण्ड, लोक निर्माण विभाग, रुद्रप्रयाग,
अंकित, कनिष्ठ अभियंता, प्रान्तीय खण्ड, लोक निर्माण विभाग, रुद्रप्रयाग,
सम्बन्धित क्षेत्र का राजस्व उप निरीक्षक
सम्बन्धित क्षेत्र का ग्राम विकास अधिकारी

2. *छेनागाढ़ क्षेत्र*
अनुज भारद्धाज, सहा. अभियंता, निर्माण खण्ड, लोक निर्माण विभाग, ऊखीमठ,
रजनीश उप्रेती, कनिष्ठ अभियंता, सिंचाई खण्ड, रुद्रप्रयाग,
सम्बन्धित क्षेत्र का राजस्व उप निरीक्षक
सम्बन्धित क्षेत्र का ग्राम विकास अधिकारी

3. *स्यूर क्षेत्र*
अरूण गुंसाई, सहा. अभियंता, ग्रामीण निर्माण विभाग, रुद्रप्रयाग
संजय बिष्ट, कनिष्ठ अभियंता, ग्रामीण निर्माण विभाग, रुद्रप्रयाग
सम्बन्धित क्षेत्र का राजस्व उप निरीक्षक
सम्बन्धित क्षेत्र का ग्राम विकास अधिकारी

4. *उछोला क्षेत्र*
सुभाष रावत, सहा. अभियंता, जल संस्थान, रुद्रप्रयाग
सोनु बिष्ट, कनिष्ठ अभियंता, जल संस्थान, रुद्रप्रयाग
सम्बन्धित क्षेत्र का राजस्व उप निरीक्षक
सम्बन्धित क्षेत्र का ग्राम विकास अधिकारी

*जिलाधिकारी के निर्देश*

जिलाधिकारी ने उक्त सभी टीमों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में जाकर विभिन्न परिसम्पत्तियों की क्षति का तत्काल सर्वेक्षण व आंकलन करें तथा क्षति का विवरण यथाशीघ्र जिला प्रशासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति की नियमित रिपोर्टिंग करें।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, राहत एवं पुनर्वास प्राथमिकता पर है। प्रशासन सतत निगरानी रखते हुए प्रभावित ग्रामीणों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

विधायक भरत चौधरी ने किया आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा,प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के के दिये निर्देश।

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रूद्रप्रयाग।।
मूसलाधार बारिश के कारण जनपद रुद्रप्रयाग में कही जगह सड़क मार्ग बाधित है। जनपद रुद्रप्रयाग के कई हिस्सों में भारी नुकसान एवं जनहानि हुई है। इस घटना के बाद से ही रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी ने आपदा प्रभावित जखोली तहसील एवं बसुकेदार तहसील के अंतर्गत वाले वाले विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि छेनागाढ़ क्षेत्र पूरी तरह तबाह हो गया है जहां आठ लोग इस आपदा में लापता है। उनकी खोजबीन के लिए एनडीआरफ वह एसडीआरएफ, डीडीआरएफ की टीम में रेस्क्यू अभियान में लगाई गई है।अभी सड़क मार्ग कई जगह पर पूर्ण तरह क्षतिग्रस्त हो रखा है जिसको ठीक करने के लिए मशीन लगाई गई है। बसुकेदार तहसील के कही गांव सहित स्यूर, पूर्वी बांगर, सहित फुटगढ क्षेत्र का सम्पर्क इस आपदा के कट गया। जिसको बहाल करने के लिए मशीने लगवाई गई है। प्रशासन क़ो राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए उनके द्वारा जिला प्रशासन को कहा गया है। वही उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों का सड़क मार्ग से सम्पर्क कट गया है, उन क्षेत्रों के लिए हैली के माध्यम से रसद एवं जरूरी दवाई पहुचाने की तैयारी की जा रही है। मौसम साफ होने पर वहाँ ये जरूरी चीजें भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिह धामी से दूरभाष पर वार्ता कर हालात के बारे में अवगत कराया गया है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा द्वारा सभी प्रभावित परिवारों क़ो हर सम्भव मदद दिलाने का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री निरंतर आपदा प्रभावित क्षेत्रों से हर स्थिति पर नजर बनाये हुए है। इस दुःखद घड़ी में सरकार हर आपदा प्रभावित परिवार के साथ साथ दृढता के साथ खड़ी है।
इस अवसर पर साथ में भाजपा जिलाध्यक्ष श्री भारत भूषण भट्ट उपस्थित रहे।

ग्राउंड जीरो पर जिलाधिकारी आपदा प्रभावित क्षेत्र तालजामण का स्थलीय निरीक्षण – राहत एवं पुनर्वास कार्य तेज।

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*विषम एवं दुर्गम मार्गों को पार कर जिलाधिकारी सहित प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ग्राउंड जीरो पर पहुँची*

जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन ने आज आपदा प्रभावित तालजामण क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। विषम एवं दुर्गम मार्गों को पार कर जिलाधिकारी सहित प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ग्राउंड जीरो पर पहुँची और प्रभावित क्षेत्रों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।

जिलाधिकारी ने मौके पर ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। साथ ही राजकीय प्राथमिक विद्यालय, तालजामण में बनाए गए राहत शिविर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने राहत शिविर में उपलब्ध कराई गई व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राहत शिविर में खाद्यान्न, दूध के पैकेट एवं अन्य आवश्यक सामग्री की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। बच्चों एवं प्रभावित ग्रामीणों को समुचित पोषण युक्त आहार उपलब्ध कराने के भी स्पष्ट निर्देश दिए।

स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि चिकित्सकों की टीम लगातार मौके पर ड्यूटी में तैनात रहे। साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी स्वयं भी राहत शिविर में रात्रि विश्राम करेंगे, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और बेहतर तरीके से हो सके।

जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्र में मवेशियों की क्षति का आकलन शीघ्र किया जाए। मृत मवेशियों का विधिवत पोस्टमार्टम कर प्रमाण पत्र जारी करने तथा घायल मवेशियों का त्वरित उपचार एवं उचित डिस्पोजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

आपदा से हुई भौतिक क्षति का आकलन करने हेतु जिलाधिकारी ने पाँच टीमों के गठन के आदेश दिए हैं। इन टीमों में इंजीनियर, पटवारी, कानूनगो एवं तहसील स्तरीय अधिकारियों को शामिल किया गया है। ये टीमें शीघ्र ही क्षेत्र का सर्वेक्षण कर क्षति का विस्तृत आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन हर संभव सहायता एवं राहत प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत पहुँचाना तथा पुनर्वास की ठोस कार्ययोजना पर काम करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इस दौरान विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राम प्रकाश, मुख्य पशु चिकित्सक अधिकारी आशीष रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

जखोली ललूडी गांव में मकान टूटने से एक महिला की मौत, तहसील बसुकेदार के अंतर्गत भुस्खलन से 10 लोगो की लापता होने की खबर।

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रुद्रप्रयाग। जनपद के जखोली मुख्यालय से भारी नुकसान की सूचना आ रही है। देर रात हुई बारिश से जनपद की सभी सड़कें तो बाधित हैं तो वहीं जखोली विकासखंड के सीमांत गांव छेनागाड में बादल फटने से बड़ा नुकसान होने की सूचना है। बताया जा रहा है कि 10 लोग लापता है।जिनमे 4 नेपाली मूल व 6 लोकल बताएं जा रहे है। वहीं विकासखंड जखोली मुख्यालय में मकान टूट जाने से सरिता देवी (45) पत्नी जसपाल मूलनिवासी ललूडी टेंडवाल का मकान टूट जाने से महिला की दबकर मौत हो गई है।
जखोली के मायली बाजार में देर रात भारी बारिश के चलते मलवे की चपेट में आया एक पिकअप वाहन भी गहरी खाई में गिर चुका है।

जनपद रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र में बादल फटने से प्रभावित क्षेत्र – राहत एवं बचाव कार्य जारी।

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  • जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फटने की घटना के चलते मलबा आने से कुछ क्षेत्रों में नुकसान की सूचना प्राप्त हुई है। जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित किए जा रहे हैं।

जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन आपदा कंट्रोल रूम से लगातार अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैं तथा प्रभावित क्षेत्रों में जिला स्तरीय अधिकारियों की तैनाती की कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी ने बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सभी जिलास्तरीय अधिकारी जिला आपदा कंट्रोल रूम में परस्पर समन्वय के साथ लगातार कार्य कर रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में NH, PWD, PMGSY की अलग अलग टीम रास्ता खोलने के लिए जुटी हुई हैं। प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित कर राहत एवं बचाव दल भेजे जा रहे हैं। जिला स्तर से विभिन्न अधिकारियों को संबंधित राजस्व निरीक्षक एवं अन्य कार्मिकों के साथ प्रभावित ग्रामों में तत्काल कार्यवाही के लिए भेज दिया गया है।

प्राप्त प्रारंभिक सूचनाएँ निम्नवत् हैं –

स्यूर : एक मकान क्षतिग्रस्त होने एवं वाहन (बोलेरो) बहने की सूचना।

बड़ेथ, बगडधार, तालजामनी : गांव के दोनों ओर गदेरे में पानी और मलबा आने की सूचना।

किमाणा : खेती की भूमि एवं सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर व मलबा आने की सूचना।

अरखुण्ड : मछली तालाब एवं मुर्गी फार्म बहने की सूचना।

छेनागाड़ (बाजार क्षेत्र) : बाजार में मलबा भरने एवं वाहनों के बहने की सूचना।

छेनागाड़ डुगर गांव : कुछ लोगों के गुमशुदा होने की सूचना।

जौला बड़ेथ : कुछ लोगों के गुमशुदा होने की सूचना।

जिला प्रशासन प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता एवं सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है। राहत व बचाव कार्यों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस एवं राजस्व विभाग की टीमें सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से अल्मोड़ा के मां नंदा देवी मेला-2025 का किया शुभारंभ।

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देहरादून

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से अल्मोड़ा के मां नंदा देवी मेला-2025 का किया शुभारंभ*

*जागेश्वर धाम सौंदर्यीकरण हेतु 146 करोड़ की स्वीकृति*

*मां नंदा देवी मंदिर का पारंपरिक शैली में पुनर्निर्माण*

*डीनापानी में ‘नंदा देवी हस्तशिल्प ग्राम’ की स्थापना*

*अल्मोड़ा में 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक और महिला चिकित्सालय का अपग्रेडेशन*

*248 किमी ग्रामीण सड़कों का निर्माण, 922 करोड़ से अल्मोड़ा-बागेश्वर सड़क चौड़ीकरण*

*हेली सेवा, पार्किंग स्पॉट्स, हेलीपैड और सिंचाई योजनाएं प्रगति पर*

‘ *एक जनपद दो उत्पाद’, ‘मिलेट मिशन’, ‘वोकल फॉर लोकल’ योजनाओं से स्थानीय आजीविका को बढ़ावा*

*मदरसा बोर्ड समाप्त करने और अवैध मदरसों पर कार्रवाई की घोषणा*