15.4 C
Dehradun
Monday, March 16, 2026


Home Blog Page 29

लोहघाट मे भूस्खलन की चपेट में आए दो युवक, एक की मौत, एक गंभीर, मृतक के परिजनों को मिली तुरंत सहायता

0

चंपावत-लोहाघाट ब्लॉक के पंचेश्वर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बिविल के पंथयूड़ा में मंगलवार की सुबह अचानक भूस्खलन होने से दो व्यक्ति उसकी चपेट में आ गये।

हादसे की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने युद्धस्तर पर सक्रियता दिखाते हुए तुरंत राहत एवं बचाव कार्य प्रारम्भ किया। कुछ ही समय में SDRF, चिकित्सा विभाग, राजस्व विभाग, ग्राम विकास विभाग सहित अन्य विभागों की संयुक्त टीमें मौके पर पहुँच गईं। साथ ही एम्बुलेंस व आपातकालीन रेस्क्यू दल को घटनास्थल पर भेज दिया गया।

सुबह लगभग 11:30 बजे हुए इस घटना में लक्ष्मण चन्द (18 वर्ष), पुत्र प्रकाश चन्द तथा हरीश चन्द (27 वर्ष), पुत्र नारायण चन्द, निवासी रावतगढ़ (जनपद पिथौरागढ़) मलबे की चपेट में आ गए। SDRF की तत्परता और ग्रामीणों के सहयोग से दोनों को मलवे से बाहर निकाला गया।

इस दौरान अपर जिलाधिकारी जयवर्धन शर्मा स्वयं मौके पर मौजूद रहकर राहत कार्यों की अगुवाई करते रहे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान के नेतृत्व में पहुँचे चिकित्सकीय दल ने तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण किया। परीक्षण में लक्ष्मण चन्द को मृत घोषित किया गया, जबकि हरीश चन्द स्वस्थ थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने किमतौली में हेलीकॉप्टर की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली थी जिसे ऐम्स ऋषिकेश घायलो की उच्च स्वास्थ्य परीक्षण हेतु तैनात किया गया था। जिला प्रशासन ने मृतक के परिजनों को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई और पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक उनके गृह जनपद पिथौरागढ़ तक वाहन के माध्यम से सुरक्षित पहुँचाने की व्यवस्था की।

राहत एवं बचाव कार्य के दौरान उपजिलाधिकारी नीतू डांगर,पुलिस उपाधीक्षक शिवराज सिंह राणा, तहसीलदार जगदीश नेगी, खंड विकास अधिकारी कवीन्द्र सिंह रावत,अधिशासी अभियंता हितेश काण्डपाल सहित अन्य अधिकारीगण भी मौजूद रहे।

केदारनाथ धाम मन्दिर के पीछे चौराबाड़ी ग्लेशियर क्षेत्रान्तर्गत मिला नर कंकाल।

0

कंकाल के पास पड़े बैग में मिली आईडी के अनुसार मृतक की पहचान तेलंगाना निवासी युवक के रूप में हुई है।*

केदारनाथ धाम में व्यवसाय कर रहे कुछ स्थानीय युवक अपने खाली समय में केदारनाथ मन्दिर से पीछे चौराबाड़ी ग्लेशियर क्षेत्रान्तर्गत घूमने गये थे। उनके द्वारा देखा कि इस क्षेत्र में पत्थरों के बीच मनुष्य का कंकाल दिख रहा है, उनके द्वारा इस सम्बन्ध में सूचना स्थानीय पुलिस व प्रशासन को दी गयी। सूचना मिलने पर चौकी केदारनाथ से आवश्यक पुलिस बल व केदारनाथ में नियुक्त प्रशासन की टीम के सदस्य यात्रा मैनेजमेंट फोर्स सहित मौके पर पहुंचे। उक्त कंकाल के पास ही एक बैग में एक मोबाइल फोन व आई.डी. बरामद हुई। पुलिस व वाईएमएफ टीम द्वारा बरामद कंकाल को नियमानुसार कब्जे में लेकर केदारनाथ लाया गया।
निरीक्षक यात्रा केदारनाथ राजीव चौहान ने बताया कि उक्त कंकाल/शव के पास से बरामद आई.डी. के आधार पर उक्त व्यक्ति के पते व विवरण के आधार पर तेलंगाना पुलिस एवं परिजनों से सम्पर्क किया गया है। परिजनों तथा सम्बन्धित जिले की पुलिस के द्वारा बताया गया है कि इस व्यक्ति की गुमशुदगी पिछले साल अगस्त माह की 31 तारीख को दर्ज की गयी है। परिजनों द्वारा अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में दर्ज की गयी गुमशुदगी के विवरण के अनुसार उनका इससे आखिरी बार सम्पर्क 30 अगस्त 2024 को हुआ था व इसके द्वारा उनको स्वयं को उत्तराखण्ड में होना बताया गया था, जबकि उसने घर से दिल्ली तक जाना बताया था। उक्त व्यक्ति का विवरण नोमुला रोश्वन्थ पुत्र श्री नोमुला गणेश निवासी राजेश्वरोपेट विलेज, इब्राहिमपट्टनम मंडल, जिला जगतियाल, राज्य तेलंगाना (NOMULA ROSHWANTH S/O NOMULA GANESH R/O RAJESHWARROPET VILLAGE, IBRAHIMPATNAM MANDAL, DISTT JAGTIAL, STATE TELANGANA के रूप में ज्ञात हुआ है। उक्त बरामद हुए मानव शव/कंकाल को जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भिजवाया गया है। परिजनों व सम्बन्धित क्षेत्र की पुलिस के पहुंचने पर शव/कंकाल सुपुर्दगी की कार्यवाही की जायेगी।

 

सरकार जनता के द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशासनिक अधिकारियों ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, हुआ त्वरित समाधान किया

0

ग्रामीण अंचल में गांव-गांव तक पहुंचा प्रशासन – ग्राम पंचायत बावई में आयोजित हुआ बहुउद्देशीय शिविर/तहसील दिवस*

*“सरकार जनता के द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशासनिक अधिकारियों ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, हुआ त्वरित समाधान किया*

*हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता – मुख्य विकास अधिकारी*

*ग्रामीणों को यू.सी.सी. विवाह पंजीकरण एवं राशन कार्ड सत्यापन से जुड़ी प्रक्रियाओं की भी दी जानकारी*

आज विकासखण्ड अगस्त्यमुनि की ग्राम पंचायत बावई, राजस्व उप-निरीक्षक क्षेत्र मयकोटी स्थित खलियाणी पंचायत चौक में “सरकार जनता के द्वार” कार्यक्रम एवं तहसील दिवस के तहत बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत ने की। ग्रामीणों ने अधिकारियों का पुष्पगुच्छ और माल्यार्पण कर स्वागत किया। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।ग्रामीणों द्वारा कुल 70 समस्याएं रखी गईं, जिनमें से 35 का समाधान मौके पर ही कर दिया गया। शेष समस्याओं पर शीघ्र कार्यवाही के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।

*विभागीय स्टॉलों से ग्रामीण लाभान्वित*

शिविर में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, कृषि, उद्योग, समाज कल्याण, पंचायती राज/ग्राम्य विकास, स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान आरोग्य शिविर, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा आजीविका मिशन समेत कई विभागों ने अपने-अपने स्टॉल लगाए। इनके माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी गई और लाभान्वित किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुँचना चाहिए।

*स्थानीय समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर*

  • शिविर के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य विकास अधिकारी और अन्य अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। ग्राम प्रधान शालिनी देवी ने गाँव की प्रमुख मांगों में – राजकीय इंटर कॉलेज बावई में कला वर्ग की शुरुआत, पेयजल आपूर्ति के लिए नया टैंक, क्षतिग्रस्त मिलन केंद्रों का नवीनीकरण, सिद्धपीठ मोहल्ला को मोटर मार्ग से जोड़ने, चोपता-तिलवाड़ा सड़क पर क्षतिग्रस्त पुस्तों की मरम्मत, जंगली जानवरों से फसल बचाने के उपाय और शिवालय में शौचालय निर्माण – शामिल किए।

ग्रामीणों द्वारा कुल 70 समस्याएं रखी गईं, जिनमें से 35 का समाधान मौके पर ही कर दिया गया। शेष समस्याओं पर शीघ्र कार्यवाही के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।

*त्वरित निस्तारण पर बल*

मुख्य विकास अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि मा० मुख्यमंत्री की परिकल्पना और जिलाधिकारी प्रतीक जैन के निर्देशानुसार इन शिविरों का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर जनता की समस्याओं को सुनना और त्वरित निस्तारण करना है। उन्होंने ग्रामीणों को विवाह पंजीकरण (यू.सी.सी) की प्रक्रिया समझाई और राशन कार्ड सत्यापन के बारे में भी जानकारी दी। साथ ही पात्र लोगों से अपील की कि यदि किसी का राशन कार्ड अपात्र श्रेणी में आता है तो वह स्वयं इसे समर्पित करें।

मुख्य विकास अधिकारी ने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन जनपद के समग्र विकास और जनहित से जुड़ी सभी समस्याओं के समाधान हेतु हमेशा तत्पर रहेगा।

 

उत्तराखंड कैबिनेट विस्तार की तैयारी,तीन विधायक बन सकते हैं मंत्री।

0

देहरादून- उत्तराखंड की राजनीति में हलचल तेज है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई वाली सरकार जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार की ओर कदम बढ़ा सकती है। सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के अनुसार, कैबिनेट में तीन नए चेहरों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी संभावना जताई जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, यह विस्तार केवल कैबिनेट तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार 16 राज्य मंत्रियों की सूची भी तैयार कर चुकी है, जिसे अगले कुछ दिनों में सार्वजनिक किया जा सकता है। साथ ही कुमाऊं मंडल विकास निगम और गढ़वाल मंडल विकास निगम के अध्यक्षों की घोषणा भी इस प्रक्रिया के साथ की जाएगी।

इस संभावित विस्तार में महिला प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता देने के संकेत भी मिले हैं। खास तौर पर केदारनाथ क्षेत्र से विधायक आशा नौटियाल का नाम मंत्री पद के लिए सामने आया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए नेतृत्व संतुलन साधा जा रहा है।

हरिद्वार से बीजेपी विधायक प्रदीप बत्रा और कुमाऊं क्षेत्र से फकीर राम टम्टा भी संभावित नए मंत्रियों की सूची में शामिल बताए जा रहे हैं। इन नामों को लेकर पार्टी के अंदरूनी हलकों में जोरदार चर्चा है और इनकी सियासी अनुभव एवं क्षेत्रीय प्रभाव को देखते हुए इन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिलने की प्रबल संभावना है।

सूत्र यह भी बता रहे हैं कि इस विस्तार की रणनीति 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है। पार्टी संगठन की ओर से ऐसे चेहरों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिनका जमीनी स्तर पर मजबूत जनाधार है और जो संगठन के साथ लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं

उत्तराखंड में IFS अधिकारियों के बम्पर तबादले।

0

 

उत्तराखंड ।

आईएफएस अधिकारियों के बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं। बड़ी खबर यह भी है कि अपर सचिव कहकशा नसीम को बदल गया है।

प्रमुख वन संरक्षक हॉफ समीर सिन्हा कैंपा की जिम्मेदारी भी देखते रहेंगे।

रंजन कुमार मिश्रा से वन संरक्षण नोडल अधिकारी अतिरिक्त प्रभार हटाया गया है।

उत्तराखंड वन विकास निगम में नीना ग्रेवाल को प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया।।

एसपी सुबुद्धि को अब प्रमुख वन संरक्षक वन संरक्षण नोडल अधिकारी की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई।

अपर सचिव कहकशां नसीम को बदला गया है। उत्तराखंड शासन में तैनात अपर सचिव कहकशां नसीम को बदला गया है, उनकी जगह कल्याणी को जिम्मेदारी सौंपी गई है. फिलहाल कहकशां नसीम अपर सचिव वन के अलावा यमुना सर्कल देख रही हैं, लेकिन अब इन दोनों ही जिम्मेदारियों को कल्याणी देखेंगी।

कहकशां नसीम को अब प्रतिनियुक्ति पर जलागम भेजा गया है।

सुशांत पटनायक को वन अग्नि एवं आपदा प्रबंधन की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई।

तेजस्विनी पाटिल को मुख्य वन संरक्षक और निर्देशक वन प्रशिक्षण पद से हटाया गया, इसकी जगह उन्हें मुख्य वन संरक्षक कार्य योजना और कुमाऊं चीफ की जिम्मेदारी दी गई।

आईएफएस संजीव चतुर्वेदी से कार्य योजना की जिम्मेदारी वापस ली गई उन्हें मुख्य वन संरक्षक, निदेशक वानिकी प्रशिक्षण अकादमी की जिम्मेदारी दी गई।

धीरज पांडे को गढ़वाल का चीफ बनाया गया।

CF साउथ सर्किल की जिम्मेदारी नीतीश मणि त्रिपाठी को: CF के रूप में साउथ सर्किल की जिम्मेदारी अब नीतीश मणि त्रिपाठी को दी गई है. नीतीश मणि त्रिपाठी अब तक जैव विविधता में तैनात थे. उधर साउथ सर्किल में CF के रूप में जिम्मेदारी देख रहे टीआर बीजू लाल को अब यहां से हटना होगा. बीजू लाल को सदस्य सचिव उत्तराखंड जैव विविधता बोर्ड भेजा गया।

पंकज कुमार को वन संरक्षक अनुसंधान की जिम्मेदारी दी गई. उनसे निदेशक नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व की जिम्मेदारी वापस ली गई है।

चंद्रशेखर जोशी को प्रभारी वन संरक्षक उत्तरी कुमाऊं की जिम्मेदारी दी गई है. अब तक वह नैनीताल डीएफओ के तौर पर काम कर रहे थे।

आकाश गंगवार को नैनीताल डीएफओ बनाया गया।

DFO हरिद्वार वैभव कुमार को हरिद्वार से चकराता भेजा गया है।

जबकि गढ़वाल की जिम्मेदारी DFO के तौर पर देख रहे स्वप्निल को हरिद्वार भेजा गया है।

दिगांथ नायक को डीएफओ नरेंद्र नगर की जिम्मेदारी दी गई।

जीवन मोहन को नरेंद्र नगर से हटाते हुए लैंसडाउन में डीएफओ बनाया गया।

अभिमन्यु को चकराता से हटाकर गढ़वाल में डीएफओ की जिम्मेदारी दी गई।

सर्वेश कुमार को केदारनाथ का डीएफओ बनाया गया है।

ध्रुव सिंह मार्तोलिया को रामनगर डीएफओ की जिम्मेदारी दी गई है।

तरुण एस को कालागढ़ का डीएफओ बनाया गया. राहुल मिश्रा से यह जिम्मेदारी वापस ली गई है।

महातिम यादव को उपनिदेशक राजाजी टाइगर रिजर्व से हटाकर अब उपवन संरक्षक नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क की जिम्मेदारी दी गई है।

आदित्य रन को बागेश्वर का डीएफ को बनाया गया है।

रजत सुमन को रुद्रप्रयाग का डीएफ को बनाया गया।

प्रणाली रमेश को उपवन संरक्षक वन संरक्षण की जिम्मेदारी दी गई।

नरेश कुमार को अपर प्रमुख वन संरक्षक जाएका भेजा गया है

राजकीय शिक्षक संघ रूद्रप्रयाग के आह्वान पर सोमवार को जनपद के तीनों ब्लॉकों जखोली, उखीमठ एवं अगस्त्यमुनि में शिक्षकों ने सामूहिक अवकाश लेकर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में किया धरना प्रदर्शन।

0

रूद्रप्रयाग।
राजकीय शिक्षक संघ रूद्रप्रयाग के आह्वान पर सोमवार को जनपद के तीनों ब्लॉकों जखोली, उखीमठ एवं अगस्त्यमुनि में शिक्षकों ने सामूहिक अवकाश लेकर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में धरना प्रदर्शन किया। यह धरना कार्यक्रम शत-प्रतिशत पदोन्नति, प्रधानाचार्य सीधी भर्ती का विरोध, स्थानांतरण सहित अन्य लंबित 34 सूत्रीय मांगों के समर्थन में आयोजित किया गया।

धरना स्थलों पर सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने एकजुट होकर सरकार और विभाग के रवैये के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

जिला अध्यक्ष आलोक रौथान ने कहा कि –
“शिक्षक समाज की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जब तक हमारी लंबित मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।”

जिला मंत्री शंकर भट्ट ने चेतावनी देते हुए कहा कि –
“यदि सरकार हमारी मांगों को दरकिनार करती रही तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र रूप लेगा। शिक्षक समाज अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट है।”

अगस्त्यमुनि ब्लॉक : अध्यक्ष अंकित रौथान व मंत्री संदीप भट्ट के नेतृत्व में भारी संख्या में शिक्षक धरने में शामिल हुए।
उखीमठ ब्लॉक : अध्यक्ष पंचम सिंह राणा व मंत्री दिलबर कोटवाल ने धरना स्थल पर जोशीले भाषण दिए।
जखोली ब्लॉक : अध्यक्ष प्रवीन घिगड़ियाल व मंत्री माही कोठियाल ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए आंदोलन को मजबूत बनाने की अपील की।

धरना कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष शिशुपाल पंवार, महिला उपाध्यक्ष कुसुम भट्ट, संयुक्त मंत्री दीपक नेगी, संयुक्त मंत्री महिला विमला राणा, संगठन मंत्री मनमोहन सिंह, संगठन मंत्री महिला सुलेखा सेमवाल, आय-व्यय निरीक्षक उम्मेद लाल बैरवान, पूर्व अध्यक्ष हर्षवर्धन रावत, कोषाध्यक्ष त्रिलोक जगवान, मित्रानंद मैठाणी, उमेश चंद्र गार्गी, राकेश बैरवान, कैलाश गार्गी, देवेंद्र कोटवाल, पूर्व मंत्री पंकज भट्ट, ललिता रौतेला, सहित अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएँ उपस्थित रहे।

धरना कार्यक्रम के अंत में यह संकल्प लिया गया कि जब तक सरकार शिक्षकों की न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन पूरे जनपद में जारी रहेगा।

मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्तराखण्ड की ऐतिहासिक पहल।

0

नर्स प्रैक्टिशनर मिडवाइफरी कार्यक्रम को मंजूरी*

*सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने में सहायक होगा यह कार्यक्रम*

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्तराखण्ड ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने नर्स प्रैक्टिशनर मिडवाइफरी कार्यक्रम को स्वीकृति दे दी है। स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार ने कहा कि सरकार का यह निर्णय मातृ एवं नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने तथा सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।

सोमवार को सचिवालय में राज्यस्तरीय मिडवाइफरी टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गयी। स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में नर्स प्रैक्टिशनर मिडवाइफरी कार्यक्रम को उत्तराखण्ड में प्रारम्भ करने की स्वीकृति प्रदान की गई। गौरतलब है कि वर्तमान में उत्तराखण्ड का मातृ मृत्यु अनुपात 104 प्रति एक लाख जीवित जन्म है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 88 प्रति एक लाख जीवित जन्म है।

स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार के अनुसार नर्स प्रैक्टिशनर मिडवाइफरी कार्यक्रम की शुरुआत उत्तराखण्ड के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। नर्स प्रैक्टिशनर मिडवाइफरी कार्यक्रम से राज्य में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा और इससे उत्तराखण्ड के मृत्यु दर (एमएमआर) में कमी आएगी।

*30 नर्स प्रैक्टिशनर मिडवाइफ का होगा पहला बैच*
स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार ने बताया कि जल्द ही 30 नर्स प्रैक्टिशनर मिडवाइफ के पहले बैच की शुरुआत की जाएगी। इसके लिए एक विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र ही तैयार किया जाएगा। यह 18 माह का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य मिडवाइफरी प्रशिक्षण संस्थान, देहरादून में संचालित होगा। प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद, जीएनएम/बी.एससी. नर्सिंग पृष्ठभूमि वाली प्रशिक्षित मिडवाइफ को राज्य के चयनित सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात किया जाएगा।ये प्रशिक्षित मिडवाइफ संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण, सम्मानजनक एवं साक्ष्य-आधारित मातृत्व सेवाएं प्रदान करेंगी, जिससे प्रसव सुरक्षित होंगे तथा माताओं एवं नवजात शिशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होगा। यह पहल भारत सरकार की मिडवाइफरी पहल एवं सतत् विकास लक्ष्यों के अनुरूप है और उत्तराखण्ड को मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगी। बैठक में मिशन निदेशक मनुज गोयल, निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डा. रश्मि पंत, डा. शिखा जंगपांगी, निदेशक स्वास्थ्य महानिदेशालय, डा. सीपी त्रिपाठी, निदेशक, स्वास्थ्य महानिदेशालय, डॉ. उमा रावत, सहायक निदेशक एनएचएम, वरिष्ठ परामर्शदाता, एनएचएम डॉ. नितिन अरोरा आदि विभाग के प्रमुख अधिकारी, कर्मचारी मौजूद थे।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्नातक की डिग्री को नही किया जायेगा सार्वजनिक ।

0

नहीं देख पाएंगे प्रधानमंत्री की डिग्रीदिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्नातक की डिग्री को सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया था। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में किसी की शैक्षणिक डिग्री को निजी जानकारी माना और इसमें किसी भी तरह की अंतर्निहित जनहित की संभावना को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने सीआईसी के फैसले के खिलाफ दिल्ली विश्वविद्यालय की अपील का निपटारा करते हुए यह फैसला दिया है। उच्च न्यायालय ने कहा है कि ‘जो चीज जनता के हित में है’ वह ‘जो चीज जनहित में है’ से बिल्कुल अलग है। सीआईसी ने 21 दिसंबर, 2016 को नीरज कुमार की ओर से दाखिल अर्जी पर दिल्ली विश्वविद्यालय को 1978 में बीए की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले सभी छात्रों के रिकॉर्ड की जांच की अनुमति दे दी थी। उसी साल प्रधानमंत्री मोदी ने भी यह परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इस मामले में 23 जनवरी, 2017 को उच्च न्यायालय ने सीआईसी के आदेश पर रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट ने कहा है कि ‘यह तथ्य कि मांगी गई जानकारी एक सार्वजनिक व्यक्ति से संबंधित है, सार्वजनिक कर्तव्यों से असंबंधित व्यक्तिगत डेटा पर निजता/गोपनीयता के अधिकार को समाप्त नहीं करता है। उच्च न्यायालय ने कहा है कि सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) सरकारी कामकाज में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए लागू किया गया था, न कि सनसनीखेज खबरें फैलाने के लिए।

आपदा प्रभावित लोगों को देख सीएम धामी ने रुकवाया काफिला,प्रोटोकॉल तोड़ जनता के बीच पहुंचे सीएम धामी।

0

आपदा प्रभावितों की सुनी समस्याएं, हर संभव सहायता का दिया आश्वासन*

*धराली के बाद आज थराली में भी सीएम धामी ने पेश की संवेदनशीलता की अनुकरणीय मिसाल*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज थराली में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया एवं आपदा प्रभावित लोगों से भी मिले। इस दौरान थराली में आपदा प्रभावित कुछ ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी से आग्रह किया कि वे ऊपर के गांवों का भी जल्द से जल्द रास्ता खुलवा दें।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि रास्ता खुलाने का काम युद्धस्तर पर जारी है और जैसे ही मार्ग सुरक्षित होगा, वे स्वयं वहाँ गांववासियों के साथ जाकर हालात का जायजा लेंगे।

विदित है कि मुख्यमंत्री इसी तरह धराली आपदा के समय लगातार तीन दिन तक प्रभावित क्षेत्र में डटे रहे और हर राहत एवं बचाव कार्य की खुद मॉनिटरिंग की।

मुख्यमंत्री धामी ने साफ संदेश दिया है कि उत्तराखण्ड सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और प्रभावित गांवों तक राहत और सहायता पहुँचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश पर बड़ी तादाद में जजों के हुए ट्रांसफर,ट्रांसफर को लेकर रजिस्ट्रार जनरल की ओर से नोटिफिकेशन किया गया जारी।

0

नैनीताल-उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के आदेश पर बड़ी संख्या में निचली अदालतों के जजों का स्थानांतरण हुए हैं। उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी नोटिफिकेशन में इंदु शर्मा, तृतीय अपर सिविल न्यायाधीश (वरिष्ठ संभाग), उधमसिंह नगर को रिक्त न्यायालय में द्वितीय अपर सिविल न्यायाधीश (वरिष्ठ संभाग), उधम सिंह नगर के पद पर नियुक्त किया गया है। नेहा कुशवाहा, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नैनीताल का स्थानांतरण किया गया है और अभिषेक कुमार श्रीवास्तव के स्थान पर उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, नैनीताल के सचिव के पद पर नियुक्त किया है।

जबकि नीरज कुमार, चतुर्थ अपर सिविल न्यायाधीश (वरिष्ठ संभाग), उधमसिंह नगर को इंदु शर्मा के स्थान पर तृतीय अपर सिविल न्यायाधीश (वरिष्ठ संभाग), उधम सिंह नगर के पद पर नियुक्त किया गया है. रवि रंजन अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हल्द्वानी जिला नैनीताल को नेहा कुशवाहा के स्थान पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नैनीताल के पद पर स्थानांतरित किया गया है. बीनू गुलयानी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल को प्रत्यावर्तित, स्थानांतरित और रिक्त न्यायालय में अपर सिविल न्यायाधीश (वरिष्ठ संभाग) रुड़की जिला हरिद्वार के पद पर नियुक्त किया गया है।

शमा परवीन पंचम अपर सिविल जज (वरिष्ठ संभाग) उधमसिंह नगर को नीरज कुमार के स्थान पर चतुर्थ अपर सिविल जज (वरिष्ठ संभाग) उधमसिंह नगर के पद पर नियुक्त किया गया है। रमेश चंद्र, सिविल जज (जूनियर संभाग), देहरादून को सिविल जज (वरिष्ठ संभाग) संवर्ग में पदोन्नत किया गया है. मीनाक्षी शर्मा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) पुरोला जिला उत्तरकाशी को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) कैडर में पदोन्नत किया गया है.शालिनी दादर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) भिकियासैण जिला अल्मोड़ा को प्रकाश चंद्र के स्थान पर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) उत्तरकाशी के पद पर तैनात किया गया है। सांची अग्रवाल अतिरिक्त सिविल जज (जूनियर डिवीजन) बाजपुर जिला उधमसिंह नगर को विशाल वशिष्ठ के स्थान पर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) डोईवाला जिला देहरादून के पद पर स्थानांतरित किया गया है. शुभांगी गुप्ता न्यायिक मजिस्ट्रेट 11, हल्द्वानी जिला नैनीताल को न्यायिक मजिस्ट्रेट-1 हल्द्वानी जिला नैनीताल के पद पर नियुक्त किया गया है. आशीष तिवारी सिविल जज (जूनियर डिवीजन) रुड़की जिला हरिद्वार को अमित भट्ट के स्थान पर अतिरिक्त सिविल जज (जूनियर डिवीजन), खटीमा जिला उधमसिंह नगर के पद पर स्थानांतरित किया गया है. अवंतिका सिंह चौधरी, प्रथम अपर सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) रुड़की जिला हरिद्वार को आशीष तिवारी के स्थान पर सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) रुड़की जिला हरिद्वार के पद पर नियुक्त किया गया है।

विवेक शर्मा द्वितीय अपर सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) देहरादून को मीनाक्षी शर्मा के स्थान पर सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) पुरोला जिला उत्तरकाशी के पद पर स्थानांतरित किया गया है। उपाधी सिंघल, द्वितीय अपर सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) रुड़की जिला हरिद्वार को अवंतिका सिंह चौधरी के स्थान पर प्रथम अपर सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) रुड़की जिला हरिद्वार के पद पर नियुक्त किया गया है। इशांक तृतीय अपर सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) देहरादून को कल्पना के स्थान पर प्रथम अपर सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) देहरादून के पद पर नियुक्त किया गया है।हिना कौसर चतुर्थ अपर सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) देहरादून को विवेक शर्मा के स्थान पर द्वितीय अपर सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) देहरादून के पद पर नियुक्त किया गया है. इसी क्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश, चमोली को निर्देश दिए हैं कि वे अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कर्णप्रयाग, जिला चमोली के न्यायालय में नियमित पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति होने तक अथवा अगले आदेश तक,जो भी पहले हो,प्रतिमाह एक सप्ताह के लिए कर्णप्रयाग, जिला चमोली में कैम्प कोर्ट लगाएं।