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Wednesday, March 18, 2026


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पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग द्वारा ली गयी अपराध समीक्षा बैठक।

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रुद्रप्रयाग- पुलिस अधीक्षक, रुद्रप्रयाग आयुष अग्रवाल द्वारा जनपद के सभी पुलिस उपाधीक्षकों, थाना प्रभारियों, चौकी प्रभारियों व शाखा प्रभारियों के साथ ऑनलाइन जुड़कर अपराध समीक्षा गोष्ठी की गयी।

उपस्थित सभी प्रभारियों द्वारा अपने अधीनस्थ कार्मिकों के लिए गये सम्मेलन की जानकारी ली गयी।
तदोपरान्त निम्नानुसार कार्यवाही कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए-
1 सभी थानों पर लम्बित चल रही विवेचनाओं की अभियोगवार समीक्षा करते हुए विवेचकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।
2 गुमशुदगी से सम्बन्धित अभियोगों में गम्भीरता से कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। इस हेतु सीमावर्ती जनपदों के अज्ञात शवों से सम्बन्धित डाटा से मिलान किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
3 प्राप्त होने वाले शिकायती प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्वक निस्तारण किये जाने तथा सीएम हैल्पलाइन पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों में समयबद्ध तरीके से निस्तारण किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
4 मुख्यालय के स्तर से चलाये जा रहे अभियानों पर सार्थक कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
5 प्रचलित श्री केदारनाथ यात्रा से सम्बन्धित आवश्यक मांगपत्र उपलब्ध कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
शत प्रतिशत सत्यापन की कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
6 नशे एवं अवैध शराब की तस्करी पर प्रभावी रोकथाम किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
7 उत्तराखण्ड पुलिस एप को स्वयं भी डाउनलोड करने तथा अधिक से अधिक स्थानीय जनमानस को भी जागरुक किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
8 हाईवे पेट्रोल वाहनों की समीक्षा करते हुए इनका अधिक से अधिक उपयोग किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
9 डायल 112 के माध्यम से प्राप्त होने वाली कॉल्स पर त्वरित रिस्पान्स किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
आगामी 18 अगस्त को जनपद पुलिस लाइन में होने वाली जनमाष्टमी के अवसर पर अपनी प्रतिभागिता रखे जाने हेतु निर्देशित करते हुए गोष्ठी का समापन किया गया।

रेलवे निर्माण से प्रभावित परिवारों की समस्याओं का हल न होने से अनिश्चितकालीन धरना ।

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समस्याओं का समाधान न होने पर रेलवे प्रभावित संघर्ष समिति का धरना प्रदर्शन छठवें दिन भी जारी रहा, प्रदर्शनकारियों ने रेलवे कम्पनियों व रेलवे विकास निगम के विरुद्ध की जमकर नारेबाजी|

रिपोर्ट- पुष्कर सिंह नेगी।

चमोली – ऋषिकेश – कर्णप्रयाग रेल लाइन से प्रभावित परिवारों के साथ रेलवे प्रभावित संघर्ष समिति गौचर भट्टनगर रानो का रेलवे निर्माण कम्पनियों व रेलवे विकास निगम के खिलाफ पिछले 6 दिनों सेअनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कर रहे हैं । प्रदर्शनकारियों ने रेल विकास निगम के प्रति जमकर नारेबाजी और मांगे न मानने पर उग्र आंदोलन करने का ऐलान किया।

संघर्ष समिति अध्यक्ष गजेन्द्र नयाल, लक्ष्मण सिंह राणा, प्रकाश रौथाण का कहा कि रेलवे निर्माण कम्पनियां मेघा, डीबीएल व रेलवे विकास निगम द्वारा रेलवे प्रभावित परिवारों की नोकरी व मुआवजा सम्बंधित विभिन्न समस्याओं का समाधान करने में लगातार लापरवाही बरती आ रही है। साथ ही प्रभावित बेरोजगारों को रोजगार देने में आनाकानी कर रही है।जिसको प्रभावित परिवारों के साथ साथ रेल निर्माण संगर्ष समिति किसी तरह से बरदास नही करेगा ।प्रभावितों का कहना है कही बार प्रशासन से भी शिकायत करने पर समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। जिससे प्रभावित परिवारों में भारी नाराजगी पनप रही है। आन्दोलनकारीओं ने कहा कि जब तक उनकी सभी मांगों का निराकरण नहीं हो जाता तब तक उनका धरना प्रदर्शन के साथ निर्माण स्थल पर कार्यबहिष्कार का कार्यक्रम जारी रहेगा।
इस मौके पर संघर्ष समिति के दलवीर सिंह कनवासी, सुरेन्द्र लाल, संदीप नेगी, हरीश नयाल, नवीन टाकुली, अवनीश चौधरी, लक्ष्मण सिंह राणा, राजेश खत्री, विरेन्द्र सिंह भंडारी, नवीन भंडारी, सुनील पुजारी, दलवीर लाल, राहुल चौहान, इंद्रमोहन, मिलन भंडारी, सूरज कुमार, मनीष कुमार, अनूप सिंह, गौरव सिंह, रवीन्द्र सिंह, अर्जुन सिंह आदि मौजूद थे।

उत्तराखंड शासन के तीन वरिष्ठ आईएएस अफसरों के तबादले किए गए हैं।

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उत्तराखण्ड शासन ने तीन आईएएस के विभागों में किया फेरबदल ।एक आईएएस के केंद्र सरकार में प्रतिनयुक्ति पर जाने से उनके विभागों की जिम्मेदारी को वरिष्ठ आईएएस दिलीप जावलकर को निर्वाचन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गयी ।

  •  उत्तराखंड  शासन के तीन वरिष्ठ आईएएस अफसरों के तबादले किए गए हैं।
  • सचिव शैलेश बगोली को वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी की जिम्मेदारी दी गई।
  • सचिव दिलीप जावलकर को सचिव निर्वाचन की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई।
  • सचिव सौजन्या को केंद्र के लिए अवमुक्त किया गया, साथ ही  सचिव वित्त, निर्वाचन, सूचना प्रौद्योगिकी तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दायित्वों से मुक्त किया गया।

घटती छात्र संख्या के कारण जनपद के 51 राजकीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय बंद ।

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वर्ष 2018 से 2021 तक रुद्रप्रयाग जिले में 51 विद्यालय बंद।

रुद्रप्रयाग – उत्तराखण्ड सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने के भले ही लाख दावे क्यो न करे जिस प्रकार से उत्तराखण्ड के अलग अलग जनपदों प्रति वर्ष सरकारी विद्यालय बंद हो रहे हैं ।उससे साफ जाहिर होता है की आज भी अभिभावक अपने पाल्यो का भविष्य प्राइवेट विद्यालयों शिक्षा पर विश्वास करते आ रहे हैं ।उत्तराखण्ड सरकार द्वारा सरकारी शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिये आये दिन आमूल चूल परिवतर्न किये जाते हैं लेकिन सरकारी विद्यालयों की घटती छात्र संख्या को नही रोक पाती है । रूद्रप्रयान जनपद में वर्ष 2018 से 2021 तक 51 सरकारी विद्यालय कम छात्र संख्या के कारण अबतक बंद हो चुके हैं ।जो शिक्षा के क्षेत्र में जनपद के लिये एक दुःखद खबर जैसी है । विद्यालयों को खोलने के लिये किसी जनप्रतिनिधि व अधिकारियों ने कभी जीतोड़  प्रयास किया होगा ।सरकारी विद्यालयों में लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी इन विद्यालयों में छात्र प्रवेश नही ले रहे हैं तो इस पर सरकारों को भी ध्यान देना आवश्यक है ।जिस प्रकार से आये दिन  गांवों के विद्यायल बंद हो रहे हैं ये सबके लिये एक चिन्तन का विषय अवश्य है ।

रूद्रप्रयाग जनपद में 2018 से लेकर 2021 तक जो 51 विद्यालय बंद हुए हैं उनमें सबसे ज्यादा विकास खण्ड अगस्त्यमुनि के है ।इन 51 विघालय में 43 विघालय राजकीय प्राथमिक विघालय और 7 जूनियर विघालय है।
रूद्रप्रयाग जनपद के अगस्त्यमुनि विकास खण्ड़ के प्राथमिक और जूनियर मिलाकर 28विघायल है उखीमठ 13 विघालय जखोली विकास खण्ड के 10 विद्यालय बंद हो चुके हैं। उत्तराखण्ड राज्य निर्माण से लेकर इन 22 वर्षो में अलग अलग सरकारों ने शिक्षा के क्ष्ेात्र में सुधार के लिए प्रयास तो किये हैं लेकिन वे भी धरातल पर 50 प्रतिशत भी नहीं उतर पाए है। यदि शिक्षा में किये गए परिवर्तन धरातल पर दिखाई देते तो शायद ये स्थिति कुछ और देखने को मिलती ।और इतनी बड़ी संख्या में सरकारी विद्यालय बंद हो पाते होते। सवाल ये नही की सरकारी बंद हो रहे हैं बंद विद्यालयों से आने वाली पीढ़ी के शिक्षित बेरोजगारों के लिये रोजगार के रास्ते भी धीरे धीरे बंद होते जा रहे हैं ।इन सब के लिए सरकार ही जिम्मेदार नही बल्कि सरकारी नोकरी की चाहत रखने वाले ,सरकारी नोकरी करने वाले व गांव गली से पलायन करने वाले लोग भी है जो स्वयम की पढ़ाई पर विश्वास न करके अपने बच्चों को प्राइवेट विद्यालय पढ़ाई करवाते ,वे सभी लोग बंद हो रहे विधालयो के लिये जिम्मेदार है ।

जनपद में बंद हो रहे विद्यालयों के बारे जब हमने जिला शिक्षाधिकारी प्रा0शिक्षा NS बर्तवाल से पूछा तो उन्होने कहा कि ये आकंडा 2018 से गिरते आ रहे है और 2021 तक 51विघायल बंद हुए है। इन 51 बंद विद्यालयों में से दो विद्यालय फिर से खुलने जा रहे है।जिनकी खोलने की प्रक्रिया गतिमान चल रहे हैं ।जो हम सभी जनपद वासियों के लिये एक सुखद समाचार है । इनका प्रस्ताव शासन में जा रखा है। जिस प्रकार से स्कूल का बंद होने का प्रस्ताव जाता है ठीक उसी प्रकार बंद हुए विद्यालय को खोलने लिए भी उसी प्रक्रिया से चलना होता है।

घास लेने गयी महिला का पैर फिसलने गहरी खाई गिरने से मौत।

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रुद्रप्रयाग(उखीमठ) – जनपद रुद्रप्रयाग के नगरपंचायत उखीमठ के ओम्कारेश्वर वार्ड के मंगोली गांव की एक 45 वर्षीय महिला जंगल मे घास काटने समय अचानक चट्टान से पैर फिसलने से दर्दनाक हादसा हो गया ।महिला की दुर्घटना में मौत खबर जैसे ही परिवार वालो को दी गयी तो परिवार में कोहराम मच गया और गांव से लेकर आसपास के क्षेत्र में भी मातम पसर गया ।
मिली जानकारी के अनुसार आज मंगोली गांव निवासी मीना देवी पत्नी सत्य प्रकाश नोटियाल उखीमठ मनसुना मोटर मार्ग के निचले हिस्से के जंगल मे घास काटने गयी हुई थी ।बरसात का मौसम होने से चटटान में फिसलने होने से महिला का पैर फिसल गया और गहरी खाई में गिरने से मोके पर ही मौत हो गयी।बताया जा रहा है की मीना देवी वर्तमान में आशा कार्यकत्री के रूप में कार्य कर रही थी।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर जाकर महिला का पंचनामा भरकर पोस्टमार्डम की तैयारियों की जा रही है ।

पौड़ी जिले में लगातार गुलदार का आतंक बड़ा जा रहा|

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दिनदहाड़े सेना के जवान पर गुलदार ने किया जानलेवा हमला।

पौड़ी गढ़वाल- उत्तराखंड में लगातार जंगली जानवरों के हमले लोगों पर हो रहे हैं। पौड़ी जिले के लैंसडौन मैं आज मंगलवार को गढ़वाल राइफल्स एक नायब सूबेदार पर गुलदर ने हमला कर बुरी तरह से जख्मी कर दिया। हमले में गंभीर घायल सैनिक को मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गढ़वाल राइफल्स का यह जवान पीटी के लिए जा रहा था।

नायब सूबेदार जैसे ही पैदल कालेश्वर मंदिर के पास पहुंचा तो गुलदार ने उस पर पीछे से जानलेवा हमला कर दिया। हमला इतना खतरनाक था कि जवान की पीठ पर नाखून के गहरे घाव और सिर पर भी गंभीर चोट आई है। इलाके के रेंजर बीडी तिवारी के अनुसार गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग पिंजरे की व्यवस्था कर रहा है। इस तरह के जंगली जानवरों के हमले अब पहाड़ी राज्यों में आम हो गए हैं।
उत्तराखंड में रोज जंगली जानवरों के हमले हो रहे हैं। कई ग्रामीण इलाकों के लोग जंगली जानवरों के हमलों के कारण अक्सर दहशत में रहते हैं। सीमांत पहाड़ी क्षेत्र तो दूर मैदानी इलाकों में भी जंगली जानवर इंसानों पर जानलेवा हमला कर रहे हैं। मैदानी इलाकों में जहां हाथी तो पहाड़ी इलाकों में गुलदार, बाघ और भालू अक्सर लोगों को मौत के घाट उतार देते हैं। आज लैंसडौन में हुए गुलदार के हमले में गनीमत यह रही कि जवान की जान बच गई। किसी तरह शोर-शराबा होने के बाद आस-पास के लोग भी मौके की ओर दौड़ पड़े। इससे पहले गुलदार भी मौके से भाग गया। वन विभाग के अफसर जल्द इलाके में पिंजरा लगाने के साथ ही गश्त बढ़ाने की बात कह रहे हैं।

उत्तराखण्ड में राज्य कर्मचारियों के लिये प्रमोशन की राह हुई आसान ।

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देहरादून -उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने पर कर्मचारियों की वर्षो पुरानी मांग को पूरा किया जा रहा है उत्तराखंड में राज्य कर्मचारियों के लिए प्रमोशन की राह आसान करते हुए प्रमोशन के नियमो में शिथिलता बरतने के निर्देश दिए गए हैं ताकि समय पर अभी कर्मचारियों व अधिकारियों के प्रमोशन हो सके ।धामी सरकार ने प्रमोशन के लिए एसीआर में अति उत्तम की जगह पर उत्तम की टिप्पणी को एक जनवरी 2017 से मंजूर देने पर अपनी सहमति दी है एसीपी से प्रभावित होने वाले कर्मियों का आकलन कराने पर सहमति जताई है ।राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की लंबित विभिन्नि मांगों पर अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कई अहम विषयों पर बनी सहमित ।

उत्तराखण्ड परिषद पदाधिकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडे के नेतृत्व में राज्य कार्मिकों को 10, 16, 26 वर्ष की सेवा पर प्रमोशन न होने की दशा में एसीपी के तहत पदोन्नति वेतनमान देने की उठाई थी मांग पर एसीएस आनंद वर्द्धन ने एसीपी से प्रभावित होने वाले कार्मिकों की संख्या और इस पर आने वाले खर्च का आकलन करवाने का दिया आश्वासन दिया है ।

बाबा के धाम में यात्रियों का नया रिकॉर्ड ,चार माह में 10 लाख के पार ।

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रुद्रप्रयाग- ग्यारवें जोतिर्लिंग बाबा केदारनाथ धाम में मई माह से अगस्त माह तक 10 लाख से अधिक यात्री पहुंच कर नया रिकॉर्ड बना लिया है ।विषम भौगोलिक परिस्थिति होने के बाबजूद भी देश विदेश के यात्री समुद्रतल से 3583 मीटर की ऊँचाई पर बाबा के दर्शन करने आते हैं ।वर्ष 2013 की केदारनाथ की आपदा पूरी केदारपुरी क्षतिग्रस्त हो चुकी थी ।धाम में आने जाने के सारे रास्ते बंद हो चुके थे ।केंद्र व राज्य सरकारों की कार्यकुशलता से तेजी से  धाम में पुनर्निर्माण के कार्यो को कर के नई केदारपुरी को बसाया गया है ।आज उसी का परिणाम की 2013 के बाद 2022 में  केवल 4   माह में दस लाख यात्री धाम में आ कर बाबा के दर्शन कर चुके हैं । स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जहां देशभर में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। वही विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में यात्रियों का नया रिकॉर्ड कायम हो रहा था । केदारनाथ धाम में इस यात्रा सीजन में यात्री दर्शन का नया कीर्तिमान हासिल हुआ है अब तक केदारनाथ में कुल 10,08083 तीर्थ यात्रियों ने दर्शन कर लिए हैं। जबकि अभी 2 महीने की यात्रा शेष है। ऐसे में आने वाले 2 महीनों के भीतर फिर यात्रा शुरुआत के जैसे ही यात्रियों के उमड़ने की संभावना है, जिससे इस साल कपाट बंद होने तक दर्शन करने वाले यात्रियों का नया और अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का कहना है

हमें खुशी है कि इस साल केदारनाथ यात्रा में दर्शन करने वाले यात्रियों का नया रिकॉर्ड बना है। सरकार, प्रशासन यात्रा से जुड़े सभी सरकारी विभागों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस, बद्री केदार मंदिर समिति, तीर्थ पुरोहितों, स्थानीय व्यापारियों, डंडी, कंडी एवं घोड़ा खच्चर संचालकों, हेलीकॉप्टर कंपनियों के सामूहिक सहयोग से संभव हो पाया है। अभी तक 10,08083 यात्रियों ने केदारनाथ के दर्शन कर लिए हैं। जबकि 2 माह की यात्रा शेष है। ऐसे में इस साल दर्शन करने वाले यात्रियों का नया कीर्तिमान बनेगा। सभी अधिकारी कर्मचारी एवं यात्रा से जुड़े विभिन्न विभागों को आगामी 2 महीने की यात्रा में और भी बेहतर तैयारियां करने के निर्देश दिए गए ताकि देश विदेश से आने वाले तीर्थ यात्रियों को किसी तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े। प्रशासन तीर्थयात्रियों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर है।

स्वतंत्रता दिवस पर रुद्रप्रयाग जिले के कई पुलिस कर्मी हुए सम्मानित ।

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देहरादून। स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर पुलिस मुख्यालय उत्तराखण्ड देहरादून में पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड अशोक कुमार द्वारा विभिन्न कार्यक्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस कार्मिकों को “सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह” से सम्मानित किया गया है।

सम्मानित हुए पुलिस कर्मियों में जनपद रुद्रप्रयाग से उपनिरीक्षक मंजुल रावत (चौकी प्रभारी श्री केदारनाथ) उपनिरीक्षक अनिल रावत (चौकी प्रभारी भीमबली) उपनिरीक्षक दयाल सिंह (चौकी प्रभारी गौरीकुण्ड) महिला आरक्षी वन्दना (चौकी श्री केदारनाथ) महिला आरक्षी श्वेता (चौकी गौरीकुण्ड) एवं आरक्षी नरेन्द्र सिंह (प्रभारी आशुलिपिक/प्रभारी सोशल मीडिया सैल) सम्मानित हुए हैं। इनके अलावा फायर सर्विस चालक गणनाथ सिंह बिष्ट, अग्निशमन इकाई रुद्रप्रयाग को सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह (सेवा आधार पर) से सम्मानित हुए हैं।

पुलिस मुख्यालय मे आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड द्वारा इन सभी पुलिस कार्मिकों को “सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह” से अलंकृत किया गया।
जनपद रुद्रप्रयाग पुलिस परिवार ने सभी पुलिस कार्मिको को हार्दिक शुभकामनाएं दी है। इधर, पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल ने भी सम्मानित हुए सभी पुलिसकर्मियों को शुभकामनाएं दी। साथ ही भविष्य में पुलिस कार्मिकों से और भी बेहतर कार्य करने की अपेक्षा की।

लोकनिर्माण विभाग की लचर कार्य प्रणाली से 8 दिन में 20 मीटर सड़क नही खुलवा पाए।

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मयाली गुप्तकाशी मोटरमार्ग गगोत्री,यमनोत्री व केदारनाथ जाने का मार्ग ।

वर्ष 2013 में इस मोटरमार्ग से लाखों लोगों की बचाई गयी थी जान।

कमीशन खोरी से मोटरमार्ग पर होता है घटिया निर्माण ।

सड़क पर 3 माह भी नही टिक पता है पेंटिंग कार्य ।

रुद्रप्रयाग -केदारनाथ दैविक आपदा में लाखों लोगों की जान बचाने वाली जीवन दाहनी मयाली गुप्तकाशी मोटर मार्ग पिछले 8 दिनों से जखनोली में बंद चल रही है ।यह मार्ग स्थानीय लोगो के साथ साथ केदारनाथ , गगोत्री यमनोत्री के यात्रियों के आने जाने का वैकल्पिक मार्ग है।लेकिन लोकनिर्माण विभाग की लापरवाही से पिछले 8 दिनों से मोटर मार्ग लगातार बंद पड़ा हुआ है ।लोक निर्माण विभाग के द्वारा हर साल मयाली गुप्तकाशी मोटर मार्ग पर करोड़ो रूपये के निर्माण कार्य कराए जाते है। जो भी कार्य अबतक किये गए वो 6 माह भी नही टिक पाते हैं । इससे साफ जाहिर होता है विभाग निर्माण कार्य केवल कमीशन के लिये करवाता है टिकाउ के लिये नही।

सड़क का पानी पूरी सड़क पर बहता जा रहा है पर लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को सड़क पर बहता पानी नही दिखता है। आजकल हर सड़क पर जेसीबी मशीनें लगा रखी है काम वह 4 घण्टे ओर अपने वेविल मे 10 घण्टे दिखा रहे हैं जिसका ताजा उदाहरण पिछले 8 दिनों से बंद 20 मीटर सड़क को दो जेसीबी मशीन व डम्पर नही खोल पाया है ।यही नही इस मोटर मार्ग पर हर वर्ष पेंटिंग का कार्य होता है लेकिन मयाली से लेकर गुप्तकाशी तक पूरी सड़क गड्डो में तब्दील हो रखी है । सड़क की सफाई नही कर पाया है । ।इस सड़क से रोजना सिलगढ़ ,बडमा,पूर्वी बांगर,फुटगढ़,के लोगो का आना जाना होता है ।लेकिन 8 दिन से बंद सड़क से अपनी रोजमर्रा की सामग्री नही ले पा रहे हैं ।मयाली गुप्तकाशी मोटरमार्ग के मलवे से ग्राम टाट के 20 परिवारों पर खतरे के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं क्षतिग्रस्त स्थान से बड़े बड़े बोल्डर ग्रामीणों के आवासीय भवन,आंगनवाड़ी भवन,पेयजल लाईन व सड़क से गांव तक जाने वाला सम्पर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो रखा है ।लेकिन अभी तक किसी भी विभाग ने इन ग्रामीणो की सुध नही ली है।ग्रामीणों का कहना है बरसात शुरू होते ही हम लोग अपने घरों को छोड़ कर सड़क पर निकल जाते हैं ताकि सड़क से आने वाले मलवे व बड़े बड़े बोल्डरों से बचा सके । लोकनिर्माण विभाग की लचर कार्यप्रणाली से पिछले 8 दिनों से यह मार्ग नही खुल पाया है ।जबकि सरकारी दावों में बंद पड़ी सड़को को 24 घण्टे के अंतर्गत सड़क यातायात के लिये खोल दिये जायेंगे ।लेकिन यात्रा रूट को देखते हुए लोकनिर्माण विभाग कितना जबाबदेह इस बंद पड़ी सड़क पर साफ देखा जा सकता है ।

केदारनाथ यात्रा को जाने वाले रुद्रप्रयाग गौरीकुंड मोटर मार्ग से आवाजाही करते हैं।बरसात में कहि जगह बंद होने से गुप्तकाशी मयाली मोटर मार्ग से आवाजाही कर सकते थे लेकिन मार्ग 8 दिनों
से बंद घण्टो इंतजार करना पड़ रहा है ।क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का हमेशा इस सड़क से आना जाना होता है लेकिन इनकी आवाज भी शायद कमीशन खोर विभागों के आगे दब चुकी है।