रुद्रप्रयाग।।केदारनाथ विधान सभा उप निर्वाचन के दृष्टिगत विधानसभा वार निगरानी टीमों का गठन किया गया है जो आवंटित क्षेत्रों में लगातार निगरानी करेंगी। टीमें सक्रियता के साथ चरणबद्ध तरीके से कार्य करेंगी। अपर जिलाधिकारी/उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्याम सिंह राणा ने बताया कि किसी भी व्यक्ति को इस उद्देश्य से पारितोषण देना जिससे उस व्यक्ति या किसी अन्य व्यक्ति को निर्वाचन अधिकार का प्रयोग करने के लिए उत्प्रेरित करे अथवा स्वयं अपने लिए या किसी अन्य व्यक्ति के लिए पारितोषण रिश्वत की श्रेणी में आएगा। ऐसे अपराध के लिए एक वर्ष का कारावास या जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके नियंत्रण हेतु निगरानी टीमों का गठन किया गया है।
अपर जिलाधिकारी/उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्याम सिंह राणा ने सर्वसाधारण को सूचित करते हुए कहा कि धारा-171 (सी) आईपीसी के अंतर्गत जो कोई व्यक्ति निर्वाचन अधिकार के निर्वाध प्रयोग में जानबूझकर हस्तक्षेप करता है अथवा हस्तक्षेप करने का प्रयत्न करता है ऐसे व्यक्ति को भी एक वर्ष का कारावास व जुर्माने अथवा दोनों से दंडित किया जाएगा।
उन्होंने इसके लिए केदारनाथ विधान सभा उप निर्वाचन की तैयारियों से संबंधित जानकारी देते हुए बताया कि निर्वाचन व्यय परीक्षण व आदर्श आचार संहिता के परिपालन हेतु विधान सभावार कुल 08 उड़न दस्ता दल, 06 स्थैटिक निगरानी टीम सहित 04 वीडियो टीमों का गठन किया गया है जो आवंटित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर अथवा आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन की शिकायत पर तत्काल संबंधित स्थल पर जाएगी। साथ ही नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करेगी। उन्होंने बताया कि उड़नदस्ता टीम की ट्रैकिंग जीपीएस मोबाइल एप के माध्यम से नियंत्रण कक्ष से निगरानी की जाएगी। यह टीम चरणबद्ध तरीके से 24×7 की तर्ज पर कार्य करेगी।
केदारनाथ विधानसभा के उपचुनाव की घोषणा होते ही जिला प्रशासन हुआ सक्रिय,चुनाव में 08 उड़नदस्ता, 06 स्थैटिक निगरानी व 04 वीडियो टीमें करेगी निगरानी।
केदारनाथ विधान सभा की जंग में कौन मारेगा बाजी:भाजपा व कांग्रेस पार्टी का टिकट वितरण तय करेगा जीत और हार ।।
केदारनाथ उपचुनाव के लिए तारीख का ऐलान हो चुका है। जिसके बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों अब चुनावी मोड में नजर आ रही है। चुनाव को लेकर भाजपा कांग्रेस का क्या कहना है
मंगलवार को केंद्रीय चुनाव आयोग ने केदारनाथ विधानसभा के उपचुनाव की तारीख का ऐलान किया। 20 नवंबर को केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान होगा और 23 नवंबर को मतगणना की जाएगी। 22 अक्टूबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी… ऐसे में कांग्रेस और भाजपा के अंदर अब तैयारी तेज होने लगी हैं । भाजपा विधायक शैला रानी रावत के निधन से केदारनाथ सीट खाली हुई है। ऐसे में भाजपा के ऊपर मनोवैज्ञानिक दबाव भी है कि उसे अपनी सीट को फिर से जितनाहै। बद्रीनाथ और मंगलौर में हुई विधानसभा उपचुनाव में हार भाजपा के लिए बहुत बड़ी है … ऐसे में इस बार केदारनाथ उपचुनाव में भाजपा को हर हालत में जितना होगा। चुनावी तैयारियों के बीच भाजपा और कांग्रेस के लिए चुनौती बड़ी इसलिए भी है इस बार उप चुनाव में दावेदार तो बहुत है सूची भी लंबी है .. लेकिन उसमें जिताऊ कौन होगा ये देखने वाली बात है और उसी के लिए राजनैतिक दल मंथन भी कर रहे है। भाजपा के पास दिवंगत विधायक की पुत्री ऐश्वर्य रावत है जिनके पास मां की विरासत और उनके नहीं रहने की सिंपैथी, पूर्व विधायक आशा नौटियाल जिनका अपना वोट बैंक है उस क्षेत्र में मौजूद है, तीसरे नंबर पर कुलदीप रावत जो 2022 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय होकर चुनाव लड़े थे और दूसरे नंबर पर रहे थे, राज्यमंत्री चंडीप्रसाद भट्ट भी दावेदारों की सूची में नाम लिखवा चुके है, … इसी प्रकार से कांग्रेस में भी पूर्व विधायक मनोज रावत, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का नाम भी चर्चाओं में है। इसलिए सियासी दल दावेदारों में भी जिताऊ कैंडिडेट की तलाश कर रहे है। चुनावी कार्यकर्म घोषित हो चुका है जिसमें 22 अक्टूबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी । इसलिए सियासी दलों की चिंता और बढ़ गई है।
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चुनाव की तिथि घोषित होने के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कहना है हमारी तैयारी पूरी है। आज या कल में प्रत्याशियों का पैनल केंद्र को भेजा जाएगा … इसके बाद केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड प्रत्याशी का चयन करेगा … जो भी प्रत्याशी होगा सभी लोग उसके साथ लगकर चुनाव जीतने में काम करेंगे। महेंद्र भट्ट का कहना है कि राज्य सरकार ने केदारनाथ आपदा से लेकर पुनर्निर्माण में काफी कार्य किए हैं आम जनता राज्य की पुष्कर धामी सरकार को पसंद करती है,केदारनाथ भाजपा की सीट है,इसलिए भाजपा इस सीट को फिर जीतेगी।
केदारनाथ उप चुनाव को लेकर कांग्रेस भी जोश में नजर आ रही है। कांग्रेस का कहना है कि पिछले दो उपचुनाव जीतकर कांग्रेस ने प्रदेश में रिकॉर्ड बनाया प्रदेश में पहली बार राज्य सरकार उप चुनाव हारी है। ऐसे में कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ केदारनाथ विधानसभा का उपचुनावलड़ेगी। सरकार ने केदारनाथ धाम और केदार घाटी की अवहेलना की है कोई विकास नहीं किया इसलिए जनता इस बार कांग्रेस को चुनेगी
केदारनाथ चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस जीत का दावा कर रहे हैं…. भाजपा जहां केदारनाथ सीट को खुद की सीट बताते हुए जीत का दावा के रही है,वहीं कांग्रेस का कहना है कि जिस तरीके से बद्रीनाथ और मंगलौर उपचुनाव पार्टी ने जीता है इस रणनीति के तहत कई मुद्दों को बुनकर केदारनाथ सीट भी कांग्रेस जीतेगी ऐसे में देखना ही होगा कि आखिरकार जब केदारनाथ विधानसभा सीट के उपचुनाव के नतीजे आते हैं तो कौन सा दल चुनाव जीतने में कामयाब होता है।
केदारनाथ विधानसभा सामान्य निर्वाचन हेतु निर्वाचन संबंधित कार्यक्रम की घोषणा।
निर्वाचन संबंधी अधिसूचना की तिथि 22 अक्टूबर को होगी जारी*
*20 नवंबर को मतदान तथा 23 नवंबर को होगी मतगणना*
*जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने केदारनाथ विधान सभा उप निर्वाचन के संबंध में प्रेस को दी जानकारी*
रुद्रप्रयाग।। जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने प्रेस को जानकारी देते हुए अवगत कराया है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उत्तराखण्ड राज्य की जनपद रुद्रप्रयाग की 07- केदारनाथ विधानसभा उप निर्वाचन हेतु कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है। जिसके तहत 22 अक्टूबर को अधिसूचना जारी होने की तिथि है तथा 29 अक्टूबर को नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि है। 30 अक्टूबर को नाम निर्देशन पत्रों की जांच की जाएगी। 04 नवंबर को नाम वापसी की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। 20 नवंबर को मतदान किया जाएगा तथा मतगणना 23 नवंबर को की जाएगी।
जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी सौरभ गहरवार ने बताया कि आयोग द्वारा यह भी निर्देशित किया गया है कि उक्त उप निर्वाचन 01 जनवरी, 2024 की अर्हता तिथि के आधार पर 22 जनवरी, 2024 को प्रकाशित फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली के आधार पर संपादित किया जाएगा। हालांकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि तक निर्वाचक नामावली की निरंतर अद्यतन प्रक्रिया के आधार पर जारी रहेगी। उक्त उप निर्वाचन में ईवीएम और वीवीपैट्स का प्रयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा उल्लेखित किया गया है कि निर्वाचन के दौरान मतदाता की पहचान हेतु फोटो युक्त मतदाता पहचान पत्र मुख्य दस्तावेज होगा। निर्वाचक नामावली में दर्ज मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा एवं उसकी पहचान के लिए आयोग द्वारा निम्नलिखित वैकल्पिक दस्तावेजों को प्रस्तुत किया जा सकता है। जिसमें आधार कार्ड, मनरेगा जाॅब कार्ड, बैंक/डाक घर द्वारा जारी पासबुक, श्रम मंत्रालय योजना के अंतर्गत जारी स्ववास्थ् बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाईसेंस, पेन कार्ड आदि दस्तावेजों के आधार पर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जनपद में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। उप निर्वाचन में निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों को अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि के संबंध में आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप समाचार पत्रों, टेलीविजन चैनलों में जानकारी तीन बार निर्धारित प्रारूप/समय पर प्रकाशित-प्रसारित की जानी होगी।
उन्होंने प्रेस को जानकारी देते हुए कहा कि केदारनाथ विधान सभा उप निर्वाचन में 173 मतदान स्थल हैं। जिसमें 90 हजार, 5 सौ 40 कुल मतदाता हैं जिसमें 44 हजार 7 सौ 65 पुरुष तथा 45 हजार 7 सौ 75 महिला मतदाता शामिल हैं। उन्होंने कहा कि केदारनाथ विधान सभा में 02 जोनल मजिस्ट्रेट तथा 07 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आयोग द्वारा निर्वाचन की घोषणा के 24 घंटे के अंदर किसी भी शासकीय कार्यालय, परिसर, भवन आदि से सभी प्रकार के बैनर, पोस्टर, पम्पलेट, झंडे, होर्डिंग, वाल पेंटिंग हटवाए जाने होंगे। साथ ही 48 घंटे के अंदर विभिन्न जन संपत्तियों बस स्टेंड, रोडबैज, सरकारी बस, विद्युत टेलीफोन, नगर पालिका परिषद आदि से सभी प्रकार की अनाधिकृत राजनैतिक पोस्टर, बैनर आदि हटाने होंगे। निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के 72 घंटे के अंदर विभिन्न निजी संपत्तियों से सभी प्रकार के अनाधिकृत राजनैतिक प्रचार सामग्री हटाई जानी होगी।
उत्तराखंड सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण का आदेश।
नई दिल्ली :-सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार के खिलाफ महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए उपनल (उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम) कर्मचारियों के नियमितीकरण का आदेश दिया है। अदालत ने राज्य सरकार के उस स्टे को खारिज कर दिया, जिसे सरकार ने बजट की कमी का हवाला देते हुए लगाया था।
हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी⤵️
2018 में उत्तराखंड हाई कोर्ट ने उपनल कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए निर्देश दिया था कि सभी उपनल कर्मचारियों को एक वर्ष के भीतर चरणबद्ध तरीके से नियमित किया जाए। लेकिन राज्य सरकार इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करते हुए स्टे हासिल करने में सफल रही थी। सरकार ने अदालत में यह तर्क दिया था कि कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए पर्याप्त बजट नहीं है। इस पर उपनल संघ ने सवाल उठाया कि जहां एक ओर सरकार महंगे वकीलों पर लाखों रुपये खर्च कर रही है, वहीं अल्प वेतन पर काम कर रहे कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर रही है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने न केवल उपनल कर्मचारियों के संघर्ष को मान्यता दी, बल्कि सरकार को आदेश दिया कि कर्मचारियों को अब चरणबद्ध तरीके से नियमित किया जाए।
उत्तराखंड उपनल संविदा संघ ने इस जीत को सभी कर्मचारियों की सामूहिक एकजुटता का परिणाम बताया है। कुंदन सिंह बनाम उत्तराखंड सरकार मामले में संघ ने वर्षों से यह लड़ाई लड़ी है। संघ के जिला अध्यक्ष हरीश नग़ी ने कहा, “जिन कर्मचारियों ने इस संघर्ष के लिए आर्थिक सहयोग दिया, वे हमेशा आभारी रहेंगे।” वहीं, प्रदेश अध्यक्ष मनोज शर्मा ने इस जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिवक्ता का आभार व्यक्त किया।
जिला महामंत्री अनिल कोठियाल ने उन सभी कर्मचारियों और समर्थकों का धन्यवाद किया जिन्होंने इस संघर्ष पर विश्वास बनाए रखा। उन्होंने कहा, “हम उन आलोचकों का भी धन्यवाद करते हैं जिन्होंने हमें मजबूत बनाने में योगदान दिया।”
अब सरकार के सामने चुनौती⤵️
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद राज्य सरकार के सामने अब कर्मचारियों को नियमित करने की चुनौती खड़ी हो गई है। सरकार को जल्द ही चरणबद्ध योजना तैयार कर सभी उपनल कर्मचारियों को नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। यह फैसला न केवल उपनल कर्मचारियों के अधिकारों की जीत है बल्कि राज्य सरकार के लिए एक बड़ा सबक भी है कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी करना अब संभव नहीं है।
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना में उत्तराखंड को मिल सकती हैं 150 इलेक्ट्रिक बस।
देहरादून
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना में उत्तराखंड को मिल सकती हैं 150 इलेक्ट्रिक बस,,,
सरकार ने भुगतान प्रबंधन तंत्र (पीएसएस) को मंजूरी देते हुए रोडवेज के देहरादून और हरिद्वार में इंटरसिटी बस सेवा के प्रस्ताव को दी हरी झंडी,,,
सौ बसें देहरादून और 50 बसें हरिद्वार डिपो के लिए प्रस्तावित,,,
इलेक्ट्रिक बसों के मिलने से यात्रियों को मिलेगी सुविधा,,,
दून से ऋषिकेश, हरिद्वार, मसूरी, विकासनगर के लिए शुरू होंगी इंटरसिटी सेवाएं
केदारनाथ विधानसभा के उपचुनाव तिथि हुई तय,20 नवम्बर को बोटिंग व 23 नवम्बर को होगी मतगणना।
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ विधानसभा उप चुनाव के लिए चुनाव आयोग द्वारा आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। विधानसभा में उप चुनाव 20 नवम्बर को होगा। जबकि मतगणना 23 नवम्बर को होगी। चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की तिथि की घोषित करते हुए केदारघाटी में राजनैतिक सरगर्मियां तेज हो गई है। केदारनाथ विधानसभा में कुल 90518 वोटर हैं जिनमें से पुरुष- 44676 और महिला 45822 मतदाता है।
केदारनाथ उप चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता
22 अक्टूबर से शुरू होगी उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया
29 अक्टूबर को नामांकन की आँखिरी तारीख़
4 नवंबर को नामांकन वापसी का आँखिरी दिन
केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव के लिए 20 नवंबर को होगा मतदान
23 नवंबर को होगी मतगणना
केदारनाथ उप चुनाव की घोषणा होते ही केदारघाटी में चुनावी माहौल गर्मा गया है। हालांकि अभी भी भाजपा और कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों का ऐलान नहीं किया है किंतु संभावित दावेदारों ने पहले ही क्षेत्र में अपना जन सम्पर्क शुरू कर दिया है। बताते चलें कि केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र की विधायक शैलारानी रावत के निधन के बाद यह सीट रिक्त हो गई थी। बदरीनाथ और मंगलौर उप चुनाव हार के बाद भाजपा इस सीट पर जीत के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।
23 नवम्बर को होगी मतों की गिनती
प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा क्षेत्रीय विकास के लिए पूर्व में कई घोषणाएं की है जबकि कई वरिष्ठ मंत्रियों ने केदारघाटी का भ्रमण कर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने की दिशा में पहल की। उम्मीद जताई जा रही है कि इस सीट पर भी मुकाबला रोचक हो सकता है। यह भी माना जा रहा है कि भाजपा से टिकट न मिलने की स्थिति में कुलदीप रावत निर्दलीय मैदान में उतर सकते हैं। जबकि भाजपा-कांग्रेस के अलावा निर्दलीय, माकपा, यूकेडी और आप प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।
यह है प्रमुख दावेदार-
भाजपा से आशा नौटियाल, कुलदीप रावत, , ऐश्वर्या रावत,
कांग्रेस से मनोज रावत, डॉ हरक सिंह रावत,
निर्दलीय- त्रिभुवन चौहान।
रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों चिकित्सा निदेशालय का वरिष्ठ सहायक हुआ गिरफ्तार।
- देहरादून- विजिलेंस की राजधानी देहरादून में बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। विजिलेंस की टीम ने चिकित्सा निदेशालय काे वरिष्ठ सहायक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद से हड़कंप मच गया है।विजिलेंस की टीम ने चिकित्सा निदेशालय के वरिष्ठ सहायक को छह हज़ार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

बीते दिनों विजिलेंस ने लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई करके रिश्वतखोर अधिकारियों के खिलाफ एक्शन जारी रखा है। वही विजिलेंस की टीम द्वारा आज एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग उत्तराखंड के वरिष्ठ सहायक मुकेश कोटियाल को 6 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
शिकायतकर्ता की ओर से पहले ही सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि कोटियाल ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइल पास करने के एवज में 8,500 रुपये की मांग की थी, जिसमें से 2,500 रुपये पहले ही दिए जा चुके थे। सतर्कता विभाग के एसपी धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि आरोपी को आज रिश्वत की शेष राशि लेते हुए टीम ने पकड़ा। आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विजिलेंस की टीम द्वारा आरोपी से पूछताछ और अग्रिम कार्रवाई जारी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारघाटी की जनता को दो और बड़ी सौगात दी है।
*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारघाटी की जनता को दो और बड़ी सौगात दी है।
*केदारवासियों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित प्रदेश सरकार
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखंड ऊखीमठ में गुप्तकाशी-जाखधार-त्यूडी मोटर मार्ग से देवर मोटरमार्ग के 8.5 किमी सुधरीकरण एवं डामरीकरण कार्य के लिए 4 करोड़ 71 लाख की स्वीकृति दी गई है।
इसके अतिरिक्त विकासखंड अगस्त्यमुनि के अंदर गढ़ी से धर्तोलिया मोटरमार्ग के 4.5 किमी सुधारीकरण एवं डामरीकरण कार्य के लिए 3 करोड़ 68 लाख की स्वीकृति दी है।
इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तल्ला नागपुर घाटी के लिए भी बड़ी सौगात देते हुए कांडई जगतोली मोटर मार्ग के मिसिंग लिंक को जोड़ने का काम शुरू कर दिया है। जिसका आज कार्य शुरू हो गया है।
गौरतलब है कि केदारनाथ की विधायक शैलारानी रावत के निधन के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र की जनता से वादा करते हुए कहा कि जब तक आपका विधायक नहीं बनता तब तक मैं ख़ुद वहाँ का विधायक बनकर काम करूँगा। मुख्यमंत्री ने अपने वादे के अनुरूप केदारघाटी समेत, तल्ला नागपुर, कालीमठ घाटी, मध्यमहेश्वर घाटी के लिए भी विभिन्न विकास योजनाओं की ना सिर्फ घोषणा की है बल्कि उनपर कार्य भी शुरू कर दिया है।
दशज्यूला क्षेत्र की दशकों पुरानी सड़क की लंबित मांग अब हुई पूर्ण,रूद्रप्रयाग क्षेत्र का विकास हमारी प्राथमिकता-मुख्यमंत्री
*क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार*
*रूद्रप्रयाग क्षेत्र का विकास हमारी प्राथमिकता-मुख्यमंत्री*
जनपद रूद्रप्रयाग के अन्तर्गत दशज्यूला क्षेत्र की कोटखाल-जगतोली मिसिंग मोटर मार्ग जरम्वाड तक मिलाने की स्वीकृति मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 13 सितंबर 2024 को प्रदान की गई थी। दशकों से क्षेत्रवासी इस सड़क की मांग कर रहे थे। जगतोली दशज्यूला विकास महोत्सव 2024 को वर्चुअली संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने इस सड़क निर्माण की घोषण की थी। मुख्यमंत्री को बतौर मुख्य अतिथि इस कार्यक्रम में सम्मिलित होना था। किन्तु भारी वर्षा के कारण कार्यक्रम में शामिल नही हो पाए तथा उनके द्वारा वर्चुवल सम्बोधन में इस मोटर मार्ग की स्वीकृति की घोषणा की गई थी। 
इस मोटर मार्ग की टेन्डर प्रकिया पूर्ण करते हुए आज 14 अक्टूबर, 2024 को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा वर्चुअली विधिवत भूमि पूजन के फलस्वरुप कार्य प्रारंभ हो गया है। इस मोटर मार्ग से दशज्यूला काण्डई क्षेत्र के 30 से अधिक गांव को एवं तल्ला नागपुर क्षेत्र की जनता को इस मोटर मार्ग का लाभ मिलेगा साथ ही क्षेत्र की जनता को गौचर आवागमन में सुगमता होगी। इस बहुप्रतिक्षित मांग को पूरा करने पर क्षेत्रीय जनता द्वारा मुख्यमत्री श्री पुष्कर सिह धामी का धन्यवाद भी ज्ञापित किया गया।
मुख्यमंत्री ने वर्चुअल रूप से सभी क्षेत्रवासियों के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रूद्रप्रयाग क्षेत्र का विकास हमारी प्राथमिकता है। राज्य सरकार प्रदेश को सतत विकास की दृष्टि से देश में एक अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक स्व. शैला रानी ने इस क्षेत्र के विकास और यहां के लोगों के कल्याण की हमेशा चिंता की। राज्य सरकार उनके सपनों को पूरा करने का लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित हर क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं का विकास हो रहा है। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए प्रदेश के हर वर्ग का जीवन स्तर ऊपर उठाया जा रहा है। केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम सहित विभिन्न पौराणिक स्थलों के पुनर्निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होने कहा कि केदारनाथ क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में विकास की धारा को अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना ही हमारा संकल्प है। कार्यक्रम का सफल संचालन कालिका कांडपाल द्वारा किया गया।
समाजसेवी कुलदीप रावत की केदारनाथ विधानसभा में बढ़ती लोकप्रियता भाजपा व कांग्रेश के लिए बना सरदर्द।
रुद्रप्रयाग। बीते कई सालों से जन सेवा में जुटे समाज सेवी एवं भाजपा नेता कुलदीप रावत के ऊखीमठ आगमन पर तुंगनाथ, मदमहेश्वर एवं कालीमठ घाटी की क्षेत्रीय जनता के सहयोग से जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों, विभिन्न गांवों की महिला मंगल दलों व ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। इस दौरान क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर चर्चा की गई। साथ ही स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर मंगोली गांव निवासी मिष्टी नौटियाल को सम्मानित किया गया।
स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली मंगोली निासी मिष्टी नौटियाल को किया सम्मानित
ऊखीमठ में मधु गंगा हैलीपैड में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में भाग लेते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता व सामाजिक कार्यकर्ता कुलदीप रावत ने कहा कि हर समस्या का निराकरण सामुहिक पहल से किया जा सकता है। किंतु राज्य गठन के 24 वर्षों के बाद भी जनभावनाओं की आशा के अनुरूप विकास की नीति नहीं बन पाई है। इसलिए हर क्षेत्र में समस्याएं कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है। उ
न्होंने कहा कि सघर्षो की बदौलत सफलता मिलती है तथा सघर्ष से मानव को जीने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि केदार विधानसभा को प्रकृति ने अनमोल खजाने की तरह सजाया व संवारा है किंतु आज तक लघु उद्योगों को बढ़ावा न मिलने से यहां का युवा अपने को ठगा महसूस कर रहा है।
उन्होंने कहा कि केदारनाथ विधानसभा में लघु उद्योगों को बढ़ावा देकर यहां के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल होती तो राज्य गठन के 24 वर्षों में केदारनाथ विधानसभा की तकदीर व तस्वीर अलग होती। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद उन्होंने 70 गरीब व असहाय कन्याओं को गोद लेकर उनका सम्पूर्ण खर्चा बहन करने की प्रेरणा उस परम पिता परमेश्वर से मिली है। जनता की निस्वार्थ सेवा करने से परम आनन्द की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि मुझे समाज सेवा करने की प्रेरणा पग-पग पर मिलती है किंतु कुछ लोग मुझे बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं। बावजूद निरंतर समाज की सेवा निष्ठा, समर्पण व त्याग की भावना से करता रहूंगा।
वर्ष 2013 की आपदा के बाद से 70 निर्धन एवं असहाय बेटियों को गोद लेकर बहन कर रहे सम्पूर्ण खर्चा
तल्ला नागपुर के लक्ष्मण बर्त्वाल ने कहा कि कुलदीप रावत दो दशक से सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के समय आपका योगदान समाज में हमेशा याद रहेगा। अमित मैखण्डी ने कहा कि केदारनाथ विधानसभा को आज कुलदीप रावत जैसे समाज को समर्पित लोगों की जरूरत है जिनके कुशल नेतृत्व में विकास का पहिया अग्रसर हो सकता है। प्रह्लाद राणा ने कहा कि निस्वार्थ भावना से कार्य करने वाले व्यक्ति को ही केदारनाथ विधानसभा का नेतृत्व मिलना चाहिए। क्षेत्र पंचायत सदस्य विजय लक्ष्मी तिवारी ने कहा कि जनता जर्नादन का निर्णय सर्वोपरि होता है इसलिए जनता को अपना निर्णय समाज को समर्पित व्यक्ति के पक्ष में लेना चाहिए। जन संवाद कार्यक्रम का संचालन मनोज बेजवाल व शान्ति चमोला ने सयुंक्त रुप से किया।
क्षेत्रीय हित में कुलदीप रावत को देना होगा जन समर्थन
इस मौके पर प्रधान तड़ाग बृजमोहन सिंह नेगी, सभासद सरला रावत, पूर्व प्रधान सरिता देवी, लवीश राणा ,सौरभ भट्ट, अंकित रावत, पवन राणा, बलवन्त रावत दिलवर नेगी, मनवर नेगी, नरेन्द्र सिंह नेगी, अवधेश रावत, जगदीश पुजारी, भक्त दर्शन रावत, संजय मनवाल, श्याम सिंह बिष्ट, नारायण सिंह पंवार, मिलिथा धर्म्वाण शर्मिला देवी, आरती शैव, रजनी देवी सतेश्वरी देवी, सरिता देवी, दिव्या देवी रणवीर फर्स्वाण कुलदीप राणा सूरजपाल नेगी दीपक भण्डारी भरत सिंह राणा, हिम्मत सिंह नेगी परशुराम सेमवाल नागेन्द्र राणा सहित ऊखीमठ, तुंगनाथ, मदमहेश्वर, कालीमठ घाटियों के जनप्रतिनिधि, महिला मंगल दलों व कीर्तन मण्डलियों के पदाधिकारी व कई सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।












