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Friday, July 3, 2026
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श्री केदारनाथ धाम के द्वितीय चरण की यात्रा को बेहतर एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए आयुक्त गढ़वाल मंडल ने जनप्रतिनिधियों व व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ की बैठक।

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*श्री केदारनाथ धाम की द्वितीय चरण की यात्रा को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए लिए गए सुझाव*

*माह सितंबर, 2024 से शुरू होगी श्री केदारनाथ धाम के द्वितीय चरण की यात्रा*

जनपद भ्रमण पर पहुंचे आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय ने विकास खंड सभागार ऊखीमठ व विकास खंड सभागार अगस्त्यमुनि में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापार मंडल के पदाधिकारियों, तीर्थ पुरोहितों के साथ बैठक आयोजित कर संवाद करते हुए श्री केदारनाथ धाम की द्वितीय चरण की यात्रा को और अधिक बेहतर बनाने पर आवश्यक चर्चा की। इस दौरान उन्होंने यात्रा को बेहतर एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए सभी सेे सुझाव भी लिए।
विकास खंड सभागार ऊखीमठ की बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर सिंह पंवार ने केदारनाथ यात्रा शुरू होने से पूर्व दो माह पूर्व ही यात्रा मार्ग एवं टैंट कालोनियों में शौचालय बनाने, गुप्तकाशी में जिला स्तरीय उप चिकित्सालय बनाने, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ का उच्चीकरण करने का सुझाव दिया। गुरिल्ला संगठन की अध्यक्ष बसंती रावत ने क्षेत्र में अघोषित विद्युत कटौती होने, पिंगलापानी-ऊखीमठ पेयजल योजना का पुनर्गठन करने तथा क्षेत्र में बंदरों का आतंक होने की समस्या का निराकरण करने की मांग की। तीर्थ पुरोहित अंकित सेमवाल ने यात्रा मार्गों पर आपराधिक गतिविधियों व सोशल मीडिया पर भ्रामक खबर फैलाने वालों पर अंकुश लगाते हुए भ्रामक समाचार फैलाने वाले धार्मिक आस्था से गलत प्रचार-प्रसार करने वालों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की मांग की। मक्कू के प्रधान विजयपाल नेगी ने तुंगनाथ धाम को विद्युत व संचार सेवा से जोड़ने तथा तुंगनाथ महोत्सव को जिला स्तरीय घोषित करने की मांग की। प्रधान संगठन के ब्लॉक संरक्षक संदीप पुष्पवाण ने गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग में सूचना केंद्र खोलने, प्रहलाद पुष्पवाण ने राष्ट्रीय राजमार्ग में क्षतिग्रस्त पुस्तों का निर्माण करने की मांग की। नंदन सिंह रावत पूर्व सदस्य क्षेत्र पंचायत ने कहा कि यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर दो माह पूर्व ही बैठक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रीकरण की संख्या सीमित हो तथा गुप्तकाशी में भी ऑनलाइन पंजीकरण काउंटर खोलने का भी सुझाव दिया। अध्यक्ष व्यापार मंडल ऊखीमठ ने जैबरी के पास भू-धंसाव, चुन्नी गांव में मकानों में आ रही दरारों के लिए आवश्यक कार्यवाही की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने ऊखीमठ के मैन मार्केट में पार्किंग की मांग की।

विकास खंड अगस्त्यमुनि में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा यात्रा को बेहतर ढंग से संचालित करने एवं क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया। जिसमें अध्यक्ष नगर व्यापार मंडल त्रिभुवन सिंह नेगी ने आगामी यात्रा में अगस्त्यमुनि से सोनप्रयाग तक शटल सेवा संचालित करने का सुझाव दिया गया तथा नगर में पेयजल की भारी किल्लत से अवगत कराया गया तथा अगस्त्यमुनि नगर पंचायत क्षेत्र में पार्किंग बनाने का सुझाव दिया गया। साथ ही शॉपिंग व पार्किंग काॅम्पलैक्स को नगर पंचायत को हैंडओवर करने की मांग की गई। सदस्य जिला पंचायत कुलदीप सिंह कंडारी ने कहा कि केदारनाथ यात्रा से स्थानीय व्यापारियों को लाभ मिले इसके लिए उन्होंने रोस्टर तैयार करने का सुझाव दिया गया। सदस्य जिला पंचायत सुभाष नेगी ने यात्रा में आने वाले यात्रियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण के लिए काउंटर होना चाहिए। तथा रात्रि के समय यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत यात्रा के संचालन पर प्रतिबंध लगाया जाए।
बैठक में आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय ने कहा कि केदारनाथ की द्वितीय चरण की यात्रा को बेहतर ढंग से संचालित तथा वर्तमान समय में यात्रा में जो भी कमियां रह गई हैं उनको और बेहतर करने के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर उनके सुझाव लिए जा रहे हैं ताकि यात्रा को और बेहतर ढंग से संचालित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की यात्रा ने भारी संख्या में श्रद्धालु चारधाम यात्रा के दर्शन को पहुंच रहे हैं उन्हें सभी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए शासन प्रशासन निरंतर प्रयासरत है जिसमें स्थानीय जन प्रतिनिधियों एवं लोगों का महत्वपूर्ण सहयोग है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा हमारी आस्था का प्रतीक है तथा स्थानीय लोगों का रोजगार का भी साधन है इसके लिए सभी को आपसी समन्वय के साथ यात्रा व्यवस्था को सुगम एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करनी है ताकि चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्री यहां से सुखद अनुभव अपने साथ लेकर जाएं।
आयुक्त गढ़वाल मंडल ने कहा कि पहले चरण की यात्रा के समाप्त होने के बाद यात्रा से संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय जन प्रतिनिधियों व व्यापारियों से फीडबैक लिया गया। जिसमें सभी ने यात्रा को और अधिक बेहतर बनाने के लिए प्रभावी ढंग से अपने विचार रखे। साथ ही जरूरी सुझाव भी दिए, जिनका संज्ञान लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यात्रा को लेकर रखी गई कुछ ऐसी समस्याएं हैं जिनका स्थानीय स्तर पर ही निराकरण किया जा सकता है साथ ही कुछ ऐसी भी समस्याओं से अवगत कराया गया है जिनका शासन स्तर पर ही निदान संभव होगा।
उन्होंने बैठक के दौरान उपस्थित लोगों की सराहना करते हुए कहा कि श्री केदारनाथ धाम की यात्रा सहित क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर लोगों ने बहुत अच्छे सुझाव दिए हैं। केदारनाथ धाम की यात्रा को लेकर करीब ढाई घंटे तक चली चर्चा के बाद उपलब्ध कराए गए सुझावों पर क्षेत्रीय लोगों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि उपलब्ध कराए गए सभी सुझावों पर निश्चित रूप से अमल किया जाएगा। साथ ही जनपद स्तर की समस्याओं के लिए संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए।
बैठक में आईजी पुलिस गढ़वाल करन सिंह नगन्याल ने कहा कि केदारनाथ यात्रा के दौरान जो भी व्यक्ति भ्रामक समाचार प्रकाशित करता है एवं नशीले पदार्थों का व्यवसाय एवं सेवन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही किसी भी महिला के साथ किसी व्यक्ति द्वारा कोई दुव्र्यवहार किया जाता है तो उसके संबंध में तत्काल सूचना उपलब्ध कराई जाए ताकि उसके विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।

केदारनाथ धाम पर फिर सियाशत गरमाई ,कांग्रेस पार्टी कल हरिद्वार से केदारनाथ धाम बचाव यात्रा निकालेगी । ।

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उत्तराखंड में केदारनाथ धाम मंदिर विवाद सुलझने के बजाय ओर उलझता नजर आ रहा है। केदारनाथ धाम को लेकर अब विपक्षी दल कांग्रेस कल से अपनी केदारनाथ धाम बचाव यात्रा शुरू करने जा रहा है .. इस यात्रा के दौरान कांग्रेस हरिद्वार से लेकर केदारनाथ धाम तक जनता को जागरूक करेंगे और सरकार से सवाल पूछेंगे कि आखिर धामों को विस्थापित करने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है

उत्तराखंड की आर्थिकी की रीढ़ राज्य के स्थापित चारों धाम है .. जिससे राज्य को विश्व भर में देवभूमि भी कहा जाता है। राज्य में स्थापित चारों धामों की मान्यता भी दुनिया में सनातन धर्म वालो के लिए बड़ी है। लेकिन अब केदारनाथ धाम को लेकर बड़ा विवाद उत्तराखंड में शुरू हो गया है … जिसका जन्म दिल्ली के बुराड़ी में हुआ .. जहां पर केदारनाथ धाम ट्रस्ट द्वारा केदारनाथ मंदिर का शिलान्यास किया गया और इस कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौजूद रहे। कार्यकर्म के बाद उत्तराखंड उत्तराखंड में इस मंदिर का विरोध होने लगा और लोगों में आरोप लगाना शुरू कर दिया कि उत्तराखंड से धर्म के राजनीतिक करने वाले भाजपा अब धामों को भी विस्थापित करने लगी है। कांग्रेस की तरफ से अब इस विषय पर हरिद्वार से केदारनाथ धाम तक पैदल यात्रा निकालने का ऐलान कर दिया गया है जिसने 24 जुलाई से हरिद्वार की हर की पैडी से पूजा अर्चना शुरू कर यह यात्रा निकाली जाएगी। पैदल यात्रा के दौरान कांग्रेस जनता को जागरूक करेगी और सरकार से सवाल पूछेंगी। केदारनाथ धाम की इस पैदल यात्रा पर राजनीति इस लिए हो रही है क्योंकि कुछ समय बाद केदारनाथ विधानसभा में उप चुनाव भी होना है । कांग्रेस की ये पैदल यात्रा प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा की अगुवाई में होगी जिसने कांग्रेस के तमाम बड़े नेता सम्मलित होंगे। इस यात्रा के दौरान रोजाना 20 से 25 किलो मीटर का सफर तय किया जाएगा।

 

कांग्रेस की यात्रा को लेकर सत्ताधारी दल भाजपा की तरफ से कांग्रेस पर आरोपी की बौछार की जा रही है। भाजपा का मानना है कि कांग्रेस पार्टी केदारनाथ धाम के नाम पर राजनीति का उपचुनाव के लिए अभी से ही अपनी भूमिका बनाने में जुटी है… जबकि जनता सारी सच्चाई जानती है। भाजपा का आरोप है कि जनता स्वयं कांग्रेस को सबक सिखाने का काम करेगी।

 

उत्तराखंड में विधानसभा के चुनाव के बाद सियासी जमीन कुछ विपक्ष के पाले में जाती दिख रही है .. जिसके बाद सत्ताधारी भाजपा के खेमे में चिंता ज्यादा बढ़ने लगी है .. क्योंकि लोकसभा चुनाव में भले ही भाजपा पांचो सीटों पर जीती हो … लेकिन भाजपा का मत प्रतिशत पिछले चुनाव की तुलना में इस बार काम रहा था। इसलिए कांग्रेस की इस पैदल यात्रा पर भाजपा के साथ-साथ दिल्ली की भी निगाहें टिकी हुई है.. क्योंकि आने वाले दिनों में केदारनाथ विधानसभा का उप चुनाव भी है। ऐसे में बद्रीनाथ विधानसभा का उपचुनाव भाजपा पहले ही हार चुकी है ..और अब केदारनाथ के लिए भी सियासत शुरू हो गई है।

कावड़ को देखते हुए हरिद्वार जिले में 27 जुलाई से 2 अगस्त तक स्कूलों की छुट्टी घोषित,जिलाधिकारी हरिद्वार ने किये आदेश जारी।

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हरिद्वार- जनपद हरिद्वार में 27 जुलाई से 2 अगस्त तक 1 से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे.जिलाधिकारी धीरज सिंह गबर्याल ने कावड़ मेले में भीड़ के चलते 1 से 12वीं तक के स्कूलों की छुट्टी के आदेश जारी कर दिये हैं।

जनपद हरिद्वार में श्रावण कांवड़ मेला-2024 की अवधि दिनांक 22 जुलाई से 02 अगस्त 2024 तक संचालित है। वर्तमान में जनपद में श्रावण कांवड मेला प्रारम्भ होने के फलस्वरूप दिन-प्रतिदिन कांवडियों का आवागमन बढ़ने के तथा सडक मार्गों पर काफी भीड़ होने से जिला प्रशासन द्वारा आने वाले दिनों में कांवडियों के आवागमन हेतु मार्ग बन्द / डायवर्ट किया जाना है।

कांवड मेला के दौरान दिन-प्रतिदिन कांवडियों की बढ़ती भीड़ के कारण आवागमन मार्ग के बन्द / डायवर्ट होने तथा कांवड मेला की चरम अवधि में जनपद में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के मध्येनजर विद्यालय आने-जाने में छात्र-छात्राओं को होने वाली कठिनाई व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जनहित में समस्त सरकारी व गैर-सरकारी विद्यालयों के कक्षा-01 से कक्षा-12 तक के विद्यालयों तथा आँगनबाड़ी केन्द्रों में दिनांक 27 जुलाई 2024 से दिनांक 02 अगस्त तक अवकाश घोषित किया जाता है। उक्त आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाये।

पहाड़ो में गुलदार का आतंक ,9 वर्षीय बच्ची को बनाया गुलदार ने निवाला,घर के आंगन में खेल रही थी बच्ची।

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टिहरी- ।टिहरी जनपद के भिलंगना ब्लॉक स्थित हिंदाव पट्टी के भौंन गांव में दिन दहाड़े गुलदार ने 9 वर्षीय बालिका को निवाला दिया।जिससे गांव में दहशत का माहौल है। घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है।स्थानीय निवासी विक्रम घनाता ने बताया कि गांव के ही स्कूल में चौथी कक्षा पढ़ने वाली पूनम पुत्री रुकम सिंह घणाता दोपहर घर लौटी, घर मे भोजन करने के बाद वह आंगन में आई तो झाड़ियों में छिपे गुलदार ने उस पर हमला कर दिया तथा उसे झाड़ियों में ले गया, पूनम की माँ सावन के व्रत के लिए मंदिर में जल चढ़ाने गई थी, जब लौटकर आई तो पूनम को घर न पाकर खोजबीन शुरू की लेकिन उसका कंही पता नही लग पाया।देर शाम उसका अधखाया शव घर के पास करीब 50 मी की दूरी पर मिला। जिसके बाद परिवार में चीख पुकार मच गई।घटना की सूचना पर वन विभाग की टीम गांव के लिए रवाना हो चुके है, वहीं भिलंगना के रेंज अधिकारी आशीष नौटियाल ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा घटना की सूचना के बाद विभागीय के साथ वे मौके पर जा रहे हैं, साथ ही उच्चाधिकारियों को भी मामले की जानकारी दे दी गई है, वहीं उन्होंने कहा कि मौके पर जाकर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। वहीं घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय विधायक शक्ति लाल शाह और ब्लॉक प्रमुख बसुमति घणाता भी मौके पर पहुंचे जहां पर स्थानीय जनता ने विधायक शाह से गुलदार को नरभक्षी घोषित करने की मांग करने की मांग की है, वहीं विधायक शक्ति लाल शाह ने कहा कि गुलदार को नरभक्षी घोषित करने के आदेश हो चुके हैं।

श्रावण मास के प्रथम सोमवार को श्री केदारनाथ धाम में प्रदेश की सुख, शांति, समृद्धि एवं ऐश्वर्य के लिए विशेष पूजा-अर्चना की गई।

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श्री केदारनाथ धाम के मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग ने समस्त देशवासियों को श्रावण मास की अनंत शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि पवित्र श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का महापर्व है। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से केदारेश्वर ज्योतिर्लिंग इस दिव्य हिमालय के उतुंग शिखर पर विराजमान है जहां सतयुग से ही अब तक निरंतर भगवान शंकर की पूजा-अर्चना की जाती है। उन्होंने बताया कि श्रावण मास में केदारनाथ में भगवान शिव का नित्य महाभिषेक तथा अर्चन किया जाता है, जिसे दिव्य श्रावण मास के पवित्र पर्व के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री अजेंद्र अजय, मुख्य कार्यकारी अधिकारी योगेंद्र सिंह तथा तीर्थ पुरोहित समाज के सहयोग से इस दिव्य धाम में नित्य पूजा-अर्चना की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष श्रावण माह के महापर्व में प्रतिदिन भगवान शिव को नित्य फलों का अर्चन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्रावण मास में एक माह तक नित्य भगवान शिव की विशेष रूप से पूजा की जाएगी। यह पूजा पूरे विश्व की शांति एवं कल्याण के लिए की जा रही है। उन्होंने भगवान केदारनाथ से समस्त देशवासियों तथा शिव भक्तों के कल्याण की कामना की है।
महाराष्ट्र के नासिक से केदारनाथ धाम पहुंचे सविदानंद मंडलेश्वर ने बताया कि केदारनाथ धाम में पूर्ण श्रावन मास का अनुष्ठान किया जा रहा है जो बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति, तीर्थ पुरोहित समाज तथा जिला प्रशासन के सहयोग से संपन्न किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा एक माह तक अनुष्ठान किया जाएगा जिसमें प्रतिदिन 30 हजार वस्तुओं को ईश्वर को समर्पित किया जाएगा। इनमें हर रोज 3100 फलों का अर्पण किया जाएगा जिन्हें चढ़ावे के बाद दर्शन करने पहुंच रहे श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा। उन्होंने इस अनुष्ठान को विशेष बताते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य पूरे विश्व की शांति, सद्भाव एवं कल्याण करना है। इसके साथ ही उन्होंने भारत को विश्व गुरू बनाने की कामना की है तथा स्थानीय तीर्थ पुरोहितों, मंदिर समिति एवं प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत को विश्व गुरू बनाने का अथक प्रयास किया जा रहा है। वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री भी राज्य के सर्वागीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।
इस अवसर पर केदारसभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने बताया कि श्रावण मास के पहले सोमवार को ब्रह्मकमल से भगवान शिव की आराधना की गई। उन्होंने श्रावण मास की शुभकामनाएं देते हुए सभी के कल्याण की मंगलकाना की है।

 

उत्तराखंड पुलिस ने सोमवार से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा की सभी तैयारियां की पूरी ।

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उत्तराखंड- उत्तराखंड पुलिस ने कल यानि की सोमवार से शुरू होने जा रही कांवड़ यात्रा के लिए सभी तैयारी पूरी कर ली है। आईजी गढ़वाल करन सिंह नगन्याल ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान यात्रा व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए उनकी ओर से गढ़वाल परिक्षेत्र के चार जनपदों को कुल 21सुपर जोन,54 जोन और 176 सेक्टर्स में बांटा गया है। इसके तहत हरिद्वार में सबसे अधिक 14 सुपर जोन बनाए गये हैं, इसके साथ ही टिहरी को 5, जबकि पौड़ी और देहरादून को एक-एक सुपर जोन में बांटा गया है। वहीं चारों जनपदों को कुल 54 जोन में बांटा गया है। इसके तहत हरिद्वार को 36 जोन, टिहरी को 6, पौड़ी को 7 जबकि देहरादून को पांच जोन में बांटा गया है। वहीं सभी चारों जनपदों को कुल 176 सेक्टरों में बांटकर सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

केदारनाथ से बड़ी दुःखद खबर- केदारनाथ पैदल मार्ग चिरबासा में चट्टान टूटने से तीन यात्रिओ की हुई मौत।

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  • रुद्रप्रयाग। केदारनाथ पैदल मार्ग चीरबासा के पास पहाड़ी से मलबा और पत्थर आने से तीन लोगों की मौत की सूचना है जबकि दो घायल बताया जा रहा हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नन्दन सिंह रजवार ने बताया कि केदारनाथ यात्रा मार्ग चीरबासा के पास पहाड़ी से मलवा व भारी पत्थर आने से कुछ यात्रियों की मलवे में दबने की सूचना है

गौरीकुंड से केदारनाथ जाने वाले पैदल मार्ग पर 3 लोगो की मौत और 5 गम्भीर रूप से घायल।
मृतकों में दो यात्री एक स्थानीय युवक बताया जा रहा है।

आज सुबह सभी लोग गौरीकुंड से केदारनाथ जा रहे थे।

गौरीकुंड से 3 किलोमीटर पैदल मार्ग चिरबासा में पहाड़ी से मलवा आने से हुआ बड़ा हादसा।

मृतकों का विवरण:-*

01. नाम -किशोर अरुण पराटे पता नागपुर महाराष्ट्र उम्र 31 वर्ष साथ मे निखिल निम्बाजी
2. नाम -सुनील महादेव काले, उम्र 24 पता महाराष्ट्र जालना जिला साथ मे प्रमोद महादेव
3. नाम – अनुराग बिष्ट, पता तिलवाड़ा रुद्रप्रयाग

सूचना मिलते ही यात्रा मार्ग में तैनात सुरक्षा कर्मी जिसमें एन.डी.आर एफ, डीडीआर,वाईएम.एफ प्रशासन की टीम मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में लगी है। रेस्क्यू टीम द्वारा मलवे से तीन व्यक्तियों को निकाल लिया गया है जो मृतक पाये गये हैं वहीं दो घायल व्यक्ति को निकाला गया। राहत व बचाव के लिए सर्च अभियान जारी है।

भारत- चीन सीमा में नेलांग व जादुंग गांव में 1962 के बाद पर्यटक व ग्रामीण नेलांग व जादुंग गांव के सैर कर पाएंगे.

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उत्तरकाशी1962 में भारत चीन सीमा पर उत्तरकाशी जिले में युद्ध हुआ था. जिसमे नेलांग व् जादुंग के ग्रामीणों को अपने गांव छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था. ग्रामीणों को बगोरी व् वीरपुर डुंडा भेजा गया भारतीय सेना द्वारा. 1962 से अभी 2024 में लगभग 62 वर्ष होने को आया हैं. तब से अब तक नेलांग व जादुंग गांव भारतीय सेना द्वारा चलाया व् सेना कि गतिविधिया इस गांव में होती रहती हैं. जो सुरक्षा कि दृष्टि से अत्यधिक महत्व पूर्ण भी हैं.

देश की सीमाओं को दुश्मन से सुरक्षित रखने वाली भारतीय सेना अब सीमा पर बसे प्रथम गांव नेलांग व् जादुंग के विकास में भी योगदान देने जा रही है. इस कड़ी में केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के नेलांग और जादूंग गांव की पुनर्स्थापना के लिए सेना ने सात योजनाएं तैयार की हैं. इन योजनाओं को पूरा करने के लिए आपरेशन सद्भावना शुरू किया गया है. इनके तहत गांवों में मूलभूत सुविधाओं का विकास करने के साथ ही पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा.इससे गांव तो जीवंत होंगे ही पलायन भी थमेगा।

उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से लगभग 124 किमी दूर स्थित नेलांग व् जादुंग घाटी के इन दोनों गांवों को वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान सुरक्षा के लिहाज से सेना ने खाली करवाया था.उस समय नेलांग में 80, जबकि जादूंग में 23 से अधिक परिवार थे. तब से ये परिवार डूंडा वीरपुर और बगोरी गांव में रह रहे हैं. मगर अब सरकार ने यहां आजीविका संवर्द्धन व पर्यटन विकास की दिशा में कवायत शुरू कर दी है.जिला प्रशासन के अनुसार पहले चरण में जादूंग गांव में छह होम स्टे बनाने की स्वीकृति मिली है. इसके बाद 17 और होम स्टे बनाए जाएंगे. इन गांवों में संचार और विद्युत सुविधा का विस्तार भी किया जा रहा है.इसके साथ ही भैरव घाटी से लेकर जादूंग तक ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने की संभावना भी तलाशी जा रही है।

वहीं नेलांग व जादुंग के पूर्व निवासियो द्वारा इस पहल का स्वागत किया हैं. भारतीय सेना व प्रशासन का आभार प्रकट किया. नेलांग व् जादुंग के ग्रामीण कई वर्षो से अपनी यह मांग प्रशासन से कह रहे थे. युद्ध खत्म हुए कई वर्ष हो चुके हैं. इन ग्रामीणों को इसने गाँव नेलांग व् जादुंग में रहने कि इजाजत दी जाय. असल में इन ग्रामीणों के यह कुल देवता रहते हैं. अपने कुल देवता को पूजने के लिए इन्हे हर वर्ष प्रशासन के परमिशन लेके जाना होता हैं. साथ ही कई वर्षो से इनके खंडर पड़े घर व् खेत भी भंजर पड़े थे. अब इन्हे इन पर आगे खेती करने का अवसर मिल सकता हैं. वहीं ग्रामीणों का कहना हैं जैसे जादुंग में सेना व् प्रशासन द्वारा कार्य किया जाने वाला हैं. जल्द ही नेलांग में भी कार्य शुरू होना चाहिये।

टिहरी के जखंड गांव निवासी लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा को अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसएम) से किया गया सम्मानित।

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दिल्ली।।राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में विकासखंड कीर्तिनगर के जखंड गांव निवासी लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा को अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसएम) से सम्मानित किया गया है। इससे पहले उन्हें सेना मेडल, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेशन कार्ड और दो जीओसी-इन-सी कमेंडेशन कार्ड से सम्मानित किया गया है. विकास लखेड़ा इस समय असम राइफल्स में इंस्पेक्टर जनरल (नॉर्थ) की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

विकास लखेड़ा का जन्म 26 फरवरी 1969 को जखंड गांव में हुआ था। विकास लखेड़ा डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन से पोस्ट ग्रेजुएट हैं। उन्होंने सिकंदराबाद के कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट से उच्च रक्षा प्रबंधन पाठ्यक्रम की पढ़ाई की है. वह द रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज (आरसीडीएस), लंदन के पूर्व छात्र हैं. विकास लखेड़ा ने उस्मानिया विश्वविद्यालय से प्रबंधन अध्ययन में स्नातकोत्तर किया है। उन्होंने असम में काउंटर इंसर्जेंसी एनवायरनमेंट में अपनी यूनिट और पश्चिमी क्षेत्र में एक ब्रिगेड की कमान संभाली है.

  • लेफ्टिनेट जनरल विकास लखेड़ा को 5 जून 2022 को आईजीएआर (नॉर्थ) में नियुक्त किया गया था। 9 जून, 1990 को भारतीय सेना की सिख लाइट इंफैंट्री में कमीशन मिला, वह संघर्ष विराम से पूर्व नागालैंड में भी सेवाएं दे चुके हैं, उन्हें जम्मू-कश्मीर और असम में आतंकवाद विरोधी अभियानों की योजना बनाने और संचालन का व्यापक अनुभव है. वह सेना के वरिष्ठ अधिकारी हैं और उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खडकवासला में डिविजनल ऑफिसर और सामरिक प्रशिक्षण अधिकारी, जीओसी-इन-सी के सैन्य सलाहकार, मुख्यालय पूर्वी कमांड, स्टाफ ऑफिसर और सेना प्रमुख के उप सैन्य सलाहकार के रूप में भी कार्य किया है।

उत्तराखंड के चारो धामो के मंदिरों के सरक्षण के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कैबिनेट में लिया गया फैसला राज्य एवं जनहित में ऐतिहासिक निर्णय :भरत सिंह चौधरी।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का राज्य एवं जनहित में ऐतिहासिक निर्णय ।भरत चौधरी।

विधायक भरत चौधरी ने प्रेस वार्ता कर केबिनेट के निर्णय को बताया ऐतिहासिक।

रुद्रप्रयाग ।।विगत दिनों एक ट्रष्ट द्वारा दिल्ली में केदारनाथ मंदिर निर्माण को लेकर उपजे विवाद को लेकर उत्तराखंड सरकार द्वारा केबिनेट में राज्य के चार धाम व अन्य प्रमुख मन्दिरों के नाम से ट्रस्ट या समिति गठित किये जाने के विरूद्ध कठोर विधिक प्राविधान करने का निर्णय लिया है। केबिनेट द्वारा लिये इस निर्णय पर रुद्रप्रयाग विधायक श्री भरत सिंह चौधरी ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य एवं जनहित में ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं । धामी केबिनेट द्वारा लिये गये निर्णय राज्य के एवं राज्य वासियों के लिये बहुत ही महत्वपूर्ण साबित होने वाले हैं ।
देवभूमि के देवतुल्य स्वरूप को बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री धामी का योगदान हमेशा याद किया जाएगा ।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट द्वारा राज्य के चार धाम व अन्य प्रमुख मन्दिरों के नाम से ट्रस्ट या समिति गठित किये जाने के विरूद्ध कठोर विधिक प्राविधान किये हैं। दरअसल हाल के समय में राज्य में कतिपय व्यक्ति / संस्थाओं द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में अवस्थित चार धाम यथा श्री केदारनाथ धाम, श्री बद्रीनाथ धाम, श्री गंगोत्री धाम, श्री यमुनोत्री धाम व अन्य प्रमुख मन्दिरों के नाम का अथवा इनके संचालन हेतु गठित ट्रस्ट/ समिति के नाम से मिलते-जुलते नाम का प्रयोग कर ट्रस्ट/ समिति आदि बनाई जा रही है।

प्रदेश में इस प्रकार की गतिविधियों से जन सामान्य में असमंजस की स्थिति उत्पन्न होने के साथ ही स्थानीय परम्पराओं एवं धार्मिक मान्यताओं को भी ठेस पहुँचती है, तथा स्थानीय स्तर पर आक्रोश की भी सम्भावना रहती है। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार द्वारा कड़े विधिक प्राविधान लागू किये जाने का निर्णय कैबिनेट द्वारा राज्य हित में लिया गया है।

अब राज्य के अन्दर अथवा राज्य के बाहर कोई भी व्यक्ति अथवा संस्था किसी समिति अथवा ट्रस्ट का गठन कर चार धामों एवं प्रमुख मंदिरों के नाम पर समिति अथवा ट्रस्ट का गठन नहीं कर पायेगा। इससे इस संबंध में उत्पन्न विवाद का भी समाधान हो सकेगा। उन्होंने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। वही उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कावंड़ यात्रा के दौरान यात्रा रूट पर सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर संचालकों का नाम अंकित करने का निर्णय को भी ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि ये प्रकिया सभी यात्रा रूटों के साथ सम्पूर्ण प्रदेश में सभी व्यवसाहिक प्रतिष्ठानों के नियम लागू होना चाइये। इसमें किसी को कुछ आपत्ति नहीं होनी चाइये। उन्होंने कहा की जो पार्टियां तुस्टीकरण की राजनीति करते है, उनको ही ज्यादा पीड़ा हो रही है। सरकार के इस निर्णय का आम जनता एवं सभी व्यपारियों ने स्वागत योग्य निर्णय बताया है।