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Friday, July 3, 2026
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उत्तराखंड की लोकभाषाओं का सिनेमा लगाताक़र विकसित हो रहा है

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देहरादून
– उत्तराखंड की लोकभाषाओं का सिनेमा लगाताक़र विकसित होता जा रहा है। इसी क्रम उत्तराखंड की पहली सुपर नेचुरल हॉरर फिल्म “असगार” प्रदर्शन के लिए तैयार है औऱ 19 जुलाई से देहरादून के सेंट्रियो मॉल में रिलीज हो रही है। इस फ़िल्म का निर्माण आयुषी फिल्म्स के बैनर तले हुआ है और इस फ़िल्म के माध्यम से उत्तराखण्ड फिल्म इंडस्ट्री को दो नए चेहरे मिलने जा रहे हैं । फिल्म के ट्रेलर लॉन्च हो गया है। फ़िल्म अभी से लोगों के बीच चर्चा का विषय बन चुकी है सत्य घटना पर आधारित यह फिल्म अत्यंत रोमांचक है और फिल्म का क्लाइमेक्स दर्शकों को हैरान कर देने वाला है। राइटर डायरेक्टर अनुज जोशी और उनकी समस्त टीम इस फिल्म के लिए बहुत उत्साहित है,इस फिल्म में मुख्य भूमिका में अभिनव चौहान और मानवी पटेल हैं, जहां मानवी पटेल ने उड़िया फीचर फिल्म ओएअंजलि से अपना डेब्यू किया है, वहीं अभिनव चौहान अपनी म्यूजिक वीडियो में अपनी मधुर आवाज और चॉकलेटी लुक से अपनी पहचान बन चुके हैं।

फ़िल्म के नायक है जौनसार के
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फ़िल्म के नायक अभिनव चौहान मूल रूप से जौनसार बावर के फटेऊ गांव के निवासी है गढ़वाली भाषा में उनकी यह पहली फ़िल्म है।

अभिनन चौहान कर चुके है कई हिंदी फिल्मों में अभिनय
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अभी तक बॉलीवुड की कई फिल्मों ,वेबसिरिज,नाटक तथा एलबम्स में कार्य किया है। मुख्य रूप से mtv के रियलिटी शो मिस्टर एंड मिसेज, करण जौहर की फ़िल्म स्टूडेंट ऑफ ईयर पार्ट2,वेबसिरिज “पेशावर” दूरदर्शन के धारावाहिक में कार्य किया है। साथ ही कई सारी जौनसारी एवं गढ़वाली एलबम में अभिनय तथा अपनी आवाज का जादू बिखेरा है।
अभिनव चौहान ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद फिल्मों तथा संगीत की तरफ अपना रुख किया। अभिनय में मुम्बई से प्रशिक्षण प्राप्त करने बाद देहरादून में जानीमानी संगीत की शिक्षिका वंदना श्रीवास्तव से संगीत की शिक्षा ली है।

जौनसारी बोली कि पहली फ़िल्म ‘मैरे गांव की बाट”में भी अभिनव चौहान मुख्य किरदार में जो नवंबर में रिलीज होगी । अभी तक जौनसारी बोली।में कोई फ़िल्म नही बनी है। यह।पहली फ़िल्म होगी। इसके।अतिरिक्त आने वाले समय मे कई आंचलिक एवं हॉलीवुड फिल्मों में अभिनय के साथ ही गीतों को अपना स्वर दे रहे हैं।

टेहरी झील,चोपता और जौनसार में हुई फ़िल्म की शूटिंग
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फ़िल्म की।शूटिंग चोपता, टेहरी झील तथा जौनसार के नगऊ गांव तथा रामताल गार्डन एवं चुरानी में की की गई है।

पहाड़ी शैली के घरों को फ़िल्म में किया गया है कैद
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जौनसार बावर में पहाड़ी शैली के घरों को फ़िल्म में कैद किया जा रहा है।

  • फिल्म में अमित वी कपूर ने लाजवाब संगीत दिया है, गीतकार जितेंद्र पंवार ने दिल को छू लेने वाले गीत लिखे हैं, फिल्म की प्रोड्यूसर सुमन वर्मा ने भी यहां की प्रशंसा करते हुए कहा है ,कि उत्तराखंड फिल्म इंडस्ट्री में अपार संभावनाएं हैं, यहां की खूबसूरत वादियां यहां की सुंदर संस्कृति लोगों का आतिथ्य भाव और सहयोग की भावना वास्तव में बधाई के पात्र हैं ।फिल्म के लाइन प्रोड्यूसर्स सुमित खरबंदा ,को प्रोड्यूसर संजय एन श्रीवास्तव, डीओपी हरीश नेगी ,एसोसिएट डायरेक्टर दीपक रावत ,कास्टिंग डायरेक्टर अभिषेक मंडोला है। फिल्म में अन्य किरदार निभा रहे कलाकार अनिल शर्मा ,राकेश गौड़, मदन दुकलान ,संयोगिता ध्यानी ,उमेश बडोनी ,कुलदीप असवाल ,रिया शर्मा ,जगमोहन बुढ़ाना आदि है।

दिल्ली में बन रहे केदारनाथ धाम के प्रतीकात्मक मंदिर निर्माण के विरोध में तीर्थ पुरोहितों ने शुरू किया धरना प्रदर्शन।

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केदारनाथ (रुद्रप्रयाग)-

दिल्ली में बन रहे केदारनाथ धाम के प्रतीकात्मक मंदिर निर्माण के विरोध में आज तीर्थ पुरोहित, साधु संत, व्यापारी और तीर्थयात्री केदारनाथ मंदिर परिसर में एकत्रित हुए और धामी सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भगवान केदार के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में एक प्रार्थना याचना सभा का आयोजन किया। जिसमें कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल मुख्य रूप से मौजूद रहे।

मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग ने कहा कि दिल्ली में केदारनाथ मंदिर का निर्माण धार्मिक परंपरा के विपरीत है। सनातन परंपराओं के खिलाफ इसका निर्माण किया जा रहा है। बाबा का वास हिमालय में है और आप उस नाम का दुरुपयोग न करें। इस प्रकार के कार्य को शीघ्र बंद किया जाए। वहीं, तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि अगर सरकार ने तीर्थ पुरोहितों की बात नहीं मानी तो, सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे।सरकार बनाना जानते हैं तो सरकार को उखाड़ना भी जानते हैं. उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम से शिला ले जाकर दिल्ली में स्थापित करके सीएम धामी ने केदारनाथ धाम की परंपरा के साथ खिलवाड़ किया है।

पूर्व केदारसभा अध्यक्ष किशन बगवाड़ी ने कहा कि कुछ राजनैतिक लोग केदारनाथ की स्थापना दिल्ली में कर रहे हैं। स्वयं ज्योतिर्लिंग दिल्ली कैसे पहुंच सकता है. उन लोगों की मानसिकता पर हम प्रश्न चिन्ह लगाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार केदारनाथ धाम में सुविधाएं बढ़ाने के बजाय दिल्ली में सुविधाएं बढ़ा रही है. तिलवाड़ा में भी व्यापारियों ने रैली निकालकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

बदरी-केदार मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि केदारनाथ धाम युगों से सनातन धर्म के आस्था और विश्वास का केन्द्र रहा है. ऐसे में दिल्ली के बुराड़ी में केदारनाथ के प्रतीकात्मक मंदिर का निर्माण करने से करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर ठेस पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम हमारी आध्यात्मिक संपत्ति है, इसलिए प्रति वर्ष करोड़ों श्रद्धालु बाबा के धाम में आकर विश्व समृद्धि की कामना करते हैं।

कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि केदारनाथ के प्रतीकात्मक मंदिर का निर्माण होने से केदारनाथ घाटी का तीर्थाटन और पर्यटन व्यापार प्रभावित होगा. प्रमुख जखोली प्रदीप थपलियाल ने कहा कि यदि ट्रस्ट के नाम से केदारनाथ धाम नहीं हटाया गया तो प्रदेश व्यापी आंदोलन किया जायेगा. पूर्व प्रमुख जय नारायण नौटियाल ने कहा कि केदारनाथ की यात्रा युगों से आस्था की यात्रा है।

छात्र संघ चुनाव में छात्राओं को मिलेगा 50 फीसदी प्रतिनिधित्व।

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 (देहरादून)- प्रदेश के राजकीय व अशासकीय महाविद्यालय के साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में होने वाले छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं को पचास फीसद प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। इसके साथ ही छात्रसंघ में मेधावी छात्र छात्राओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। जिसके निर्देश विभागीय मंत्री धन सिंह रावत ने प्रदेश के सभी राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को दे दिए हैं।

उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के अंतर्गत छात्रसंघ एवं छात्र परिषदों में छात्राओं को 50 फीसदी प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। इसके लिये सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को निर्देश जारी कर दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रसंघ सिर्फ राजनीति के लिए नहीं, अपितु रचनात्मक गतिविधियों एवं शैक्षणिक माहौल तैयार करने का काम करेंगे। इसके लिए सभी विश्वविद्यालय परिसरों एवं महाविद्यालयों के छात्रसंघों एवं छात्र परिषदों में मेधावी छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी। विभागीय मंत्री ने बताया कि प्रदेश में उच्च शिक्षण संस्थानों में कुल 152387 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं जिसमें छात्राओं की संख्या 100272 जबकि छात्रों की संख्या 52115 है। यानी 65.8 फीसद छात्राएं हैं और 34.2 छात्र हैं। जिसमें से राजकीय महाविद्यालय परिसरों में कुल 97997 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं जिसमें 30130 छात्र व 67867 छात्राएं शामिल हैं। वहीं अशासकीय में 34590 में 14730 छात्र व 19860 छात्राएं हैं।

विश्वविद्यालयी परिसरों में कुल 19800 विद्यार्थी हैं जिसमें 7255 छात्र व 12545 छात्राएं शामिल हैं। डॉ रावत ने बताया कि सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुरूप चुनाव कराए जाएंगे। विश्वविद्यालयों के छात्रसंघ संविधान में जो भी बदलाव अपेक्षित हैं उन्हें करने के लिए संबंधित संस्थानों के कुलपतियों को निर्देश दिए गए हैं।

केदारनाथ के मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग ने कहा, धर्म का अहित ना करे सरकार

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केदारनाथ के मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग ने कहा, धर्म का अहित ना करे सरकार,
दिल्ली में केदारनाथ धाम के प्रतिकात्मक मंदिर निर्माण से केदारनाथ तीर्थ पुरोहितों में आक्रोश,
केदारनाथ धाम में तीर्थ पुरोहित एवं व्यापारियों ने किया प्रदर्शन,
केदारघाटी के सीतापुर में सीएम मुर्दाबाद के लगे नारे,
मूल निवास, भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति भी सरकार के खिलाफ,
रुद्रप्रयाग। दिल्ली में केदारनाथ धाम के प्रतिकात्मक मंदिर निर्माण से पूरी केदारघाटी से लेकर जिले की जनता में आक्रोश फैल गया है। जहां केदारनाथ धाम में तीर्थ पुरोहितों ने प्रदर्शन कर अपना गुस्सा जाहिर किया, वहीं केदारघाटी के सीतापुर में होटल व्यापारियों ने सरकार के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। इसके अलावा मूल निवास, भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति ने भी सरकार को चेतावनी दी है।
केदारनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग ने कहा कि केदारनाथ धाम साक्षात हिमालय में बसा हुआ है। इसका अपना महत्व है। इसके बावजूद दिल्ली में जाकर केदारनाथ मंदिर का शिलान्यास करना धर्म के लिए अहित है। केदारनाथ मंदिर की महता और अखण्डता बनी रहनी चाहिए। इसकी धार्मिकता को खराब नहीं किया जाना चाहिए।

जहां एक ओर केदारनाथ धाम में तीर्थ पुरोहितों, व्यापारियों एवं स्थानीय लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया, वहीं केदारघाटी के सीतापुर में केदारघाटी होटल एसोसिएशन के बैनर तले व्यापारियों ने सीएम धामी मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम गोस्वामी ने कहा कि दिल्ली में भगवान केदारनाथ के प्रतीकात्मक मन्दिर निर्माण से केदारघाटी की जनता आक्रोश बना हुआ है। धामी सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया है। सरकार केदारघाटी के जनमानस की आस्था के साथ खिलवाड़ कर रही है
इधर, मूल निवास, भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति ने भी केदारनाथ मंदिर निर्माण को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि बाबा केदार के नाम से हम सभी की पहचान है और आज इसी पहचान को खत्म करने की साजिश हो रही है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।

उत्तराखंड विधानसभा उपचुनाव : बद्रीनाथ सीट जीती कांग्रेस,भाजपा की डबल करारी हार।

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रुद्रप्रयाग।उत्तराखंड विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को चारों खाने चित कर दिया है। मंगलौर से कांग्रेस प्रत्याशी काजी निजामुद्दीन ने भाजपा प्रत्याशी को पटकनी दी है।

बद्रीनाथ विधानसभा सीट से भाजपा को करारी शिकस्त मिली है। मंगलौर के बाद बद्रीनाथ सीट पर भी “कांग्रेस” ने जीत का परचम लहरा दिया है। कॉंग्रेस के लखपत बुटोला ने जीत दर्ज की है। लखपत बुटोला ने बीजेपी के राजेंद्र भंडारी को हराया है।

बद्रीनाथ विधानसभा उप चुनाव की मतगणना कडी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से चल रही हैं।

*15वें चरण के मतगणना परिणाम*

1 राजेंद्र भंडारी- बीजेपी – 1287
2 लखपत बुटोला- कांग्रेस- 1309
3 हिम्मत सिंह-सै.स.पार्टी- 22
4 नवल खाली-निर्दलीय.- 64
5 नोटा – 38

कुल वोट -2720

बदरीनाथ विधानसभा उप चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार श्री लखपत सिंह बुटोला 5224 मतों से चुनाव जीते।

बैकुंठ धाम के रावल का इस्तीफा स्वीकार,अमरनाथ नंबूदरी को बनाया गया प्रभारी रावल।

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बद्रीनाथ ।।बदरीनाथ धाम में मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के आवेदन के बाद नायब रावल अमरनाथ नंबूदरी को पूजा-पाठ का जिम्मा सौंपा गया है. जिसके लिए नए पुजारी नायब रावल अमरनाथ नंबूदरी को कई रस्मों को पूरा करना होगा. जिसके बाद वो विधि-विधान से बदरी-केदार की पूजा करेंगे.

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बदरीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के आवेदन को स्वीकृति प्रदान कर दी है. इस संबंध में शुक्रवार को आदेश जारी कर दिए गए हैं. रावल की सेवानिवृत्ति के बाद नायब रावल अमरनाथ नंबूदरी भगवान बदरी विशाल की पूजा-पाठ का जिम्मा संभालेंगे. ईश्वर प्रसाद नंबूदरी ने स्वास्थ्य कारणों से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया था।

विभिन्न औपचारिकताओं को पूर्ण करने के लिए अग्रिम आदेशों तक नायब रावल को प्रभारी रावल के रूप में कार्यभार सौंपा गया है. नायब रावल को प्रभारी रावल के रूप में पूजा-अर्चना का कार्यभार सौंपने के लिए धार्मिक परंपराओं और मान्यताओं के अनुरूप 13 व 14 जुलाई को दो दिन तक विभिन्न अनुष्ठान आयोजित होंगे. धार्मिक अनुष्ठानों के पूर्ण होने पर 14 जुलाई से बतौर प्रभारी रावल अमरनाथ नंबूदरी पूजा-अर्चना करेंगे।

शुक्रवार को बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह ने अध्यक्ष अजेंद्र अजय की स्वीकृति के बाद रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी को स्वैच्छिक सेवानिवृति और नायब रावल अमरनाथ नंबूदरी को प्रभारी रावल के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के संबंध में पृथक-पृथक आदेश जारी कर दिए हैं.वहीं बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल ने बताया कि नायब रावल अमरनाथ नंबूदरी को पूजा-अर्चना का दायित्व देने से पहले विभिन्न धार्मिक रस्मों को पूरा किया जायेगा।

13 जुलाई को नायब रावल के मुंडन के बाद हवन व शुद्धिकरण के साथ नायब रावल का तिलपात्र किया जाएगा. 14 जुलाई को नायब रावल बदरीनाथ स्थित पंच धाराओं के जल से स्नान तथा पंच शिलाओं नारद शिला, नरसिंह शिला, वराह शिला, गरुड़ शिला व मार्कण्डेय शिला का दर्शन करेंगे. इसके पश्चात निवर्तमान रावल से मंत्र,आशीर्वाद लेकर नये रावल के रूप में बाल भोग के बाद मंदिर गर्भगृह में रावल से छड़ी प्राप्त कर पहली बार बदरीनाथ मंदिर में प्रवेश करेंगे।

बदरीनाथ धाम के प्रभारी अधिकारी/ मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान ने बताया है कि निवर्तमान रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी का विदाई सम्मान समारोह भी 14 जुलाई को संपन्न होगा. जिसमें मंदिर समिति पदाधिकारी,अधिकारी-कर्मचारी एवं तीर्थ पुरोहित सेवानिवृत्त रावल को विदाई देंगे.ल।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ के मुताबिक नायब रावल के रिक्त हो रहे पद पर नई नियुक्ति के लिए भी मंदिर समिति द्वारा तेजी से कार्रवाई की जा रही है. नायब रावल के पद पर नियुक्ति के लिए बीकेटीसी द्वारा केरल राज्य के दो प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञप्ति प्रकाशित की गई. आवेदन पत्रों के लिए 11 जुलाई अंतिम तिथि रखी गयी थी. प्राप्त आवेदन पत्रों की शीघ्र ही स्क्रीनिंग कर मंदिर समिति द्वारा योग्य उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा।

केंद्र सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाने का लिया निर्णय।

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*25 जून, 1975 को तत्कालीन सरकार द्वारा भारतीय संविधान का अपमान करते हुए देश पर आपातकाल थोपने का अत्यंत निंदनीय कृत्य किया गया था। सत्ता के घमंड में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी द्वारा संविधान की हत्या का दुस्साहस लोकतंत्र पर काले धब्बे के रूप में याद किया जाएगा।*

*केंद्र सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाने का लिया गया निर्णय स्वागत योग्य है। यह निर्णय आपातकाल के उस काले दौर में देश के लोकतंत्र की रक्षा करने हेतु अनेक यातनाएं सहकर भी तानाशाही का प्रतिकार करने वाले समस्त आंदोलनकारियों के महान योगदान का स्मरण कराएगा।*

दिल्ली में केदारनाथ मंदिर निर्माण का विरोध,केदारनाथ तीर्थ पुरोहित समाज में आक्रोश, केदारघाटी की जनता भी हुई लामबंद।

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दिल्ली में केदारनाथ मंदिर निर्माण का विरोध,
दिवंगत विधायक शैलारानी की मौत के दिन हुआ दिल्ली में केदारनाथ मंदिर का शिलान्यास,
केदारनाथ तीर्थ पुरोहित समाज में आक्रोश, केदारघाटी की जनता भी हुई लामबंद,
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ केदारघाटी में लगे नारे,
गढ़वाल-कुमाऊं की राजनीति करने का लगाया अरोप,
रुद्रप्रयाग। दिल्ली में केदारनाथ मंदिर निर्माण को लेकर तीर्थ पुरोहित समाज एवं केदारघाटी की जनता में आक्रोश पनप गया है। उनका कहना है कि दिवंगत केदारनाथ विधायक शैलारानी रावत के देहरादून में निधन के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उन्हें श्रद्धांजलि देने के तुरंत बाद सीधे दिल्ली गए और उन्होंने वहां केदारनाथ मंदिर निर्माण का शिलान्यास किया। केदारनाथ विधायक के अंतिम संस्कार से पहले इस तरह से केदारनाथ मंदिर का शिलान्यस करना, किसी दुर्भाग्य से कम नहीं है। वहीं केदारघाटी की जनता ने सीएम धामी पर गढ़वाल-कुमाऊं की राजनीति करने का भी आरोप लगाया। चारधाम महापंचायत के उपाध्यक्ष संतोष त्रिवेदी ने कहा कि केदारनाथ विधायक की मौत के बाद उनके अंतिम संस्कार होने से पहले ही सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली जाकर केदारनाथ धाम निर्माण को लेकर शिलान्यास किया। यह बड़े दुर्भाग्य की बात है कि केदारनाथ क्षेत्र की विधायक की मौत के दिन ही दिल्ली में मंदिर निर्माण का शिलान्यास किया गया। केदारनाथ धाम से शिला ले जाकर दिल्ली में स्थापित करके सीएम धामी ने धाम की परम्परा के साथ खिलवाड़ किया है। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।

केदारघाटी की जनता जहां दिल्ली में केदारनाथ धाम मंदिर निर्माण को लेकर आक्रोश मंें है, वहीं उन्होंने सीएम धामी पर गढ़वाल-कुमाऊं की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। युवा सामाजिक कार्यकर्ता पवन राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी गढ़वाल क्षेत्र के साथ भेदभाव कर रहे हैं। केदारनाथ धाम की यात्रा में पंजीकरण की अनिवार्यता करके हजारों तीर्थयात्रियों को कुमाऊं के धामों में भेजा गया। इससे केदारनाथ धाम की यात्रा में आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी कमी देखने को मिली। उन्होंने कहा कि गढ़वाल क्षेत्र के लोगों के रोजगार को लेकर सरकार ने कोई भी ठोस प्रयास नहीं किए हैं, जो रोजगार केदारनाथ धाम की वजह से है, उसे भी छिनने का प्रयास किया जा रहा है। केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को बेवजह कुमाऊं के मठ-मंदिरों में भेजा जा रहा है, जिससे गढ़वाल क्षेत्र के लोगों का रोजगार ठप हो गया है।

केदारनाथ की विधायक श्रीमती शैला रानी रावत का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ कालीमठ रोड विद्यापीठ त्रिवेणी घाट में किया गया

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*केदारनाथ की विधायक श्रीमती शैला रानी रावत का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ कालीमठ रोड विद्यापीठ त्रिवेणी घाट में किया गया*

*बेटी ऐश्वर्य रावत एवं भतीजा शैलेंद्र रावत ने दी श्रीमती शैला रानी रावत को मुखाग्नि*

*विधायक श्रीमती शैला रानी रावत की शव यात्रा एवं अंतिम दर्शनों को उमड़ा जन सैलाब*

*पुलिस के जवानों ने त्रिवेणी घाट में स्व. विधायक श्रीमती शैला रानी को दी अंतिम सलामी*

केदारनाथ विधायक श्रीमती शैला रानी रावत का विगत दिनों उपचार के दौरान मैक्स चिकित्सालय देहरादून में निधन हो गया था। निधन की खबर सुनते ही पूरे प्रदेश में शोक की लहर छा गई। श्रीमती शैला रानी रावत का पार्थिव शरीर देहरादून से उनके आवास अगस्त्यमुनि पहुंचाया गया। जहां पर जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रीय जनता एवं नाते रिस्तेदार उनके अंतिम दर्शनों के लिए पहुंचे तथा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
आज श्रीमती शैला रानी रावत का पार्थिव शरीर उनके आवास से आम जनता के दर्शनों के लिए अगस्त्यमुनि खेल मैदान में लाया गया जहां जनप्रतिनिधियों, प्रशासन के अधिकारियों, पार्टी कार्यकर्ताओं एवं आम जनमानस द्वारा उनके अंतिम दर्शन कर उनको श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर खेल मैदान में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय जनता अपने लोकप्रिय नेता के अंतिम दर्शनों को पहुंचे। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डाॅ. विशाखा अशोक भदाणे ने भी उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रीय जनता ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी तथा पुलिस के जवानों द्वारा विधायक श्रीमती शैला रानी रावत को अंतिम सलामी दी। श्रीमती शैला रानी रावत को उनकी पुत्री ऐश्वर्य रावत एवं भतीजा शैलेंद्र रावत ने मुखाग्नि दी।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी श्री महेंद्र भट्ट ने कहा कि स्व. शैला रानी रावत ने जिला पंचायत, विकासखंड प्रमुख तथा विधायक जनप्रतिनिधि के रूप में क्षेत्र का विकास किया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए जो सपना स्व. विधायक ने देखा है उसको साकार करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए परिजनों को दुख की इस घड़ी में शक्ति प्रदान करने की भी कामना की है।
जनपद प्रभारी मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा ने स्व. शैला रानी रावत के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि जनपद रुद्रप्रयाग सहित केदारनाथ घाटी के विकास को लेकर वह हमेशा प्रयासरत रहती थी। उन्होंने कहा कि मुझे रुद्रप्रयाग जनपद का प्रभारी मंत्री होने के कारण कई बार उनके साथ समय बिताने का अवसर मिलता रहता था। वह हर समय महिलाओं के सशक्तिकरण तथा युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए हमेशा चिंतित रहती थी। उन्होंने समाज सेवा के लिए जीवन भर संघर्ष किया है। उनके निधन से भाजपा परिवार सहित पूरे जनपद एवं केदारनाथ विधानसभा को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि स्व. विधायक ने विधानसभा के विकास के लिए जो सपने देखे हैं उन्हें पूरा करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने मृत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से कामना की है।

इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता व भाजपा नेता कुलदीप सिंह रावत ,पूर्व राज्य मंत्री बीना बिष्ट, जिला पंचायत सदस्य सुमन नेगी, सुशीला बर्त्वाल, कुलदीप कंडारी पूर्व प्रमुख ममता नौटियाल, वीरेंद्र बुटोला, कुंवर सजवान,ईश्वरी बिष्ट, विक्रम नेगी, माधुरी नेगी, भानु रावत, पपेन्द्र सिंह रावत, हीरा नेगी, हरिहर रावत, कुलदीप नेगी आजाद, हरपाल सिंह नेगी, दिलीप राणा , भारत भूषण भट्ट, विनोद देवशाली, रमेश बेंजवाल, विजय राना सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी उनके दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की

रुद्रप्रयाग पोखरी मोटर मार्ग बन रहे पुल के खम्बे से मजदूर गिर कर घायल।

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रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग पोखरी-मोटर मार्ग से बदरीनाथ हाईवे को जोड़ने वाले निर्माणाधीन पुल के खम्बे पर कार्य कर रहा भारत कस्ट्रक्शन कंपनी का एक मजदूर अचानक कार्य करते हुए नीचे गिर गया जिससे वह गंभीर घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही डीडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल मजदूर को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया गया है। मजदूर को गंभीर चोटें आई हैं। आपदा प्रबंधन के अनुसार ग्राम मकरा जिला धौलपुर राजस्थान का रहने वाला 30 वर्षीय जगज्योति उर्फ मोनू पुत्र लक्ष्मण सिंह का अस्पताल में उपचार चल रहा है।