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Friday, July 3, 2026
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शहीद नायब सूबेदार को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई,सूर्यप्रयाग घाट पर सैन्य सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार।

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रुद्रप्रयाग। जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले में हुए आतंकी हमले में रुद्रप्रयाग जनपद के कांडा भरदार निवासी नायब सूबेदार आनंद सिंह रावत का बुधवार को पैतृक घाट सूर्यप्रयाग में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता, जनप्रतिनिधि ने शहीद को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। शहीद आनंद को उनके बड़े बेटे मनीष और भाई कुंदन सिंह ने मुखाग्नि दी।

मंदाकिनी और लस्तर के संगम सूर्यप्रयाग में हुआ सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

बुधवार को शहीद का पार्थिक शरीर रायवाला ऋषिकेश से बाइ रोड रुद्रप्रयाग दोपहर डेढ़ बजे उनके गांव कांडा भरदार लाया गया। 6 ग्रेनेडियर के सीओ हितेष वशिष्ट एवं मेजर निखिल की मौजूदगी में 30 सदस्यीय दल द्वारा शहीद के पार्थिव शरीर को गांव में लाते ही माहौल गमगीन हो गया। यहां पहले से ही बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। जैसे ही सेना के जवानों द्वारा तिरंगे में लिपटा शहीद के पार्थिव शरीर का ताबूत गांव पहुंचा तो गांव में कोहराम मच गया। शहीद की पत्नी, मां और बच्चों ने रो-रोकर बुरा हाल कर दिया। शहीद की मां, पत्नी और बच्चों ने रोते बिलखते शहीद के पार्थिक शरीर के दर्शन किए। साथ ही पार्थिव शरीर पर लिपट गए। रोते बिलखते परिवार को अंतिम दर्शन के साथ ही गांव के लोगों ने दर्शन किए और इसके बाद सेना के जवानों के साथ ही बड़ी संख्या में जन सैलाब के साथ भारत माता की जय, शहीद आनंद सिंह अमर रहे, जब तक सूरज चांद रहेगा आनंद तेरा नाम रहेगा, आनंद तेरा यह बलिदान याद रखेगा हिन्दुस्तान के नारों के बीच पार्थिक शरीर को पैतृक घाट सूर्यप्रयाग लाया गया।

जम्मू कश्मीर में आतंकी हमले में रुद्रप्रयाग के नायब सूबेदार आनंद हुए शहीद

यहां पर 6 ग्रेनेडियर के अफसरों एवं प्रशासनिक अफसरों द्वारा पुष्प चक्र के साथ श्रद्धांजलि दी गई। पार्थिक शरीर को चिता में रखा गया जिसके बाद बड़े बेटे मनीष और भाई कुंदन सिंह रावत ने मुखाग्नि दी। इस दौरान पूरे सैन्य सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। बता दें कि नायब सूबेदार 41 वर्षीय शहीद आनंद सिंह रावत 22 गढ़वाल राइफल में तैनात थे, और 2001 में सेना में भर्ती हुए। बीते दिनों जम्मू कश्मीर में हुए आतंकी हमले में वे शहीद हो गए।

सेना द्वारा पार्थिव शरीर पहले गांव लाया गया जहां से जन सैलाब के साथ पहुंचा पैतृक घाट

इस मौके पर रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी, पुलिस अधीक्षक विशाखा अशोक भदाणे, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती, पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध घिल्डियाल, उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग आशीष घिल्डियाल, उप जिलाधिकारी जखोली भगत सिंह फोनिया, कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल, ब्लॉक प्रमुख जखोली प्रदीप थपलियाल, यूकेडी नेता मोहित डिमरी, जिपं उपाध्यक्ष सुमंत तिवारी, लक्ष्मण रावत, पूर्व प्रधान कांडा अमित रावत, धर्मेद्र कंडवाल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

केदारनाथ विधायक श्रीमती शैलारानी रावत ने ली मैक्स अस्पताल में अंतिम सांसे,।

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देहरादून से इस वक्त की बड़ी खबर

केदारनाथ विधायक श्रीमती शैलारानी रावत ने ली मैक्स अस्पताल में अंतिम सांसे,

देर शाम 10.30 बजे हुआ देहांत,

लम्बे समय से चल रही थी अस्वस्थ,

केदारनाथ विधायिका की मौत से सम्पूर्ण प्रदेश में मातम,

मैक्स अस्पताल देहरादून में चल रहा था ईलाज,

पिछले 2 दिन से वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रही थी

केदारनाथ विधायक शैलारानी दो दिन से मैक्स अस्पताल में वेंटिलेटर पर थीं। रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर के बाद हुई सर्जरी के बाद से वह उभर नहीं पाई थी।

वर्ष 2017 में विस चुनाव प्रचार के दौरान शैलारानी रावत गिर गई थीं, जिससे उन्हें आंतरिक चोट आई थी। चोट से मांस फटने के कारण उन्हें कैंसर भी हो गया था। करीब तीन वर्ष तक चले इलाज के बाद वह स्वस्थ्य होकर अपने घर लौटी और फिर से राजनीति में सक्रिय हो गईं।

कुछ माह पूर्व ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ की सीढ़ियों से गिरने के कारण उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर आ गया था। परिजनों द्वारा उन्हें हायर सेंटर ले जाया गया, जहां उनकी सर्जरी की गई, पर वह सफल नहीं हो पाईं। दो दिन से वह जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही थीं।

शहीद सूबेदार आनंद सिंह रावत के गांव कांडा भरदार में छाया मातम।

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रुद्रप्रयाग ।।जम्मू कश्मीर में आतंकी हमले उत्तराखण्ड के पांच शहीदों में सूबेदार आनन्द सिंह रावत के शहीद होने की खबर से जनपद रुद्रप्रयाग से लेकर गांव में गमहिंन माहौल देखने को मिल रहा है शहीद आनंद सिंह अपने पीछे दो बच्चे पत्नी व 72 वर्षीय बुजुर्ग माता को हमेशा के लिए छोड़ चले है ।
शहीद के घर मे पत्नी ,भाभी ,मां पल पल में चीखती हुई व बेहोशी की हालत में दिखाई दे रहे है ।वही उनके सहपाठियों व परिवार वाला का कहना है कि आनन्द सिंह बचपन से ही बड़े मिलसार व्यक्तित्व वाले व्यक्ति थे गांव के हर सामाजिक कार्यो में छुट्टी लेकर सम्मलित हो जाते थे।और इन्होंने अपनी प्राम्भिक पढ़ाई गांव से व हाईस्कूल व इंटर की पढ़ाई राजकीय इंटर कालेज तिलकनगर से पाई है ।जेसीओ आनंद सिंह एक जनवरी 2001 को भर्ती हुई थे ट्रेनिग के बाद इन्हें 22 गढ़वाल राइफल में पोस्टिंग किया गया दो वर्ष पूर्व की ये नायब सूबेदार पद पर पदोन्नत हुए थे।24 वर्ष भारतीय सेवा में रहने के बाद 8 जुलाई दोपर को जम्मू कश्मीर में आतंकियों ने घातक लगा कर गोलियों से छलनी कर दिया और हमेशा के लिए मां भारती की रक्षा के लिए शहीद हो गए। आनंद सिंह बासिंग के खिलाड़ी थे साउथ अफ्रीका से अपने बतालिन के लिए पदक लेके आये थे।6 माह पूर्व ये छुट्टी के दौरान गांव में आकर सभी परिवार जनों के साथ साथ अपने दोस्तों को मिल कर गए और सेवानिवत्त के बाद गांव में ही रहने का वादा कर गए थे। उनके शहीद होने की खबर व बच्चों के देहरादून से अपने गांव कांडा पहुंचने के गांव महिला व बच्चे बुजुर्ग उनके दुख में शामिल होने के लिए उनके घर पहुंच कर परिवार जनों को हिम्मत बाधने की बाते कह रहे है।

 

अपडेट :जम्मू कश्मीर में आतंकी हमले में शहीद होने वाले सभी जवान उत्तराखंड के हैं

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अपडेट*

जम्मू कश्मीर में आतंकी हमले में शहीद होने वाले सभी जवान उत्तराखंड के हैं

आतंकी हमले में पांच जवान शहीद हो गए हैं

शहीद होने वालों में सूबेदार आनंद सिंह कांडा भरदार रुद्रप्रयाग के हैं

हवलदार कमल सिंह, लैंसडाउन पौड़ी गढ़वाल के हैं

राइफल मैन अनुज नेगी, रिखणीखाल पौड़ी गढ़वाल के हैं

राइफलमैन आदर्श नेगी, कीर्तिनगर टिहरी गढ़वाल के हैं

नायक विनोद सिंह, जखणीधार टिहरी गढ़वाल के हैं

जम्मू कश्मीर आतंकी हमले में रुद्रप्रयाग का लाल नायब सूबेदार आनन्द सिंह रावत देश के लिए शहीद।

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रुद्रप्रयाग ।।देश की रक्षा करते हुए रुद्रप्रयाग जनपद के ग्राम कांडा भरदार के वीर सपूत नायब सूबेदार आनंद सिंह रावत शदीद हो गए ।शदीद आनंद सिंह रावत 6 माह पूर्व अपने गांव छुट्टी पर आए थे और वर्तमान में जम्मू कश्मीर में तैनात थे ।आनंद सिंह रावत का परिवार वर्तमान में देहरादून में रहते है उनके बड़े भाई और मां गांव में ही रहते है ।

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में आतंकवादियों और सेना के जवानों के बीच सोमवार को भीषण मुठभेड़ हुई. इस घटना में सेना के 5 जवान शहीद हो गए और 5 अन्य घायल हो गए. गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर का कठुआ जिला पंजाब के पठानकोट जिले से सटा हुआ है. पूरे घटनाक्रम पर सेना के सूत्रों ने कहा है कि आतंकियों की तरफ से पहले हमले किए गए, जवान की तरफ से जवाबी कार्रवाई की गयी. सेना के अधिकारियों ने बताया कि यह घटना कठुआ शहर से 150 किलोमीटर दूर लोहई मल्हार स्थित बदनोता गांव में हुई, जब सेना के कुछ वाहन इलाके में नियमित गश्त पर थे उसी समय आतंकियों ने उन्हें निशाना बनाया

टिहरी गढ़वाल का लाल आदर्श नेगी जम्मू कश्मीर आतंकी हमले में शहीद।

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भारतीय सेना के जवान अपनी जान की परवाह किए बिना दुश्मनों के सामने पहाड़ की तरह तनकर खड़े हो जाते हैं। अब उत्तराखंड के आदर्श नेगी भी आतंकियों से लोहा लेते हुए बलिदानी हो गए। उनकी शहादत की खबर सुनने के बाद पूरे गांव में सन्नाटा छा गया। आदर्श नेगी के घर पर लोगों का तांता लग गया। उनके पिता किसान हैं।

घर में थे सबसे छोटे

26 वर्षीय आदर्श टिहरी जिले के कीर्तिनगर ब्लॉक के थाती डागर गांव के रहने वाले थे।उनके पिता दलबीर सिंह नेगी गांव में ही खेतीबाड़ी का काम करते हैं।आदर्श ने बारहवी तक की पढ़ाई राजकीय इंटर कॉलेज पिपलीधार से हुई। 2019 में वह गढ़वाल राइफल्स में भर्ती हो गए। उस दौरान वह गढ़वाल विश्वविद्यालय से बीएससी द्वितीय वर्ष थे।

एक भाई चेन्नई में करता है नौकरी

आदर्श तीन भाई बहन में सबसे छोटे थे। उनकी बहन की शादी हो चुकी है और भाई चेन्नई में नौकरी करता है।वह इसी साल फरवरी में अपने ताऊ के लड़के की शादी में घर आए थे। सोमवार देररात उनके बलिदान होने की खबर स्वजन को दी गई। यह जानकारी मिलते ही उनके घर में मातम छा गया।

मौसम के बिगड़ते हालात को देखते हुए स्थानीय आधार पर भी अवकाश किया जा सकता है घोषित , आदेश हुआ जारी।

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देहरादून)-उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब मुसीबत का सबब बनती जा रही है। घनघोर बरसात से राज्य में मुसीबत बढ़ गई है। बीते तीन दिनों की बात करें तो भूस्खलन समेत अन्य कारणों के चलते हर दिन मैदानी और पर्वतीय इलाकों में कई मार्ग बंद हो रहे हैं।कई जगहों पर भारी जलभराव की स्थिति है तो वहीं भू स्खलन से पर्वतीय इलाकों में हालात खराब होते नज़र आ रहे हैं। कुमाऊं मंडल के जिलों में नदी नाले उफान पर हैं। भारी बारिश से कई इलाकों में बाढ़ जैसे मंज़र दिखाई दिए हैं।

हालातों के मद्देनजर शिक्षा विभाग ने नया आदेश जारी किया है।

दैवीय आपदा से बचाव हेतु आवश्यक दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में।

जारी पत्र उपर्युक्त विषयक महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा, उत्तराखण्ड, देहरादून के स्तर से गत वर्ष संख्या/म.नि./2299-2303/विविध/आ.प्र./2023-24/ दिनांक 22 जुलाई 2023 के द्वारा निर्देशित किया गया था कि प्रदेश में भारी वर्षा, आपदा एवं भूस्खलन आदि के सम्बन्ध में सुरक्षा के दृष्टिगत स्थानीय परिस्थिति एवं विद्यालय की भौतिक स्थिति के आधार पर तात्कालिक निर्णय लिये जाने आवश्यक है। उक्त के दृष्टिगत दिनांक 06 जुलाई 2024 को महानिदेशक महोदय द्वारा वर्चुअल बैठक में निम्नांकित बिन्दुओं के अनुसार कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गये हैं।

सम्बन्धित उप जिलाधिकारी/विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान की समीक्षा एवं विवेकपूर्ण निर्णय लेते हुए अतिवृष्टि एवं प्रतिकूल परिस्थितियों के दृष्टिगत स्थानीय आवश्यकतानुसार विकासखण्ड/जनपद के अवकाश हेतु मुख्य शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी के अनुमोदनोपरान्त तत्काल अवकाश हेतु निर्णय लिया जाय। बच्चों के निवास स्थान से विद्यालय आवागमन नदी नाले उफान में होने, बाढ, व भूस्खलन की सम्भावना होने की स्थिति प्रतीत होती हो तो उक्त क्षेत्र के छात्र-छात्राओ हेतु ऑनलाईन शिक्षण सुविधा प्रदान करते हुए विद्यालय में भौतिक रूप से उपस्थिति की बाध्यता को शिथिल किया जाय।

विद्यालय में जर्जर भवनों / कक्षों, आस-पास के परिवेश, विद्यालय के निकट भूस्खलन, जर्जर छत, किचन, जर्जर पेड़, विद्युत लाईन कनेक्शन, स्विच बोर्ड एवं आदि अन्य शिक्षण स्थलों का समग्र रूप से अवलोकन करते हुए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाय।

जर्जर भवनों में पठन-पाठन कदापि न कराया जाय। यदि निकट परिसर में सुरक्षित पंचायत भवन / अन्य राजकीय भवन उपलब्ध होता हो तो उस स्थल का समुचित निरीक्षण करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।

संस्थाध्यक्ष एवं कक्षाध्यापकों द्वारा प्रत्येक अभिभावक का मोबाईल नम्बर अवश्य प्राप्त कर लिया जाय, ताकि उनके पाल्यों के पठन-पाठन, अवकाश आदि के सम्बन्ध में आवश्यकतानुसार यथासमय जानकारी दी जा सके।

अतिविशेष परिस्थिति में प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक स्वविवेक से निर्णय लेते हुए अपने उप जिलाधिकारी / खण्ड शिक्षा अधिकारी से दूरभाष पर वार्ता के पश्चात् उनकी सहमति की दशा में विद्यालय में अवकाश कर सकते हैं. जिसकी सूचना तहसील स्तरीय आपदा कंट्रोल रूम एवं खण्ड शिक्षा अधिकारी एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय को देंगे। अध्यापक छात्रों से विद्यालय पहुँचें पहले तथा अवकाश के दौरान छात्रों को उनके निवास सुरक्षित पहुँचाने की स्थिति भी सुनिश्चित करेंगे। अतः उपरोक्त बिन्दुओं की ओर आपका व्यक्तिगत ध्यान आकर्षित करते हुए निर्देशित किया जाता है कि प्रकरण की गम्भीरता एवं छात्र सुरक्षा के मध्यनजर प्रतिकूल स्थानीय मौसम के अनुसार विद्यालय संचालन करना सुनिश्चित करेंगे।

मौसम विभाग का अपडेट नो जिलों में भारी बारिश की चेतावनी।

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मौसम अपडेट – अगले 24 घंटों में देहरादून,हरिद्वार,रुद्रप्रयाग,टिहरी गढ़वाल,अल्मोडा,चमोली,पौड़ी,उत्तरकाशी में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

Issued by : IMD Dehradun
Issued on : 08 Jul, 14:00
Validity Time : 09 Jul, 14:00
Alert generated through CAP-SACHET.

रुद्रप्रयाग गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग डोलिया देवी के पास फिर हुआ बाधित।

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रुद्रप्रयाग।केदारनाथ जाने का मुख्य मार्ग एक बार फिर से3 बाधित हो गया है आज दोपर के बाद ऊपर चट्टान से भारी भरकम पत्थर आने से मार्ग बन्द हो गया ।जिससे केदारनाथ आने जाने के साथ फाटा के आस पास गांवों के साथ साथ रामपुर ,सीतापुर,गौरीकुंड के स्थानीय लोगो आने जाने में मुशीबतों का सामना करना पड़ रहा है।सभी वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है। सड़क मार्ग को सम्बन्धित कार्यदायी संस्था के स्तर से मार्ग खोले जाने के प्रयास जारी हैं।

बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर हनुमान चट्टी के पास घुडसिल में एक एक्सावेटर मशीन के ऊपर पहाड़ी से भारी बोल्डर गिरने से मार्ग अभी भी अवरुद्ध है।

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चमोली- बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर हनुमान चट्टी के पास घुडसिल में एक एक्सावेटर मशीन के ऊपर पहाड़ी से भारी बोल्डर गिरने से मार्ग अभी भी अवरुद्ध है।

जोशीमठ तहसील प्रशासन की ओर से यहां पर दोनों तरफ रुके तीर्थ यात्रियों को पानी, बिस्कुट, नमकीन, शीतल पेय और जरूरी राहत सामग्री बांटने के साथ मार्ग को सुचारू करने का काम किया जा रहा है।

वोल्डर से दबी एक्सावेटर मशीन को निकालने और सड़क से बोल्डर हटाने का काम जारी है। जल्द ही मार्ग को यातायात के लिए सुचारू कर लिया जाएगा।