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Friday, July 3, 2026
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बद्रीनाथ धाम में वीआईपी कल्चर समाप्त करने की मांग को लेकर स्थानीय निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया शुरू ।

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टॉप। बद्रीनाथ
।। बद्रीनाथ धाम में वीआईपी कल्चर समाप्त करने की मांग को लेकर स्थानीय निवासियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। स्थानीय निवासियों के साथ पंडा पुरोहित, हक हाकुकधारी और व्यापार सभा के लोगो ने गेट नंबर 3 पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया है। सुबह से बद्रीनाथ धाम में सभी लोग शासन प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बामणी गांव जाने वाले पैदल रास्ते पर वीआईपी दर्शन के लिए एक कार्यालय बनाया गया है। जिससे वहां पर गांव की तरफ जाने वाले लोगों के मार्ग को बंद कर दिया गया है। गांव के लोगों को इस रास्ते से गुजरने नहीं दिया जा रहा है। प्रशासन की लापरवाही की वजह से आम जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे में सभी ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और स्थानीय लोगों ने मंदिर समिति पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मंदिर समिति के द्वारा बद्रीनाथ धाम में सभी अव्यवस्थाएं की गई है । जिला प्रशासन भी बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले धाम में व्यवस्था बनाने में फैल रहा। जिससे तीर्थ यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विरोध प्रदर्शन करने वालों ने मांग कि है कि vip कल्चर समाप्त कर पिछले साल vip दर्शन कराने वालो के नाम सार्वजनिक किए जाए।

 

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने किए बाबा केदारनाथ के दर्शन।

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*राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने किए बाबा केदारनाथ के दर्शन*

*राज्यपाल ने धाम को प्लास्टिक मुक्त करने के लिए सभी से सामुहिक प्रयास करने का कि अपील*

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) रविवार को बाबा केदारनाथ के दर्शनों को केदारनाथ धाम पहुचें। उन्होंने बाबा केदारनाथ का रुद्राभिषेक कर बाबा की विशेष पूजा अर्चना कर विश्व एवं जन कल्याण के कामना की। इस दौरान उन्होंने केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का की समीक्षा भी की। राज्यपाल ने धाम को प्लास्टिक मुक्त करने के लिए सभी से सामुहिक प्रयास करने का कि अपील की।

एक दिवसीय दौरे पर बाबा केदारनाथ धाम के दर्शनों को पहुंचे राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) का जिलाधिकारी डॉ सौरभ गहरवार एवं पुलिस अधीक्षक डॉ विशाखा वीआईपी हैलीपैड पर स्वागत किया। ड्यूटी पर मौजूद सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का अभिनंदन करने के बाद राज्यपाल तीर्थ पुरोहित समाज एवं मुख्य पुजारी से मिले। इसके बाद बाबा केदारनाथ मंदिर में प्रवेश कर विशेष पूजा अर्चना कर संपूर्ण विश्व एवं मानवता के कल्याण की कामना की। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड के सतत विकास के लिए भी बाबा केदार से आशीर्वाद मांगा। पूजा अर्चना के बाद राज्यपाल ने मंदिर प्रांगण में खड़े श्रद्धालुओं का अभिवादन कर बाबा केदार के जयकारे भी लगवाए। उन्होंने श्रद्धालुओं से रूबरू होते हुए उनकी यात्रा एवं व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।
राज्यपाल ने जिलाधिकारी एवं श्रद्धालुओं से वार्ता करते हुए केदारनाथ धाम एवं पूरी यात्रा
को प्लास्टिक फ्री बनाने का आह्वान किया। जिलाधिकारी को इस ओर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जिलाधिकारी से केदारपुरी में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। जिलाधिकारी ने उन्हें विभिन्न चरणों में केदार घाटी में चल रहे विकास कार्यों की रिपोर्ट पेश करते हुए आने वाले समय में होने वाले कार्यों की जानकारी भी उपलब्ध करवाई। श्री केदारनाथ धाम की यात्रा को सुगम और सुव्यवस्थित बनाने में अपना योगदान दे रहे स्वच्छता कर्मचारियों, डॉक्टर्स की टीम, जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और मंदिर समिति के सभी लोगों की सराहना करते हुए सभी को और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

 

*भू-बैकुंठ बदरीनाथ धाम के खुले कपाट। हजारों श्रद्धालु बने पावन अवसर के साक्षी।

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*चमोली

*भू-बैकुंठ बदरीनाथ धाम के खुले कपाट। हजारों श्रद्धालु बने पावन अवसर के साक्षी।*

*कपाट खुलते ही धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब। नारायण के जयकारों से गूंज उठी बदरीशपुरी।*

*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं को दी शुभकामनाएं।*

विश्व प्रसिद्ध भगवान श्री बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 12 मई को शुभ मुहूर्त पर सुबह 6ः00 बजे पूरे विधि विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खुल गए है। हजारों भक्त इस पावन पल के साक्षी बने। बदरीनाथ कपाट खुलने के मौके पर पहले दिन विशेष पूजा अर्चना की गई। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट खुलने के शुभ अवसर पर समस्त श्रद्धालुओं को बधाई दी है।
बदरीनाथ धाम में ब्रह्म बेला पर सुबह चार बजे से कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हुई। हल्की बारिश के बीच आर्मी बैंड एवं ढोल नगाडो की मधुर धुन और स्थानीय महिलाओं के पारम्परिक संगीत और नृत्य के साथ भगवान बद्री विशाल की स्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के साथ कुबेर जी, श्री उद्धव जी एवं गाडू घडा दक्षिण द्वार से मंदिर में परिसर में लाया गया। इसके बाद मंदिर के मुख्य पुजारी रावल समेत धर्माधिकारी, हक हकूकधारी एवं श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों द्वारा प्रशासन एवं हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में विधि विधान के साथ मंदिर के कपाट खोले गए। मुख्य पुजारी वीसी ईश्वर प्रसाद नंबूदरी ने गर्भगृह में भगवान बद्रीनाथ की विशेष पूजा-अर्चना करते हुए सबके लिए मंगलमय की कामना की। इसके साथ ही ग्रीष्मकाल के लिए बद्रीनाथ के दर्शन शुरू हो गए है। पहले दिन ही हजारों श्रद्धालुओं ने बद्रीनाथ में अखण्ड ज्योति एवं भगवान श्री बद्रीनाथ के दर्शनों का पुण्य अर्जित किया। कपाटोद्घाटन के अवसर पर बद्रीनाथ मंदिर को 15 कुंतल फूलों से सजाया गया था।

कपाट खुलने के एक दिन पूर्व से ही बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का पूरी तरह से आगाज हो गया है।

कपाट खुलने के अवसर पर श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार, सीडीओ अभिनव शाह, बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी योगेन्द्र सिंह, उपाध्यक्ष किशोर पंवार, धर्माधिकारी राधा कृष्ण थपलियाल, एसडीएम चंद्रशेखर बशिष्ठ, ईओ सुनील पुरोहित सहित मंदिर समिति के अन्य पदाधिकारी, सदस्य, हक हकूकधारी एवं बडी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

*भू-बैकुंठ धाम में अन्य तीर्थ स्थलों पर भी जुटने लगी श्रद्धालुओं की भीड।*
बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही भू-वैकुण्ठ धाम के आसपास तप्तकुण्ड, नारद कुण्ड, शेषनेत्र झील, नीलकंठ शिखर, उर्वशी मन्दिर, ब्रह्म कपाल, माता मूर्ति मन्दिर तथा देश के प्रथम गांव माणा, भीमपुल, वसुधारा जलप्रपात एवं अन्य ऐतिहासिक व दार्शनिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की भीड़ जुटने लगी है।

*पिछले आठ सालों में इतने यात्री पहुंचे बद्रीनाथ धाम।*
विगत वर्षों में लाखों श्रद्धालु बद्रीनाथ की यात्रा कर चुके है। पिछले आंकड़ों पर नजर डाले तो वर्ष 2016 में 654355, वर्ष 2017 में 920466 तथा वर्ष 2018 में 1048051, वर्ष 2019 में 1244993 तथा वर्ष 2020 में 155055 श्रद्धालु बद्रीनाथ पहुॅचे। वर्ष 2021 में कोरोना संकट के कारण 197997 श्रद्धालु ही बदरीनाथ पहुॅचे। जबकि कोरोना महामारी पर नियंत्रण के बाद विगत वर्ष 2022 में 1763549 और 2023 में रिकार्ड 1839591 श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुॅचे। इस बार शुरुआत में ही रिकॉर्ड पंजीकरण के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु बदरीनाथ पहुंचने लगे है।

तोताघाटी के पास हुआ सड़क हादसा.एक भारी भरकम बोल्डर गिरा श्रद्धालुओं के वाहन के ऊपर।

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भगवान केदारनाथ के कपाट खुलने के बाद से देश भर से तीर्थ यात्री बड़ी संख्या में उत्तराखंड आ रहे हैं. दूसरी तरफ उत्तराखंड के कुछ जगहों पर बारिश भी हो रही है, जिस कारण लैंडस्लाइड की घटनाएं भी रिकॉर्ड की जा रही है. ऋषिकेश-बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर तोताघाटी के पास हादसा हुआ है. यहां एक भारी भरकम बोल्डर श्रद्धालुओं के वाहन के ऊपर गिर गया।

शनिवार को तोताघाटी के पास आज सुबह बोल्डर यात्रियों के वाहन के ऊपर गिर गया. जिस कारण वाहन की छत दब गई और वाहन में बैठे चार लोग घायल हो गए. स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना तुरंत बछेली खाल चौकी को दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को वाहन से बाहर निकालते हुए चारों लोगों को 108 के माध्यम से बेस अस्पताल श्रीकोट भर्ती कराया. जहां चारों लोगों का इलाज किया जा रहा है। बछेली खाल चौकी प्रभारी महेंद्र राणा ने बताया कि दिल्ली से केदारनाथ जा रहे वाहन के ऊपर तोता घाटी के समीप बोल्डर गिरने की घटना हुई है. वाहन में सवार सभी चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. जिन्हें पुलिस की मदद से बेस अस्पताल श्रीनगर पहुचांया गया. सभी का इलाज जारी है.

घायलों की पहचान 41 वर्षीय सुमित पुत्र लाल सिंह अशोक नगर दिल्ली, 42 वर्षीय विजय कुमार पुत्र हुकुम सिंह निवासी टैगोर नगर दिल्ली, 38 वर्षीय नरेश पुत्र खेम सिंह जेजे कॉलोनी दिल्ली, 42 वर्षीय वेद प्रकाश पुत्र अर्जुन दास उम्र 42 निवासी दिल्ली के रूप में हुई है।

श्री केदारनाथ धाम क्षेत्र में पहुंचे नशेड़ियों पर रुद्रप्रयाग पुलिस की ताबड़तोड़ कार्यवाही।

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*श्री केदारनाथ धाम क्षेत्र में पहुंचे नशेड़ियों पर रुद्रप्रयाग पुलिस की ताबड़तोड़ कार्यवाही

*अलग-अलग स्थानों पर नशे का सेवन कर रहे कुल 10 लोगों का पुलिस अधिनियम में किया गया चालान, ऐसे लोगों को सख्त हिदायत देकर छोड़ा गया

*अपने कृत्यों की गलती मानकर मांगी गयी माफी

बाबा केदार के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुल गये हैं। श्रद्धालुओं के साथ कुछ नशेड़ी प्रकृति के लोग भी धाम में पहुंचकर नशा इत्यादि का सेवन करते हैं। ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध आज पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग की अगुवाई में समस् केदारपुरी में ऑपरेशन मर्यादा अभियान चलाया गया। इस दौरान धाम परिसर में नशा इत्यादि का सेवन कर रहे व्यक्तियों के चिन्हीकरण व धरपकड़ की कार्यवाही की गयी। ऐसे लोगों ने उनको धाम क्षेत्र में आकर नशे का सेवन न करने की जानकारी न होने तथा अपने गलत कृत्य की माफी मांगते हुए निकट भविष्य में नशे का सेवन न संकल्प लिया गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर चौकी प्रभारी केदारनाथ ने अब तक 10 लोगों का पुलिस अधिनियम के तहत चालान किया गया। पुलिस के स्तर से यह कार्यवाही आगे भी जारी रखी जायेगी। इस धरपकड़ अभियान में पुलिस उपाधीक्षक केदारनाथ यात्रा श्री अविनाश वर्मा, पुलिस उपाधीक्षक गुप्तकाशी श्रीमती हर्षवर्धनी सुमन, प्रतिसार निरीक्षक (आर0आई0) विकास पुंडीर व केदारनाथ में नियुक्त पुलिस बल उपस्थित रहा।

 

भकुंट भैरवनाथ जी के कपाट खुले,आज से केदारनाथ में संध्याकालीन आरती प्रांभ।

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श्री केदारनाथ धाम

  1. •भकुंट भैरवनाथ जी के कपाट खुले।

• श्री केदारनाथ: कपाट खुलने के बाद दूसरे दिन दोपहर तक चालीस हजार से अधिक श्रद्धालु कर चुके दर्शन

केदारनाथ: 11 मई। श्री केदारनाथ धाम के रक्षक भकुंट भैरवनाथ के कपाट आज अपराह्न विधि विधान पूजा अर्चना पश्चात खुल गये है। बीते कल शुक्रवार को श्री केदारनाथ के कपाट खुले।
परंपरा रही है कि श्री केदारनाथ जी के कपाट खुलने के बाद शनिवार अथवा मंगलवार को श्री भैरव नाथ जी के कपाट खुलते है उसके बाद श्री केदारनाथ धाम में आरतियां सहित प्रसिद्ध शांयकालीन आरती शुरू हो जाती है। बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गोड़ के मुताबिक कल कपाट खुलने से आज शनिवार दोपहर तक चालीस हजार से अधिक तीर्थयात्री श्री केदारनाथ धाम में दर्शन कर चुके है। कपाट खुलने के दिन 29030( उनतीस हजार तीस) तीर्थयात्रियों ने दर्शन किये।

मान्यता है श्री भैरवनाथ को श्री केदारनाथ का रक्षक कहते है भैरव नाथ भगवान शिव के गणों में से प्रबल शक्तिशाली है।
आज श्री भैरव नाथ जी के कपाट खुलते समय श्री केदारनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी शिवशंकर लिंग सहित हक हकूक धारियों तीर्थ पुरोहितों की उपस्थिति में कपाट खुलने के बाद यज्ञ- हवन, पूजा- अर्चना हुई तथा भैरवनाथ जी के पश्वा अवतरित हुए तथा यात्रा की कुशलता का आशीर्वाद दिया।

इस अवसर पर बीकेटीसी सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, केदारसभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, विनोद शुक्ला, कार्याधिकारी आरसी तिवारी, धर्माधिकारी ओंकार शुक्ला, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, वेदपाठी यशोधर मैठाणी, स्वयंबर सेमवाल,भैरवनाथ जी के पश्वा अरविंद शुक्ला, प्रबंधक प्रदीप सेमवाल, कुलदीप धर्म्वाण, प्रबल सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।

भारतीय सेना के जवान की दर्दनाक मौत,क्षेत्र में छाई शोक की लहर।

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चमोली।।भारतीय सेना के जवान की दर्दनाक मौत,क्षेत्र में छाई शोक की लहर।बड़ी ही दुखद खबर चमोली जनपद के देवाल विकास खंड से आई है जहां एक वाहन दुर्घटना में बत्तीस वर्षीय भारतीय सेना के जवान की दर्दनाक मौत हो गई है जिससे जवान के परिवार में कोहराम मच गया है जबकि पूरे क्षेत्र में गहरी शोक की लहर छा गई है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार देर रात करीब साढ़े नौ बजे के आसपास देवाल-सुयालकोट-मानमती मोटर मार्ग पर रैन एवं गरसूं गांव के बीच एक कार वाहन संख्या यूके 07-एफ एफ 0499 अनियंत्रित होकर पहाड़ी से नीचे गहरी खाई में गिरकर पिंडर नदी में समा गई जिसमें रैन गांव निवासी एवं भारतीय सेना के 14 गढ़वाल राइफल में तैनात 32 वर्षीय जवान प्रमोद सिंह पुत्र महिपाल सिंह बिष्ट की दर्दनाक मौत हो गई।मृत जवान की पोस्टिंग लद्दाख में बताई जा रही है और वे अभी अवकाश पर अपने घर आए हुए थे लेकिन उनके साथ यह बड़ी अप्रिय घटना घट गई जिससे उनके घर परिवार में मातम छा गया।

बुधवार देर रात को रैन गांव के ग्रामीणों को गांव के पास बड़ी आवाज सुनाई दी तो सभी आवाज की तरफ दोडे तो देखा कि एक कार नीचे पिंडर नदी में समा रखी है। लोगों ने पहाड़ी से नीचे उतर कर कार को पहचान लिया और लापता जवान को खोजने लगे लेकिन अंधेरा और नदी का पानी मटमैला होने के कारण ग्रामीणों को सफलता नहीं मिली।

ग्रामीणों की सूचना पर देवाल पुलिस,राजस्व विभाग एवं एनडीआरएफ तथा एसडीआरएफ की कड़ी मशक्कत के बाद जवान का शव कार के नीचे दबा हुआ मिला। पुलिस और राजस्व प्रशासन ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामे की कार्रवाई करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक जवान अपने पीछे माता पिता, पत्नी,एक डेढ़ वर्षीय बालक तथा भाई को छोड़ गए हैं।

केदारनाथ धाम यात्रा की आड़ में शराब तस्करी करने वालों पर रुद्रप्रयाग पुलिस की रहेगी नजर।

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*केदारनाथ धाम यात्रा की आड़ में शराब तस्करी करने वालों पर रुद्रप्रयाग पुलिस की रहेगी नजर*

*यात्रा के शुरूआत में ही अवैध शराब की बिक्री करने वाले को धर दबोचा, शराब बिक्री से कमाये पैसे भी किये गये जब्त

जनपद में प्रतिवर्ष होने वाली श्री केदारनाथ धाम यात्रा हरेक विभागों, स्टेकहोल्डर्स, व्यापारियों के सहयोग से चलती है। परन्तु इसी यात्रा के बीच कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो कि यात्रा की आड़ में गलत कार्यों जैसे शराब तस्करी, नशे का कारोबार में लिप्त रहते हैं। पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग ने यात्रा से पूर्व की गयी ब्रीफिंग एवं आयोजित हुई अपराध समीक्षा गोष्ठी के दौरान सभी थाना व चौकी प्रभारियों को निर्देश दिये गये थे कि इस बार की यात्रा से पूर्व अवैध तरीके से शराब का भण्डारण, विक्रय, तस्करी करने वालों पर सतर्क दृष्टि रखते हुए प्रभावी कार्यवाही करेंगे। प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुपालन में पुलिस उपाधीक्षक गुप्तकाशी के पर्यवेक्षण में थाना गुप्तकाशी पुलिस ने एक व्यक्ति को अवैध शराब का विक्रय करने की सूचना पर धर दबोचा। उक्त व्यक्ति हरीश लाल पुत्र श्री महेशा लाल निवासी ग्राम ब्यूंगगाड़, थाना गुप्तकाशी के कब्जे से कुल 20 पव्वे (क्वार्टर) व 12 अद्दे (हाफ) सोलमेट व्हिस्की बरामद हुई तथा शराब विक्रय कर कमाये गये रूपये 25680 नगद बरामद हुए। इसके विरुद्ध थाना गुप्तकाशी पर आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक कार्यवाही की गयी है। जनपद पुलिस के स्तर से नशे का कारोबार करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की जायेगी। गत वर्ष के यात्रा काल में जनपद रुद्रप्रयाग पुलिस के स्तर से आबकारी अधिनियम के कुल 103 अभियोग पंजीकृत किये गये थे, जिनमें 131 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था व कुल 4750 बोतल शराब, 72 बीयर व 5 लीटर कच्ची शराब की बरामदगी की गयी थी, जिनका अनुमानित मूल्य तकरीबन उनत्तीस लाख रहा था।

 

 

विधि- विधान से खुले ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट ,प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित गणमान्य बने कपाट खुलने के साक्षी

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विधि- विधान से खुले
ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट

• प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित गणमान्य बने कपाट खुलने के साक्षी

केदारनाथ/रूद्रप्रयाग 10 मई। विश्वप्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट जय बाबा केदारनाथ के उदघोष तथा सेना के ग्रेनेडियर रेजीमेंट की बैंड की भक्तिमय धुनों के बीच इस यात्रा वर्ष आज 10 मई को ठीक 7 बजे विधि- विधान से खुल गये है। इस अवसर पर दस हजार से अधिक श्रद्धालु कपाट खुलने के गवाह बने।

प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कपाट खुलने के अवसर पर विशेषरूप से मौजूद रहे उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को बधाई दी देश‌ एवं प्रदेश की खुशहाली की कामना की। कहा कि इस बार चारधाम यात्रा नया कीर्तिमान बनायेगी प्रदेश सरकार तीर्थयात्रियों की सुविधा हेतु प्रतिबद्ध है। इस दौरान सात हजार से अधिक श्रद्धालु कपाट खुलने के साक्षी बने मंदिर को 20 क्विंटल से अधिक फूलोंं से सजाया गया था साथ ही कपाट खुलते समय तीर्थयात्रियों पर आकाश से हैलीकाप्टर द्वारा फूलवर्षा हुई।तथा श्रद्धालुओं के लिए जगह – जगह भंडारे आयोजित किये गये थे।
मुख्य सेवक भंडारा कार्यक्रम समिति ने भी भंडारें आयोजित किये।


आज केदारनाथ में मौसम साफ रहा। आस-पास तथा दूर बर्फ होने से सर्द बयारें चलती रही।
कपाट खुलने की प्रक्रिया के तहत कल बृहस्पतिवार 9 मई शाम को भगवान केदार नाथ की पंचमुखी उत्सव मूर्ति पंचकेदार गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से विभिन्न पड़ावों गुप्तकाशी, फाटा,गौरीकुंड से होते हुए श्री केदारनाथ धाम पहुंच गयी थी।
आज शुक्रवार प्रातः चार बजे से मंदिर परिसर तथा दर्शन पंक्ति में यात्रियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था उसके बाद बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय रावल भीमांशंकर लिंग, मुख्यकार्याधिकारी योगेंद्र सिंह पुजारी धर्माचार्य वेदपाठी तथा केदार सभा के पदाधिकारी तथा जिलाधिकारी डा. सौरभ गहरवार प्रशासन के अधिकारी पूरब द्वार से मंदिर पहुंच गये उसके पश्चात रावल धर्माचार्य तथा पुजारी गणों ने द्वार पूजा शुरू की भगवान भैरवनाथ तथा भगवान शिव का आव्हान कर ठीक सुबह सात बजे बजे श्रीकेदारनाथ मंदिर के कपट खोल दिये गये। कपाट खुलने के बाद भगवान केदारनाथ के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप से श्रृंगार रूप दिया गया।उसके पश्चात श्रद्धालुओं ने दर्शन शुरू किये।

कपाट खुलने के अवसर पर बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने शुभकामनाएं दी कहा कि बीते यात्राकाल में रिकार्ड तीर्थ यात्री श्रीकेदारनाथ धाम पहुंचे इस वर्ष भी श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी जिसके लिए मुख्य मंत्री पुष्कर सिह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार तथा‌ मंदिर समिति यात्री सुविधाओ हेतु प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम के अनुसार 6 मई को श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में भगवान भैरवनाथ जी की पूजा हुई थी भगवान केदारनाथ की पंचमुखी भोगमूति 9 मई को श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से विभिन्न पड़ावों से होते हुए केदारनाथ धाम पहुंची थी 10 मई ठीक प्रात:7 बजे श्री केदारनाथ धाम के कपाट खोल दिये गये। कपाट खुलने के पश्चात भगवान केदारनाथ के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप् से श्रृंगार रूप् दिया गया। तथा तीर्थ यात्रियों ने दर्शन करने शुरू किये।
जारी प्रेस विज्ञप्ति बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया गया कि कल शनिवार 11 मई को श्री केदारनाथ धाम में श्री भकुंट भैरव मंदिर के द्वार खुलने के साथ श्री केदारनाथ मंदिर में नित्य प्रति आरतियां एवं संध्याकालीन आरतियां शुरू हो जायेगी।

आज कपाट खुलने के समय हक-हकूकधारी सहित केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी शिवशंकर लिंग, संस्कृति एवं कला परिषद के उपाध्यक्ष मधु भटृट मंदिर समिति सदस्य श्रीनिवास पोस्ती,वीरेंद्र असवाल, , मुख्यकार्याधिकारी योगेंद्र सिंह,कार्याधिकारी आरसी तिवारी, धर्माचार्य औकार शुक्ला, वेदपाठी यशोधर मैठाणी, विश्वमोहन जमलोकी स्वयंबंर सेमवाल, प्रदीप सेमवाल, अरविंद शुक्ला, कुलदीप धर्म्वाण, देवानंद गैरोला आदि मौजूद रहे।

केदारनाथ पहुंची चल विग्रह पंचमुखी डोली, कल सुबह 07 बजे खुलेंगे कपाट।

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विश्व प्रसिद्ध 11वें ज्योर्तिंगलिंग भगवान श्री केदारनाथ की चल विग्रह पंचमुखी डोली श्री केदारनाथ धाम पहुंच गई है। ऊं नम् शिवाय.. जय बाबा केदार… के जयकारे के साथ श्रद्धालुओं ने डोली का स्वागत किया।

भगवान श्री केदारनाथ की चल विग्रह पंचमुखी डोली चार दिनों की पैदल यात्रा के पाश्चात्य गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे श्री केदारनाथ धाम पहुँच गई है। ऊं नम् शिवाय के उदघोष के साथ सेना के 6 ग्रेनेडियर रेजीमेंट की बैंड की भक्तिमय धुन के साथ डोली का भव्य स्वागत हुआ। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय, बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह सहित तीर्थ पुरोहितों ने डोली का स्वागत कर बाबा का आशीर्वाद लिया।
कार्यकारी अधिकारी आरसी तिवारी ने बताया कि बाबा के कपाट शुक्रवार सुबह 07 बजे मंत्रोच्चारण के साथ देश- विदेश से बाबा के दर्शनों को पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। मुख्य मंदिर सहित प्रांगण करीब 24 कुंतल फूलों के साथ सजाया जा रहा है।