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Friday, July 3, 2026
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बाबा केदार की पंचमुखी डोली आज पहुंचेगी केदारधाम।

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गौरीकुंड।भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली ने आज 9 मई को प्रात: 8.30 बजे तीसरे पड़ाव गौरामाई मंदिर गौरीकुंड से श्री केदारनाथ धाम प्रस्थान हुई।

बीते 6 मई को देवडोली श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी से प्रवास हेतु पहुंची तथा मंगलबार 7 मई को दूसरे पड़ाव फाटा पहुंची थी 8 मई देर शाम को पंचमुखी डोली गौरामाता मंदिर गौरीकुंड पहुंची थी।

श्री केदारनाथ धाम के कपाट कल शुक्रवार 10 मई को खुल रहे है।

भगवान केदारनाथ की चलविग्रह उत्सव पंचमुखी मूर्ति की देवडोली को कई दशकों से श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के स्वयं सेवक एवं हक- हकूकधारी पांवों में बिना कुछ पहने पैदल चलकर शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से श्री केदारनाथ धाम तक पहुंचाते है।

आज पंचमुखी डोली के केदारनाथ प्रस्थान होते समय श्रद्दालुजनों तथा गौरीगांव के स्कूली बच्चों ने बाबा केदार का जय घोष कर पुष्प वर्षा की है

केदारनाथ पैदल मार्ग पर जिला प्रशासन, पुलिस, गढवाल मंडल विकास निगम तथा स्थानीय दुकानदारों ने देव डोली का स्वागत किया।

सोमेश्वर में बुधवार रात हुई मूसलाधार बारिश,मूसलाधार बारिश के कारण कई घरों में घुसा मलवा।

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सोमेश्वर (अल्मोड़ा)-

मौसम विभाग की भविष्यवाणी सटीक साबित हुई दोपहर बाद अल्मोड़ा में मौसम ने मिजाज बदला और बारिश शुरू हुई बारिश के चलते जंगलो में धधक रही आग से बढ़ रही राहत मिली और शहर में छाये धुंध छटने लगी जिससे स्वास व दमा के मरीजो को फायदा होगा वही जंगलों में लग रही आग पर थोड़ा काबू होने की सम्भावना है। वहीं अल्मोड़ा के सोमेश्वर में कल भारी बारिश हुई हैं स्थानीय लोगो का दावा हैं कि बादल फटा है। बादल फटने के कारण कई घरों में पानी घुसने कि खबर आ रही हैं.हालांकि जंगलों में लगी आग से राहत मिली है, वहीं पहली बारिश ने कुमाऊं में तबाही मचा दी। यहां छोटे बड़े किसानों को काफी नुकसान भी पहुंचा है।

अल्मोड़ा सोमेश्वर मे बादल फटने से सोमेश्वर के चनौदा में खूब तबाही मची है। बादल फटने से लोगों के घरों में मलबा घुस गया। एक ट्रक और एक कार मलबे में दब गए, वहीं बोल्डर और मलबा आने से अल्मोड़ा-कौसानी राजमार्ग बन्द हो गया। इससे सैकड़ों लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सोमेश्वर क्षेत्र में बुधवार सुबह से ही मौसम पल पल रंग बदलता रहा। बुधवार शाम करीब साढ़े सात बजे एकाएक बिजली कड़कने लगी। इस बीच जोरदार धमाके के साथ छतार के जंगल में बादल फट गया। इससे बाघ गधेरा ऊफान पर आ गया। गधेरे का मलबा चनोदा में रह रहे करीब एक दर्जन घरों में घुस गया। मलबे के वेग ने घरों के दरवाजे और खिड़कियां तोड़ दीं। दुकानों में रखा सामान तहस-नहस कर दिया। इससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। करीब आधे घंटे तक लोग ख़ौफ के साए में रहे। प्रभावित लोगों को सर छुपाने के लिए आसपास के घरों में शरण लेनी पड़ी। बताया जा रहा है कि लोगों को संपत्ति का काफी नुकसान हुआ है। प्रभावित लोगों ने प्रशासन से प्रभावितों को तत्काल राहत दिलाने की मांग की है।

बाघ गदेर से ऊफान पर आया मलबा लोगों के लिए मुसीबत बनकर आया। मलबे की चपेट में एक ट्रक और एक कार भी आ गई। साथ ही मलबा लोगों के घरों और दुकानों में घुस गया। इससे लोगों को भारी नुकसान हुआ है। कई लोगों के फर्नीचर और घरेलू समान मलबे में पट गया है। ,प्रशासन भी सुबह मौके पर पहुंचा व लोकनिर्माण विभाग द्वारा मलबा हटाने के काम किया जा रहा है।

भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई जाएं यात्रा से जुड़ी रणनीति: मुख्यमंत्री।

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*भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई जाएं यात्रा से जुड़ी रणनीति: मुख्यमंत्री*

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा को लेकर जिला स्तरीय अधिकारी एवं नोडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली*

*मुख्यमंत्री ने कहा श्री केदारनाथ धाम यात्रा को लेकर सम्वेदनशीलता से करें कार्य, यात्रा पर आ रहे श्रद्धालुओं के साथ करें देवो भव का व्यवहार*

*कर्मचारियों के लिए प्रशासन की ओर से तैयार गर्म जैकेट, यात्रा गाइडलाइन एवं बीमा किया लांच*

*जिलाधिकारी सौरभ गहरवार एवं पुलिस अधीक्षक विशाखा अशोक भदाणे ने पुलिस लाइन मैदान रतूड़ा हैलीपैड पर तुलसी का पौधा भेंट कर किया मुख्यमंत्री का स्वागत*

रुद्रप्रयाग।। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को रुद्रप्रयाग पहुँच कर चारधाम एवं श्री केदारनाथ धाम यात्रा के दृष्टिगत जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा केदारनाथ जी से देश- विदेश के लोगों की श्रद्धा जुड़ी है और हर वर्ष बाबा के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है, आने वाले समय में यात्रा और बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में जरूरी है कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए ही सभी रणनीति एवं योजनाए बनाई जाएं। इस अवसर पर उन्होंने रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक
यात्रा मार्ग का भी निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यात्रा मार्ग पर सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत क्रैश बैरियर के साथ ही पेड़ लगाये जाने की पहल शुरू की जाए। इससे सड़क हादसों एवं नुकसान में कमी लायी जा सकेगी। जनपद में यह प्रयोग सफल होने पर पूरे राज्य में इसे लागू करने का प्रयास किया जाएगा। जनपद रुद्रप्रयाग बाबा केदारनाथ जी का निवास स्थान है ऐसे में जनपद प्रशासन की कोशिश होनी चाहिए कि यहां इस प्रकार की पहल शुरू हो और पूरा राज्य उसे अपनाए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड विविधताओं से भरा राज्य है ऐसे में जनपद के भूगोल एवं अन्य संसाधनो को ध्यान में रखते हुए ही विकास की रणनीति बननी चाहिए। विकास के साथ साथ विरासत का ध्यान रखा जाना भी जरूरी है। उन्होंने वृक्षारोपण के अलावा जल संचय के लिए भी विशेष प्रयास करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए।
मुख्यमंत्री ने प्रशासन एवं पुलिस को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी भी हाल में श्रद्धालुओं को असुविधा न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। ड्यूटी में तैनात कर्मचारी एवं सुरक्षा बल खुद वीआईपी दर्शन की होड़ में न रहें यह भी सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा सड़क, स्वच्छता, शौचालय, बिजली-पानी की आपूर्ति, स्वास्थ्य सहित रहने व खाने की उचित व्यवस्था हो और इसे लगातार सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पुलिस प्रशासन को हेली सेवाओं के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से श्रद्धालुओं को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं यात्रा ड्यूटी में लगे सभी कर्मचारियों को श्रद्धालुओं के साथ सौम्यता के साथ पेश आने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने पेयजल आपूर्ति को लेकर भी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने एवं आगामी मानसून सत्र के लिए अभी से तैयारियां करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में जिलाधिकारी सौरभ गहरवार एवं पुलिस अधीक्षक विशाखा अशोक भदाणे ने केदारनाथ यात्रा को लेकर जिला स्तर से की गई तैयारियों एवं नए प्रयासों की रिपोर्ट पेश की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा यात्रा को लेकर की गई तैयारियों की सराहना भी की।

*कर्मचारियों के लिए गर्म जैकेट लांच किया*

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने जिला प्रशासन की ओर से यात्रा रूट पर तैनात सफाई कर्मचारियों, पीआरडी जवानों, स्वयंसेवकों, पुजारियों एवं अन्य कर्मचारियों के लिए तैयार किए गए गर्म जैकेट एवं यूनीफॉर्म भी लॉन्च की। इसके साथ ही यात्रा रूट के लिए तैयार गाइडलाइन एवं हेल्प बुक की भी लांचिंग की। इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से सभी कर्मचारियों के लिए करवाए जा रहे सामूहिक बीमा मुख्यमंत्री ने लांच करते हुए पहला बीमा पत्र भी जारी किया।

*यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण*

यात्रा संबंधी तैयारियां की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक सड़क मार्ग का निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से यात्रा मार्ग पर महिला समूहों के सशक्तिकरण के लिए दुग्ध विभाग की ओर से गिवाणी गांव में नव निर्मित आँचल कैफे का भी उद्घाटन किया। साथ ही विभिन्न स्थानों पर बनाई गई पार्किंग एवं पार्क का भी अवलोकन किया।

*पिरूल एकत्रित कर की पिरुल लाओ धन पाओ
की शुरुआत*

मुख्यमंत्री रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के अन्तर्गत वनाग्नि सुरक्षा कार्यो का जायजा लिया तथा रतूडा के निकट चीड वन क्षेत्र में वनाग्नि रोकथाम में लगे वनकर्मियो एवं फायर वाचरो से मिले। माननीय मुख्यमत्री द्घारा फायर टीम के साथ फायर रेक द्घारा पिरूल हटाया तथा ब्लोअर को पिरूल हटाने व फायर लाइन सफायी में कारगर बताया। प्रभागीय वनाधिकारी रुद्रप्रयाग द्वारा अवगत कराया कि वनाग्नि मुक्त चारधाम यात्रा हेतु प्रभाग के अन्तर्गत पाँच वनाग्नि नियत्रण सेक्टर बनाये गये है जो त्वरित एवं कुशल ढंग से आग को नियंत्रित करेगी । माननीय मुख्यमंत्री द्वारा चीड पिरूल का एकत्रीकरण कर ब्रेकैट बनाने को प्रोत्साहन देने पर बल दिया एंव स्थानीय रोजगार को जोडने की पहल “पिरुल लाओ धन पाओ” की शुरुआत स्वयं पिरुल एकत्रीकरण कर की। साथ ही माननीय मुख्यमंत्री जी ने फायर लाइन प्रबंधन हेतु सामुदायिक भागीदारी एवं मिशन मोड पर किए जाने पर ज़ोर दिया।

लापरवाही बरतने पर वन विभाग के 10 कार्मिकों को किया गया निलंबित,वनाग्नि पर रोक के लिए सचिवों को दी जाएगी जिम्मेदारी।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में वनाग्नि को रोकने के लिए की जा रही कार्यवाही और आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत तैयारियों की समीक्षा की। वनाग्नि को रोकने और जन जागरूकता के लिए मुख्यमंत्री फायर लाईन बनाने की कार्यवाही में प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने कहा कि इसमें जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये वनाग्नि पर पूर्णतः रोकने के लिए सभी सचिव को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी जाय। सभी सचिव संबंधित जनपदों में जाकर वनाग्नि से प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करें और वनाग्नि को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठायें।

वनों से पिरूल एकत्रीकरण के लिए प्रभावी योजना बनाई जाय

मुख्यमंत्री के निर्देश पर वनाग्नि को रोकने में लापरवाही बरतने वाले वन विभाग के 10 कार्मिकों को निलंबित किया गया है। अन्य कुछ कार्मिकों पर भी अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि वनाग्नि पर प्रभावी रोकथाम के लिए जन सहयोग लिया जाए। जंगलों में आग लगाने की घटनाओं में जो भी लिप्त पाये जा रहे हैं, उन पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाय। वनाग्नि को रोकने के लिए रिस्पांस टाईम कम से कम किया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनों से पिरूल एकत्रीकरण के लिए प्रभावी योजना बनाई जाय। पिरूल संग्रहण केन्द्र बनाए जाएं। इसमें सहकारिता विभाग का भी सहयोग लिया जाए। पिरूल एकत्रीकरण के लिए दी जाने वाली धनराशि को बढाई जाय।

मानसून से पूर्व सभी तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाए

आगामी मानसून सीजन की तैयारियों के संबंध में बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि मानसून से पहले नालियों की सफाई, ड्रेजिंग और चैनलाईजेशन की कार्यवाही पूर्ण की जाय। नदी किनारे सुरक्षा दीवारों के निर्माण और मरम्मत के कार्य समय पर पूर्ण किये जाएं। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी पुराने ब्रिजों का सेफ्टी ऑडिट किया जाए। वर्षाकाल के दृष्टिगत संवेदनशील क्षेत्रों में वैली ब्रिज की पूर्ण व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी डैम की गहराई और क्षेत्रफल की वर्तमान स्थिति जानने के लिए संबंधित विभागों की एक कोर्डिनेशन कमेटी बनाई जाए। यह भी आंकलन किया जाय कि डैम के बनने से वर्तमान समय तक डैम की गहराई और क्षेत्रफल की स्थिति क्या है।

प्रो एक्टिव एप्रोच से काम करें अधिकारी

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि मानसून सीजन शुरू होने से पहले डेंगू, मलेरिया और अन्य जल जनित रोगों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता के साथ ही पूरी तैयारी की जाए। स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाय। आपदा के दृष्टिगत स्वास्थ्य विभाग की रैपिड एक्शन टीम तैयार रखी जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रो-एक्टिव एप्रोच के साथ कार्य करें। पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। स्वच्छ पेयजल के लिए पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्थाएं रखी जाय। जहां पेयजल की समस्या है वहाँ टैंकर और खच्चर से पीने के पानी की आपूर्ति की जाये । इसके लिए सभी कार्यदायी संस्थाएं समन्वय के साथ कार्य करें।

चारधाम यात्रियों को मौसम अलर्ट की व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि राज्य में चारधाम यात्रा के दृष्टिगत भी सभी व्यवस्थाएं सुचारू रखी जाए। यह सुनिश्चित किया जाय कि मौसम की जानकारी से संबंधित अलर्ट एसएमएस के माध्यम से लोगों को मिले। चारधाम और मौसम से संबंधित अन्य सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए सूचना तंत्र को मजबूत बनाया जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत सभी विभाग अपने स्तर पर बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। जन सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीकि का अधिकतम इस्तेमाल किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के दृष्टिगत संवदनशील स्थलों और चारधाम यात्रा मार्गों पर जेसीबी की पर्याप्त व्यवस्था की जाय।

बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक धनंजय मोहन,सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली,अरविंद सिंह ह्यांकी, रंजीत सिन्हा, दिलीप जावलकर,विनय शंकर पाण्डेय,आर. राजेश कुमार, एडीजी ए.पी अंशुमान, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

बेसिक शिक्षक भर्ती में बीएड की बाध्यता खत्म,दो वर्षीय डीएलएड को मंजूरी।

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देहरादून। राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार ने प्राथमिक शिक्षकों की सेवा नियमावली में संशोधन करते हुये शिक्षकों की भर्ती के लिये बीएड की बाध्यता समाप्त कर दो वर्षीय डीएलएड को मंजूरी प्रदान कर दी है। राज्य सरकार के इस फैसले से लगभग 3600 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को बेसिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दे दिये हैं।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के वर्ष 2018 में जारी उस अधिसूचना को निरस्त कर दिया था जिसमें प्राथमिक शिक्षकों के लिये बीएड डिग्री की अनिवार्यता लागू की गई थी। उच्चतम न्यायालय के इस निर्णय के अनुपालन में राज्य कैबिनेट द्वारा हाल ही में राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 2012 में संशोधन को अपनी स्वीकृति प्रदान की थी। जिसके क्रम में शासन ने उत्तराखंड राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा (अध्यापक) (संशोधन) सेवा नियमावली, 2024 को जारी कर दी है। सरकार ने इस संशोधन के जरिये बेसिक शिक्षकों के लिये आवश्यक शैक्षिक योग्यता बीएड डिग्री को अमान्य कर दिया गया है। अब राज्य में केवल डीएलएड डिग्रीधारक ही पहली से पांचवीं कक्षा तक के बेसिक शिक्षक के पद के लिये पात्र होंगे। विभागीय मंत्री ने बताया कि प्रदेश में बेसिक शिक्षकों की नई नियमावली लागू होने से लगभग 3600 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। इसके लिये निर्वाचन आयोग से भर्ती की अनुमति लेते हुये शीघ्र उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को रिक्त पदों के सापेक्ष अधियाचन भेजने के निर्देश दिये गये हैं।

विभागीय मंत्री डा. रावत ने बताया कि प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न होने से प्रदेशभर के प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के सभी पद भर दिये जायेंगे। जिससे सूबे की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ करने में मदद मिलेगी

श्री केदारनाथ की यात्रा को सुरक्षित, सकुशल व सुगम यात्रा कराने को रुद्रप्रयाग पुलिस है तैयार:पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग।।।

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रुद्रप्रयाग।।पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग डॉ0 विशाखा अशोक भदाणे ने प्रेस वार्ता के दौरान जनपदीय मीडिया बन्धुओं से मुखातिब होते हुए रुद्रप्रयाग पुलिस की तैयारियों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि जनपद पुलिस इस वर्ष की श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सकुशल व सुगम तरीके से संचालन कराने हेतु प्रतिबद्ध है। इस हेतु जनपद के सभी पड़ावों (पैदल पड़ावों सहित) व केदारनाथ धाम में पुलिस बल की तैनाती के आदेश जारी कर दिये गये हैं। यात्रा में नियुक्त होने वाले पुलिस बल की ब्रीफिंग कर कर उनके ड्यूटी स्थल के लिए रवाना कर दिया गया है।

 

पुलिस अधीक्षक ने जनपद के यातायात प्लान की जानकारी देते हुए बताया कि श्री केदारनाथ यात्रा अवधि में यातायात के सफल संचालन हेतु पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रयाग को यातायात व्यवस्था का नोडल अधिकारी बनाया गया है। यात्रा का पहला चरण जनपद की यातायात व्यवस्था से प्रारम्भ होता है। केदारनाथ के लिए जाते समय कुण्ड से लेकर गुप्तकाशी फाटा से सोनप्रयाग का रूट रहेगा। केदारनाथ से वापस आने पर गुप्तकाशी से कालीमठ तिराह, चुन्नी बैंड होते हुए कुण्ड से अगस्त्यमुनि के लिए रवाना किया जायेगा। सभी ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि इन संकरे पैचों पर अनावश्यक रूप से जाम की समस्याओं से निजात पाया जा सके और वाहनों के आवागमन में बाधा उत्पन्न न हो। कैन्टीजैन्सी के लिए सिरोबगड़ में लैंडस्लाइड आने पर छांतीखाल से खांकरा मोटरमार्ग का उपयोग किया जायेगा। कुण्ड में लैण्डस्लाइड या अन्य किसी समस्या के आने पर अगस्त्यमुनि बांसवाड़ा से लमगौंडी से गुप्तकाशी हेतु यातायात डाइवर्ट किया जायेगा जहां पर बोटल नेक हैं वहां पर गेट सिस्टम आरम्भ किया जायेगा, संकरे पैचों पर एक बारी में एक गाड़ी को भेजकर तभी दूसरी तरफ से दूसरी गाड़ी निकलेगी। पार्किंग की जानकारी देते हुए बताया गया कि सबसे महत्तवपूर्ण सीतापुर व सोनप्रयाग की पार्किगें हैं, इनके अलावा काफी मिनी पार्किंग जनपद में विकसित की गयी हैं, जिनका उपयोग आवश्यकतानुसार किया जायेगा। यात्रा में यातायात तथा भीड़ के प्रेशर ज्यादा रहता है, जिससे सोनप्रयाग में यात्रियों का प्रेशर बढ़ता है, उसके लिए यात्रियों को अल्प समय के लिए बैरियरों पर रोककर यातायात संचालन करेंगे। यातायात की ड्यूटियां सुबह से ही आरम्भ हो जाती हैं, जब हमें अलर्ट मिल जायेगा कि वहां पर भीड़ ज्यादा हो गयी है, तो उसको गुप्तकाशी, फाटा, ब्यूंगगाड़, तिलवाड़ा, काकड़ागाड़ में कुछ देर रोककर भेजेंगे, ताकि सोनप्रयाग तथा गौरीकुण्ड पर किसी भी तरह का प्रेशर न हो। इसके लिए 24 घण्टे पुलिस कन्ट्रोल रूम सक्रिय रहेगा, कितने वाहन जनपद में प्रवेश कर रहें हैं, कितने बाहर जा रहें हैं, इसका डाटा रखा जायेगा।

*केदारनाथ यात्रा का प्लान*

जानकारी देते हुए बताया कि इस बार की केदारनाथ यात्रा के लिए पुलिस उपाधीक्षक गुप्तकाशी को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दी गयी है। जनपद क्षेत्र में किसी भी यात्री को कोई समस्या आती है, कोई भी यात्री अपने परिजनों से बिछड़ता है उनकी सहायता के लिए पुलिस कन्ट्रोल रूम 24 घण्टे सक्रिय रहेगा। किसी भी आपात स्थिति में 112 पर कॉल की जा सकती है। तीर्थयात्रियों की पुलिस सहायता के लिए पुलिस सहायता केन्द्र बनाए गये हैं, जो तीर्थयात्रियों को आवश्यक जानकारी प्रदान करेंगे तथा किसी को किसी भी प्रकार की समस्या आने पर उसके निराकरण सम्बन्धी जानकारी भी प्रदान करेंगे। गतवर्ष की भांति इस वर्ष भी बाहरी प्रदेश से जो यात्री आते हैं, उनके लिए दिशा-निर्देश उनके स्थानीय भाषा में दिए जाने का प्रयास किया गया है। यात्रियों को सन्देश तथा सूचनाएं देने के लिए मल्टीलिंग्वल साइन बोर्ड (मराठी, गुजराती, अंग्रेजी, हिन्दी एवं तमिल) को जनपद की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार हम तीन प्रकार के साइनेजज लगाये जा रहे हैं। जिसमे पहला जब यात्री परिवहन कर जनपद सीमा में पहुंचेगा उनको पंजीकरण करने सहित अन्य किन बातों का ध्यान रखना चाहिए की जानकारी, जनपद के मध्य भाग में पहुंचने पर आप परिवहन करेंगे उसमें किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, यात्री जब आवागमन कर रहे हैं तब किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए जैसे हैलीकॉप्टर ठगी से बचाव, घोड़े खच्चरों से यात्रा करने सम्बन्धी निर्देश, मौसमानुकूल कपड़े इत्यादि साथ में रखने सम्बन्धी निर्देश तथा पैदल यात्रा मार्ग सम्बन्धी निर्देश रहेंगे। तीसरा जो साइन बोर्ड होगा वह श्री केदारनाथ धाम के लिए होगा वहां पर भीड़ में आपको सेफ्टी कैसे रखनी है, वहां के वातावरण के अनुकूल होने के लिए या वहां पर मौसम में जो बदलाव आता है, उससे खुद को बचाव करने के लिए क्या क्या चीजें करनी है। इसी प्रकार से यदि कोई यात्री अपने परिवार से बिछड़ जाता है, तो या उसका कोई सामान खो जाता है, तो गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी ऑपरेशन मुस्कान चलाने वाले हैं, इसके लिए अलग-अलग जगह पर यात्रा मार्गों पर स्थित चौकियों में खोया पाया केन्द्रों का संचालन किया गया है, जिसमें 02 जवान लगातार मौजूद रहेंगे, तथा कोई भी यात्री अगर अपनी कोई समस्या लेकर वहां पर आते हैं तो ऑपरेशन मुस्कान के तहत उनकी समस्या का निराकरण किया जायेगा। गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी गूगत असिस्टेंस ऐप या गूगल ट्रान्सलेटर का प्रयोग करने हेतु पुलिस बल को बताया गया है, किसी के खो जाने की स्थिति में या यात्री की अपनी भाषा में किसी से या पुलिस से सम्पर्क नहीं कर पाने की स्थिति में यह सहायतार्थ सिद्ध होगा।

*धाम की पवित्रता व मर्यादा भंग करने वालों पर रखी जायेगी सतर्क दृष्टि साथ ही सोशल मीडिया की टीम भी रहेगी एक्टिव*

श्री केदारनाथ धाम की मर्यादा व पवित्रता बनायी रखी जानी नितान्त आवश्यक है। अगर जिस किसी के द्वारा वहां पर अशोभनीय कृत्य, गलत रील्स इत्यादि या धार्मिक भावनाओं को आहत करने का प्रयास किया जाता है, तो उसके लिए ऑपरेशन मर्यादा के तहत सम्बन्धित पर विधिक कार्यवाही की जायेगी, इसके लिए समस्त पुलिस बल को ब्रीफिंग में बताया गया है। नशे का सेवन करने वालों, हुक्का या किसी भी प्रकार का नशा कर हुड़दंग मचाने वालों पर भी ऑपरेशन मर्यादा के तहत कार्यवाही की जायेगी। सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक सूचना फैलाने तथा गलत सूचना फैलाने वाले व्यक्तियों पर सोशल मीडिया मॉनिटिरिंग सैल के माध्यम से निगरानी रखी जायेगी।

*नशे का कारोबार करने वाले व पशु क्रूरता करने वाले भी रहेंगे रडार पर*

श्री केदारनाथ धाम यात्रा अवधि में यात्रा की आड़ में नशे का कारोबार करने वालों पर सख्त कार्यवाही की जायेगी। यात्रा काल में संचालित होने वाले घोड़े खच्चरों पर पशु क्रूरता के प्रकरण सामने आने पर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। इसके लिए सभी थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये जा चुके हैं।

*श्रद्धालुओं के साथ होने वाली ठगी पर करेंगे सटीक कार्यवाही*

श्री केदारनाथ धाम यात्रा में हैलीकॉप्टर ठगी के कई प्रकरण प्रकाश में आते हैं, ठगी करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही किये जाने हेतु साइबर सैल की टीम एक्टिवेट रहेगी। प्राप्त होने वाली शिकायतों पर तुरन्त कार्यवाही की जायेगी।

*पुलिस कार्मिकों हेतु वैलफेयर अधिकारी की तैनाती*

श्री केदारनाथ धाम ड्यूटी हेतु आये पुलिस बल का मनोबल उच्च रहे, एवं उनकी समस्याओं का निराकरण हो सके, इस हेतु जनपद के पुलिस उपाधीक्षकों को वैलफेयर अधिकारी नामित किया गया है, जो कि साप्ताहिक रिपोर्ट उपलब्ध करायेंगे।

*श्रद्धालुओं के साथ अभद्र व्यवहार रहेगा अक्षम्य*

ड्यूटी पर नियुक्त पुलिस बल हो चाहे यात्रा व्यवस्था में लगे लोग हों अथवा किसी व्यवसाय में लगे लोग हों, श्रद्धालुओं के साथ की जाने वाली अभद्रता किसी भी दशा में क्षम्य नहीं होगी। चूंकि श्रद्धालु देश भर के हरेक कोने से यहां पर आते हैं तथा यहां का अच्छा व बुरा अनुभव जो भी उनको मिले लेकर वापस जाते हैं, ऐसे में हमारे स्तर से सभी को ब्रीफ किया गया है कि श्रद्धालुओं के साथ मृदु व्यवहार करेंगे। श्रद्धालुओं के साथ गलत आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

अन्त में पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जनपद पुलिस के हरेक कार्मिक का मनोबल ऊॅंचा है व प्रत्येक कार्मिक अपनी ड्यूटी को सही ढंग से करने हेतु प्रतिबद्ध है। एक बार फिर से सभी के द्वारा सहयोगात्मक एवं सेवाभाव से इस वर्ष की केदारनाथ धाम की यात्रा में अपना योगदान दिया जायेगा।

 

जनता इंटर कॉलेज गंगानगर के प्रबंधक व अध्यक्ष के खिलाफ कार्यकारणी के सदस्यों ने दिया त्याग पत्र।

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रुद्रप्रयाग ।।जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखण्ड जखोली के पट्टी बांगर के जनता इंटर कालेज गंगानगर के प्रबंधक व अध्यक्ष के विरोध में कार्यकारणी के 5 सदस्यों ने अपना त्याग  मुख्यशिक्षा अधिकारी रुद्रप्रयाग को सौंपा है साथ ही साधारण 150 सदस्यों में  85 अन्य सदस्यों ने भी अपनी सदस्यता से त्याग पत्र दिया है ।त्याग पत्र देने वाले सदस्यों का कहना है  विद्यालय हित को देखते हुए एक नव युवा को हमारे द्वारा प्रबन्धक बनाया गया था लेकिन इन्होंने अपनी प्रबन्ध कार्यकारणी को दो हिस्सों में बांट दी है।इनके द्वारा यंहा पर किसी प्रकार से सदस्यों की बैठक नही बुलाई जाती है और नही किसी भी प्रकार के लेखा जोखे को जनता व सदस्यों के सामने रखते है प्रबन्धक के द्वारा हर मामले में स्वयं निर्णय लिया जाता है और अन्य किसी भी सदस्य से सलाह महसुरा नही लिया जाता है प्रबन्धक की गतिविधियों को देखते हुए प्रबन्धकीय कार्यकारणी से आज हम लोग अपना त्याग पत्र दे रहे है और मुख्यशिक्षा अधिकारी से आग्रह करते है विद्यालय हित को देखते हुए जब तक नवीन कार्यकारिणी गठित नही हो जाती है तब तक जनता  ििनतर कॉलेज गंगानगर में प्रशासक नियुक्त करे।।
प्रबन्धकीय कार्यकारिणी के 12 सदस्यों में 4 ने पूर्व में ओर 5 सदस्यों ने आज ही त्याग पत्र दिया है पूर्व में उपाध्यक्ष पद से भी त्याग पत्र हो चुका है उपाध्यक्ष का पद भीलम्बे समय से रिक्त चल रहा है।
जनता इंटर कॉलेज गंगानगर बांगर के प्रबन्धक अंकित भट्ट का कहना कि हमारे प्रबन्धन समिति में 155 सदस्यों का अनुमोदन हो रखा है प्रबन्धक या अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास के लिए नियमावली के अनुसार दो तिहाई सदसयो का अभिश्वास होना जरूरी है तभी जाके किसी भी पदाधिकारी के विरुद्ध अविश्वास लिया जा सकता है मेरे ऊपर जो भी आरोप मनमानी के लगाए जा रहे है वो सभी निराधार है हमे अपने विद्यालय सम्बंधित निर्णयन लिए है वो सभी कार्यकारिणी की बैठक में लिए गए है।

आंधी तूफान होने से सड़क पर चल रहे स्कूटी सवार व्यक्तियों के ऊपर गिरा चीड़ का पेड़,पेड के नीचे दबने से घटना स्थल पर ही दो लोगो की मौत।

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उत्तरकाशी:- जनपद मोरी तहसील के अंतर्गत मोरी मोटर मार्ग हिसार बैण्ड के पास तेज आंधी तूफान होने से चीड़ का पेड़ स्कूटी सवार पर गिर गया। पेड़ गिरने से दो व्यक्ति पेड़ की चपेट में आ गए जिनकी घटना स्थल पर ही मृत्यु हो गई उक्त मृतकों के शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मोरी मे भेजा गया है। राजस्व विभाग तथा पुलिस द्वारा मृतकों के पोस्टमार्टम तथा पंचायत नामा की कार्यवाही गतिमान है।

 

मृतकों के नाम-

1. प्रकाश नौटियाल पुत्र रवि दत्त नौटियाल, उम्र 54, निवासी ग्राम डगोली तहसील मोरी

 

2. मोहम्मद शाहिद पुत्र बंधु उम्र 50 वर्ष, निवासी मोरी बजार

पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र उत्तराखण्ड ने गौरीकुण्ड तक का भ्रमण कर यात्रा व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण, थाना चौकियों पर नियुक्त पुलिस बल को मौके पर किया गया ब्रीफ।

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गौरीकुंड।।पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र, उत्तराखण्ड श्री करन सिंह नगन्याल ने पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग डॉ0 विशाखा अशोक भदाणे की मौजूदगी में आज रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, कुण्ड, गुप्तकाशी, फाटा, सोनप्रयाग होते हुए गौरीकुण्ड तक की यात्रा व्यवस्थाओं एवं पुलिस व्यवस्थाओं का निरीक्षण व जायजा लेकर सम्बन्धित थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। यात्रा के दृष्टिगत व्यवस्थित होने वाले पर्यटन पुलिस केन्द्रों व यातायात बूथों पर अगले 02 दिवस के अन्दर पुलिस बल निर्धारित वर्दी एवं आवश्यक जानकारी के साथ उपलब्ध करने के निर्देश दिये गये। पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र महोदय द्वारा कोतवाली सोनप्रयाग के भोजनालय, कर्मचारी बैरक, अतिरिक्त व्यवस्थाओं, थाना कार्यालय का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उपस्थित सभी कार्मिकों को मौके पर ही भली-भांति ब्रीफ कर आने वाले श्रद्धालुओं को यहां के मौसमानुसार जानकारी देने, उनकी मदद करने के निर्देश दिये। उनके द्वारा स्पष्ट तौर पर कहा कि यहां तक आया श्रद्धालु काफी थका हुआ होता है, स्वाभाविक है कि उसके व्यवहार में चिड़चिड़ापन होगा, ऐसे में उसकी परेशानियों को समझते हुए उसकी मदद करने का हरसम्भव प्रयास करना है। सोनप्रयाग व सीतापुर स्थित पार्किंगों में तरतीबवार वाहन पार्क कराने के निर्देश दिये गये। सोनप्रयाग से शटल सेवा हेतु लगने वाली व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। तदोपरान्त गौरीकुण्ड घोड़ा पड़ाव पर घोड़ों के संचालन के सम्बन्ध में संचालकों से आवश्यक जानकारी ली गयी। सम्पूर्ण गौरीकुण्ड क्षेत्र से गौरीकुण्ड बड़े गेट तक का पैदल भ्रमण कर इस क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण करने के निर्देश दिये गये। गौरीकुण्ड पुलिस चेक पोस्ट पर नियुक्त कार्मिकों से संवाद स्थापित कर उनके द्वारा की जा रही ड्यूटियों की जानकारी ली गयी। रिपोर्टिंग पुलिस चौकी गौरीकुण्ड पहुंचकर उपस्थित कार्मिकों को ब्रीफ कर उचित व्यवस्थायें बनाये रखने के निर्देश दिये गये। उनके द्वारा उपस्थित पुलिस उपाधीक्षक यातायात एवं निरीक्षक यातायात को यात्रा काल में वाहनों के बढ़ते दबाव के दृष्टिगत बेहतर यातायात कार्ययोजना बनाकर लागू करने के निर्देश दिये गये। पार्किंगों का समुचित सदुपयोग करने, सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाये रखने, लैण्ड स्लाइड वाले स्थानों, बोटलनेक व संकरे मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती करने व आपदा प्रबन्धन के प्रति संवेदनशील होते हुए पूरी तैयारी के साथ मुस्तैद रहने के निर्देश दिये गये।

तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट खुलेंगे 10 मई को, मंदिर समिति जुटी तैयारियों में।

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उखीमठ।।तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट आगामी 10 मई अक्षय तृतिया को खुलने जा रहे है।पंचकेदारों में सबसे अधिक ऊंचाई पर भगवान तुंगनाथ विराजमान है जिनके दर्शनों के लिए देश विदेश के श्रदालु 6 माह इस स्थान पर दर्शन करने आते है।बद्री केदार मंदिर समिति का सात सदस्यीय दल तृतीय केदार धाम की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने व मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान चलाने के बाद वापस लौट गया है। मंदिर समिति आगामी 10 मई को तुंगनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तैयारियों में जुट गया है।

तुंगनाथ धाम के प्रबंधक बलवीर सिंह नेगी के नेतृत्व में रविवार को तुंगनाथ धाम पहुंचे सात सदस्यीय दल ने तुंगनाथ धाम की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर मंदिर परिसर की सफाई की। तुंगनाथ धाम के प्रबंधक बलवीर सिंह नेगी ने बताया कि मंदिर समिति के पदाधिकारियों व अधिकारियों के निर्देश पर तुंगनाथ मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया है। तथा आगामी 10 मई से शुरू होने वाली तुंगनाथ धाम यात्रा की तैयारियां शुरू कर दी गई है।

तुंगनाथ घाटी के सामाजिक कार्यकर्ता सदानंद भट्ट ने बताया कि खुलने से पूर्व तुंगनाथ घाटी में सैलानियों की आवाजाही शुरू होने से रौनक लौटने लगी है। तथा चौपता – तुंगनाथ पैदल मार्ग पर अनेक प्रजाति के पुष्प खिलने से वहां की प्राकृतिक सौंदर्य पर चार चांद लगने शुरू हो गये है। मंदिर समिति के चन्द्र मोहन बजवाल ने बताया कि सात सदस्यीय दल द्वारा तुंगनाथ मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर साफ सफाई की गई है। सात सदस्यीय दल में आनन्द सिंह रावत, दिलवर सिंह नेगी, दुर्गेश रावत, दिग्विजय, संजय राणा, उम्मेद सिंह नेगी, मौजूद थे।