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Saturday, July 4, 2026
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मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने किया श्री केदारनाथ धाम का निरीक्षण, पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का जायजा लेते हुए की समीक्षा।

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अतिरिक्त मजदूर लगाकर यात्रा से पहले पूरे करें सभी अनिवार्य कार्य: मुख्य सचिव*

*मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने किया श्री केदारनाथ धाम का निरीक्षण, पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का जायजा लेते हुए की समीक्षा*

मुख्य सचिव उत्तराखण्ड राधा रतूड़ी ने गुरुवार को श्री केदारनाथ धाम पहुँचकर पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का जायजा लेते हुए समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न निर्माण एवं पुनर्निर्माण कार्यों की रफ्तार बढ़ाते हुए 10 मई को श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले सभी अनिवार्य कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके लिए अतिरिक्त मजदूर एवं संसाधन इस्तेमाल करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

एक दिवसीय केदारनाथ भ्रमण पर मुख्य सचिव उत्तराखण्ड, पर्यटन विभाग उत्तराखंड सरकार के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) भास्कर खुल्बे, डीजीपी अभिनव कुमार, पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे करीब 07:45 बजे हेलिकॉप्टर से केदारनाथ हैलीपैड पर पहुचें। उन्होंने जिलाधिकारी एवं लोनिवि के अधिकारियों से वर्तमान में गतिमान पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों की जानकारी ली। जिसके बाद मंदाकिनी- सरस्वती घाट, गेस्ट हाउस, अस्पताल,
अस्था पथ, केदारनाथ मंदिर परिसर सहित अन्य निर्माणाधीन कार्यों का जायजा लेते हुए तय डेडलाइन से पहले सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। अस्था पथ एवं वाटर एटीएम सहित अन्य अनिवार्य कार्यों पर अतिरिक्त लेबर लगाने के निर्देश संबंधित विभागों को देते हुए यात्रा शुरू होने से पहले सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं को कोई समस्या न हो। इसके साथ ही जिलाधिकारी को अधिक संसाधनों का प्रयोग करते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए गोल चबूतरे से मंदिर परिसर तक कॉरिडोर का कार्य तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों को निर्माण कार्यों में इस्तेमाल हो रही सामाग्री में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखने एवं यात्रा सुगम- सुव्यवस्थित बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने को भी कहा। करीब 10:30 बजे मुख्य सचिव हैलीपैड से बदरीनाथ के लिए रवाना हुई।

इस दौरान मुख्य सचिव, भास्कर खुल्बे, डीजीपी अभिनव कुमार एवं जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने स्थानीय व्यापारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी सुनी। व्यापरियों से वार्ता करते हुए अधिकारियों ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

डीजीपी अभिनव कुमार ने पुलिस विभाग के लिए केदारनाथ में तैयार हो रहे भवन एवं व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए संबंधित संस्थाओं को निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए समय से सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

 

उत्तराखंड शासन ने राजपाल लेघा को खनन विभाग का नया निदेशक बनाया,

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देहरादून

उत्तराखंड शासन ने राजपाल लेघा को खनन विभाग का नया निदेशक बनाया,

कल शासन ने निदेशक के पद पर तैनात रहे एसएल पैट्रिक को गंभीर आरोपों के बाद सस्पेंड कर दिया था,

इसके बाद शासन ने उपनिदेशक राजपाल लेघा को निदेशक खनन की जिम्मेदारी दी है,

चार्ज संभालने के बाद राजपाल लेघा ने कहा खनन विभाग के राजस्व की बढ़ोतरी करने के साथ ही विभाग की छवि को बेहतर करने की ओर काम किया जाएगा,

राज्य में कहि भी अवैध खनन पाये जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

चमोली के नारायणबगड़ में जमीन के अंदर से निकल रहे धुएं की दहशत से उबरे ग्रामीण।।

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नारायणबगड़ ।।नारायणबगड़ विकास खंडड के सिलोडी और चिड़िंगा गांव के बीच एक जमीन से धुआं निकलने की अजीब घटना सामने आने से लोगों में हड़कंप मचा हुआ था।जिनकी सूचना पर तहसील और पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से घूएं वाले स्थान की खुदाई की गई जिस पर जमीन कै नीचे चीड़ का पुराना दबा हुआ पेड सुलग रहा था ।दरअसल सड़क के किनारे दो तीन दिन से लगातार निकल रहे धुएं से क्षेत्र के ग्रामीण दहशत में थे उन्होंने इसकी सूचना ब्लाक प्रमुख और प्रशासन को दी जिस पर सभी संयुक्त रूप से घटनास्थल पर पहुंचे जहां खुदाई करने के बाद सभी का संसय और दहशत दूर हो गई।इस अवसर पर ब्लाक प्रमुख यशपाल सिंह नेगी, राजस्व उपनिरीक्षक जगदीश औलिया, पुलिस कांस्टेबल दीपक नेगी, ग्राम प्रधान सरस्वती देवी,एसपाल सिंह,कुंवर सिंह, रणजीत सिंह सहित ग्रामीणों की बड़ी संख्या मोके पर रहे।

खनन निदेशक पैट्रिक को संगीन आरोपों के चलते सस्पेंड,आदेश हुए जारी।

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(देहरादून)-

उत्तराखंड से इस वक्त की बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। शासन ने बड़ा फैसला लेते हुए भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशक एसएल पैट्रिक को सस्पेंड कर दिया है।ग़ौरतलब है कि पैट्रिक आने वाले जून माह में अपने पद से सेवानिवृत्त होने वाले थे। शासन ने निदेशक के खिलाफ एक लंबी चौड़ी चार्जशीट जारी करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है।

शासन द्वारा जारी निलम्बन आदेश में आरोप लगाया गया है कि डायरेक्टर पैट्रिक द्वारा राजकीय कार्यों की गोपनीयता भंग की जा रही थी। साथ ही सरकारी संविदा कर्मियों को अपने पारिवारिक व निजी कार्यों में उपयोग किया जा रहा था। सरकारी वाहनों के दुरुपयोग को लेकर भी चार्जशीट में जिक्र किया गया है। इसके अतिरिक्त निजी कारोबारी ओम प्रकाश तिवारी से लेनदेन व प्रलोभन के वशीभूत होकर सरकारी कार्यों व गोपनीयता को भंग करने व पद के दुरुपयोग का गंभीर आरोप भी इस चार्जशीट में वर्णित है। यही नहीं निदेशक द्वारा निजी स्थान पर निजी व्यक्ति के साथ भेंट वार्ता करना व उसे लाभ दिए जाने को लेकर भी निलम्बन आदेश में जिक्र करते हुए इसे शासन ने गंभीर अनियमितता करार दिया है। इसके अतितिक्त ई निविदा व ई नीलामी में भी निदेशक द्वारा लचर प्रणाली अपनानाने को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

निलम्बन की अवधि में एस०एल० पैट्रिक सम्प्रति निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय, उत्तराखण्ड देहरादून को सचिव खनन, उत्तराखण्ड शासन के कार्यालय से सम्बद्ध रहेंगे।

केदारनाथ धाम यात्रा के सकुशल संचालन के लिए रुद्रप्रयाग पुलिस है तैयार,11 भाषाओ में धाम आने वाले तीर्थ यात्रियों की दी जाएगी यात्रा सम्बंधित जानकारी।

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*केदारनाथ धाम यात्रा के सकुशल संचालन के लिए रुद्रप्रयाग पुलिस है तैयार*

*पुलिस की अब तक की तैयारियों के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग ने दी जानकारी*

Decription।।।आगामी 10 मई 2024 को जनपद रुद्रप्रयाग में स्थित श्री केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुल जायेंगे। इसी के साथ जनपद में श्री केदारनाथ धाम (चार धाम) यात्रा का शुभारम्भ हो जायेगा। जनपद रुद्रप्रयाग पुलिस के स्तर से की जा रही तैयारियों है श्री केदारनाथ यात्रा का पहला चरण जनपद की यातायात व्यवस्था से प्रारम्भ होता है। केदारनाथ के लिए जाते समय कुण्ड से लेकर गुप्तकाशी फाटा से सोनप्रयाग का रूट रहेगा। केदारनाथ से वापस आने पर गुप्तकाशी से कालीमठ तिराह, चुन्नी बैंड होते हुए कुण्ड के पास जो कि इस बार के लिए हमारी व्यवस्था बनायी गयी है सभी वाहन वहां से आयेंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि इन संकरे पैचों पर अनावश्यक रूप से जाम की समस्याओं से निजात पाया जा सके और वाहनों के आवागमन में बाधा उत्पन्न न हो। यातायात व्यवस्था के सफल संचालन हेतु सभी प्रकार की ड्यूटियों को सेक्टर मे बांटा गया है, और हर जगह पर हमारे यातायात के आरक्षी, मुख्य आरक्षी, उपनिरीक्षक व निरीक्षकों की तैनाती रहेगी। यातायात के सफल संचालन हेतु मूवेबल अर्थात दुपहिए वाहन सवार पुलिस कार्मिकों का यातायात बाधित होने या जाम की समस्या होने पर उनका उपयोग किया जायेगा। जहां पर भीड़ की स्थिति होगी या मार्ग संकरा है तो ऐसी जगह पर भी दुपहिए वाहन धारक पुलिस टीम पहुंचकर यातायात को सुगम करेगी। श्रद्धालुगण या उनके वाहन जब सोनप्रयाग पहुंचते हैं यहां से पुलिस का कार्य भीड़ नियन्त्रण व पार्किंग व्यवस्था सुचारु करने का रहता है। यात्री वाहनों के निर्धारित पार्किंग में खड़े कराये जाने के उपरान्त सोनप्रयाग के पास से शटल सेवा प्रारम्भ होती हैं, गत वर्षों की भांति इस बार भी शटल सेवा चलेगी। सोनप्रयाग से लेकर गौरीकुण्ड तक शटल सेवा के द्वारा यात्रियों के पहुंचने पर वे अपनी सुविधानुसार पैदल, डण्डी-कण्डी, घोड़ा-खच्चर के माध्यम से केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेंगे। हर वर्ष की भांति यात्रा के सभी पैदल पड़ावों जंगलचट्टी, भीमबली, लिनचोली, केदारनाथ आदि जगहों पर श्रद्धालुओं के सहयोग हेतु पुलिस चौकियां व्यवस्थित रहेंगी। इन सभी जगह पर पुलिस के स्तर से “खोया-पाया केन्द्र” भी संचालित किया जायेगा। कोई भी यात्री अपने परिजनों से बिछड़ता है या किसी का सामान गुम हो जाता है उनकी सहायता के लिए खोया-पाया केन्द्र प्रभावी रहेगा। कोई भी व्यक्ति इन पुलिस चौकी या खोया-पाया केन्द्र से सम्पर्क करके अपने खोये हुए सामान की या परिवार के सदस्य के बिछड़ जाने की सूचना देगें, इसके लिए 24 घण्टे पुलिस कन्ट्रोल रूम सक्रिय रहेगा। किसी भी प्रकार की सूचना मिलने या किसी भी तरह की समस्या आने पर पुलिस कन्ट्रोल रूम द्वारा सहायता प्रदान करायी जायेगी। इस बार हम एक पायलेट प्रोजेक्ट के आधार पर भी यातायात व्यवस्थाएं प्रारम्भ करने जा रहे हैं, जिसके क्रियान्वयन केसम्बन्ध में आने वाले समय में अवगत कराया जायेगा। गत वर्षों के यात्रा के अनुभव से यही देखा गया है कि अधिकांश यात्री दक्षिण भारत से मध्य भारत महाराष्ट्र, गुजरात आदि प्रदेशों और उत्तर भारत से आते हैं। इसी तरह से यात्रियों को सन्देश तथा सूचनाएं देने के लिए विभिन्न भाषाओं में साइन बोर्ड व साइनेजज बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इन मल्टीलिंग्वल (मराठी, गुजराती, अंग्रेजी, हिन्दी एवं तमिल) साइनेजेज बोर्ड को जनपद की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार हम तीन प्रकार के साइनेजज लगाये जा रहे हैं। जिसमे पहला जब यात्रा परिवहन कर जनपद सीमा में पहुंचेगा उनको पंजीकरण करने सहित अन्य किन बातों का ध्यान रखना चाहिए की जानकारी, जनपद के मध्य भाग में पहुंचने पर आप परिवहन करेंगे उसमें किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, यात्री जब आवागमन कर रहे हैं तब किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए जैसे हैलीकॉप्टर ठगी से बचाव, घोड़े खच्चरों से यात्रा करने सम्बन्धी निर्देश, मौसमानुकूल कपड़े इत्यादि साथ में रखने सम्बन्धी निर्देश तथा पैदल यात्रा मार्ग सम्बन्धी निर्देश रहेंगे। तीसरा जो साइन बोर्ड होगा वह श्री केदारनाथ धाम के लिए होगा वहां पर भीड़ में आपको सेफ्टी कैसे रखनी है, वहां के वातावरण के अनुकूल होने के लिए या वहां पर मौसम में जो बदलाव आता है, उससे खुद को बचाव करने के लिए क्या क्या चीजें करनी है। इसके अतिरिक्त जनपद मे संचालित होने वाले यातायात को लेकर जो समस्या है को ध्यान में रखते हुए जो भी परिवहन के वाहन इत्यादि और उनके चालक रहेंगे पुलिस के स्तर से औचक तौर पर चेकिंग की जायेगी। यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि कोई भी वाहन चालक चालक शराब या किसी अन्य नशे में न हो ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की समस्या या यात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार जनहानि या क्षति न हो।
इसके अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग ने अवगत कराया गया कि पुलिस कार्मिकों का व्यवस्थापन, यात्रा पड़ावों पर नियुक्ति से पूर्व प्रशिक्षण इत्यादि की कार्यवाही की जायेगी तथा अतिरिक्त पुलिस बल की उपलब्धता होने उनकी तैनाती यात्रा पड़ावों पर की जायेगी। पुलिस की अन्य तैयारियों के सम्बन्ध में पृथक से जानकारी उपलब्ध करायी जायेगी।

कारगिल में तैनात उत्तराखंड के लाल मेजर प्रणव नेगी का निधन ।

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डोईवाला। कारगिल में तैनात उत्तराखंड के लाल प्रणव नेगी का निधन हो गया। प्रणव नेगी भारतीय सेना में मेजर के पद पर तैनात थे। सोमवार 29 अप्रैल देर रात को ही परिजनों को मेजर प्रणव नेगी के निधन की खबर मिली, जिसके बाद घर में कोहराम मच गया।बताया जा रहा है कि मेजर प्रणव नेगी का पार्थिव शरीर आज देर शाम या फिर कल एक मई को उनके आवास डोईवाला पहुंचेगा।

जानकारी के मुताबिक प्रणव नेगी डोईवाला के संगतिया वाला में अपने परिवार के साथ रहते है। प्रणव नेगी की उम्र 36 साल थी। इन दिनों वो कारगिल में तैनात थे। बताया जा रहा है कि सोमवार 29 अप्रैल को ड्यूटी के दौरान अचानक मेजर प्रणव नेगी की तबियत खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. इस घटना के बाद मेजर प्रणव नेगी के घर में मातम छाया हुआ है। परिजनों का अपने लाल को याद करके बुरा हाल हो रखा है।

उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा बोर्ड में जनपद रुद्रप्रयाग के छात्र छात्राओं ने इंटरमीडिएट में 14 एवं हाईस्कूल में 13 बच्चो ने मैरिट सूची में जगह बनाई है।

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उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा बोर्ड में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा में जनपद के युवाओं ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्रदेश की मैरिट सूची में स्थान प्राप्त किया है। इंटरमीडिएट में 14 एवं हाईस्कूल में 13 छात्र-छात्राओं ने मैरिट में जगह बनाई है। जनपद के छात्र-छात्राओं की इस उपलब्धि पर जिलाधिकारी सौरभ गहरवार सहित मुख्य शिक्षा अधिकारी ने बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
प्रदेश के पासिंग प्रतिशत की बात की जाए तो इंटरमीडिएट में मंडल स्तर पर 90.58 फीसद के साथ जनपद पहले एवं प्रांत स्तर पर तीसरे स्थान पर रहा है। वहीं हाईस्कूल में 90.09 पासिंग प्रतिशत के साथ मंडल स्तर पर दूसरे एवं प्रांत स्तर पर सातवें नंबर पर जगह बनाई है। पिछले वर्ष के मुकाबले इंटरमीडिएट के परीक्षा प्रतिशत में चार फीसद का उछाल आया है, जहां वर्ष 2022-23 में पासिंग प्रतिशत 86.79 था जो इस वर्ष यह बढकर 90.58 फीसद हो गया है। वहीं हाईस्कूल में पासिंग प्रतिशत एक फीसद घट गया है, जहां वर्ष 2022-23 में पासिंग प्रतिशत 91.67 था वह इस वर्ष 90.09 पर आ गया है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रमेन्द्र बिष्ट ने बताया कि इंटरमीडिएट में एपिक जवाहरनगर के अंशुल नेगी ने 97 फीसदी अंक हासिल कर पहला, लाटा बाबा इंटरमीडिएट काॅलेज शीशों के अभिषेक 95.40 फीसद अंक हासिल कर दूसरा, जबकि एपिक जवाहरनगर की अंशिका नेगी ने 95 फीसदी अंक हासिल कर जनपद में तीसरा स्थान हासिल किया है। हाईस्कूल में जनता हाईस्कूल मणिपुर चाका के शिवम मलेठा ने 99.60 प्रतिशत हासिल कर जनपद में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं दूसरे स्थान पर लाटा बाबा इंटरमीडिएट काॅलेज शीशों के मनमोहन सिंह ने 98 जबकि अतुल माॅडल पब्लिक हाईस्कूल, तिलवाड़ा के वैभव नेगी ने 97.20 फीसदी अंक हासिल कर जनपद में तीसरा स्थान हासिल किया है।

 

रुद्रप्रयाग के थाना गुप्तकाशी क्षेत्रान्तर्गत के ग्राम देवर में हुए हत्याकाण्ड का रुद्रप्रयाग पुलिस ने किया खुलासा, हत्या के आरोपी को किया गया गिरफ्तार।

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रुद्रप्रयाग।।25 अप्रैल 2024 की रात्रि में थाना गुप्तकाशी पुलिस को ग्राम प्रहरी देवर द्वारा सूचना दी गयी थी कि उनके गांव देवर के जंगल में एक महिला अचेत अवस्था में पड़ी है। इस सूचना पर थाना गुप्तकाशी का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अचेत अवस्था में पड़ी महिला के सिर, गर्दन व चेहरे पर गहरे जख्म के खून से सने निशान पाये गये। इन महिला की शिनाख्त मौके पर ही श्री सन्दीप चौहान द्वारा उनकी पत्नी नीलम के रूप में की गयी और बताया गया कि हमेशा की तरह उनकी पत्नी जंगल में चारा पत्ती के लिए गयी थी और देर रात्रि तक वापस नहीं पहुंची थी। इस पर गांव वाले उसकी तलाश में आये थे। प्रथम दृष्टतया मृत्यु का कारण किसी जंगली जानवर के हमले किये जाने की आशंका प्रतीत होने पर पुलिस के स्तर से पंचायतनामा की कार्यवाही कर शव को पोस्टमार्टम हेतु भिजवाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृतका की मृत्यु सिर में गहरी चोट आने व अत्यधिक रक्त स्त्राव का होना पाया गया।
दिनांक 27 अप्रैल 2024 को थाना गुप्तकाशी पर वादी राकेश सिंह रावत पुत्र श्री सुरेन्द्र सिंह रावत निवासी ग्राम ठान प0 वृत्त परकण्डी तहसील व थाना ऊखीमठ जनपद रुद्रप्रयाग (मृतका का भाई) द्वारा थाना गुप्तकाशी की शिकायत पर थाना गुप्तकाशी पर अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध हत्या का मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना प्रचलित की गयी।
पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग ने सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी व थाना प्रभारी को टीम गठन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये व घटनाक्रम पर पैनी नजर रखी गयी। क्षेत्राधिकारी गुप्तकाशी श्रीमती हर्षवर्द्धनी सुमन के प्रभावी पर्यवेक्षण में व थाना प्रभारी गुप्तकाशी राकेन्द्र कठैत के नेतृत्व मे अलग-अलग टीमों का गठन किया गया व तकनीकी सहायता हेतु साइबर सैल के कार्मिकों को भी गठित टीमों के साथ सम्मिलित किया गया। टीम के सदस्यों को उक्त प्रकरण के हरसम्भव सफल अनावरण हेतु निर्देशित किया गया दौराने विवेचना एक व्यक्ति के देवर गांव के व्यक्ति के यहां खच्चर हांकने का काम करने की बात प्रकाश में आयी और उसके घटना के दिन जंगल मे खच्चर चुगाने के बाद से अगले से लापता होने की जानकारी मिली। पुलिस के स्तर से देवर गांव के स्थानीय निवासी से पूछताछ की तो उन्होने बताया कि महावीर उनके पास ही काम किया करता है जो 26 अप्रैल को अपना स्वास्थ्य खराब होने का बताकर कहीं चला गया है और फिर वापस नहीं आया। महावीर के बारे में पूरी जानकारी ज्ञात करने पर इसके घर पर जाकर पता करने पर परिजनों द्वारा बताया गया कि ये दिनांक 26 अप्रैल 2024 की शाम को घर आया था और अगले दिन कहीं चला गया। पुलिस के स्तर से इस व्यक्ति की ढूंढखोज जारी रखते हुए इसकी रिश्तेदारी अन्य पहचान वालों इसके यार दोस्तों के ठिकानों पर दबिश देकर व सर्विलांस के माध्यम से ढूंढ खोज जारी रखी गयी। पुलिस के स्तर से मुखबिर तन्त्र विकसित कर आवश्यक निरन्तर आपसी तालमेल बनाये रखा गया। मुखविर की सूचना पर पुलिस टीम ने काफी मशक्कत करते हुये महावीर को विद्यापीठ की ओर जाने वाले पैदल मार्ग पर पकड़ लिया जिसने पूछताछ मे बताया कि वह माह जनवरी मे ग्राम देवर मे खच्चर चलाने का काम करने लगा जंहां उसकी मुलाकात नीलम देवी से हुई और वह उसे पसन्द करने लगा दिनांक 25 अप्रैल को जंगल मे खच्चर चुगाते समय महावीर को नीलम जंगल मे अकेली दिखी तो अकेलेपन का फायदा उठा कर नीलम को अपने झांसे मे लेने लगा व जबरदस्ती करने लगा जिस पर नीलम के द्वारा उसका विरोध किया जाने लगा व उस पर डण्डे से वार कर अपना बचाव किया जाने लगा। अपने इरादों में सफल न होने पर महावीर को स्वयं पर आत्मग्लानि महसूस हुयी और नीलम के सिर पर पीछे से पत्थर से वार कर दिया जिससे नीलम वंहीं मौके पर मुंह के बल गिर गयी। महावीर यह देख कर नीलम के सिर को अपनी बाजू मे लेकर फिर किसी को यह बात बताई तो जान से मारने की धमकी दी लेकिन नीलम नही मानी तब महावीर ने नीलम का गला घोंटते हुये पत्थर से नीलम के सिर पर कई बार वार किया जिससे नीलम की मौके पर ही मौत हो गयी और उसके बाद महावीर वहां से भाग गया और अपने खून से लगे कपडे छिपा दिये जिसे पुलिस ने घटनास्थल से अभियुक्त महावीर की निशान देही पर हत्या में प्रयुक्त रक्त रंजित दो पत्थर तथा घटना के समय पहने रक्त रंजित कपड़े बरामद किये गये हैं। अभियुक्त को आज मा0 न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
पुलिस के स्तर से अभियुक्त के आपराधिक इतिहास की जानकारी ज्ञात की जा रही है।
इस हत्याकाण्ड का सफल अनावरण करने वाली पुलिस टीम को पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग ने ढाई हजार रुपये का पारितोषिक प्रदान किये जाने की घोषणा की गयी है।

अभियुक्त का विवरण – महावीर कठैत पुत्र श्री दलीप कठैत निवासी ग्राम बिजराकोट, पो0 जखेड़ा, जिला रुद्रप्रयाग (उम्र- 37 वर्ष)

पुलिस टीम का विवरण –
1. प्रभारी निरीक्षक राकेन्द्र कठैत
2. उपनिरीक्षक सुरेश कुमार सिंह
3. अपर उप निरीक्षक यशपाल रावत
4. मुख्य आरक्षी मनोज कुमार
5. आरक्षी गम्भीर
6. आरक्षी जय प्रकाश चौहान
7. मुख्य आरक्षी नवनीत (साइबर सैल)
8. आरक्षी राकेश रावत (साइबर सैल)

उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम में रुद्रप्रयाग रहा अव्वल,इंटरमीडिएट में दूसरा साथ अंशुल नेगी व हाईस्कूल में शिवम मलेटा ने किया रुद्रप्रयाग का नाम रोशन।।

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नरेश भट्ट।।

उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद्, रामनगर (नैनीताल) द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परीक्षा-2024 एवं परीक्षाफल सुधार परीक्षा (द्वितीय) वर्ष 2023 का परीक्षाफल घोषित कर दिया गया है। हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम 89.14 फीसदी रहा जबकि इंटरमीडिएट का परिणाम कुल 82.63 फीसदी रहा। इंटरमीडिएट में अल्मोड़ा के पीयूष खोलिया ने पहले स्थान पर कामयाबी पाई तो दूसरे स्थान पर रुद्रप्रयाग के अंशुल नेगी एवं ऋषिकेश के हरीश चंद्र बिजल्वाण ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।

उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम घोषित

पिथौरागढ़ की प्रियांशी रावत ने हाईस्कूल की परीक्षा में प्रदेश में टॉप किया। रुद्रप्रयाग के शिवम मलेठा ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं, पौड़ी गढ़वाल की आयुष ने तीसरा स्थान हासिल किया है। हाईस्कूल परीक्षा 2024 में पंजीकृत परीक्षार्थियों की संख्या 115666 थी। हाईस्कूल परीक्षा 2024 में 112377 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए जिसमें से 100179 परीक्षार्थी उत्तीर्ण घोषित हुए। कुल परीक्षाफल 89.14 प्रतिशत रहा जिसमें बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 85.59 तथा बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 92.54 रहा। संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 89.56 तथा व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 58.80 रहा।

अपर सचिव लोक निर्माण विभाग विनीत कुमार ने सिरोबगड़ से गौरीकुंड का निरीक्षण कर लिया व्यवस्थाओं का जायजा।

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  • श्री केदारनाथ धाम यात्रा को लेकर शाशन- प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। चारधाम यात्रा शुरू होने से पूर्व सड़क यात्रा मार्ग दुरुस्त हो इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोक निर्माण विभाग लगातार कार्यरत है। सोमवार को अपर सचिव लोक निर्माण विभाग उत्तराखंड शासन, विनीत कुमार ने सिरोबगड़ से गौरीकुंड तक सड़क मार्ग एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों को यात्रा शुरू होने से पूर्व सड़क एवं अन्य सभी व्यवस्थाएं चाक- चौबंद करने के निर्देश दिए।

एक दिवसीय जनपद भ्रमण रुद्रप्रयाग पहुचें अपर सचिव लोक निर्माण विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोक निर्माण विभाग से यात्रा मार्ग की रिपोर्ट लेते हुए सभी गतिमान कार्यों को यात्रा से पूर्व गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने संकरे मार्ग एवं जाम की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण स्थानों पर चल रहे सभी कार्य पूरे करने के साथ ही गौरीकुंड तक सड़क मार्ग चौड़ा करने के साथ ही पानी की निकासी के दृष्टिगत नालियों का निर्माण भी करने के निर्देश दिए। कहा कि यात्रा मार्ग में जाम जैसी स्थिति पैदा न हो और श्रद्धालुओं को किसी तरह की समस्या न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने सड़क में गतिमान पुल निर्माण एवं पैराफिट निर्माण के साथ ही इंटरलॉकिंग कार्यों को भी गुणवत्तापूर्ण तरीके से यात्रा से पहले किसी भी हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं डामर एवं पेंटिंग संबंधित कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने को कहा।

निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियरिंग राष्ट्रीय राजमार्ग दयानंद, अधीक्षण अभियंता गोपेश्वर राजेश चंद्र, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग रुद्रप्रयाग निर्भय सिंह, श्रीनगर तनुज कंबोज, अधिशासी अभियंता लोनिवि रुद्रप्रयाग इंद्रजीत बोस, ऊखीमठ मनोज भट्ट सहित अन्य अधिकारी- कर्मचारी मौजूद रहे।