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Saturday, July 4, 2026
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भयमुक्त वातावरण में निष्पक्ष एवं भेदभाव रहित मतदान कराने को तैयार है रुद्रप्रयाग पुलिस।

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*भयमुक्त वातावरण में निष्पक्ष एवं भेदभाव रहित मतदान कराने को तैयार है रुद्रप्रयाग पुलिस*

*पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के नेतृत्व में आयोजित किया गया फ्लैग मार्च*

*फ्लैग मार्च में उपस्थित कार्मिकों को दिलायी गयी मतदान करने की शपथ*

*फ्लैग मार्च के दौरान आम जनमानस से निर्भीक व भयमुक्त होकर मतदान करने हेतु की गयी अपील*

आगामी लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 को सकुशल सम्पन्न कराये जाने हेतु रुद्रप्रयाग पुलिस पूरी तरह से तैयार है। मतदान को सकुशल सम्पन्न कराने हेतु सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से पुलिस के स्तर से आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गयी हैं। आगामी 19 अप्रैल 2024 को लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान होना है। इसी तिथि को ही जनपद के मतदाताओं द्वारा भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया जाना है। जनपद के मतदाता अधिक से अधिक संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करें, उनको अपने मताधिकार का प्रयोग करने हेतु प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आज दिनांक 16 अप्रैल 2024 को पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग डॉ0 विशाखा अशोक भदाणे के नेतृत्व में फ्लैग मार्च किया गया।
ऐतिहासिक गुलाबराय मैदान में फ्लैग मार्च हेतु एकत्रित पुलिस बल ने 19 तारीख को मतदान करने हेतु प्रेरित करते हुए मानव श्रृंखला बनायी गयी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने सभी को निर्भीक होकर मतदान करने की शपथ दिलायी गयी। तदोपरान्त गुलाबराय मैदान से मुख्य बाजार होते हुए केदारनाथ तिराहे तक फ्लैग मार्च का आयोजन कर आम जनमानस को निर्भीक व भयमुक्त होकर अधिक से अधिक संख्या में अपने से सम्बन्धित मतदान केन्द्रों पर पहुंचकर मतदान करने की अपील की गयी। जनपद रुद्रप्रयाग पुलिस निष्पक्ष व भयमुक्त मतदान कराये जाने हेतु प्रतिबद्ध है।

 

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने यात्रा वर्ष 2024 के लिए आन लाइन पूजा बुकिंग शुरू की।

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। श्री बद्री केदारनाथ मंदिर समिति ने अपनी अधिकारिक वेबसाइट https://badrinath -kedarath.gov.in में आज सोमवार से इस यात्रावर्ष 2024 हेतु आनलाईन पूजाओं की बुकिंग शुरू कर दी है। उल्लेखनीय है पर्यटन विभाग द्वारा आज से चारधाम हेतु तीर्थयात्रियों का पंजीकरण भी शुरू हो गया है।

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी ) मुख्य कार्याधिकारी योगेन्द्र सिंह ने बताया कि श्रद्धालुजनों की सुविधा के लिए आन लाईन पूजाओं की बुकिंग आज दिनांक 15 अप्रैल से 30 जून तक के लिए शुरू की गयी है।

श्री बदरीनाथ धाम की पूजाओं में मुख्य रूप से भगवान बदरीविशाल की ब्रह्म मुहूर्त में होने वाली महाभिषेक एवं अभिषेक पूजा के अलावा वेद पाठ, गीता पाठ, विष्णु सहस्रनामावली, तथा शायंकालीन स्वर्ण आरती, चांदी आरती तथा शायंकालीन गीत गोविंद पाठ एवं भगवान बदरीविशाल की शयन आरती एवं दीर्घकालिक अवधि की पूजायें शामिल है।

इसी तरह श्री केदारनाथ मंदिर में षोडशोपचार पूजा-अर्चना, रूद्राभिषेक तथा शायंकालीन आरती सहित दीर्घकालिक पूजायें शामिल है।
इसके अलावा श्रद्धालुजन स्वेच्छा से आन लाइन डोनेशन भी कर सकते है।

  1. बीकेटीसी ने पिछले यात्रा वर्ष 2023 में श्री बदरीनाथ धाम में 19700 लोगों ने पूजाओं की बुकिंग करायी तथा श्री केदारनाथ हेतु 20000 से अधिक श्रद्धालुओं ने आन लाईन पूजाओं की बुकिंग की एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आन लाईन डोनेशन भी किया।

सब स्टेशन 33 केवी जखोली की विद्युत सप्लाई बार बार बाधित होने से ग्रामीण परेशान।

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सब स्टेशन 33 केवी जखोली की विद्युत सप्लाई बार बार बाधित होने से ग्रामीण परेशान।

 

प्रत्येक दिन दिनभर विद्युत लाइन फाल्ट के नाम पर मांगे गए शट डाउन के कारण हो रही समस्या

तकनीकी विभाग का दम्भ भरने वाले विद्युत विभाग खुद ठेकेदार के रहमोकरम पर सांसे भरने को मजबूर। आखिर ऐसी क्या विपदा आयी ऊर्जा प्रदेश का दम्भ भरने वाले उत्तराखण्ड के इस सब स्टेशन पर जो दिनभर विद्युत कटौती का कोई पता नही बत्ती कब आये कब जाए। आलम यह है कि दिनभर में हर घण्टे या डेढ़ घण्टे बाद बत्ती का जाना आम हो गया है जिससे ग्रामीण जनता के साथ साथ छोटे उद्योग वालों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

अमूमन देखा जाता है कि विद्युत व्यवस्था तकनीकी जानकारों के हाथ मे कमान होती है पर यहां तो ठेकेदार के मार्फ़त लाइन का संचालन किया जा रहा है। ठेकेदार ने भी बिना किसी डिग्री डिप्लोमा के जिसको चाहा भर्ती करके लाइन का जिम्मा दे दिया ओर लाइनमैन बना दिया है। जिसके चलते यह सारी समस्या हो रही है।

विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को कभी यह देखने में नही आया कि शट डाउन इतने ज्यादा क्यो बढ़ गए हैं इसका कारण या तो पूरी लाइनों में कहीं न कहीं फॉल्ट है या लोड सम्भाल नही पा रही लाइन जो भी हो उसका निस्तारण किया जाए। यह अवश्य रूप से गोर करने वाली बात है जिसका जबाब कोंन देगा सब टेक्निकल फाल्ट बताते हुए अपना पल्ला झाड़ने का काम करेंगे।

ठेकेदार ने लाइन की देखरेख के लिए लाइनमैन नियुक्त किये हैं उनके पास सेफ्टी के कोई भी उपकरण नही हैं जो कि कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। लाइनमैन बने युवा वर्ग मजबूरी में बोल भी नही सकते क्योंकि नोकरियों की विकट समस्या है और इन्हें अपना परिवार पालना ही है।

  • विद्युत विभाग को एक बार अपनी बड़ी लाइन ओर छोटी विद्युत लाइनों का गहन निरीक्षण कर समस्या का समाधान करना होगा और बड़े फीडरों को हटाकर छोटे फीडर बनाने होंगे नही तो राजस्व घाटा होने के चलते विद्युत बिलों का भार आम जनता के सिर पर बढ़ेगा।

जाख मेले में अंगारों पर नृत्य करते हैं यक्ष के पश्वा- महाभारत से जुड़ी है मान्यता।

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देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति और विरासत अपने आप में अनूठी है। देवभूमि में प्राचीनकाल से अपने अभीष्ट को पाने के लिए महाभारत के काल में पांडवों का अपने कुल व गोत्र हत्या के पाप प्रायश्चित करने केदारभूमि आना हो या यहां के मठ-मंदिरों का पौराणिक महत्व इस विरासत को और समृद्ध बनाता है। जनपद रुद्रप्रयाग जिले के प्रसिद्ध जाख मेले को भव्य बनाने के लिए देवशाल स्थित विंध्यवासिनी मंदिर के प्रांगण में हक हकूकधारी एवं ब्राह्मणों द्वारा मेले की समय सारणी को लेकर पंचांग देखकर दिन तय किया गया जाता है। इस वर्ष 14 अप्रैल को जाख मंदिर में धधकते अंगारों पर भगवान यक्ष नृत्य कर श्रद्धालुओं की बलाएं लेते हुए भगवान यक्षराज के दर्शन श्रद्धालुओं ने किये।

जाख राजा की लोक मान्यता- जनश्रुतियों के अनुसार जब प्राचीनकाल में स्थानीय लोग अपने मवेशियों को बुग्यालों की ओर चुगाने के लिए जाते थे तो वहां पर एक पालसी (पालसी – जंगल में मवेशी चुगाने वाले) ने एक पत्थर को अपनी झोली में ऊन कातने के उद्देश्य से डाल दिया। पालसी ने जो पथ्थर अपने झोले में रखा था उस पथ्थर का धीरे-धीरे आकार और भार बढ़ने लगा और वह पालसी अपने मवेशियों के साथ वापस केदारघाटी अपने घर को आ गया।

पालसी जब घर आता है तो इसके बाद देवशाल गावं की भूमि में झूला टूट जाता है और यह पत्थर नीचे गिर जाता है। रात्रि को पालसी के सपने में भगवान दर्शन देते हैं और इस पत्थर को वहीं पर स्थापित करके पूजन-अर्चना करने को कहतें हैं। अगले दिन प्रातः को पालसी इस भारी पत्थर को स्थापित करता है। स्थापना के पश्चात तब से लेकर वर्तमान समय तक अपनी परम्परा का निर्वहन हक-हकूकधारी करते हुए आ रहे हैं इस स्थान पर भगवान यक्ष की पूजा की जाती है। वैशाखी के दूसरे दिन गुप्तकाशी से 5 किलोमीटर दूर जाखधार में जाख मेले का आयोजन होता है। जाख मेले में देवशाल, नारायणकोटी, कोठेड़ा के ग्रामीण शामिल होते हैं। इसके अलावा रुद्रपुर, बणसू, देवर, सांकरी, ह्यूण, नाला, गुप्तकाशी, गढ़तरा, सेमी, भैंसारी समेत कई गांवों के ग्रामीण मेले को सफल बनाने में सहयोग करते हैं। मेला शुरू होने से दो दिन पूर्व कोठेड़ा और नारायणकोटी के भक्तजन नंगे पांव जंगल में जाकर लकड़ियां एकत्रित कर जाख मंदिर में लाते हैं. जाख मंदिर में कई टन लकड़ियों से भव्य अग्निकुण्ड तैयार किया जाता है।

दूसरी जनश्रुति की मान्यता है – महाभारत युद्ध के पश्चात गोत्र हत्या के पाप से मुक्ति के लिए जब पांडव भगवान महादेव की खोज में केदारनाथ को चल पड़े तो गुप्तकाशी के लगभग 6 किलोमीटर आगे जाख तोक में कुछ दिन विश्राम किया। द्रोपदी को प्यास लगने पर पांडव तालाब के किनारे पहुंचे, तब भगवान यक्ष ने उनसे पांच प्रश्न किए थे वह इसी स्थान पर भगवान यक्ष ने पांडवों से प्रश्न किए थे। जब भीम, अर्जुन, नकुल, सहदेव यक्षराज के सवालों का जबाब नहीं दे पाए तो इसी स्थान पर बेहोश हो गए थे।

चारोँ भाईयों को वापस न आता देखकर युधिष्ठिर तालाब के किनारे पहुंचे तो उन्होंने देखा कि सभी पांडव बेहोश होकर जमीन पर गिरे हैं। ज्यों ही युधिष्ठिर ने तालाब से जल पीना चाहा, तो यक्ष प्रकट हो गए। उन्होंने युधिष्ठिर से भी पांच प्रश्न किए और इन प्रश्नो का सही उत्तर सुनकर यक्ष महाराज ने खुश होकर बेहोश पांंडवों को होश में लाया गया। पांडवों की परीक्षा के बाद से यक्ष राज की आज तक यहां पर यक्ष की पूजा-अर्चना की जाती है। नर पश्वा पर यक्षराज अवतरित होते हैं तो बताया जाता है, कि धधकते अंगारों पर नृत्य करने से पूर्व नर पश्वा को इस कुंड में जल नजर आता है।

जाख देवता यक्ष व कुबेर के रूप में भी माने जाते हैं। उनके दिव्य स्वरूप की अलौकिक लीला प्रतिवर्ष अग्नि कुंड में दहकते अंगारों पर नृत्य करते हुए विश्व कल्याण की कामना करते हैं तथा अतिवृष्टि एवं अनावृष्टि से बचने के लिए भी जाख देवता की पूजा की जाती है। इसके साथ ही जिस भक्त को जाखराजा का आशीर्वाद मिलता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण हो जाती है।

उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर अधिक आश्रित है पर पर्यटन प्रदेश के नाम से सरकार के अनेकों प्रचार पसर कार्यक्रम होतें हैं पर पर्यटन विभाग इस मेले का व्यापक प्रचार प्रसार करता तो देश-विदेशों से भी भक्त मेले अवश्य पहुंचते। इससे यहां पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता। जाख मंदिर में सदियों से चले आ रहे मेले को बढ़ावा देने के लिए सरकारी एवं पर्यटन स्तर पर कोई प्रयास तक नहीं किए गए हैं। इसके चलते देश-विदेश के श्रद्धालु यहां नहीं पहुंच पा रहे हैं।

उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी मुक्ता मिश्रा ने जनपद का भ्रमण कर विभिन्न बूथों का निरीक्षण कर जायजा लिया।

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19 अप्रैल को होने वाले लोकसभा निर्वाचन हेतु की जा रही तैयारियों के संबंध में नोडल अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की।*

*उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण कर कंट्रोल रूम में 1950 सी-विजिल एप के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की भी जानकारी प्राप्त की।*

उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी मुक्ता मिश्र ने जनपद रुद्रप्रयाग का दौरा कर सभी नोडल अधिकारियों के साथ लोकसभा चुनाव तैयारियों की जिला कार्यालय में समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में मत प्रतिशत बढ़ाने के लिए वोटर जागरूकता कार्यक्रम पर विशेष जोर रहने के साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों द्वारा निरंतर आम जनमानस से समन्वय स्थापित किया जाए।


उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि बीएलओ के माध्यम से मतदाताओं से संपर्क बढाते हुए मतदाताओं को 19 अप्रैल को मतदान के लिए प्रेरित करें। दिव्यांग एवं बुजुर्ग नागरिकों को बूथ तक पहुंचने के लिए उचित प्रबंध किए जाने चाहिए। चुनाव ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों को शत-प्रतिशत मतदान कराया जाए। कोई भी मतदाता न छूटे, इसके लिए सभी संभव प्रयास होने चाहिए। उन्होंने पोलिंग बूथों पर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। पोलिंग बूथों पर आवश्यक जानकारी चस्पा करने, बूथों के साइनेज बोर्ड भी लगाने को कहा तथा शेडो एरिया वाले बूथों पर संचार व्यवस्था का उचित प्रबंधन तथा निर्वाचन के दौरान वेब कास्टिंग वाले बूथों पर ट्रायल रन पूरा करते हुए इसका सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि निर्वाचन हेतु उपयोग में लाए जाने वाले सभी वाहनों पर जीपीएस सिस्टम लगाने को कहा।
उन्होंने कहा कि मतदान गतिविधियों की मॉनिटरिंग के लिए पीडीएमएस कार्मिकों को प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। सभी पीठासीन अधिकारियों के मोबाइल में पीडीएमएस एप इंस्टॉल कराया जाना चाहिए। प्रत्येक पीठासीन अधिकारी के बैग में हेल्थ किट समेत बूथ हेल्थ मैनेजमेंट प्लान जरूर रखने पर जोर दिया गया। एफएसटी, एसएसटी व वीएसटी टीमों को सक्रिय करने के निर्देश भी दिए गए। सी-विजिल पर प्राप्त शिकायतों पर नोटिस जारी करते हुए त्वरित कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने अब तक लिकर और कैश सीजर्स तथा कानून व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्याम सिंह राणा ने जनपद में लोकसभा चुनाव तैयारियों की जानकारी दी। इस अवसर पर उन्होंने कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण कर 1950 एवं सी- विजिल एप पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता के उलंघन पर यदि किसी को नोटिस किया जाना है तो उसे तत्काल नोटिस निर्गत किया जाए।
जनपद भ्रमण के दौरान उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जनपद के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जीएस खाती, मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रमेंद्र कुमार बिष्ट, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. एचसीएस मार्तोलिया, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी दीप्ति चमोली, जिला आबकारी अधिकारी लक्ष्मण सिंह बिष्ट, वरिष्ठ कोषाधिकारी चंद्रप्रकाश सती, अधिशासी अभियंता लोनिवि इंद्रजीत बोस, तहसीलदार राम किशोर ध्यानी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी धीरज कुमार सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

 

बागेश्वर में बड़ा सड़क हादसा ,कार नदी में गिरी,कार सवार चार लोगों की मौत।

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बागेश्वर- बागेश्वर में बड़ा सड़क हादसा हो गया है. जहां बालीघाट धरमघर मोटर मार्ग पर एक कार नदी में जा गिरी. इस हादसे में कार सवार चार लोगों की मौत हो गई. वहीं, पुलिस की टीम ने शव को नदी से बाहर निकाल लिया है. बताया जा रहा है कि यह हादसा सुबह के समय हुआ है। अभी तक मृतकों की शिनाख्त नहीं हो पाई है।

जानकारी के मुताबिक, बागेश्वर के बालीघाट धरमघर मोटर मार्ग पर तुपेड के पास दिल्ली नंबर की अल्टो कार करीब 300 मीटर खाई में जा गिरी. जो सीधे नदी में गिरी है. सुबह के समय स्थानीय लोगों को कार नदी में गिरी दिखी. जिसके बाद उन्होंने तत्काल आनन-फानन में कार हादसे की सूचना पुलिस को दी। उधर, हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर सर्विस की टीम तत्काल घटनास्थल पहुंची. जहां टीम खाई में उतरकर नदी तक पहुंची. जहां चार शव पड़े मिले. जिसके बाद शवों को खाई से रेस्क्यू कर सड़क तक पहुंचाया. जहां से शवों को पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए अस्पताल भेज दिया है. घटना सुबह करीब चार बजे की बताई जा रही है। अभी तक मृतकों की शिनाख्त नहीं हो पाई है. मृतकों की उम्र 35 से 40 साल के बीच है. मामले में फायर अधिकारी गोपाल रावत ने बताया की हादसे की जानकारी मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई थी. जहां शवों का रेस्क्यू कर खाई से बाहर निकाल लिया गया है. अभी तक किसी की पहचान नहीं हो पाई है. ऐसे में मामले में जानकारी जुटाई जा रही है

गृह मंत्री अमित शाह के द्वारा दल बदलो पर दिए बयान से उत्तराखण्ड की राजनीति गरमायी।

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देहरादून। गृह मंत्री अमित शाह जल्द ही उत्तराखंड में चुनावी सभा के जरिये हलचल बढ़ाएंगे। लेकिन उनके आने से पहले राजस्थान में भाजपा कार्यकर्ताओं से कही एक खास बात ने उत्तराखण्ड की राजनीति गरमा गई है।

बता दें कि बीते दिनों जोधपुर के दौर पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जो डर भागकर भाजपा में आ रहे,उन्हें कुछ नहीं मिलेगा..वे आपकी जगह नहीं ले सकता। भाजपा के दिग्गज नेता अमित शाह के इस बयान के उत्तराखंड में वॉयरल होने के बाद कांग्रेस व अन्य दलों से थोक के भाव भाजपा में आये दल बदलुओं में हलचल मची हुई है।

 

दरअसल,बीते काफी समय से कांग्रेस के काल में रहे पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल, राजेन्द्र भण्डारी समेत कई पूर्व विधायक ,ब्लाक प्रमुख व निकाय-पंचायत प्रतिनिधि भाजपा में शामिल हुए। इनमें कुछ नेता व उनके परिजन भ्र्ष्टाचार से जुड़ी कई ममलों में फंसे हुए हैं। और कई नेता अपने व्यापारिक व अन्य हितों पर चोट पहुँचने की वजह से भी कांग्रेस में शामिल हो गए।

चुनावी बेला में इन विपक्षी नेताओं के भाजपा में आने से पार्टी की कई सीटों के समीकरण गड़बड़ा गए। निकाय,पंचायत व विधानसभा की सीटों पर कई दावेदार इकठ्ठा हो गए। इन नेताओं की आमद से कई पुराने भाजपाई अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर पसोपेश में हैं। नये मेहमानों के स्वागत के साथ ब्लड प्रेशर भी बढ़ गया।

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि भाजपा में भर्ती अभियान में क्षेत्र विशेष से जुड़े बड़े नेताओं को भी विश्वास में नहीं लिया गया। नतीजतन, कई नेता अपनी उपेक्षा व पार्टी समर्थकों के राजनीतिक भविष्य को लेकर गहरी चिंता में है। आने वाले दिनों में निकाय,पंचायत व विधानसभा चुनावों में एक सीट पर कई उम्मीदवार खड़े दिखाई देंगे। 2016 की काँग्रेस में हुई टूट के बाद कई भाजपाइयों को मंत्री बनने के लाले पड़ गए। और ‘समझौते’ के तहत भाजपा ने पार्टी में शामिल हुए कई कांग्रेसियों को मंत्री बना उचित सम्मान दिया। इसे लेकर भी निष्ठावान भाजपाइयों की कुढ़न कई बार सामने भी आयी।

इस बार भी सैकड़ों की संख्या में आये कांग्रेसियों की वजह से भाजपा में कसमसाहट साफ देखी जा रही है। कमोबेश यही हालात अन्य राज्यों में भी नजर आ रहे है। लिहाजा, राजस्थान के चुनावी दौरे पर गए गृह मंत्री अमित शाह को पार्टी बैठक में कहना पड़ा कि- जो लोग डरकर या भाग-भागकर भाजपा में शामिल रहे हैं, उन्हें कुछ नहीं मिलेगा। आपकी जगह कोई नहीं ले सकता।

इस बयान के उत्तराखण्ड में वॉयरल होने के बाद विपक्षी खेमे से आये नेताओं में अपने भविष्य को लेकर कुलबुलाहट देखी जा रही है। और भाजपा के पुराने सिपाही पूर्व में ‘कांग्रेसियों’ को मिले अति सम्मान से खुद के मारे गए हक को याद कर शाह की ओर से मिले ताजे भरोसे के बाद भी उलझन में है..

पंचकेदारों में प्रतिष्ठि द्वितीय केदार श्री मदमहेश्वर के कपाट 20 मई को तथा तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी के कपाट 10 मई को खुलेंगे।

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द्वितीय केदार मद्महेश्वर एवं तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट खुलने की तिथि हुई तय।

• चार धाम सहित पंचकेदार पंच बदरी के कपाट खुलने की तिथियां हो चुकी घोषित।

•पंचकेदारों में प्रतिष्ठित द्वितीय केदार श्री मदमहेश्वर के कपाट 20 मई को तथा तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी के कपाट 10 मई को खुलेंगे।

उखीमठ/ मक्कूमठ (रूद्रप्रयाग) 13 अप्रैल ।पंचकेदारों में प्रतिष्ठित द्वितीय केदार श्री मदमहेश्वर के कपाट सोमवार 20 मई को खुलेंगे। जबकि तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट शुक्रवार 10 मई को खुलेंगे।

बैशाखी के शुभ अवसर पर पंचकेदार गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में यज्ञ हवन के पश्चात विधि -विधान तथा पंचांग गणना पश्चात आचार्य गणों- वेदपाठियों के द्वारा मंदिर समिति अधिकारियों – हकहकूकधारियो की उपस्थिति में कपाट खुलने की तिथि निश्चित हुई जबकि श्री तुंगनाथ जी के कपाट खुलने की तिथिे शीतकालीन गद्दी स्थल श्री मार्कंडेय मंदिर उखीमठ में पूजा-अर्चना पंचाग गणना के पश्चात तय हुई।

इस अवसर पर श्री बदरीनाथ -केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी )अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने अपने संदेश में श्रद्धालुओ को बैशाखी की शुभकामनाएं दी है। कहा कि श्री मदमहेश्वर तथा तुंगनाथ जी की यात्रा शुरू होने से पहले मंदिर समिति यात्रा तैयारियों में जुट गयी है।
बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय आज शायंकाल में श्री मद्महेश्वर भगवान के डोली में आरोहण के बिखौत मेला कार्यक्रम में शामिल होने भगवान मद्महेश्वर के चलविग्रह के दर्शन हेतु श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंच गये है। आज बैशाखी के अवसर पर भगवान मद्महेश्वर रथ में आरूढ़ हो कर श्री ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में दर्शन देते है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन भगवान मद्महेश्वर जी की डोली के दर्शन को पहुंचते है।

आज ही श्री मदमहेश्वर जी की उत्सव डोली जी के श्री मदमहेश्वर प्रस्थान का भी कार्यक्रम घोषित हुआ।
*बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी योगेन्द्र सिंह ने बताया कि श्री मद्महेश्वर तथा श्री तुंगनाथ जी की यात्रा तैयारियों को बीकेटीसी द्वारा अंतिम रूप दिया जा रहा है इसके लिए जिला प्रशासन रूद्रप्रयाग से लगातार समन्वय किया जा रहा है।
श्री मद्महेश्वर जी के कपाट खुलने के कार्यक्रमानुसार श्री मदमहेश्वर जी की उत्सव डोली बृहस्पतिवार 16 मई को श्री ओंकारेश्वर मंदिर प्रांगण में विराजमान होगी। 17 मई को श्री ओंकारेश्वर मंदिर में विश्राम तथा 18 मई को श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से प्रस्थानकर प्रवास हेतु राकेश्वरी मंदिर रांसी पहुंचेगी। 19 मई को रांसी से रात्रि विश्राम हेतु गौडार पहुंचेगी। 20 मई को गौडार से प्रात:काल श्री मद्महेश्वर जी की उत्सव डोली श्री मदमहेश्वर मंदिर परिसर पहुंचेगी इसी दिन सोमवार 20 मई पूर्वाह्न 11.15 बजे कर्क लग्न में श्री मदमहेश्वर मंदिर के कपाट खुलेंगे।

इसी तरह श्री तुंगनाथ जी की उत्सव डोली मंगलवार 7 मई को श्री मार्कंडेय मंदिर से भूतनाथ मंदिर में में प्रवास करेगी।
9 मई को भूतनाथ मंदिर से चलकर चोपता प्रवास करेगी 10 मई को चोपता से श्री तुंगनाथ पहुंचेगी तथा इसी दिन 10 मई दिन 12 बजे कर्क लग्न में श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट खुलेंगे।

द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर जी के कपाट की तिथि घोषित होने के समय आज बीकेटीसी सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, कार्याधिकारी आरसी तिवारी, देवानंद गैरोला, थाना प्रभारी मुकेश चौहान,स्थानीय हक हकूकधारी पंच गौंडारवासी, सहिज पुजारी शिवशंकर लिंग वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवाण एवं यदुवीर पुष्पवान ,धर्माचार्य औकार शुक्ला, वेदपाठी यशोधर मैठाणी, विश्वमोहन जमलोकी स्वयंबंर सेमवाल,पुजारी बागेश लिंग, टी गंगाधर लिंग, कुलदीप धर्म्वाण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन मौजूद रहे।

श्री तुंगवाथ जी के शीतकालीन गद्दीस्थल श्री मार्कंडेय मंदिर मक्कूमठ में इस दौरान मठापति रामप्रसाद मैठाणी,प्रबंधक बलबीर नेगी,पुजारी प्रकाश मैठाणी,विनोद मैठाणी सहित मंदिर समिति के अधिकारी कर्मचारी एवं स्थानीय हक- हकूकधारी मौजूद थे।
बदरीनाथ धाम के कपाट 12 मई, श्री केदारनाथ धाम के 10 मई, तथा श्री गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट 10 मई को खुल रहे है चतुर्थ केदारनाथ रूद्रनाथ जी के कपाट 18 मई को खुल रहे हैं प़च बदरी में शामिल भविष्य बदरी सुभाई तपोवन(जोशीमठ) के कपाट श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि पर 12 मई को खुलेंगे।

मॉर्निंग वॉक के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने बड़े बुजुर्गों तक पहुंचाया मोदी का प्रणाम और राम-राम।

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*मॉर्निंग वॉक के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने बड़े बुजुर्गों तक पहुंचाया मोदी का प्रणाम और राम-राम।*

*खटीमा में प्रातः काल की सैर पर संभ्रांत जनता से मिलते हुए प्रधानमंत्री मोदी जी के उत्तराखण्ड से विशेष लगाव व जुड़ाव को लेकर की चर्चा।*

*ऋषिकेश में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को बड़े बुजुर्गों तक उनकी राम-राम पंहुचाने का किया था अनुरोध।*

खटीमा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुबह की सैर के दौरान स्थानीय जनता से भेंट की, उनका हाल चाल पूछा और बड़े बुजुर्गों तक *प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का प्रणाम व राम-राम पहुंचाया।* मुख्यमंत्री ने लोगों से लोकसभा चुनाव में अनिवार्य रूप से मतदान करने का आग्रह भी किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब भी पार्टी कार्यकर्ताओं को कोई कार्य सौंपते हैं तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद अगुवाई करके उस कार्य को अंजाम तक पहुंचाने में जुट जाते हैं। बीते गुरुवार को ऋषिकेश में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत अनुरोध किया था। वह अनुरोध था, घर-घर जाकर बड़े बुजुर्गों को मोदी जी का प्रणाम और राम-राम कहना। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा था कि *बड़ों का अशीर्वाद मेरे लिए ऊर्जा है।* साथ ही नवरात्र का पर्व चल रहा है, उत्तराखंड में देवी-देवताओं की महिमा होती है। अपने-अपने क्षेत्र के देवी-देवताओं के मंदिरों में जाकर शीश नवा कर मेरी तरफ से प्रणाम करना है।

ऋषिकेश की जनसभा के समापन के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सीधे खटीमा पहुंचे जहां उन्होंने एक कार्यक्रम में भाग लिया। आज सुबह खटीमा में सैर के दौरान मुख्यमंत्री धामी राह चलते कई लोगों से मिले। खासतौर पर बड़े बुजुर्गों से मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने आपको प्रणाम और राम-राम कहा है। इस दौरान उन्होंने मोदी के उत्तराखण्ड से विशेष लगाव और जुड़ाव को लेकर भी लोगों से चर्चा की। जनता ने भी प्रधानमंत्री मोदी के प्रणाम को सहर्ष से स्वीकार कर मुख्यमंत्री धामी को आशीष दिया।

लोकसभा सामान्य निर्वाचन हेतु जनपद की दोनों विधान सभाओं में मतदान केंद्रों में की जाने वाली वेबकास्टिंग के लिए कार्मिकों को द्वितीय चरण का प्रशिक्षण के साथ वेबकास्टिंग सामग्री उपलब्ध कराई गयी।

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लोकसभा सामान्य निर्वाचन को निष्पक्ष एवं पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी सौरभ गहरवार के निर्देशन में निर्वाचन प्रक्रिया के सफल संचालन हेतु सभी तैयारियां त्वरित गति से की जा रही हैं। जनपद की दोनों विधान सभाओं के 181 मतदान केंद्रों में वेबकास्टिंग की जानी है जिसके सफल संचालन एवं निष्पक्ष एवं पारदर्शिता के साथ निर्वाचन प्रक्रिया संपादित कराए जाने के लिए वेबकास्टिंग हेतु तैनात किए गए कार्मिकों को विकास खंड सभागार अगस्त्यमुनि में द्वितीय चरण का प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया। साथ ही वेबकास्टिंग की टीमों को कैमरा एवं अन्य सामग्री उपलब्ध कराई गई।
नोडल अधिकारी वेबकास्टिंग/खंड विकास अधिकारी प्रवीण भट्ट ने कहा कि जनपद की दोनों विधान सभाओं में 181 मतदान केंद्रों में वेबकास्टिंग की जानी है जिसमें 07-केदारनाथ विधान सभा में 86 तथा 08-रुद्रप्रयाग विधान सभा में 95 मतदान केंद्रों में वेबकास्टिंग की जानी हैं जिसके लिए 114 कार्मिकों को तैनात किया गया है एवं 09 टीमें रिजर्व में तैनात की गई हैं। इसके साथ ही 4 ब्लाॅक काॅर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने द्वितीय प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित वेबकास्टिंग कार्मिकों से कहा कि जिन मतदान केंद्रों में उनके द्वारा वेबकास्टिंग की जानी है, वे सभी कार्मिक अपने दायित्वों का निर्वहन सावधानी पूर्वक करें। इसमें किसी भी प्रकार की कोई शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कैमरे को ऐसे स्थान पर लगाई जाए जिससे पूरी निर्वाचन प्रक्रिया पर निगरानी की जा सके।