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Sunday, July 5, 2026
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भगवान मदमहेश्वर की चलविग्रह डोली पहुंची, पंचकेदार गद्दीस्थल‌ ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ

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भगवान श्री मदमहेश्वर जी की चलविग्रह डोली पहुंची पंचकेदार गद्दीस्थल‌ श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ।

• तीन दिवसीय मदमहेश्वर मेले का आज दूसरा दिन।

• शीतकालीन पूजायें शुरू।

उखीमठ/ रूद्रप्रयाग: 25 नवं। प्रसिद्ध द्वितीय केदार श्री मदमहेश्वर जी की चल विग्रह डोली सेना के बैंड के साथ समारोहपूर्वक आज अपराह्न सवा दो बजे को शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंची। इस अवसर पर श्री ओंकारेश्वर मंदिर को 10 क्विंटल फूलों से सजाया गया।वहीं श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति तथा श्रद्धालुओं ने श्री मदमहेश्वर डोली का फूल बरसाकर स्वागत किया।
इस वर्ष श्री मदमहेश्वर पहुंचे तीर्थयात्रियों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है 12777तीर्थयात्री श्री मदमहेश्वर धाम पहुंचे हैं।
उल्लेखनीय है कि विगत 24 नवंबर शुक्रवार को केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग ने तीन दिवसीय मदमहेश्वर मेले का शुभारंभ किया आज मेले के दूसरे दिन श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष किशोर पंवार तथा मंदिर समिति सदस्य वरिष्ठ तीर्थपुरोहित श्रीनिवास पोस्ती मदमहेश्वर मेले के विशिष्ट अतिथि रहे। इस अवसर पर मंदिर समिति उपाध्यक्ष एवं सदस्यगण को मेला समिति ने अंग वस्त्र स्मृति चिह्न से सम्मानित किया उसके बाद मंदिर समिति पदाधिकारियों ने श्री मदमहेश्वर जी की डोली के दर्शन‌ किये।
आज शनिवार अपराह्न को श्री मदमहेश्वर जी की डोली के शीतकालीन गद्दीस्थल पहुंचने से पहले रावल भीमांशंकर सहित कार्याधिकारी आरसी तिवारी ने मंगलचौंरी ब्राह्मणखोली पहुंचकर भगवान मदमहेश्वर जी की चल विग्रह डोली का स्वागत किया। श्री ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचने से पहले रास्ते भर में हजारों श्रद्धालुओं ने देवडोली के दर्शन किये साथ ही श्री मदमहेश्वर जी की पूजा- अर्चना भी संपन्न की गयी।
इसके बाद श्रद्धालुओं को दर्शन देते हुए भगवान मदमहेश्वर जी की चल विग्रह डोली सेना के बैंड की भक्तिमय धुनों के साथ श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंची जहां हजारों लोग डोली के स्वागत हेतु उमड़े।
देवडोली को श्री ओंकारेश्वर मंदिर परिसर मंडप में दर्शन हेतु रखा गया इसके बाद डोली को मंदिर में विराजमान करने के बाद श्रद्धालुओं ने श्री मदमहेश्वर भगवान की चल विग्रह डोली तथा भगवान वृद्ध‌ मदहेश्श्वर जी के भी दर्शन किये।
इस अवसर श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति उपाध्यक्ष किशोर पंवार सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, रणजीत सिंह राणा, केदारसभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर पंवार,नगर पंचायत अध्यक्ष विजय राणा, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी‌ राजकुमार नौटियाल वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, शिवसिंह रावत,देवानंद गैरोला, पुजारी बागेश लिंग, शिवशंकर लिंग, वेपाठी विश्वमोहन जमलोकी, प्रशासनिक अधिकारी रमेश नेगी डोली प्रभारी पारेश्वर त्रिवेदी, कुलदीप धर्म्वाण, विदेश शैव ,‌ललित त्रिवेदी सहित मंदिर समिति के अधिकारी कर्मचारी तथा हक -हकूकधारी‌ गांवों के प्रतिनिधि मौजूद रहे
श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि श्री केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली के पंचकेदार गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचने के बाद श्री ओंकारेश्वर मंदिर में भगवान श्री केदारनाथ जी की शीतकालीन पूजाएं शुरू हो चुकी हैं।
द्वितीय केदार श्री मदमहेश्वर जी के कपाट 22 नवंबर बुद्धवार को बंद हुए थे गौंडार, रांसी गिरिया पड़ावों के बाद आज 25 नवंबर को श्री मदमहेश्वर जी की चलविग्रह डोली शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंच गयी। और शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में भगवान मदमहेश्वर जी की शीतकालीन पूजाएं शुरु हो गयी। इसी तरह तृतीय केदार तुंगनाथ जी की शीतकालीन पूजा गद्दीस्थल मार्कंडेय मंदिर मक्कूमठ में आयोजित हो रही है।
जबकि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद योग बदरी पांडुकेश्वर तथा श्री नृसिंह बदरी मंदिर जोशीमठ में शीतकालीन पूजायें शुरू हो गयी हैं साथ ही मंदिर समिति के वर्षभर खुले रहनेवाले मंदिरों में यथावत पूजा-अर्चना चल रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सिलक्यारा, उत्तरकाशी में सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन का जायज़ा लिया।

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सिलक्यारामु

ख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सिलक्यारा, उत्तरकाशी में सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन का जायज़ा लिया।

इस दौरान उन्होंने टनल में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों के संबंध में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि तीव्र गति, एवं पूरी सावधानी के साथ अंतिम चरण के रेस्क्यू ऑपरेशन को संचालित किया जाए।

उन्होंने कहा यह अत्यंत चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा रेस्क्यू अभियान है।

टनल में फंसे 41 लोगों की बहुमूल्य जिंदगी को बचाने की जिम्मेदारी हम सब पर है।

अभियान में जुटे लोगों को पूरी दक्षता, क्षमता, तत्परता और सावधानी के साथ मिशन को कामयाब बनाने में दिन रात जुटे रहना होगा।

इस काम के लिए संसाधनों की कोई भी कमी नहीं होने दी जाएगी।

इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल (से.नि) बी.के सिंह, सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव अनुराग जैन, अपर सचिव (सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार) एवं एम.डी (एनएचआईडीसीएल ) महमूद अहमद, कमिश्नर गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडे, विधायक संजय डोभाल, विधायक सुरेश चौहान, रेस्क्यू आभियान के समन्वयक सचिव डॉ. नीरज खैरवाल, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला, एसडीएफआर कमाडेंट मणिकांत मिश्रा, पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

रूद्रप्रयाग बेलनी पुल से आज सुबह छलांग लगाने वाले व्यक्ति का एसडीआरएफ द्वारा किया गया रेस्क्यू।

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रूद्रप्रयाग।रूद्रप्रयाग के बेलनी पुल से आज सुबह ६बजे किसी अज्ञात व्यक्ति नदी में छलांग लगाने की सूचना स्थानीय लोगो के द्वारा पुलिस को दी गई।सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन तंत्र मौके पर पहुंचा।

उक्त व्यक्ति का रेस्क्यू DdRf स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ, व ddrf टीम द्वारा जिला चिकित्सालय ले जाया गया जिसका जिला अस्पताल में अभी प्राथमिक उपचार चल रहा है।पुल से
छलांग लगाने वाले व्यक्ति की पहचान
उदय सिंह पवार पुत्र इंद्र सिंह पवार उम्र करीब 50 वर्ष निवासी ढोंड़ा घेघड़खाल जिला रूद्रप्रयाग के रूप में हुई हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों को देखते हुए इगास पर्व नही मनाएंगे।

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देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास पर इगास पर्व बड़ी सादगी के साथ मनाया गया … क्योंकि उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल में फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए जो रेस्क्यू अभियान चल रहा है .. उसको देखते हुए इस बार मुख्यमंत्री आवास पर ईगास पर्व को धूमधाम के बजाय सादगी के साथ मनाया गया । इगास पर्व पर मुख्यमंत्री आवास पर बीजेपी की महिला नेत्रियों द्वारा राज्य मंत्री मधु भट्ट के नेतृत्व में गो-पूजन भी किया गया और सभी प्रदेशवासियों को विकास पर्व की शुभकामनाएं भी दी गई।

 

उत्तराखंड में गुलदार बन रहा मानव के लिए अभिशाप,ढिकाला जोन में बाघ ने श्रमिक फिर बनाया निवाला

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-रामनगर- विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के ढिकाला जोन से एक दैनिक श्रमिक को बाघ उठा ले गया,घटना के बाद ढिकाला कैंपस में मौजूद अन्य कर्मचारियों ने 10 से हवाई फ़ायर कर बाघ को जंगल की ओर खदेड़ दिया। वहीं बाघ के हमले से श्रमिक बुरी तरह घायल होने के चलते श्रमिक ने मौक़े पर ही दम तोड़ दिया।मृतक श्रमिक नेपाल का रहने वाला था,जिसका नाम 58 वर्षीय राम बहादुर पुत्र खड़क बहादुर बताया जा रहा है। श्रमिक पिछले 25 वर्षों से ढिकाला में दैनिक श्रमिक के पद पर तैनात था।वहीं पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।साथ ही कॉर्बेट प्रशासन ने वनकर्मियों की गश्त को बढ़ा दी है। साथ ही बाघ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन भी चलाया जा रहा है।

आपको बता दें कि ढिकाला ज़ोन पर्यटकों की पहली पसंद माना जाता है।वहीं गुरुवार को ढिकाला कैंपस में लगी सौलर फ़ैन्सिंग के पास लगी झाड़ियो को काटने का काम चल रहा था। इसी बीच जंगल से आए एक बाघ ने दैनिक श्रमिक पर पीछे से हमला कर उसे जंगल में ले गया था।जिसमे श्रमिक की मौत हो गई थी। वहीं ढिकाला ज़ोन में हुई घटना से वनकर्मियों के साथ ही पर्यटकों में भी दहशत का माहौल बना हुआ है। बता दें कि जब टाइगर ने श्रमिक पर हमला करा उस वक्त आसपास पर्यटक सफारी का लुफ्त भी उठा रहे थे, जिससे पर्यटकों की भी चीख पुकार मच गई,वहीं मौके पर उस वक़्त मौजूद वनकर्मियों ने बाघ को खदेड़ने के लिए 10 हवाई फायर किया जिसके बाद बाघ श्रमिक को छोड़ क्षेत्र भाग गया।
वही कॉर्बेट प्रशासन बाघ को ट्रेंकुलाइज करने में जुड़ गया है।
वही 12 नवंबर को भी बाघ ने ढिकाला क्षेत्र में नेपाली मजदूर को बनाया था निवाला।
नेपाल मूल का मजदूर शिवा (उम्र 22 वर्ष) अपने परिजनों के साथ विभागीय कर्मचारियों की मौजूदगी में ढिकाला क्षेत्र के मचान संख्या एक में झाड़ी कटान कार्य कर रहा था. इसी बीच अचानक बाघ ने शिवा पर हमला बोल दिया. शिवा की चीख पुकार सुनकर साथ में मौजूद परिजन और विभागीय कर्मचारी उसे बचाने के लिए मौके पर दौड़े, लेकिन बाघ की दहाड़ सुनकर सभी पीछे हट गए.जिसमे इसकी भी जान चली गयी थी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल (रिटा.) वीके सिंह ने सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन का लिया जायज़ा।

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*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी एवं केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल (रिटा.) वीके सिंह ने सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन का लिया जायज़ा।*

*मुख्यमंत्री ने टनल के प्रवेश द्वार पर स्थित बाबा बौखनाग का लिया आशीर्वाद।*

*मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय राज्य मंत्री ने स्वयं जाकर, टनल में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों के संबंध में ली जानकारी।*

*टनल में स्थापित ऑडियो कम्युनिकेशन सेटअप के माध्यम से अंदर फंसे श्रमिकों से मुख्यमंत्री की बात।*

*रात दिन बचाव कार्य में जुटे लोगो के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी।*

*प्रधानमंत्री मोदी ले रहे पल पल की ख़बर: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी।*

*फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकलना ही हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी।*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी एवं केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल (रिटा.) वीके सिंह ने गुरुवार को सिलक्यारा, उत्तरकाशी पहुंचकर सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने टनल में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों के संबंध में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने टनल के प्रवेश द्वार पर स्थित बाबा बौखनाग के मंदिर पर शीश नवाते हुए आशीर्वाद लिया एवं सभी श्रमिकों के जल्द रेस्क्यू होने की कामना की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टनल विशेषज्ञ प्रो अर्नोल्ड डिक्स से सुरंग में चल रहे रेस्क्यू अभियान के तकनीकी पक्ष के बारे में भी जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने टनल में स्थापित ऑडियो कम्युनिकेशन सेटअप के माध्यम से अंदर फंसे श्रमिकों से बात की। उन्होंने श्रमिकों का हाल चाल जानते हुए उनका हौसला आफजाई की। श्रमिकों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी निरंतर स्थिति पर नजर बनाएं हुए हैं और नियमित रूप से रेस्क्यू अभियान की प्रगति की जानकारी ले रहे हैं। पूरा देश आपके साथ खड़ा है। राज्य सरकार भी हर स्थिति में आपके साथ खड़ी है। सभी श्रमिक भाई हौसला बनाएं रखें।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रेस्क्यू ऑपरेशन में रात दिन जुटे श्रमिकों से भी बात कर उनकी पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा आप सभी की मेहनत से रेस्क्यू कार्य सफलता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा टनल में फंसी बहुमूल्य जिंदगियों को बचाने में श्रमिकों का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा रेस्क्यू ऑपरेशन में रात दिन जुटे श्रमिकों को किसी तरह की दिक्कत ना हो इसका भी विशेष ध्यान रखा गया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ड्रिलिंग के दौरान पाइप के मुहाने पर फंसे धातु के टुकड़ों को पाइप के अंदर रेंगकर काटने के अत्यंत दुष्कर कार्य को सफलता पूर्वक अंजाम देने वाले श्रमिक प्रदीप यादव एवं बलविंदर की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने ऑगर मशीन से ड्रिलिंग की प्रक्रिया की भी जानकारी ली। उन्होंने टनल में फंसे श्रमिकों को भेजे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की। मुख्यमंत्री ने कहा श्रमिकों को निकालने के लिए हर संभव प्रयास जारी रहे। हम सभी की प्राथमिकता उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी एवं केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल (रिटा.) वीके सिंह ने राहत बचाव कार्य में जुटे एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस जवानों स्वास्थ्य कर्मियों एवं इंजीनियरो से भी मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया।

इस दौरान सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव अनुराग जैन, एमडी एनएचआईडीसीएल महमूद अहमद, कमिश्नर गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडे, सचिव डॉ. नीरज खैरवाल, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला, पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सिलक्यारा सुरंग में ड्रिलिंग का काम अब अंतिम चरण में पहुंचा

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उत्तराखंड

  • सिलक्यारा सुरंग में ड्रिलिंग का काम अब अंतिम चरण में पहुंचा

ऑगर मशीन से लगभग 44-45 मीटर ड्रिलिंग पूरी

करीब 20 मीटर की ही ड्रिलिंग शेष बची है। जिसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

पाइप सुरंग से अगले दो घंटे में हो सकता है आर पार

सभी मजदूरों को बाहर निकालकर सीधे चिन्यालीसौड़ ले जाने की तैयारी

सीएम धामी चिन्यालीसौड़ में मजदूरों से मिलेंगे।

एनडीआरएफ ने भी बचाव की ब्रीफिंग शुरू की

टनल के बाहर प्राथमिक उपचार की तैयारी तेज

टनल के बाहर बनाये गए अस्थायी अस्पताल मे आठ बेड लगाए गएहैं। यहां

हादसे वाली जगह से करीब चार किलोमीटर दूर हेलिपैड

श्रमिकों को एयरलिफ्ट करके एम्स ले जाया जा सकता है।

उत्तरकाशी जिला अस्पताल में भी 45 बेड अलग से रिजर्व कर दिए गए

रेस्क्यू अभियान के लिए बनाई जा रही एस्केप टनल श्रमिकों तक पहुंचने वाली है

श्रमिकों को रेस्क्यू कर अस्पताल ले जाने के लिए 25 एंबुलेंस हादसे वाली जगह मौजूद

20 एम्बुलेंस देहरादून से उत्तरकाशी के लिए शाम करीब 4:00 बजे रवाना हुई, जो उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ पहुंचने वाली है

बैकुंठ चतुर्दशी के पर्व पर कार्तिक स्वामी मंदिर में होगा दो दिवसीय भव्य कीर्तन भजन संध्या का आयोजन।

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रूद्रप्रयाग: रुद्रप्रयाग-पोखरी मार्ग पर कनक चौरी गांव के पास 3050 मीटर की ऊंचाई पर एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है।। कार्तिक स्वामी मंदिर भगवान शिव के बड़े पुत्र, कार्तिकेय को समर्पित है, जिन्होंने अपने पिता के प्रति समर्पण के प्रमाण के रूप में अपनी हड्डियों की पेशकश की थी।आज भगवान कार्तिके का मंदिर दक्षिण भारत के बाद एकमात्र मंदिर उत्तराखंड रूद्रप्रयाग में स्थित है।इस मंदिर में वर्ष भर देश विदेश के पर्यटक आते रहते हैं । विश्व कल्याण के लिए यहा पर समय समय पर धार्मिक अनुष्ठान किए जाते है।

कार्तिक स्वामी मंदिर में विगत वर्षो की भांति इस वर्ष में भी अखंड पाठ व कीर्तन भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है पूर्व में केवल बेंकुठ चतुर्दशी की पूर्व संध्या पर रात्रि को जागरण व भजन कार्य क्रम होते थे ।इस वर्ष कार्तिक स्वामी मंदिर समिति ने इसे दो दिवसीय करने का निर्णय लिया हैं जिसमे २५नवंबर की रात्रि को महिला मंगल दलों द्वारा कीर्तन भजन व रात्रि के चारो पोहरो पर कुमार कार्तिक की आरती की जाएगी।२६ नवंबर की सुबह उत्तराखंड सस्कृति विभाग की टीम द्वारा भजनों के साथ साथ जागरो की प्रस्तुति दी जाएगी। बैकुंठ चतुर्द्रशी के पर्व पर कार्तिक स्वामी मंदिर में निस्तान दंपतियों के द्वारा रात भर खड़े दीपक जलाकर कर संतान प्राप्ति के लिए उपवास रखा जाता है।जो की अभी तक १००प्रतिशत लोगो को भगवान कार्तिक का प्रसाद प्राप्त हुआ है।पूर्व में इस प्रकार के खड़े दीपकों के इच्छुक दंपतियों का पंजीकरण मंदिर समिति द्वारा किया जाता था ।लेकिन वर्तमान में समिति भी बल्कि इच्छुक दंपति अपनी इच्छा के अनुसार मंदिर के किसी भी स्थान पर अपना अखंड खड़े दीपक के द्वारा भगवान का स्मरण कर संतान प्राप्ति का उपवास धारण कर सकते है।भगवान कार्तिक मंदिर समिति के अध्यक्ष शत्रुघ्न नेगी का कहना की बैकुंठ चतुर्द्रशी के पर्व पर क्रोच पर्व पर स्थित कुमार कार्तिक के मंदिर में वर्षो से रात्रि जागरण ,अखंड पाठ,कीर्तन भजन संध्या का आयोजन होता आ रहा है जिसमे जनपद रूद्रप्रयाग व चमोली के गांवों के लोगो का मंदिर में आना होता है।पर्यटन विभाग द्वारा मंदिर के सौंदर्यकरण कर के आने जाने वाले रास्तों का सुधारीकरण करके सुगम बनाया गया है।क्षेत्रीय लोगो की भगवान कार्तीके अटूट आस्था को देखते हुए २५व२६ नवम्बर को दो दिवसीय महिला संगीत भजन संध्या,जागर कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा ही है जिसमे भक्तो से अधिक अधिक संख्या में पहुंच कर कुमार कार्तिक मंदिर में आकर पुण्य अर्जित करे।

धामी सरकार ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर आईएएस और पीसीएस अधिकारियों के किये तबादले।

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धामी सरकार ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर आईएएस और पीसीएस अधिकारियों के किये तबादले

इन तबादलों में कई आईएएस और पीसीएस अधिकारी ऐसे हैं जिन्हें पहाड़ की तरफ भेजा गया है

 

मनुज गोयल नगर आयुक्त देहरादून को अपर सचिव ग्राम विकास बनाया गया

आईएएस वरुण चौधरी को सीडीओ पिथौरागढ़ से हटाकर नगर आयुक्त नगर निगम हरिद्वार बनाया गया है

अभिनव शाह सीडीओ चमोली , नंदन कुमार सीडीओ पिथौरागढ़ , डॉ दीपक सैनी ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मसूरी , अशोक कुमार पांडेय पीसीएस को सीडीओ नैनीताल बनाया गया है।

वीर सिंह बुढ़ियाल को अपर नगर आयुक्त नगर निगम देहरादून का जिम्मा सौंपा गया है

पंच केदारों में प्रसिद्ध द्वितीय केदार मदमहेश्वर भगवान के शीतकालीन कपाट हुए बंद

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*पंच केदारों में प्रसिद्ध द्वितीय केदार श्री मदमहेश्वर जी के कपाट शीतकाल के लिए बंद हुए।*

*पांच क्विटल फूलों से सजाया गया मंदिर।*

*सात सौ से अधिक तीर्थयात्री एवं स्थानीय श्रद्धालुजन कपाट बंद के समय मौजूद रहे।*

 

पंच केदारों में प्रसिद्ध द्वितीय केदार श्री मदमहेश्वर जी के कपाट शीतकाल हेतु आज बुधवार 22 नवंबर कार्तिक मास शुक्ल पक्ष दशमी तिथि पूर्व भाद्रपदा नक्षत्र कुंभ राशि में प्रातः 8ः30 बजे विधि-विधान से पूजा अर्चना के बाद बंद हो गए हैं। कपाट बंद होने के समय सात सौ से अधिक तीर्थयात्री एवं स्थानीय श्रद्धालु मौजूद रहे। इस अवसर पर मंदिर को दानीदाता के सहयोग से पांच क्विंटल फूलों से सजाया गया था।
श्री मदमहेश्वर यात्रा को सुगम बनाने हेतु मंदिर समिति प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि द्वतीय केदार श्री मदमहेश्वर जी के कपाट बंद होने के साथ ही इस यात्रा वर्ष 2023 का समापन हो गया है। देश के यशस्वी प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा, मार्गदर्शन तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में चारधाम यात्रा में रिकाॅर्ड श्रद्धालु पहुंचे हैं। श्री हेमकुंड साहिब सहित उत्तराखंड चारधाम में यात्रा वर्ष 2023 में 56 लाख तीर्थयात्री धामों में दर्शन को पहुंचे हैं जोकि पिछले वर्ष से 10 लाख अधिक हैं। श्री केदारनाथ धाम में 19 लाख 61 हजार, श्री बदरीनाथ धाम 18 लाख 41 हजार श्रद्धालु पहुंचे। इसके साथ ही विषम भौगोलिक परिस्थिति के बावजूद 13 हजार श्रद्धालु श्री मदमहेश्वर मंदिर तथा पहली बार एक लाख छत्तीस हजार श्रद्धालु तृतीय केदार तुंगनाथ पहुंचे है।
मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिह ने बताया कि श्री मदमहेश्वर मंदिर के कपाट बंद होने तथा चलविग्रह डोली के प्रस्थान तैयारियों हेतु निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि कपाट बंद की तैयिरियों के बीच आज आज प्रातः 4 बजे श्री मदमहेश्वर मंदिर खुला भगवान मदमहेश्वर जी की अभिषेक जलाभिषेक पूजा हुई। 7ः30 बजे तक श्रद्धालु दर्शन करते रहे। उसके पश्चात् पुजारी बागेश लिंग ने कपाट बंद की प्रक्रिया शुरू की। भगवान शिव एवं भैरव नाथ, की पूजा-अर्चना संपन्न हुई। भगवान मदमहेश्वर के स्यंभू शिवलिंग को समाधि रूप देते हुए स्थानीय फूलों-शुष्क पुष्पों राख से ढ़क दिया। इसके बाद ममहेश्वर जी की चलविग्रह डोली के सभामंडप से बाहर आते ही 8ः30 बजे श्री मदमहेश्वर मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। भगवान मदमहेश्वर जी की चलविग्रह डोली ने भगवान मदमहेश्वर जी के मंदिर भंडार तथा पूजा तथा भोग के तांबे पीतल धातु निर्मित पुरातन बर्तनों का निरीक्षण किया। कपाट बंद होने के बाद मंदिर की परिक्रमा करते हुए श्री मदहेश्वर जी की चल विग्रह डोली प्रथम पड़ाव गौंडार के लिए प्रस्थान हुई।

*12 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए मदमहेश्वर के दर्शन*

इस यात्रा वर्ष 12 हजार सात सौ 77 श्रद्धालु भगवान मदमहेश्वर के दर्शन को पहुंचे हैं। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार नौटियाल ने कहा कि श्री मदमहेश्वर भगवान की चलविग्रह डोली के 25 नवंबर को श्री ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचने पर मंदिर समिति तथा स्थानीय श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्री मदमहेश्वर जी की चल विग्रह डोली आज 22 नवंबर को गौंडार गांव पहुंचेगी। 23 नवंबर को राकेश्वरी मंदिर रांसी पहुंचेगी। 24 नवंबर को गिरिया तथा 25 नवंबर को चल विग्रह डोली पंच केदार गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी । इसके साथ श्री मदमहेश्वर जी की शीतकालीन पूजाएं शुरु हो जाएंगी।