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Monday, July 6, 2026
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श्री बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल हेतु विधि-विधान से बंद हुए।

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चमोली

गढ़वाल स्काट के बैंड की भक्तिमय धुनों के बीच श्री बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल हेतु विधि-विधान से बंद हुए।

• श्री बदरीनाथ मंदिर को भब्य रूप से फूलों से सजाया गया।
• सिंह द्वार परिसर में स्थानीय लोकनृत्य एव भजनों का आयोजन
• साढे़ पांच हजार तीर्थयात्री कपाट बंद होने के अवसर पर मौजूद रहे।

• श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय रहे मौजूद कहा ऐतिहासिक रही है इस बार बदरी- केदार यात्रा।

• मंदिर समिति उपाध्यक्ष किशोर पंवार सहित सदस्य गण मौजूद रहे।

विश्वप्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय की उपस्थिति में आज शनिवार अपराह्न तीन बजकर तैतीस मिनट पर पूजा- अर्चना पश्चात कार्तिक शुक्ल षष्ठी श्रवण नक्षत्र में शीतकाल हेतु बंद हो गये है। कुछ दिन पहले हुई बर्फवारी के बाद कपाट बंद होने के दौरान आज मौसम साफ रहा दिन में धूप खिली रही यद्यपि दूर चौटियों पर बर्फ साफ देखी जा सकती है।
कपाट बंद के अवसर पर बदरीनाथ मंदिर को फूलों से सजाया गया था तथा सिंह द्वार परिसर में गढ़वाल स्काट के बैंड की भक्तिमय धुनों से संपूर्ण बदरीनाथ गुंजायमान हो रहा था‌। जय बदरीविशाल के उदघोष गूंज रहे थे।
कपाट बंद के समय साढ़े पांच हजार से अधिक श्रद्धालुजन तीर्थयात्री कपाट बंद होने के साक्षी बने। बदरीनाथ पुष्प सेवा समिति ऋषिकेष ने मंदिर को फूलों से सजाया। इस अवसर पर दानीदाताओं,भारतीय सेना ने तीर्थयात्रियों के लिए भंडारे आयोजित किये।
कपाट बंद के पश्चात बदरीनाथ से रविवार 19 नवंबर प्रात: श्री उद्धव जी,श्री कुबेर जी की देव डोली पांडुकेश्वर तथा आदिगुरू शंकराचार्य जी की गद्दी श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ प्रस्थान करेगी।
कपाट बंद होने के शुभ अवसर पर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति(बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा- निर्देशन में इस यात्रा वर्ष बदरीनाथ- केदारनाथ यात्रा ऐतिहासिक रही है। इस बार सबसे अधिक अड़तीस लाख रिकार्ड तीर्थयात्री बदरी- केदार पहुंचे है।
जिनमें से आज कपाट बंद तक अठारह लाख चालीस हजार से अधिक तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम पहुंचे है। उन्होंने यात्रा में योगदान करने वाले सभी व्यक्तियों, संस्थानों को बधाई दी है। उल्लेखनीय है कि बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय 15 नवंबर केदारनाथ के कपाट बंद के कार्यक्रम के बाद श्री बदरीनाथ कपाट बंद की तैयारियों हेतु श्री बदरीनाथ धाम‌ पुंहंच गये थे।

मुख्यकार्याधिकारी योगेंद्र सिह ने बताया कि कपाट खुलने की तिथि से 17 नवंबर शुक्रवार देर रात तक 18 लाख 36 हजार 5 19 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम पहुंचे है जोकि पिछले सभी यात्रा वषों
में सबसे अधिक है
कपाट बंद होने की प्रक्रिया 14 नवंबर से शुरू हो गयी थी इस दिन श्री गणेश जी के कपाट बंद हुए, 15 नवंबर को आदि केदारेश्वर तथा आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद हुए, 16नवंबर को खडगपुस्तक पूजन तथा 17 नवंबर को महालक्ष्मी जी की पूजा कढाई भोग संपन्न हुआ 18 नवंबर रोज की तरह प्रात: महाभिषेक के बाद बालभोग लगा दिन में 11 बजे राजभोग लगा उसके बाद मंदिर बंद नहीं हुआ, पोने एक बजे अपराह्न शायंकालीन पूजा शुरू हुई। पौने दो बजे रावल जी ने स्त्री रूप धारण कर लक्ष्मी जी को बदरीनाथ मंदिर गर्भ गृह में विराजमान किया। इससे पहले श्री उद्धव जी एवं श्री कुबेर जी मंदिर प्रांगण में विराजमान हुए। सवा दो बजे शायंकालीन भोग तथा शयन आरती संपन्न हुई। ढाई बजे से साढ़े तीन बजे तक रावल द्वारा कपाट बंद की रस्म पूरी करते हुए भगवान बदरीविशाल को माणा महिला मंडल द्वारा हाथ से बुना गया ऊंन का घृत कंबल औढा़या।
तीन बजकर तैतीस मिनट पर श्री बदरीनाथ मंदिर गर्भगृह तथा मुख्य सिंह द्वार के कपाट रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी द्वारा शीतकाल हेतु बंद कर दिये गये। इसी के साथ ही कुबेर जी रात्रि प्रवास हेतु बामणी गांव चले गये।
इस दौरान बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी आचार्य राधाकृष्ण थपलियाल तथा वेद पाठी रविंद्र भट्ट द्वारा रावल के साथ पूजा- अर्चना संपन्न की गयी।
उल्लेखनीय है कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद 18 नवंबर को बदरीनाथ में प्रवास के बाद 19 नवंबर प्रात: श्री उद्धव जी योग बदरी मंदिर पांडुकेश्वर तथा श्री कुबेर जी की देवडोली ने कुबेर मंदिर पांडुकेश्वर के लिए प्रस्थान किया।
श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि बदरीनाथ धाम रावल के साथ आदि गुरू शंकराचार्य जी की गद्दी ने श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ के लिए प्रस्थान किया। 19 नवंबर को आदिगुरू शंकराचार्य जी की गद्दी एवं रावल योग बदरी पांडुकेश्वर में प्रवास करेंगे। श्री उद्धव जी तथा कुबेर जी पांडुकेश्वर में शीतकाल में प्रवास करेंगे जबकि 20 नवंबर को आदि गुरू शंकराचार्य जी की गद्दी रावल जी के साथ जोशीमठस्थित श्री नृसिंह मंदिर पहुंचेगी। आदि गुरू शंकराचार्य गद्दी स्थल श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में विराजमान हो जायेगी इसी के साथ इस वर्ष श्री बदरीनाथ धाम यात्रा का समापन होगा तथा योग बदरी पांडुकेश्वर तथा नृसिंह बदरी जोशीमठ में शीतकालीन पूजाएं शुरू हो जायेंगी।

केदारनाथ में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या महिला समूहों के लिए बनी सौगात।

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*केदारनाथ में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या महिला समूहों के लिए बनी सौगात*

*महिला समूहों पर बरसा बाबा केदारनाथ धाम का आशीर्वाद*

*विभिन्न महिला समूहों ने यात्रा के दौरान करीब 70 लाख रुपए से ज्यादा का किया कारोबार*

*अकेले चोलाई के प्रसाद से हुआ लगभग 65 लाख रूपए का व्यवसाय*

*500 से अधिक महिलाओं को मिला सीधा रोजगार*

श्री केदारनाथ धाम यात्रा इस बार जनपद की महिलाओं के लिए सौगात दे गई। जनपद में संचालित महिला समूहों के लिए यह यात्रा बेहद सुखद साबित हुई। इस वर्ष रिकॉर्ड 19 लाख 60 हज़ार से ज्यादा श्रद्धालु बाबा केदारनाथ धाम के दर्शनों को पहुचें जिसका सीधा प्रभाव महिलाओं की आय एवं आर्थिकी पर भी देखने को मिला। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के चलते महिला समूहों के व्यवसाय को नई ऊंचाइयां मिली। केदारनाथ यात्रा से जुडे़ विभिन्न महिला समूहों ने इस वर्ष 70 लाख रुपए से ज्यादा का व्यापार किया। अकेले चोलाई के प्रसाद से लगभग 65 लाख रूपए का व्यवसाय हुआ। इसके अलावा स्थानीय हर्बल धूप, चूरमा, बेलपत्री, शहद, जूट एवं रेशम के बैग आदि से पांच लाख रुपये की कमाई महिलाओं द्वारा की गई है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के उत्थान को किए जा रहे प्रयासों को भी इससे बल मिला है। इसी क्रम में महिला समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने सचिवालय परिसर में मिलेट बेकरी ऑउटलेट की भी शुरुआत की है।

*यात्रा से मिला आत्मनिर्भरता को आधार*

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आत्मनिर्भरता एवं स्वरोजगार का मंत्र अपना कर दूसरों को रोजगार देने की अपील से प्रभावित जिले की महिलाएं सीधे तौर पर केदारनाथ यात्रा में अपना योगदान दे रही हैं। जिसमें मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सरकार द्वारा महिलाओं को हर संभव मदद की जा रही है। जनपद में महिलाएं बाबा केदारनाथ धाम के लिए स्थानीय उत्पादों से निर्मित प्रसाद तैयार करने के साथ ही यात्रा मार्ग पर रेस्तरां, कैफे संचालित करने के साथ ही स्थानीय उत्पाद बेचकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि बाबा केदारनाथ में दुनियाभर से आने वाले तीर्थ यात्रियों को चोलाई से निर्मित प्रसाद उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। साथ ही स्थानीय शहद, हर्बल धूप समेत कई उत्पाद महिलाएं तैयार कर यात्रियों को उपलब्ध करवा रही हैं। राज्य सरकार के निर्देशन में प्रशासन विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रयासरत है।

*केदारनाथ में प्रसाद बेच कर महिलाओं ने किया 35 लाख रुपए का व्यवसाय*

श्री केदारनाथ धाम में जिले की महिलाओं द्वारा तैयार प्रसाद का विपणन करने वाले केदारनाथ प्रसादम सहकारी संघ के सचिव भाष्कर पुरोहित ने बताया कि उन्होंने विभिन्न हैलीपैड़ एवं मंदिर परिसर में तीर्थ यात्रियों को करीब 35 लाख रुपए का प्रसाद बेचा। बताया कि उनके पास जिले भर के करीब 20 महिला स्वयं सहायता समूहों की 400 से ज्यादा महिलाओं द्वारा तैयार चोलाई के लड्डू, हर्बल धूप, चूरमा, बेलपत्री, शहद, जूट एवं रेशम के बैग आदि पहुंचता है। इसके अलावा गंगा जल के लिए पात्र एवं मंदिर की भस्म भी प्रसाद पैकेज का हिस्सा हैं। वहीं जनपद के काश्तकारो से 70 रूपए प्रतिकिलो के हिसाब से करीब 500 कुंतल चोलाई की खरीद की गई, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिला है।

रोजगार के साथ स्थानीय उत्पादों को भी मिला बढ़ावा

गंगा दुग्ध उत्पादन संघ की अध्यक्ष घुंघरा देवी ने बताया कि इस वर्ष उन्होंने करीब 106 कुंतल चैलाई के लड्डू एवं चूरमा तैयार कर केदारनाथ में बेचा है। पिछले छह महीनों मेें उन्होंने 65 से ज्यादा महिलाओं को रोजगार दिया, जिसमें 30 महिलाएं एनआरएलएम के तहत गठित समूहों के माध्यम से उनसे नियमित तौर पर जुड़ी हैं। पूरी यात्रा के दौरान उन्होंने करीब 25 लाख रुपए के लड्डू एवं चूरमा बेचा। समूह से जुड़ी महिलाओं को प्रतिदिन 300 रुपए मेहनताना देने के साथ ही समय-समय पर प्रशिक्षण भी देते हैं। बताया कि वर्ष 2017 में प्रसाद योजना शुरू होने से पहले चैलाई का उत्पादन बेहद सीमित हो गया था जबकि अब इसके उत्पादन में बढोतरी हुई है। बताया कि वे 60 रुपए प्रति किलो के हिसाब से किसानों से चैलाई की खरीद करते हैं। इसके अलावा बेलपत्री का उत्पादन करने वाले किसानों को भी योजना का सीधा लाभ मिल रहा है। केवल बेलपत्री बेच कर महिलाओं ने करीब साढ़े तीन लाख रुपये की कमाई की है।

अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में बिराजमान हुई बाबा केदारनाथ की पंचमुखी मूर्ति ।

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रुद्रप्रयाग। बाबा केदारनाथ की चलविग्रह डोली अपने शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मन्दिर ऊखीमठ पहुंच गई जहां पूजा अर्चना के बाद पंचमुखी मूर्ति मंदिर में विराजमान हो गई। जहां अब छह माह बाबा की शीतकालीन पूजा अर्चना की जाएगी।

बाबा की डोली ओंकारेश्वर मन्दिर में पहुंचने पर सैकड़ों भक्तों द्वारा भोले के जयकारों के साथ भव्य स्वागत किया गया। बुधवार को केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद डोली धाम से रवाना हुई। जिसके बाद रामपुर और गुप्तकाशी में रात्रि विश्राम के बाद तीसरे दिन ओंकारेश्वर मन्दिर ऊखीमठ पहुंची। शुक्रवार को प्रातः साढ़े आठ बजे विश्वनाथ मंदिर में भगवान की पंचमुखी भोग मूर्ति की विशेष पूजा अर्चना कर भोग लगाया गया। जिसके बाद मंदिर की परिक्रमा एवं पुजारी शिवलिंग व पुजारी गंगाधर द्वारा आरती करने पर नौ बजे डोली ओंकारेश्वर मन्दिर के लिए रवाना हुई। गुप्तकाशी,भैंसारी, विद्यापीठ, जैबरी होते हुए डोली साढ़े बारह बजे ओंकारेश्वर मन्दिर में पहुंची। जहां पर मांगलिक गीतों, फूल मालाओं व अक्षत से ग्रामीणों ने डोली का भव्य स्वागत किया गया। बाबा केदारनाथ की डोली ने ओंकारेश्वर मंदिर की एक परिक्रमा की जहां पर पुजारी शिवशंकर लिंग द्वारा कपूर आरती की गई। इसके बाद भगवान की भोगमूर्ति को केदारनाथ एवं ओंकारेश्वर मन्दिर के पुजारी द्वारा गर्भगृह में विराजमान की गया। दूसरी ओर गद्दीस्थल में केदारनाथ की पंचमुखी डोली पर स्थित स्वर्ण मुकुट को परम्परानुसार रावल भीमाशंकर द्वारा धारण किया गया।यंहा पर वेदपाठी यशोधर सेमवाल, विश्वमोहन जमलोकी, नवीन मैठाणी, मृत्युंजय हीरेमठ द्वारा पुजारी शिवलिंग के छह माह के निर्विघ्नतापूर्वक पूजा संकल्प के पूरा होने पर पूजा अर्चना की गई। वहीं बम बम भोले व जय बाबा केदारनाथ के जयकारों के साथ वातावरण शिवमय हो गया। अब शीतकाल में बाबा केदारनाथ के दर्शन श्रद्धालु ओंकारेश्वर मंदिर में करेंगे। डोली आगमन पर ओंकारेश्वर मंदिर में केदार महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें महिला मंगल दलों द्वारा पौराणिक मांगलगीतों की प्रस्तुति दी गई।

धाकड़ धामी का फिर चला चाबुक,दो लोकनिर्माण विभाग के दो अधिशासी अभियंता निलंबित।

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देहरादून: मुख्यमंत्री धामी के गड्ढा मुक्त अभियान में हिलाहवाली करने वाले दो लापरवाह अधिकारियों पर गाज गिरी है। सरकार ने लोनिवि के दो अधिशासी अभियंताओं को निलंबित कर दिया है। सचिव लोनिवि पंकज पांडे ने गुरुवार को निलंबन आदेश जारी कर दिये हैं।

विजय कुमार, अधिशासी अभियंता (ईई)राजमार्ग खंड हल्द्वानी को भवाली क्षेत्र की सड़कों की स्थिति को सही न रख पाने के मामले में निलंबित किया गया। उन पर भवाली में सितंबर में हाईकोर्ट के तत्वावधान में उत्तराखंड न्यायिक एवं विधिक अकादमी (उजाला) भवाली के आयोजित कार्यक्रम के दौरान सड़कों की स्थिति सही न रखने का भी आरोप रहा। न ही शासन स्तर की बैठकों में शामिल हुए। ईई अस्थाई खंड ऋषिकेश धीरेंद्र कुमार को जोगीवाला लाडपुर रायपुर रोड सहस्रधारा क्रासिंग से होते हुए खैरी मानसिंह के पास सड़क चौड़ीकरण, सौंदर्यकरण कार्य में लापरवाही बरतने पर निलंबित किया गया।

मुख्यमंत्री धामी अपनी पिछली बैठक में ही स्पष्ट संकेत दे चुके थे कि सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता की कमी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं। की जाएगी लिहाज़ा ताज़ा मामलों को देख अब सभी इंजीनियर अपने क्षेत्र में सड़कों के पुनः निरीक्षण में जुट गये हैं।

नैनीताल के ओखलखंडा ब्लॉक में वाहन दुर्घटनाग्रस्त ,खाई में गिरने से 7 लोगों की मौत की है आशंका।

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नैनीताल ब्रेकिंग

नैनीताल के ओखलखंडा ब्लॉक में वाहन दुर्घटन

खाई में गिरने से 7 लोगों की मौत की आशंका

घायलों को खाई से निकालकर ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से सड़क तक पहुंचाया

दो लोग गंभीर रूप से घायल

ओखलकांडा ब्लॉक के छीड़ाखान-रीठासाहिब मोटर मार्ग में हुआ हादसा

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन , एसडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों पर समय से ना पहुंचने का लगाया आरोप

ओखलकांडा के छिडाखान में मैक्स खाई में गिरी, 7 लोगों की मौके पर मौत , चार लोग गंभीर रूप से घायल

सुबह 7:30 बजे अधौडा़ से हल्द्वानी की तरफ आ रही थी मैक्स कार

ओखलकांडा ब्लॉक में शुक्रवार की सुबह सुबह एक मैक्स अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी जिसमें 10 से अधिक लोग सवार थे सुबह-सुबह मैक्स कार अधौडा़ से हल्द्वानी को आ रही थी और मैक्स जिसमें 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई

और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गया जिनको हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया है । शुक्रवार सुबह सुबह अधौडा़ से हल्द्वानी को आ रही थी और अनियंत्रित होकर 800 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में घायलों को एबुलेंस की मदद से हल्द्वानी हायर सेंटर रेफर किया गया। घायलों को स्थानीय लोग रेस्क्यू कर सड़क तक पहुंचा रहे हैं । वहीं पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा है और रेस्क्यू अभियान में जुटा हुआ है ।

 

उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग में फंसे २२वर्षीय महादेव के साथ हुई बात का आडियो आया बाहर ,सभी साथियों के सुरक्षित होने की बात कर रहा हैं महादेव।

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महादेव बोला, मैं और सभी साथी हैं सुरक्षित*

*सुरंग में फंसे श्रमिक महादेव का अपने मामा से बातचीत का ऑडियो आया सामने*

*लगातार संवेदनशीलता दिखा रहे है मुख्यमंत्री धामी, पुलिस प्रशासन को दिए श्रमिकों से संपर्क बनाए रखने के निर्देश

*सीएम के निर्देश पर श्रमिकों और उनके परिजनों से निरंतर कायम किया जा रहा है दो-तरफा संवाद*

सिलक्यारा, उत्तरकाशी में निर्माणाधीन टनल में फंसे 40 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए उत्तराखण्ड सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है।

एक ओर देश के नामी विशेषज्ञों के दल को बुलाकर अत्याधुनिक मशीनों से ड्रिलिंग का काम युद्धस्तर पर चल रहा है, वहीं दूसरी ओर सुरंग में फंसे श्रमिकों का मनोबल बनाए रखने के लिए लगातार उनसे बातचीत की जा रही है, उनका परिजनों से भी संपर्क बना हुआ है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी कीमत पर श्रमिकों और उनके परिजनों का हौसला नहीं टूटना चाहिए।

पुलिस प्रशासन सुरंग में फंसे मजदूरों से हर घंटे संपर्क स्थापित कर रहा है।

आज टनल में फंसे 22 वर्षीय महादेव की उसके मामा से बातचीत करवाई गई।

ऑडियो में महादेव साफ साफ कह रहा है कि वह और उसके साथी अभी तक सुरक्षित हैं।

परिजन उनकी सकुशलता को लेकर चिंता न करें। उनके पास पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री पहुंच रही है। सभी साथी एक दूसरे का हौसला बढ़ा रहे हैं।

इधर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि संकट के वक्त मनोबल ऊंचा रहना चाहिए।

ऊंचे आत्मविश्वास से बड़े से बड़ा संकट टल जाता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जितना ज्यादा हो सके सुरंग में फंसे श्रमिकों से संवाद बनाए रहें। सरकार उन्हें सुरक्षित बाहर निकलने के हर संभव प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सिलक्यारा में चल रहे हैं रेस्क्यू ऑपरेशन पर निरंतर निगरानी बनाए हुए ,अधिकारियों से राहत बचाव रेस्क्यू लिया अपडेट।

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देहरादून
:मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सिलक्यारा में चल रहे हैं रेस्क्यू ऑपरेशन पर निरंतर निगरानी बनाए हुए हैं | मुख्यमंत्री धामी ने कमिश्नर गढ़वाल, आईजी गढ़वाल एवं राहत एवं बचाव में लगी एजेंसियों से सिलक्यारा में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन तथा टनल में फंसे श्रमिकों की कुशलक्षेम की हर पल की अपडेट ले रहे हैं | मुख्यमंत्री ने सचिवालय में बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू कार्य में लगी सभी टेक्निकल एजेंसियों को हर संभव सहयोग दिया जाय। गढ़वाल कमिश्नर को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रेस्क्यू कार्य में किसी भी प्रकार से विलंब न हो, मौके पर कार्य कर रही एजेंसियों को राज्य की तरफ़ से सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाये।मुख्यमंत्री बचाव कार्यों में लगी एजेंसियों और जिलाधिकारी उत्तरकाशी से भी समय- समय पर अपडेट ले रहे हैं। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, सचिव आर.मीनाक्षी सुंदरम, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय एवं सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी मौजूद थे।

भरतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपनी पत्नी साक्षी के साथ अपने पैतृक गाँव जैंती पहुंच कर इष्ट-देवताओं की पूजा अर्चना हुए सम्मलित।

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*अल्मोड़ा*

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान क्रिकेटर महेंद्र सिंह धौनी अपनी पत्नी साक्षी धोनी के साथ बुधवार को अपने गांव ल्वाली अल्मोड़ा पहुंचे। गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया। महेंद्र सिंह धोनी व उनकी पत्नी ने गांव में मंदिरों में ईष्ट देव की पूजा अर्चना की।O

आज दोपहर करीब 11 बजे महेंद्र सिंह धोनी गांव पहुंचे। उनके गांव पहुंचने पर ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। ग्रामीणों ने गांव की सड़क में धोनी व उनकी पत्नी का स्वागत किया। जिसके बाद धोनी ग्रामीणों के साथ अपने पैतृक आवास पहुंचे। ​

ग्राम प्रधान दिनेश सिंह धोनी ने बताया कि महेंद्र सिंह धोनी व उनकी पत्नी साक्षी गांव पहुंचे है। उन्होंने गांव के हरज्यू मंदिर में पूजा अर्चना की। फिलहाल वह दूसरे मंदिर में पूजा अर्चना कर रहे है।

ग्राम प्रधान दिनेश सिंह धोनी ने यह भी बताया कि महेंद्र सिंह धोनी इससे पहले अपने परिजनों के साथ 2003 में गांव आए थे। 20 साल बाद वह दोबारा गांव आए है। उन्होंने बताया कि इस दौरान ग्रामीणों की उनके काफी मुद्दों पर बातचीत भी हुई।

महेंद्र सिंह धोनी व उनकी पत्नी के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है। ग्रामीणों व युवाओं ने उनके साथ जमकर तस्वीरें खींची।

मंगलवार को सुबह 11:50 बजे इंडिगो एयर की फ्लाइट से क्रिकेटर व इंडिया टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, पत्नी साक्षी व बेटी संग पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे थे।

ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग बाबा केदारनाथ के शीतकालीन कपाट वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बंद हुए ।

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रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट आज वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने के बाद बाबा केदार की उत्सव डोली ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान कर गई। पहले दिन डोली रामपुर में रात्रि विश्राम करेगी। कपाट बंद होने के मौके पर बड़ी संख्या में तीर्थ यात्रियों एवं स्थानीय लोगों ने बाबा केदार से आशीर्वाद लिया।

बुधवार सुबह 2 बजे से 4 बजे तक सामान्य दर्शन की प्रक्रिया शुरू हुई। जबकि 5 से 6 बजे तक भगवान केदारनाथ की समाधि पूजा की गई। सुबह 6 बजे मंदिर के गर्भ गृह का दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद सभा मंडप में डोली की पूजा अर्चना के बाद 8:30 बजे केदारनाथ मंदिर का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। इस मौके पर बम बम भोले,जय बाबा केदार के जयघोषों के साथ डोली को ऊखीमठ के लिए प्रस्थान किया गया। कड़ाके की सर्दी के बीच बड़ी संख्या में तीर्थ यात्रियों एवं स्थानीय लोगों ने इस अवसर पर बाबा केदार से आशीर्वाद लिया। बता दें कल 16 नवंबर को डोली गुप्तकाशी पहुंचेगी जबकि 17 नवंबर को डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान होगी। जहां अब शीतकाल में 6 महीने तक भगवान केदारनाथ की पूजा अर्चना की जाएगी।

मशहूर बिजनेसमैन सुब्रत रॉय सहारा का मुंबई के निजी अस्पताल में हुआ निधन।

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मशहूर बिजनेसमैन सुब्रत रॉय सहारा का आज मुंबई में निधन हो गया। सहारा परिवार के मुखिया सुब्रत रॉय काफी दिनों से गंभीर बीमारी से ग्रसित थे और उनका इलाज मुंबई के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। आज उनका पार्थिव शरीर लखनऊ के सहारा शहर लाया जायेगा जहां उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी जाएगी।