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Monday, July 6, 2026
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भारत के उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पहुंचे श्री केदारनाथ धाम ,रूद्राभिषेक एवं जलाभिषेक कर की देश की खुशहाली एवं जनकल्याण की कामना ।

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*बाबा केदारनाथ के दर्शन कर अभिभूत हुए उप राष्ट्रपति*

*’उप राष्ट्रपति भारत सरकार जगदीप धनखड़ पहुंचे श्री केदारनाथ धाम’*

*’रूद्राभिषेक एवं जलाभिषेक कर की देश की खुशहाली एवं जनकल्याण की कामना’*

*’राज्यपाल ले.जन. (से.नि.) गुरमीत सिंह ने दी केदार पुरी में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की जानकारी’*

केदारनाथ पहुंचने वाले दूसरे उपराष्ट्रपति है जगदीप धनखड़
नंबे के दशक में आर बैंकटरमण पहुंचे थे केदारनाथ
बीते छह वर्षों में कई वीवीआईपी पहुंच चुके धाम

Description:। देश के महामहिम उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बीते 35 वर्षों में केदारनाथ पहुंचने वाले देश के दूसरे उप राष्ट्रपति है। इससे वर्ष नंबे के दशक में तत्कालीन उप राष्ट्रपति आर बैंकटरमण ने बाबा केदार के दर्शन किए थे। वहीं, 2017 से बीते वर्ष तक केदारनाथ में दो राष्ट्रपति दर्शन को पहुंच चुके हैं। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह बार बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। इसके अलावा अन्य कई वीवीआईपी श्रद्धालु भी धाम पहुंचे हैं।
समुद्रतल से 11750 फीट की ऊंचाई पर ​स्थित केदारनाथ धाम के प्रति आमजन से लेकर देश के प्रथम व्य​क्ति की आस्था किसी से छुपी नहीं है। आजादी के बाद अस्सी के दशक से देश के राजनेताओं का केदारनाथ आने का जो क्रम शुरू हुआ, वह अब भी जारी है। वर्ष वर्ष 1977 से 1982 तक देश के छठवें राष्ट्रपति रहे स्व. नीलम संजीव रेड्डी सबसे पहले वर्ष 1980 में बाबा केदार के दर्शन कर आए थे। वह, देश के पहले राष्ट्रपति हुए, जिन्होंने केदारनाथ पहुंचकर बाबा के दर्शन किए थे। तब वह एक घंटे तक केदारनाथ में रहे थे। जबकि वर्ष 2016 में तत्कालीन राष्ट्रपति रहे स्व. प्रणव मुखर्जी और वर्ष 2017 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी केदारनाथ पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किए थे। जबकि वर्ष 1983 से 1987 तक देश के उप राष्ट्रपति रहे आर बैंकटरमन अपने कार्यकाल के दौरान केदारनाथ पहुंचे थे। वह, भी पहले उपराष्ट्रपति थे, जो धाम पहुंचे थे। अब, महामहिम उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ केदारनाथ पहुंच रहे हैं, जिसे लेकर जिला प्रशासन तैयारियों में जुटा है। केदारनाथ के वयोवृद्ध तीर्थपुरोहित श्रीनिवास पोस्ती बताते हैं कि केदारनाथ के प्रति देश के राजनेताओं की बड़ी आस्था रही है। प्रधानमंत्री रहते हुए स्व. इंदिरा गांधी, स्व. मोराजी देसाई और स्व. विश्वनाथ प्रताप सिंह भी केदारनाथ पहुंचे थे। जबकि वर्ष 2017 से 2022 तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह बार केदारनाथ पहुंच चुके हैं। यही नहीं, अस्सी के दशक में मोदी ने केदारनाथ पहुंचकर मंदाकिनी नदी के दूसरे छोर पर ​स्थित गरूड़चट्टी में लगभग डेढ़ माह तक साधना भी की थी।

आज सुबह अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत उप राष्ट्रपति, भारत सरकार जगदीप धनखड़ ने बाबा केदारनाथ धाम पहुँच कर बाबा के दर्शन किए। उप राष्ट्रपति ने बाबा केदारनाथ का रूद्राभिषेक एवं जलाभिषेक कर की देश की खुशहाली एवं जनकल्याण की कामना की। इस अवसर पर राज्यपाल ले.जन. (से.नि.) गुरमीत सिंह भी उनके साथ रहे। राज्यपाल ने उन्हें केदार पुरी में चल रहे पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों की जानकारी दी।
केदारनाथ भ्रमण पर पहुचें उप राष्ट्रपति, भारत सरकार जगदीप धनखड़ करीब 9ः15 बजे वायु सेना के हेलीकॉप्टर से वीआईपी हैलीपैड़ पर पहुचें। यहाँ राज्यपाल ले.जन. (से.नि.) गुरमीत सिंह, जिलाधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार, पुलिस अधीक्षक विशाखा अशोक भदाणे, एडीएम बीर सिंह बुदियाल, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ जितेंद्र वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने पुष्प भेंट कर उप राष्ट्रपति का स्वागत किया। मंदिर के समीप केदार सभा, मंदिर समिति, तीर्थ पुरोहित समाज ने परंपरागत मंत्रोच्चारण एवं रूद्राक्ष की माला पहना कर उनका स्वागत किया। साथ ही बाबा केदारनाथ का वस्त्र बाघंबर ओढ़ा कर उनका सम्मान किया। जिसके बाद उन्होंने मंदिर में प्रवेश कर सपत्नी डाॅ. सुदेश धनखड़ बाबा केदारनाथ का रूद्राभिषेक व जलाभिषेक एवं विशेष पूजा-अर्चना कर देश के उत्थान एवं जन कल्याण की कामना की। करीब 30 मिनट की पूजा अर्चना कर उन्होंने बाबा केदारनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद राज्यपाल ले.जन. (से.नि.) गुरमीत सिंह ने उन्हें केदारपुरी में चल रहे पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर उप राष्ट्रपति ने कहा कि बाबा केदारनाथ धाम में अपार शांति का अनुभव हो रहा है। यहां के व्यंगम दृश्य मंत्रमुग्ध करने वाले हैं। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों का अभिवादन किया। साथ ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा धाम में कठिन परिस्थितियों में किए जा रहे कार्यों की सराहना भी की।
Resources:नरेश भट्ट 9917129343

कतर की अदालत ने भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अफसरों को मौत की सजा सुनाई है।

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पिछले साल कतर में गिरफ्तार हुए भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अफसरों को मौत की सजा सुनाई गई है। कतर की अदालत के इस फैसले पर भारत सरकार ने हैरानी जताई है।
कतर की अदालत ने भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अफसरों को मौत की सजा सुनाई है. इन आठों भारतीयों को पिछले साल जासूसी के कथित आरोप में गिरफ्तार किया गया था.
विदेश मंत्रालय ने ये भी कहा कि कतर की जेल में बंद भारतीय नागरिकों को कॉन्सुलर एक्सेस और कानूनी मदद दी जाती रहेगी ।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया X पर लिखा, ‘कांग्रेस उम्मीद करती है कि भारत सरकार कतर सरकार के साथ अपने राजनयिक और राजनीतिक प्रभाव का ज्याद,बहरहाल, फैसला आने के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने ये भी कहा कि इस मामले को कतर के अधिकारियों के सामने भी उठाया जाएगा।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा से समूचे उत्तराखण्ड के लिए एक दुखद , पिथौरागढ़ जिले का दीपक सिंह सुगड़ा भारतीय सेना का जवान हुआ शहीद।

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जम्मू-कश्मीर के पुलवामा से समूचे उत्तराखण्ड के लिए एक दुखद , खबर सामने आ रही है जहां किरू में तैनात भारतीय सेना का एक जवान शहीद हो गया है। शहीद जवान की पहचान दीपक सिंह सुगड़ा के रूप में हुई है। बताया गया है कि वे मूल रूप पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट क्षेत्र के रहने वाले थे। उनकी राज्य के शहादत की खबर से जहां उनके परिवार में कोहराम मचा हुआ है।वहीं समूचे क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई है। बताया गया है। कि शहीद जवान दो सप्ताह पूर्व ही छुटियां पूरी कर अपनी ड्यूटी पर गए थे। वह 2 बार पैरा स्पेशल कमांडो ट्रेनिंग ले चुके थे।मिली जानकारी के मुताबिक मूल रूप से राज्य के पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट तहसील के बेलपट्टी क्षेत्र के सुगड़ी गाँव निवासी दीपक सुगड़ा पुत्र मोहन सिंह भारतीय सेना में कार्यरत थे। वर्तमान में उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के किरू में थी, जहां गुरूवार को वे शहीद हो गए। हालांकि अभी तक उनकी शहादत के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। शहीद जवान दीपक वर्ष 2015 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। बताया गया है कि शहीद दीपक अपने पीछे एक साल के मासूम बेटे सहित भरे पूरे परिवार को रोते बिलखते छोड़ गए हैं।उनकी पत्नी हिमानी देवी का भी तीन माह पूर्व निधन हो चुका है।वर्तमान में उनका मासूम बेटा गांव में अपनी दीदी कोसुरी देवी के साथ रहता है। अभी तक कोसुरी को भी दीपक की शहादत की खबर नहीं दी गई है।

 

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निदेशक सतर्कता उत्तराखण्ड के आदेश पर विजिलेंस की हुई कार्यवाही ,पटवारी त्रिलोचन सुयाल को घुस लेते रंगे हाथों किया गिरप्तार।

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हल्द्वानी

निदेशक सतर्कता उत्तराखण्ड के आदेश पर विजिलेंस की हुई कार्यवाही,

पुलिस उपाधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी नैनीताल ने करी कार्यवाही,

विजिलेंस टीम द्वारा शिकायतकर्ता की शिकायत पर पटवारी त्रिलोचन सुयाल, पटवारी क्षेत्र साधुनगर सरीजा, उप तहसील नानकमत्ता जनपद ऊधमसिंहनगर को किया रंगेहाथ गिरफ्तार,

पटवारी को उनके किराये के सरकारी कार्यालय ग्राम सुनखरी कला नानकमत्ता से शिकायतकर्ता से 8,000/- रू की रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों किया गया गिरफ्तार,

शिकायतकर्ता ने शिकायत की थी कि अपने खेत में धान की रोपाई की थी, जब धान पकने पर काटने गया तो गुरदीप कौर व उसके परिवार के लोग मुझे धान नहीं काटने दे रहे थे,

इस पर शिकायतकर्ता द्वारा उपजिलाधिकारी तहसील सितारगंज को प्रार्थना-पत्र दिया, जिस पर पटवारी त्रिलोचन सुयाल द्वारा पहले भूमि पर विवाद होने की रिपोर्ट लगायी गयी ।

पुनः उपजिलाधिकारी को प्रार्थना-पत्र देने पर पटवारी द्वारा अपनी दोबारा लगायी गयी आख्या में शिकायतकर्ता के पक्ष में रिपोर्ट लगायी तथा इसके एवज में 8000/- रूपया उत्कोच की मांग की गई,

शिकायतकर्ता ने विजिलेन्स कार्यालय में प्रार्थना-पत्र दिया, शिकायतकर्ता की शिकायत की जांच कराने पर शिकायत सही पाये जाने पर निरीक्षक विनोद कुमार यादव के नेतृत्व में ट्रैप टीम का गठन किया गया,

ट्रैप टीम द्वारा पटवारी त्रिलोचन सुयाल को शिकायतकर्ता से 8,000/- रूपये (आठ हजार रूपये) की रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया,

मानव तस्करी रोकने के दृष्टिगत उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग के स्तर से आयोजित किया गया एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम।

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महिला आयोग अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कण्डवाल जी ने जनराज्यपद स्तरीय अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से किया संवाद

रुद्रप्रयाग जिले में मानव तस्करी सहित अन्य अपराधों पर नकेल कसने को सम्बन्धित अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बना कर कार्य करने की दी गयी सलाह

उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कण्डवाल जी ने गुरुवार को पुलिस, महिला एवं बाल विकास सहित अन्य विभागों के साथ संवाद कर जनपद में मानव तस्करी, बाल मजदूरी व अन्य संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को ज्यादा सक्रिय एवं संवेदनशीलता के साथ मानव तस्करी व महिलाओं से जुड़े अन्य मुद्दों पर काम करने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि पंचायत से लेकर पालिका स्तर के जनप्रतिनिधि जिनका जनता से सीधा संपर्क एवं रिश्ता होता है, उन्हें ऐसे मामलों में सक्रियता दिखाने की आवश्यकता है। राष्ट्रीय महिला आयोग के निर्देशन पर राज्य महिला आयोग एवं मदर्स एंजेल चिड्रन सोसायटी के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के लिए रुद्रप्रयाग पहुंची राज्य महिला आयोग अध्यक्ष ने पुलिस कार्यालय सभागार में जिले में मानव तस्करी, बाल मजदूरी, भिक्षा वृत्ति, ड्रग्स की तस्करी व महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सीमांत एवं दूसरे राज्य व देशों से लगते गांव-कस्बे मानव तस्करी के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं, ऐसे क्षेत्रों में पुलिस व सम्बन्धित विभागों को अतिरिक्त ध्यान देने की आवश्यकता है। इस दौरान उन्होंने अब तक जिले में मानव तस्करी, बाल श्रम आदि मामलों में पंजीकृत शिकायतों एवं उनके समाधान की समीक्षा भी की। अवगत कराया कि मानव तस्करी को रोकने में हमारे जनप्रतिनिधि बड़ी अहम भूमिका निभा सकते हैं। ग्राम प्रधान हों या वार्ड सदस्य उन्हें अपने क्षेत्र की पूरी जानकारी रहती है, ऐसे में किसी भी नए व्यक्ति के क्षेत्र में प्रवेश करने पर या कोई संदिग्ध बात लगने पर सीधे पुलिस या सम्बन्धित विभागों को सूचित कर सकते हैं।
भाजपा के जिलाध्यक्ष महावीर पंवार ने महिला आयोग, ह्यूमन राइट्स कमीशन एवं बैठक में मौजूद एनजीओ और अधिकारियों को जनपद के मेले या अन्य बड़े आयोजनों के दौरान मंच से युवक-युवतियों एवं अभिभावकों के लिए विशेष जागरुकता अभियान चलाने की सिफारिश की। कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों को एक बार में जागरुक किया जा सकता है। ह्यूमन राइट्स कमीशन के निदेशक राजेश चतुर्वेदी ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए मानव तस्करी को रोकने के सुझाव आयोग एवं पुलिस को दिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल, इसके फायदे एवं नुकसान को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने का सुझाव दिया। पुलिस उपाधीक्षक हर्षवर्धनी सुमन ने केदारनाथ यात्रा के दौरान खो जाने वाली महिला या अन्य यात्रियों के लिए शेल्टर होम बनवाने की सिफारिश की। हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराज बिसारिया ने मानव तस्करी एवं बाल मजदूरी के कानूनी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।आयोजित हुई कार्यशाला में ब्लाॅक प्रमुख मंदाकिनी (अगस्त्यमुनि) श्रीमती विजया देवी, पूर्व सभासद नगर पालिका अजय सेमवाल, डाॅ. शशिबाला, प्रधानाचार्य रा0इ0का0 आरएस भदौरिया, महिला हैल्पलाइन प्रभारी ज्योति पंवार, उपनिरीक्षक राखी बिष्ट, वन स्टाॅप सेन्टर से रंजना गैराला आदि मौजूद रहे।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया चेन्नई रोड शो में प्रतिभाग किया

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चेन्नई

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया चेन्नई रोड शो में प्रतिभाग किया।*

*उत्तराखंड और तमिल संगमम को आगे बढ़ाया जाएगा- मुख्यमंत्री*

*उत्तराखण्ड में आगामी दिसंबर माह में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को लेकर गुरुवार को चेन्नई में आयोजित रोड शो में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया*

*मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान विभिन्न सेक्टर्स से जुड़े निवेशकों के साथ बैठक की*

*मुख्यमंत्री धामी के साथ चेन्नई रोड शो में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज एवं कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा भी शामिल हुए*

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चेन्नई में आयोजित रोड शो में आए विभिन्न समूहों के निवेशकों को दिसंबर में देहरादून में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के लिए आमंत्रित किया*

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि तमिलनाडु और उत्तराखंड में आध्यात्मिक रूप से परस्पर संबंध है*

*तमिलनाडु में रामेश्वरम और उत्तराखण्ड में श्री केदारनाथ और आदि कैलाश विश्व प्रसिद्ध हैं*

*उन्होंने कहा कि भगवान शिव के तमिलनाडु में रामेश्वरम और उत्तराखंड में श्री केदारनाथ ज्योतिर्लिंग विद्यमान हैं*

*मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड और तमिल संगमम को आगे बढ़ाया जाएगा*

*उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल होने के साथ-साथ फ़ूड प्रोसेसिंग, ऑटो कम्पोनेन्ट मैन्युफैक्चरिंग, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे अनेकों क्षेत्रों में निवेश की अपार संम्भावनाएं हैं*

*पीस टू प्रोसपेरिटी के मूल मंत्र के साथ उत्तराखंड निवेश अनुकूल राज्य है। इसके लिए सरकार द्वारा उत्कृष्ट मानव श्रम, बेहतर अवस्थापना सुविधायें, शान्तिपूर्ण वातावरण, पारदर्शी प्रोत्साहन नीतियां स्थापित की गई हैं*

*उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य के पारम्परिक क्षेत्रों जैसे पर्यटन, आयुष, वेलनेस, खाद्य प्रसंस्करण, ऑटोमोबाईल्स, फार्मा के साथ-साथ वैकल्पिक ऊर्जा और आईटी जैसे क्षेत्र को फोकस सेक्टर के रुप में शामिल किया है*

*मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक आयोजित रोड शो में देश एवं विदेशों से निवेशकों द्वारा बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है*

*उन्होने कहा कि निजी क्षेत्र के साथ मजबूत सम्बन्ध बनाने एवं साझेदारी स्थापित करने से ही हम राज्य में आर्थिक प्रगति एवं रोजगार के अवसरों के सृजन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकते हैं, यही कारण है कि उत्तराखण्ड में प्रदेश सरकार ने उद्योगों के साथ बेहतर सम्बन्ध एवं तालमेल बढ़ाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को इन्वेस्टर्स फ्रेंडली बनाने के लिए विगत कुछ माह में 30 से अधिक नीतियों में रिफॉर्म किया गया है*

*उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की थीम को “पीस टू प्रोस्पेरिटी” रखा गया है*

*टूरिज्म, वेलनेस और हॉस्पिटेलिटी इंडस्ट्री के साथ-साथ उत्तराखण्ड में अनेक नए एवं गैर परंपरागत उद्योगों को विकसित किया जा रहा है*

*मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड, देश के प्रमुख फार्मा हब के रूप में स्थापित हो रहा है*

विकास खंड जखोली का टेंडवाल गांव भी जुडेगा सड़क मार्ग से,विधायक भरत सिंह चौधरी एवं जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह ने किया सड़क निर्माण का भूमिपूजन

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क्षेत्र वासियों की एक दशक पुरानी सड़क की मांग हुई पूरी।
विकासखंड जखोली में टेंडवाल गांव के लिए राज्य योजना के अंतर्गत जाखणी से टेंडवाल (1किमी ₹29.41 लाख) की लागत से निर्मित होने वाली सड़क का विधायक भरत सिंह चौधरी एवं जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह के द्वारा भूमिपूजन कर कार्य का शुभारंभ किया। क्षेत्र वासियों की एक दशक पुरानी सड़क की मांग थी। सड़क की मांग पूरी होने पर स्थानीय जनता द्वारा फूल-मालाओं के साथ स्थानीय विधायक का स्वागत किया। वही सड़क भूमिपूजन के अवसर पर उपस्थित विधायक भरत चौधरी ने कहा कि लंबे समय से जनता की सड़क की मांग थी, परन्तु सड़क पूर्व जिला योजना के तहत स्वीकृत थी, धन के अभाव के कारण समय पर सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया था। वन स्वीकृति मिलने के उपरांत 2022 में सड़क को मेरे द्वारा राज्य योजना में रखा गया था। वित्तीय स्वीकृति मिलने के साथ ही अब सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि इस सड़क को आगे रहड़-भणगा सड़क तक मिलाया जाएगा। जिससे पूरे क्षेत्र को कनेक्टिविटी मिल सके। इस अवसर पर उन्होंने जनता की समस्याओं को भी सुना। वही कार्यक्रम में उपस्थित जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह ने सड़क निर्माण शुरू ही स्थानीय जनता को बधाई देते हुए कहा कि जिले में निरन्तर सभी क्षेत्रों में त्वरित गति के साथ विकासकार्य हो इस अवसर पर उन्होंने गांव के लिए स्कूल चारदीवारी, सौलर लाइट देने की घोषणा की । इस अवसर मण्डल अध्यक्ष भाजपा श्री धूम सिंह राणा, प्रधान ललूड़ी श्रीमती शीला भण्डारी, प्रधान जाखणी श्रीमती ममता देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य भूपेंद्र भण्डारी आशीष नेगी, मेहरबान रावत , सरवीर मेंगवाल, भगवान रावत, आशीष काला, संजयपाल नेगी, सहित जनप्रतिनिधिगण एवं स्थानीय जनता उपस्थित रहे।

खाई में गिरा वाहन , SDRF ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन, अब तक 6 शव निकाले बाहर ।

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पिथौरागढ़ –

खाई में गिरा वाहन , SDRF ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन,

पिथौरागढ़ के धारचूला-गूंजी मोटर मार्ग पर आदि कैलाश से यात्रियों को ला रही जीप तंपा मंदिर के पास अनियंत्रित होने से लगभग 500 मीटर गहरी खाई में दुर्घटनाग्रस्त हो गयी थी,

उक्त वाहन (UK04-TB 2734) में कुल 06 लोग सवार बताए गए,जो आदि कैलाश यात्रा हेतु आये थे,इनमें से 02 स्थानीय निवासी थे,

दुर्घटनास्थल बेहद खतरनाक होने और भारी बारिश के चलते तददिनाँक रेस्क्यू अभियान चलाया जाना सम्भव नही हो पाया।

दिनाँक 25 अक्टूबर को प्रातः से ही SDRF टीम द्वारा स्थानीय पुलिस व अन्य बचाव इकाइयों के साथ संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाया,

उक्त वाहन में सवार सभी लोगों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गयी थी।

SDRF टीम द्वारा अन्य बचाव इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए खाई में उतरकर अत्यधिक विषम परिस्थितियों में कड़ी मशक्कत करते हुए सभी शवों को बरामद कर मुख्य मार्ग तक पहुँचाया गया।

*वाहन सवार लोगों का विवरण:-*

1-सत्यब्रदा पारैदा, 59 वर्ष , निवासी बंगलुरू
2-नीलाला पन्नोल, 58 वर्ष, निवासी हैदराबाद
3-मनीष मिश्रा, 48 वर्ष
4-प्रज्ञा, 52 वर्ष, निवासी दिल्ली
5-हिमांशु कुमार, 24 वर्ष , निवासी धारचूला पिथौरागढ़
6- विरेन्द्र कुमार, 39 वर्ष, निवासी धारचूला पिथौरागढ़

पत्रकार से अभद्रता करने वाले दरोगा की हेकड़ी निकली बाहर,सोशल मीडिया पुलिस की किरकिरी होने पर दरोगा को किया गया सस्पेंड।

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देहरादून: देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित हुए भव्य दशहरा मेले में व्यवस्थाएं धड़ाम रहीं। पुलिस की विफलता से चारों ओर धक्का-मुक्की और भगदड़ का माहौल रहा। इसके अलावा जाम ने अलग रुलाया। इस बीच पुलिस ने अपनी खीज पत्रकारों पर उतार दी।

एसओजी में तैनात उप निरीक्षक हर्ष अरोड़ा ने हिंदुस्तान समाचार पत्र के वरिष्ठ पत्रकार ओम प्रकाश सती के साथ अभद्रता और दुर्व्यवहार किया। पत्रकार को भीड़ के सामने धकियाते हुए अपशब्दों का प्रयोग करते हुए मैदान से बाहर का रास्ता दिखाया।

पत्रकार ओम सती ने कहा कि वह पत्रकार हैं और मेला कवर करने आए हैं, इस पर दारोगा हर्ष आरोड़ा उन्हें कहते हैं कि बड़ा पत्रकार बन रहा है, निकल यहां से और धक्का मार-मारकर किनारे ले जाते हैं।

उपनिरीक्षक हर्ष अरोड़ा वही पुलिस वाले हैं, जिनका कुछ समय पूर्व गढ़ी क्षेत्र में एक बुजुर्ग को पीटने का वीडियाे वायरल हुआ था। भूमाफिया से नजदीकी और कई नेताओं के संरक्षण के कारण भी दारोगा हर्ष अरोड़ा अक्सर चर्चाओं में रहते हैं। कहा जाता है कि उनकी करतूतों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। ज्यादा बवाल होने पर उन्हें ज्यादा से ज्यादा कुछ दिन के लिए लाइन हाजिर कर दिया जाता है। हालांकि, इस बार पत्रकारों के कड़े विरोध के बाद दरोगा हर्ष अरोड़ा को निलंबित कर दिया गया है।

मामले की सूचना मिलने पर एसएसपी अजय सिंह ने पहले दरोगा को लाइन हाजिर करने के निर्देश दिए। इसके बाद बड़ी संख्या में पत्रकार डीजीपी अशोक कुमार से मिलने पहुंचे। पत्रकारों की नाराजगी को देखते हुए डीजीपी के निर्देश पर एसएसपी ने दरोगा हर्ष अरोड़ा को निलंबित कर दिया और सीओ डालनवाला को मामले की जांच कर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए।

जमरानी बांध परियोजना को मिली केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी ।

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देहरादून

जमरानी बांध परियोजना को मिली केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी,

सीएम धामी निरंतर रहे थे इसके लिए प्रयास,

-मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जताया आभार,

-प्रधानमंत्री से विगत दिनों में हुई बैठकों में निरंतर इस मामले को उठाते रहे हैं सीएम धामी,

उत्तराखंड के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है जमरानी बांध परियोजना,

इस बांध परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ होने से हल्द्वानी व आसपास के क्षेत्र में पेयजल एवं सिंचाई की समस्या का होगा हल,

उत्तराखण्ड के जनपद नैनीताल में काठगोदाम से 10 कि०मी० अपस्ट्रीम में गौला नदी पर जमरानी बांध (150.60 मी0 ऊंचाई) का निर्माण प्रस्तावित है,

परियोजना से लगभग 1,50,000 हेक्टेयर कृषि योग्य क्षेत्र सिंचाई सुविधा से लाभान्वित होगा,

हल्द्वानी शहर को वार्षिक 42 एमसीएम पेयजल उपलब्ध कराए जाने तथा 63 मिलियन यूनिट जल विद्युत उत्पादन का प्रावधान है,

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (वृहद एवं मध्यम ) के अन्तर्गत जमरानी बांध परियोजना के वित्त पोषण हेतु निवेश स्वीकृति एवं जल शक्ति मंत्रालय की स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई ,

प्रस्ताव पर वित्त मंत्रालय द्वारा इसी वर्ष मार्च माह में आयोजित पी०आई०बी० की बैठक में सहमति व्यक्त की गई,

भारत सरकार द्वारा रू0 1730.20 करोड़ की स्वीकृति पी०एम०के०एस०वाई० में 90 प्रतिशत ( केन्द्रांश) 10 प्रतिशत ( राज्यांश) के अन्तर्गत प्रदान किया जाना प्रस्तावित है,

शेष धनराशि का वहन संयुक्त रूप से उत्तराखण्ड एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य के साथ किये गये एम0ओ0यू0 के अनुसार किया जायेगा,

जमरानी बांध परियोजना से प्रभावित 351.55 हेक्टेयर वन भूमि सिंचाई विभाग को हस्तांतरित करने हेतु वन भूमि (स्टेज-2 ) अंतिम स्वीकृति पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा माह जनवरी 2023 में प्रदान कर दी गयी है, जिससे प्रस्तावित बांध निर्माण की राह और आसान होगी तथा परियोजना प्रभावित परिवारों के विस्थापन हेतु प्राग फार्म की प्रस्तावित 300.5 एकड भूमि का प्रस्ताव दिनांक 18.05.2023 को उत्तराखण्ड सरकार की कैबिनेट में पारित किया जा चुका है,

लंबे समय से अटकी थी परियोजना, सीएम धामी के प्रयासों ने लाया रंग

वर्ष 1975 से वित्त पोषण के अभाव में परियोजना का निर्माण प्रारम्भ नहीं हो सका परन्तु मुख्यमंत्री धामी के सतत् प्रयासों के फलस्वरूप जमरानी बांध परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है,

  • मुख्यमंत्री धामी इस अति महत्वपूर्ण परियोजना की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री जी के साथ हुई बैठकों में लगातार अनुरोध करते रहे हैं,