अल्मोड़ा ।अल्मोड़ा जिले में आज सुबह साढ़े ग्यारह बजे बरात से वापिस लौट रही कार अनियंत्रित हो कर गहरी खाई में जा गिरी ।सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार कार में पांच लोग सवार थे जिनमें दो बच्चे भी शामिल है ।अल्मोड़ा जिले के भैंसिया छाना ब्लॉक के जमराडी बखरिया के पास बरात में आ रही अल्टो कार दुर्घटनाग्रस्त हुई है सूत्रों के अनुसार तीन लोगों की मौके पर मौत दो अन्य लोगों की घायल की सूचना है । स्थानीय लोगो के द्वारा राहत और बचाव कार्य के लिए प्रशासन को सूचित कर दिया गया है।
मुख्यालय में चल रहे निर्माण कार्यो में हो गुणवत्ता ,समय पर मिलनी चाहिये पर्यटकों व स्थानीय लोगो को सुविधा ।
पर्यटन की दृष्टि से रुद्रप्रयाग मुख्यालय की है अलग पहचान,बद्री केदार आने जाने वाले यात्रियों का मुख्य पड़ाव।
देश विदेश व स्थानीय लोगो को मिले पार्किंग संगम,व घाटों की सुविधा ।
जिला रुद्रप्रयाग पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान रखता है तथा जिले में आने वाले पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जनपद मुख्यालय के अंतर्गत जवाड़ी बाईपास पर निर्माणाधीन पार्क एवं व्यू प्वाइंट तथा संगम घाट में चल रहे निर्माण कार्यों का जिलाधिकारी ने आज संबंधित अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर किए जा रहे निर्माण कार्यों का जायजा लेते हुए संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को समयबद्धता एवं गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी द्वारा संगम घाट पर राज्य योजना के तहत किए जा रहे आरती मंच के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते हुए चल रहे कार्यों का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए गए कि घाट के निर्माण हेतु जो भी कार्य अवशेष हैं जिसमें सीढ़ियों का चौड़ीकरण, चैंजिंग रूम का मरम्मत कार्य, रैलिंग, टाइल एवं प्लास्टर के अवशेष कार्यों को यथाशीघ्र गुणवत्ता के साथ पूर्ण करना सुनिश्चित करें ताकि घाट पर आरती करने वाले स्थानीय लोगों एवं आने वाले पर्यटकों को इसका लाभ उपलब्ध हो सके। अधिशासी अभियंता हितेश पाल ने जिलाधिकारी को अवगत कराया है कि घाट में आरती मंच के निर्माण के लिए एक करोड़ 2 लाख 85 हजार की धनराशि स्वीकृत हुई है, जिसमें से निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है एवं प्लास्टर, रैलिंग एवं टाइल का कार्य गतिमान है। उन्होंने कहा कि जनवरी, 2023 के अंत तक चल रहे कार्यों को पूर्ण कर लिया जाएगा। जिलाधिकारी द्वारा जवाड़ी बाईपास में पर्यटन विभाग द्वारा बनाए जा रहे निर्माण कार्य का भी स्थलीय निरीक्षण कर चल रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त की जिसमें कार्यदायी संस्था के अधिशासी अभियंता द्वारा अवगत कराया गया है
कि पार्क के लिए 95 लाख 42 हजार की धनराशि स्वीकृत हुई है जिसमें बच्चों, युवाओं एवं बुजुर्गों के लिए सभी आयु वर्ग को ध्यान में रखते हुए सभी के लिए पार्क में व्यवस्था की जा रही है जिसमें बच्चों के लिए पार्क में झूलों की व्यवस्था, युवाओं के लिए जिम तथा बुजुर्गों के लिए योगा प्लेटफार्म तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही लगभग 80 से 100 लोगों के बैठने के लिए ओपन ईयर थियेटर भी बनाया जा रहा है। इसके साथ ही पर्यटन की गतिविधियों के दृष्टिगत व्यू प्वाइंट, सेल्फी प्वाइंट एवं बैठने के लिए उचित व्यवस्था की जा रही है। जिलाधिकारी ने घाटों की उचित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यदि घाटों की सफाई के लिए किसी तरह से धनराशि की कमी है तो इसके लिए आंगणन प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए ताकि इसके लिए यथाशीघ्र धनराशि निर्गत कराई जा सके।
अवैध कच्ची शराब का व्यापार करती महिला को आबकारी विभाग की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा।
- कालीमठ गांव में महिला कर रही थी अवैध कच्ची शराब का व्यापार
आबकारी विभाग की टीम ने दबिश देकर पकड़ी दस लीटर अवैध कच्ची शराब के साथ 90 किलोग्राम लहन
रुद्रप्रयाग।
कालीमठ घाटी में अवैध कच्ची शराब का धंधा जोरों पर चल रहा है। घाटी के ग्रामीण इलाकों में लोग कच्ची शराब बनाकर बेच रहे हैं। इस धंधे में महिलाओं की अहम भूमिका देखी जा रही है। ऐसे में आबकारी विभाग की टीम भी दबिध देकर अवैध कच्ची शराब का धंधा कर रहे लोगों की धरपकड़ कर रहा है। टीम को इसमें सफलता भी हाथ लगी है।
बता दें कि आबकारी विभाग को कालीमठ घाटी में अवैध कच्ची शराब बनाकर बेचने की शिकायतें मिल रही थी, जिस पर आबकारी विभाग की अी अपराध निरोधक सर्किल रुद्रप्रयाग की टीम ने सक्रियता दिखाते हुए कालीमठ गांव में दबिश दी। दबिश के दौरान सुशीला देवी पत्नी स्वर्गीय गोविंद लाल के घर की तलाशी ली गई। तलाशी में अभियुक्त के घर से लगभग दस लीटर अवैध
कच्ची शराब के साथ ही 90 किलोग्राम लहन बरामद हुआ। बरामद लहन को मौके पर ही नष्ट किया गया तथा अभियुक्त के विरुद्ध सुसंगत धारा में अभियोग पंजीकृत किया गया। दबिश टीम में आबाकरी निरीक्षक लालू राम, प्रधान आबकारी सिपाही रीना, किरन, प्रमोद कुमार, बंटी, धर्मेंद्र जगवाण के साथ ही पीआरडी जवान शामिल थे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के देहरादून दौरे को लेकर प्रशासन जुटा तैयारियों में ।
उत्तराखण्ड के दो दिवशीय दौरे पर रहेंगे राष्ट्पति ।
8 दिसंबर को मसूरी व 9 दिसबंर को दून विश्विद्यालय के दीक्षांत समारोह मे करेगे शिरकत ।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आठ दिसंबर को दो दिवसीय दौरे पर देहरादून आ रही हैं। इस दौरान वह यहां द प्रेसीडेंट बॉडीगार्ड स्टेट स्थित ‘आशियाना’ में रात्रि विश्राम करेंगी। राष्ट्रपति आठ व नौ दिसंबर को देहरादून में रहेंगी। उनका प्रस्तावित कार्यक्रम शासन और संबंधित संस्थाओं को मिल चुका है।
राष्ट्रपति मुर्मू आठ दिसंबर को देहरादून पहुंचेंगी। इसके बाद वह राजभवन जाएंगी। रात को वह आशियाना में विश्राम करेंगी। नौ दिसंबर को राष्ट्रपति पहले लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी मसूरी में भावी आईएएस अफसरों को संबोधित करेंगी। इसके बाद दिन में दून विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी। दून विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह नौ दिसंबर को होगा। इसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी। दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने बताया कि राष्ट्रपति के दौरे की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। बताया जा रहा है कि विवि के समारोह में करीब 650 छात्र-छात्राओं को डिग्री दी जाएगी। वहीं करीब 36 को गोल्ड मेडल व 16 को पीएचडी अवॉर्ड मिलेंगे।
राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे को लेकर दून विश्वविद्यालय के स्टाफ के साथ ही छात्र-छात्राओं में बेहद उत्साह है। पूरे विश्वविधायल को नारी शक्ति थीप पर सजाया जा रहा है। उभरती नारी शक्ति दीक्षांत समारोह की थीम रखी गई है। उत्तराखंड की नारी शक्ति ने पिछले कुछ सालों में सामाजिक और आर्थिक मोर्च पर खुद को साबित किया है। हम राष्ट्रपति महोदया को भी नारी शक्ति के हाथों से बनाया हुआ स्मृति चिन्ह भेंट करेगे।
दून विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के साथ ही आत्मनिर्भर भारत में अपना योगदान देने वाली महिलाओं को भी राष्ट्रपति सम्मानित करेंगी। राज्य में पिछले कुछ वर्षों में स्वरोजगार से जुड़कर महिलाओं ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। इन महिलाओं को सम्मानित किया जायेगा। इसके लिए सम्मानित होनी वाली महिलाओं को बुलावा जा चुका है।
एसटीएफ के नए कप्तान आयुष अग्रवाल के द्वारा इनामियो के विरुद्ध चलाई जा रही मुहिम ।।
एसटीएफ के नए कप्तान आयुष अग्रवाल के द्वारा इनामियो के विरुद्ध चलाई जा रही मुहिम ।।
एक और 25 हजारी इनामी गैंगस्टर,एसटीएफ के शिकंजे में
कल देर रात जनपद उधमसिंहनगर से एस. टी. एफ. ने की 25000/रु. के ईनामी की गिरफ्तारी
एसएसपी आयुष अग्रवाल ने उत्तराखंड में गैंगस्टर एवं बड़े अपराधियों की निगरानी रखने दिए निर्देश
राजकीय प्राथमिक विद्यालय अब नही चलेंगे एकल अध्यापक के भरोसे ।
प्राथमिक विद्यालय में कम से कम दो अध्यापको का होना अनिवार्य ।
एकल अध्यापक से बच्चों के पठन पाठन पर पड़ता है असर ,छात्रों की नींव है प्राथमिक शिक्षा ।धन सिंह रावत
उत्तराखण्ड। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिये सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी के तहत प्राथमिक शिक्षा के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एकल अध्यापक व्यवस्था को समाप्त करते हुये न्यूनतम दो शिक्षकों की तैनाती की जायेगी ताकि एक शिक्षक के अवकाश पर रहने के दौरान विद्यालय का संचालन निरंतर चलता रहे। इसके साथ ही बोर्ड परीक्षाओं में बेहत्तर प्रदर्शन के लिये माध्यमिक विद्यालयों में नई कार्ययोजना लागू की जा रही है जिसके तहत बोर्ड छात्र-छात्राओं को प्रत्येक 15 दिन में आंतरिक परीक्षा देने होगी, ताकि छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षाओं में बेहत्तर प्रदर्शन कर सके। इसके साथ ही विद्यालयों का भवन एवं संसाधनों की उपलब्धता के दृष्टिगत चार श्रेणियों में वर्गीकरण किया जायेगा।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने आज राजीव नवोदय विद्यालय ननूरखेड़ा स्थित आईसीटी केन्द्र में विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने अधिकारियों को प्राथमिक शिक्षा के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एकल अध्यापकीय व्यवस्था को समाप्त करते हुये प्रत्येक विद्यालय में कम से कम दो शिक्षक तैनात करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि एक अध्यापक वाले विद्यालयों में देखा गया है कि वहां तैनात शिक्षक के अवकाश पर चले जाने के बाद कई दिन तक विद्यालय बंद रहता है, जिससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई में व्यवधान आता है। जबकि कई विद्यालय ऐसे हैं जहां पर मानक से अधिक शिक्षक तैनात हैं। विभागीय मंत्री ने कहा कि जिन विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षक तैनात हैं उन्हें ब्लॉक स्तर पर ही एकल अध्यापक वाले विद्यालयों में तैनात किया जायेगा। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत 10वी एवं 12वीं के छात्र-छात्राओं को बोर्ड परीक्षाओं के मध्यनजर विशेष तैयारी कराई जायेगी। इसके लिये बोर्ड परीक्षा वाले छात्र-छात्राओं को प्रत्येक 15 दिन में आंतरिक परीक्षा दिलाई जायेगी ताकि उनकी बोर्ड परीक्षा के तैयारी बेहत्तर हो सके।
इससे जहां एक ओर छात्र-छात्राओं का बोर्ड परीक्षाओं के प्रति मनोबल बढ़ेगा वहीं दूसरी ओर बोर्ड परीक्षाफल भी बेहत्तर रहेगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि राजकीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के दृष्टिगत सभी विद्यालयों का सर्वे करा उन्हें उपलब्ध भवन एवं संसाधनों के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा जायेगा, ताकि आगामी वित्तीय वर्ष हेतु विद्यालयों के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत के साथ ही फर्नीचर, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, चारहदीवारी, विद्युत, पेयजल, शौचालय आदि व्यवस्थाओं के लिये डीपीआर तैयार करा कर शासन से बजट की मांग की जा सके।
बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव योगेन्द्र यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा आर0के0 कुंवर, अपर निदेशक आर0के0 उनियाल, संयुक्त निदेशक एस0पी0 जोशी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
केदारसभा की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का गठन, राजकुमार को अध्यक्ष व कुर्मांचली को मिली उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी।
तीर्थ पुरोहितों के हक-हकूकों के लिए किया जायेगा संघर्ष: राजकुमार
चारधामों में फैली समस्याओं को लेकर तीर्थ पुरोहित करेंगे पीएम और सीएम से मुलाकात
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ आदर्श संस्कृत महाविद्यालय के प्रांगण में केदारनाथ धाम के तीर्थ पुरोहित ब्राह्मणों की बैठक केदारसभा के निवर्तमान अध्यक्ष विनोद प्रसाद शुक्ला की अध्यक्षता में आहूत की गई, जिसमें नई कार्यकारिणी का गठन करते हुए भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई। कार्यकारिणी में ग्राम सभा चुन्नी के राजकुमार तिवारी को केदारसभा का नवनियुक्त अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जबकि खाट गांव के विष्णु कांत कुर्मांचली को उपाध्यक्ष व महामंत्री की जिम्मेदारी डाॅ राजेन्द्र प्रसाद तिवारी को सौंपी गई है।
केदारनाथ आदर्श संस्कृत महाविद्यालय के प्रांगण में आयोजित बैठक का शुभारंभ केदारनाथ के ध्यान तथा स्वस्तिवाचन से किया गया। इसके बाद तीर्थ पुरोहितों ने अपने-अपने विचार रखे और केदार सभा का महत्व तथा पुरोहितों की गरिमा पर विचार साझा किए गए। नवनियुक्त केदारसभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने कहा कि तीर्थ पुरोहितों के हक-हकूकों के लिए संघर्ष किया जायेगा। किसी भी सूरत में केदारनाथ धाम की परम्परा के साथ छेड़छाड़ नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार, शासन व प्रशासन के साथ ही मंदिर समिति को तीर्थ पुरोहितों को साथ लेकर केदारनाथ धाम में निर्माण कार्य को करवाना चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो तीर्थ पुरोहित समाज आंदोलन के लिए मजबूर हो जायेगा। वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी ने कहा कि केदारनाथ धाम में छः माह देवता भगवान शंकर की पूजा करते हैं और छः माह तक मनुष्य भगवान शंकर की पूजा करते हैं। लेकिन आपदा के बाद से केदारनाथ धाम में शीतकाल के समय भी पुनर्निर्माण कार्य होने से परम्पराओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केदार धाम में परम्पराओं का उल्लंघन हो रहा है, जिस पर मंदिर समिति का कोई ध्यान नहीं है। तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी ने कहा कि शीतकाल के समय देव पूजा में कोई विघ्न नहीं होना चाहिए। इन दिनों मंदिर के आस-पास लोगों का आना-जाना लगा हुआ है। कहा कि ऋषिकेश में मंदिर समिति का प्रचार-प्रसार कार्यालय को बंद कर दिया गया है। यह भी गलत कार्य किया गया है। जल्द ही चारधाम महापंचायत का गठन भी हो जायेगा।
इसके बाद सभी महापंचायत और केदारसभा के पदाधिकारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात करेंगे और चारों धामों की समस्याओं और परम्पराओं को लेकर बातचीत की जाएगी। बैठक के दौरान नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें अध्यक्ष पंडित राजकुमार तिवारी, उपाध्यक्ष पंडित विष्णु कान्त कुर्मांचली, महामंत्री डॉ राजेन्द्र प्रसाद तिवारी, उप मंत्री पंडित अंकित सेमवाल, प्रवक्ता पंडित पंकज शुक्ला, मीडिया प्रभारी पंडित पंकज के अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पुरोहित पंडित प्रवीण तिवारी को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही कार्यकारिणी में संजय शुक्ला, देवेश बाजपेई, केशव तिवाड़ी, श्रीकृष्ण बगवाड़ी, सुनील शुक्ला, उमेश चन्द्र पोस्ती, विजेन्द्र शर्मा, अनिल बगवाड़ी, प्रदीप तिनसोला, धीरेन्द्र शुक्ला, अनिल शुक्ला, सुरेश बगवाड़ी, कालिका प्रसाद त्रिवेदी, संजय तिवारी, संतोष त्रिवेदी, राकेश शुक्ला, सौरभ शुक्ला, भगवती प्रसाद बाजपेई, प्रदीप शर्मा, प्रदीप शुक्ला, यशोधर प्रसाद कुर्माचली, तीर्थेश्वरी प्रसाद शुक्ला, कुलानंद तिवारी, सुरेन्द्र प्रसाद शुक्ला को सदस्य नामित किया गया है।
केन्द्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर गढ़वाल का 10वाँ दीक्षांत समारोह धूम-धाम से मनाया गया।
दीक्षांत समारोह में 150 शोध छात्र छात्राओं को पीएचडी डिग्री से नवाजा गया ।
59 गोल्ड मेडलिस्ट में से 47 लड़कियों ने मारी बाजी ।
4531 छात्र छत्राओं को स्नाकोत्तर डिग्रियां की गई प्रदान।
श्रीनगर गढवाल ।।केन्द्रीय विश्वविद्यालय का 10वाँ दीक्षांत समारोह धूम-धाम से मनाया गया। इस अवसर पर पहले इंडिया फाउंडेशन के चेयरमेन व नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ राजीव कुमार बतौर मुख्य अतिथि दीक्षांत समारोह में मौजूद रहे। दीक्षांत समारोह में खास बात ये रही कि एक बार फिर यूनिवर्सिटी टॉपर मे लड़कियों ने बाजी मारी है। –
व उतराखंड के एक मात्र केन्द्रीय विश्वाविद्यालय भ्छठ गढवाल विश्वाविद्यालय का 10 वा दीक्षांत समारोह आज सम्पन्न हो गया है। दीक्षांत समारोह का उद्घाटन पहले इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष व नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ राजीव कुमार ने किया। स्वामी मन्थन प्रेक्षागृह चौरास मे आयोजित हुए कार्यक्रम की शुरूआत नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष, गढवाल विश्वविद्यालय की कुलपति एवं कुलाधिपति द्वारा संयुक्त रूप से द्वीप प्रज्वलित कर किया गया।
जिसके बाद गढवाल विवि के प्रोफेसरों, संकाय अध्यक्षों द्वारा कुलसचिव के नेतृत्व में शोभा यात्रा भी निकाली।
दीक्षांत समारोह में केन्द्रीय गढवाल विश्वविध्यालय के तीनों कैम्पस व अन्य एफिलेटेड कॉलेजों के 150 शोध छात्र-छात्राओं को पीएचडी डिग्री प्रदान की गई वहीं 59 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मैडल दिए गये। खास बात यह है कि कुल 59 गोल्ड मैडलिस्टों में 47 लड़कियां थी। इसके अलावा 4531 स्नातकोत्तर की डिग्रीयां भी वितरित की गई। छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कुलपति ने इस मौके पर गढवाल विश्वाविद्यालय की उपलब्धियों को गिनाया, तो कुलाधिपति गढवाल विश्वविध्यालय ने कहा कि भौगोलिक व सामरिक पृष्टभूमि से महत्वपूर्ण माने जाने वाला गढवाल विश्वाविद्यालय देश के लिए एक थिंक टैंक के रूप मे उभर कर सामने आयेगा।
रुद्रप्रयाग जिले में तैनात जिलाधिकारी नहीं उठाते जनप्रतिनिधियों ,सामाजिक कार्यकर्ताओं व मीडियाकर्मियों का फोन ।
भले ही उत्तराखण्ड में धामी सरकार ने अधिकारियों को गांव में रात्रि विश्राम व चौपाल लगाने के निर्देश दिये हो लेकिन जिले में बैठे सरकार के नुमाइंदे किसी का फोन उठाना अपनी शान के खिलाफ समझते हैं ।
उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सूरज नेगी ने राज्य के मुख्य सचिव पत्र लिखते हुए कहा कि उत्तराखंड की जनता ने लंबे संघर्षों की बदौलत व कई राज्य निर्माण आंदोलनकारियों की शहादतो के बाद उत्तराखंड राज्य के निर्माण की लड़ाई जीती थी जिसमें राज्य की जनता ने बढ़ चढ़कर भाग लिया और यह सपना देखा कि अपना राज्य होगा समस्याओं की सुनवाई होगी मगर जब राज्य की निकम्मी अफसरशाही खाली समय काटने के लिए जनपदों की मुख्य जिम्मेदारियों पर कार्यरत होगी तो ऐसे में सकारात्मक परिणाम आने संभव नहीं है ऐसा ही वाकया जनपद रुद्रप्रयाग में हो रहा है श्री नेगी ने कहा कि वह राज्य में तैनात उन अफसरों का मनोबल नहीं गिराना चाहते जो शिद्दत के साथ अपने कार्यों में लगे हुए हैं लेकिन कई अफसर राज्य में सिर्फ कार्यों के नाम पर रस्म अदायगी कर रहे हैं ऐसा ही शासन द्वारा नियुक्त रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी कई लोगों के फोन उठाने को तैयार नहीं है श्री नेगी ने कहा कि राज्य के मुख्य सचिव द्वारा स्वयं कई बार मीडिया के सामने आकर कहा गया कि जिला स्तरीय अधिकारी जनसमस्याओं एवं उनके निस्तारण के लिए जनप्रतिनिधियों सामाजिक कार्यकर्ताओं जनता एवं मीडिया से जुड़े लोगों का फोन उठाएं और समस्याओं का निस्तारण करें।

मगर उसके ठीक उलट जिलाधिकारी द्वारा चार धाम यात्रा में अव्यवस्थाओं की शिकायत करने वाली जनता का फोन तक नहींउठाया गया और ना ही स्थानीय जनता व जनप्रतिनिधियों का फोन उठाया गया उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी के कंधों पर जनपद की व्यवस्थाओं को सुचारू रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई हो जब वही अधिकारी किसी के फोन को उठाने को राजी ना हो तो उनके नीचे कार्य करने वाले अधिकारियों की सच्चाई को आप समझ सकते हैं यही नहीं चार धाम यात्रा के समय केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ावों पर जमकर शराब की तस्करी हुई हेली कंपनियों ने भी खुलेआम मनमानी की यहां तक कि जिला पंचायत की पार्किंग में कई गैर कानूनी काम हुए पर जिला प्रशासन चुपचाप आंखें मूंदकर चैन की नींद सोया रहा बिना निविदा की ही केदारनाथ जाने वाले घोड़े कचरू की काठी पर वाटरप्रूफ गद्दी लगाने के नाम पर जिला प्रशासन की देखरेख में एक बड़े घपले को अंजाम दिया गया जिसकी जांच का भी अभी तक पता नहीं है कि जांच किस स्तर पर है यात्रा में लगी हैली कंपनीयों ने जमकर ओवरलोडिंग की और पट बंद होने के कुछ दिन पूर्व ही 7 लोग दुर्घटना के शिकार हो गए वही जनप्रतिनिधियों द्वारा विकास में हीला हवाली की शिकायतों को जब ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी से की जाती है तो उस पर भी कार्यवाही होती नहीं दिखती हैउल्टा शिकायत करने वाले ग्रामीणों पर ही मुकदमे दर्ज कर लिए जाते है उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर जनपद में होने वाले निर्माण कार्यों में बहुत ही घटिया निर्माण कार्य किए जा रहे हैं जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग सहित कई बाजारों में घटिया नालियों का निर्माण किया गया है जो कई स्थानों पर आधा अधूरा पड़ा है यही नहीं कुछ समय पूर्व एक कंपनी द्वारा निर्माण कार्य की सेटिंग गिरने से कुछ मजदूरों की मौत का मामला भी सामने आया मगर जिला प्रशासन ने कंपनी के मालिक के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की और लापरवाह इंजीनियरों का तबादला कर मामले का इतिश्री कर दिया गया वही रुद्रप्रयाग गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर जानलेवा बना हुआ है ग्रामीण मोटर मार्गो की स्थिति भी दयनीय है यही नहीं जनपद में शराब माफिया खनन माफिया बेरोकटोक अपनी गतिविधियों का अंजाम दे रहे हैं तथा सरकार को भी भारी राजस्व की क्षति पहुंचा रहे हैं मगर प्रशासन की कार्रवाई धरातल पर दिखी नहीं है क्योंकि प्रशासन के संरक्षण से ही इन कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है आम जनमानस की कहीं भी समय पर कोई सुनवाई नहीं है और फरियादी थक हार कर जनप्रतिनिधियों को कोस कर चुप बैठने को विवश हो गया है साथ ही दुर्भाग्य है कि प्रदेश के अधिकतर जन प्रतिनिधि या राजनीतिक दलों से जो लोग आगे आ रहे हैं उनकी पृष्ठभूमि या तो शराब व्यवसाय की है या फिर वह सरकारी विभागों में ठेकेदारी में लिप्त हैं या फिर खनन व्यवसाय से जुड़े हैं इसलिए प्रशासन भी ऐसे व्यक्तियों की निजी कमजोरी पकड़कर जनता की शिकायतों की अनदेखी करता है उन्होंने कहा कि प्रशासन को यह भी ध्यान में रखना चाहिए हर जनप्रतिनिधि सामाजिक कार्यकर्ता या राष्ट्रीय दलों से जुड़े नेता शराब व्यवसाय व्यवसाय या ठेकेदारी प्रथा या खनन व्यवसाय की पृष्ठभूमि से नहीं आते हैं इसलिए प्रशासन को अपना नजरिया बदलना होगा और स्वच्छ छवि वाले लोगों को जो ईमानदारी से जन समस्याओं को उठाते हैं उनको प्राथमिकता से सुनना ही होगा श्री नेगी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य बनने के 22 वर्ष बाद इस प्रकार की अफसरशाही को जनपद में बिठाया गया है जो बड़े खेद का विषय है पूर्व में नियुक्त जिलाधिकारीयों द्वारा पक्ष विपक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं विभिन्न संगठनों से जुड़े आंदोलनकारी व समस्त मीडिया से जुड़े लोगों के साथ समन्वय बनाकर समस्याओं का निस्तारण किया जाता रहा है मगर यह पहले आईएएस अफसर है जो शायद सबके साथ समन्वय न बनाकर चलते हुई सिर्फ सत्ताधारी दल व उनके चुनिंदा लोगों को ही सर्वे सर्वा समझकर जनपद में अपनी मर्जी से कार्य कर रहे हैं तभी तो जिलाधिकारी सहूलियत के हिसाब से फोन रिसीव करते हैं उन्होंने कहा कि अगर इसी मानसिकता के आला अफसरों ने सिर्फ समय बिताने के लिए रस्म अदायगी करनी है तो यह उत्तराखंड राज्य के लिए बेहद दुखद क्षण होगा आखिर अधिकारी अपनी कार्यप्रणाली मेक कब सुधार लाएंगे उन्होंने मुख्य सचिव से उम्मीद जाहिर की है वह उनके द्वारा दिए गए पत्र में राज्य की मूल भावनाओं को साथ जोड़ते हुए नौकरसाहों को जनता के प्रति मूल जिम्मेदारियों का एहसास कराएंगे।


















