2.90ग्राम स्मैक के साथ युवक को किया गया गिरफ्तार ।
जनपड चमोली के ओली में सैन्य अभ्यास से भड़का चीन, भारत और चीन के बीच 1993 ओर 1996 में हुए समझौतों का उलंघन,
जनपड चमोली के ओली में सैन्य अभ्यास से भड़का चीन,
भारत और चीन के बीच 1993 ओर 1996 में हुए समझौतों का उलंघन,
ओली में चल रहा है भारत और अमेरिका का संयुक्त सैन्य अभ्यास,
2020 में चीन ने किया था इन समझौतों का उलंघन,
गलवां घाटी की घटना के बाद से दोनों देशों के बीच बना है तनाव,
70 वर्षीय बुजुर्ग की बहादुरी देखिये भालू के हमले के बाद भी खुद को बचाया।
बागेश्वर ।।बागेश्वर के धरमघर स्थित चुचेर के जंगलों में 70 वर्षीय बुजुर्ग पर दो भालू ने हमला कर दिया … जिसमें बुजुर्ग ने बहादुरी से लड़ते हुए अपने आप को भालु के हमलों से बचा लिया …इस दौरान 70 वर्षीय बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना सुबह 7:00 बजे की बताई जा रही है जिसमें 70 वर्षीय बुजुर्ग चीड़ के छिलके लेने के लिए जंगल में गए थे ….. इसी बीच भालू ने उन पर हमला कर दिया… भालू ने उनका सिर बुरी तरीके से नोच डाला … जान जोखिम में होने के बाद भी 70 वर्षीय भगत सिंह ने हिम्मत नहीं हारी और धारदार हथियार से भालू पर कई वार किए ।
शिक्षा विभाग से बड़ी खबर 10 से कम छात्र संख्या वाले स्कूल होंगे बन्द ।
प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में पांच और मैदानी क्षेत्रों में 10 या इससे कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को बंद करने का हुआ फैसला
स्कूलों के बच्चों को नजदीक के उत्कृष्ट स्कूलों में किया जाएगा एडजेस्ट।
राज्य में है 10 या इससे कम छात्र संख्या वाले करीब तीन हजार स्कूल
शिक्षा महानिदेशक की ओर से शिक्षा निदेशक बेसिक शिक्षा को दिए आदेश
उत्कृष्ट स्कूलों में कम से कम चार शिक्षक उपलब्ध कराए जाएंगे।
छात्र संख्या बढ़ने पर हर कक्षा में एक शिक्षक की तैनाती की जाएगी।
उत्कृष्ट स्कूलों के बच्चों को लाने एवं घर ले जाने के लिए एस्कोर्ट या ट्रांसपोर्ट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में 5 और मैदानी क्षेत्रों में 10 या इससे कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को बंद कर इन स्कूलों के बच्चों को नजदीक के उत्कृष्ट स्कूलों में भेजा जाएगा। राज्य में 10 या इससे कम छात्र संख्या वाले करीब 3000 स्कूल हैं।
शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी की ओर से शिक्षा निदेशक बेसिक शिक्षा को दिए आदेश में कहा गया है कि उत्कृष्ट स्कूलों में कम से कम चार शिक्षक उपलब्ध कराए जाएंगे। छात्र संख्या बढ़ने पर हर कक्षा में एक शिक्षक की तैनाती की जाएगी। उत्कृष्ट स्कूलों के बच्चों को लाने एवं घर ले जाने के लिए एस्कोर्ट या ट्रांसपोर्ट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जिन स्कूलों से छात्र – छात्राओं को समायोजित किया जा रहा है उन स्कूलों में काम करने वाली भोजन माताओं को हटाया नहीं जाएगा। जिन स्कूलों में छात्रों को भेजा जा रहा है, उन्हें उसी स्कूल में समायोजित किया जाएगा।
शिक्षा महानिदेशक ने कहा कि इस तरह के स्कूलों को चिन्हित करने की कार्रवाई शिक्षा सत्र 2023-24 से पहले कर ली जाएगी। चिन्हित विद्यालयों की सूची, छात्र संख्या व शिक्षकों का विवरण 15 जनवरी 2023 तक उपलब्ध करा दिया जाए।
आखिर गुलदार कब तक ग्रामीणों को अपना निवाला बनाता जाएगा,वन विभाग कब तक कुम्भकर्णीय नींद में रहेगा।
उत्तराखण्ड में हर दिन गुलदार की घटनाएं सामने आती रही है ।कभी मवेशियों को तो कभी इंसान को अपना निवाला बनाते जा रहे ।ग्रामीण गुलदारों को पकड़ने की बात तो करते है लेकिन वन विभाग पकड़ने के बाद दूसरे क्षत्रो में छोड़ कर गुलदार पुनः तांडव करना शुरू कर देते हैं ।जिससे ग्रामीण क्षेत्रो में हमेशा भय का माहौल बना रहता है ।एक हप्ते से लगातार उत्तराखण्ड के पहाड़ी जिलो से गुलदार द्वरा बच्चे बुजुर्ग को अपना निवाला बनाता जा रहा है लेकिन वन विभाग द्वारा कोई नियंत्रण ही किया जा रहा है अल्मोड़ा में पिछले 48 घण्टो में लगातार दो लोगो की जीवन लीला का गुलदार समाप्त कर चुका है ।पर्वतीय क्षेत्रों में मानव-गुलदार टकराव ने चिंता बढ़ा दी है। अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट में मां-बेटे समेत तीन से आमना सामना होने के बाद इसी ब्लाक के दैना गांव में गुलदार ने बुजुर्ग ग्रामीण को मार डाला। घटना के करीब 18 घंटे बाद बुजुर्ग का क्षतविक्षत शव बरामद किया गया है। शरीर का आधा हिस्सा गुलदार खा चुका था।इधर, नाराज ग्रामीणों ने शव नहीं उठाने दिया। डीएफओ महातिम सिंह यादव के हिंसक वन्यजीव को मानवजाति के लिए खतरा मान वन्यजीव प्रतिपालक को अवगत कराने व पिंजड़ा लगाने पर ही गांव वाले माने।
मामला मंगलवार शाम को तहसील क्षेत्र में कालीगाढ़ पट्टी की कुंवाली घाटी स्थित दैना गांव का है। यहां के 65 वर्षीय मोहन राम पुत्र स्व. प्रेमराम घर से करीब सौ मीटर दूर निचले भूभाग पर गाय को घर लाने के लिए निकले। तभी झाड़ियों में पहले से घात लगाए गुलदार ने बुजुर्ग पर हमला बोल दिया। मोहन राम को मार डालने के बाद वह उसे गधेरे की ओर घसीट ले गया।
उत्तराखण्ड में दो ऐतिहासिक विधेयक विधानसभा में पास।
उत्तराखण्ड में दो ऐतिहासिक विधेयक विधानसभा में पास।
महिलाओं को सरकारी नौकरियों के क्षैतिज आरक्षण का बना कानून।
प्रदेश में धर्मान्तरण पर रोक सम्बंधित कानून बना।
उत्तराखंड में विधानसभा अनुपूरक बजट सत्र के दूसरे दिन दो महत्वपूर्ण विधेयक विधानसभा में ध्वनिमत से पास हो गए हैं। उत्तराखण्ड धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक 2022 के पास होने के बाद प्रदेश में धर्मान्तरण को लेकर कठोर कानून की प्रविधान हो गया है। इसके अलावा उत्तराखण्ड लोकसेवा (महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण) विधेयक 2022 से प्रदेश में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था एकबार फिर से लागू हो जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। कुछ दिन पूर्व राज्य सरकार ने इन दोनों विधेयकों को कैबिनेट से मंजूरी दी थी। बुधवार को विधानसभा में इन विधेयकों के पास होने से प्रदेश में इसे लागू करने की जल्द अधिसूचना जारी हो जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभमि है यहां पर धर्मान्तरण जैसी चीजें हमारे लिए बहुत घातक है इसलिए सरकार ने यह निर्णय लिया था कि प्रदेश में धर्मान्तरण पर रोक के लिए कठोर से कठोर कानून बने। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि इस कानून को जल्द से जल्द प्रदेश में लागू किया जाए। वहीं उत्तराखण्ड में महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण विधेयक को लेकर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड निर्माण में मातृशक्ति का बहुत बड़ा योगदान है और सरकार ने यह पहले ही तय किया था कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस प्रदेश में मातृशक्ति का सम्मान करते हुए उन्हें इस क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिले।
क्या है धर्मान्तरण पर रोक संबंधी कानून
भारत के संविधान के तहत, धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार के तहत, प्रत्येक के महत्व को समान रूप से मजबूत करने के लिए धर्म, उत्तराखंड धर्म की स्वतंत्रता अधिनियम, 2018 में संशोधन आवश्यक है. इस अधिनियम के लागू होने के बाद दोषी पाए जाने पर न्यूनतम तीन साल से लेकर अधिकतम 10 साल तक के कारावास का प्रावधान किया गया है। इतना ही नही अपराध करने वाले को कम से कम पांच लाख रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है, जो पीड़ित को दिया जाएगा. विधेयक के अनुसार, कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बल, प्रलोभन या कपटपूर्ण साधन द्ववारा एक धर्म से दूसरे में परिवर्तित करने का प्रयास नहीं करेगा। कोई व्यक्ति ऐसे धर्म परिवर्तन के लिए उत्प्रेरित या षडयंत्र नहीं करेगा।
क्या है महिला आरक्षण बिल
उत्तराखण्ड लोकसेवा (महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण) विधेयक 2022 के तहत राज्य में महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 20 से 30 फीसदी क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गई थी। यह प्रावधान उन महिलाओं के लिए किया जा रहा है। राज्य गठन के दौरान तत्कालीन सरकार ने 20 फीसदी क्षैतिज आरक्षण शुरू किया था। जुलाई 2006 में इसे 30 फीसदी कर दिया था। इसी साल हरियाणा की पवित्रा चौहान व अन्य प्रदेशों की महिलाओं को जब क्षैतिज आरक्षण का लाभ नहीं मिला तो उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने आरक्षण पर रोक लगा दी थी, इसके खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की। बीते 4 नबंबर 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाकर आरक्षण को बरकरार रखा। अब सरकार ने इस विधेयक को सदन में पास करवाकर इसे कानूनी रुप दे दिया है जो कि मौजूदा सरकार की बड़ी उपलब्धि के रुप में देखा जा रहा है।
केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओ का लाभ अंतिम छोर में निवास वाले व्यक्ति तक पहुंचे।।
रुद्रप्रयाग ।। जनपद के अंतिम छोर में निवासरत व्यक्तियों को केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न विकास योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने तथा तहसील स्तर से जारी होने वाले प्रमाण-पत्रों एवं आम जनता की समस्याओं एवं शिकायतों का त्वरित निस्तारण हेतु जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आज कलैक्ट्रेट सभागार में उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों, कानूनगो एवं राजस्व उपनिरीक्षकों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया तथा तहसील स्तर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त की।
जनपद में संचालित योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति को उपलब्ध हो इसके लिए जिलाधिकारी गंभीरता से कार्य करते हुए निरंतर ब्लाॅक एवं तहसील स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ योजनाओं के सफल क्रियान्वयन एवं प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित कर अधिकारियों से योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की जा रही है।
संवाद कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने सभी राजस्व उपनिरीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उनके स्तर से जो भी कार्य किए जा रहे हैं उन कार्यों का निर्वहन गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ करें। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्रवासियों एवं जन प्रतिनिधियों द्वारा अकसर शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि क्षेत्र में तैनात राजस्व उपनिरीक्षकों द्वारा अपने दायित्वों का निर्वहन ठीक ढंग से नहीं किया जा रहा है जिस पर उन्होंने सभी राजस्व उपनिरीक्षकों को कड़ी चेतावनी देते हुए अपनी कार्यशैली में बदलाव लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी को सचेत करते हुए कहा कि यदि भविष्य में किसी भी अधिकारी एवं कर्मचारी की शिकायत प्राप्त होती है तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी की होगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि उनके स्तर से जारी होने वाले आय प्रमाण-पत्रों को गंभीरता से देखें एवं जांच के उपरांत ही संबंधित व्यक्ति की वास्तविक आय अंकित कर आय प्रमाण-पत्र जारी किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी दशा में गलत आय प्रमाण-पत्र निर्गत न किया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि जनपद में आपदा के कारण जिन विभागों की जो भी योजनाएं क्षतिग्रस्त होती हैं उन योजनाओं का धरातल पर वास्तविक आंकलन किया जाए तथा नियमानुसार आंकलन प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि कार्य के शुरू होने एवं पूर्ण होने एवं उसकी गुणवत्ता के संबंध में स्पष्ट आख्या उपलब्ध कराई जाए किसी भी दशा में कोई गलत सूचना एवं रिपोर्ट उपलब्ध न कराई जाए। गलत जानकारी उपलब्ध कराए जाने की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वन भूमि व राजस्व भूमि पर किसी व्यक्ति द्वारा अतिक्रमण किया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करते हुए ऐसे व्यक्तियों को नोटिस निर्गत करते हुए उनके विरुद्ध वाद भी दायर करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि तहसील स्तर पर जो पटवारी चैकियां क्षतिग्रस्त हैं तथा जिनका मरम्मत कार्य किया जाना है उनका तत्काल मरम्मत कार्य हेतु आंकलन प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ताकि उसके लिए धनराशि निर्गत कराई जा सके। उन्होंने सभी राजस्व उपनिरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर खतौनी को संबंधित ग्रामीणों के समक्ष पढ़ा जाए तथा विरासतन दर्ज कराई जाए।
उत्तराखण्ड सरकार का 5440.43 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश ।
उत्तराखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया है। सत्र पांच दिसंबर तक चलेगा। पहले दिन प्रदेश में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 फीसदी क्षैतिज आरक्षण को लेकर उत्तराखंड लोक सेवा (महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण) विधेयक 2022 समेत 11 विधेयक सदन में पेश किए गए। विधेयक बुधवार को पास होंगे। वहीं, 5440.43 करोड़ का अनुपूरक बजट भी सीएम धामी और वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने पेश किया।
मंगलवार को सदन में प्रथम अनुपूरक बजट 2022-23 पेश करते हुए वित्त व संसदीय कार्य मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि 2022-23 का मूल बजट 65 हजार 571 करोड़ का था। मुख्यतः मूल बजट के उपरान्त कुछ केन्द्रपोषित योजनाओं में केन्द्र सरकार से धनावंटन होने अथवा धनावंटन की प्रत्याशा के कारण तद्विषयक धनराशि का समावेश करने हेतु वचनबद्ध मदों में वर्ष के शेष माहों में धनराशि कम पड़ने की सम्भावना के दृष्टिगत राज्य अकस्मिकता निधि से स्वीकृत अग्रिमों की प्रतिपूर्ति करने तथा कुछ नई योजनाओं के कारण अनुपूरक बजट की आवश्यकता हुई है। वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि 5440.43 करोड़ रुपए के इस अनुपूरक बजट में लगभग रू0 3226.46 करोड़ मतदेय तथा 2213.97 करोड़ भारित से संबंधित प्रावधान है। भारित के अन्तर्गत पूंजीगत मद में वेज एण्ड मीन्स एडवांस तथा ऋणों का भुगतान तथा राजस्व मद में श्री राज्यपाल के कार्यालय, ऋण शोधन निधि तथा न्याय प्रशासन से संबंधित योजना है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि केन्द्र पोषित योजनाओं हेतु लगभग रू0 727 करोड़ के केन्द्रांश तथा लगभग रू0 301 करोड़ राज्यांश सहित कुल लगभग रू0 1028 करोड़ का प्रावधान है। वाह्य सहायतित परियोजनाओं हेतु लगभग रू0 106 करोड तथा नाबार्ड से सम्बन्धित योजनाओं हेतु लगभग रू0 40 करोड का प्रावधान है। वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि अनुपूरक बजट में लगभग रू0 2276.43 करोड़ राजस्व मद से संबंधित तथा रू0 3164 करोड़ पूँजीगत मद से संबंधित है। राजस्व की प्रमुख मद वेतन पारिश्रमिक पेंशन व अन्य सेवानिवृत्तिक लाभ, उपयोगिता बिल, सामाजिक पेंशन एवं अनुरक्षण आदि है जबकि पूंजीगत के अन्तर्गत प्रमुखतः बृहद निर्माण एवं वेज एण्ड मीन्स एडवांस (ॅड।) सम्मिलित है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि अनुपूरक बजट में लगभग 60 प्रतिशत धनराशि संसाधन सम्बद्ध (त्मेवनतबम सपदामक ) है। संसाधन सम्बद्ध योजनाओं में संसाधन सुनिश्चित होते है तथा उपलब्ध संसाधनों से ही व्यय होता है। केन्द्रपोषित योजना तथा वेज एण्ड मीन्स एडवांस (ॅड।) को रिसोर्स लिंक्ड कहा जा सकता है। उन्होंने बताया कि शेष लगभग 40 प्रतिशत धनराशि का व्यय मूल बजट में अनुमानित मुख्यतः वेतन आदि के सापेक्ष हो रही बचत से है। वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि प्रमुख राजस्व मदों में वेतन आदि मद में लगभग रू0 160 करोड़ तथा मजदूरी हेतु लगभग रू0 114 करोड़, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन की मद में लगभग रू0 230 करोड़ का प्राविधान किया गया। है। सामाजिक सुरक्षा से सम्बन्धित पेंशन हेतु लगभग रू0 58 करोड़ का प्राविधान किया गया है। राज्य आन्दोलनकारी पेंशन मद में लगभग रू0 20 करोड़ का अतिरिक्त प्राविधान किया गया है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि हमारी सरकार ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास एवं अंत्योदय की भावना से प्रेरित होकर सामाजिक कल्याण की योजनाओं हेतु यथाआवश्यकता व विभागीय मांग के अनुरूप प्राविधान किया है। सामाजिक सुरक्षा के अन्तर्गत वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन, तीलू रौतेली पेंशन, निराश्रित विधवा पेंशन, परित्यक्त / निराश्रित महिला किसान पेंशन आदि विभिन्न पेंशन योजनाओं हेतु कुल मिलाकर लगभग रुपये 58 करोड़ की धनराशि का प्राविधान किया जा रहा है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि देश की रक्षा के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने के लिए हमारे सैनिक भाई सदैव तैयार रहते है। उनके आवागमन को सुगम बनाने के लिए विभिन्न सैन्य विश्राम गृहों के अनुरक्षण हेतु भी समुचित प्राविधान किये गये है। इसी प्रकार सैनिक कल्याण से सम्बन्धित विभिन्न प्रकार की पेंशन व पुरस्कार हेतु प्रावधान किये गये है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि जनकल्याण की भावना के साथ महिला एवं बाल विकास हेतु विभिन्न योजनाओं में आवश्यक प्राविधान किया गया है। नंदा गौरा योजना हेतु लगभग रू0 131 करोड़ मुख्यमंत्री बाल पोषण अभियान के तहत रू0 13 करोड मुख्यमंत्री वात्सल्य योजनान्तर्गत रु0 18 करोड़ का प्राविधान किया जा रहा है। चिकित्सा व उपचार हेतु अटल आयुष्मान योजना के अन्तर्गत रु० 151 करोड़ का अतिरिक्त प्राविधान किया जा रहा है
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि युवा कल्याण हेतु न केवल स्टाइफण्ड / छात्रवृति हेतु प्राविधान किया गया है अपितु स्टेडियम निर्माण आदि के लिए आवश्यक प्राविधान किये गये है। लेब ऑन व्हील्स, सांइस सिटी आदि के क्षेत्र में प्रावधान करके भी युवाओं के उज्वल भविष्य के मार्ग को प्रशस्त करने का प्रयास किया गया है। एन०डी०ए० में चयनित छात्रों को पुरस्कार एवं संघ लोक सेवा आयोग एवं उत्तराखण्ड राज्य लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षाओं की कोचिंग हेतु मेधावी छात्र / छात्राओं को विशेष आर्थिक सहायता हेतु समुचित प्रावधान किये गये है। वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि पत्रकार कल्याण कोष की स्थापना के लिये रू0 1.50 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि हम पूँजीगत परिसम्पत्तियों के सृजन के लिए प्रयत्नशील है। इसी क्रम में इस अनुपूरक मांग में अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना हेतु लगभग रू0 350 करोड़, लोक निर्माण विभाग में रू० 220 करोड़, शहरी विकास के क्षेत्र में लगभग रुपये 210 करोड़, पेयजल क्षेत्र में लगभग रूपये 130 करोड़, न्याय प्रशासन क्षेत्र में लगभग रूपये 56 करोड़, खेल और युवा कल्याण क्षेत्र में लगभग रूपये 40 करोड़ कृषि के क्षेत्र में लगभग रूपये 17 करोड़, पशुपालन के क्षेत्र में लगभग रू0 20 करोड़, चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में लगभग रूपये 10 करोड़, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लगभग रूपये 4 करोड़ को सम्मिलित करते हुए इन विभागों सहित पूंजीगत परिव्यय (केपिटल आउटले) हेतु समग्र रूप से लगभग रूपये 1154 करोड़ का प्राविधान किया गया है। इस में अनुरक्षण की धनराशि सम्मिलित नहीं है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि पूंजीगत परिसम्पत्तियों के सृजन से सम्बन्धित अधिकांश योजनाएं केन्द्रपोषित होने के कारण संसाधन सम्बद्ध है अर्थात सम्बन्धित योजनाओं में केन्द्र सरकार से धनराशि प्राप्त हो गयी है या प्राप्त होने की प्रत्याशा है। वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि महालेखाकार द्वारा दिए गए परामर्श के अनुसार वेज एण्ड मीन्स एडवांस (ॅड।) हेतु पहली बार अनुपूरक के माध्यम से अतिरिक्त मांग की जा रही है। रू० दो हजार करोड़ का प्रस्ताव वेज एण्ड मीन्स एडवांस (ॅड।) के अंतर्गत है । वेज एण्ड मीन्स एडवांस (ॅड।) पूंजीगत मद है। ऐसा करते हुए न केवल महालेखाकार द्वारा दिये गये सुझावों का अनुपालन होगा अपितु राज्य के कैश फ्लो के प्रतिकूल होने की स्थिति में वेज एण्ड मीन्स एडवांस (ॅड।) एडवांस के अन्तर्गत पूर्व की अपेक्षा रू० दो हजार करोड़ अधिक धनराशि नितान्त अस्थाई व्यवस्था के अन्तर्गत रिजर्व बैंक से लिया जा सकेगा। वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि कृषि व सहायक गतिविधियों के विकास हेतु राजस्व पूँजीगत दोनों मदों में प्राविधान किया गया है। कृषि विभाग के अर्न्तगत जल पम्प, स्प्रिंकलर सेट, पाली हाउस विधिकरण योजना हेतु लगभग रु० 30 करोड़, जलवायु अनुकूल बरानी कृषि परियोजना हेतु लगभग रू0 12 करोड़ का प्राविधान किया जा रहा है
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए एम.एस.एम.ई. पॉलिसी से अपने उद्यमी भाईयों को लाभान्वित करने के लिए रू० 25 करोड़ का प्राविधान किया गया है। वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि परिवहन के क्षेत्र में सुचारू सेवाओं हेतु उत्तराखण्ड परिवहन निगम को पर्वतीय क्षेत्रों में संचालन हो रहे नुकसान ( हिल लॉस) को संज्ञान लिया गया है तथा लगभग रू0 20 करोड का प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि ग्राम्य विकास के अर्न्तगत मनरेगा हेतु लगभग रू0 191 करोड, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान हेतु लगभग रू0 48 करोड़ का प्राविधान किया जा रहा है। वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि शहरी विकास हेतु मलिन बस्ती विकास / नगरीय अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु लगभग रू0 15 करोड़ स्मार्ट सिटी हेतु लगभग रू0 114 करोड़ तथा वाह्य सहायतित परियोजना नगरीय अवस्थापना का सुदृढीकरण हेतु लगभग रू0 81 करोड़ का प्रविधान किया गया है।
गुलदार के हमले का वीडियो हुआ वायरल ।
गुलदार के हमले का वीडियो हुआ वायरल
अल्मोड़ा।
आज शाम 5 बजे द्वाराहाट के मल्ली मिरई गाँव के भौरा तोक में तेंदुए ने तीन लोगों पर अचानक हमला कर दिया।
जिससे 2 महिलाएं और एक युवक घायल हो गए। जिसका गांव के ही एक शख्स ने वीडियो बना दिया। जो देखते देखते वायरल हो गया।
ख़ुशक़िस्मती की बात यह रही की तीनों की जान बच गई।
उत्तराखण्ड के पहाड़ी जिलो के लिए अभिशाप साबित हो रहे है गुलदार, टिहरी के 12 वर्षीय बालक को फिर बनाया अपना निवाला।
टिहरी के बालगंगा रेंज दर्दनाक हादसा, 12 वर्षीय बालक को गुलदार ने बनाया निवाला।
टिहरी जनपद के घनसाली विधानसभा के बालगंगा रेंज स्थित मयकोट गांव का मामला।
गांव के पास में ही खेलकर घर लौट रहा था अरनव
बालक का नाम अरनव चंद पुत्र रणबीर चंद रमोला बताया जा रहा है जिसको देर शाम गुलदार ने बनाया निवाला।
क्षेत्र में नहीं थम रहा जंगली जानवरों का आतंक। क्षेत्र में बढ़ रही इस तरह की घटनाओं से लोगों में आक्रोश।
रा. उ. मा. विद्यालय केमरिसौड़ में कक्षा 6 का छात्र था अरनव।
रेगुलर पुलिस, राजस्व पुलिस और वन विभाग की मदद से रात 2:30 बजे मिला अरनव का छिन्न-भिन्न शरीर।
देर रात दो बजे किशोर का शव जंगल से बरामद किया गया। जानकारी के मुताबिक बीती देर शाम मयकोट गांव में दोस्तों के सात खेलने के बाद घर लौट रहे 12 वर्षीय अरनव चंद पुत्र रणवीर चंद ग्राम मयकोट निवासी को गुलदार उठा कर ले गया। रात को जब अरनव घर नहीं पहुंचा तो उसकी तलाश की गई। अंधेरा होने के कारण वन विभाग व राजस्व विभाग के संयुक्त सर्च ऑप्रेशन के बाद रात दो बजे मृतक बालक का शव घर से एक किमी दूर जंगल में झाड़ियों से बरामद किया है। घटना के बाद से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी आक्रोश है, ग्रामीणों ने गुलदार को मारने की मांग की है।।














