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Friday, March 20, 2026


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14 नवम्बर तक जनपद की सभी सड़को को गड्डा मुक्त करने की कवायद तेज ।।

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14 नवम्बर तक जनपद की सभी सड़को को गड्डा मुक्त बनाने कवायद तेज ।

क्या सड़को के गड्डा मुक्त होने के निर्देश दिखेगे धरातल पर ।।

रुद्रप्रयाग ।।उत्तरखण्ड निर्देशो के निर्देशानुसार लोकनिर्माण ,एनएच व pmgsy की सभी सड़को को गड्डा मुक्त करने के लिये जिला प्रशासन द्वारा कवायत तेज कर दी गयी है जिलाधिकारी के निर्देशानुसार आगामी 14 नम्बर तक सभी सड़को को गड्डा मुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं ।

जनपद की सभी सड़कों को 14 नवंबर, 2022 तक गड्ढा मुक्त करने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला कार्यालय कक्ष में एनएच, लोनिवि, पीएमजीएसवाई के अधिकारियों बैठक ली। बैठक में जिलाधिकारी ने सड़क से जुड़े सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उनके अधीन जो भी सड़कें हैं उन्हें गड्ढा मुक्त करने के लिए पैचवर्क का कार्य किया जाना है। ऐसी सभी सड़कों को प्राथमिकता से चिन्हित कर उनमें 14 नवंबर तक पैचवर्क करना सुनिश्चत करें, इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता एवं लापरवाही न बरती जाए।


जिलाधिकारी ने कहा कि मा मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है कि आमजनमानस को आवाजाही में किसी प्रकार की असुविधा न हो एवं सड़क में गड्ढे होने से कोई दुर्घटना घटित न हो इसके लिए स्पष्ट निर्देश हैं कि सभी सड़कों को तत्परता के साथ गड्ढा मुक्त किया जाए ताकि आमजनमानस को आवाजाही में किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो। जिलाधिकारी ने आम जनता से भी अपेक्षा की है कि यदि उनके क्षेत्र में सड़क में कहीं गड्ढे हैं तो वो संबंधित अधिशासी अभियंता को सड़क को तत्परता से गड्ढा मुक्त करने के लिए उनके दूरभाष नंबर पर अवगत करा सकते हैं।.

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी क्षेत्र से उनके दूरभाष नंबर पर क्षेत्रीय जनता द्वारा सड़क मरम्मत के संबंध में कोई भी फोन आता है तो उसका तत्काल संज्ञान लेते हुए उसे शीर्ष प्राथमिकता से करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि आम जनता की ओर से किसी अधिकारी द्वारा समय पर कार्य पूर्ण न करने की शिकायत जिला प्रशासन को मिलती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी।
जिलाधिकारी ने एनएच के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सड़क निर्माण कार्य से यातायात बाधित न हो इसके लिए यह जरूरी है कि रोड़ कटिंग से जो भी मलवा आ रहा है उसे तत्काल हटाकर डंपिंग जोन में निस्तारित करना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि जनपद में रोड़ चौड़ीकरण के सर्वे में शामिल जमीन, घर समेत अन्य निर्माण कार्यों के प्रभावितों को तत्परता से मुआवजा उपलब्ध कराते हुए सड़क के कार्य शीर्ष प्राथमिकता से पूर्ण करना सुनिश्चित करें। यह भी निर्देश दिए कि सड़क किनारे जो भी अक्रिमण किए गए हैं, उन अतिक्रमणों को भी तत्काल हटाने की कार्यवाही अमल में लाई जाए। उन्होंने उप जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि अपने क्षेत्रांतर्गत निरंतर सड़कों एवं वहां चल रहे कार्यों की माॅनिटरिंग करना सुनिश्चित करें। यदि किसी कार्यदायी संस्था एवं ठेकेदार द्वारा उचित कार्य नहीं किया जा रहा तो उनके विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर अपर जिला अधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी, उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग अपर्णा ढौंडियाल, ऊखीमठ जितेंद्र वर्मा, अधि. अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग निर्भय सिंह, अधि. अभियंता लोनिवि रुद्रप्रयाग जीत सिंह रावत, ऊखीमठ मनोज भट्ट, अधि. अभियंता पीएमजीएसवाई रुद्रप्रयाग कमल सिंह सजवाण, जखोली मनमोहन बिज्लवाण सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे

पुलिस महकमे में हुए बड़े बदलाव, आईपीएस अधिकारियों के हुए ट्रांसफर

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पुलिस महकमे में हुए बड़े बदलाव,

आईपीएस अधिकारियों के हुए ट्रांसफर,

आईपीएस अजय सिंह को बनाया गया हरिद्वार का नया एसएसपी,

आईपीएस योगेंद्र सिंह रावत बने डीआईजी कारागार,

आईपीएस आयुष अग्रवाल एसएसपी एसटीएफ बने।

शासन द्वारा आईपीएस अधिकारियों के किये गए स्थानांतरण।

हरिद्वार एसएसपी डॉ योगेंद्र सिंह रावत की जगह अजय सिंह को बनाया गया हरिद्वार का एसएसपी।

डॉ योगेंद्र सिंह रावत को पुलिस उपमहानिरीक्षक कारागार की दी गई जिम्मेदारी।

इसके साथ साथ अपर पुलिस अधीक्षक रुड़की प्रमेन्द्र डोभाल को प्रभारी पुलिस अधीक्षक चमोली की दी गई जिम्मेदारी।

प्रमेन्द्र डोभाल के स्थान पर स्वपन किशोर को भेजा रुड़की।
आईपीएस हिमांशु कुमार वर्मा बने एसपी बागेश्वर,

आईपीएस अमित श्रीवास्तव एसपी पुलिस मुख्यालय,

आईपीएस प्रमेन्द्र डोभाल प्रभारी एसपी चमोली बनाए गए

उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने लागू किया यूईआरसी ( कार्य निष्पादन के मानक) विनियम 2022,

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राज्य में 15 साल बाद बदला गया बिजली कानून,

उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने लागू किया यूईआरसी ( कार्य निष्पादन के मानक) विनियम 2022,

विनिमय में संशोधन करने के बाद हाई वोल्टेज से घर के टीवी फ्रिज जैसे उपकरण जलने पर देना होगा मुआवजा,

नए कनेक्शन में देरी, बिजली के बिल में गड़बड़ी दूर ना करने , शहरी क्षेत्र में 4 घंटे से अधिक बिजली गुल रहने पर यूपीसीएल को उपभोक्ताओं को देना होगा मुआवजा,

उपभोक्ताओं को दी जाने वाली सेवाओं की समय सीमा हुई तय,

यूपीसीएल 9 महीने के भीतर शिकायत निस्तारण प्रक्रिया करेगा तैयार,

बिजली लाइन ट्रांसफर करने, बिजली के पोल बदलने या ट्रांसफार्मर बदलने को भी किया गया है शामिल

उत्तराखंड कैडर के पदोन्नत हुए नए आईएएस अफसरों को बैच आवंटित ।

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उत्तराखंड कैडर के नए आईएएस अफसरों को बैच आवंटित

सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी को मिला 2016 का बैच

चार अफसरों को 2010 का बैच मिला

2016 का बैच पांच अफसरों को दिया

सभी अफसर डीएम पद के लिए हैं अर्ह,

डीओपीटी ने उत्तराखंड कैडर के सभी 16 आईएएस अफसरों को बैच आवंटित किये ,

सीएम धामी के अपर सचिव ललित मोहन रयाल को 2011 का बैच आवंटित किया गया,

पिछले दिनों डीपीसी के बाद 16 अफसरों की आईएएस में प्रमोट किया गया था,

केंद्र सरकार के डीओपीटी ने इस बारे में अधिसूचना जारी की,

जारी अधिसूचना के अनुसार योगेंद्र सिंह यादव, उदय राज, डीके तिवारी, उमेश पांडेय को 2010 बैच,

ललित मोहन रयाल और कमरेंद्र सिंह को 2011 बैच,

आनंद श्रीवास्तव और हरीश कांडपाल को 2013 बैच,

संजय़ कुमार को 2014 बैच,

नवनीत पांडेय को 2015 बैच,

मेहरबान सिंह बिष्ट, आलोक पांडेय, बंशीधर तिवारी, रुचि मोहन रयाल और झरना कमठान को 2016 का बैच आवंटित किया गया,

बैच आवंटन के बाद सभी अफसर कम से कम किसी भी जिले में जिलाधिकारी के पद पर तैनाती के लिए अर्ह हो गए हैं,

2010 और 2011 का बैच पाने वाले अफसर जल्द ही प्रभारी सचिव के लिए भी अर्ह हो जाएंगे,

ललित मोहन रयाल इस वक्त मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अपर सचिव,

बंशीधर तिवारी सूचना महानिदेशक जैसे अहम ओहदे की जिम्मेदारी सभाल रहे है,

एटीएम बदलकर ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने धर दबोचा

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महिला का एटीएम बदलकर आरोपी युवकों ने की थी 1 लाख 35 हजार की ठगी

 

रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग शहर में एटीएम बदलकर ठगी करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने 17 दिन बाद गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से जागरूक रहने की अपील की है।बता दें कि गत 17 अक्टूबर को रुद्रप्रयाग शहर में एक महिला के साथ एटीएम ठगी की घटना हुई थी।

  • उक्त महिला एटीएम से पैंसे निकालने के लिए गई थी। उसी एटीएम में ठगी के इरादे से कुछ युवक भी आए। शातिराना अंदाज में उन्होंने महिला का एटीएम बदल लिया। यह घटना एटीएम में लगे सीसीटीवी में भी कैद हो गई थी। इन अभियुक्तों ने महिला के एसबीआई खाते से कुल 1 लाख 35 हजार की ठगी की थी। पीड़िता महिला मीना देवी पत्नी राजेश निवासी मुख्य बाजार रुद्रप्रयाग की शिकायत के आधार पर कोतवाली रुद्रप्रयाग में धारा 420 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। घटना की गम्भीरता को देखते हुए एसपी आयुष अग्रवाल ने केस का खुलासा किए जाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिसके बाद पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रयाग एवं पुलिस उपाधीक्षक ऑपरेशन्स के पर्यवेक्षण में कोतवाली पुलिस व साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से घटना से संबंधित एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया।
  • गिरफ्तार किए गए वीरेन्द्र उर्फ बिन्दर पुत्र डोकल निवासी ग्राम डाटा, हांसी, जनपद हिसार से कुछ धनराशि बरामदगी हुई है। जिस पर अभियोग में सुसंगत धाराओं की बढ़ोत्तरी की गई। पुलिस ने न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। वहीं इस घटना में शामिल अन्य 3 अभियुक्तों की पुलिस के स्तर से धरपकड़ जारी है। पुलिस टीम में उप निरीक्षक नरेन्द्र सिंह गहलावत, उप निरीक्षक सतेन्द्र नेगी, आरक्षी राकेश रावत व रविन्द्र सिंह शामिल थे।

रांसी मनणा केदारनाथ पैदल ट्रैक पर फंसे मृतक ट्रैकर का शव भारतीय वायुसेना के दो हैलीकाॅप्टर के माध्यम से किया गया रेस्क्यू ।।

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रांसी मनणा केदारनाथ पैदल ट्रैक पर फंसे मृतक ट्रैकर का शव
भारतीय वायुसेना के दो हैलीकाॅप्टर के माध्यम से किया गया रेस्क्यू ।।

रुद्रप्रयाग ।।पिछले तीन सप्ताह से रांसी मनणा केदारनाथ पैदल ट्रैक पर फंसे मृतक ट्रैकर का शव मौसम खराब व हेलीकॉप्टर नही मिलने से ट्रेकर का शव निकालने में आपदा प्रबंधन विभाग को समय लग रहा था ।लेकिन आज भारतीय वायुसेना के दो हैलीकाॅप्टर के माध्यम से रेस्क्यू किया गया।

 

09 अक्टूबर, 2022 को जिला आपदा परिचालन केंद्र को रांसी मनणा केदारनाथ पैदल ट्रेक से केदारनाथ जा रहे दो ट्रैकर केदारनाथ धाम से 6 किमी ऊपर महापंथ ग्लेशियर में फंसने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही डीडीआरएफ, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, स्थानीय पोस्टरों व गाइड को मौके पर भेज दिया गया था। अत्यधिक बारिश व वर्षा के कारण रेस्क्यू करना संभव नहीं हो पाया था। दिनांक 10 अक्टूबर, 2022 को एनडीआरएफ,एसडीआरएफ, स्थानीय पोर्टर व 2 गाइड मौके पर रेस्क्यू हेतु निकले। घटना स्थल पर पहुंचने पर एक ट्रैकर आलोक विश्वास पुत्र बबुल विश्वास, उम्र करीब 33 वर्ष निवासी 1 लिचुतला सगूना नाडिया, पश्चिम बंगाल की मौत हो चुकी थी तथा दूसरे ट्रैकर का स्वास्थ्य खराब था।

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ द्वारा उन्हें रेस्क्यू कर केदारनाथ धाम लाया गया। घायल ट्रैकर का उपचार केदारनाथ स्थित विवेकानंद चिकित्सालय में किया गया था, जबकि मृतक के शव को निकालने के लिए एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ की टीम द्वारा तीन बार मैनुअली रेस्क्यू अभियान चलाया गया किन्तु खराब मौसम एवं भारी बर्फवारी के कारण रेस्क्यू नहीं किया जा सका।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मृतक ट्रैकर के शव को निकालने के लिए भारतीय वायु सेना की मदद लेते हुए आज 02 नवंबर को वायु सेना के दो हैलीकाॅप्टर की मदद से तथा आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के नेतृत्व में डीडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीम द्वारा रांसी, मनणा केदारनाथ ट्रैक पर फंसे मृतक ट्रैकर का शव का रेस्क्यू किया गया जिसे चारधाम हैलीपैड़ पर लाया गया जिसमें मृतक के शव को पंचनामा की कार्यवाही हेतु जिला चिकित्सालय भेजा जा रहा है।

जिलाधिकारी ने सफल रेस्क्यू अभियान के लिए टीम के सभी सदस्यों की हौसला अफजाई करते हुए सराहना की।
रेस्क्यू टीम में वायु सेना के विंग कमांडर टी.डी. शर्मा, विंग कमांडर दीपिका राव, फ्लाइट लेफ्टिनेंट हिमालय सिंह, स्क्वाॅड्रन लीडर जे. कौर, ए.एम. शाह, सीपीएल एस.के. सिंह, एलएसी अंकित यादव, एसडीआरएफ से एचसी रवि चैहान, वीरेंद्र काला, कांस्टेबल दीपक पंत, महेश, रमेश रावत, प्रवीण राठी, प्रवीण चैहान, योगेश रावत, डीडीआरएफ से सुनील सिंह राणा, राहुल कुमार, नरेंद्र सिंह, अनिल सेमवाल, गजपाल आदि शामिल थे।

22 वर्षो का उत्तराखण्ड नही बन पाया आत्मनिर्भर ,आज भी कर्ज के बोझ पर चल रही है अर्थव्यवस्था ।।

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22 वर्षो का उत्तराखण्ड नही बन पाया आत्मनिर्भर ,आज भी कर्ज के बोझ पर चल रही है अर्थव्यवस्था ।।

आत्मनिर्भर राज्य की थी चाहत , मिला कर्ज का बोझ,

आर्थिक जरूरतें पूरी करने के लिए कर्ज लेना बना राज्य की मजबूरी,

10122 करोड का कर्ज था राज्य में 2005 में,

253832 करोड़ है सकल राज्य घरेलू उत्पाद 2022 में,

65571.49 करोड हो चुका है राज्य का बजट 2022-23 तक,

2019-20 में कोरोना के कारण लड़खड़ाई थी राज्य की अर्थव्यवस्था,

17 सालों में 74166 करोड का कर्ज बढ़ गया राज्य में, आरबीआई के मुताबिक,

कुल बजट का 39.68% बजट वेतन – मजदूरी और पेंशन पर हो रहा खर्च,

9.18% बजट कर्ज का ब्याज चुकाने में हो रहा व्यय,

अग्निवीर भर्ती में चयन न होने से युवक ने की आत्महत्या,अपना स्टेटस लगाकर बताई आत्महत्या की वजह ।।

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अग्निवीर में चयन न होने से कपकोट विकास खंड के एक युवक ने अपनी आत्महत्या कर ली।

पुलिस ने युवक के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौप दिया है।

कपकोट थाना अंतर्गत फरसाली मल्ला देश निवासी 21 वर्षीय कमलेश गोस्वामी पुत्र हरीश गिरी गोस्वामी लंबे समय से सेना की तैयारी कर रहा था। विगत माह सरकार द्वारा अग्निवीर के पद निकलने पर उसने अग्निवीर की तैयारी की थी। सोमवार को अग्निवीर का रिजल्ट आने पर उसे सफलता नहीं मिली तो वह काफी मायूस हो गया तथा आत्मघाती कदम उठाते हुवे सल्फाश खाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों को इसकी जानकारी मिलते ही उन्होंने उसे कपकोट चिकित्सालय पहुंचाया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला चिकित्सालय भेजा गया जहां उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सोंप दिया है! युवा ने आत्महत्या से पहले अपनी स्टेटस लगाकर पीढ़ा जता दी थी

 

अपनी योग्यता के बल पर अग्निवीर बनने के सपने संजोये कमलेश ने आत्महत्या से पहले सोशल मीडिया में स्टेटस डाले जिसे देखने के बाद ही परिजन समझे कि कमलेश तनाव में है तथा वह अनहोनी कर सकता है जिसके बाद उसकी तलाश की तो वह घर के समीप ही तड़पता हुआ मिला। काफी भावुक करने वाले अलग अलग स्टेटसों में कमलेश कह रहा है कि उसके पास एनसीसी का सी सर्टिफिकेट होने व अन्य परीक्षाओं में पूर्ण अंक होने के बाद भी उसे असफल घोषित किया है। और युवक ने सिस्टम पर गहरे सवाल खड़े किए।

4 नवम्बर को ईगास पर्व पर सार्वजिक अवकाश का आदेश जारी ।

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उत्तराखण्ड के लोकपर्व ईगास-बग्वाल को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अवकाश की घोषणा के बाद शासन ने इस बाबत आदेश जारी कर दिए हैं। सचिव सामान्य प्रशासन विनोद सुमन ने 4 नवंबर को ईगास के मौक़े पर सार्वजनिक अवकाश के आदेश जारी किए हैं।

यह दूसरा मौक़ा होगा जब उत्तराखण्ड में लोकपर्व ईगास को लेकर अवकाश घोषित किया गया हो, इससे पूर्व पिछले वर्ष भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा ईगास बग्वाल की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईगास बग्वाल उत्तराखण्ड वासियों के लिए एक विशेष स्थान रखती है, हम सब का प्रयास होना चाहिए कि अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपरा को जीवित रखें।

ज्ञात हो कि सदियों से गढ़वाल में दीपावली को बग्वाल के रूप में मनाया जाता है। जबकि दीपावली (बग्वाल) के ठीक 11 दिन बाद गढ़वाल में एक और दीपावली मनायी जाती है, जिसे ईगास कहा जाता है। वहीं कुमाऊं के क्षेत्र में इसे बूढ़ी दीपावली कहा जाता है। ईगास पर्व दीपावली से 11 दिन बाद आने वाली एकादशी को मनाया जाता है। इस पर्व के दिन सुबह मीठे पकवान बनाये जाते हैं जबकि रात में स्थानीय देवी-देवताओं की पूजा अर्चना के बाद भैला जलाकर उसे घुमाया जाता है और ढोल नगाड़ों के साथ आग के चारों ओर लोक नृत्य किया जाता है। दीपावली के 11 दिन बाद इगास पर्व मनाने के पीछे कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के औघोगिक सलाहकार के एस पंवार की पत्नी की कम्पनी में फर्जीवाड़ा की शिकायत ।

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पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के औघोगिक सलाहकार के एस पंवार की पत्नी की कम्पनी में फर्जीवाड़ा की शिकायत ।।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सलाहकार केएस पंवार की पत्नी रामेश्वरी कुंवर सिंह पवार की कंपनी में अनियमितता की शिकायत मिली है. इस मामले में गृह विभाग की रिपोर्ट पर अब पुलिस मुख्यालय ने आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offences Wing) से जांच कराने का फैसला किया है.


अपर पुलिस महानिदेशक की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘उत्तराखंड सरकार की 30 सितंबर और 6 अक्टूबर की चिट्ठी के अनुसार सोशल म्यूचुअल बेनिफिट कंपनी लिमिटेड के गैरकानूनी वित्तीय गतिविधियों में शामिल होने और बड़े पैमाने पर काले धन को वैध किए जाने की जांच अपराध अनुसंधान विभाग के अधीन आर्थिक अपराध शाखा से कराई जाएगाी और इसकी रिपोर्ट जल्द से जल्द शासन को सौंपी जाएगी.

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सलाहकार रहे के एस पंवार की मुश्किलें बढ़ती जा रही है । पुलिस मुख्यालय की ओर से जहा उन पर शिकंजा कसा जा रहा है तो वही इस पर राजनीति भी गरमा रही है।