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Friday, March 20, 2026


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Uksssc की आठ भर्ती परीक्षाओं ने लिए जांच समिति का हुआ गठन,

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Uksssc की आठ भर्ती परीक्षाओं ने लिए जांच समिति का हुआ गठन,

पूर्व आईएएस एसएस रावत करेंगे जांच समिति की अध्यक्षता,

हाई कोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार जनरल वी के माहेश्वरी ओर आईटीडीए के टास्क फोर्स मैनेजर संजय माथुर को बनाया गया सदस्य,

एलटी भर्ती परिक्ष 1431, उत्तराखंड वैयतिक्त सहायक 600 पद, कनिष्क सहायक 700पद, पुलिस रैंकर्स भर्ती 250 पद, वाहन चालक भर्ती 164 पद, कर्मशाला अनुदेशक 157 पद, मत्स्य निरीक्षक भर्ती 26 पद, मुख्य आरक्षी पुलिस दूर संचार भर्ती 272 पद की होगी जांच,

जांच रिपोर्ट के बाद ही तय होगा समुग ग की इन आठ भर्तियों का भविष्य,

महिला समूहों के लिए सौगात भरी रही केदारनाथ यात्रा ,यात्रा से मिला 44 लाख रुपये का रोजगार ।

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महिला समूहों के लिए सौगात भरी रही केदारनाथ यात्रा

– विभिन्न महिला समूहों ने यात्रा के दौरान करीब 48 लाख रुपए का किया कारोबार
– अकेले केदारनाथ प्रसाद से हुआ लगभग 44 लाख का व्यवसाय
– 100 से अधिक महिलाओं को मिला सीधा रोजगार

कोरोनाकाल के बाद पटरी पर लौटी श्री केदारनाथ धाम यात्रा इस बार जिले के लिए कई सौगात दे गई। यात्रा से सीधे तौर पर जुड़े लोग दो सालों से सुचारु यात्रा का इंतजार कर रहे थे, इस वर्ष रिकाॅर्ड 15 लाख, 63 हजार से ज्यादा यात्रियों ने केदारनाथ धाम पहुंचकर इस इंतजार को समाप्त किया। जिले में संचालित महिला समूहों के लिए भी यह यात्रा सुखद साबित हुई, कोरोनाकाल के बाद इस वर्ष महिला समूहों के व्यवसाय को नई ऊंचाइयां मिली। केदारनाथ यात्रा से जुडे़ विभिन्न महिला समूहों ने इस वर्ष करीब 48 लाख रुपए का व्यापार किया।

यात्रा से मिला आत्मनिर्भरता को आधार

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आत्मनिर्भरता एवं स्वरोजगार का मंत्र अपना कर दूसरों को रोजगार देने की अपील से प्रभावित जिले की महिलाएं सीधे तौर पर केदारनाथ यात्रा में अपना योगदान दे रही हैं। जिले में महिलाएं बाबा केदारनाथ धाम के लिए स्थानीय उत्पादों से निर्मित प्रसाद तैयार करने के साथ ही यात्रा मार्ग पर रेस्तरां, कैफे संचालित करने के साथ ही अन्य उत्पाद बेचकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि बाबा केदारनाथ में दुनियाभर से आने वाले तीर्थ यात्रियों को स्थानीय उत्पादों से निर्मित प्रसाद एवं बाबा केदारनाथ के सोविनियर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। साथ ही स्थानीय शहद, हर्बल धूप समेत कई उत्पाद महिलाएं तैयार कर यात्रियों को उपलब्ध करवा रही हैं। इसके अलावा स्थानीय खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने के लिए सरस रेस्तरां एवं हिलांस कैफे भी यात्रा मार्ग पर संचालित हो रहे हैं। करीब 20 महिला समूहों से जुड़ी महिलाएं यात्रा में योगदान देकर आत्मनिर्भरता की ओर सशक्त कदम उठा रही हैं। प्रशासन विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रयासरत है।

केदारनाथ में प्रसाद बेच कर महिलाओं ने किया 43.50 लाख रुपए का व्यवसाय

श्री केदारनाथ धाम में जिले की महिलाओं द्वारा तैयार प्रसाद का विपणन करने वाले व्यापारी अर्जुन कुर्मांचली ने बताया कि कोरोनाकाल के बाद शुरू हुई यह यात्रा बेहद लाभदायक सिद्ध हुई है। उन्होंने विभिन्न हैलीपैड़ एवं मंदिर परिसर में तीर्थ यात्रियों को करीब 43 लाख रुपए का प्रसाद बेचा। बताया कि उनके पास जिले भर के करीब 20 महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार चैलाई के लड्डू, हर्बल धूप, चूरमा, बेलपत्री, शहद, जूट एवं रेशम के बैग आदि पहुंचता है। इसके अलावा गंगा जल के लिए पात्र एवं मंदिर की भस्म भी प्रसाद पैकेज का हिस्सा हैं। पूरे पैकेज की कीमत 250 रुपए निर्धारित की गई है, जिसके अतिरिक्त 50 रुपए मंदिर समिति एवं हैली कंपनियों को राॅयल्टी दी जाती है। उधर एनआरएलएम के ब्लाॅक समन्वयक सतीश सकलानी ने बताया कि देवीधार उन्नत्ति क्लस्टर ने पूरी यात्रा के दौरान आनलाइन एवं आफलाइन माध्यम से प्रसाद बेचकर करीब 42 हजार रुपए का कारोबार किया है।

*रोजगार के साथ स्थानीय उत्पादों को भी मिला बढ़ावा*

केदारनाथ प्रसाद उत्पादक फेडरेशन के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह सजवाण ने बताया कि इस वर्ष उन्होंने करीब 50 कुंतल चैलाई के लड्डू एवं चूरमा तैयार कर केदारनाथ में बेचा है। पिछले छह महीनों मेें उन्होंने 60 महिलाओं को रोजगार दिया, जिसमें 30 महिलाएं एनआरएलएम के तहत गठित समूहों के माध्यम से उनसे नियमित तौर पर जुड़ी हैं। पूरी यात्रा के दौरान उन्होंने करीब 22 लाख रुपए के लड्डू एवं चूरमा बेचा। समूह से जुड़ी महिलाओं को प्रतिदिन 300 रुपए मेहनताना देने के साथ ही समय-समय पर प्रशिक्षण भी देते हैं। सजवाण ने बताया कि वर्ष 2017 में प्रसाद योजना शुरू होने से पहले चैलाई का उत्पादन बेहद सीमित हो गया था जबकि अब इसके उत्पादन में बढोतरी हुई है। बताया कि वे 55 रुपए प्रति किलो के हिसाब से किसानों से चैलाई की खरीद करते हैं। अगले वर्ष के लिए 100 कुंतल चैलाई की खरीद के लिए किसानों को उत्पादन करने को कहा गया है। इसके अलावा बेलपत्री का उत्पादन करने वाले किसानों को भी योजना का सीधा लाभ मिल रहा है।

श्री केदारनाथ यात्रा मार्ग के अगस्त्यमुनि में जिला प्रशासन ने एनआरएलएम के माध्यम से गठित महिला समूहों की मदद से सरस रेस्तरां एवं विपणन केंद्र की शुरुआत इसी यात्रा के दौरान की। सरस रेस्तरां संचालित कर रही महादेव स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष पूनम देवी ने खुशी जताते हुए बताया कि पहली ही यात्रा के दौरान उन्होंने करीब 4 लाख रुपए का व्यवसाय किया। सरस रेस्तरां के माध्यम से 8 लोगों को नियमित रोजगार मिला है। उन्होंने बताया कि अगली यात्रा के लिए समूह द्वारा अभी से और बेहतर तैयारियों हेतु रणनीति तैयार की जाएंगी। उधर सरस विपणन केंद्र संचालित कर रही शिवानी ने बताया कि श्री केदारनाथ यात्रा के दौरान जिले भर के किसानों से एकत्रित स्थानीय उत्पाद बेचकर करीब 80 हजार रुपए का कारोबार किया।

आईएएस व आईपीएस अधिकारियों के तबादले ।

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3 जिलो के बदले गए डीएम

पौड़ी जिले के डीएम बने आशीष कुमार चौहान।

रीना जोशी को डीएम पिथौरागढ़।

अनुराधा पाल को जिलाधिकारी बागेश्वर।

आईपीएस श्वेता चौबे को एसएसपी पौड़ी बनाया गया।

4 आईएएस और 2 आईपीएस अधिकारी के हुए तबादले
पौडी के जिला अधिकारी रहे विजय कुमार जोगदांडे को बाध्य प्रतीक्षा रखा गया,
पौडी के एसएसपी यशवंत सिंह बाध्य प्रतीक्षा में रखा गया।

रुद्रप्रयाग जिलापंचायत अध्यक्ष की सीट पर भाजपा का एक बार फिर से कब्जा ।

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रुद्रप्रयाग जिलापंचायत अध्यक्ष की सीट पर भाजपा का एक बार फिर से कब्जा ।

18 मतों में से 11 मत भाजपा प्रत्याशी अमरदेई शाह के पक्ष में ।

विपक्षी प्रत्याशी ज्योति देवी को मिले 6 मत ।
एक सदस्य ने नही किया अपने मत का प्रयोग ।

5 मतों के अंतराल से भाजपा प्रत्याशी अमरदेई शाह विजयी घोषित ।

रुद्रप्रयाग जिलापंचायत अध्यक्ष के शाह मात के खेल में अमरदेई शाह ने एक फिर से मारी बाजी ।
लोकतंत्र में चुनावी प्रकिया में कब क्या हो जाय किसी को पता नही ।राजनीति में कोई भी स्थिर नही कब दोस्त दुश्मन बन जाय कब दुश्मन दोस्त बन जाए किसी को पता नही होता है ।यही कुछ हुआ रुद्रप्रयाग जनपद की जिला पंचायत अध्यक्ष सीट पर ।चार माह पहले 14 सदस्य पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाये और अध्यक्ष को अपने पद से त्याग पत्र देना पड़ा ।आज उन्ही सदस्यों में से कुछ सदस्यों ने प्रस्तावक व मत देख कर पुन अध्यक्ष बना दिया ।

जिला पंचायत रुद्रप्रयाग में अध्यक्ष के लिए हुए उप चुनाव में भाजपा की अमरदेई शाह दोबारा अध्यक्ष निर्वाचित हुई। उन्होंने 5 मतों से जीत दर्ज की है। उन्हें कुल 11 मत मिले जबकि विपक्षी प्रत्याशी को कुल 6 मत मिले। इस चुनाव प्रक्रिया में एक सदस्य ने मतदान में भाग नहीं लिया। निर्वाचित होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने विजयी जुलूस निकाला और एक दूसरे को बधाई दी।

ग्यारवें ज्योतिर्लिंग बाबा केदारनाथ के शीतकालीन कपाट हुए बन्द ।

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रुद्रप्रयाग। ग्यारवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ भगवान के कपाट आज भैया दूज के पवित्र मौके पर सुबह 8:30 बजे केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। मुख्य पुजारी टी गंगाधर लिंग ने पूजा अर्चना के साथ वैदिक मंत्रोचार के बीच कपाट बंद किए।सुबह 4 बजे से ही कपाट बंद होने की पूजा पद्धति शुरू की गई ।

अगले 6 महीने शीतकाल में केदारनाथ की पूजा अर्चना ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में होगी,

इससे पहले भगवान की समाधि पूजा की गई। अब छह महीने शीतकाल में केदारनाथ की पूजा अर्चना ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में होगी। सेना के बैंडों की मधुर धुनों के बीच हजारों भक्तों ने बाबा केदार के जयकारों के साथ डोली यात्रा को लेकर गौरीकुंड के लिए प्रस्थान किया। डोली पैदल यात्रा के प्रथम दिन आज रामपुर पहुंचेगी। जबकि इसके बाद गुप्तकाशी और फिर ऊखीमठ पहुंचेगी जहां बाबा की उत्सव डोली को मंदिर में विराजमान किया जाएगा।

 

केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह की दीवारों को स्वर्णमंडित किये जाने का कार्य हुआ पूरा।

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केदारनाथ- केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह की दीवारों को स्वर्णमंडित किये जाने का कार्य हुआ पूरा।

रुद्रप्रयाग केदारनाथ -ग्यारहवें ज्येार्तिलिंग भगवान .केदारनाथ मन्दिर के गर्भगृह को स्वर्णमंडित करने का कार्य पूर्ण हो गया है।साथ ही सोने की 550 परतों से गर्भगृह की दीवारें, के अलावा जलेरी व छत को नया रूप दे दिया गया है।यह सब एएसआई के दो अधिकारियों की देखरेख में अंतिम चरण का कार्य आज बुधवार को पूर्ण हो गया है।

आपकों बताते चले कि महाराष्ट्र के एक दानीदाता के सहयोग से बद्री.केदार मन्दिर समिति ने यह कार्य करवाया है।साथ ही भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान व केंद्रीय भवन अनुसन्धान रुड़की और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के छह सदस्यीय दल ने धाम पहुंचकर मन्दिर के गर्भगृह का निरीक्षण किया था।विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में सोने की परत चढाने का काम शुरू किया गया।विभाग के दो अधिकारियों की मौजूदगी में दानीदाता के सहयोग से बीकेटीसी ने गर्भगृह,जलेरी,छत पर सोने की परत लगाने का कार्य शुरू किया जो कि आज बुधवार को सुबह पूर्ण हो चुका है। कल भैयादूज को भगवान केदारनाथ धाम के कपाट सीतकाल के लिए बंद हो रहे है। इससे पहले ये कार्य पूर्ण हो चुका है।

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ निशंक ने किए बाबा केदार के दर्शन।

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केदारनाथ -पूर्व मुख्यमंत्री डॉ निशंक ने किए बाबा केदार के दर्शन,कहा मोदी के विजन के साथ संवर रही केदारपुरी,निर्माणों कार्यों की समीक्षा के साथ ही राज्य की खुशहाली की कामना। उन्होंने केदारनाथ धाम में राज्य और राज्यवासियों की खुशहाली की कामना की।केदारनाथ पहुंचे निशंक ने तीर्थ पुरोहितों और स्थानीय लोगों से बातचीत भी की।

यहां से निशंक बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना हो गए।करीब आधे घंटे तक उन्होंने परिवार परिजनों के साथ केदारनाथ धाम के गर्भ गृह में पूजा अर्चना की।
तीर्थ पुरोहितों ने उनसे मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर बातचीत की।
उन्होंने कहा कि मंदिर के संबंध में फैसला लेते समय तीर्थ पुरोहितों और स्थानीय हक हकूकधारियों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

 

मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्थानीय लोगों को विश्वास में लेकर उसी अनुपात में सुविधाएं और व्यवस्थाएं भी बढ़ानी चाहिए जानी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके।

डॉ निशंक ने कहा कि वह स्थानीय लोगों की बात को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंचाएंगे।

राज्य सरकार तीर्थाटन व पर्यटन को बेहतर बनाने और श्रद्धालुओं व पर्यटकों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं देने का प्रयास कर रही है।

बृहस्वतिवार सुबह विधि-विधान के साथ बंद होंगे बाबा केदार के कपाट।

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छह माह ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में होगी बाबा केदार की पूजा
बद्री-केदार मंदिर समिति केदारनाथ धाम के कपाट बंद करने की तैयारियों में जुटी
कपाट बंद होने से पहले बाबा केदार के दर्शनों को लेकर श्रद्धालुओं का लगा तांता
बाबा की डोली को मंदिर के सभामंडप में किया गया विराजमान
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम के कपाट भैया दूज के अवसर पर शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। गुरुवार सुबह विधि-विधान के साथ कपाट बंद होने के बाद साढ़े आठ बजे सेना की भक्तिमय बैंड धुनों के साथ बाबा की पंचमुखी विग्रह उत्सव मूर्ति यात्रा विभिन्न पड़ावों से होते हुए प्रथम रात्रि प्रवास के लिए रामपुर पहुंचेंगी। इसके बाद डोली आंेकारेश्वर मंदिर पहुंचेंगी, जहां शीतकाल के छह माह भोले बाबा के दर्शन होंगे।
बद्री-केदार मंदिर समिति केदारनाथ धाम के कपाट बंद करने की तैयारियां में जुट गई है। कपाट बंद होने से पहले बाबा केदार के दर्शनों को लेकर श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। बुधवार को बाबा केदार की भोग मूर्तियों को चल उत्सव विग्रह डोली में विराजमान किया गया। इसके उपरांत विधि विधान से बाबा की डोली को मंदिर के सभामंडप में विराजमान किया गया। जहां तीर्थ पुरोहित समाज विधि-विधान से कपाट बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है। वहीं मंदिर परिसर में श्रद्धालु अपने अंदाज में बाबा की विदाई की तैयारियां कर रहे हैं। श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के जयकारे लगाने के साथ ही पारंपरिक गीत एवं भजन गाते हुए झुमेलों करते हुए नजर आए।
केदारनाथ धाम के मुख्य पुजारी टी गंगाधर लिंग ने बताया कि गुरुवार सुबह परंपरा के अनुसार सुबह चार बजे बाबा केदारनाथ को भस्म, फल, घी और अन्न से अभिषेक करने के बाद भगवान छह महीने के लिए समाधि में चले जाएंगे। सुबह साढ़े आठ बजे मंदिर से प्रस्थान के बाद यात्रा मार्ग से होते हुए बाबा केदार की चल उत्सव विग्रह डोली अपने पहले पड़ाव रामपुर में रात्रि प्रवास करेगी। शुक्रवार 28 अक्टूबर को डोली फाटा से होते हुए रात्रि विश्राम के लिए विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंचेगी। वहीं शनिवार 29 अक्टूबर को गुप्तकाशी से प्रस्थान कर सुबह करीब 11 बजे ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबधित अधिकारियों एवं पुलिस प्रशासन को बाबा केदारनाथ धाम की सभी परंपराओं एवं विधाओं को ध्यान में रखते हुए कपाट बंद प्रक्रिया में व्यवस्थाएं बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सुलभ इंटरनेशनल एवं नगर पंचायत केदारनाथ को स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। कपाट बन्द होने की तैयारियों को लेकर बद्री-केदार मन्दिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय व उपाध्यक्ष किशोर पंवार भी केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं। दोंनो नेताओं ने भगवान केदारनाथ एवं पंचमुखी डोली के दर्शन किए। इस दौरान मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय तथा उपाध्यक्ष किशोर पंवार ने व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। केदारनाथ उत्थान चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त सचिव व बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी योगेन्द्र सिंह ने बताया कि शीतकाल के लिलए कपाट बंद होने की सभी तेयारियां पूरी हो चुकी हैं। मंदिर समिति शीतकाल में मंदिर सुरक्षा में तैनात सुरक्षा पुलिस कर्मियों को खाद्य सामग्री एवं आवास व्यवस्था मुहैया कराएगी।

 

गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिये हुए बन्द।

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उत्तरकाशी। माँ गंगा के कपाट गंगोत्री धाम के कपाट आज 12:01 पर बंद हो चुके है. माँ गंगा कि डोली 12:05 पर गंगोत्री धाम से अपने शीतकालीन आवास मुखीमठ के लिए प्रस्थान हो चुकी है. अब श्रद्धालु माँ गंगा के दर्शन मुखीमठ में कर सकेंगे।

 

माँ गंगा कि डोली पदयात्रा करते हुए जांगला से मुखीमठ (मुखवा )में विराजमान होगी. माँ गंगा के दर्शन के लिए पूर्व गंगोत्री विधायक विजयपाल सजवाण गंगोत्री धाम पहुंचे. साथ ही भारतीय सेनिको द्वारा सह सम्मान शहित माँ गंगा कि डोली को मुखीमठ (मुखवा )कि और प्रस्थान किया गया।

गंगोत्री धाम के कपाट विधिविधान से अन्नकूट पर्व पर अभिजीत मुहूर्त पर ठीक 12:01 मिनट पर बंद हो चुके है ।गंगोत्री धाम में अब तक 624451 श्रदालु व् यमनोत्री धाम में 485635 श्रद्धालु कर चुके है।

उत्तराखण्ड के चार धामो में गंगोत्री धाम के कपाट आज होंगे बन्द ।

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उत्तराखण्ड के चारो धामो के शीतकालीन कपाट बंद होने की प्रकिया आज से शुरू हो गईं है ।अन्नकूट के महा पर्व पर आज माँ गंगा के कपाट अगले छः माह के लिए बन्द हो जाएंगे । आज दोपहर 12 .01 मिनट पर कपाट विधि विधान से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शीतकाल के लिये बन्द कर दिए जाएंगे । 12:00 बजे मां गंगा की उत्सव डोली आर्मी के बैंड ओर हजारों श्रद्धालुओं के साथ माँ गंगा के जय जय कारों के नारे के साथ शीतकाल के स्थान मुखवा के लिए रवाना होगी । गंगोत्री धाम से मां गंगा की डोली आज विश्राम देवी मंदिर में करेगी। जहां से कल सुबह 27 अक्टूबर को भैयादूज के मौके पर माँ गंगा की उत्सव डोली मुखवा (मुखीमठ) में पहुँचेगी । शीतकालीन में माँ गंगा के दर्शन श्रद्धालु मुखवा में कर सकेंगे । इस वर्ष चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालु गंगोत्री धाम पंहुंचे है ।  इस वर्ष तीन मई अक्षय तृतीया के मौके पर चारधाम यात्रा की शुरुआत हुई थी ।