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Monday, September 28, 2026
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जीरो टोलरेंश सरकार का बड़ा चाबुक वीपीडीओ भर्ती में चार और लोग गिरप्तार ।

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राज्य में भर्ती परीक्षाओं में हुई धाँधलियों पर मुख्यमन्त्री पुष्कर सिंह धामी के जीरो टॉलरेंस के सिद्धांत का पालन करते हुए उत्तराखंड एसटीएफ़ ने बड़ी कार्रवाई की है
यूकेएससीसी द्वारा 2016 में कराई गई वीपीडीओ भर्ती परीक्षा में धांधली की जाँच में आज आरबीएस रावत पूर्व चेयरमैन,सचिव मनोहर कन्याल,पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरएस पोखरिया को गिरफ़्तार कर लिया गया है
यह भर्ती परीक्षा प्रकरण में अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही है । 2016 के मामले में लंबे समय से जाँच चल रही थी लेकिन मुख्यमन्त्री के कड़े रुख़ के बाद जाँच एजेंसियों ने भी तेज़ी दिखाई। मुख्यमंत्री धामी पिछले कई अवसरों पर बार बार कह रहे हैं कि वो अपने युवा भाई बहनों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे, सरकारी नौकरियों की भर्ती में भ्रष्टाचार का जो दीमक लगा है उसे वे जड़ से मिटा देंगे।
इस क्रम में वीपीडीओ भर्ती में 6 वर्ष बाद विधिसम्मत कार्यवाही कर सीएम ने एक बड़ी लकीर खींच दी है।
मुख्यमंत्री धामी ने एसटीएफ की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि *“ जाँच एजेंसिया अपना काम कर रही हैं। उत्तराखंड के युवा का हक़ मारने वाले किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।सरकार ये सुनिश्चित कर रही है कि भविष्य की सभी भर्ती परीक्षाएँ स्वच्छ और पारदर्शी हो। आज की कार्रवाई इस बात की मिसाल है कि भविष्य में कोई इन परीक्षाओं में गड़बड़ी करने की हिम्मत न कर सके “*

क्रमवार विवरण

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा दिनांक 6 मार्च 2016 को ग्राम पंचायत विकास अधिकारी चयन परीक्षा करवाई गई
उक्त परीक्षा 6 मार्च 2016 को समस्त 13 जनपदों के 236 परीक्षा केंद्रों में संचालित की गई थी
उक्त परीक्षा में कुल 87196 परीक्षार्थियों द्वारा प्रतियोगी परीक्षा में भाग लिया गया था
30 मार्च 2016 को परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया था
उक्त परीक्षा में धांधली के मद्देनजर विभिन्न शिकायतों के आधार पर उत्तराखंड शासन द्वारा तत्कालीन अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जांच समिति वर्ष 2017 में गठित की गई थी
जांच समिति द्वारा प्रेषित आख्या के आधार पर सम्यक विचारोंप्रांत , एवं माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के क्रम में उक्त परीक्षा में अनियमितताओं की पुष्टि होने के कारण उक्त परीक्षा परिणाम को निरस्त किया गया
वर्ष 2019 में सचिव कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग के निर्देशानुसार उक्त परीक्षा में हुई अनियमितताओं के संबंध में जांच सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर देहरादून को प्राप्त हुई
वर्ष 2020 में सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर देहरादून द्वारा खुली जांच में पुष्टि होने पर उक्त परीक्षा में हुई अनियमितताओं की पुष्टि होने पर सतर्कता अधिष्ठान देहरादून में मुकदमाअपराध संख्या 01/20 धारा 420/468/467/120B ipc व धारा 13 (1) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोग शासन की अनुमति उपरांत पंजीकृत कराया गया
अभियोग पंजीकृत होने के बाद वर्ष 2020 से वर्ष 2022 तक उक्त प्रकरण की विवेचना सतर्कता अधिष्ठान देहरादून द्वारा की जा रही थी
वर्ष 2022 माह अगस्त में माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश अनुसार उक्त प्रकरण की विवेचना एसटीएफ को स्थानांतरित हुई
एसटीएफ द्वारा विवेचना को आगे बढ़ाते हुए साक्ष्य संकलन की कार्रवाई की गई
पूर्व में जांच कमेटी द्वारा उक्त परीक्षा से संबंधित ओएमआर शीट को FSL भेजा गया था एवं FSL से उक्त OMR शीट में छेड़छाड़ होने की पुष्टि हुई थी
विवेचना के दौरान यह भी पाया गया कि उक्त परीक्षा से संबंधित ओएमआर स्कैनिंग / फाइनल रिजल्ट बनाए जाने का का कार्य तत्कालीन सचिव मनोहर सिंह कन्याल के घर पर हुआ था
विवेचना के दौरान अभी तक दो दर्जन से अधिक अभ्यर्थी चिन्हित किए गए हैं और उनके बयान एसटीएफ द्वारा दर्ज किए गए
विवेचना के दौरान कई अहम गवाहों के बयान न्यायालय में भी कराए जा चुके हैं जो केस की अहम साक्ष्य है
विवेचना के दौरान पूर्व में तीन अभियुक्त 1 मुकेश कुमार शर्मा 2 मुकेश कुमार 3 राजेश पाल को एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है
एसटीएफ द्वारा पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर आज दिनांक 8 अक्टूबर 2022 को
1 तत्कालीन अध्यक्ष UKSSSC डॉ रघुवीर सिंह रावत पुत्र स्वर्गीय श्री दुर्गा सिंह रावत निवासी 188/1ऑफिसर सोसायटी वसंत विहार देहरादून

2 तत्कालीन सचिव UKSSSC मनोहर सिंह कन्याल पुत्र प्रताप सिंह कन्याल निवासी वन 169/2 वन विहार शिमला बायपास देहरादून

वर्तमान पद- सँयुक्त सचिव लेखा सचिवालय देहरादून

3 तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक UKSSSC राजेंद्र सिंह पोखरिया पुत्र स्वर्गीय श्री प्रेम सिंह पोखरिया निवासी 1/29
कृष्ण पुरम माजरी माफी आईआईपी मोहकमपुर देहरादून
को पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार किया गया है और माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है

Uksssc पेपर लीक मामला में चार लोगो को मिली जमानत ।

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यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में पंतनगर विवि के पूर्व अधिकारी दिनेश चंद्र जोशी समेत चार लोगों की जमानत मंजूर हो गई है। भर्ती घपले के मामले में पहली बार आरोपियों की जमानत हुई है। इस मामले 41लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में पंतनगर विवि के पूर्व एईओ दिनेश चंद्र जोशी, तुषार चौहान,उपनल कर्मियों के नेता भावेश जगूड़ी व अंकित रमोला को जमानत मिल गई है।
हालांकि दिनेश जोशी व अंकित रमोला की अभी रिहाई नहीं हो सकेगी,क्योंकि इन दोनो पर गैंगस्टर एक्ट में भी मुकदमा दर्ज है। इनके बाहर आने की संभावना कम है।

पेपर लीक मामले में 28 आरोपियों पर गैंगस्टर ऐक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है।

देहरादून जिला न्यायालय एडीजे चतुर्थ आशुतोष मिश्रा की कोर्ट से दिनेश चंद्र जोशी की जमानत मंजूर हो गई है।

बचाव पक्ष के अधिवक्ता का कहना है कि दिनेश चंद्र से कोई धनराशि नहीं मिली है। जबकि एसटीएफ ने दिनेश जोशी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने 80 लाख रुपये में अभ्यर्थियों को पेपर बेचे।

एसटीएफ पर्याप्त सबूत भी पेश नहीं कर सकी। जिन अभ्यर्थियों को पेपर बेचने का आरोप लगाया गया है, उनको केस में अभियुक्त भी नहीं बनाया गया। मात्र बयानों के आधार पर जोशी को आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया गया था।

उत्तराखण्ड में नही थम रहा गुलदार का आतंक ,10 साल की बालिका को बनाया अपना निवाला ।

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उद्मसिंहनगर । आये दिन पूरे उत्तराखण्ड़ से बाघ की घटना सामने आ रही हैं ऐसा ही ताजा मामला नानकमत्ता से सामने आया है जहां गुलदार ने 10 साल की बालिका को अपना निवाला बना डाला। ग्रामीणों ने बालिका का शव गन्ने के खेत से बरामद किया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामे की कार्यवाही की है। मासूम की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया

जानकारी देते हुए प्रतापपुर चैकी इंचार्ज विजेंदर कुमार ने बताया कि गुरुवार की देर शाम वासुदेव जोशी की 10 साल की बेटी आनंदी जोशी निवासी चेतुआखेड़ा देवीपुर डेमपार अचानक लापता हो गई। बेटी लापता होने पर परिजन उसे खोजते रहे लेकिन वह कही नहीं मिली। धीरे.धीरे खबर पूरे गांव में फैल गई। इसे बाद ग्रामीणों ने खेतों में खोजबीन की

गन्ने के खेत से तेंदुए के गुर्राहट की आवाजें आने पर ग्रामीणों ने घेराबंदी कर दी। जैसे ही ग्रामीण गन्ने के खेत में घुस तो वहां बालिका का क्षत.विक्षत शव बरामद हुआ। ग्रामीणों आहट सुनकर तेंदुआ जंगल की तरफ भाग गया।

प्रधान रमेश यादव ने बालिका का गन्ने के खेत में शव मिलने की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर की टीम और पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बालिका के शरीर पर पंजों के निशान हैं। जिससे पता चल रहा है कि तेंदुए के हमले में बालिका की मौत हुई है। बालिका के परिजनों का रो.रो कर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने के साथ तेंदुए को आदमखोर घोषित कर मारने की मांग की है।

उत्तरकाशी में हिमस्खलन में फंसे 19 पर्वतारोहियों के शव मिल गए हैं ।

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शवों को आज हेलीकॉप्टर से रहे लाया जा सकता है उत्तरकाशी के मातली हेलीपेड,

उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि दरार से कुल 19 शव बरामद किए गए हैं। आज उन्नत हल्के हेलीकाप्टर से शवों को मतली हेलीपैड तक लाने का प्रयास किया जाएगा। कुल 30 बचाव दल तैनात हैं,

हिमस्खलन हादसे के तीसरे दिन गुरुवार को रेस्क्यू टीमें घटनास्थल पर पहुंचने में कामयाब हो गईं। टीमों ने मौके से 19 पर्वतारोहियों के शव बरामद कर लिए। अब तक कुल 19 पर्वतारोहियों के शव निकाल लिए गए हैं।
क्षेत्र में बर्फबारी शुरू होने के कारण गुरुवार दोपहर के बाद हवाई रेस्क्यू रोक दिया गया है। लेकिन मौके पर मौजूद टीमें लापता पर्वतारोहियों की तलाश में जुटी हुई हैं।

नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनेरिंग (निम) के रजिस्ट्रार विशाल रंजन ने बताया कि गुरुवार सुबह वायुसेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और हाईएल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल, गुलमर्ग, कश्मीर की टीमें हिमस्खलन वाले स्थान तक पहुंचने में कामयाब हो गईं।
टीमों ने मौके से 19 पर्वतारोहियों के शव बरामद कर लिए। जबकि, अन्य लापता पर्वतारोहियों की तलाश की जा रही है।
अब तक मिले 19 शवों में से दो निम के प्रशिक्षक और 17 प्रशिक्षुओं के हैं। डीएम अभिषेक रुहेला ने इसकी पुष्टि की है।
सभी पर्वतारोहियों के शवों को डोकरानी बामक एडवांस बेस कैंप में रखा गया है। हवाई रेस्क्यू शुरू होने पर इन्हें उत्तरकाशी लाया जाएगा।

डीएम अभिषेक रुहेला ने बताया कि गुरुवार दोपहर बाद द्रौपदी डांडा क्षेत्र में हल्की बर्फबारी शुरू हो जाने से हेलीकॉप्टरों से किया जा रहा रेस्क्यू रोक दिया गया । शुक्रवार को मौसम ठीक रहने पर ही फिर से हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू की उम्मीद है।

उत्तराखण्ड शासन से बड़ी खबर।

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देहरादून -अकिंता हत्याकांड से सबक लेते हुए राजस्व क्षेत्रो को रेगुलर पुलिस क्षेत्र में प्रस्तावित करने के लिये जिलाधिकारियों को आदेश ।

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने की राजस्व क्षेत्रों को रैगुलर पुलिस को दिए जाने के सम्बन्ध में जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग बैठक

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि रैगुलर पुलिस में शामिल किए जाने हेतु जिन क्षेत्रों को तत्काल शामिल किए जाने की आवश्यकता है, उनके प्रस्ताव शीघ्र भेजे जाएं

जिन क्षेत्रों में रैगुलर पुलिस के थाना, रिपोर्टिंग चौकी या एरिया एक्सपेंशन की आवश्यकता है, शीघ्र अतिशीघ्र प्रस्ताव भेज दिए जाएं।

उत्तराखंड एक टूरिज्म स्टेट होने के कारण हॉस्पिटैलिटी का क्षेत्र में महिलाओं के कार्य की अत्यधिक संभावना को देखते हुए हम सभी को प्रोएक्टिव होकर कार्य करना होगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन क्षेत्रों में पिछले कुछ समय में पर्यटन अथवा व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ी हैं, उन्हें प्राथमिकता से रैगुलर पुलिस में शामिल किया जाए

डीजीपी अशोक कुमार को भी जघन्य अपराधों की कैटेगरी निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए कि राजस्व क्षेत्रों में जघन्य अपराध के मामलों को तत्काल रैगुलर पुलिस को सौंपते हुए एफआईआर दर्ज की जाए।

प्रदेश के किसी भी कौने में काम करने वाली महिलाओं के लिए रजिस्ट्रेशन या अन्य कोई ऐसा सिस्टम विकसित किया जाना चाहिए जिसमें वह अपनी जानकारी दर्ज कर सके कि वह यहां कार्य कर रही है, ताकि यदि कोई अप्रिय घटना होने पर तत्काल जानकारी उपलब्ध हो सके।

डीजीपी को एक मोबाइल ऐप शुरू करने के निर्देश दिए जिसमें काम करने वाली महिला अपनी जानकारी दर्ज कर सके, साथ ही कॉल सेंटर जैसा सिस्टम भी तैयार किया जाए जो इन महिलाओं से कुछ- कुछ समयांतराल के बाद उनका हालचाल भी पूछा जाए।

विश्व धरोहर फूलो की घाटी को पर्यटकों के लिए 31 अक्टूबर से किया जाएगा बन्द ।

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रिपोर्ट सोनू उनियाल

चमोली। विश्व धरोहर फूलों की घाटी 31 अक्टूबर को शीतकाल के लिए पर्यटकों को बंद कर दी जायेगी। अभी घाटी बंद होने के 26दिन बचे है। कोरोना काल के बाद विश्व धरोहर फूलों की घाटी में इस बार रिकॉर्डतोड़ पर्यटक पहुंच रहे हैं। अब तक 20,695 देशी विदेशी पर्यटक पर्यटक घाटी का दीदार कर चुके है,जो फ़ुलो की घाटी मे सबसे अधिक पर्यटक एक सीजन में आने का रिकॉर्ड है। इससे पहले2019 में 17424 पर्यटक आने का रिकॉर्ड था,जिसमे 179 विदेशी पर्यटक है वन विभाग को अबतक 30,58,425 की आय हो चुकी है। जिसमे 273 विदेशों पर्यटक हैं। फूलो की घाटी की यात्रा चलने से स्थानीय व्यवसायियों को अच्छी आमद हुई है। ,कोरोना के बाद जिसने संजीवनी का काम किया है।

समुद्रतल से 12995 फीट की ऊंचाई पर स्थित फूलों की घाटी को यूनेस्को ने वर्ष 2005 में विश्व धरोहर का दर्जा दिया था। 87.5 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैली इस घाटी में जहां 500 से अधिक दुर्लभ प्रजाति के फूल खिलते हैं। वहीं दुर्लभ हिमालयी जीव-जंतु, परिंदों और जड़ी-बूटियों का दीदार भी किया जा सकता हैं। यही वजह है कि हर साल यहां हजारों देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। यहाँ पर कलकल करती पुष्पावती नदी, झरझर झरते झरने ,खिले फूल सुंदर वादियां पर्यटको को मन्त्र मुगध करती है। यहा पर 500 से अधिक प्रजाति के प्रकृत्तिक फूल खिलते है। जो दुनिया मे एकलौती जगह है इसके अलावा दुर्लभतम प्रजाति के वन्य जीव जंतु पशु पक्षी के साथ जैव विविधता का खजाना है,फूलो की घाटी की खोज फ्रैंक स्मिथ के द्वारा की गयी थी ।

 

वन क्षेत्राधिकारी फूलों की घाटी गौरव नेगी का कहना है कि फूलो की घाटी पर्यटकों के लिए 31 अक्टूबर को बंद करा दिया जाएगा। कोरोना के बाद इस साल घाटी में रिकॉर्ड तोड़ पर्यटक घाटी के दीदार कर चूके है। इस साल अभी तक 20,695 देशी विदेशी पर्यटक घाटी का दीदार कर चुके है। जो कि फूलो की घाटी में अबतक सबसे अधिक पर्यटक आने का रिकॉर्ड है, पिछला रिकॉर्ड 2019 में 17424 पर्यटको का थाऔर आय 27,60,825 रूपए की थी। , और इस साल 3050,825 रुपए की हो गई है।

देवस्थानम् बोर्ड के बाद अब तिरूपति बालाजी ट्रस्ट का होगा पुरजोर विरोध ।

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बद्री-केदार मंदिर समिति और तिरूपति बालाजी के बीच होने वाले एमओयू से तीर्थ पुरोहित आक्रोशित तीर्थ पुरोहितों ने कहा, तिरूपति बालाजी मंदिर और केदारनाथ धाम में जमीन आसमान का अंतर पहले सरकार केदारनाथ मंदिर के पीछे हो रहे हिमस्खलन का करे समाधान केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्य, भविष्य के लिए कोई बड़ा खतरा

रुद्रप्रयाग। तिरूपति बाला जी की तर्ज पर केदारनाथ धाम में व्यवस्थाएं बनाये जाने को लेकर बद्री-केदार मंदिर समिति व तिरूपति बालाजी ट्रस्ट के बीच होने वाले एमओयू से पहले तीर्थ पुरोहित समाज में आक्रोश पैदा हो गया है। तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि तिरूपति बालाजी और केदारनाथ मंदिर में बड़ा अंतर है। जहां केदारनाथ मंदिर 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है, वहीं तिरूपति बालाजी मैदानी क्षेत्र में स्थापित है। ऐसे में तिरूपति बालाजी एक्ट को केदारनाथ धाम में लागू किये जाने का तेजी से विरोध किया जायेगा।

बता दें कि ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग से विश्व विख्यात भगवान केदारनाथ धाम में सुविधाओं को लेकर आंध्र प्रदेश के तिरूपति बालाजी ट्रस्ट व बद्री-केदार मंदिर समिति के बीच एमओयू की खबरे आने के बाद चारधामों के तीर्थ पुरोहित समाज में प्रदेश सरकार के खिलाफ आक्रोश बन गया है। सात अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री कोट्टू सत्यनारायण उत्तराखण्ड आयेंगे और इस दिन वे केदारनाथ धाम भी जायंेगे। इस दौरान वे बद्री-केदार मंदिर समिति और तिरूपति बालाजी ट्रस्ट के बीच होने वाले एमओयू में शामिल रहेंगे। ऐसे में तीर्थ पुरोहितों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों ने साफ शब्दों में कहा कि जिस तरह पहले देवस्थानम् बोर्ड का विरोध किया गया। ठीक उसी तरह तिरूपति बालाजी ट्रस्ट की व्यवस्थाओं का विरोध भी किया जायेगा।
केदारनाथ के वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी कहा कि तिरूपति बालाजी का एक्ट केदारनाथ धाम की यात्रा व्यवस्थाओं में लागू किया जाना, सही नहीं है। तिरूपति और केदारनाथ धाम में जमीन आसमान का अंतर है। तिरूपति का एक्ट केदारनाथ से मेल नहीं खायेगा। इसका देवस्थानम बोर्ड की भांति विरोध किया जायेगा।

 

केदारनाथ धाम के पीछे हिमस्खलन हो रहा है। इस पर सरकार और काबीना मंत्रियों का कोई ध्यान नहीं है। पर्यटन मंत्री हर बार एक नई स्कीम लेकर आ जाते हैं। कभी कहते हैं चारधामों में ये किया जायेगा तो कभी कहतें हैं वो किया जायेगा। तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि आपदा के बाद से केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य किये जा रहे हैं, लेकिन इन पुनर्निर्माण कार्यो के बाद से केदारनाथ धाम का अस्तित्व खतरे में नजर आ रहा है। किसी भी कार्य को करने से पहले कोई भी विचार-विमर्श तीर्थ पुरोहितों के साथ नहीं किया जा रहा है। बिना सहमति से कोई भी कार्य करना, विनाशकारी साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि जैसे इन दिनों केदारनाथ मंदिर के पीछे हिमस्खलन हो रहा है, यह भविष्य के लिए कोई बड़ा खतरे का इशारा है। केदारसभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने कहा कि चारधामों में तिरूपति बालाजी ट्रस्ट के साथ होने वाले एमओयू का विरोध किया जायेगा। सरकार कोई भी कार्य करने से पहले तीर्थ पुरोहितों के साथ कोई विचार-विमर्श नहीं कर रही है। केदारनाथ धाम में सीधे कार्य शुरू किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तिरूपति बालाजी एक्ट का चारधामों के तीर्थ पुरोहित पुरजोर विरोध करेंगे। बिना तीर्थ पुरोहितों की सहमति से प्रदेश सरकार कोई भी कार्य धाम में लागू नहीं कर सकती है।
वहीं तिरूपति बालाजी और बद्री-केदार मंदिर समिति के साथ होने वाले एमओयू के खिलाफ कांग्रेस प्रदेश संगठन भी तीर्थ पुरोहितों के साथ खड़ा नजर आ रहा है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता सूरज नेगी ने कहा कि तिरूपति बालाजी और केदारनाथ धाम की भौगोलिक परिस्थितियां विषम हैं। जहां तिरूपति बालाजी मैदानी क्षेत्र में स्थापित हैं, वहीं केदारनाथ धाम 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। जो कि बिलकुल विपरित परिस्थितियोें में है। सरकार के मंत्री द्वारा सरासर गुमराह करने की बात कही जा रही है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु 18 किमी की पैदल खड़ी चढ़ाई चढ़कर केदारनाथ धाम पहुंचते हैं। ऐसे में उन पर बाहरी नियम कानून लगाना, उचित नहीं होगा। इसमें सभी पंडा पुरोहित समाज एवं सामाजिक संगठनों के साथ बैठक कर उत्तराखण्ड की संस्कृति के अनुरूप ही फैसला लिया जाना चाहिए। क्योंकि पूर्व में भी वैष्णों देवी श्राइन बोर्ड की तर्ज पर केदारनाथ धाम की यात्रा व्यवस्थाओं को बनाये जाने की बात कही गयी थी, जो तीर्थ पुरोहितों के विरोध के बाद लागू नहीं हो पाया। अब फिर से सरकार ने तिरूपति बालाजी की व्यवस्थाओं के नाम पर नया सिगूफा छेड़ दिया है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम की यात्रा धाम के पारम्परिक नियमों के अनुरूप ही होनी चाहिए, जो पहाड़ की संस्कृति से मेल खाती हो।

UKSSSC भर्ती घोटाला: हाकम सिंह समेत 10 और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल,41 आरोपी किए जा चुके हैं गिरफ्तार

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यूकेएसएसएससी भर्ती घपले में बीते 22 जुलाई को एसटीएफ ने केस दर्ज किया। इस मामले में 41 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
यूकेएसएसएससी भर्ती घपले में हाकम सिंह समेत दस और आरोपियों के खिलाफ एसटीएफ ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। 18 आरोपियों के खिलाफ पूर्व में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। मामले में अब तक कुल 28 आरोपियों के खिलाफ एसटीएफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

यूकेएसएसएससी भर्ती घपले में बीते 22 जुलाई को एसटीएफ ने केस दर्ज किया। इस मामले में 41 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अभी भी गिरफ्तारी का सिलसिला जारी है। केस में हाकम समेत 21 आरोपियों पर गैंगस्टर लगाया जा चुका है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि 10 नए आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई है। इनमें हाकम सिंह, केंद्रपाल, चंदन सिंह मनराल, जगदीश गोस्वामी, ललित राज शर्मा, राजवीर सिंह, तनुज शर्मा, अंकित उर्फ बॉबी रमौला, विपिन बिहारी और दिनेश चन्द्र जोशी का नाम शामिल है। इनके खिलाफ परीक्षा घपलों की जानकारी जुटाकर एसटीएफ ने चार्जशीट तैयार की। जिसे कोर्ट में दाखिल किया गया है।

उत्तरकाशी : भारतीय एयरफोर्स द्वारा किया जा रहा है द्रोपदी के डंडा में एवलांच में फंसे पर्वतरोहियो का रेस्क्यू।

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15 सुरक्षित उत्तरकाशी पहुचे,16 बेस कैम्प में सुरक्षित,27 अब भी मिसिंग,4 की मौत।

देश के सर्वोच्च संस्थान जिज़ हाई एटीट्यूड में रेस्क्यू ट्रेनिंग और वॉर महारत हासिल गुलमर्ग स्थित वार फेयर स्कूल के 16 सदस्य टीम अब रेस्क्यू करेगी

इंडियन आर्मी वॉर फेयर स्कूल के 15 सदस्य दल देहरादून से आज सुबह उत्तरकाशी के लिए चौपर से रवाना हुए,

वेलफेयर स्कूल के का यह दल अब उत्तरकाशी के द्रौपदी डांडा-0 2 अभियान में फसे पर्वतारोहियों के दल का रेस्क्यू करेंगे,

सूत्रों की माने तो नेहरू इंस्टिट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग ने रेस्क्यू अभियान में रेस्क्यू करने से हाथ खड़े कर दिए हैं नेहरू इंस्टिट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग के पास सिर्फ ट्रेनिंग से लेकर ही संसाधन है , जिसके बाद रक्षा मंत्रालय से अनुरोध करने पर गुलमर्ग स्थित भारतीय सेना के वॉर फेयर स्कूल की मदद ली जा रही है,इस संस्थान को ट्रेनिंग और रेस्क्यू ही नहीं हाई एटीट्यूड में युद्ध में भी महारत हासिल है

पौड़ी- दुर्घटनाग्रस्त बस में सवार बारातियों का रेस्क्यू कार्य पूरा।

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पौड़ी-बारातियों से भरी बस दुर्घटनाग्रस्त।

दुर्घटनाग्रस्त बस में सवार बारातियों का रेस्क्यू कार्य पूरा।

बस दुर्घटना में 32 लोगों की हो चुकी है मौत।

18 लोग गंभीर रूप से घायल।

बारातियों से भरी बस में 50 लोग थे सवार।

मोड काटते वक्त बस हो गई थी अनियंत्रित।

बस अनियंत्रित होने के चलते खाई में जा गिरी।

SDRF रेस्क्यू टीम रिखणीखाल, धुमाकोट में गतिमान रेस्क्यू कार्य किया पूरा।

रेस्क्यू टीम ने 30 मृतकों और 20 घायलों को किया था रेस्क्यू।

20 घायलों में से 02 व्यक्तियों की हॉस्पिटल ले जाते समय हुई है मृत्यु।

कुल मृतक – 32
कुल घायल – 18