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Wednesday, June 24, 2026
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केदारनाथ यात्रा 2026 के सफल संचालन पर राज्य सरकार का विशेष फोकस, प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने की तैयारियों की समीक्षा

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प्रभारी मंत्री के सख्त निर्देश—यात्रा सुरक्षा व व्यवस्थाओं में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई

*सड़क, स्वास्थ्य, सुरक्षा व स्वच्छता व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा, समन्वय से सफल होगी यात्रा

आगामी श्री केदारनाथ धाम यात्रा 22 अप्रैल 2026 से प्रारंभ होने जा रही है यात्रा के सफल संचालन को लेकर राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने शनिवार को रुद्रप्रयाग पहुंचकर जिला कार्यालय सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि 20 अप्रैल तक सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएं।

बैठक में विभिन्न विभागों ने अपनी तैयारियों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रभारी मंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।

*सुरक्षा व ट्रैफिक पर विशेष जोर*

पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर ने बताया कि यात्रा क्षेत्र को 3 सुपर जोन, 17 जोन और 47 सेक्टर में विभाजित किया गया है, जबकि ट्रैफिक प्रबंधन के लिए 2 सुपर जोन और 4 ट्रैफिक जोन बनाए गए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की 8 और फायर सर्विस की 7 टीमें तैनात रहेंगी। इसके अलावा एनडीआरएफ, सीएपीएफ, बम निरोधक दस्ता और एंटी टेरर स्क्वॉड भी सक्रिय रहेंगे।

*सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्ग व्यवस्थाओं की समीक्षा*

प्रभारी मंत्री ने यात्रा मार्ग पर भूस्खलन एवं भू-धंसाव संभावित क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की समीक्षा की। नरकोटा, जवाड़ी बाईपास, तिलवाड़ा, गंगानगर, चंद्रापुरी, सौड़ी, बांसवाड़ा, काकड़ागाड़, गुप्तकाशी, गंगाधाम, खुमेरा, देवीदार, व्योगाड़, डोलियादेवी, तरसाली, रामपुर एवं मुनकटिया आदि क्षेत्रों में कार्य प्रगति की जानकारी ली गई, उन्होंने समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि पैचवर्क, डामरीकरण, क्रैश बैरियर, रोड मार्किंग और साइनेज जैसे कार्य जल्द पूरे किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

*पैदल मार्ग व स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा*

गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, रैन शेल्टर, नेटवर्क कनेक्टिविटी और इमरजेंसी सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। घोड़ा-खच्चर संचालन के लिए पंजीकरण, बीमा और पशु चिकित्सा सुविधाओं की भी जानकारी ली गई। स्वास्थ्य विभाग ने केदारनाथ अस्पताल, डॉक्टरों की तैनाती और एक्स-रे, ईसीजी जैसी सुविधाओं की उपलब्धता से अवगत कराया।

*स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता*

प्रभारी मंत्री ने यात्रा मार्ग पर स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश देते हुए शौचालयों की उपलब्धता, कूड़ा प्रबंधन और पर्यावरण मित्रों की तैनाती आदि की जानकारी ली। महिला शौचालयों में सेनेटरी पैड डिस्पोजल, चेंजिंग रूम और जल टंकियों की नियमित सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ चालान की कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में पार्किंग, पेयजल, बिजली, सोलर लाइट, संचार व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, होटल किराया नियंत्रण और एलपीजी आपूर्ति जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। संवेदनशील क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से साइनेज लगाने के निर्देश दिए गए।

इस दौरान प्रभारी मंत्री ने कहा कि इस वर्ष श्री केदारनाथ धाम यात्रा के लिए 4.50 लाख से अधिक श्रद्धालु अपना पंजीकरण करा चुके हैं। उन्होंने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम और सुखद यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए स्थानीय लोगों, प्रशासन एवं पुलिस को ‘अतिथि देवो भव’ की भावना से व्यवहार करने के निर्देश दिए, ताकि यात्री यहां से एक अच्छी छवि लेकर लौटें।

उन्होंने बताया कि यात्रा को व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी दिन-रात कार्य कर रहे हैं और आगामी 20 अप्रैल तक सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी सराहनीय कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा, जिससे उनका मनोबल बढ़ेगा।

प्रभारी मंत्री ने उम्मीद जताई कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ सकती है। उन्होंने होटल संचालकों, घोड़ा-खच्चर संचालकों एवं ढाबा संचालकों से अपील की कि श्रद्धालुओं को निर्धारित दरों पर ही सेवाएं और उत्पाद उपलब्ध कराएं।

इसके अतिरिक्त उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा के लिए तैयार किया जा रहा समस्त इंफ्रास्ट्रक्चर, जैसे सड़कें आदि, केवल यात्रा अवधि तक ही नहीं बल्कि दीर्घकाल तक सुचारू रूप से उपयोगी बने रहें, इस दृष्टि से कार्य किया जाए।

बैठक में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, प्रमुख अगस्त्यमुनि भुवनेश्वरी देवी, प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला, बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, जिला पंचायत सदस्य गंभीर सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत, सीएमओ डॉ. राम प्रकाश सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी ने क्षेत्र भ्रमण कर सुनी जनता की समस्या, 2.44 करोड़ की लागत से निर्मित चोपड़ा डूंगरी मोटर मार्ग का किया लोकापर्ण।

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कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी ने क्षेत्र भ्रमण कर सुनी जनता की समस्या।
2.44 करोड़ की लागत से निर्मित चोपड़ा डूंगरी मोटर मार्ग का किया लोकापर्ण।
शनिवार को कैबिनेट मंत्री श्री भरत सिंह चौधरी ने विधानसभा क्षेत्र रुद्रप्रयाग के अंतर्गत अगस्तमुनि विकासखंड में तल्ला नागपुर क्षेत्र में बेला, सौड़ खुरड़ कमेडा, गडमिल, चापड़ चोपड़ा, कुरझन, डूंगरी, जोन्दला, सणगु धारकोट, धारकोट, मदोला, कोठगी, छिनका, क्षेत्र का भ्रमण कर स्थानीय जनप्रतिनिधियों पार्टी कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रीय जनता से मुलाकात की। इस दौरान स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुना एवं उनका समाधान करने का भरोसा क्षेत्रवासियों को दिलाया। इसके साथ ही उन्होंने ग्राम पंचायत डूंगरी के लिए ₹2.44 करोड़ की लागत से चोपड़ा डूंगरी चापड़ मोटर मार्ग के डामरीकरण कार्य का लोकापर्ण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लंबे समय से क्षेत्र वासियों की सड़क डामरीकरण की मांग थी, उसको पूरा किया गया। उन्होंने कहा कि तल्लानागपुर लिफ्ट पेयजल योजना फेज-2 भी जल्द बनकर तैयार हो जाएगी। पेयजल की जो समस्या है, उसका समाधान होगा। उन्होंने कहा कि कोठगी में 27 करोड़ की लागत से नर्सिंग कॉलेज बनकर तैयार हो चुका है। जल्द वहाँ कक्षाओं का संचालन होगा। इसके साथ ही अलकनंदा नदी पर भी नगरासु-छिनका मोटर पुल का निर्माण भी जल्द शुरू होगा। क्षेत्र के जो भी महत्वपूर्ण कार्य उनको पूरा किया जाएगा।
उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिये निरंतर कार्य कर रही है।
क्षेत्रवासियों द्वारा दिए गए स्वागत सम्मान के लिए धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ।।
इस अवसर पर साथ मे जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम कठैत, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री भारत भूषण भट्ट , बद्री-केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष श्री विजय कपरवान जी , जिला पंचायत सदस्य श्री जयवर्धन कांडपाल, मुख्य विकास अधिकारी श्री राजेन्द्र सिंह रावत, मंडल अध्यक्ष श्रीमती सुमन बुटोला सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

भाजपा अनु०मोर्चा रुद्रप्रयाग के पदाधिकारियों ने की केदारनाथ विधायक से शिष्टाचार भेंट

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*रुद्रप्रयाग*—– भारतीय जनता पार्टी रुद्रप्रयाग के अनु०मोर्चा के जिला अध्यक्ष हर्ष लाल के नेतृत्व में भाजपा पदाधिकारीयों कार्यकर्ताओं ने केदारनाथ विधायक आवास ऊखीमठ में आशा नौटियाल से मुलाकात की।

भाजपा अनु०मोर्चा के जिला अध्यक्ष हर्ष लाल के नेतृत्व में सभी कार्यकर्ताओं ने केदारनाथ विधायक को स्मृति चिन्ह भेंट करते हुए जिला महामंत्री देवेंद्र प्रसाद के संचालन में सभी पदाधिकारियों का परिचयात्मक चर्चा हुई। केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने सभी कार्यकर्ताओं मातृ शक्तियों का पुष्प गुच्छ शाल भेंट कर सभी को सम्मानित किया। जिला महामंत्री अनु०मोर्चा देवेंद्र प्रसाद के द्वारा केदारनाथ विधानसभा में वर्तमान में निर्माण विकास कार्यों को अवगत कराते हुए कहा की विधानसभाकेदारनाथ के अंतर्गत अनु०जाति ग्राम सभाओं में विकास कार्यों में कुछ रुकावटें समस्याएं आ रही हैं जिन विकास कार्यों के संबंधित विभागों से शीघ्र संपर्क किया जाना अति आवश्यक है।
विधायक आशा नौटियाल ने त्वरित कार्यवाही करते हुए मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों से दूरभाष के जरिए वार्ता की। समस्याओं के निराकरण के लिए आदेशित करते हुए कहा कि विधानसभा के अंतर्गत सामूहिक विकास कार्यों की ही मेरी प्राथमिकता है। विधानसभा के अंतर्गत सभी अनु०सूचित ग्रामसभाओं मैं जो अभी भी विकास कार्य रुके हुए हैं। शीघ्र ही उन्हें पूरा किया जाएगा।
इस अवसर पर भाजपा संगठनात्मक विषयों पर सार्थक चर्चा हुई ताकि जनसेवा और विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर विचार विमर्श किया गया।

इस दौरान अनु०जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष हर्ष लाल, जिला महामंत्री देवेंद्र प्रसाद, अमित टम्टा , जिला उपाध्यक्ष संजय मनवाल, दलीप लाल,महिला मोर्चा की जिला महामंत्री सुषमा देवी, जिला सह सोशल मीडिया प्रभारी मानेंद्र कुमार, जिला मंत्री अनिल कुमार, मीरा देवी, देवेश्वरी देवी, राजपाल लाल, मयंक कुमार, अनिल बुरियाल, मिथिला देवी, शिवम् कुमार आदि सभी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सभ्या नेगी का चयन उत्तराखंड अंडर-23 महिला क्रिकेट टीम चयन होने पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने किया सम्मानित।

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सभ्या नेगी का चयन उत्तराखंड अंडर-23 महिला क्रिकेट टीम चयन होने पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने किया सम्मानित।
रुद्रप्रयाग जिले के बच्छणस्यू़ॅं (पणधारा) की होनहार क्रिकेटर सभ्या नेगी का चयन उत्तराखंड अंडर-23 महिला क्रिकेट टीम में होने पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने उनका कैंप कार्यालय रुद्रप्रयाग में स्वागत करते हुये उनको उज्जवल के लिए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सभ्या ने अपनी मेहनत और काबिलियत की बदौलत कामयाबी हासिल की है। उन्होंने सभ्या का उत्साहवर्धन करते हुये अधिक से अधिक मेहनत कर देश की महिला क्रिकेट टीम में अपना स्थान बनाये इसके लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम कठैत, बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री विजय कपरवान, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री भारत भूषण भट्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने क्षेत्र भ्रमण कर सुनी जनता की समस्या।

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उत्तराखण्ड सरकार के केबिनेट. मंत्री भरत सिंह चौधरी ने अपनी विधानसभा के अंतर्गत जखोली विकासखंड में सुमाड़ी, स्यालसू, लावड़ी, तुनेटा, बैनोली, सतनाखील, मयाली, बरसीर, बच्चवाड़, कपनियां, जखोली ब्लॉक मुख्यालय, जखोली, बजीरा, उरोली, क्षेत्र का भ्रमण कर स्थानीय जनप्रतिनिधियों पार्टी कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रीय जनता से मुलाकात की। इ स दौरान स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुना एवं उनका समाधान करने का भरोसा क्षेत्रवासियों को दिलाया।
उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिये निरंतर कार्य कर रही है।
क्षेत्रवासियों द्वारा दिए गए स्वागत सम्मान के लिए धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ।।
इस अवसर पर साथ मे जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम कठैत, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री भारत भूषण भट्ट , पूर्व जिलाध्यक्ष श्री वाचस्पति सेमवाल , मंडल अध्यक्ष मेहरवान सिंह रावत सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण एवं पार्टी कार्यकर्ता बंधु उपस्थित रहे

नवाचार और आत्मनिर्भरता का संगम, देहरादून में हुआ राज्य स्तरीय उद्यमिता महोत्सव का भव्य आयोजन* *कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी ने किया महोत्सव का शुभारंभ, राज्य के 51 उत्कृष्ट उद्यमियों को किया सम्मानित,

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*हर गांव तक पहुंचेगा योजनाओं का लाभ, जनसहभागिता से तेज होगा ग्रामीण विकास-मंत्री*

*ग्राम्य विकास से ग्लोबल पहचान तक, उद्यमिता महोत्सव में दिखी नई दिशा,*

*मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में विकास और विश्वास दोनों मजबूत-मंत्री भरत  सिंह चौधरी 

देहरादून के राजपुर रोड स्थित सिविल सर्विस इंस्टीट्यूट में शनिवार को मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत एक दिवसीय राज्य स्तरीय उद्यमिता महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य के कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने एमयूवाई ओलम्पिक्स का शुभारंभ करते हुए उद्यमिता क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 51 लाभार्थियों को सम्मानित किया।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि युवा मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और लोक कल्याणकारी सोच के साथ सर्वांगीण विकास को नई गति मिली है। उन्होंने ग्राम्य विकास एवं लघु एवं सूक्ष्म उद्यम विभागों की जिम्मेदारी सौंपने पर मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने आमजन से विकास कार्यों में सुझाव देकर भागीदारी निभाने की अपील की।

मंत्री ने कहा कि पहले दूरस्थ गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की कमी के कारण पलायन एक गंभीर समस्या थी, लेकिन अब सरकार द्वारा सड़क कनेक्टिविटी, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार योजनाओं के विस्तार से हालात तेजी से बदल रहे हैं। आज हजारों महिलाएं उद्यमिता से जुड़कर ‘लखपति दीदी’ बन रही हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर हैं। स्वयं सहायता समूहों और एमएसएमई के तहत संचालित उद्यम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रहे हैं।

महोत्सव में 13 ‘लखपति दीदी’, 13 रीप सहायतित उद्यमी, 13 मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के उद्यमी तथा दो स्वयं सहायता समूहों के 12 सदस्यों सहित कुल 51 लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। साथ ही क्रेडिट क्लिनिक, उद्यम पंजीकरण और ट्रेडमार्क डिजिटल ऑनबोर्डिंग जैसी गतिविधियों के माध्यम से उद्यमियों को व्यवसाय विस्तार के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान एमयूवाई ओलम्पिक्स में 100 प्रतिभागियों ने अपने नवाचारी व्यवसायिक विचार प्रस्तुत किए, जिनमें से 18 श्रेष्ठ अवधारणाओं का चयन कर विजेताओं को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही एमयूवाई वेबसाइट और त्रैमासिक न्यूजलेटर का भी शुभारंभ किया गया, जिससे राज्य के सभी जनपदों में उद्यमिता संबंधी जानकारी, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जुड़ाव को मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम में राज्य के 13 जनपदों के उद्यमियों द्वारा एमयूवाई एक्सपो में स्थानीय उत्पादों का आकर्षक प्रदर्शन भी किया गया। ग्राम्य विकास की अपर सचिव एवं एमयूवाई परियोजना समन्वयक झरना कमठान ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना और उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करना है।

इस अवसर पर अपर सचिव/परियोजना समन्वय एमयूवाई झरना कमठान, आयुक्त एवं अपर सचिव ग्राम्य विकास अनुराधा पाल, अपर आयुक्त ग्राम्य विकास भरत चन्द्र भट्ट, संयुक्त आयुक्त संजय कुमार सिंह, उपायुक्त नरेश कुमार, उपायुक्त एके राजपूत, सीईओ डॉ प्रभाकर बेवनी, एसीईओ प्रदीप पांडेय, उप निदेशक ग्रामोत्थान महेन्द्र यादव सहित अनेक अधिकारी, उद्यमी, लखपति दीदी एवं स्वयं सहायता समूहों के सदस्य मौजूद थे।

 

मुख्यमंत्री ने किया विभागों का बटवारा….धामी खुद देखेंगे सामान्य प्रशासन, गृह, कार्मिक, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण सूचना एवं जनसंपर्क विभाग

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*मुख्यमंत्री ने किया विभागों का बटवारा*

*धामी खुद देखेंगे सामान्य प्रशासन, गृह, कार्मिक, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण सूचना एवं जनसंपर्क विभाग*

*अब तक 35 से अधिक विभागों का कामकाज देख रहे थे सीएम धामी*

*अपने कई विभाग मुख्यमंत्री ने सहयोगी मंत्रियों को सौंपे*

पाँच नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद किए गए इस आवंटन में मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रशासनिक विभाग अपने पास ही रखे हैं।

अब तक मुख्यमंत्री के पास 35 से अधिक विभागों का दायित्व था।

जारी सूची के अनुसार मुख्यमंत्री सामान्य प्रशासन, गृह, कार्मिक, सतर्कता, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण तथा सूचना एवं जनसंपर्क जैसे प्रमुख विभाग स्वयं देखेंगे।

इन विभागों को शासन संचालन की रीढ़ माना जाता है, जिनके माध्यम से प्रशासनिक फैसलों और कानून-व्यवस्था पर सीधा नियंत्रण सुनिश्चित किया जाता है।

अन्य विभागों का बंटवारा मंत्रियों के बीच करते हुए उन्हें उनके-उनके दायित्व सौंपे गए हैं, ताकि विभागीय कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

सूत्रों के अनुसार इस नए बंटवारे से कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित होगा और विकास योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारा जा सकेगा।

हाल ही में मुख्यमंत्री ने कैबिनेट का विस्तार करते हुए विधायक खजान दास, मदन कौशिक, भरत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी है।

राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से यह बंटवारा संतुलन साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता को ध्यान में रखते हुए विभागों का पुनर्गठन किया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रमुख प्रशासनिक विभाग अपने पास रखना एक रणनीतिक कदम है, जिससे शासन की मुख्य कमान उनके नियंत्रण में बनी रहेगी, वहीं अन्य विभाग मंत्रियों को सौंपकर कार्यों का प्रभावी वितरण सुनिश्चित किया गया है।

धामी सरकार की पहल, सर्किट हाउस एनेक्सी का होगा कायाकल्प

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*लोकसंस्कृति की झलक के साथ आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा राज्य अतिथि गृह*

*आवास सचिव डॉ आर राजेश कुमार के औचक निरीक्षण में तेज हुई कायाकल्प की प्रक्रिया*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व मुख्य सचिव के दिशा-निर्देशों में राज्य की अतिथि सुविधाओं को आधुनिक और आकर्षक बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसी क्रम में गुरुवार को राज्य अतिथि गृह सर्किट हाउस एनेक्सी, देहरादून में नवीनीकरण कार्य को लेकर स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण की अध्यक्षता आवास व राज्य संपत्ति सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने की। इस दौरान उन्होंने नवीनीकरण की प्रस्तावित योजना का गहन अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

*लोकसंस्कृति के साथ विकसित होगा आधुनिक गेस्ट हाउस*
निरीक्षण के दौरान यह तय किया गया कि सर्किट हाउस एनेक्सी को केवल मरम्मत तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और आधुनिक सुविधाओं के समन्वय के रूप में विकसित किया जाएगा। विशेष रूप से मीटिंग हॉल के संपूर्ण नवीनीकरण के साथ उसकी दीवारों पर राज्य की लोक संस्कृति को दर्शाने वाली पेंटिंग्स लगाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे यहां आने वाले अतिथियों को प्रदेश की समृद्ध परंपरा की झलक मिल सके।

*पहले चरण में कमरों और डोरमैट्री का होगा कायाकल्प*
नवीनीकरण कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। प्रथम चरण में मुख्य भवन के कक्ष संख्या 1 से 12 तक (भूतल के 1 से 6 और प्रथम तल के 7 से 12) का कायाकल्प किया जाएगा। इसके साथ ही डोरमैट्री के भूतल पर स्थित कक्ष संख्या 19 से 22 तक के चार कमरों का भी नवीनीकरण किया जाएगा। इन कमरों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के साथ उनकी आंतरिक साज-सज्जा को भी बेहतर बनाया जाएगा।

*कोरिडोर लाइटिंग और लॉन क्षेत्र में खुलापन बढ़ाने के निर्देश*
आवास व राज्य संपत्ति सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कोरिडोर में बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आवागमन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही डोरमैट्री के कक्षों से सटे लॉन क्षेत्र में खुलापन बढ़ाने के लिए बाउंड्री हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

*दूसरे चरण में विस्तार और नई सुविधाओं पर फोकस*
द्वितीय चरण में गेस्ट हाउस परिसर में उपलब्ध स्थान का उपयोग करते हुए इसके विस्तार की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, गेस्ट हाउस में ठहरने वाले अतिथियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नए गद्दों की खरीद और प्रत्येक कक्ष में डीटीएच कनेक्शन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस मौके पर अपर सचिव लक्ष्मण सिंह, मुख्य व्यवस्थाधिकारी आलोक सिंह चौहान, वरिष्ठ व्यवस्थाधिकारी पी.एल. शाह तथा पेयजल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश चंद्र तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

*अतिथि गृहों को आधुनिक बनाना सरकार की प्राथमिकता*
आवास व राज्य संपत्ति सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राज्य के अतिथि गृहों को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में कार्य तेजी से किया जा रहा है। सर्किट हाउस एनेक्सी का नवीनीकरण केवल संरचनात्मक सुधार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को भी प्रमुखता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से सभी कक्षों का कायाकल्प किया जाएगा और अतिथियों को उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, भविष्य में गेस्ट हाउस के विस्तार की भी योजना है, जिससे बढ़ती आवश्यकता को पूरा किया जा सके।

केदारघाटी में फिर पर्यावरण से खिलवाड़: पुल के पास खनन से मंडरा रहा आपदा का खतरा l

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NGT नियमों की उड़ रही धज्जियां: मंदाकिनी किनारे अवैध खनन से कमजोर हो रहा बांसवाड़ा पुल

2013 की त्रासदी से नहीं लिया सबक: खनन माफियाओं के आगे बेबस प्रशासन, खतरे में केदारघाटी

रुद्रप्रयाग जिले की केदारघाटी में एक बार फिर पर्यावरणीय नियमों की धज्जियां उड़ते नजर आ रही हैं। बांसवाड़ा-बसुकेदार को जोड़ने वाला पुल, जो 2013 की भीषण आपदा में पहले ही कई बार क्षतिग्रस्त हो चुका है, आज भी खनन माफियाओं के हमलों से सुरक्षित नहीं है। पुल से महज 10 मीटर की दूरी पर पोकलैंड जैसी भारी मशीनों से धड़ल्ले से खनन चल रहा है, जिससे पुल की नींव कमजोर होने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

2013 की केदारनाथ आपदा में मंदाकिनी नदी के उफान ने हजारों जानें लीं और पुलों-मकानों को बहा ले गई। उस आपदा के मुख्य कारणों में से एक था नदियों के किनारों पर अनियंत्रित खनन, जो नदी के प्रवाह को बाधित करता है और भूस्खलन-बाढ़ को न्योता देता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी संवेदनशील घाटियों में खनन से नदी का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ता है, जिससे भविष्य में बड़ी तबाही का खतरा बढ़ जाता है।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने नदी खनन के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। सस्टेनेबल सैंड माइनिंग मैनेजमेंट गाइडलाइंस 2016 और 2020 के अनुसार:

– पुलों, वाटर इंटेक्स या अन्य महत्वपूर्ण संरचनाओं से 200-500 मीटर की दूरी पर ही खनन की अनुमति हो सकती है।
– पुलों से कम से कम 100 मीटर (कुछ मामलों में अधिक) की दूरी अनिवार्य है।
– आपदाग्रस्त या संवेदनशील इलाकों में खनन पर विशेष प्रतिबंध हैं।
– भारी मशीनों का उपयोग, रात में खनन और बिना पर्यावरणीय मंजूरी के कार्य निषिद्ध है।

लेकिन इन नियमों का पालन जमीनी स्तर पर कहीं नहीं दिखता। पर्यावरण विशेषज्ञों ने खुलासा किया है कि खनन पट्टे की आड़ में NGT के मानकों को ताक पर रखा जा रहा है। मंदाकिनी नदी किनारे पोकलैंड मशीनों से खनन की अनुमति दी गई है जो कि मानकों के विरुद्ध है, जबकि पुल के इतने करीब खनन से नींव हिलने का खतरा है। प्रशासन की लापरवाही साफ झलकती है—2013 की आपदा से सबक लेने के बजाय वही गलतियां दोहराई जा रही हैं।

खनन माफिया और स्थानीय प्रशासन के बीच सांठगांठ के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। हाल के रिपोर्ट्स में भी रुद्रप्रयाग की मंदाकिनी नदी में अवैध खनन के कई मामले उजागर हुए हैं, जहां नदी का सीना चीरा जा रहा है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि पुलों और आपदाग्रस्त क्षेत्रों के आसपास खनन पट्टे देना घातक साबित हो सकता है। यदि यही सिलसिला जारी रहा तो मद्महेश्वर घाटी और केदारघाटी में बड़ी आपदा फिर से आ सकती है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होगा।

प्रश्न उठता है—प्रशासन कब जागेगा? क्या खनन माफियाओं के दबाव में NGT के नियम सिर्फ कागजों तक सीमित रहेंगे? स्थानीय निवासियों, तीर्थयात्रियों और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई जरूरी है। जिला प्रशासन, खनन विभाग और NGT को इस मामले की गंभीरता से जांच करनी चाहिए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और ऐसी गतिविधियों पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। प्रकृति के साथ खिलवाड़ बंद हो, वरना 2013 की त्रासदी फिर दोहराई जा सकती है!

अभिषेक डिमरी के लेफ्टिनेट बनने पर जिलासु के ग्रामीणों द्वारा गांव पहुंचने पर भब्य स्वागत किया गया l

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भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त करने के बाद जब लेफ्टिनेंट अभिषेक डिमरी अपने पैतृक गांव जिलासू, ब्लॉक पोखरी, जिला चमोली पहुंचे, तो पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला। गांव में उनके सम्मान में भव्य स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी भी उपस्थित रहे और उन्होंने लेफ्टिनेंट डिमरी को सम्मानित करते हुए उनकी उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।

कार्यक्रम में बद्रीनाथ विधानसभा क्षेत्र के सभी प्रधान (ग्राम प्रधान) भी मौजूद रहे और उन्होंने इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया।

इस स्वागत समारोह में लेफ्टिनेंट अभिषेक डिमरी के परिवार के सदस्य भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिनमें उनकी दादी, माता, चाची, भाई और बहन सहित अन्य रिश्तेदार शामिल थे। गांव और आसपास के क्षेत्र के लोगों ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

लेफ्टिनेंट अभिषेक डिमरी की यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है और सभी ने उनके उज्ज्वल सैन्य भविष्य की कामना की।