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Friday, July 3, 2026
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उत्तराखंड की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रितु बाहरी ने किए केदारनाथ के दर्शन।

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मुख्य न्यायाधीश उत्तराखण्ड हाई कोर्ट जस्टिस रितु बाहरी गुरुवार को बाबा केदारनाथ के दर्शनों को केदारनाथ धाम पहुंची। उन्होंने बाबा केदारनाथ का रुद्राभिषेक कर बाबा की विशेष पूजा अर्चना कर विश्व एवं जन कल्याण के कामना की।

एक दिवसीय दौरे पर बाबा केदारनाथ धाम के दर्शनों को पहुंची जस्टिस रितु बाहरी का जिलाधिकारी डॉ सौरभ गहरवार एवं पुलिस अधीक्षक डॉ विशाखा ने वीआईपी हैलीपैड पर स्वागत किया। जस्टिस रितु बाहरी तीर्थ पुरोहित समाज एवं मुख्य पुजारी से मिली। इसके बाद बाबा केदारनाथ मंदिर में प्रवेश कर विशेष पूजा अर्चना कर संपूर्ण विश्व एवं मानवता के कल्याण की कामना की। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड के सतत विकास के लिए भी बाबा केदार से आशीर्वाद मांगा।

जिला सूचना अधिकारी,
रुद्रप्रयाग।

लघु सिंचाई के अधिशासी अभियंता को 50 हजार रिश्वत लेते हुए विजलेंस की टीम ने रंगे हाथों किया गिरफ्तार।

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हल्द्वानी ।।विजिलेंस टीम द्वारा शिकायतकर्ता की शिकायत पर लघु सिचाई खण्ड नैनीताल के अधिशासी अभियन्ता कृष्ण सिंह कन्याल पुत्र हरक सिंह निवासी लार्ड कृष्ना ग्रीन प्रथम तल वी-109 केदारपुरम मोथरो वाला देहरादून हाल निवासी मुकुल विहार सिजवाली काम्पलैक्स बी-5 प्रथम तल तल्ली बमौरी, लालडांठ बाईपास रोड हल्द्वानी नैनीताल को शिकायतकर्ता से 50,000/- रूपये रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत की थी कि मेरे द्वारा गत वर्ष ग्राम सेलिया में लघु सिचाई विभाग की गुल निर्माण का ठेका लिया गया था लगभग 10 लाख रूपये का कार्य शिकायतकर्ता द्वारा किया गया जिसका पूर्व भुगतान मुझे दो बार में किया गया, इसी भुगतान के एवज में लघु सिंचाई विभाग के एक्सन कृष्ण सिंह कन्याल द्वारा शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग की जा रही है प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता है उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही चाहता है।

अनिल सिंह मनराल द्वारा उक्त शिकायत पर शिकायतकर्ता के शिकायती प्रार्थना पत्र की जांच कराने पर तथ्य सही पाये जाने पर अपने पर्यवेक्षण में निरीक्षक भानु प्रकाश आर्य के नेतृत्व में ट्रैप टीम का गठन किया गया। टीम द्वारा नियमानुसार कार्यवाही करते हुये ट्रैप टीम द्वारा लघु सिंचाई खण्ड नैनीताल के अधिशासी अभियन्ता कृष्ण सिंह कन्याल पुत्र हरक सिंह निवासी लार्ड कृष्ना ग्रीन प्रथम तल वी-109 केदारपुरम मोथरो वाला देहरादून हाल निवासी मुकुल विहार सिजवाली काम्पलैक्स बी 5 प्रथम तल तल्ली बमौरी, लालडांठ बाईपास रोड हल्द्वानी नैनीताल को शिकायतकर्ता से 50,000/- रूपये (पचास हजार रूपये) की रिश्वत लेते हुये 6 सीजन रिर्जोट, नया गांव, कालाढुंगी जनपद नैनीताल के परिसर से रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त से पूछताछ की जा रही है व उक्त प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत कर अनुसंधान किया जायेगा।

उत्तराखण्ड सरकार ने चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने हेतु सभी तीर्थयात्रियों के लिए पंजीकरण किया अनिवार्य।

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उत्तराखंड।।मुख्य सचिव राधा रतूड़ी द्वारा अनिवार्य पंजीकरण की एडवाइजरी जारी की गई है। जिसमें तीर्थयात्रियों से कहा गया है कि पंजीकरण के बाद ही यात्रा पर आएं। बिना पंजीकरण के आने पर उन्हें बैरियर या चेक प्वाइंट पर रोका जा सकता है। ऐसा होने पर उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि पंजीकरण होने पर वे निर्धारित तिथि पर ही यात्रा पर आएं। जिस धाम की यात्रा पर आ रहे हैं, उसी रूट पर जाएं। यात्रा कराने वाले टूर एवं ट्रेवल्स एजेंसियों से भी यात्रियों के पंजीकरण को सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रदेश सरकार ने टूर एवं ट्रेवल्स एजेंसियों से यात्री वाहन का ट्रिप कार्ड भी सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। अपेक्षा व्यक्त की गई है कि सभी तीर्थयात्री यात्रा एडवाइजरी का पालन करते हुए शासन-प्रशासन को सहयोग करेंगे।

फर्जी रजिस्ट्रेशन करने वाले 9 व्यक्तियों के खिलाफ रुद्रप्रयाग पुलिस ने किया मुकदमा दर्ज।

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https://we.tl/t-vODZDpUpQFरुद्रप्रयाग ।।रुद्रप्रयाग में प्रचलित श्री केदारनाथ धाम यात्रा में अत्यधिक संख्या में श्रद्धालु एवं यात्री वाहन आ रहे हैं। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से लेकर आतिथि तक यानि मात्र 12 दिवसों में ही साढ़े तीन लाख से अधिक यात्री केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं। जबकि केदारनाथ धाम सहित यात्रा पड़ावों पर रुकने की एक निश्चित क्षमता है और जनपद में स्थित पार्किंगों की भी एक निश्चित क्षमता है। सबसे बड़ी बात कि सीतापुर व सोनप्रयाग स्थित पार्किंगों में किसी वाहन की एन्ट्री हो जाने के उपरान्त वाहन तीन दिन तक पार्किंग में ही रहता है। पार्किंग की एक निश्चित क्षमता होने तथा इससे निकासी काफी कम होने व बाहर से अत्यधिक संख्या में वाहनों के आने से यात्रा मार्ग पर अत्यधिक दबाव बढ़ रहा है। इस सम्बन्ध में स्थानीय प्रशासन व पुलिस के स्तर से समय-समय पर जानकारी साझा करते हुए आने वाले श्रद्धालुओं से अपना पंजीकरण के उपरान्त ही यात्रा पर आने की अपील की जा रही है। पुलिस के स्तर से बिना पंजीकरण अथवा बाद की तिथि के पंजीकरण वाले यात्रियों व वाहनों की चेकिंग निरन्तर की जा रही है। पुलिस के स्तर से की जा रही चेकिंग की मॉनीटरिंग स्वयं पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के स्तर से भी की जा रही है।
आज चेकिंग ड्यूटी पर नियुक्त पुलिस बल ने सख्ती के साथ चेकिंग की कार्यवाही की गयी। पुलिस बल के स्तर से जवाड़ी पर पहुंचे वाहनों में आये यात्रियों के पंजीकरण को पर्यटन विभाग की टीम के स्तर से नियुक्त स्कैन करने वाले कार्मिकों द्वारा चेक करने पर पाया तो यात्रियों द्वारा दिखाये जा रहे पंजीकरण एवं पंजीकरण में अंकित तिथि में काफी अन्तर आ रहा है, जिससे स्पष्ट है कि बाद की तिथि के पंजीकरणों में कूट रचना करते हुए आजकल की तिथि हेतु उपयोग में लाया जा रहा है। पुलिस के स्तर से मौके पर सम्बन्धित यात्रियों एवं ट्रैवल्स एजेन्सी से पूछताछ करने पर इनके द्वारा गोल-मोल जवाब दिये जाने पर ऐसे प्रकरणों में नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही हेतु नजदीकी कोतवाली रुद्रप्रयाग भिजवाया गया है। जहां पर कोतवाली रुद्रप्रयाग पुलिस के स्तर से ऐसे कुल 09 प्रकरणों में अभियोग पंजीकृत किया गया है। थाने पर आवश्यक पूछताछ में ज्ञात हुआ कि देश के अलग-अलग हिस्सों से श्री केदारनाथ धाम यात्रा पर आये यात्रियों को सम्बन्धित टूर ऑपरेटर, हरिद्वार क्षेत्र में मिले व्यक्तियों इत्यादि द्वारा धोखे में रखकर कूटरचित पंजीकरण दिये गये हैं, जिसका इनको आज पुलिस की चेकिंग में पता चला है।

*शिकायतकर्ताओं की शिकायतों का संक्षिप्त विवरणः-*
1 भिमाराव गंगाराम शिंदे पुत्र श्री गंगाराम निवासी ग्राम कोशलज थाना भाराम जिला हिजोली महाराष्ट्र को हरिद्वार निवासी राजेश नाम के व्यक्ति ने रजिस्ट्रेशन उपलब्ध कराये गये। इस व्यक्ति ने शिकायतकर्ता से दो बसों में लाये यात्रियों के रजिस्ट्रेशन कराने के एवज में तीन लाख पचास हजार रुपये की धनराशि भी ली गयी थी। इन रजिस्ट्रेशन के फर्जी होने की सूचना इनको आज चेकिंग के दौरान पता चली।
2 धीरज कुमार पुत्र राम प्रकाश निवासी मीरानपुर, कटरा, शाहजहांपुर ने बताया कि हरिद्वार में किसी व्यक्ति ने उनसे प्रति व्यक्ति 500 रुपये लेकर पंजीकरण उपलब्ध कराये गये थे, परन्तु ये पंजीकरण फर्जी है, इसकी जानकारी इनको आज पुलिस चेकिंग में पता चली।
3 अमर सिंह पुत्र श्री मोहन सिंह निवासी एमडी मिशन के पास पीके पुरम थाना क्षेत्र जिला कोटा, राजस्थान ने बताया कि हरिद्वार में सोनू बब्बर टूर एण्ड ट्रेवल्स के द्वारा इनसे प्रति व्यक्ति 2500 रुपये लेकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया गया, इनको इसके फर्जी होने की जानकारी आज पता चली।
4 बृजेश कुमार पुत्र श्री राम किशन राणा निवासी दीवान मौहल्ला, खाण्डेवाला जिला पटना, बिहार ने शिकायत की है कि सौरभ नामक व्यक्ति ने उनका फर्जी रजिस्ट्रेशन तैयार किया गया।
5 पटेल भास्कर भाई निवासी सादली शिजारे बड़ोदरा, गुजरात ने शिकायत की है कि हरिद्वार में एक व्यक्ति ने इनके रजिस्ट्रेशन किये जो कि फर्जी हैं इसकी जानकारी आज पता चली।

6 विजय जायसवाल पुत्र श्री ओम प्रकाश जायसवाल निवासी वार्ड नम्बर 3, जवाहरनगर, गोलाबाजार जनपद कुशीनगर ने शिकायत की है कि हरिद्वार में अक्षय नाम के व्यक्ति जिसने स्वयं को टूर एण्ड ट्रैवल्स संचालक बताया और रजिस्ट्रेशन बनाने के उनसे 35600 रुपये की धनराशि ली गयी।
7 आशीष कुमार सिंह पुत्र श्री राधे श्याम सिंह निवासी विद्यावतीपुर, मंगलपुर, थाना लोहता, वाराणसी ने शिकायत की है कि हरिद्वार में एक व्यक्ति ने उनसे 13000 रुपये लेकर रजिस्ट्रेशन दिलाया गया, अपनी शिकायत में इन्होने ठगी करने वाले व्यक्ति का मोबाइल नम्बर और पैसे ट्रांसफर करने में प्रयुक्त यूपीआई उपलब्ध कराया है।
8 सजैराओ भगवान हणुमर पुत्र भगवान पंवार निवासी नियर मार्केट यार्ड पलूस जिला सांगली महाराष्ट्र ने शिकायत की कि हरिद्वार निवासी जोगेन्द्र सिंह व दिल्ली निवासी राकेश ने इनके तीन साथियों से रजिस्ट्रेशन के 25000 रुपये लिये गये व आज चेकिंग में रजिस्ट्रेशन का फर्जी होना पाया गया है।
9 लम्बाकुला किरन कुमार पुत्र लम्बाकुला वस्वाराज श्री निवास कॉलोनी, शादनगर, मंडल गुरूनगर,, जिला महबूब नगर तेलंगाना ने शिकायत की है कि ऋषिकेश व हैदराबाद निवासी व्यक्तियों ने मिलकर इनके कुल 13 व्यक्तियों के 17000 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से हैदराबाद से ऋषिकेश तक लाने का पैकेज एवं उसमें रजिस्ट्रेशन का भी पैसा लिया गया है। जब आज यहां पहुंचे हैं तो उनको रजिस्ट्रेशन के फर्जी होने व उनके साथ ठगी होने की जानकार पता चली है।

पुलिस के स्तर से ठगी करने, जालसाजी व दस्तावेज का उपयोग धोखाधड़ी करने के प्रयोजन, जाली दस्तावेज का असली में उपयोग करने सम्बन्धी धाराओं मे पंजीकृत हुए इन सभी 9 अभियोगों में विवेचनात्मक कार्यवाही प्रचलित कर दी गयी है।

पुलिस ने केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत करती है व जनपद में आने वाले श्रद्धालुओं व यात्रियों से अपील है कि वे अपना पंजीकरण करने के उपरान्त ही श्री केदारनाथ धाम की यात्रा पर आयें व पुलिस प्रशासन द्वारा बनायी जा रही व्यवस्थाओं में सहयोग करें। साथ ही इस बात के लिए भी चेतावनी जारी करती है कि यदि किसी भी यात्री अथवा टूर ऑपरेटर या ट्रैवल्स ऐजेन्सी के स्तर से कूटरचित पंजीकरण लाया जाना पाया जाता है तो सम्बन्धितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कठोरतम कार्यवाही की जायेगी। इसलिए यात्रा पर ही आयें न कि ऐसा कृत्य करें कि यात्रा तो नहीं कर पाये परन्तु मुकदमा झेलना पड़ जाये।

 

केदारनाथ यात्रा पर आए हो तो रुद्रप्रयाग जनपद के अन्य धार्मिक स्थलों के भी कीजिये दर्शन।

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श्री केदारनाथ धाम की यात्रा सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है। भगवान शिव के प्रिय निवास स्थान 11वें ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ धाम के दर्शनों को धाम में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। दो सप्ताह की यात्रा ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जिसमें 3,57,875 श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर लिए हैं। केदारनाथ पहुँच रहे श्रद्धालु रुद्रप्रयाग जनपद के अन्य तीर्थ स्थलों एवं मंदिरों के भी दर्शन कर पुण्य प्राप्त कर सकते हैं।


*मध्यमहेश्वर मंदिर-* चौखंभा की गोद में समुद्रतल से 9700 फीट की ऊंचाई पर यह मंदिर अवस्थित है, जो ऊखीमठ से 30 किमी की दूरी पर अवस्थित है। यहां अन्य मंदिरों में बूढ़ा मध्यमहेश्वर क्षेत्रपाल मंदिर, हिंवाली देवी मंदिर हैं। यहां की पहाड़ियों में अनेक गुफाएं हैं। पंचकेदार के नाम से विख्यात शिव के पांच पावन धामों में से मध्यमहेश्वर दूसरा धाम है। यहां भगवान शिव की नाभि की पूजा की जाती है।

*तुंगनाथ मंदिर-* पंचकेदारों में तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर समुद्रतल से 12070 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। ऊखीमठ सड़क से 30 किमी की दूरी पर चोपता पर्यटक स्थल से 3.50 किमी की पैदल मार्ग से यहां पहुंचा जा सकता है। यहां के अन्य मंदिरों में भूतनी देवी एवं भैरोनाथ मंदिर हैं। मंदिर से कुछ ही दूरी पर चंद्रशिला मंदिर है। मंदिर के निकट ही रावण शिला भी है। यह मान्यता है कि लंकापति रावण ने इस शिला पर तपस्या की थी। इस स्थान से नंदा देवी, पंचाशूली, गंधमादन, द्रोणांचल, केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री की हिमाच्छादित हिम श्रृंखलाएं अनुपम छटा बिखेरती हुई श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करती है। यहां भगवान शिव की भुजाओं की पूजा की जाती है।

*ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ-* रुद्रप्रयाग से 42 किमी दूर ओंकारेश्वर शिव का प्रसिद्ध मंदिर है। पौराणिक मान्यता के अनुसार मंदिर का निर्माण आदि गुरू शंकराचार्य के द्वारा कराया गया। यह मंदिर ऊषामठ परिसर में स्थित है। ऐसा कहा जाता है कि बाणासुर की पुत्री ऊषा का विवाह इसी स्थान पर हुआ था। मंदिर के नीचे विवाह स्थल की बेदी अभी भी है। शीतकाल में भगवान केदारनाथ तथा द्वितीय केदारनाथ मध्यमहेश्वर यहीं विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देते हैं।

*गुप्तकाशी विश्वनाथ मंदिर-* विश्वनाथ मंदिर रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग गुप्तकाशी में स्थित है। प्रचलित मान्यता के अनुसार (गुप्त वाराणसी) तीन काशियों-वाराणसी (काशी) उत्तरकाशी और गुप्तकाशी में से एक है। मंदिर नागर शैली में निर्मित है। किंवदती के अनुसार भगवान शिव ने यहां पर गुप्तवास किया था। मंदिर के पास ही अर्द्धनारेश्वर मंदिर, चंद्रशेखर महोदव मंदिर और पांडवों की मूर्तियां दर्शनीय हैं।

*रुद्रनाथ मंदिर रुद्रप्रयाग-* अलकनंदा और मंदाकिनी नदी के संगम स्थल पर प्राचीन रुद्रनाथ मंदिर स्थित है। पास ही देवी पार्वती की प्राचीन मूर्ति है। मंदिर परिसर में शिव और लक्ष्मी नारायण मंदिर भी हैं। स्कंद पुराण केदारखंड के अनुसार इस स्थान पर एक पाद होकर महर्षि नारद की तपस्या से प्रसन्न होकर रुद्र ने उन्हें दर्शन देकर संगीत के रागों का ज्ञान दिया था।

*कोटेश्वर महादेव मंदिर-* रुद्रप्रयाग मुख्यालय से 2 किमी उत्तर-पूर्व की ओर अलकनंदा तट पर कोटेश्वर नामक अति प्राचीन मंदिर अवस्थित है। मंदिर के समीप प्राचीन गुफा है जिसके भीतर स्फटिक के कई शिवलिंग विराजमान हैं। स्थानीय मान्यता के अनुसार विद्या प्राप्ति, ऐश्वर्य प्राप्ति, सन्तति की कामना लेकर शिवरात्रि और श्रावण मास में इस मंदिर में शिवार्चन सकल मनोरथ पूर्ण करने वाला है। कोटि शिवलिंग की उत्पत्ति के कारण इस स्थान का नाम कोटेश्वर पड़ा।

*कार्तिक स्वामी मंदिर-* रुद्रप्रयाग-दशज्यूला-कांडई मोटर मार्ग पर कनकचैरी से 3 किमी ऊंचाई पहाड़ी पर शिवपुत्र कार्तिकेय का भव्य मंदिर है। यहां पर कार्तिकेश्वर महादेव मंदिर, भैरोंनाथ, हनुमान तथा ऐड़ी आछरियों के मंदिर हैं। यहां से चैखंभा पर्वत श्रृंखला केदारनाथ, सुमेरू पर्वत श्रृंखला, नंदा देवी, गंगोत्री पर्वत श्रृंखला का दृश्य दर्शनीय है।

*त्रियुगीनारायण मंदिर-* सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण मोटर मार्ग पर त्रियुगीनारायण का मंदिर है। यह शैव और वैष्णव दोनों सम्प्रदायों की आस्था का केंद्र है। स्थानीय मान्यता के अनुसार सतयुग में यहां शिव-पार्वती का विवाह हुआ था, तब से प्रज्वलित अग्नि (धूनी) अभी तक निरंतर जल रही है।

*जाख देवता मंदिर-* रुद्रप्रयाग-गुप्तकाशी मोटर मार्ग पर नारायणकोटि से लगभग 3 किमी की दूरी पर जाख देवता का मंदिर स्थित है। जाख यानि यक्ष देवता के मंदिर में वैशाख माह में मेला लगता है। जिसमें देवता का अवतारी (पश्वा) व्यक्ति दहकते अंगारों के ऊपर चलता है।

*अगस्त्यमुनि मंदिर-* रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंदाकिनी नदी के तट पर अगस्त्यमुनि में महर्षि अगस्त्य का प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर में महर्षि की प्रतिमा पाये के नीचे स्थित है। मंदिर के पास ही अगस्त्य धोंधा जी की प्रतिमा भी है।

वसुकेदार-वसुकेदार अगस्त्यमुनि-डडोली-गुप्तकाशी मोटर मार्ग पर बसा है। कहा जाता है कि इस स्थान पर भगवान शंकर ने एक रात्रि निवास किया था, इसीलिए इस स्थान को वसुकेदार कहते हैं। यहां पर शंकर भगवान का विशाल मंदिर है तथा केदारनाथ के दर्शनों का फल भक्तों को मिलता है। यह अत्यंत रमणीक स्थान है।

*काली शिला मंदिर-* रुद्रप्रयाग-कालीमठ मोटर मार्ग पर काली शिला मंदिर कालीमठ से लगभग 06 किमी पूरब की ओर खड़ी चढ़ाई चढ़कर व्यूंखी गांव के ऊपर है। प्रचलित मान्यता के अनुसार इस शिला पर 64 यंत्र हैं जिनमें शक्ति पुंज पैदा होते हैं। स्थानीय मान्यता के अनुसार ब्रह्मा जी से वरदान पाकर गर्वित असुर रक्त बीज के विनाश के लिए देवी दुर्गा इसी शिला पर महाकाली के रूप में अवतरित हुई थी तथा महाकाली के रूप में उन्होंने अपना विशाल आकृति का मुंह फैलाकर रक्त बीज के रक्त को चाटना शुरू किया ताकि अन्य रक्त बीज पैदा न हो, इस तरह रक्तबीज का अंत हुआ था।

*कालीमठ सिद्धपीठ-* उत्तराखंड के प्रमुख सिद्धपीठ में कालीमठ प्रसिद्ध है। रुद्रप्रयाग-गुप्तकाशी मोटर मार्ग पर गुप्तकाशी से 10 किमी की दूरी पर नागर शैली में निर्मितहै। यहां पर महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती के मंदिर के अलावा हर गौरी मंदिर, भैरव मंदिर, मातंग शिला प्रमुख है। कालीमठ मंदिर से डेढ किमी दूरी पर महाकवि कालीदास का जन्म स्थान कविल्ठा भी स्थित है।

*हरियाली देवी-* नगरासू-डांडाखाल मोटर मार्ग पर जसोली गांव में हरियाली देवी मंदिर प्रसिद्ध सिद्धपीठों में एक है। जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग से लगभग 39 किमी0 पर अवस्थित इस सिद्धपीठ के विषय में प्राचीन मान्यता है कि इस मंदिर में श्रद्धापूर्वक मां की पूजा-अर्चना करने से मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

*मैठाणा देवी-* तिलवाड़ा-सौंराखाल मोटर मार्ग पर भरदार पट्टी में घेंघड़खाल से 5 किमी दूरी पर मैठाणा देवी का प्रसिद्ध मंदिर है। दशहरे के अवसर पर यहां पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।

 

हाईकोर्ट ने राजस्व पुलिस व्यवस्था को समाप्त करने के दिए निर्देश

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नैनीताल-  उच्च न्यायालय ने राजस्व पुलिस व्यवस्था(रिवेन्यू पुलिस) समाप्त करने संबंधी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिका को निस्तारित किया और सरकार से कहा कि एक वर्ष में पूरे प्रदेश में रेगुलर पुलिस की व्यवस्था कर रिपोर्ट न्यायालय को सौंपे।

मुख्य न्यायधीश रितु बाहरी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खण्डपीठ से आज राज्य सरकार ने कहा कि उन्होंने कई क्षेत्रों में रेगुलर पुलिस की व्यवस्था कर दी है और अन्य क्षेत्रों में इस व्यवस्था को लागू करने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। वर्ष 2004 में सुप्रीम कोर्ट ने नवीन चन्द्र बनाम राज्य सरकार केस में इस व्यवस्था को समाप्त करने की आवश्यकता समझी थी। इसमें कहा गया कि राजस्व पुलिस को सिविल पुलिस की तरह ट्रेनिंग नहीं दी जाती हैं और न ही राजस्व पुलिस के पास आधुनिक साधन, कम्प्यूटर, डी.एन.ए.और रक्त परीक्षण, फोरेंशिक जाँच, फिंगर प्रिंट जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन सुविधाओं के अभाव में अपराध की समीक्षा करने में बड़ी परेशानियां होती है। न्यायालय ने यह भी कहा था कि राज्य में एक समान कानून व्यवस्था हो, जो नागरिकों के पाई लाभदायक हो। उच्च न्यायलय ने भी इस सम्बंध में सरकार को वर्ष 2018 में कई दिशा निर्देश दिए थे, लेकिन उस आदेश का पालन सरकार ने नहीं किया।

जनहित याचिका में न्यायालय से अनुरोध किया गया कि पूर्व में दिए आदेश का अनुपालन करवाया जाए। याचिकाकर्ता देहरादून के कृष्णा विहार लाइन न. एक की समाधान 256 संस्था है।

ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना में बडी उपलब्धि खांकरा से डुंगरीपंथ के बीच पांच किमी एस्केप टनल का ब्रेक थ्रो।

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*ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना में बडी उपलब्धि*

*खांकरा से डुंगरीपंथ के बीच पांच किमी एस्केप टनल का ब्रेक थ्रो*

केंद्र सरकार के ड्रीम प्रोजक्ट ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना में अब एक और एस्केप टनल का ब्रेक थ्रो हुआ है। खांकरा से डूंगरीपंथ के बीच पैकेज 7ए में लगभग पंाच किमी की एस्केप टनल का ब्रेक थ्रो हो चुका है। पैकज 7ए पूरी परियोजना में पहला पैकेज जिसकी ऐस्केप टनलों का सबसे पहले ब्रेक थ्रो हुआ।
वरिष्ठ महाप्रबंधक राजेश कुमार ने उक्त जानकारी देते हुए अवगत कराया है कि पहाड़ में रेल दौडने का सपना जल्द धीरे-धीरे साकार होता जा रहा है। उन्होंने बताया कि 125 किमी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में एक के बाद एक टनल तैयार हो रही है। गत सोमवार को एक और बडी एस्केप टनल का बे्रेक थ्रो किया गया। पैकजे-7ए में आरबीएनएल अंतर्गत कार्य कर रही मैक्स एचईएस की टीम में लगभग पाच किमी की ऐस्केप टनल का ब्रेक थ्रो कर दिया है। आपको बता दें कि ऋषिकेश से कर्णप्रयाग क बीच 9 पैकेज में कार्य चल रहा हैं और पैकज-7ए पर ही सबसे पहले 2.0 किमी की एस्केप व मेन टनल का ब्रेक थ्रो किया और दूसरी एस्केप जो कि 5.1 किमी है उसक कल ब्रेक थ्रो हुआ है। पैकेज-7ए पर कार्य कर रही। उन्होंने बताया कि उनके पास 7.096 किमी टनल का निर्माण कार्य, जो बहुत तेजी से चल रहा है। ऐस्केप टनल पूरी ब्रेक थ्रो हो चुकी है और मेन टनल का ब्रेक थ्रो जल्द ही हो जाएगा। वहीं मैक्स इंफ्रा आई प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के एच आर राजेंद्र भंडारी ने बताया कि आरबीएनएल, जिला प्रशासन के साथ ही स्थानीय जनता के सहयोग से ही इतनी तेजी से कार्य चल रहा है और पूरा प्रयास किया जा रहा है जल्द से जल्द परियोजना तैयार हो और जनता को इसका लाभ मिले।

 

द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले, सैकड़ों भक्तों ने किए दर्शन।

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मद्दमेश्वर।।पंच केदारों में द्वितीय केदार के नाम से विश्व विख्यात व सुरम्य मखमली बुग्यालों के मध्य बसे भगवान मद्महेश्वर के कपाट वेद ऋचाओं व मंत्रोच्चारण तथा सैकड़ों भक्तों की मौजूदगी में शुभ लग्नानुसार ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये गये हैं। कपाट खुलने के पावन अवसर पर सैकड़ों भक्तों ने पूजा – अर्चना व जलाभिषेक कर विश्व शान्ति व समृद्धि की कामना की।

कपाट खुलने के पावन अवसर पर पुष्प सेवा समिति ऋषिकेश के द्वारा दूसरी बार भगवान मद्महेश्वर के पावन धाम को आठ कुन्तल फूलों से सजाया था! भगवान मद्महेश्वर के कपाट खुलते ही यात्रा पड़ावों पर रौनक लौटने लगी है। सोमवार को ब्रह्म बेला पर गौण्डार गाँव में मद्महेश्वर धाम के प्रधान पुजारी टी गंगाधर लिंग ने पंचाग पूजन के तहत अनेक पूजायेंं सम्पन्न कर भगवान मद्महेश्वर सहित तैतीस कोटी देवी – देवताओं का आवाहन किया! ठीक 5 प्रातः बजे भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली का भव्य श्रृंगार कर आरती उतारी तथा भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली गौण्डार गाँव से कैलाश के लिए रवाना हुई। भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली के कैलाश रवाना होने पर गौण्डार गाँव सहित विभिन्न यात्रा पड़ावों पर भक्तों ने पुष्प, अक्षत्रों से अगुवाई की तथा लाल-पीले वस्त्र अर्पित कर मनौती मांगी।

भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली ने विभिन्न यात्रा पड़ावों पर भक्तों को आशीर्वाद देते देव दर्शनी पहुंचकर विश्राम किया तथा 11: 05 बजे मद्महेश्वर धाम के भण्डारी मदन सिंह पंवार, विशाम्बर पंवार ने धाम से शंख ध्वनि देकर डोली को धाम आने का निमन्त्रण दिया तो डोली के साथ चल रहे भक्तों ने शंख ध्वनि देकर निमन्त्रण को स्वीकार किया तथा डोली धाम के लिए रवाना हुई। भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली ने मुख्य मन्दिर की तीन परिक्रमा कर सहायक मन्दिरों मे शीश नवाया तथा ठीक 11: 15 बजे भगवान मद्महेश्वर के कपाट वेद ऋचाओं व मंत्रोच्चारण के साथ ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये गये! कपाट खुलने के बाद पण्डित विनोद जमलोकी ने परम्परानुसार शुद्धिकरण यज्ञ किया तथा 355 भक्तों ने भगवान मदमहेश्वर के स्वयंभू लिंग पर जलाभिषेक कर विश्व शान्ति व समृद्धि की कामना की!

यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लेने पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड पहुंचे श्री केदारनाथ धाम।

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*पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड महोदय पहुंचे श्री केदारनाथ धाम*

*सुरक्षा व्यवस्थाओं व यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लेकर दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश*

केदारनाथ।। रविवार कोअभिनव कुमार पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड महोदय श्री केदारनाथ धाम की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने हेतु पहुंचे। इस दौरान उनके द्वारा ड्यूटी पर नियुक्त पुलिस बल को श्रद्धालुओं के साथ सौम्य व्यवहार करने के निर्देश दिए गए। केदारनाथ धाम मन्दिर परिसर में 50 मीटर की दूरी पर वीडियोग्राफी एवं सोशल मीडिया रील्स बनाने वालों पर सख्ती करने के निर्देश दिए गए ताकि मन्दिर दर्शन के लिए आये श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है ऐसे में इस बात का ध्यान अवश्य रहे कि किसी भी प्वाइंट पर अनावश्यक भीड़ न हो। भीड़ प्रबन्धन एवं प्रभावी लाइन व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। केदारनाथ धाम में नियुक्त पुलिस बल बल के साथ संवाद स्थापित कर व उनकी ब्रीफिंग कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सभी को पूर्ण निष्ठा के साथ कर्तव्य निर्वहन करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड महोदय ने कहा कि आज चार धाम यात्रा के अन्तर्गत केदारनाथ धाम के कपाट खुले हुए आज दसवां दिन है। इस अवसर यात्रा व्यवस्थाओं को देखने मैं स्वयं आया था। इस बार अभी तक जो भीड़ आई है प्रतिदिन तीस हजार से भी अधिक श्रद्धालु दर्शन करके जा रहे हैं। निश्चित रूप से यहां पर जो भी मंदिर व्यवस्था से जुड़ी हुई सारी एजेंसियां हैं, बद्री केदार मंदिर समिति, जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ एसडीआरएफ, आईटीबीपी, स्वास्थ्य विभाग, पर्यटन विभाग, सूचना विभाग है, सारी टीमें जिस तालमेल के साथ कार्य कर रही हैं, एक बहुत अच्छा उदाहरण है। आने वाले दिनों में भीड़ के दबाव को देखते हुए हमारी कोशिश रहेगी कि यहां पर जो भी पुलिस व्यवस्था है, उसको और सुदृढ़ किया जाए जिससे यात्रियों के लिए हम और बेहतर से बेहतर व्यवस्था कर सकें।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डाॅ0 विशाखा अशोक भदाणे, पुलिस उपाधीक्षक केदारनाथ यात्रा अविनाश वर्मा, चौकी प्रभारी केदारनाथ मंजुल रावत सहित पुलिस, पीएसी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ क जवान मौजूद रहे

नाबालिग के गुमशुदा होने से थे परेशान, रुद्रप्रयाग पुलिस ने लौटायी मुस्कान…

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*नाबालिग के गुमशुदा होने से थे परेशान, रुद्रप्रयाग पुलिस ने लौटायी मुस्कान

खीमठ क्षेत्रान्तर्गत ओंकारेश्वर मंदिर एवं कस्बा ऊखीमठ में एक नाबालिग बालक जिसकी उम्र करीब 12 वर्ष अपने माता-पिता से बिछड़ गया था एवं घूम रहा था। उक्त बालक को सुरक्षा के दृष्टि से शीघ्र थाना ऊखीमठ में नियुक्त पुलिस कर्मियों द्वारा थाना ऊखीमठ में लाकर रात्रि में बच्चे की रहने व खाने की उचित व्यवस्था कर उक्त बच्चे के बारे में अपने स्तर से जानकारी की गई तो बच्चे द्वारा अपना नाम आर्यन अधिकारी बताया गया एवं अपना पूर्ण पता नहीं बता सका। प्रभारी निरीक्षक ऊखीमठ श्री मुकेश सिंह चौहान द्वारा नाबालिग किशोर के परिजनों की जानकारी हेतु दिशा-निर्देश दिये गये। नाबालिग किशोर के परिजनों के संबंध में निकटवर्ती थानों से जानकारी करने तथा अथक प्रयासों के उपरांत इसके परिजनों के बारे में जानकारी प्राप्त की गई तो ज्ञात हुआ कि उक्त बच्चा नेपाली मूल का है एवं इसके माता-पिता देवीधार, थाना गुप्तकाशी क्षेत्रान्तर्गत मजदूरी का कार्य करते हैं। परिजनों से संपर्क स्थापित किये जाने पर बालक के दादा को सूचना दी गयी कि वे अपने बालक को लेने आ जायें। पूर्ण जानकारी करने पर बालक का नाम आर्यन अधिकारी पुत्र मिदल अधिकारी उम्र 12 वर्ष निवासी जुमला, थाना कालीकोट नेपाल तथा हाल निवास देवीधार, खुमेरा, थाना गुप्तकाशी ज्ञात हुआ। पूर्ण तस्दीक करने के उपरांत उक्त नाबालिग बालक को उसके दादा जी श्री दान सिंह, पुत्र सुजीत सिंह निवासी उपरोक्त के सुपुर्द किया गया। अपने बालक को सकुशल व सुरक्षित पाकर उनके द्वारा रुद्रप्रयाग पुलिस का आभार प्रकट कर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया गया।