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Saturday, July 4, 2026
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उत्तराखण्ड में पहले चरण में होगा चुनाव,19 अप्रैल को पांचों सीटों पर होगा मतदान।

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*देहरादून*

*उत्तराखण्ड में पहले चरण में होगा चुनाव*

*19 अप्रैल को पांचों सीटों पर होगा मतदान*

लोकसभा चुनाव को लेकर आज भारतीय निर्वाचन आयोग ने चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। उत्तराखंड में पहले चरण में 19 अप्रैल को पांचों सीटों पर मतदान होगा। वहीं, चार जून को मतगणना होगी।

बता दें कि 2019 में भी उत्तराखंड में पहले चरण में ही 11 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। तब कुल 57.09 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। यह आंकड़ा वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव की तुलना में कम था। नैनीताल संसदीय क्षेत्र में सबसे अधिक 66.39 प्रतिशत और पौड़ी में सबसे कम 48.78 प्रतिशत मतदान हुआ था। जबकि 2014 में 62.15 प्रतिशत मतदान हुआ था।

*भाजपा पांचों सीटों पर घोषित कर चुकी प्रत्याशी*

बता दें कि, उत्तराखंड में पांच लोकसभा सीट हैं। चुनाव के लिए भाजपा पांचों सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। टिहरी गढ़वाल सीट से माला राज्यलक्ष्मी शाह, नैनीताल सीट से अजय भट्ट और अल्मोड़ा सीट से अजय टम्टा को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, पौड़ी गढ़वाल सीट पर सांसद व पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी और हरिद्वार से पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत पर दांव लगाया है।

*कांग्रेस तीन सीटों पर घोषित कर चुकी उम्मीदवार*

कांग्रेस ने उत्तराखंड की तीन लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। टिहरी गढ़वाल सीट से जोत सिंह गुनसोला, पौड़ी सीट से गणेश गोदियाल और अल्मोड़ा से प्रदीप टम्टा पर दांव खेला गया है। दो सीटों पर अभी भी सस्पेंस बना है।

*उत्तराखंड में मतदाता*

83,37066 कुल मतदाता
4361360 पुरुष मतदाता
3975134 महिला मतदाता
286 ट्रांसजेंडर मतदाता

गढ़वाल लोकसभा सीट पर सबसे ज्यादा सर्विस मतदाता

टिहरी- 12,876
गढ़वाल- 34,963
अल्मोड़ा- 29,157
नैनीताल- 10,616
हरिद्वार- 5,745

नलगांव-कफोली-बमियाला निर्माणाधीन मोटर मार्ग पर एक मैक्स टैक्सी वाहन हुआ दुर्घटनाग्रस्त, एक व्यक्ति की मौत 12 अन्य घायल।

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चमोली- ।।शुक्रवार दोपहर को नारायणबगड़ के नलगांव-कफोली-बमियाला निर्माणाधीन मोटर मार्ग पर एक मैक्स टैक्सी वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर खाई में गिर गया। जिसमें 13 लोग घायल हो गए। एक घायल ने अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में दम तोड़ दिया।जबकि गंभीर रूप से घायल दो लोगों को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। बताया गया कि सभी लोग अंत्येष्टि से गांव लौट रहे थे कि रास्ते में ये हादसा हो गया।

शुक्रवार को कफोली गांव में एक वृद्ध महिला की मौत हो गई थी।उनकी अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए कफोली और गण्डीक के लोग नलगांव घाट पर आए हुए थे.अंतिम संस्कार करने के बाद कुछ लोग मैक्स टैक्सी से वापस गांव लौट रहे थे कि रास्ते में वाहन अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा। वाहन में चालक समेत 13 लोग सवार थे जो कि घायल हो गए। सभी घायलों को ऐम्बुलेंस से उपजिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग ले जाया गया। बताया जा रहा है कि इनमें से एक घायल रघुवीर सिंह(60)पुत्र गबरसिंह ग्राम कफोली की अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो गई।

अस्पताल के एमरजेंसी मेडिकल आफिसर डा विवेक नौटियाल ने बताया कि गंभीर रूप से घायल दिनेश सिंह (45)पुत्र बागसिंह (गण्डीक),जयवीर सिंह(49)पुत्र रूपसिंह (कफोली)को प्राथमिक उपचार देने के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।अन्य घायलों में बलवीरसिंह (30),धर्मेंद्र सिंह (35),उमेदसिंह(62),राजेंद्र सिंह(50))सभी गण्डीक गांव के और दयालसिंह(65),मनवीरसिंह(51),रघुवीर सिंह(58),सचिन(24),चालक कुलदीप(58),दिव्या गुसाईं(18)सभी कफोली गांव के और प्रवीन खत्री(34)नारायणबगड़ का उपचार कर्णप्रयाग में किया जा रहा है।

श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने किया जिलाधिकारी सौरभ गहरवार की प्रेसवार्ता का बहिष्कार।

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रूद्रप्रयाग। रूद्रप्रयाग में लगातार दूसरी बार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने जिलाधिकारी की प्रेसवार्ता का बहिष्कार किया। पत्रकारों का मानना है कि जबसे जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग में आये हैं तब से पत्रकारों का भारी उत्पीड़न किया जा रहा है। सरकारी कार्यों में कैसे पारदर्शिता रहे इसका अनुमान इस से लगाया जा सकता है कि जिलाधिकारी ने रूद्रप्रयाग में कार्यभार करने के बाद अब तक एक बार भी जनपद के सक्रिय पत्रकारों से एक औपचारिक मुलाकात तक नहीं की। जबकि सूचना विभाग के माध्यम से करीब तीन माह पूर्व पत्रकारों द्वारा जो बिन्दु जिलाधिकारी को भेजे थे उन पर भी अमल नहीं हुआ है। लिहाजा श्रमजीवी पत्रकार संगठन ने जिलाधिकारी की प्रेसवार्ता का पूर्णत: बहिष्कार किया है, जिसमें संगठन का कोई भी पत्रकार जिलाधिकारी की प्रेसवार्ता में नहीं पहुंचा।

श्रमजीव पत्रकार यूनियन के जिला अध्यक्ष नरेश भट्ट के आवाह्न पर सभी पत्रकार साथियों द्वारा 15 मार्च को होने वाली जिलाधिकारी की प्रेसवार्ता का बहिष्कार किया गया। हालांकि इससे पूर्व 4 मार्च को भी जिलाधिकारी ने प्रेसवार्ता रखी थी जिनमें आगामी लोकसभा सामान्य निर्वाचन को लेकर जानकारी दी जानी थी किन्तु श्रमजीवी पत्रकार संगठन ने इसका भी बहिष्कार किया। इसके बाद आज 15 मार्च को जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने पुनः प्रेसवार्ता रखी किन्तु संगठन ने फिर से बहिष्कार का निर्णय लिया।

संगठन के पत्रकारों का मानना है कि जिलाधिकारी द्वारा जनपद में पत्रकारों का भारी उत्पीड़न किया जा रहा है जबकि पूर्व से चली आ रही परम्पराओं को भी तोड़ा गया है। पत्रकारों ने कहा पहले से परंपरा थी कि जिले में हर माह प्रेस वार्ता होती थी जिनमें विभिन्न जन समस्याओं, सरकारी योजनाओं पर चर्चा और उनका समाधान होता था किंतु लम्बे समय से पत्रकार वार्तायें ही नहीं हुई। इससे यह भी संदेह होता है कि जिलाधिकारी नहीं चाहते कि पत्रकार उनके सामने जन समस्याएं रखे। ताकि अधिकारियों के सामने कोई जन समस्या आए ही नहीं और उन्हें सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने की खुली छूट मिले, जबकि पहले हर 3 महीने में प्रेस सम्मेलन होते थे जिनमें प्रत्येक विभाग प्रेस के सामने अपने-अपने विभागों की योजनाओं का भौतिक एवं वित्तीय प्रदर्शन दिखता था ताकि पारदर्शिता बनी रहे और योजनाओं में भ्रष्टाचार ना हो और जनता को उसका लाभ मिले लेकिन यह परंपरा भी समाप्त कर दी गई है। जबकि जिलाधिकारी सौरभ गहरवार के कार्यभार संभालने से अब तक एक भी प्रेस वार्ता नहीं हुई है।

अब क्योंकि लोकसभा चुनाव एवं केदारनाथ यात्रा की तैयारी सर पर हैं और प्रशासन की हर बार की तरह आधी अधूरी तैयारियां मीडिया की सुर्खियों में न रहे इसलिए प्रशासन द्वारा लगातार प्रेस वार्ता रखी जा रही हैं ऐसे में श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने जिलाधिकारी की प्रेस का बहिष्कार किया है और कहा है कि पूर्व में प्रभारी सूचना अधिकारी के माध्यम से जो बिन्दु पत्रकारों ने जिलाधिकारी को भेजे थे उन पर क्या कार्यवाही हुई उसका जवाब लिखित में दे उसी के बाद ही आगे बात होगी। हालांकि पूर्व में सूचना विभाग के माध्यम से पूर्व में कहीं बार प्रशासन और प्रेस के बीच भारती खाई को पाटने के लिए सुझाव भेजे गए किंतु जिलाधिकारी  द्वारा पत्रकारों की सुझावों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया। ऐसे में श्रमजीवी पत्रकार संगठन में भारी रोष व्याप्त है। पत्रकारों ने कहा कि आने वाले दिनों में प्रशासन की सभी खबरों और कार्यक्रमों का बहिष्कार किया जाएगा।
इस अवसर पर श्री श्यामलाल सुन्दरियाल, हरेंद्र नेगी, देवेंद्र चमोली, बद्री नौटियाल, बृजेश भट्ट, विनय बहुगुणा, विक्रम कप्रवाण, रवि कप्रवाण, अनसूया प्रसाद मलासी, ओम प्रकाश बहुगुणा, डॉ सुरेश गोदियाल ,नरेश भट्ट, कुलदीप राणा आजाद, प्रदीप सेमवाल, भूपेंद्र भण्डारी, प्रकाश रावत ,सतीश भट्ट,रामरतन पंवार आदि ने जिलाधिकारी की प्रेस का बहिष्कार किया।

उत्तराखंड में आईपीएस अधिकारियों के हुए तबादले।

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देहरादून।।उत्तराखंड में चार आइपीएस अफसरों का तबादला कर दिया गया है। पत्रकार आशुतोष नेगी केस की मिस हेंडलिंग के बाद पौड़ी की एसएसपी श्वेता चौबे पर गाज गिरी है और उन्हें पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया है। वहीं अब तक पिथौरागढ़ में बतौर पुलिस कप्तान काम कर रहे लोकेश्वर सिंह को पौड़ी का एसएसपी बनाया गया। जबकि चमोली में एसपी पद पर तैनात रेखा यादव पिथौरागढ़ की एसपी बनाई गईं हैं। उनकी जगह सर्वेश पंवार को एसपी चमोली का जिम्मा सौंपा गया है।

धामी सरकार का बड़ा फेरबदल, 3 आईएएस 6 पीसीएस और एक सचिवालय सेवा के अधिकारी का हुआ ट्रांसफर,।

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धामी सरकार का बड़ा फेरबदल,

3 आईएएस 6 पीसीएस और एक सचिवालय सेवा के अधिकारी का हुआ ट्रांसफर,

आईएएस हरीश चंद सेमवाल से सचिव मानवाधिकार आयोग हटाया गया,

आईएएस दीपेंद्र चौधरी को सचिव मानवाधिकार आयोग बनाया गया,

आईएएस आशीष भटगई को निदेशक प्रशासन पंतनगर कृषि विश्व विद्यालय की जिमेदारी दी गई,

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सचिवालय सेवा के अतर सिंह से अपर सचिव गृह हटाया गया

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पीसीएस नसीर को संयुक्त निदेशक आरएस टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी नैनीताल बनाया गया

पीसीएस पंकज उपाध्याय को सचिव जिला विकास प्राधिकरण उधनसिंह नगर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया,

पीसीएस दिनेश प्रताप सिंह को प्रधान प्रबंधक चीनी मील नादेडी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया

पीसीएस जितेंद्र कुमार को नगर आयुक्त नगर निगम रुड़की बनाया गया

पीसीएस विजय नाथ को डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार से हटाकर सचिव जिला विकास प्राधिकरण नैनीताल और एम डी केएमवीएन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया

पीसीएस कोस्तूभ मिश्र से सचिव जिला विकास प्राधिकरण उधमसिंह नगर का अतिरिक्त प्रभारी हटाया गया,

उत्तराखंड की राजनीति से आज की बड़ी खबर, भाजपा की दूसरी सूची में हरिद्वार लोकसभा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पौड़ी गढ़वाल से अनिल बलूनी को बनाया प्रत्याशी।

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देहरादून

उत्तराखंड के राजनीति से आज की बड़ी खबर,

भाजपा की दूसरी सूची में उत्तराखंड की दो सीटों पर भाजपा ने प्रत्याशी के घोषित,

  1. हरिद्वार लोकसभा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को उतारा गया चुनाव मैदान में,

पौड़ी लोकसभा सीट पर पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी लड़ेंगे चुनाव,

डॉक्टर आनंद सिंह बोरा ने 7साल बाद फिर की भाजपा में वापसी।

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रुद्रप्रयाग ।।जनपद रुद्रप्रयाग चर्चित सर्जन डॉ बोरा ने एक बार फिर से भाजपा की सदस्यता ली है।प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने डॉक्टर बोरा को भाजपा की घर बापसी करवाई है ।डॉक्टर बोरा 10 वर्ष पूर्व भाजपा के जिलाध्यक्ष भी रह चुके है इनके द्वारा भाजपा संघटन को मजबूत करने के लिए जनपद के सभी गांवों में मेडिकल कैम्प लगा कर जन जन तक भाजपा को मजबूती प्रदान करने के लिए लोगो के बीच अपनी गहरी पेंठ बनाई हुई थी ।लेकिन 2017 में रुद्रप्रयाग विधान सभा के विधायक टिकट के प्रबल दावेदार होने के बाद भी टिकट नही मिला और भाजपा की सदस्यता छोड़ दी।और सम्पूर्ण समय अपने नर्सिंग होम को दे कर मरीजो की सेवा करने लगे। लम्बे समय अंतराल से भाजपा से दूर रहने के बाद आज रुद्रप्रयाग भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर सिंह पंवार के प्रयास से भाजपा प्रदेश मुख्यालय में फिर से भाजपा सदस्यता ग्रहण कर ली।डॉक्टर बोरा के भाजपा ज्वाइन करने से रुद्रप्रयाग भाजपा को अधिक मजबूती मिलेगी।

राष्ट्रपति ने दी उत्तराखंड सिविल कोड बिल को मंजूरी, समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य*

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*राष्ट्रपति ने दी उत्तराखंड सिविल कोड बिल को मंजूरी, समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य*

राष्ट्रपति ने दी उत्तराखंड सिविल कोड बिल को मंजूरी, समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य

  1. *उत्तराखंड में लागू होगा कॉमन सिविल कोड*

उत्तराखंड सरकार के समान नागरिक संहिता बिल को राष्ट्रपति से मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी को उत्तराखंड की बीजेपी सरकार को एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। महज 18 माह के भीतर ही सत्ता संभालने के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले में पहल करते हुए कमेटी गठित करते हुए शुरुआत सरकार बनते ही कर दी थी। समिति द्वारा दिए गए समान नागरिक संहिता मसौदे को सरकार ने उत्तराखंड विधानसभा में पिछले माह 6 फरवरी को रखा था, जिसे पास कर दिया गया था। राज्यपाल की मंजूरी के बाद इस बिल को स्वीकृत होने के लिए राष्ट्रपति को भेजा गया था। जिसे आज मंजूर कर लिया गया, समान नागरिक संहिता कानून लागू करने वाला उत्तराखंड देश में पहला राज्य बन गया है।

समान नागरिक संहिता का मतलब है कि देश में रहने वाले सभी नागरिकों (हर धर्म, जाति, लिंग के लोग) के लिए एक ही कानून होना। अगर किसी राज्य में सिविल कोड लागू होता है तो विवाह, तलाक, बच्चा गोद लेना और संपत्ति के बंटवारे जैसे तमाम विषयों में हर नागरिकों के लिए एक से कानून होगा। संविधान के चौथे भाग में राज्य के नीति निदेशक तत्व का विस्तृत ब्यौरा है, जिसके अनुच्छेद 44 में कहा गया है कि सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करना सरकार का दायित्व हो गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति द्वारा समान नागरिक संहिता को मंजूरी दिए जाने का स्वागत और आभार प्रकट किया है

सीएम धामी के गोपेश्वर पहुंचने से पूर्व ही कांग्रेस ने किया जोरदार प्रदर्शन।

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सीएम धामी के गोपेश्वर पहुंचने से पूर्व ही कांग्रेस ने किया जोरदार प्रदर्शन।लगाए हो बेक के नारे

बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में हुई आपसी झड़प

पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर बेज़ा अस्थाई जेल

अंकिता हत्याकांड, अग्निवीर योजना , सहित तमाम मांगों को लेकर किया प्रदर्शन।

सीएम दौरे के मद्देनजर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था।

कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के प्रत्याशियों की घोषणा ,उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीटों में से तीन पर उतारे प्रत्याशी।

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कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के प्रत्याशियों की घोषणा

उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीटों में से तीन पर उतारे प्रत्याशी

पौड़ी से गणेश गोदियाल,टिहरी से जोत सिंह गुनसोला,

अल्मोड़ा से प्रदीप टम्टा बने प्रत्याशी

कांग्रेस ने प्रत्याशियों की सूची की जारी

नैनीताल हरिद्वार सीट पर सस्पेंस बरकरार