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Sunday, July 5, 2026
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17 वर्षो बाद तल्लानागपुर के क्वीली गांव में पातबीड़ा महोत्सव का शुभारंभ हुआ।

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रुद्रप्रयाग ।जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखण्ड अगस्त्यमुनि के तल्लानागपुर क्षेत्र के क्वीली गांव में 17 वर्षों बाद पातबीड़ा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। हिमालय के लघु महाकुंभ के नाम से विख्यात पातबीड़ा महोत्सव का शुभारंभ ग्राम क्वीली के श्री नंदा देवी मंदिर में पूजा अर्चना के साथ किया गया। 25 अगस्त तक चलने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन ग्राम क्वीली, कुरझण और बड़कोटी के ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से हो रहा है। भाद्रपद संक्रांति से शुरू हुए इस कार्यक्रम में दुर्वाअष्टमी के दिन होने वाला डाली कौथिक विशेष रूप से पूरे क्षेत्र के नंदा भक्तों के बीच विख्यात है। भाद्रपद संक्रांति के दिन गुरुवार को ब्राह्मणों ने बिधिवत पूजा अर्चना, हरियाली रोपण के साथ – अनुष्ठान का शुभारंभ कर दिया गया है। इससे पूर्व ग्राम कुरझण और बड़कोटी के नंदा भक्त इस अनुष्ठान मे सम्मिलित होने के लिए ढोल दमाऊं और भंकोरियों के साथ श्री नंदा देवी मंदिर क्वीली में पहुंचे। ग्रामीणों ने सभी नंदा भक्तो और क्षेत्रपाल भेलद्यौ देवता के पश्वा का विधिवत फूल मालाओं एवं गांव की महिलाओं ने जागर गायन के साथ स्वागत किया। अनुष्ठान में शामिल होने के लिए प्रवासी ग्राम वासियों और क्षेत्र के नंदा भक्तों का गांव पहुंचने का सिलसिला जारी है।

आयोजन के दूसरे दिन भगवती नंदा के दर पर माथा टेकने भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष महावीर सिंह पंवार भी पहुंचे। मंदिर पहुंचने पर उन्होंने आयोजन समिति की आरंभिक व्यवस्थाओं एवं कार्यक्रम के प्रचार प्रसार को लेकर अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त कीजिए। उन्होंने कहा कि हमारी खुद की कुलदेवी होने के कारण भगवती नंदा के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा है। इस अवसर पर उन्होंने आयोजन समिति को भरपूर सहयोग देने एवं समस्त जनपद वासियों को भगवती नंदा के पवित्र स्थल पर आकर आशीर्वाद प्राप्त करने का आह्वान किया। इस अवसर पर उनके साथ भारतीय जनता पार्टी मंडल अध्यक्ष श्री घनश्याम पुरोहित, पूर्व भाजपा जिला महामंत्री अजय सेमवाल, बुद्धि बल्लभ थपलियाल, सुनील नौटियाल आदि ने भी भगवती नंदा के मंदिर में पहुंचकर पूजा अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। बरसात के मौसम और गांव में प्रवासी ग्राम वासियों की बढ़ती हुई भीड़ के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग रुद्रप्रयाग की ओर से गांव में डॉक्टरों की टीम पहुंचकर निरंतर अपना योगदान दे रही है। आज दूसरे दिन भी स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों ने गांव में पहुंचकर लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण भी किया।

 

श्री नंदा देवी पातबीड़ा आयोजन समिति के मीडिया प्रभारी पंकज पुरोहित ने बताया की इस आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में क्षेत्र के भक्तों में उत्साह बना हुआ है। जैसे जैसे कार्यक्रम डाली कौथिग की तरफ बढ़ रहा है वैसे-वैसे प्रवासी ग्राम वासियों और क्षेत्रवासियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। देश प्रदेश से आ रही दियानी आपस मे मिल जुल कर अपनी बचपन की यादों को एक दूसरे से कहती है।आज दुनिया की आपाधापी में लोग अपनी संस्कृति को भूल रहे है ।लेकिन हमारे देवी देवता के जो जागते या धार्मिक अनुष्ठान होते है वो हमें मिलना में अहम होते है ।कार्यक्रम के दूसरे दिन श्री नंदा देवी मंदिर के पुजारी कृष्ण दत्त पुरोहित विद्वान आचार्यगण मोहन प्रसाद पुरोहित, विनोद पुरोहित, महेश पुरोहित, आनंद वर्धन पुरोहित, मुकेश पुरोहित, विनीत पुरोहित, ओम प्रकाश पुरोहित समिति के कोषाध्यक्ष जगदीश प्रसाद पुरोहित, सुभाष चंद्र पुरोहित, पवन पुरोहित अनुसूया प्रसाद पुरोहित, भूतपूर्व ग्राम प्रधान अरविंद पुरोहित, राकेश चंद्र पुरोहित, राधा कृष्ण पुरोहित, अमरदेव पुरोहित, शशि प्रसाद पुरोहित पीयूष आयुष, तरुण, मयंक, सहित अनेक ग्रामीण पुरुष और महिलाएं मौजूद रहे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अधिकारियों सख्त निर्देश, राज्य में संचालित केन्द्र पोषित योजनाओं के तहत केन्द्र सरकार से प्राप्त होने वाली धनराशि का विकास कार्यों में शत प्रतिशत खर्च किया जाए।

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देहरादून

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अधिकारियों सख्त निर्देश,

राज्य में संचालित केन्द्र पोषित योजनाओं के तहत केन्द्र सरकार से प्राप्त होने वाली धनराशि का विकास कार्यों में शत प्रतिशत खर्च किया जाए,

विभागाध्यक्ष एवं सचिव की जिम्मेदारी तय की जायेगी।

केन्द्र पोषित योजनाओं के तहत निगरानी के लिए शासन स्तर पर एक मॉनिटरिंग सेल बनाया जाय।

विभाग द्वारा केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजे जाने तथा प्रस्ताव पर स्वीकृति के बाद विभागों द्वारा किये जा रहे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाय।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में केन्द्र पोषित योजनाओं एवं बाह्य सहायतित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि केन्द्रपोषित योजनाओं के तहत योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए किसी भी विभाग को कोई समस्या आ रही है तो मुख्यमंत्री कार्यालय को समस्या से शीघ्र अवगत कराया जाय।समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर समाधान निकाला जायेगा।मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये कि विभिन्न विकास योजनाओं के तहत केन्द्र सरकार से धनराशि स्वीकृत होने के बाद फाइल अनावश्क रूप से शासन में लंबित न रहे।विभागीय सचिव अपने स्तर से स्वीकृत धनराशि जारी करें।मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र पोषित योजनाओं का राज्य को पूरा फायदा मिल सके, इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।सभी विभाग योजनाओं के सफल क्रियान्वयन की दिशा में अपनी ओर से बेस्ट परफार्मेंस दें।मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम्य विकास विभाग के तहत जिन केन्द्र पोषित योजनाओं के तहत कार्य हो रहे हैं, मार्च 2024 तक विभाग ने इसके लिए क्या प्लान बनाया है, वह प्लान प्रस्तुत किया जाए।

ऋषिकेश बद्रीनाथ हाईवे रतूड़ा में पलटा टेम्पो ट्रेवल, टेम्पो में सवार 7 लोगो को आई हल्की चोटे।

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ट्रेवल में 11 लोग थे सवार ,सात लोगो को आई मामूली चोटेटेम्पो।

देहरादून से चमोली थराली जा रहा था टेम्पो ट्रेवल।

रुद्रप्रयाग :ऋषिकेश बद्रीनाथ रष्ट्रीय राजमार्ग रतूड़ा में दोपर के सवा तीन बजे रतूड़ा इंटर कालेज के पास एक टेम्पो ट्रैवलर वाहन सड़क पर पलट गया जिसमें 11 लोग सवार थे ।वाहन में सवार 7 लोगो को हल्की चोटे आई है जिन्हें पुलिस बल के द्वारा अस्पताल में भर्ती करवाया गया ।

टेम्पो ट्रेवलर संख्या यूके 11 पीए 0152 सड़क पर पलट गया था, सूचना पुलिस कन्ट्रोल रूम को प्राप्त होने पर चौकी घोलतीर व कोतवाली रुद्रप्रयाग का पुलिस बल तथा फायर सर्विस रतूड़ा की टीमें तत्काल मौके पर पहुॅंची। राह चल रहे अन्य लोगों व स्थानीय लोगों के सहयोग से पुलिस व फायर सर्विस टीम द्वारा वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। इस वाहन में कुल 11 लोग सवार थे, जिनमें से 07 लोगों को हल्की चोटें आयी हैं, इनको पुलिस व फायर सर्विस के वाहन से जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भिजवाया गया है, सभी की स्थिति सामान्य है। यह वान देहरादून से थराली (जिला चमोली) के लिए जा रहा था। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुद्रप्रयाग ने स्वयं जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना।

जीर्ण शीर्ण स्कूलों के भवनों में पढ़ने को मजबूर है प्रदेश के नौनिहाल।

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रुद्रप्रयाग।उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के 23 वर्ष पूण होने व 24 वर्ष में हम लोग प्रवेश करने जा रहे हैं लेकिन उत्तराखण्ड के पहाड़ी जिलों में अध्यापकों की कमी व स्कूलों में भवनों का अभाव आज भी बना हुआ है आज भी ग्रामीण क्षेत्रो के बच्चे जर्जर व क्षतिग्रस्त भवनों में पढ़ने को विवश हो रखे है। सरकारें इन विद्यालयों की स्थिति सुधारने का प्रयास तो करती है लेकिन विभागीय बजट सीमित होने से जीर्ण शीर्ण व भवनों की हल्की मरम्मत करा कर ग्रामीणों को सन्तोष करवाना पड़ता है आज बात कर रहे है जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखण्ड जखोली के दूरस्थ राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोटबांगर की जंहा वर्तमान में 37 छात्र अध्यनरत है।इस विद्यालय की स्थापना वर्ष 1942 में हुई थी जिसके अंतर्गत पूर्व में कई गांव के बच्चे यंहा पढ़ा करते थे आज यह विद्यालय जर्जर हुए भवन की दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है ।ग्राम प्रधान कोटबांगर संजय सेमवाल द्वारा विद्यालय भवन के नव निर्माण को लेकर बीडीसी के माध्यम से जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग तक गुहार लगा चुके हैं लेकिन हर बार अधिकारी बजट कमी का अभाव होने का बहाना बना कर नए भवन निर्माण में रोड़ा बन जाते है इस विद्यालय से पढ़ने वाले छात्र आज देश विदेश से लेकर संस्कृत के वेदाचार्य निकले हैं लेकिन वर्तमान समय मे इस विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों का भविष्य संसाधनों के अभाव में अंधकारमय होने जा रहा है ।स्कूल का भवन कई जगह से क्षतिग्रस्त वभवन के ऊपर स्लेप (लेंडर) पर दरारें पड़ने से पूरा पानी कमरों में भर जाता है और अध्यापकों को बच्चों की पढ़ाई भवन के बरामदे में करवानी पड़ती है बरसाती सीजन में थोड़ी सी बारिश होने पर कमरों में बच्चों की किताबे खराब हो जाती है ।स्कूल के भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए कई बार तो अविभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय नही भेज पाते है।आज गांव की स्थिति ऐसी है जो लोग आर्थिक रूप से सम्पन है उन लोगो ने अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश करा दिया है मगर सीमित संसाधन वाले लोग इन्ही विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए मजबूर हो रखे है।विद्यालय भवन जीर्ण शीर्ण के सम्बंध में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी जितेंद्र बर्मा का कहना है की पूर्व में प्रधान कोट बांगर द्वारा विद्यालय की मरम्मत के सम्बंध में अवगत कराया गया था ।विभाग द्वारा विद्यालय की बृहद मरम्मत कार्य हेतु राज्य सेक्टर2022-2023 में प्रस्तावित किया गया है।जैसे ही बजट की स्वीकृत होगा विद्यालय की मरम्मत का कार्य करवा दिया जाएगा ।ऐसे में यदि  समय रहते शिक्षा विभाग द्वारा ऐसे जीर्ण शीर्ण  विद्यालयों की स्थिति में सुधार नही करवाया जाता तो भविष्य इनमें पढ़ने वाले नोनिहालो के साथ कोई बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है ।

उत्तराखंड पुलिस की संयुक्त वरिष्ठ सूची हुई जारी ,पुलिस मुख्यालय के कार्मिक महकमे में से जारी हुई सूची

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देहरादून

उत्तराखंड पुलिस की संयुक्त वरिष्ठ सूची हुई जारी ,

पुलिस मुख्यालय के कार्मिक महकमे में से जारी हुई सूची,

सूची को लेकर पुलिस महकमें के कर्मचारियों में असंतोष का भाव देखने को मिला,

एल आई यू कर्मी हो या सिविल पुलिस दोनो ही वरिष्ठता सूची से असंतुष्ट नजर आ रहे हैं,

जूनियर को सीनियर बनाने जैसे कई मामलों में वरिष्ठता की बड़ी अनदेखी हुई है ,

उत्तराखंड बीजेपी से आज की बड़ी खबर, भाजपा सोशल मीडिया के प्रदेश संयोजक नवीन ठाकुर ने जारी की सूची

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उत्तराखंड बीजेपी से आज की बड़ी खबर,

भाजपा सोशल मीडिया के प्रदेश संयोजक नवीन ठाकुर ने जारी की सूची,

लोकसभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश सोशल मीडिया समिति और लोकसभा सोशल मीडिया समिति की की गई घोषणा ,

भाजपा का सोशल मीडिया विभाग लोकसभा चुनावों की तैयारीयों मे जुटा ,


बागेश्वर विधान सभा के उप चूनाव में भाजपा ने एक बार फिर दिया परिवारवाद को बढ़ावा:

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां कांग्रस समेत कई राजनीतिक दलों को परिवारवाद को लेकर जमकर घेरने की कोशिश करते हैं, वही 15 अगस्त को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परिवारवाद को लेकर विपक्षी दलों पर हमला बोला, लेकिन उत्तराखंड में सच्चाई कुछ और भाजपा के लिए बयां करती है,

कांग्रेस के आरोपों में कुछ हद तक दम भी नजर आ रहा है क्योंकि मगनलाल शाह की पत्नी को भारतीय जनता पार्टी ने थराली उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया था, जो कि उत्तराखंड विधानसभा भी चुनाव जीतकर पहुंची तो वही प्रकाश पंत की पत्नी चंद्र पंत को भी पार्टी ने उपचुनाव में प्रत्याशी बनाया जो की विधानसभा पहुंची,सुरेंद्र सिंह जीना के भाई महेश जीना को भी उपचुनाव में पार्टी ने प्रत्याशी बनाया जो की चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं और 2022 में भी चुनाव जीत हासिल की है। हरबंस कपूर की पत्नी को भी पार्टी ने 2022 की विधानसभा चुनाव में टिकट दिया जो की कैंट विधानसभा सीट से विधायक है। इतना ही नहीं कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के पुत्र तो पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी की पुत्री रितु खंडूरी विधानसभा अध्यक्ष हैं,जो की परिवारवाद के उदाहरण हैं, सरकार के साथ महत्वपूर्ण पदों पर ही भाजपा से परिवारवाद के चलते नेता आगे नहीं बढ़े है,भाजपा संगठन में भी परिवारवाद के चलते कई नेता अहम पदों पर वर्तमान समय में भी विराजमान पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बच्ची सिंह रावत के पुत्र शंशाक रावत युवा मोर्चा के अध्यक्ष तो वहीं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कालाढूंगी से विधायक बंशीधर भगत के पुत्र विकास भगत भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता है जबकि उमेश अग्रवाल के पुत्र सिद्धार्थ अग्रवाल देहरादून महानगर के अध्यक्ष है। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की पुत्री नेहा जोशी भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं।
भारतीय जनता पार्टी पर परिवारवाद को लेकर इसलिए इस समय सवाल खड़े हो रहे हैं,क्योंकि बागेश्वर विधानसभा उपचुनाव में भी बीजेपी ने परिवारवाद को बढ़ावा देते हुए स्वर्गीय कैबिनेट मंत्री चंदन रामदास की पत्नी पार्वती दास को टिकट दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा परिवारवाद को लेकर विपक्षी पार्टियों पर जमकर हमले बोले जाते हैं,जब भी कोई चुनाव होता है विपक्षी दलों पर परिवारवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमला करने से नहीं चूकते हैं, लेकिन अगर बात उत्तराखंड की करें तो उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी पर ही परिवारवाद को बढ़ावा देने के आरोप लग रहे हैं,बागेश्वर विधानसभा उपचुनाव में जिस तरीके से स्वर्गीय कैबिनेट मंत्री चंदन रामदास की पत्नी पार्वती दास को टिकट मिला है,उसे कांग्रेस बीजेपी पर परिवारवाद को लेकर आरोप लगा रही है साथ ही कांग्रेस का कहना है कि उत्तराखंड में जितने भी उपचुनाव 2017 के बाद से हुए हैं सभी उपचुनावों में बीजेपी ने परिवार के सदस्यों को ही टिकट दिए है,उत्तराखंड राज्य क्षेत्रफल की दृष्टि से काफी छोटा है,और विधानसभा सीटों की संख्या भी 70 है,इस लिहाज से भी कई विधानसभा सीटें परिवारवाद के चलते भाजपा के उन नेताओं को टिकट नहीं मिलता है जो उसके हकदार होते हैं,लिहाजा परिवारवाद के चलते कई कार्यकर्ताओं का टिकट कट जाता है, जिसको लेकर कई बार मायूसी भी भाजपा नेताओं में देखने को मिलती है,लेकिन वह खुलकर अपनी बात कह नहीं पाते है।

केदारनाथ यात्रा मार्ग में किसी भी दशा में बीमार, घायल, कमजोर व बिना पंजीकरण के घोड़े-खच्चरों का संचालन न हो।

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यात्रा मार्ग में तैनात पशु चिकित्सक, सेक्टर अधिकारी, म्यूल टाॅस्क फोर्स निरंतर चैकिंग करते हुए घायल, बीमार एवं कमजोर व बिना पंजीकरण के घोड़े-खच्चरों का संचालन पाया जाता है तो संबंधित घोड़े-खच्चर के मालिक को नोटिस निर्गत किया जाए। यदि दूसरी बार घोड़े-खच्चर का संचालन करना पाया जाता है तो संबंधित मालिक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाए।

केदारनाथ यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोडे-खच्चरों की सुविधा के लिए केदारनाथ घोड़ा-पड़ाव में 40 लाख की लागत से रेन शेल्टर तैयार किया जाएगा।

रुद्रप्रयाग ;केदारनाथ यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोड़े-खच्चरों के साथ किसी भी प्रकार से कोई पशु क्रूरता न हो तथा पशु क्रूरता की रोकथाम के लिए जिलाधिकारी डाॅ. सौरभ गहरवार की अध्यक्षता में जिला कार्यालय कक्ष में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। जिसमें आॅनलाइन के माध्यम से प्रबंधक जी मैक्स, सेक्टर अधिकारी एवं पशु चिकित्सक भी जुड़े रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि केदारनाथ यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोड़े-खच्चरों के साथ किसी भी प्रकार से कोई क्रूरता न हो इसकी निरंतर निगरानी करने के निर्देश सेक्टर अधिकारियों, म्यूल टाॅस्क फोर्स एवं पशु चिकित्सकों को दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि यात्रा मार्ग में किसी भी दशा से घायल, बीमार, कमजोर व बिना पंजीकरण के घोड़े-खच्चर का संचालन न हो। चैकिंग अभियान के दौरान जो भी घायल व बिना पंजीकरण के घोड़े-खच्चर का संचालन किया जा रहा है तो इसकी जानकारी तत्काल जीमैक्स को उपलब्ध कराई जाए तथा संबंधित के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने प्रबंधक जी मैक्स को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोड़े-खच्चरों का पोर्टल पर पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जाए जिसमें घोड़े-खच्चर के मालिक का नाम सहित पूर्ण विवरण उपलब्ध हो। उन्होंने यह निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग में यदि किसी व्यक्ति द्वारा घायल एवं बीमार व बिना पंजीकरण के घोड़े-खच्चर का संचालन करना पाया जाता है तो उस घोड़े-खच्चर को यात्रा मार्ग से संचालन के लिए ब्लाॅक किया जाए। इसके साथ ही संबंधित मालिक के जो भी अन्य घोड़े-खच्चर संचालित हो रहे हैं उनको भी ब्लाॅक किया जाए। इसकी जानकारी संबंधित सेक्टर अधिकारियों को मोबाइल एप के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि जो उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि जो घोड़ा-खच्चर घायल एवं बीमार है उसका तब तक यात्रा मार्ग में संचालन न हो जब तक पशु चिकित्सक द्वारा उसका स्वस्थ होने का प्रमाण पत्र निर्गत न किया गया हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि घोड़ा-पड़ाव में घोड़े-खच्चरों की ठीक प्रकार से चैकिंग की जाए एवं वेट मशीन लगाने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोड़े-खच्चरों के लिए यदि कोई यात्री बीच रास्ते से घोड़े-खच्चर लेना चाहते हैं तो इसके लिए पैदल यात्रा मार्ग में पोर्टेबल व्यवस्था के लिए लगभग 8 स्थानों में उप जिलाधिकारी एवं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए जिसमें लगभग 5 से 10 घोड़े-खच्चरों की व्यवस्था की जा सके, जिसके लिए रेन शेल्टर भी तैयार किया जाएगा।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोड़े-खच्चरों की सुविधा के लिए केदारनाथ घोडा-पड़ाव में 40 लाख की लागत से रेन शेल्टर तैयार किया जा रहा है जिसके निर्माण के लिए शीघ्र ही धनराशि निर्गत की जाएगी। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत को निर्देश दिए हैं कि गौरीकुंड यात्रा मार्ग में वाल पेंटिंग कराने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक से अपेक्षा की है कि यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोड़े-खच्चरों के साथ किसी भी तरह से कोई पशु क्रूरता न हो इसके लिए यात्रा मार्ग में तैनात म्यूल टाॅस्क फोर्स के माध्यम से निरंतर निगरानी करते हुए यदि किसी घोड़े-खच्चर संचालक एवं मालिक द्वारा घायल, बीमार एवं अनफिट घोड़े-खच्चरों का संचालन किया जाता है तो उसकी विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की कार्यवाही त्वरित गति से की जाए। इसके साथ ही यात्रा मार्ग में यदि कोई लावारिश घोड़े-खच्चर पाया जाता है तो अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज की जाए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक डाॅ. विशाखा अशोक भदाणे, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. अशोक कुमार, प्रभारी जिलाधिकारी मंजू राजपूत, जिला पंचायत प्रतिनिधि, प्रकाश डसीला एवं आॅनलाइन के माध्यम से प्रबंधक जी मैक्स रोहित सहित सेक्टर अधिकारी मौजूद रहे।

भूस्खलन की भेट चढ़ा विकासनगर तहसील के अंतर्गत जाखण गांव ।

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बरसात के तांडव के चलते एक बार फिर उत्तराखंड को आपदा का दंश झेलना पड़ रहा है। 2013 में केदारनाथ में आई भयंकर आपदा के ठीक दस साल बाद भारी बरसात के चलते प्रदेश के कौने कौने से लगातार भयावह तस्वीरें सामने आ रही है, जिसको लेकर स्थानीय लोग खौफजदा हैं।

ऐसा ही कुछ विकासनगर तहसील क्षेत्र अंतर्गत जाखण गांव में भी देखने को मिला, जिससे गांव के लोगों के साथ ही आसपास के गांवों के लोग भी सहम गए। दरअसल बुधवार दोपहर लांघा से मदर्सू मोटर मार्ग के बीच जाखण गांव अचानक हुए पहाड़ी से भूस्खलन ने जमकर तांडव मचाया। जिसमें नौ मकान जमींदोज हो गए, तो वहीं सात छानियां भी भूस्खलन की भेंट चढ़ गई। तो वहीं अन्य मकान क्षतिग्रस्त हो गए जिनमें दरारें पड़ गई।गनीमत यह रही कि दिन का समय होने के कारण गांव के लोग संभल गए और उन्होंने किसी तरह भागकर जान बचाई। वहीं घटना की सूचना पर पहुंची एसडीआरएफ टीम और स्थानीय पुलिस द्वारा रेस्क्यू अभियान चलाया गया। जिसके चलते एसडीआरएफ टीम ने छानियों में दबे जानवरों को बाहर निकाला और खतरे की जद में आए गांव के अन्य मकानों से ग्रामीणों और उनकी की जरूरत का सामान निकालकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। वहीं दूसरी ओर आपदा की भेंट चढ़े जाखण गांव का क्षेत्रीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान और जिला प्रशासन की टीम के साथ एस एस पी देहरादून दलीप सिंह कुंवर ने जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

बहरहाल पूरी तरह भूस्खलन की जद में आए जाखण गांव के बाकी बचे मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है, जिसको देखते हुए प्रभावित परिवारों को सुरक्षित निकाल कर पष्टा गांव के एक स्कूल में ठहराया गया है। वहीं अब क्षेत्र में हुई इस घटना को देखते हुए आसपास के गांव के लोग भी खौफजदा हैं।

रुद्रप्रयाग संगम पुल पर किसी अज्ञात ने नदी में लगाई छलांग।

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रुद्रप्रयाग: आपदा कन्ट्रोल रुम द्वारा सूचना मिली की संगम पुल से किसी ब्यक्ति ने नदी मे छलाग लगा दी है सूचना पर DDRF टीम मुख्यालय सर्च के लिए घटना स्थान पर तैनात है ,
7:35 बजे कॉलर श्री अरविंद पवार मोबाइल नंबर 7249956226 द्वारा अवगत कराया गया है कि संगम बाजार स्थित झूला पुल से 01 अज्ञात व्यक्ति द्वारा नदी में छलांग लगा दी है l सूचना प्राप्त होते ही पुलिस , जल पुलिस रुद्रप्रयाग, डी डी आर एफ टीम मुख्यालय को अवगत करा दिया गया है l सभी टीम मौके पर खोज बचाव कार्य कर रही है आपातकालीन परिचालन केंद्र रुद्रप्रयाग l