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Saturday, July 4, 2026
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21आईएएस अधिकारी करेंगे वर्षभर 12 जिलों का भ्रमण।

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देहरादून

21 आईएएस अधिकारी करेंगे वर्षभर 12 जिलों का भ्रमण।

शासन ने प्रमुख सचिव से लेकर सचिव स्तर के 21 आईएएस अधिकारियों को पूरे वर्ष का मासिक भ्रमण कार्यक्रम किया जारी।

प्रमुख सचिव आरके सुधांशु नैनीताल।
प्रमुख सचिव एल फनेई टिहरी।

सचिव डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम पौड़ी।
सचिव शैलेश बगौली पिथौरागढ़।

सचिव नितेश कुमार झा चंपावत। सचिव अरविंद सिंह हयांकी उत्तरकाशी।
सचिव सचिन कुर्वे चमोली।

सचिव दिलीप जावलकर बागेश्वर।
सचिव बीवीआरसी पुरुषोत्तम रुद्रप्रयाग।
सचिव रविनाथ रमन अल्मोड़ा।

डॉ पंकज पांडे हरिद्वार।

सचिव डॉ रंजीत सिन्हा उधम सिंह नगर।

सचिव विनोद प्रसाद रतूड़ी नैनीताल।

सचिव हरीश चंद्र सेमवाल टिहरी।
सचिव चंद्रेश यादव पौड़ी।

सचिव ब्रजेश कुमार संत पिथौरागढ़।

सचिव विजय कुमार यादव चंपावत।
सचिव डॉ राजेश कुमार उत्तरकाशी।

सचिव दीपेंद्र चौधरी चमोली।
सचिव सुरेंद्र नारायण पांडे बागेश्वर।
सचिव विनोद कुमार सुमन रुद्रप्रयाग।

भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) की हुई पासिंग आउट परेड,आईएमए की पासिंग आउट परेड में देश-विदेश के 373 कैडेट हुए पास आउट।

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देहरादून

भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) की हुई पासिंग आउट परेड।आईएमए की पासिंग आउट परेड में देश-विदेश के 373 कैडेट हुए पास आउट। भारत के 331 और सात मित्र देशों के 42 कैडेट शामिल हैं।

सेना प्रमुख मनोज पांडे परेड की देगे सलामी।

उत्तरप्रदेश 63,बिहार 33,हरियाणा 32,महाराष्ट्र 26,उत्तराखंड 25,पंजाब 23,मध्यप्रदेश 19,राजस्थान 19,हिमाचल प्रदेश 17,दिल्ली 12,कर्नाटक 11,अरुणाचल प्रदेश 8,तमिलनाडु 8 और झाड़खंड 8 के कैडेट है शामिल।

अभी तक 64,489 जैंटलमैन कैडेट अकादमी से पास आउट हुए हैं। इसमें 36 मित्र देशों के 2843 विदेशी कैडेट भी शामिल हैं।भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड में इस बार घोड़ा-बग्घी दिखाई नहीं दी।अभी तक निरीक्षण अधिकारी चार घोड़ों वाली बग्घी (पटियाला कोच) में परेड मैदान में पहुंचते थे।पटियाला के पूर्व महाराज ने यह बग्घी 1969 में आइएमए को भेंट की थी।

उत्तराखंड से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर, देहरादून की डोईवाला पुलिस ने 4 साल से बंद कमरे में एक युवक को किया गिरफ्तार ।

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उत्तराखंड से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर।

देहरादून की डोईवाला पुलिस ने 4 साल से बंद कमरे में एक युवक को किया गिरफ्तार।

सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान तक जानकारी देने का भी युवक पर आरोप।

हिंदू लड़का पांच समय की पढ़ता था नवाज।

पाकिस्तान को जानकारी देने का भी युवक पर आरोप।

पुलिस मामले में जुटी।

पाकिस्तान के संपर्क में था युवक -सूत्र

हिंदू होते हुए नमाज पढ़ता रहा 4 साल से युवक।

दूसरों को भी इस्लाम धर्म के बारे में उकसाता था युवक।

आईएमए में तैनात रहे लेफ्टिनेंट कर्नल पर यौन शोषण का आरोप, सेना ने किया कोर्ट मार्शल।

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देहरादून: भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में तैनात रहे एक लेफ्टिनेंट कर्नल के खिलाफ सिविलियन महिला क्लर्क से शारीरिक संबंध बनाने और उसके आईवीएफ ट्रीटमेंट के लिए स्पर्म डोनेट करने का आरोप लगा था। लेफ्टिनेंट कर्नल ने अपने ऊपर लगे सभी आरोप स्वीकार किए। इसके बाद सजा के तौर पर उसकी मूल रैंक, बढ़ा हुआ वेतन और रैंक की तीन साल की वरिष्ठता को वापस ले लिया गया है। महिला का पति सेना में हवलदार है।

जानकारी के अनुसार, उक्त सैन्य अधिकारी सेना की एजुकेशन कोर से है। घटना के वक्त आईएमए की अकादमिक शाखा में तैनात था। इसी दौरान आईएमए में काम करने वाली एक महिला क्लर्क से उसके शारीरिक संबंध बने। महिला के पति कोर ऑफ इंजीनियर्स में हवलदार हैं। लेफ्टिनेंट कर्नल भी शादीशुदा है और उसके दो बच्चे है। जांच में पता चला कि महिला के आईवीएफ ट्रीटमेंट के दौरान भी वह कई बार उसके पास गया और स्पर्म डोनेट किए। यह मामला तब खुला जब अधिकारी की तैनाती आईएमए से बाहर हो गई।

लेफ्टिनेंट कर्नल से संपर्क टूटने के बाद महिला ने जबरन शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाते हुए सैन्य अधिकारियों से शिकायत की। लेफ्टिनेंट कर्नल के खिलाफ इसी साल 11 अप्रैल को कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया शुरू हुई। शुरुआत में उसने खुद पर लगे आरोपों को नकार दिया। लेकिन, महिला ने व्हॉट्सएप चैट, कॉल रिकार्डिंग जैसे सबूत उपलब्ध कराए तो सभी आरोप स्वीकार लिए। बंगाल इंजीनियर ग्रुप एंड सेंटर, रुड़की में चली कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया के तहत उसे बृहस्पतिवार को दोषी करार दिया गया है।

मामले में सेना की ओर से आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, बीईजी रुड़की में बृहस्पतिवार को दिनभर कोर्ट मार्शल की कार्रवाई चली। वहां यह मामला चर्चा का विषय बना रहा। वहीं, आईएमए प्रशासन ने इस पूरे मामले में किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से इन्कार किया है। आईएमए के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि लेफ्टिनेंट कर्नल की अब आईएमए में तैनाती नहीं है।

बदरीनाथ धाम/ हेमकुंड साहिब की यात्रा का अपडेट।

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श्री बद्रीनाथ:

दैनिक यात्रियों की संख्या- 21567

प्रगतिशील यात्रियों की संख्या- 700254

दिनांक 27/04/2023 से वर्तमान तक कुल मृत व्यक्तियों की संख्या- 08

श्री हेमकुंड साहिब

दैनिक यात्रियों की संख्या- 4313

प्रगतिशील यात्रियों की संख्या- 45634

दिनांक 20/05/2023 से वर्तमान तक कुल मृत व्यक्तियों की संख्या- 05

सड़क मार्ग की स्थिति- सामान्य

जनपद में श्री बद्रीनाथ धाम व श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा सकुशल जारी है।

भू-बैकुंठ बदरीनाथ मंदिर की छत पर चांदी की परत चढ़ाने की हो रही है तैयारी।

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चमोली
।।बदरीनाथ मंदिर की छत पर चांदी की परत चढ़ाई जाएगी।
शासन ने बदरी-केदार मंदिर समिति को इसकी सहमति दे दी है।इसके लिए एक दानी व्यक्ति ने भी सरकार को प्रस्ताव दिया है।
बदरीनाथ मंदिर को दिव्य और भव्य रूप से संवारने के लिए 425 करोड़ की लागत से मास्टर प्लान का काम चल रहा है।
कई दानी व्यक्ति भी मंदिर को संवारने में आर्थिक सहयोग देने के लिए आगे आ रहे हैं।दिल्ली के एक व्यक्ति ने सरकार को बदरीनाथ मंदिर की छत पर चांदी की परत चढ़ाने के लिए प्रस्ताव दिया है।
इस आधार पर धर्मस्व एवं संस्कृति विभाग ने बीकेटीसी को इस कार्य के लिए सहमति दे दी है।बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय का कहना है कि बदरीनाथ मंदिर की छत पर चांदी की परत चढ़ाने के संबंध में शासन का पत्र मिला है। एक दानी व्यक्ति सहयोग देने को तैयार है।
बीकेटीसी भी दानी व्यक्ति से बातचीत करने के बाद ही इस कार्य की योजना बनाएगा।

समुदाय विशेष द्वारा दो नाबालिक बहनों को भगाने का मामला।

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बडकोट।

दो नाबालिक बहनों को भगाने का मामला।

मोरी तहसील के आराकोट से दो बहनों को भगाने का मामला आया सामने।

यूपी के मुजफरनगर से विशेष समुदाय के एक युवक द्वारा बहला फुसला कर एक और मामला आया सामने।

अपना नाम गुड्डू बताकर नेपाली मूल की दो नाबालिक सगी बहनों को भगाकर अपने साथ ले जाने का आरोप।

स्थानीय लोगों को भनक लगते हा युवक को पकड़कर आराकोट पुलिस चौकी में पुलिस के किया हवाले।

उत्तरकाशी जिले में दस दिनों के भीतर दूसरा मामला आया सामने।

नाबालिक किशोरियों की माँ ने उक्त युवक के विरुद्ध आराकोट पुलिस को लिखित दी तहरीर।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर मामले की जाँच की शुरू।

दोनो नाबालिक बहने महज 14 और 16 साल की।

गिरफ्तार युवक मुजफ्फरनगर निवासी नबाब उर्फ़ गुड्डु के रूप में पहचान।

मुंबई में नौकरी दिलाने और शादी करके वहीं रहने और किसी अन्य को न बताने का भी परिजनों का आरोप।

लव जिहाद और मानव तस्करी से मामला जुड़े होने की भी तहरीर में जिक्र।

 

केदारनाथ यात्रा के संचालन में लगे घोड़े खच्चरों के लिए गर्म पानी उपलब्ध न होने पर भड़के प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा।

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जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को निर्देशित करते हुए केदारनाथ यात्रा से सम्बंधित सभी व्यवस्थाओं को कराया जाए पूरा।

गौरीकुण्ड: जनपद के प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा के द्वारा केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए केदारनाथ के मुख्य पड़ाव सोनप्रयाग से लेकर गौरीकुण्ड व पैदल चलकर छोड़ी तक सफाई व्यवस्था ,प्रीपेड व्यवस्था,घोड़े खच्चरों की व्यवस्था,पंजीकरण ,रास्तो में डंडी कंडी,पैदल चलने वाले यात्रियों की व्यवस्था का निरीक्षण किया गया ।प्रभारी मंत्री द्वारा गौरीकुंड घोडा पडाव में तैयार किए गए टिन शैड एवं पानी की चरहियों एवं प्रीपेड काउंटर का जायजा लिया l निरीक्षण के दौरान गौरीकुंड घोडा पडाव में घोडा खच्चरों के लिए बनाई गई चरहियों में समुचित सफाई व्यवस्था एवं निरंतर गरम पानी उपलब्ध न होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए सुलभ इंटरनेशनल, जल संस्थान एवं पशुपालन विभाग को आपसी समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं को दुरस्त करने के निर्देश दिए l उन्होंने यात्रा मार्ग में जिन स्थानो पर ट्रेक रूट खराब है उन्हें भी संबंधित अधिकारियों को ठीक करने के निर्देश दिए l उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग में बिना पंजीकरण,कमजोर व अनफिट घोडा खच्चरों का संचालन किसी भी दशा में न किया जाए l यदि किसी के द्वारा ऐसे घोड़े खच्चरों का संचालन किया जाता है तो उनके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए l

केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं के जायजा लेने गौरीकुण्ड पहुंचे जनपद प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा ।

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रुद्रप्रयाग ।।उत्तराखण्ड सरकार के कैबिनेट मंत्री व जनपद प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण पर पहुंचे ।जनपद प्रभारी मंत्री ने आज केदारनाथ यात्रा को सुगम एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए यात्रा मार्ग में विभिन्न विभागों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं पुलिस अधीक्षक डाॅ. विशाखा अशोक भदाणे एवं संबंधित अधिकारियों के साथ गौरीकुंड से ले कर छौड़ी तक पैदल निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया l निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अमरदेई शाह एवं जिलाध्यक्ष भाजपा महावीर सिंह पंवार भी मौजूद रहे lप्रभारी मंत्री द्वारा गौरीकुंड घोडा पडाव में तैयार किए गए टिन शैड एवं पानी की चरहियों एवं प्रीपेड काउंटर का जायजा लिया l निरीक्षण के दौरान गौरीकुंड घोडा पडाव में घोडा खच्चरों के लिए बनाई गई चरहियों में समुचित सफाई व्यवस्था एवं निरंतर गरम पानी उपलब्ध न होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए सुलभ इंटरनेशनल, जल संस्थान एवं पशुपालन विभाग को आपसी समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं को दुरस्त करने के निर्देश दिए l उन्होंने यात्रा मार्ग में जिन स्थानो पर ट्रेक रूट खराब है उन्हें भी संबंधित अधिकारियों को ठीक करने के निर्देश दिए l उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग में बिना पंजीकरण,कमजोर व अनफिट घोडा खच्चरों का संचालन किसी भी दशा में न किया जाए l यदि किसी के द्वारा ऐसे घोड़े खच्चरों का संचालन किया जाता है तो उनके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए l

निरीक्षण के दौरान मंत्री द्वारा घोडा खच्चर संचालकों एवं तीर्थ यात्रियों से राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में भी वार्ता करते हुए फीडबैक ली गई l घोडा खच्चर संचालकों रोहित एवं भरत बगवाडी निवासी गुप्तकाशी ने मा. मंत्री को अवगत कराया कि पिछली यात्रा से इस यात्रा में घोडा खच्चरों के लिए गरम पानी की व्यवस्था गई है तथा चरहियों की बेहतर सफाई की जा रही है l इसके साथ ही शौचालयों की भी पर्याप्त की गई है जिनकी साफ़ सफाई व्यवस्था बेहतर की गई है l यात्रियों से फीडबैक लेने पर यात्री दीपक बनवाल निवासी पश्चिम बंगाल व अन्य तीर्थ यात्रियों ने यात्रा से संबंधित व्यवस्थाओं की सराहना की l केदारनाथ धाम की यात्रा करके आए खटीमा निवासी रवि मेहता ने युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए चलाए जा रहे अभियान की सराहना की तथा उनका हौसला अफ़ज़ाई करते हुए शुभकामनाएं दी l
केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव का निरीक्षण करने के बाद पशुपालन मंत्री/प्रभारी मंत्री द्वारा यात्रा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक लेते हुए कहा कि केदारनाथ धाम में दर्शन करने आ रहे तीर्थ यात्रियों की व्यवस्था में कोई कमी न हो तथा जिन व्यवस्थाओं को और बेहतर किया जाना है उन्हें और बेहतर करना सुनिश्चित करें ताकि यहाँ से तीर्थ यात्रि सुखद अनुभव लेकर जाए l उन्होंने घोडा खच्चरों को नियमित गरम पानी की उपलब्ध कराने के लिए चरहियों पर देखरेख और बेहतर साफ़ सफाई के लिए कार्मिकों की तैनाती के निर्देश दिएl उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि घोडा खच्चर संचालकों द्वारा चरहियों में जूते चप्पल धोए जा रहे हैं जिससे कि पानी गंदा हो रहा है इसके लिए उन्होंने आदेश जारी किया जाए कि ऐसे घोड़ा खच्चर संचालकों पर चालान की कार्यवाही की जाए तथा चेतावनी बोर्ड लगाया जाए l इसके अलावा उन्होंने एन एच को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग के जिन स्थानों पर गड्ढे हैं उन्हें तत्काल ठीक किया जाए l साथ ही सोनप्रयाग से गौरीकुंड के मध्य जिन स्थानों में मार्ग खराब है उन्हें ठीक किया जाए l

केदारनाथ धाम में मंदिर के पीछे पहाड़ियों में हुआ एवलांच, केदारनाथ धाम से तीन से चार किमी दूर हैं ये पहाड़ियां पर्यावरण विशेषज्ञों ने जताई चिंता ।

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केदारनाथ धाम में मंदिर के पीछे पहाड़ियों में हुआ एवलांच

केदारनाथ धाम से तीन से चार किमी दूर हैं ये पहाड़ियां
पर्यावरण विशेषज्ञों ने जताई चिंता,

हेलीकाॅप्टरों की अंधाधुंध उड़ानों से एवलांच की बढ़ रही घटना
हेली सेवाओं की गर्जनाओं से चटक रहे ग्लेशियर
वन्य जीवों को पहुंच रहा नुकसान, बिगड़ रहा पर्यारवण संतुलनरुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में मंदिर के पीछे बर्फीली चोटियों पर एक बार फिर एवलांच आया है। हालांकि यह एवलांच केदारनाथ धाम से लगभग तीन से चार किमी दूर था। इसमें किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन इस एवलांच को देखकर श्रद्धालुओं की सांसे थम गई। पिछले यात्रा सीजन के दौरान भी इन बर्फीली पहाड़ियों पर तीन बार एवलांच हुआ था और इस बार भी अप्रैल माह में एवलांच की घटना सामने आई थी।
पर्यावरण विशेषज्ञ देवराघवेन्द्र बद्री ने कहा कि केदारनाथ धाम आस्था का केन्द्र है। यह केदारनाथ वन्यजीव अभयारण्य का बहुत बड़ा पार्ट है। यहां हेली कंपनियां अंधाधुंध उड़ाने भर रही हैं। एनजीटी के मानकों का कोई भी हेली कंपनी पालन नहीं कर रही है। लगातार सटल सेवाएं चल रही हैं, जबकि हर दिन सुबह के समय वायु सेना का चिनूक हेलीकाॅप्टर भी पुनर्निर्माण का सामान केदारनाथ धाम पहुंचा रहा है। यह हिमालय के लिए घातक है। हेलीकाॅप्टर की गर्जना से ग्लेशियरों के चटकने के कई उदाहरण सामने आये हैं। हेली सेवाआंे से जहां ग्लेशियरों के टूटने की घटनाएं सामने आ रही हैं, वहीं वन्य जीवों पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। साथ ही पर्यावरण का स्वास्थ्य भी गड़बड़ा रहा है। उन्होंने एनजीटी और शासन-प्रशासन से आग्रह किया कि हिमालय को बचाना है तो हेलीकाॅप्टर की सेवाओं को नियंत्रण किया जाना जरूरी है।