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Saturday, July 4, 2026
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आरक्षी श्री सुखबीर सिंह के आकस्मिक निधन होने पर, रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि।

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  1. आरक्षी श्री सुखबीर सिंह के आकस्मिक निधन होने पर, रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा दी गई भावभीनी श्रद्धांजलिजनपद की पुलिस लाइन में नियुक्त आरक्षी सुखबीर सिंह, जो कल दिनांक 06 मई 2023 को सड़क दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल हो गये थे। कल ही इनको जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग से हायर सेन्टर रैफर किया गया था। दौराने उपचार इनकी असामयिक मृत्यु हो गयी थी। आज दिनांक 07 मई 2023 को पुलिस सम्मान के साथ इनके पैतृक घाट पर अन्तिम संस्कार किया गया है।


उक्त आरक्षी वर्ष 2002 में पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे, इनका पैतृक निवास पूलन मल्ला बांगर, पो0 सिरवाड़ी, जिला रुद्रप्रयाग है। ये अपने गृह जनपद रुद्रप्रयाग में नियुक्त थे लेकिन कल सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे इलाज के दौरान ये जीवन की जंग हार गए। सम्पूर्ण रुद्रप्रयाग पुलिस परिवार इनकी असामयिक मृत्यु होने पर स्तब्ध है व दुःख की इस घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ है।

 

मौसम की दुष्वारियों के बीच भी श्रदालुओ की आस्था नही हुई कम,केदारनाथ धाम के कपाट खुलें मात्र 13 दिन मे  धाम आने वाले श्रदालुओ का आंकड़ा पहुंचा 1लाख 60 हजार।

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मौसम की दुष्वारियों के बीच भी श्रदालुओ की आस्था नही हुई कम,केदारनाथ धाम के कपाट खुलें मात्र 13 दिन मे  धाम आने वाले श्रदालुओ का आंकड़ा पहुंचा 1लाख 60 हजार।

केदारनाथ -ग्यारहवे ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ की यात्रा शुरू हुए अभी महज 13 ही दिन हुए हैं और इन 13 दिनों में अब तक 1 लाख 60 हजार से भी ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर पुण्य की प्राप्ति की है जबकि बाबा के कपाट खुलने से पूर्व ही लगातार मौसम खराब के बाबजूद भी आस्था की डोर श्रद्धालुओं की नहीं डगमगाई हैं। केदारनाथ की यात्रा चारधामों में सबसे कठिन यात्रा मानी जाती है। और इस यात्रा को पार करने के लिए श्रद्धालुओं को उबड-खाबड़ रास्ते बफीले रास्ते ग्लेशियर धून बारिश बर्फबारी न जाने किन किन कठिनाइयों को पार करना पडता हैं फिर भी आस्था कम नहीं हुई है। अत्यधिक बारिस व बर्फवारी होने से इस बीच दो दिन लगातार यात्रा को भी रोकना पड़ा है केदानाथ धाम में प्रति दिन मौसम खराब होने से धाम में ठंड बढ़नी शुरू हो जाती है केदार नाथ का मौसम पल पल बदलता रहता है जिससे प्रशासन के सामने भी यात्रा को सुव्यस्थित ,सुरक्षित चलना चुनोती पूर्ण बना रहता है । गौरीकुण्ड से लेकर केदारनाथ तक 17 किलोमीटर खड़ी चढ़ाई व बर्फ के ग्लेशियर को पार कर धाम को जाना होता है आये दिन जिस प्रकार से तीर्थ यात्रियों की संख्या बढ़ रही है वो रोजगार के लिये भी सुखद साबित हो रही है ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में प्रधानमंत्री कार्यालय में उपसचिव मंगेश घिल्डियाल तथा विशेष कार्याधिकारी श्री केदारनाथ बद्रीनाथ रिडेवलपमेंट वर्क्स श्री भाष्कर खुल्बे ने भेंट की।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में प्रधानमंत्री कार्यालय में उपसचिव मंगेश घिल्डियाल तथा विशेष कार्याधिकारी श्री केदारनाथ बद्रीनाथ रिडेवलपमेंट वर्क्स श्री भाष्कर खुल्बे ने भेंट की।

केदारनाथ एवं बद्रीनाथ में संचालित कार्यों के निरीक्षण के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री से केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों एवं बद्रीनाथ में मास्टर प्लान के तहत संचालित कार्यों के संबंध में चर्चा की।

मंगेश घिल्डियाल ने मुख्यमंत्री को बताया कि केदारनाथ एवं बद्रीनाथ में संचालित कार्यों में हाल ही में मौसम की खराबी के कारण निर्माण कार्यों में कुछ व्यवधान जरूर रहा किन्तु अब मौसम अनुकूल होने के बाद कार्यों में तेजी आयी है।

इस अवसर पर जागेश्वर धाम के मास्टर प्लान के साथ ही मानसखण्ड मन्दिर माला परियोजना पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा एवं बर्फबारी के बावजूद बडी संख्या में यात्री चारधामों के दर्शन हेतु आ रहे हैं।

यात्रा व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किये जाने के लिये यात्रा मार्गों पर आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित की गयी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में श्री बद्रीनाथ एवं श्री केदारनाथ में पुनर्निर्माण के कार्य तेजी से चल रहे हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत रात-दिन कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विश्व प्रसिद्ध चारधाम की तर्ज पर कुँमाऊ में मानसखण्ड मन्दिर माला परियोजना प्रारंभ की गयी है।

इसके तहत जागेश्वर धाम का मास्टर प्लान तैयार किया गया है।

इस परियोजना के तहत कुँमाऊ मण्डल के महत्वपूर्ण पौराणिक/ऐतिहासिक स्थलों को सर्किट से परस्पर जोड़कर लोकप्रियता प्रदान की जायेगी ताकि देश-विदेश से तीर्थयात्री/पर्यटकों को यहाँ आने हेतु आकर्षित किया जा सके और उनकी यात्रा सुगम बनायी जा सके।

इस अवसर पर श्री केदारनाथ उत्थान चेरिटेबल ट्रस्ट के विशेष कार्याधिकारी सतीश बहुगुणा भी उपस्थित थे।

चमोली जनपद के घोडा-खच्चर संचालकों की नहीं होगी उपेक्षा: महाराज ।

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रुद्रप्रयाग/देहरादून। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि केदारनाथ यात्रा में चमोली जिले के घोड़ा खच्चर-संचालकों का भी सहयोग लिया जाएगा और किसी भी सूरत में उनकी उपेक्षा नहीं की जाएगी।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज से मिलने आए घोड़ा खच्चर संचालकों के प्रतिनिधिमंडल को उन्होने आश्वस्त किया है कि उनके साथ किसी भी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं होगा। उन्होने जिलाधिकारी को जनपद के घोड़ा खच्चर संचालकों के संबंध में न्यायालय में पुनर्विचार याचिका जल्द दाखिल करने के भी निर्देश दिए हैं।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि जनपद चमोली के घोड़ा खच्चर-संचालकों को केदारनाथ यात्रा में लाइसेंस नहीं मिल पा रहे हैं जिससे उनको काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को साफ तौर पर निर्देश दिए हैं कि न्यायालय में पुनर्विचार याचिका जल्द दाखिल की जाए। श्री महाराज ने बताया कि शासन में भी इस मामले को लेकर उनकी अधिकारियों से वार्ता हुई है। बताया गया कि केदारनाथ यात्रा में घोड़े खच्चरों की सीमा का भी प्रावधान है। जिसके कारण चमोली के घोडा-खच्चर संचालकों को अपेक्षित तौर पर लाइसेंस जारी नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर डीएम रुद्रप्रयाग को साफ तौर पर निर्देश दे दिए गए हैं कि यदि इसमें दिक्कत आ रही है तो तत्काल पुनर्विचार याचिका दाखिल की जानी चाहिए। उन्होने इसके लिए तत्काल पुनर्विचार याचिका के लिए पत्र तैयार कर शासन को भेजने के भी निर्देश दिए हैं ताकि शासन के स्तर से न्यायालय में पुनर्विचार याचिका जल्द दाखिल की जा सके।

उन्होंने कहा कि चमोली के घोड़ा-खच्चर संचालकों के केदारनाथ यात्रा में कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा उन्हें भी यात्रा में भागीदार बनाया जाएगा इसलिए इस मामले में तत्काल पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाएगी। इससे चमोली के घोड़ा खच्चर संचालकों को भविष्य में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। महाराज ने कहा कि सरकार चमोली के घोड़ा- खच्चर संचालकों के साथ खड़ी है और जल्द ही उनकी समस्या का निस्तारण किया जायेगा।

 

गैरसैण का जवान हुआ शहीद , राजौरी सेक्टर में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद।

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गैरसैंण

गैरसैण का जवान हुआ शहीद।

गैरसैंण ब्लॉक के कुनिगाड गांव का रहने वाला था शहीद रुचिन सिंह रावत।

बुजुर्ग माता-पिता पत्नी व चार वर्षीय बच्चे को छोड़ गए अपने पीछे।

राजौरी सेक्टर में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद।

जम्मू कश्मीर के उधमपुर यूनिट में थे तैनात।

9 पैरा में कमांडो थे शहीद रुचिन रावत।

बड़ी दुखदः खबर-जम्मू कश्मीर के राजौरी में आतंकबादीयों और सुरक्षाबलों के बीच संघर्ष में 5 जवान शहीद।

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  1. बड़ी दुखदः खबर-जम्मू कश्मीर स समय की सबसे बड़ी दुखःद सामने आ रही है।जम्मू कश्मीर के राजौरी में आंतकवादी और सुरक्षाबलों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ में अब तक 5 जवान शहीद हेा चुके हैं सेना ने शुक्रवार को कहा कि राजौरी सेक्टर में चल रहा आप्रेशन में सुबह गंभ्भीर रूप से घायल तीन जवानों ने दुर्भाग्य से दम तोड़ दिय इससे पहले सुबह दो जवाना शहीद हो गये थें। आप्रेशन अभी जारी है। सेना के जवानों ने दो आंतकवादीयेां को ढेर कर कर दिया गया है। इंटरनेट सेवा बंद कर दी गयी है। सेना द्धारा सर्च आप्रेशन चलाया जा रहा है तो वहीं जम्मू कश्मीर डीजीपी दिलवाग सिहं मौके पर पहॅूच गये हैं।

श्री केदारनाथजी मार्ग पर ग्लेशियर आने से अवरुद्ध हुए मार्गों को SDRF कड़ी मेहनत से खोलकर कुछ यूं कर रही यात्रियों की मदद।

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*रुद्रप्रयाग*

श्री केदारनाथजी मार्ग पर ग्लेशियर आने से अवरुद्ध हुए मार्गों को SDRF कड़ी मेहनत से खोलकर कुछ यूं कर रही यात्रियों की मदद।


चारधाम यात्रा के दृष्टिगत श्रद्धालुओं की सहज, सुगम व सुरक्षित यात्रा हेतु SDRF टीमें संवेदनशील स्थानों पर मुस्तेद है। यात्रा आरम्भ होने के उपरांत SDRF टीमों द्वारा जहां एक ओर अस्वस्थ, असक्षम, दिव्यांगों, बुजुर्गों, महिलाओं इत्यादि को सुगमतापूर्वक दर्शन कराने में सहयोग किया जा रहा है वही आवश्यक्तानुसार प्राथमिक उपचार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

श्रीकेदारनाथ मार्ग पर कल दिनाँक 04 मई 2023 को लिनचोली से आगे भैरव ग्लेशियर व कुबेर ग्लेशियर पर पहाड़ी से अत्यधिक बर्फ आने के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया था। मौके पर उपस्थित इंस्पेक्टर अनिरुद्ध भंडारी, SDRF के नेतृत्व में SDRF टीमों द्वारा सूझ बूझ व कार्यकुशलता से त्वरित कार्यवाही करते हुए फावड़े व बेल्चों की सहायता से अवरुद्ध मार्ग को खोलना आरम्भ किया। काफी देर की कड़ी मशक्कत के बाद बर्फ को काट- काटकर हटाया व श्रद्धालुओं के सुगमतापूर्वक आवागमन के लिए रास्ता खोल दिया गया।

SDRF द्वारा अपने पर्यवेक्षण में श्रद्धालुओं को सुरक्षित पार कराया जा रहा था कि इसी बीच पुनः ग्लेशियर आने से मार्ग दुबारा बाधित हो गया। SDRF टीमों द्वारा फिर से मोर्चा संभालते हुए युद्ध स्तर पर मार्ग को खोलने का कार्य किया जाने लगा। SDRF जवानों द्वारा अत्यधिक कर्मठता, जुझारूपन व समपर्ण का परिचय देते हुए अपने अथक प्रयासों से पुनः यात्रा मार्ग को खोल दिया गया।

SDRF टीम द्वारा आने वाले सभी श्रद्धालुओं को सतर्कतापूर्वक सुरक्षित मार्ग पार कराया गया। ग्लेशियर आने से पैदल मार्ग का सुरक्षा बैरियर क्षतिग्रस्त होने पर #SDRF द्वारा रस्सियों से वैकल्पिक बैरियर बनाकर यात्रियों को सुरक्षा प्रदान की गई। चूँकि यात्री रात के अंधेरे में भी लगातार आ रहे थे तो SDRF द्वारा रात भर मौक़े पर तैनात रहकर रास्ते से बर्फ को हटाया व लगभग 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को सुरक्षित मार्ग पार कराया गया।

मौसम खुलते ही रोकी गई यात्रा हुई शुरू,सोनप्रयाग से सुबह 11बजे तक 2000यात्री केदारनाथ धाम के लिये हुए रवाना

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  • मौसम खुलते ही रोकी गई यात्रा हुई शुरू,सोनप्रयाग से सुबह 11बजे तक 2000यात्री केदारनाथ धाम के लिये हुए रवाना
    रुद्रप्रयाग-केदारनाथ धाम में कई दिन बर्फबारी के बाद आज मौसम साफ बना हुआ है। इसके साथ ही धाम में यात्रा सुचारू हो गई है। सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए यात्री भेजे गए। सोनप्रयाग सुबह 11 बजे तक 2000 यात्री धाम रवाना किए गए।इस दौरान वहां यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं, हेली सेवा भी शुरू हो गई है। वहीं, पुलिस ने यात्रियों से मौसम का पूर्वानुमान लेकर ही यात्रा पर आने की अपील की है। साथ ही किसी भी विषम स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर ठहरने की सलाह दी ।केदारनाथ में बीते कई दिनो से हो रही बर्फबारी के बाद करीब छह इंच बर्फ जमा है। यहां तापमान माइनस 2 डिग्री तक पहुंच गया है। यह पहला मौका है, जब कपाट खुलने के बाद से लगातार बर्फबारी हो रही है। मौसम के बिगड़े मिजाज से यात्रा प्रभावित हो रही है और पुनर्निर्माण कार्य भी ठप पड़े हैं।खराब मौसम के कारण केदारनाथ में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बुधवार को बारिश व बर्फबारी के कारण केदारनाथ जाने से यात्रियों को रोका गया था। प्रशासन और पुलिस ने सोनप्रयाग, गौरीकुंड से किसी यात्री को आगे नहीं जाने दिया था। वहीं, करीब 2090 श्रद्धालु सोनप्रयाग लौट आए थे जबकि रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक जगह-जगह अब भी 18,000 से अधिक श्रद्धालु रोके गए हैं। जबकि केदारनाथ में 600 से अधिक श्रद्धालु रुके हुए हैं। इसके अलावा हक-हकूकधारी, कारोबारी, तीर्थपुरोहित, यात्रा ड्यूटी पर तैनात अधिकारी-कर्मचारी व पुलिस जवान हैं। केदारनाथ धाम के लिए पांच से 10 मई तक 1.25 लाख से अधिक तीर्थ यात्रियों का पंजीकरण कराया है। वहीं, मौसम को देखते हुए सरकार ने चार मई तक केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए पंजीकरण पर रोक लगाई है।

धामी सरकार की आज हुई कैबिनेट बैठक लिए गए निर्णय।

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धामी सरकार की आज हुई कैबिनेट बैठक में दिवंगत कैबिनेट मंत्री चंदन रामदास को श्रद्धांजलि दी गई और 2 मिनट का मौन रखा गया। बैठक में 13 बिंदुओं पर चर्चा हुई ।

 

आज कैबिनेट में आए 13 विषय

दिवगंत मंत्री चंदन राम के निधन पर पढ़ा गया शोक प्रस्ताव, दो मिनट का मौन रखा गया

वित्त विभाग —

पंडित दीन दयाल उपाध्याय प्रशिक्षण विभाग में दो पद सृजित किए गए,

वित्त विभाग —

वेटनरी डॉक्टर को मिलने वाले एनपीए को लेकर बड़ा फैसला,

20 प्रतिशत एनपीए दिया जाएगा डॉक्टर्स को,

वन विभाग —

पिरुल के बढ़ाए गए दाम, २ रू से बढ़ाकर तीन रू किया गया,

यात्रा प्राशासन संगठन में 11 पद सृजित किए गए,

यात्रा सीजन के साथ साथ ऑफ सीजन में भी काम करेंगे,

अब चारधाम यात्रा प्रबंधन संगठन के नाम से इसे जाना जायेगा

पशुपालन विभाग

पशुओं के चारे के लिए 166 करोड़ की नीति को मंजूरी मिली,

उत्तराखंड चारा नीति इसे नाम दिया गया, अगले 5 साल के लिए ये नीति प्रभावी रहेगी,

राज्य सरकार और जायका प्रोजेक्ट से मिलकर होगा काम,

पशुपालन विभाग –

गाय बकरी पोल्ट्री के लिए बनाई गई नीति में संशोधन,

इस स्कीम में घोड़ा खच्चर भी मिलेगा,

पीआरडी जवानों की छुट्टी के लिए राज्य सरकार को अधिकृत किया गया,

समय समय पर सरकार जवानों की छुट्टियों को लेकर निर्णय लेगी,

नीति आयोग की तर्ज पर राज्य में पॉलिसी थिंक टैंक का आएगा प्रस्ताव,

सीएम होंगे चेयरमैन, सदस्य सीएम के द्वारा चुने जाएंगे,

सिक्का सैंड की रॉयल्टी को कम किया गया,

300 से घटाकर 100 किया गया,

वन विभाग

मानव और वन्य जीव संघर्ष को कम करने के लिए निवारण प्रकोष्ठ का होगा गठन,

प्रकोष्ठ के द्वारा दिए गए सुझावों पर होगा काम,

दुर्घटना होने पर दी जाने वाली मुजावजे राशि को देने के लिए विभाग में 2 करोड़ का फंड स्वीकृत किया गया,

सभी विभागों को दिए गए निर्देश,

सरकारी जमीनों पर होने वाले अवैध कब्जों को रोका जाय,

विभाग अपनी जमीनों की जानकारी भी उपलब्ध कराए,

बद्रीनाथ आरती के रचयिता के पैतृक घर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत

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आज उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत सतेराखाल पहुंचे। जहां उन्होंने श्री बद्रीनाथ जी की दिव्य आरती के रचयिता स्व. धन सिंह बर्तवाल जी के पैतृक स्थान पर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की।

त्रिवेन्द्र सिंह रावत के सतेराखाल पहुंचने पर स्थानीय जनता द्वारा फूल मालाओं और ढोल नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया।श्री रावत ने कहा कि कई वर्षों से देश और दुनिया के में बद्रीनाथ जी की आरती के लेखक के बारे में भ्रम था लेकिन 4वर्ष पहले उनके मुख्यमंत्री काल के दौरान बद्रीनाथ आरती के असली लेखक को लेकर सतेराखाल स्यूपुरी का बर्तवाल परिवार सामने आया। इस विषय में जब गहनता से जांच हुई थी तब रहस्य से पर्दा उठा था कि बद्रीनाथ आरती के असली लेखक धन सिंह बर्तवाल थे जिन्होंने 1881में आरती की रचना की थी।
उन्होंने इसे अपने कार्यकाल की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि कार्बन डेटिंग व अन्य दस्तावेजों के आधार पर इस पर मुहर लगाई गई।
उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए बहुत ही गर्व का विषय है और इससे साबित होता है कि हमारी सनातन परंपराएं कितनी मजबूत रही होंगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस विषय को लेकर ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।आरती की पांडुलिपि के शोधकर्ता महेंद्र सिंह बर्तवाल ने अभिनंदन पत्र का वाचन कर पूर्व मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि पूरा हिंदू समाज सदैव उनका ऋणी रहेगा।कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता गम्भीर सिंह बिष्ट ने किया।

इस दौरान यूसैक के पूर्व निदेशक प्रोफेसर महेंद्र प्रताप सिंह बिष्ट, बीकेटीसी के पूर्व उपाध्यक्ष अशोक खत्री, भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर सिंह पंवार, पृथ्वीराज चौहान, त्रिलोचन भट्ट, सचेंद्र रावत, कृष्णानंद नौटियाल, त्रिभुवन बर्तवाल, जयकृत बिष्ट, सतेंद्रपाल बर्तवाल, धीरज बर्तवाल, दीक्षराज रावत, कल्पत सिंह, चंडी सेमवाल, विकास नौटियाल, प्रद्युमन बर्तवाल, अर्जुन नेगी, जीत सिंह मेवाल, हिम्मत रावत आदि मौजूद थे।