33 C
Dehradun
Saturday, July 4, 2026
Home Blog Page 244

मौसम विभाग की पूर्वानुमान को देखते हुए एक दिन के लिए केदारनाथ यात्रा स्थगित।

0

मौसम विभाग की पूर्वानुमान को देखते हुए एक दिन के लिए केदारनाथ यात्रा स्थगित।

लोकेशन :केदारनाथ

*resorces : नरेश भट्ट रुद्रप्रयाग 9917129343
Description:- केदारनाथ में आज भारी बर्फबारी की आशंका को देखते यात्रा एक दिन के लिए स्थगित कर दी गई है। आज (बुधवार) कोई भी यात्री केदारनाथ नहीं जा सकेगा। मंगलवार को जो यात्री केदारनाथ गए हैं, वे भी दर्शन कर वापस लौट आएंगे। केदारनाथ की स्थितियों का जायजा लेने के लिए खुद राज्य के डीजीपी अशोक कुमार केदारनाथ पहुंचे है जहाँ उन्होंने पुलिस को किसी भी यात्री को गौरीकुंड और सोनप्रयाग से आगे नहीं जाने देने के निर्देश दिए हैं। डीजीपी ने कहा कि मौसम सामान्य होने पर यात्रा सुचारु कर दी जाएगी। डीजीपी के निर्देश के बाद मंगलवार को केदारनाथ जा रहे यात्रियों सोनप्रयाग में रोक दिया गया। यात्रियों से मौसम खुलने तक सुरक्षित स्थानों पर होटल लॉज में विश्राम करने की अपील जिला प्रशासन की ओर से की गई है।

केदारनाथ यात्रा व्यवस्था के नोडल अधिकारी डाॅ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने लिया गौरीकुण्ड से केदारनाथ पैदल मार्ग पर व्यवस्थाओं का लिया जायजा।

0

केदारनाथ ।
नोडल अधिकारी केदारनाथ यात्रा व्यवस्था डाॅ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने आज गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल चलकर यात्रा मार्ग में विभिन्न विभागों द्वारा केदारनाथ धाम में दर्शन करने आ रहे तीर्थ यात्रियों के लिए की गई व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं का जायजा लिया।

उन्होने सोनप्रयाग में यात्रियों के किए जा रहे पंजीकरण का भी जायजा लिया।

इसके बाद गौरीकुंड में यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोड़े-खच्चरों के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने पशुपालन विभाग को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग में किसी भी तरह से पशुओं के साथ कोई क्रूरता न हो इसके लिए जो टास्क फोर्स तैनात की गई है वह अपने दायित्वों का निर्वहन बड़ी कुशलता के साथ करें।

उन्होंने यात्रा मार्ग में पेयजल व्यवस्था, विद्युत व स्वास्थ्य सुविधाओं का भी जायजा लिया ।

उन्होंने जल संस्थान को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग में घोड़े खच्चरो के लिए बनाए गए गर्म पानी की चरियो की निरंतर निगरानी करते हुए साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।

इस दौरान उन्होंने यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे मेडिकल केन्द्रों में चिकित्सा सुविधाओं का भी जायजा लिया तथा सभी आवश्यक दवाईयां प्रयाप्त में रखने के निर्देश दिए।

सचिव डॉ पुरुषोत्तम ने यात्रा मार्गों में तैनात किए गए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, एनडीआरएफ व वाईएमएफ के जवानों से वार्ता कर यात्रा व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि सभी विषम कठिन परिस्थितियों में अपने दायित्वों का निर्वहन सेवाभाव से करें ।

उन्होंने कहा कि दर्शन करने आ रहे तीर्थ यात्रियों के साथ मधुर एवं सौम्य व्यवहार रखें तथा सभी अधिकारी एवं कर्मचारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

यात्रा मार्ग में किसी यात्री को किसी प्रकार की कोई परेशानी होती है तो उसकी तत्काल सहायता करें।

उन्होंने सुलभ इंटरनेशल को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग की साफ-सफाई व्यवस्था के साथ यात्रा मार्ग में स्थापित सुलभ शौचालयों की निरंतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी तीर्थ यात्री को कोई असुविधा न हो।

उन्होंने यात्रा मार्ग में सुरक्षा व्यवस्था में लगे जवानों को निर्देशित किया कि केदारनाथ धाम में पल-पल मौसम खराब होने व बर्फवारी होने की स्थिति में भैरों ग्लेशियर व कुबेर ग्लेशियर में तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए।

इस दौरान उन्होंने तीर्थ यात्रियों से भी वार्ता की तथा यात्रा व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

 

JE/AE भर्ती परीक्षा मामले में 75 छात्र एंव 21 आरोपियों सहित 96 के खिलाफ न्यायालय में दाखिल की गयी चार्जशीट*

0

JE/AE भर्ती परीक्षा मामले में 75 छात्र एंव 21 आरोपियों सहित 96 के खिलाफ न्यायालय में दाखिल की गयी चार्जशीट*

हरिद्वार ।। 08-01-2023 को पटवारी / लेखपाल पेपर लीक प्रकरण में दर्ज मामले की SIT हरिद्वार द्वारा की जा रही विवेचना के दौरान आरोपियों की निशादेही पर कुछ संदिग्ध दस्तावेज एई / जेई भर्ती बरामद हुए थे, जिसकी जांच पुलिस हरिद्वार के द्वारा करने पर प्ररकण में पेपर लीक सम्बन्धी तथ्य प्रकाश में आये जिसके उपरान्त दिनांक 03-02-2023 थाना कनखल में एई/जेई प्रकरण में पंजीकृत मुकदमे में विवेचना प्रारम्भ की गयी। जिसके बाद विवेचना में नामजद आरोपियों से पूछताछ के उपरान्त उनकी निशादेही पर पेपर लीक कराने तथा छात्रो से धन लेकर परीक्षा से पूर्व अवैध तरीके से भिन्न- भिन्न स्थानों पर पेपर पढ़ाया जाना पाया गया ।
– उक्त मामले में चार्जशीट दाखिल किए जाने के संबंध के जानकारी देते हुए एसएसपी हरिद्वार अजय सिंह ने बताया कि JE/AE भर्ती परीक्षा में धांधली के सम्बन्ध दर्ज मुकदमे में एसआईटी द्वारा दिन रात कार्यवाही कर अब तक की गयी कड़ी कार्यवाही में 21 आरोपियों जिनके द्वारा नकल गिरोह चलाया जा रहा था जिन्हे पूर्व में ही गठित SIT द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है जो वर्तमान में जेल में है। विवेचना में उनको प्रयाप्त साक्ष्यों के आधार पर दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया गया है साथ ही नकल करने वाले 75 छात्रों को भी प्रयाप्त साक्ष्यों के आधार पर उनके विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया जा चुका है। जिसमें उक्त अभियुक्तों के विरुद्ध अग्रिम आवश्यक कार्यवाही न्यायालय से की जायेगी।

 

आखिर P.T.M से कौन करा रहा है डिजिटल दान..? किसने लगाए बदरीनाथ और केदारनाथ में पेटीएम

0

आखिर P.T.M से कौन करा रहा है डिजिटल दान..?

किसने लगाए बदरीनाथ और केदारनाथ में पेटीएम


कोड..?

दान के लिए QR कोड वाले बोर्ड लगाने पर बीकेटीसी सख्त, होगी एफआईआर

केदारनाथ और बदरीनाथ मंदिर में कई स्थानों पर दान के लिए क्यूआर कोड के बोर्ड लगाने के मामले में बीकेटीसी ने पुलिस को तहरीर दी है। समिति का कहना है कि मंदिरों में दान के लिए क्यूआर कोड के बोर्ड बीकेटीसी की ओर से नहीं लगाए गए थे।

बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि दोनों धामों में कपाट खुलने के दिन ये बोर्ड लगाए गए थे। मामला बीकेटीसी के अधिकारियों के संज्ञान में आने पर उसी दिन बोर्ड उतार दिए गए थे। बीकेटीसी अधिकारियों ने पहले अपने स्तर से इस मामले की छानबीन की।

इसके बाद रविवार को केदारनाथ मंदिर अधिकारी ने केदारनाथ पुलिस चौकी और बदरीनाथ में प्रभारी अधिकारी की ओर से कोतवाली में तहरीर दी गई है। अजेंद्र ने यह भी बताया कि बीकेटीसी की ओर से वर्तमान में अपने कामकाज में पेटीएम का प्रयोग नहीं किया जाता है। वही रुद्रप्रयाग पुलिस का कहना है मन्दिर समिति के द्वारा इस मामले में तहरीर तो दी हुई है मामला जांच की जा रही है।

कार्मिक विभाग ने विधानसभा भर्ती एवं सेवा नियमावली के प्रस्ताव को संशोधन के सुझाव के साथ लौटाया

0

कार्मिक विभाग ने
विधानसभा भर्ती एवं सेवा नियमावली के प्रस्ताव को संशोधन के सुझाव के साथ लौटाया

अब विधानसभा सचिवालय इस प्रस्ताव को संशोधित कर जल्द कार्मिक विभाग को भेजेगा।

सेवा नियमावली को मंजूरी मिलने के बाद विधानसभा सचिवालय उसी आधार पर खाली पदों पर करेगा भर्ती

राज्य के हजारों बेरोजगारों को विधानसभा में खाली पदों पर भर्ती का बेसब्री से है इंतजार

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने शासन से सेवा नियमावली लौटाए जाने की पुष्टि की

विधानसभा सचिवालय में खाली पदों पर पारदर्शी तरीके से भर्ती के लिए सेवा नियमावली की जानी है लागू

भू बैकुण्ठ बद्रीनाथ धाम के कपाट 7 बजकर 10 मिनट पर वैदिक मंत्रोच्चार विधि विधान से आम भक्तो के दिए गए।

0

 

भू बैकुण्ठ बद्रीनाथ धाम के कपाट 7 बजकर 10 मिनट पर वैदिक मंत्रोच्चार विधि विधान से आम भक्तो के दिए गए।।

उत्तराखण्ड के चारधाम गंगोत्री यमनोत्री,केदारनाथ,बद्रीनाथ के खुले कपाट।

आर्मी आईटीवीपी के बैंडो की मधुर ध्वनि के साथ के साथआज सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिये खुल गए कपाट ।

*बदरीनाथ धाम के खुले कपाट। पावन अवसर के साक्षी बने हजारों श्रद्धालु।*

*प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नाम से हुई पहली पूजा।*

*कपाट खुलने के अवसर पर तीर्थयात्रियों पर हेलीकॉप्टर से की गई पुष्प वर्षा।*

भगवान श्री बद्रीनाथ मंदिर के कपाट आज गुरूवार को सुबह 7ः10 बजे शुभ मुहूर्त पर ब्रहम बेला में पूरे वैदिक मंत्रोचारण एवं विधि विधान के साथ श्रद्वालुओं के लिए खुल गए है। इस मौके पर पहली पूजा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नाम से की गई।

कपाटोद्घाटन के साक्षी बनने के लिए हजारों संख्या में श्रद्वालु धाम मौजूद थे। गुरूवार को सुबह चार बजे से कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हुई। कुबेर जी, श्री उद्वव जी एवं गाडू घडा दक्षिण द्वार से मंदिर में परिसर में लाया गया। इसके बाद मंदिर के मुख्य पुजारी रावल समेत धर्माधिकारी, हकहकूधारी एवं श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों द्वारा प्रशासन एवं हजारों श्रद्वालुओं की मौजूदगी में विधि विधान के साथ मंदिर के कपाट खोले गए। मुख्य पुजारी वीसी ईश्वर प्रसाद नंबूदरी ने गर्भगृह में भगवान बद्रीनाथ की विशेष पूजा-अर्चना करते हुए सबके लिए मंगलमय की कामना की। पहली पूजा प्रधानमंत्री मोदी के नाम से की गई। इसके साथ ही ग्रीष्मकाल के लिए बद्रीनाथ के दर्शन शुरू हो गए है। कपाटोद्घाटन के अवसर पर बद्रीनाथ मंदिर को 15 कुंतल फूलों से सजाया गया।

हल्की बर्फबारी व बारिश के बीच सेना की टुकडी ने बैण्ड की मधुर धुन तथा स्थानीय महिलाओं के पारम्परिक संगीत व नृत्य के साथ भगवान बद्रीनाथ की स्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशों के अनुरूप बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के अवसर पर तीर्थ यात्रियों के स्वागत में हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा से श्रद्वालु गदगद हो उठे। कपाट खुलने के एक दिन पूर्व से ही बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। पहले दिन ही हजारों श्रद्धालुओं ने बद्रीनाथ में अखण्ड ज्योति एवं भगवान श्री बद्रीनाथ के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया। गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का आगाज हो गया है।

कपाटोद्घाटन के अवसर पर श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल, सीडीओ डा.ललित नारायण मिश्र, एडीएम डा.अभिषेक त्रिपाठी, बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी योगेन्द्र सिंह, उपाध्यक्ष किशोर पंवार, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, एसडीएम कुमकुम जोशी, ईओ सुनील पुरोहित आदि सहित मंदिर संमिति के अन्य पदाधिकारी, सदस्य, हकहकूकधारी एवं भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

*बैकुंठ धाम में अन्य तीर्थ एवं पर्यटक स्थलों में भी जुटने लगी श्रद्धालुओं की भीड*
बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही भू-बैकुण्ठ धाम के आसपास तप्तकुण्ड, नारद कुण्ड, शेष नेत्र झील, नीलकण्ठ शिखर, उर्वशी मन्दिर, ब्रह्म कपाल, माता मूर्ति मन्दिर तथा देश के प्रथम गांव माणा, भीमपुल, वसुधारा जल प्रपात एवं अन्य ऐतिहासिक व दार्शनिक स्थलों पर भी श्रद्वालुओं एवं पर्यटकों की भीड जुटने लगी है।

*कब कितने यात्री पहुंचे बद्रीनाथ*
विगत वर्षो में लाखों श्रद्वालु बद्रीनाथ की यात्रा कर चुके है। पिछले आंकडो पर नजर डाले तो वर्ष 2016 में 654355, वर्ष 2017 में 920466 तथा वर्ष 2018 में 1048051, वर्ष 2019 में 1244993 तथा वर्ष 2020 में 155055 श्रद्वालु बद्रीनाथ पहुॅचे। वर्ष 2021 में कोरोना संकट के कारण 197997 श्रद्वालु ही बदीनाथ पहुॅचे। जबकि कोरोना महामारी पर नियंत्रण के बाद विगत वर्ष 2022 में 1763549 श्रद्वालु बद्रीनाथ धाम पहुॅचे। इस बार शुरूआत में ही रिकार्ड पंजीकरण के साथ बडी संख्या में श्रद्वालु बदरीनाथ पहुॅच रहे है।

 

ग्रीष्मकाल के लिये खुले तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ मंदिर के कपाट

0

ग्रीष्मकाल के लिये खुले तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ मंदिर के कपाट

रुद्रप्रयाग(उत्तराखंड): पंच केदारों में तृतीय केदार के नाम से विश्व विख्यात भगवान तुंगनाथ के कपाट ग्रीष्मकाल के लिये आज बुधवार को वैदिक विधि-विधान के साथ खोल दिये गये है।मंदिर के कपाट खुलने के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु तुंगनाथ मंदिर में मौजूद रहे.तुंगनाथ मंदिर के कपाट खुलते ही तुंगनाथघाटी हर हर महादेव के नारों से गूंज उठी. अब 6 महीनों के लिए श्रद्धालु यहां बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर सकेंगे।
बता दें कपाट खुलने से पहले बाबा तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली रात्रि प्रवास के लिए भूतनाथ मन्दिर पहुंची थी. 25 अप्रैल को भूतनाथ मन्दिर से रवाना होकर तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली पाव, चिलियाखोड, पंगेर बनियाकुंड यात्रा पड़ावों से होते हुए अन्तिम रात्रि प्रवास चोपता पहुंची. जिसके बाद आज 26 अप्रैल को भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के तुंगनाथ धाम पहुंची. बाबा की डोली के धाम पहुंचने के मौके पर भजन और मांगल गीतों से डोली का स्वागत किया गया।इसके बाद वेद ऋचाओं और वैदिक मंत्रोंच्चार के साथ बाबा तुंगनाथ के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये गये हैं.
बता दें तुंगनाथ मंदिर में भगवान शिव की भुजाओं की पूजा होती है. तुंगनाथ मंदिर सत्य तारा पर्वत पर स्थित है. कहा जाता है कि यहां सप्त ऋषियों और तारागणों ने शिव पार्वती की तपस्या कर ऊंचाई पर रहने का वरदान प्राप्त किया था.तुंगनाथ से कई पर्वतों की चोटियों के दर्शन होते हैं. तुंगनाथ मंदिर रुद्रप्रयाग जिले में आता है. यह ऊखीमठ से 28 किमी दूर है.

उत्तराखंड से आज की बड़ी खबर, कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास का हुआ आकस्मिक निधन,

0

 

उत्तराखंड से आज की बड़ी खबर,।

कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास का हुआ आकस्मिक निधन,

बागेश्वर में ही हुआ मंत्री का निधन,

समाज कल्याण, परिवहन , लघु उद्योग मंत्री थे चंदन राम दास,

लंबे से समय कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे काबिन मंत्री चंदन राम दास,

ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग बाबा केदारनाथ धाम के कपाट मंत्रो उच्चारण के साथ दर्शनार्थियो के लिए खोल दिए गए है।

0

ग्यारवें ज्योतिर्लिंग बाबा केदारनाथ के खुले कपाट।

https://we.tl/t-XZ9kuHyTXC

Description:करोड़ो हिन्दुओ के आस्था का प्रतीक विश्व प्रसिद्ध बाबा के केदारनाथ के कपाट आज विधि विधान के साथ 6 बजकर 20 मिनट पर अगले 6माह के लिये आम श्रदालुओ के खुल गए हैं ।आज सुबह 4 बजे से ही कपाट खुलने की प्रकिया को शुरू किया गया।श्री केदारनाथ के पूर्व के दरवाजे से भोलेनाथ की पंचमुखी चलविग्रह डोली को मन्दिर के गर्वगृह में विराजमान किया गया ।केदारनाथ के रावल श्री भीमा शंकर लिंग की उपस्थिति में आज कपाट खुलने की प्रकिया को प्राम्भ किया गया ।इस मौके पर उत्तराखण्ड के मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ साथ 10 हजार के लगभग देश विदेश के श्रदालु मौजूद रहे हैं।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भोलेनाथ के दर्शन के साथ साथ भंडारे का भी शुभारम्भ किया ।दर्शन करने बाद केदारनाथ में चल रही यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए सभी कर्मचारियों व अधिकारियों की हौसला बढ़ाते हुए कहा है जिस पर से आप सभी इस कड़ाके की ठंड में व्यवस्थाए बना रहे हैं वो काबिले तारिक है ओर आगे भी व्यवस्थाओं को और भी अच्छा करके किसी भी यात्री को समस्या न हो ।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाबा के दर्शन करने के बाद धाम में भंडारे का भी शुभारंभ किया ।

Coverage:pkg
Resouces:Naresh bhatt 9917129343
Location:Kedarnath

मक्कूमठ से रवाना हुई भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली, 26 अप्रैल को खुलेंगे कपाट

0

मक्कूमठ से रवाना हुई भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली, 26 अप्रैल को खुलेंगे कपाट
रुद्रप्रयाग-पंच केदारों तृतीय केदार के नाम से विश्व विख्यात भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली अपने शीतकालीन गद्दी स्थल मर्कटेश्वर तीर्थ मक्कूमठ से कैलाश के लिए रवाना हो गयी है। भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के कैलाश रवाना होने पर महिलाओं ने मांगल गीतों व भक्तों ने बाबा शंकर के उदघोषों से अगुआई की तथा पुढखी नामक स्थान पर पहुंचने पर भक्तों ने नये अनाज का भोग अर्पित कर विश्व शान्ति व समृद्धि की कामना की। भोग अर्पित करने के बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली रात्रि प्रवास के लिए भूतनाथ मन्दिर पहुंच गयी है तथा 25 अप्रैल को भूतनाथ मन्दिर से रवाना होकर पाव, चिलियाखोड, पंगेर बनियाकुण्ड यात्रा पडावों पर श्रद्धालुओं को आशीष देते हुए अन्तिम रात्रि प्रवास के लिए चोपता पहुंचेगी तथा 26 अप्रैल को भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के धाम पहुंचने पर भगवान तुंगनाथ के कपाट वेद ऋचाओं के साथ ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये जायेगें।सोमवार को भगवान तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल मर्कटेश्वर तीर्थ मक्कूमठ में ब्रह्म बेला पर विद्धान आचार्यों ने पंचाग पूजन के तहत अनेक पूजायें सम्पन्न कर भगवान तुंगनाथ सहित तैतीस कोटी देवी – देवताओं का आवाहन किया। ठीक दस बजे भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली का भव्य श्रृंगार कर आरती उतारी तथा भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली ने मर्कटेश्वर तीर्थ की तीन परिक्रमा कर कैलाश के लिए रवाना हुई। भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के कैलाश रवाना होने पर भक्तों ने पुष्प, अक्षत्रों से अगुवाई की तथा लाल – पीले वस्त्र अर्पित कर मनौती मांगी। भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली ने खेत – खलिहानों में नृत्य करते हुए पुढखी नामक तोक पहुंचीं जहाँ पर ग्रामीणों ने नये अनाज से अनेक व्यंजन बनाकर भगवान तुंगनाथ को नये अनाज का भोग अर्पित कर क्षेत्र के खुशहाली व विश्व कल्याण की कामना की।नये अनाज का भोग अर्पित करने के बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली रात्रि प्रवास के लिए भूतनाथ मन्दिर पहुंच गयी है तथा 25 अप्रैल को कैलाश के लिए रवाना होगी। इस मौके पर मठापति राम प्रसाद मैठाणी, डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित, प्रबन्धक बलवीर सिंह नेगी, प्रधान विजयपाल नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य जयवीर सिंह नेगी, गीता राम मैठाणी, विजय भारत मैठाणी, अतुल मैठाणी,विनोद मैठाणी, हरि बल्लभ मैठाणी, प्रकाश मैठाणी, अजय आनन्द नेगी, नागेन्द्र भटट्, मोहन प्रसाद मैठाणी, धीर सिंह नेगी, विजय सिंह चौहान, मनोज शर्मा,पूनम नौटियाल, चन्द्रमोहन बजवाल सहित विभिन्न गांवों के हजारों श्रद्धालु व हक – हकूकधारी, मन्दिर समिति के अधिकारी, कर्मचारी मौजूद थे।