रुद्रप्रयाग ।जनपद रुद्रप्रयाग के विकास खण्ड अगस्त्यमुनि के निरवाली धरकोट में जिला भेषज एवं सहकारी विकास संघ लिमिटेड रुद्रप्रयाग निरवाली धारकोट के ग्रामीणों को एक दिवसीय जड़ी-बूटी प्रशिक्षण दिया गया । प्रशिक्षण शिविर की अध्यक्षता ग्राम प्रधान निरवाली धारकोट श्रीमती रजनी देवी सती ने तथा कार्यक्रम का सफल संचालन प्रगतिशील कृषक एवं संघ के प्रभारी श्री जयप्रकाश सेमवाल ने किया। जड़ी बूटी प्रशिक्षण में उपस्थित उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य एवं पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा श्री वाचस्पति सेमवाल ने कृषकों को जड़ी-बूटी उत्पादन के संदर्भ में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि आज उत्तराखंड के यशस्वी मुख्यमंत्री श्रीमान पुष्कर सिंह धामी जी एवं कर्मठ वह संघर्षशील कृषि एवं उद्यान मंत्री श्रीमान गणेश जोशी जी के निर्देशानुसार प्रदेश को कृषि उत्पादन के साथ ही हर्बल स्टेट बनाने हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं इसी के तहत किसानों को हर क्षेत्र में निशुल्क बीज पौध तथा कृषि यंत्रों के साथ ही मोटा अनाज उत्पादन के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई है। हमारा यह क्षेत्र बड़ी इलायची के साथ ही हरड़ बहेड़ा एवं आंवला उत्पादन के लिए प्राकृतिक रूप से तैयार है जिसे जड़ी-बूटी उत्पादन के लिए अग्रणी क्षेत्र बनाया जा सकता है इसके लिए आप सभी तैयार हो तो वर्षा काल में संघ आपको जितनी आवश्यकता हो उतने हरड़ बहेड़ा आंवला तथा बड़ी इलायची के पौधे निशुल्क उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।
कार्यक्रम में भेषज विकास इकाई के जिला समन्वयक श्री चंद्रवीर सिंह ने भी जड़ी बूटी उत्पादन के बारे में जानकारी देते हुए कृषकों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि आज सरकार की कल्याणकारी नीतियों के तहत भेषज विकास इकाई संपूर्ण उत्तराखंड में जड़ी बूटी कृषि करण विपणन तथा मार्केटिंग के क्षेत्र में किसानों की हर संभव मदद करने के लिए तैयार है। भेषज विकास इकाई ने इस वर्ष जनपद में जिला अधिकारी जी के निर्देशानुसार बड़ी इलायची, तेजपात, हरड़, बहेड़ा, आंवला के कृषि करण व वृक्षारोपण के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की है। जड़ी-बूटी गोष्टी में ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान श्री नरेंद्र सिंह नेगी, प्रगतिशील किसान टीका प्रसाद सती तथा प्रगतिशील बड़ी इलायची उत्पादक श्री जय प्रकाश सेमवाल एवं इकाई के पर्यवेक्षक श्री संदीप रावत ने भी जड़ी बूटी, कृषि उत्पादन तथा सब्जी उत्पादन के बारे में किसानों को विस्तार से जानकारी दी प्रगतिशील कृषक श्री जयप्रकाश ने कृषकों को बताया कि उन्होंने 2010 में 200 बड़ी इलायची के पौधों का रोपण करा कर बड़ी इलायची की का कृषि कार्य प्रारंभ किया था जो आज उनके खेतों में, उनके पूरे गांव में तथा लगभग संपूर्ण जनपद में अधिकांश कृषकों के द्वारा अपनी आवश्यकताओं के अनुसार व्यापक रूप से उत्पादन शुरू कर दिया गया है
श्री जयप्रकाश ने कहा कि आज मैं स्वयं ही अपने खेतों से लगभग 300 00 पौध तथा एक कुंतल फल बड़ी इलायची का फल प्रतिवर्ष बिक्री करता हूं जिससे मुझे लगभग ₹300000का लाभ प्राप्त हो जाता है। यदि आप बड़ी इलायची के साथ ही इस क्षेत्र में हरड़ बहेड़ा आंवला का उत्पादन शुरू करते हैं तो इससे आपको अच्छी आमदनी प्राप्त हो सकती है यदि हम सभी अपने खेतों पर अच्छी मेहनत करें तो हम अपने साथ ही अन्य किसान भाइयों को भी रोजगार उपलब्ध करा सकते हैं इसके लिए सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी प्राप्त किया जा सकता है जड़ी बूटी प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत की महिलाओं ने प्रतिभा किया तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करते हुए बड़ी इलायची एवं बड़ी जड़ी बूटी उत्पादन के लिए अपनी सहमति प्रदान की।
जिला भेषज एवं सहकारी विकास संघ लिमिटेड रुद्रप्रयाग द्वारा ग्रामीणों को दिया गया एक दिवसीय जड़ी बूटी कृषिकरण प्रशिक्षण ।
पौड़ी पुलिस को मिली बड़ी सफलता ,85 किलो गांजे की तश्करी कर रहा आरोपी को किया गिरफ्तार ।
उत्तराखण्ड में अवैध नशे की लगातार हो रही है धरपक्कड़ ,
पौड़ी पुलिस ने 85 किलो गांजे के साथ एक आरोपी को सिमड़ी चेकपोस्ट से किया गिरफ्तार ।
पौड़ी। देवी भूमि को 2025 अवैध नशा मुक्त करने के लिये जहां सरकार संकल्पबद्ध वही उत्तराखण्ड पुलिस भी सभी जनपदों में लगातार अपनी धरपक्कड़ करती जा रही है जिससे नशा की तस्करी करने वालो को सलाखों के पीछे डाला जा रहा है पौड़ी पुलिस को रूटीन चेकिंग के दौरान एक बड़ी सफलता मिली ।गांजा तस्कर अपनी कार से तश्करी करने जा रहा था । 
पौड़ी जिले की पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है यहां धुमाकोट पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान 85 किलो अवैध गांजे के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है, अभियुक्त मुरादाबाद उत्तरप्रदेश का रहने वाला है जिसकी पहचान रणधीर सिंह के तौर पर हुई है अभियुक्त अपनी कार के जरिए 85 किलो अवैध गांजा की तस्करी कर रहा था जिसकी बाजार में कीमत करीब 13 लाख है पुलिस ने सिमड़ी क्षेत्र में चेकिंग अभियान के दौरान अभियुक्त को 85 किलो गांजे के साथ धर दबोचा और अभियुक्त के विरुद्ध एनडीपीएस की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है वहीं अभियुक्त के आपराधिक इतिहास की भी अब पुलिस जानकारी जुटा रही अभियुक्त रणधीर सिंह ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह सनोज नेगी नाम के लड़के से 85 किलो अवैध गांजा उसके घर गाँव भंगलवाड़ी, बजवाड़ा सराइखेत जनपद अल्मोड़ा से खरीदता था और फिर अवैध गांजे को वो मुरादाबाद में ले जाकर ऊंचे दामों में बेचा करता था।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने दो दिवशीय टिहरी दौरे पर जिला मुख्यालय में सुनी प्रधानमंत्री की मन की बात ।
टिहरी,।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को कलक्ट्रेट सभागार टिहरी में जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने मन की बात में अपील की है कि त्योहारों में स्थानीय उत्पादों का अधिक से अधिक प्रयोग किया जाए। यह वोकल फॉर लोकल की दिशा में एक अच्छा प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से हमारे स्थानीय लोगों की आजीविका बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित बागेश्वर जनपद के लोक गायक श्री पूरन सिंह राठौर का प्रधानमंत्री जी ने मन की बात कार्यक्रम में उल्लेख किया। दिव्यांग होने के बावजूद भी उनके द्वारा उत्तराखण्ड की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए जो कार्य किये जा रहे हैं, उसके लिए वे साधुवाद के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि यदि मन में कुछ करने का जोश हो तो विषम परिस्थितियों में भी सब कुछ संभव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का मन की बात कार्यक्रम सबके लिए प्रेरणादाई होता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से देशभर में विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वालों के बारे में भी लोगों को जानकारी मिलती है, इससे अन्य लोग भी विशिष्ट कार्यों के लिए प्रेरित होते हैं।
22 पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी ।
– 22 पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी ।
देहरादून।।
उत्तराखंड राज्य गठन आंदोलन के दौरान 1994 में रामपुर तिराहा कांड के दोषियों को अभी तक सजा नहीं मिल पाई है। 2 अक्तूबर 1994 को दिल्ली जा रहे आंदोलनकारियों पर अत्याचार और 7 लोगों के शहीद होने के मामले में मुजफ्फरनगर के तत्कालीन सिविल लाइन थाने के 22 पुलिस कर्मियों के विरुद्ध अब विशेष अदालत ने कोर्ट में पेश न होने पर गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। न्यायालय की इस कार्यवाही पर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी और विभिन्न राजनीतिक दलों ने मिलीजुली प्रतिक्रिया दी है ….और इसे उत्तराखंड वासियों के घावों पर एक मरहम बताया है.. और सरकार से न्यायालय में पैरवी करने की अपील की है।
लंबे संघर्ष और 42 सहादतों के बाद उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ। राज्य गठन आंदोलन के दौरान 2 अक्टूबर 1994 को मुजफ्फरनगर में राज्य आंदोलनकारियों पर पुलिस की बर्बरता और अत्याचार का घाव आज तक नहीं भर पाया। दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर आज भी उत्तराखंड के लोग लंबी लड़ाई लड़ रहे हैं। 2 अक्टूबर 1994 को पृथक उत्तराखंड प्रदेश की मांग को लेकर दिल्ली जा रहे उत्तराखड समर्थकों पर पुलिस फायरिंग और महिलाओं पर अत्याचार के मामले में तत्कालीन थाना सिविल लाइन सहित 22 पुलिस कर्मियों के विरुद्ध विशेष अदालत ने कोर्ट में पेश न होने पर गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। विशेष सीबीआई अदालत एडीजे 7 शक्ति सिंह ने गैर जमानती वारंट जारी करते हुए आदेश दिया आरोपियों के वकील हाज़री माफी भी रद कर दी गई। आपको बता दें कि रामपुर तिराहा कांड में महिलाओं के साथ बलात्कार, महिलाओं पर अत्याचार के आरोप में सीबीआई ने पुलिस कर्मियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। कोर्ट में रामपुर तिराहा कांड के 4 मामले लंबित हैं। 2 अक्टूबर 1994 को मुज़फ्फरनगर के रामपुर तिराहे पर पुलिस फायरिंग में 7 लोगों की जान चली गई थी और दर्जनों घायल हुए थे। विभिन्न राजनीतिक दलों और राज्य आंदोलनकारियों ने सभी दोषियों को सख्त सजा दिलाने और सरकार से इस पर पैरवी करने की अपील की है।
प्रकृति की अनमोल नेमत “सफ़ेद बुरांस”
चमोली। जोशीमठ-मध्य हिमालयी क्षेत्रों में अमूमन लाल बुरांस की लालिमा और अद्भुत क्षठा बसंत के शुरुवात में देखने को मिलती है। लेकिन इन सब से अलग और अद्भुत है सफ़ेद बुरांस का पहाड़ी जीवन के सामान्य वातावरण में खिलना!
सामान्य तौर पर राज्य बृक्ष पर खिलने वाला बुरांस लाल बुरांस का पुष्प 1500 से 2500 मीटर के मध्य खिलता है उससे ऊपर खिलने वाला बुरांस के सामान प्रजाति वाले पुष्प में सफेदी और गुलाबीपन होता है जिसे जहरीला माना जाता है। लेकिन सफ़ेद बुरांस का सामान्य ऊंचाई पर खिलना अद्भुत तो है ही शोध का विषय भी है।
यह कुदरत का करिश्मा ही है कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उगने वाला सफेद बुरांस का फूल जोशीमठ ब्लॉक में समुद्रतल से 1800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित सेलंग गांव में खिल रखा है। लोग हैरत में हैं कि आखिर यह सफेद बुरांस इतनी कम ऊंचाई पर कैसे खिल रहा, जबकि इस ऊंचाई पर राज्य वृक्ष लाल बुरांस का फूल ही खिलता है। इन दिनों भी इस पेड़ के आसपास का पूरा क्षेत्र लाल बुरांस की लालिमा बिखेर रहा है। विदित हो कि सफेद बुरांस समुद्रतल से 2900 मीटर से 3500 मीटर की ऊंचाई तक खिलता है। लेकिन, सेलंग का यह सफेद बुरांस पिछले कई सालों से उत्सुकता जगाता आ रहा है।
देश में इतनी कम ऊंचाई पर सफेद बुरांस कहीं भी नहीं खिलता। यह ऊंचाई सिर्फ लाल बुरांस के लिए मुफीद है। यही नहीं, हिमालयी क्षेत्र में खिलने वाले सफेद बुरांस के पेड़ भी इस पेड़ की तुलना में काफी बौने होते हैं। यह पेड़ लगभग 20 मीटर ऊंचा है, जबकि सामान्य पेड़ पांच से छह मीटर ऊंचे होते हैं। सेलंग निवासी कल्पेश्वर भंडारी बताते हैं कि पहाड़ के भूगोल से परिचित हर व्यक्ति इस बुरांस को देखकर आश्चर्यचकित हुए बिना नहीं रहता। लिहाजा इस दुर्लभ पेड़ को संरक्षित किए जाने की जरूरत है। वन विभाग को इस दिशा में पहल करनी चाहिए।
वनस्पति शास्त्री एवं राजकीय महाविद्यालय जोशीमठ वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर सुमन राणा कहते हैं कि कभी-कभी किन्हीं कारणों से सफेद बुरांस का बीज निचले स्थानों पर पहुंच जाता है। अलग एन्वायरनमेंटल सेटअप के कारण इसके पेड़ की प्रथम व द्वितीय पीढ़ी में मॉर्फोलॉजिकल बदलाव आ जाता है। यही नहीं, पांचवीं व छठी पीढ़ी में तो आनुवांशिक गुणों के बदलने की भी संभावना रहती है। ऐसे में यह नई प्रजाति या सब प्रजाति बन जाती है। प्रो. सुमन राणा के अनुसार सफेद बुरांस का यह पेड़ अभी प्रथम पीढ़ी का है यानी इसमें सिंगल स्टेम है। लिहाजा यह बदलाव अस्थायी बदलाव माना जाएगा।
वर्ष में एक-डेड माह खिला रहता है सफेद बुरांस
यह सफेद बुरांस रोडोडेंड्रॉन कैम्पेनुलेटम प्रजाति का है। स्थानीय भाषा में सफेद को लोग चिमुल, रातपा जैसे नामों से जानते हैं। छह माह बर्फ की चादर ओढ़े रहने पर मार्च आखिर से जब बर्फ पिघलनी शुरू होती है, तब सफेद बुरांस के तने बाहर निकलते हैं और इन पर फूल खिलने लगते हैं। सामान्यतौर पर सफेद बुरांस के फूल एक से दो माह तक खिले रहते हैं। कई जगह देर से बर्फ पिघलने पर यह देर से भी खिलता है।
आनुवांशिक गुणों में बदलाव का परिणाम
वन क्षेत्राधिकारी नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क धीरेश चंद्र बिष्ट कहते हैं कि यह लाल बुरांस की ही प्रजाति है। आनुवांशिक गुणों में बदलाव के चलते यह सफेद बुरांस की प्रजाति में बदल गया होगा। बिष्ट दावा करते हैं कि देश में ऐसा पेड़ कही नहीं है। इसलिए वन विभाग इसको संरक्षित करने का कार्य करेगा।
जोशीमठ सलुड मोटर पैनी बैंड के पास खाई मे दो अज्ञात शव को पुलिस ने बरामद किया।
चमोली
जोशीमठ सलुड मोटर पैनी बैंड के पास खाई मे दो अज्ञात शव को पुलिस ने बरामद किया।
शुक्रवार सुबह ग्रामीणों द्वारा पुलिस को सूचना मिली थी कि पैनी बैंड सलुड रोड के पास खाई मे दो लोगो गिरे हुए है। सूचना मिलते ही पुलिस तथा एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुँची। जिसके बाद दोनों लोगो का रेस्क्यू कर जोशीमठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जहाँ चिकित्सको ने दोनों को मृत्यु घोषित कर दिया। जिसके बाद पुलिस द्वारा दोनों शवो का पंचनामा भर दिया गया है।
जोशीमठ कोतवाली एस एस आई संजय नेगी के बताया कि पुलिस को सुबह ग्रामीणों ने सूचना दी थी कि दो लोगो पैनी बैंड के पास खाई मे गिरने की सूचना है। जिसके बाद पुलिस व एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुँची तथा दोनों का रेस्क्यू कर सामुदायिक स्वास्थ्य के केंद्र जोशीमठ लाया गया। जिसके बाद चिकित्सको द्वारा दोनों को मृत्यु घोषित कर दिया गया है। दोनों शव अज्ञात है। लेकिन दोनों नेपाल मूल के बताए जा रहे है।
यमुनोत्री के रोपवे निर्माण को लेकर पर्यटन विभाग, निजी निर्माण कंपनी एस.आर.एम. इंजीनियरिंग एवं एफआईएल इंडस्ट्री प्रा. लि. के बीच अनुबंध ।
देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की उपस्थिति में मुख्यमंत्री आवास में यमुनोत्री रोपवे प्रोजेक्ट के लिए पर्यटन विभाग, निजी निर्माण कंपनी एस.आर.एम. इंजीनियरिंग एवं एफआईएल इंडस्ट्री प्रा. लि. के बीच अनुबंध किया गया। ले. कमान्डर दीपक खण्डूरी (से.नि.) निदेशक अवस्थापना एवं श्री अविरल जैन ने एमओयू हस्ताक्षरित किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस इस रोपवे परियोजना के पूर्ण होने के बाद यमुनोत्री धाम अपने शीतकालीन स्थल खरसाली से जुड़ जायेगा। इस रोपवे परियोजना के बनने के बाद श्रद्धालुओं को यमुनोत्री धाम के दर्शन करने में सुगमता होगी। अभी पैदल मार्ग से यमुनोत्री धाम पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 2 से 3 घण्टे का समय लग जाता है, रोपवे बन जाने के बाद मात्र 15 से 20 मिनट में श्रद्धालु यमुनोत्री के दर्शन के लिए पहुंच जायेंगे एवं प्रदूषण मुक्त प्राकृतिक सौन्दर्य का लाभ उठा पायेंगे। इस रोपवे परियोजना के पूर्ण होने पर श्रद्धालुओं को तो सुविधा मिलेगी ही साथ ही स्थानीय स्तर पर लोगों के रोजगार के संसाधन भी बढ़ेंगे। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि खरसाली से यमुनोत्री धाम तक बनने वाला यह रोपवे मॉ यमुना के ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन धामों को एक साथ जोड़ने एवं उत्तराखण्ड में धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं में एक और नये अध्याय का कार्य करेगा। परियोजना का क्रियान्वयन तय सीमा में पूर्ण किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। 
यमुनोत्री धाम के लिए बनने वाला 3.38 किमी लंबाई का यह रोपवे मोनोकेबल डिटैच्चेबल प्रकार का होगा। जिसका निर्माण यूरोपीय मानकों के अनुसार फ्रांस और स्विटजरलैंण्ड की तर्ज पर किया जायेगा। इस रोपवे की यात्री क्षमता एक घंटे में लगभग 500 लोगों को ले जाने की होगी। रोपवे के एक कोच की क्षमता आठ लोगों को ले जाने की होगी। यह रोपवे पर्यटन विभाग द्वारा पीपीपी मोड पर निर्मित किया जाना प्रस्तावित है। यमुनात्री को रोपवे से जोड़ने के साथ ही पार्किंग, आवासीय व्यवस्था, रेस्टोरेंट के निर्माण भी प्रस्तावित हैं। लगभग 166.82 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले रोपवे का लोअर टर्मिनल खरसाली में 1.787 हेक्टेयर भूमि पर बनाया जायेगा, जबकि अपर टर्मिनल 0.99 हेक्टेयर भूमि पर बनाया जायेगा।
आगामी केदारनाथ यात्रा के सफल संचालन के लिए जिले के अधिकारियों को सौंपी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी ।
आगामी केदारनाथ यात्रा के सफल संचालन के लिए जिले के अधिकारियों को सौंपी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी ।
अलग अलग विभागों के 43 नोडल अधिकारी व 25 सहायक नोडल अधिकारियों को सौंपी नई अलग अलग जिम्मेदारी ।
रुद्रप्रयाग ।इस वर्ष की केदारनाथ धाम यात्रा को सुव्यवस्थित एवं सफल संचालन करने तथा केदार घाटी में आपदा न्यूनीकरण एवं प्रतिक्रिया तंत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने यात्राकाल के लिए जनपद स्तरीय अधिकारियों को नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी नामित करते हुए उन्हें सौंपे गए दायित्वों एवं जिम्मेदारियों का निर्वहन तत्परता से करने के लिए आदेश निर्गत किए गए हैं।
केदारनाथ धाम यात्रा हेतु मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार को ओवर ऑल नोडल तथा जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर को सहायक नोडल अधिकारी नामित किया गया है। समस्त यात्रा मार्ग पर कानून एवं व्यवस्था के लिए उप जिलाधिकारी ऊखीमठ जितेंद्र वर्मा को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। इसी तरह शांति व सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस उपाधीक्षक गुप्तकाशी विमल रावत को, यातायात व्यवस्था हेतु पुलिस उपाधीक्षक ऑपरेशन हर्षवर्धनी सुमन तथा हैलीकाॅप्टर से संबंधित व्यवस्थाओं हेतु जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जनपद के अंतर्गत समस्त उप जिलाधिकारियों को तहसील नोडल, केदारनाथ मंदिर परिसर व पूजा व्यवस्था हेतु मुख्य कार्याधिकारी बदरी-केदार मंदिर समिति योगेंद्र सिंह को, घोड़ा-खच्चर स्वास्थ्य जांच, उपचार बीमा व्यवस्था के लिए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. आशीष रावत को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। प्रभारी मुख्य अधिकारी प्रेम सिंह रावत को घोड़े-खच्चर मालिकों, श्रमिकों व हाॅकरों के पंजीकरण के लिए, परियोजना अधिकारी उरेड़ा राहुल पंत को घोड़े-खच्चर हेतु गरम पेयजल व्यवस्था तथा उद्यान अधिकारी योगेंद्र चौधरी को फोटोमैट्रिक पंजीकरण हेतु नोडल अधिकारी नामित किया गया है। जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि श्री केदारनाथ धाम यात्रा हेतु कुल 43 नोडल अधिकारियों सहित 25 सहायक नोडल अधिकारियों की तैनाती के आदेश निर्गत किए गए हैं। उन्होंने सभी नोडल व सहायक नोडल अधिकारियों को उनसे संबंधित व्यवस्थाओं का पालन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि यात्रा के दौरान तैनात अधिकारियों द्वारा किसी भी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
शिक्षक की क्रूरता आई सामने ,पीट पीट कर छात्र का हाथ तोड़ डाला।
पौड़ी…. जिले में एक सरकारी शिक्षक की क्रूरता इस कदर सामने आई है की बौखलाए शिक्षक ने 9वी कक्षा के एक छात्र का हाथ तक तोड़ डाला, मामला जिले के कल्जीखाल ब्लॉक के राजकीय इंटर कॉलेज कांडा का है जहां भूपेंद्र थपलियाल नाम शिक्षक ने मासूम छात्र का हाथ इसलिए तोड़ डाला कि एक लावारिश कुत्ता स्कूल परिसर में घुस गया वहीं मासूम छात्र को इसका कसूरवार मानकर शिक्षक ने छात्र को इस कदर पीटा की छात्र के हाथ की हड्डी टूट गई वहीं आगामी 27 फरवरी से छात्र की परीक्षाएं हैं और परिजन इस बात को लेकर चिंतित हैं की छात्र अब परीक्षा में बैठेगा कैसे? छात्र के हाथ में प्लास्टर है और परिजन शिक्षक के खिलाफ उचित कार्यवाही की मांग कर रहे हैं ताकि मासूम छात्रों पर अत्याचार न हो वहीं इस प्रकरण पर मुख्य शिक्षा अधिकारी ने संज्ञान लेते हुए आरोपी शिक्षक के खिलाफ जांच बैठा दी है और खंड शिक्षा अधिकारी को 5 दिनों के भीतर जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं मुख्य शिक्षा अधिकारी आनंद भारद्वाज ने बताया की छात्रों को पीटना कानूनी अपराध भी है वहीं इस गंभीर प्रकरण पर भी शिक्षक की क्रूरता बर्दास्त नही की जाएगी।

















