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Friday, July 3, 2026
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आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों में जुटा पर्यटन विभाग ।

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चारधाम यात्रा को लेकर सरकार के स्तर पर तैयारियां जोरों शोर से चल रही हैं। वहीं चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे ने कहा कि इस बार चारधाम यात्रा में रजिस्ट्रेशन मैंडेटरी होगा, फोन कॉल और व्हाट्सएप के माध्यम से श्रद्धालु अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे । इसके साथ ही तमाम मूलभूत सुविधाओं के लिए उत्तराखंड के सभी विभाग आपस में समन्वय और सामंजस्य बनाकर चलेंगे ताकि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी किस्म की दिक्कतें ना हों । पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे ने यह भी कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान हेलिसर्विसेज व्यवस्थाएं भी पूर्व की तरह संचालित रहेंगी, हालांकि बुकिंग और अन्य संबंधित कार्यवाही सिविल एविएशन डिपार्टमेंट के तहत होगा, लेकिन हेलिसर्विसेज के दौरान चारधाम दर्शन को आने वाले तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो और उनकी चारधाम यात्रा सुगम और सरल हो, इसके लिए चारधाम यात्रा मार्गों पर पड़ने वाले सभी हेलीपैड्स पर पर्यटन विभाग की ओर से एक अधिकारी को तैनात किया जाएगा ताकि तीर्थयात्रियों को सुगमता से चारधाम की यात्रा कराई जा सके ।

दलदल में दफन अपनों की याद में आज तक सिसक रहे परिवार ।

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रिपोर्ट। सोनू उनियाल
जोशीमठ ।।उत्तराखंड और खासकर प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में दैवीय आपदाओं का आना कोई नई बात नहीं है। यह सुंदर दिखने वाली पहाड़ियां और कलकल करती नदियां कब विकराल हो जाए इसका अंदाजा कोई नहीं लगा सकता। अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए पहचाने जाने वाले उत्तराखंड के पहाड़ी इलाके अक्सर दैवीय आपदाओं से झुलसते रहते हैं।

यहां प्रकृति कभी भी विकराल रूप धारण कर सैकड़ों हंसती खेलती जिंदगीयों को निगल लेती है। प्रकृति का विकराल रूप कुछ समय बाद शांत हो जाता है। आपदाएं थम जाती है। पर इन आपदाओं के गहरे जख्म इस प्रदेश की छाती पर ज्यों के त्यों बने रहते हैं। और बार-बार यहां रहने वाले लोगों को ज़हन कपकपा देने वाली इन आपदाओं की याद दिलाते रहते हैं।

ऐसा ही एक काला दिन आज से 2 साल पहले उत्तराखंड के इतिहास के साथ जुड़ गया था। प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र रैणी में 7 फरवरी सन 2021 को एक डरावना भूचाल आया और सैकड़ों जिंदगियों को अपने आप में समा ले गया।

 

इस दिन रैणी में दिन की गुनगुनी धूप के बीच एक डरा देने वाली आवाज हुई थोड़ी देर बाद देखा तो मलबे और पत्थर का सैलाब बह रहा था। दरअसल 7 फरवरी 2021 रविवार के दिन रैणी के ऊपर की पहाड़ी से एक हिमखंड टूट कर वहां बनी एक प्राकृतिक झील में जा गिरा हिमखंड के झील में गिरने से पानी का जलजला उफन पड़ा और बहते बहते सैकड़ों जिंदगियों को अपने साथ बहा ले गया।

त्रासदी इतनी भयावह थी कि पिछले 1 से डेढ़ साल तक मृतकों के मृत शरीर वहां जमे मलबे से निकलते रहे। और अपनों को याद कर रहे परिवार अपनों के आने के इंतजार में सिसकते रहे। यह भयावह त्रासदी उस ही गांव में आई थी जिस गांव की मिसाल हर पर्यावरणविद देता है। जिस गांव को पर्यावरण प्रेमियों की भूमि कहा जाता है। और जिस गांव में गौरा देवी जन्मी थी वह गौरा देवी जिस गौरा देवी ने पूरे विश्व को चिपको आंदोलन के जरिए पर्यावरण बचाने का संदेश दिया था।

यह त्रासदी उस गौरा देवी की धरती को डूबा ले गई जिस गौरा देवी ने इस धरती के पेड़ों को बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान करने की ताल ठोक दी थी। गौरा देवी अपनी सहेलियों के साथ रैणी के जंगलों में पेड़ों पर चिपक गई थी। और ताल ठोकी थी कि पेड़ तब कटेंगे जब वह और उनकी सहेलियां अपने शीश कटवा देंगी।इस पावन धरती पर आई इस त्रासदी में अपनों को खो बैठे लोग आज तक सिसकते हैं। रैणी में रहने वाले कुछ लोग बताते हैं, कि जब भी बारिश की तेज आवाज होती है। तो उनके जहन में एक डर बैठ जाता है। और उसी भूचाल की तस्वीरें सामने आती है जो भूचाल वह 2 साल पहले झेल चुके हैं।

यह आपदा इतनी भयावह थी कि इस आपदा में कई लोगों के आशियाने डूब गए तो कई आसियानो के मालिक ही नहीं बचे। यह रविवार के दिन वाली 7 फरवरी आज भी हर एक उत्तराखंडी के जहन में काले दिन के रूप में बसती है। हर कोई यही मिन्नते करता है कि ऐसी 7 फरवरी कभी फिर उत्तराखंड के इतिहास में ना लौटे यह ऐसा काला दिन था कि इस दिन पूरे क्षेत्र में कई लोगों के घर में चूल्हे नहीं जले।

पूरे गांव में मातम छा गया था रोने चीखने चिल्लाने के अलावा कुछ सुनाई नहीं दे रहा था और देखने के लिए यदि कुछ था तो वह था बहता सैलाब और लाशों का ढेर। इस दिन को कोई भी उत्तराखंडी ना तो याद करना चाहता है और ना ही दोबारा देखना चाहता है। रैणी में आए इस जलजले के बाद लगभग 1 साल तक नदियों का रंग मटमैला रहा।

यह मलवा यहां से कई किलोमीटर नीचे तक नदियों के जरिए वह कर गया कई लोगों के शव कर्णप्रयाग के आगे से बरामद किए गए। बताया जाता है, कि कई लोगों के शव हरिद्वार ऋषिकेश तक भी बहकर पहुंच गए थे।इस आपदा में मृत अवस्था को प्राप्त हुए लोगों का संस्कार उनके परिवार जन सही ढंग से नहीं करवा सके क्योंकि किसी शव का हाथ तो किसी शव का सर मिलता था शवों की हालत इतनी खराब हो गई थी। उनको पहचानना मुश्किल था। इतनी भयावह आपदा का दंश झेल चुके क्षेत्र के लोग अब इस काले दिन को याद नहीं करना चाहते।

नदी के किनारे खेलते हुए छोटे भाई का पैर नदी में फिसलने पर बचाव में दोनों भाई नदी में समाए।

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नदी के किनारे खेलते हुए छोटे भाई का पैर नदी में फिसलने पर बचाव में दोनों भाई नदी में समाए।

श्रीनगर -छोटा भाई को नदी में डूबते देख बड़ा भाई भी कूदा छोटे भाई को बचाने के लिए दोनें का लापता पुलिस रेस्क्यू में जुटी। घटना कल देर सांय की बतायी जा रही हैं जहां थाना देवप्रयाग पर सूचना प्राप्त हुयी कि धनेश्वर मन्दिर देवप्रयाग के नीचे नदी किनारे 4 बच्चे खेलने के लिए गए थे जिसमें से दो बच्चे घर वापस आ गए जिनके द्वारा बताया गया कि हमारे साथ गए दो लड़के आदेश पुत्र हीरालाल ;उम्र 12 वर्ष व अभिषेक पुत्र हीरालाल ;उम्र 8 वर्ष, निवासी ग्राम पुंडल देवप्रयाग पौड़ी गढ़वाल जो कि नदी के पास खेल रहे थे। खेलते समय अभिषेक का पैर फिसल गया, जिससे वह नदी में गिर गया जिसको बचाने के लिए उसका बड़ा भाई आदेश नदी में कूद गया। जब वह दोनों नदी में काफी आगे निकल गए तो हम वहाँ से डर कर भाग गए। इसके पश्चात उन दोनों का पता नहीं चल पाया।
घटना का सज्ञान लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे द्वारा तत्काल पुलिस उपाधीक्षक सर्किल श्रीनगर को मय पुलिस एवं एसडीआरएफ के साथ मौके पर पहुँचने एवं त्वरित कार्यवाही कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुये बच्चों की तलाश करने हेतु निर्देशित किया गया।ये पुलिस उपाधीक्षक श्रीनगर के नेतृत्व में जनपद की थाना देवप्रयाग पुलिस, एसडीआरएफ श्रीनगर, जल पुलिस श्रीनगर एवं फायर टीमें रात्रि से लगातार बच्चों का रेस्क्यू कर रही है। रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।लेकिन अभी तक बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

ऋृषिकेश बद्रीनाथ राजमार्ग दु-खद हादसा- बगवान के पास सड़क पर ट्राला पलटने से ट्रृला के नीचे स्कूटी सवार दबा ।

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दु-खद हादसा- बगवान के पास सड़क पर ट्राला पलटने से ट्रृला के नीचे स्कूटी सवार दबा
ऋृषिकेश बद्रीनाथ राजमार्ग 58 पर बगवान के पास एक बड़ा ट्राला पलटने से एक दर्दनाक हादसा हो गया तेज गति और अनियंत्रित तरीके से चल रहे ट्राला के नीचे एक स्कूटी सवार उसकी चपेट में आ गया और उसकी दर्दनाक मौत हो गयी। स्थानीय ग्रामीणों द्धारा जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को सूचना देने के बाद जाम लगा दिया और मांग की ही स्कूटी सवार को तभी उठाया जायेगा जब तक उसको उचित मुआवजा नहीं दिया जायेगा। साथ ही लोगों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहॅूचे तभी मृतक बाड़ी को उठाया जाया।

उत्तराखंड के दो जांबाज सपूतों को मिलेगा सेना मेडल, मध्य प्रदेश में आठ फरवरी को किया जाएगा सम्मानित।

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देहरादून

उत्तराखंड के दो जांबाज सपूतों को मिलेगा सेना मेडल, मध्य प्रदेश में आठ फरवरी को किया जाएगा सम्मानित

हरिद्वार निवासी हवलदार शहीद सोनित कुमार सैनी को यह सम्मान मरणोपरांत मिलेगा। जबकि, हवलदार भूपेंद्र चंद को अदम्य साहस का परिचय देने के लिए सेना मेडल से किया जाएगा सम्मानित

आठ फरवरी को मध्यप्रदेश के जबलपुर में मध्य कमान के अलंकरण समारोह का होगा आयोजन।

नाबालिक छात्रा से दुष्कर्म मामले में 63 वर्षीय बुजुर्ग को किया गिरफ्तार

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नाबालिक छात्रा से दुष्कर्म मामले में 63 वर्षीय बुजुर्ग को किया गिरफ्तार…

अल्मोड़ा ।।उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा चलाया जा रहा जन जागरूकता अभियान में नाबालिग छात्रा ने अपने साथ हुए दुष्कर्म बारे में सुनाई आपबीती ।
अल्मोडा के सोमेश्वर तहसील के एक स्कूल में छात्रा ने दुष्कर्म का खुलासा किया। महिला पुलिस कर्मियों के स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्रा ने पुलिस को आप बीती बताई। जिसके बाद पुलिस ने 63 साल के आरोपित को गिरफ्तार कर उसकी सही जगह यानि सलाखों के पीछे भेज दिया है।
मामला सोमेश्वर थाने के एक स्कूल से सामने आया। एसएसपी प्रदीप रॉय के निर्देश के बाद अल्मोड़ा पुलिस महिलाओं को ‘उत्तराखण्ड पुलिस एप’ व ’गौरा शक्ति फीचर’ की जानकारी देकर जागरूक कर रही है। इसी क्रम में 4 फरवरी को सोमेश्वर थानाध्यक्ष विजय नेगी व उप निरीक्षण्क मोनी टम्टा क्षेत्र के एक स्कूल में छात्र-छात्राओं को जागरुक करने पहुंचे। स्कूल में पुलिस टीम ने छात्राओं को छेड़ाखानी, छीटाकसी व परेशान करने वाले अराजक तत्वों के विरूद्ध शिकायत दर्ज कराने के बारे में जानकारी दी। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा ने अपने साथ हो रहे शोषण की आप बीती बताई।

मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने नामजद अभियुक्त के खिलाफ सोमेश्वर थाना में धारा 376सी/506 भा.द.वि. 5/6 पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। इसके साथ ही पुलिस ने 2 घंटों के भीतर आरोपित को उसके घर छानी ग्राम, पोस्ट ल्वेशाल से धर दबोचा ,दुष्कर्म का आरोपित 63 साल का बुड्ढा है। पुलिस ने आरोपी बुड्ढे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपित की पहचान सुरेंद्र सिंह उर्फ सूर सिंह उम्र-63 वर्ष पुत्र धर्म सिंह निवासी ग्राम छानी, पोस्ट ल्वेशाल थाना सोमेश्वर, जनपद अल्मोड़ा है।

प्रधानमंत्री को विश्व मे सबसे अधिक रैंकिंग मिलने पर आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद की प्रतिक्रिया ।

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हरिद्वार । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विश्व में सबसे अधिक लोकप्रिय नेता की रैंकिंग मिलने के बाद एक बार फिर ऐसी दुआ की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ना केवल भारतवर्ष में लोकप्रिय हैं बल्कि पूरा विश्व आज भारत और भारत के प्रधानमंत्री को पसंद कर रहा है। विश्व के बड़े नेताओं में सबसे अधिक रैंकिंग हासिल करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ में जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि का कहना है कि आज ना केवल प्रधानमंत्री बल्कि पूरे भारतवर्ष की रैंकिंग में विश्व पटल पर सुधार हुआ है और पूरा विश्व भारत की ओर उम्मीदों से देखना है सभी भाई मानना है कि भारत में निवेश और उद्योग के लिए काफी अच्छे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्व रैंकिंग में सबसे ऊपर आने पर जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी का कहना है कि आज पूरे संसार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक सशक्त भारत, एक समृद्ध भारत, स्वस्थ ओर स्वछ भारत की छवि दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व में यह मान्यता है कि भारत में निवेश के लिए उचित अवसर हैं भारत में शिक्षा चिकित्सा और विविध प्रकार के औद्योगिक क्रांति ओके पपड़ी अवसर हैं आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए भारत ने एक बहुत बड़ा क्षेत्र बनाया है आज भारत के प्रति विश्व में एक विश्वास जगह है साथ ही उन्होंने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में आज भारत पांचवी आर्थिक व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आज विश्व में जो आधार पैदा हुआ है पूरे संसार में उनकी प्रतिष्ठा हुई है और उनकी सर्वोच्च निकालता बनी है पूरे विश्व में उनके नेतृत्व सभ्यता शालीनता और उनके उच्च चरित्र के प्रति और उनके प्रजातांत्रिक मूल्यों के प्रति आज पूरे विश्व ने माना है कि उनके नेतृत्व में भारत एक सही दिशा में जा रहा है साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भारत की जो विश्वनीयता बनी है वह देखते ही बनती है। आज पूरा विश्व भारत में बनी कोरोना वैक्सीन की मांग कर रहा है आज हर घड़ी कंपनी में बड़े पदों पर भारत के लोग मिल जाएंगे। भारत का हर व्यक्ति संसार में अपनी योगिता प्रतिभा क्षमता और अपनी सभ्यता शालीनता का परिचय दे रहा है।

ओली में राष्ट्रीय शीतकालीन खेलों की नई तिथियां घोषित, प्राकृतिक बर्फबारी और स्नो गनों की कृत्रिम बर्फ पर टिका विंटर गेम्स।।

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चमोली ।,उत्तराखंड की विंटर डेस्टिनेशन औली की मेजबानी में होने वाले राष्ट्रीय शीतकालीन खेलों की नई तिथि घोषित हो गई है । स्की एंड स्नो बोर्ड एसोशिएसन उत्तराखंड द्वारा जारी किया गया इवेंट्स शेड्यूल में 24 फरवरी से 26 फरवरी 2023 तक औली की नन्दादेवी इंटरनेशनल स्की स्लोप पर होंगी नेशनल अल्पाईन स्की एंड स्नो बोर्ड चैंपियनशिप आयोजित होगी ।
23 फरवरी को सभी राज्यो की टीमें जीएमवीएन स्की रिजॉर्ट औली में रिपोर्ट देंगे, इस बार इन विंटर गेम्स का दारोमदार बर्फ की उपलब्धता पर निर्भर होगा।

उत्तराखंड सरकार और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की हिम क्रीडा स्थली औली में विंटर गेम्स कराने की पहल तभी रंग ले सकेगी जब औली में बर्फबारी समय पर होगी । अगर फिर से स्लोप पर बर्फ की कमी होगी तो ऐसे में आयोजकों सहित विभिन्न राज्यों के एथलीटों की निगाहें औली की ढलानों में लगी 7 करोड़ की लागत के आर्टिफिशियल स्नो मेकिंग सिस्टम पर टिकी रहेगी । ये स्नो गन मशीनें इस बार जरूर नन्दा देवी स्लोप को कृत्रिम बर्फ से लद कर सजेगी या नहीं।क्योकि स्लोप पर फ़िलहाल बर्फ की मात्रा बहुत कम है, ऐसे में नेशनल विंटर गेम्स से पहले प्राकृतिक बर्फबारी होना बहुत जरूरी है,बिना बर्फबारी के औली विंटर गेम्स संभव नहीं है।

अब आयोजन समिति का पूरा दारोमदार जीएमवीएन की इन यूरोपीय आर्टिफिशियल स्नो मेकिंग मशीनों से बर्फ बनाकर शीतकालीन खेल सम्पन्न कराना है। बर्फ की उपलब्धता पर ही इन खेलों का भविष्य टिका हुआ है,हालंकि नेशनल विंटर गेम्स आयोजन समिति ने और राज्य शीतकालीन खेल संघ द्वारा जोशीमठ भू धंसाव आपदा को लेकर साफ निर्देश जारी कर दिया है कि प्रशासन द्वारा स्थानीय होटलों को राहत शिविरों में तब्दील करने के चलते इस बार औली और लोअर औली जोशीमठ में एथलीटों ओर टीम ऑफिशियल हेतु आवासीय व्यवस्थाएं सीमित संख्या में रहेगी।ऐसे में सभी राज्यो की टीमो को आयोजन समिति द्वारा जारी निर्देशों के तहत ही सीमित एथलीटों ओर ऑफिसियल के साथ प्रतिभाग करने को कहा गया है ।

अब देखना होगा कि औली में प्रकृति मेहरबान हो और राष्ट्रीय शीतकालीन खेलों से पूर्व प्राकृतिक बर्फबारी हो जाय या फिर 7 करोड़ के जंबो बजट से खरीदी गई विदेशी आर्टिफिशियल स्नो मेकिंग मशीनें मेहरबान हो जाय और स्लोप पर आर्टिफिशियल बर्फ बन जाय ।यदि ये दोनों चीजें समय पर नही होगी तो ये औली का दुर्भाग्य होगा कि ये पांचवीं बार भी औली की मेजबानी में नेशनल विंटर गेम्स बर्फ की कमी के चलते रदद् होंगे। अभी तो आयोजन समिति प्रकृति और आर्टिफिशियल स्नो मेकिंग सिस्टम के भरोसे ही सही नेशनल विंटर गेम्स की अग्रिम तैयारियों में जुटी हुई है।

उत्तराखंड के चार जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी की गई है जारी ,अन्य राज्यो बारिश व तापमान में वृद्वि ।

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उत्तराखंड के चार जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी की गई है जारी ,अन्य राज्यो बारिश व तापमान में वृद्वि ।

नई दिल्ली/देहरादून: देशभर में मौसम तेजी से करवट ले रहा है। उत्तर भारत में फरवरी की शुरुआत से ही तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। यह स्थिति आने वाले दिनों में भी बनी रहने वाली है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक शीत लहर के लौटने की उम्मीद नहीं है और मध्य भारत में तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। यानी कहा जा सकता है कि ठंड की वापसी शुरू हो गई है. हालांकि पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला अब भी जारी है. उत्तराखंड के चार जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। आइए जानें देश भर में मौसम का मिजाज।’

हिमस्खलन की संभावना

स्काईमेट के अनुसार, आज गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, लद्दाख, जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। उत्तराखंड में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। उत्तराखंड के चार जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी भी जारी की गई है। चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी में 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन की संभावना है। आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा है कि बर्फबारी पर लगातार नजर रखी जा रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि हिमस्खलन के कई कारण होते हैं। ताजा बर्फबारी भी इसकी एक वजह हो सकती है। आपको बता दें कि एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय तक पहुंच गया है, जिससे पहाड़ों पर बर्फबारी की संभावना है।

दिल्ली का मौसम

राजधानी दिल्ली में मौसम अब सर्दी की विदाई कर रहा है। अगले एक हफ्ते तक यहां आसमान साफ रहने की उम्मीद है और तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। आज के मौसम की बात करें तो 3 जनवरी को आसमान साफ रहेगा और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री और अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहेगा। हालांकि, कल (4 फरवरी) तेज हवाएं चलने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश का मौसम

दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां तापमान लगातार बढ़ रहा है लेकिन कोहरा पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक लखनऊ में अगले एक सप्ताह तक कोहरा छाया रहेगा. वहीं, आज यानी 3 फरवरी को न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। सप्ताह के अंत तक न्यूनतम तापमान 11 डिग्री तक पहुंच सकता है।

मध्य भारत में तापमान में वृद्धि

मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के अनुसार, जैसे ही हम फरवरी के महीने में प्रवेश करते हैं, मध्य भारत में मौसम की अच्छी स्थिति की उम्मीद की जाती है। यह मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों पर लागू होता है। पश्चिमी हिमालय पर किसी भी प्रणाली के अभाव में और एक प्रेरित निम्न के अभाव में, आने वाले दिनों में तापमान में वृद्धि होने की संभावना है। इन इलाकों में मौसम साफ रहने की उम्मीद है। अगले 4-5 दिनों में कई हिस्सों में 3-4 डिग्री की बढ़ोत्तरी देखने को मिल सकती है और जितना आगे यह क्षेत्र उत्तर से होगा, तापमान में बढ़ोतरी होगी।

इन इलाकों में भारी बारिश

बंगाल की खाड़ी में एक अवसाद 2 फरवरी की सुबह बट्टिकलोआ और त्रिंकोमाली के बीच श्रीलंका को पार कर गया। 3 फरवरी की सुबह यह श्रीलंका से होते हुए कोमोरिन क्षेत्र और मन्नार की खाड़ी की ओर बढ़ेगा। इसका प्रभाव तमिलनाडु और केरल के दक्षिणी हिस्सों में देखा जा सकता है, अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और शेष तमिलनाडु में अलग-अलग स्थानों पर एक या दो मध्यम बारिश हो सकती है। यहां भारी बारिश के कारण कल कई इलाकों में स्कूल बंद रहे। अंडमान निकोबार और लक्षद्वीप के दक्षिणी द्वीपों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश संभव है।

उत्तराखण्ड भाजपा ने किया भाजयुमो की कार्यकारिणी का विस्तार।।

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  • प्रदेश भाजपा ने किया भाजयुमो की कार्यकारिणी का विस्तार।।
  • संगठनात्मक 19 जनपदों के जिलाध्यक्षों की कि घोषणा ।।
  • दो उपाध्यक्ष, एक प्रदेश मंत्री, एक प्रदेश सह मीडिया प्रभारी और एक गढ़वाल संयोजक भी क्या नियुक्त।।
  • भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की संस्तुति के बाद जारी की सूची।।
  •  जनपद रुद्रप्रयाग से सभी मोर्चों के नव नियुक्त अध्यक्षों में महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष श्रीमती सविता भण्डारी 
  •   जिलाध्यक्ष युवा मोर्चा प्रदीप राणा   
  • किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष गजेंद्र चौधरी 
  •     जिलाध्यक्ष ,अनुसूचित जाति मोर्चा राजेन्द्र लाल
  • अन्य पिछड़ा मोर्चा जिलाध्यक्ष अरविंद गोस्वामी 
  • अल्पसंख्यक  मोर्चा जिलाध्यक्ष मुकीम अहमद  को नियुक्त किया गया है ।