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Friday, July 3, 2026
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गणतंत्र दिवश पर उत्तराखण्ड के मानसखंड की झांकी को मिला पहला स्थान।

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गणतंत्र दिवश पर उत्तराखण्ड के मानसखंड की झांकी को मिला पहला स्थान।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर उत्तराखंड की ओर से “मानसखण्ड” की थीम पर प्रदर्शित की गई झांकी को देशभर में पहला स्थान मिला है। यह पहला मौका है जब उत्तराखंड की झांकी को शीर्ष में जगह मिली है। इससे पूर्व वर्ष 2021 में उत्तराखंड को “केदारखण्ड” थीम पर देश भर में तीसरा स्थान मिला था, गणतंत्र दिवस समोराह में इस वर्ष 17 राज्यों की झांकी सम्मिलित की गई है।

सीएम ने दी बधाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि के लिए प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि हम सबके लिए गौरवशाली पल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराणों में गढ़वाल का केदारखंड और कुमाऊं का मानसखंड के रूप में वर्णन किया गया है। स्कंदपुराण में मानसखंड के बारे में बताया गया है। जागेश्वर मंदिर की बहुत धार्मिक मान्यता है।

प्रधानमंत्री जी ने हमेशा अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने की बात कही है। प्रधानमन्त्री जी के नेतृत्व में सांस्कृतिक नवजागरण में उत्तराखंड सरकार भी काम कर रही है। मानसखंड मंदिर माला मिशन योजना भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। “मानसखण्ड” मंदिर माला मिशन के तहत चार धाम की तर्ज पर कुमाऊं क्षेत्र के पौराणिक मंदिरों को भी विकसित किया जा रहा है।

भारत सरकार को भेजे गए झांकी का विषय/टाइटिल “मानसखंड”मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुझाया था। उन्होंने मंदिर माला मिशन के अंतर्गत मानसखंड के रूप में इस विषय का सुझाव दिया था।

झांकी निर्माण की गंभीरता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि जब दिल्ली कैंट में झांकी का निर्माण किया जा रहा था तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने झांकी का निरीक्षण करते हुए झांकी को उत्कृष्ट एवं राज्य की संस्कृति के अनुरुप निर्माण के लिये सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक/ नोडल अधिकारी के एस चौहान को निर्देश दिए थे तथा झांकी के कलाकारों से मिलकर उनको शुभकामनाएं भी दी थीl

सितंबर माह में भारत सरकार द्वारा सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों एवं मंत्रालयों से प्रस्ताव मांगे जाते हैं।अक्टूबर तक राज्य सरकारें विषय का चयन कर प्रस्ताव भारत सरकार को भेजती है।उसके बाद भारत सरकार प्रस्तुतिकरण के किये आमंत्रित करती है। पहले बार की मीटिंग में विषय के आधार चार्ट पेपर में डिजाइन तैयार कर प्रस्तुत करना होता है। आवश्यक संशोधन करते हुए तीन बैठके डिजाइन निर्माण के सन्दर्भ में होती है जिन प्रदेशों के डिजाइन कमेटी को सही नही लगते हैं उनको शार्टलिस्ट कर देती है। उसके बाद झांकी का मॉडल बनाया जाता है। मॉडल के बाद थीम सॉंग 50 सेकंड का जो उस प्रदेश की संस्कृति को प्रदर्शित करता हो तैयार किया जाता है। इस प्रकार जब सभी स्तर से भारत सरकार की विशेषज्ञ समिति संतुष्ट हो जाती है तब झांकी का अंतिम चयन किया जाता है।

मानसखंड की झांकी में ये था
गढ़वाल की चारधाम यात्रा की भांति सरकार कुमाऊं में मंदिर माला मिशन के अंतर्गत पर्यटन बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं इसी के दृष्टिगत प्रसिद्ध पौराणिक जागेश्वर धाम को दिखाया गया था। उत्तराखंड का प्रसिद्ध कॉर्बेट नेशनल पार्क, बारहसिंगा, उत्तराखंड का राज्य पशु कस्तूरी मृग, गोरल, देश की राष्ट्रीय पक्षी मोर जो उधमसिंह नगर में पाई जाती है, उत्तराखंड के प्रसिद्ध पक्षी घुघुती, तीतर, चकोर, मोनाल आदि, तथा उत्तराखंड की प्रसिद्ध ऐपन कला को प्रदर्शित किया गया था। झांकी के आगे और पीछे उत्तराखंड का नाम भी ऐपन कला से लिखा गया था।
जागेश्वर धाम के मंदिर घनघोर देवदार के वृक्षों के बीच में है। इसलिए झांकी में मंदिर के आगे और पीछे घनघोर देवदार के वृक्षो का सीन तैयार किया गया था।

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2025 तक उत्तराखंड देश का सर्वोच्च राज्य
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि यह दशक उत्तराखंड का है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 2025 तक उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। इसी दृष्टि से गणतंत्र दिवस परेड में उत्तराखंड की झांकी को देश मे प्रथम स्थान पर आना उनके विजन को दर्शाता है।

 

मानसखंड खंड की झांकी को देश मे प्रथम स्थान प्राप्त होने से कुमाऊं क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे क्योंकि देश विदेश के पर्यटको को मंदिर माला मिशन की जानकारी होने से वह कुमाऊं की ओर रुख करेंगे। इसलिए गढ़वाल मंडल के साथ अब कुमाऊं मंडल में भी धार्मिक पर्यटन को झांकी में उत्तराखंड की कला और संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए उत्तराखंड का प्रसिद्ध छोलिया नृत्य करने में पिथौरागढ़ के भीम राम के दल के 16 कलाकारों का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा। उत्तराखंड को देवभूमि के साथ ही योग भूमि भी कहा जाता है। झांकी के ऊपर योग करते हुए बारु सिंह और अनिल सिंह ने योग करते हुए अपनी महत्वपूर्ण

झांकी का थीम सांग “जय हो कुमाऊं, जय हो गड़वाला” को पिथौरागढ़ के प्रसिद्ध जनकवि जनार्दन उप्रेती ने लिखा था तथा उसको सौरभ मैठाणी और साथियों ने सुर दिया था। इस थीम गीत के निर्माता पहाड़ी दगड़िया, देहरादून

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर श्री केदारनाथ और श्री बद्रीनाथ की भांति ही कुमाऊं के प्रमुख पौराणिक महत्व के मंदिर क्षेत्रो में अवस्थापनात्मक विकास के लिए मानसखंड मन्दिर माला मिशन योजना पर काम किया जा रहा है। इन्हें बेहतर सड़कों से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही इस योजना के ज़रिए गढ़वाल और कुमाऊं के बीच सड़क कनेक्टिविटी को भी सुधारा जाएगा, ताकि उत्तराखण्ड में गढ़वाल और कुमाऊं के बीच यातायात सुगम हो।

मानसखंड कॉरिडोर को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि सरकार विभिन्न क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मानसखंड कॉरिडोर पर काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि विभिन्न धार्मिक सर्किटों का विकास किया जाए। उन्होंने कहा इसके तहत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आने वाले मुख्य मंदिरों को आपस में जोड़ेंगे एवं सर्किट के रूप में विकसित करके धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।

इन प्रमुख मंदिरों का होगा विकास
मुख्यमंत्री धामी के विजन के अनुसार पहले चरण में क़रीब 2 दर्जन से अधिक मंदिरों को इसमें शामिल किया गया है। इनमें जागेश्वर महादेव, चितई गोलज्यू मंदिर, सूर्यदेव मंदिर, नंदादेवी मंदिर कसारदेवी मंदिर, झांकर सैम मंदिर पाताल भुवनेश्वर, हाटकालिका मंदिर, मोस्टमाणु मंदिर, बेरीनाग मंदिर, मलेनाथ मंदिर, थालकेदार मंदिर, बागनाथ महादेव, बैजनाथ मंदिर, कोट भ्रामरी मंदिर, पाताल रुद्रेश्वर गुफा, गोल्ज्यू मंदिर, निकट गोरलचौड मैदान, पूर्णागिरी मंदिर, वारही देवी मंदिर देवीधुरा, रीठा मीठा साहिब, नैनादेवी मंदिर, गर्जियादेवी मंदिर, कैंचीधाम, चैती (बाल सुंदरी) मंदिर, अटरिया देवी मंदिर व नानकमत्ता साहिब प्रमुख रूप से शामिल किए गए हैं।

दुल्हन सैकड़ो लोगो की बरात लेकर पहुंची दूल्हे के घर ,आज भी देखने को मिलती है अनोखी परम्परा।

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दुल्हन सैकड़ो लोगो की बरात लेकर पहुंची दूल्हे के घर ,आज भी देखने को मिलती है अनोखी परम्परा।

देहरादून: हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता के अलावा अनोखी परंपराओं के लिए भी जाना जाता है. ऐसी ही एक परंपरा सिरमौर जिले के हाटी समुदाय की है. यहां दुल्हन बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंचती है और फिर दूल्हे के घर ही शादी की सभी रस्में निभाई जाती है. इसे जाजड़ा प्रथा कहा जाता है. हाटी समुदाय में इस प्रथा के तहत होने वाली शादी में कई अनोखी चीजें होती हैं.

राजेंद्र के घर बारात लेकर पहुंची सुमन

जिले के शिलाई उपमंडल के कुसेनू गांव के राजेंद्र पांडेय की शादी उत्तराखंड के चकराता की सुमन जोशी के साथ हुई. लेकिन खास बात ये है कि दुल्हन के रूप में सजी सुमन अपने परिजनों समेत 100 बारातियों को साथ लेकर राजेंद्र के घर पहुंची. दरअसल ये सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के हाटी समुदाय की जाजड़ा विवाह परंपरा का हिस्सा है जिसमें दुल्हन बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंचती है. और फिर फेरों समेत शादी की तमाम रस्में लड़के के घर निभाई जाती है.

दूल्हे के पिता कुंभराम ने बताया कि जाजड़ा परंपरा में ना तो दूल्हा बारात लेकर जाता है और ना दुल्हन के घर में फेरे होते हैं. इस प्रथा के तहत हुई इस शादी में नशे के सेवन पर भी पाबंदी रही और शादी में शराब नहीं परोसी गई. गिरिपार क्षेत्र में यह अनोखी शादी पूरी रिवाज के साथ संपन्न हुई.

प्राचीन काल से चली आ रही है जाजड़ा प्रथा

केंद्रीय हाटी समिति के उपाध्यक्ष एवं अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह ठाकुर बताते है कि गिरिपार क्षेत्र की परंपराएं और रिति रिवाज प्राचीन काल से ही चले रहे हैं. इन्हीं में से एक जाजड़ा प्रथा भी है. इसके पीछे कोई कहानी नहीं है, बल्कि यह प्रथा बुजुर्गो की देन है, जो प्राचीन काल से चली आ रही है. वक्त के साथ-साथ इस प्रथा के तहत शादियां कम होने लगी हैं.

अनोखी है जाजड़ प्रथा

इस प्रथा के तहत होने वाली शादी में शादी का सारा खर्च भी दूल्हे पक्ष के लोग उठाते हैं. इसके साथ-साथ इस प्रथा के तहत दहेज भी नहीं लिया जाता. विवाह समारोह में रोटियां गांव की महिलाएं बनाती हैं लेकिन आटा गांव के पुरुष गूंथते है. इसके अलावा सब्जियां काटने से लेकर पकवान बनाने तक का काम पुरुषों का ही होता है. महिलाएं सिर्फ रोटियां बनाती हैं जिसके लिए उन्हें थाली में भरकर देसी घी भेंट किया जाता है. शादी के दिन खाना बनाने वाले पुरुषों के लिए बाद में अलग से पार्टी का बंदोबस्त किया जाता है. शादी समारोह के दौरान जमकर नाटी डाली जाती है.

दूल्हे को साथ लेकर जाती है दुल्हन

सुरेंद्र ठाकुर बताते हैं कि विवाह समारोह संपन्न होने के बाद दुल्हन पक्ष दूल्हे के साथ गांव या परिवार के ही 5 से 7 अहम लोगों को अपने घर लेकर जाते हैं. जहां दो दिन उनकी मेहमानवाजी के बाद दुल्हन दूल्हे के साथ अपने ससुराल लौट आती है. दुल्हन पक्ष से कोई दहेज भी नहीं लिया जाता है. सुरेंद्र ठाकुर कहते हैं कि आधुनिक समय में जाजड़ा प्रथा कम हो रही है, लेकिन अब भी गिरिपार क्षेत्र के कई इलाकों में इस प्रथा को निभाया जा रहा है.

हिमाचल का गिरिपार और उत्तराखंड का जौनसारबावर क्षेत्र

उत्तराखंड की सुमन जोशी और हिमाचल के राजेंद्र पांडेय की शादी जाजड़ प्रथा के तहत इसलिये भी हो पाई क्योंकि हिमाचल के सिरमौर जिले का गिरिपार और उत्तराखंड का जौनसार-बावर क्षेत्र भौगोलिक, सांस्कृतिक, पारंपरिक, खान-पान, आदि के मामले में एक जैसा है. गौरतलब है कि जौनसार-बावर इलाके को भारत सरकार ने साल 1967 अनुसूचित जनजाति क्षेत्र घोषित कर दिया था. लेकिन हिमाचल के गिरिपार का क्षेत्र को अब तक ये दर्जा नहीं मिल पाया है. हालांकि पिछले साल 2022 में केंद्रीय कैबिनेट ने इसे जनजातीय दर्जा देने की हरी झंडी दे दी है.

एथनोग्राफिक रिपोर्ट में भी इस प्रथा का जिक्र

गिरि पार इलाके के लोग पिछले करीब 5 दशक से उत्तराखंड के जौनसार-बावर की तर्ज पर जनजातीय दर्जे की मांग कर रहे हैं. इस लंबी लड़ाई में बात प्रदेश से लेकर केंद्र की सरकारों तक भी पहुंची है. केंद्रीय हाटी समिति के महासचिव कुंदन सिंह शास्त्री ने बताया कि जाजड़ा प्रथा गिरिपार के जनजातीय क्षेत्र की परंपरा है, जो हाटी समुदाय की एथनोग्राफिक रिपोर्ट में भी लिखी गई है.

उत्तराखंड के जौनसार-बावर और सिरमौर के गिरिपार की लोक संस्कृति, लोक परंपरा, रहन-सहन एक तरह का ही है. लोगों की बोली, पहनावा, परंपराएं, रहन-सहन, खान-पान, रीति-रिवाज लगभग एक जैसा है. टौंस नदी के उस पार जौनसार समुदाय को एसटी का दर्जा है और इस पार हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जे देने को लेकर केंद्रीय कैबिनेट से हरी झंडी मिल गई है लेकिन नोटिफिकेशन का इंतजार है

9 साल बाद सिद्धपीठ मां धारी देवी अपने मूल स्थान पर हुई विराजमान।

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नो साल बाद सिद्धपीठ मां धारी देवी अपने मूल स्थान पर हुई विराजमान।

21 पंडितो के द्वारा विश्वकल्याण के लिये 4 दिन तक लाखो आहुति देकर किया मां धारी देवी का किया गया आवाहन।

श्रीनगर ।। उत्तराखण्ड की सिद्धपीठ मां धारी देवी की मूर्ति लंबे इंतजार के बाद अपने नवनिर्मित मंदिर में विराजमान हो गई है। इस दौरान मंदिर को भव्य रुप से सजाया गया है। बता दें कि 24 जनवरी से महानुष्ठान भी शुरू हो गया था, जो कि आज 28 जनवरी तक जारी रहा। महानुष्ठान के लिए 21 पंडितों को आमंत्रित किया गया। वहीं महानुष्ठान के बाद चारधाम की रक्षक मां धारी देवी 9 साल बाद अपने मूलस्थान पर विराजमान हो गई हैं।

सिद्धपीठ धारी देवी का मंदिर श्रीनगर से करीब 13 किलोमीटर दूर अलकनंदा नदी किनारे स्थित था। श्रीनगर जल विद्युत परियोजना के निर्माण के बाद यह डूब क्षेत्र में आ रहा था। इसके लिए इसी स्थान पर परियोजना संचालन कर रही कंपनी की ओर से पिलर खड़े कर मंदिर का निर्माण कराया जा रहा था लेकिन जून 2013 में केदारनाथ जलप्रलय के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से प्रतिमाओं को अपलिफ्ट कर दिया गया। पिछले नौ साल से प्रतिमाएं अस्थायी स्थान में विराजमान थीं।

पटवारी पेपर प्रकरण में अब तक 12 अभियुक्ति हुए गिरफतार।

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पटवारी पेपर प्रकरण में अब तक 12 अभियुक्ति हुए गिरफतार।

पटवारी पेपर प्रकरण से जुड़ी हर परत उधेड़ने के लिए एसआईटी की दौड़भाग लगातार जारी।

प्रकरण में एसआईटी ने की बारहवीं गिरफ्तारी, रिटायर शिक्षक को हरिद्वार से दबोचा।

अभियुक्त अभय राम के कब्जे से एसआईटी ने बरामद की ₹2,00,000/- की नगदी।

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग में पटवारी पेपर लीक घोटाले में कई नए नाम उजागर हो रहे हैं मामले की जांच कर रही एसआईटी ने लक्सर के रहने वाले रिटायर्ड टीचर को गिरफ्तार किया है अभयराम नाम के आरोपी टीचर पर दर्जनभर अभ्यर्थियों को पेपर सॉल्व करने के लिए बनाए गए सेंटर तक ले जाने का आरोप है पुलिस को अभयराम के पास से दो लाख रुपए कैश कुछ अभ्यर्थियों की मार्कशीट और चेक बरामद हुए हैं पेपर लीक घोटाले में अब तक कुल 12 गिरफ्तारियां हो चुकी है और आगे भी ये सिलसिला जारी रह सकता है

एसआईटी इंचार्ज रेखा यादव का कहना है कि पटवारी पेपर लीक घोटाले में अब तक 12 गिरफ्तारियां हो चुकी है एसआईटी द्वारा रिटायर टीचर अभयराम को गिरफ्तार किया गया है जो हरिद्वार के लक्सर के रहने वाले हैं अपने रिश्तेदार के माध्यम से पेपर लीक करने वालों के संपर्क में आए इनके द्वारा बच्चों को सेंटर पर लाया गया पूछताछ में इनके द्वारा अपना जुर्म कबूल किया गया इनके पास से दो लाख रुपए कैश कुछ अभ्यर्थियों की मार्कशीट और चेक बरामद हुए हैं कुछ लोगों से पूछताछ जारी है जल्द ही और गिरफ्तारी की जाएगी

उत्तराखंड भाजपा ने की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्यों घोषणा ।

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देहरादून। भाजपा ने प्रदेश कार्यसमिति और विशेष आमंत्रित सदस्यों की घोषणा कर दी है।
प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के निर्देश पर यह नियुक्तियां की गयी है।
प्रदेश कार्यसमिति मे 135 सदस्य तथा विशेष आमंत्रित सदस्यों मे 46 एवं स्थाई आमंत्रित ( पदेन ) 25 सदस्य नियुक्त किये गए है ।

रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी व नगर पालिकाध्यक्ष गीता झिक्वान द्वारा राजकीय इंटर कॉलेज सड़क का किया गया लोकार्पण।

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रुद्रप्रयाग ।नगर पालिका रुद्रप्रयाग के अंतर्गत वार्ड छः में बद्रीनाथ राष्ट्रीय मार्ग से राजकीय इंटर कॉलेज निर्मित सड़क का 26 जनवरी के अवसर स्थानीय विधायक भरत सिंह चौधरी , नगर पालिका अध्यक्ष गीता झिंक्वाण एवं जिलाधिकारी के द्वारा लोकार्पण कर स्थानीय जनता के आवागमन के लिए खोला गया। वार्ड नं 6 की सड़क की लंबे हालत बहुत खस्ताहाल हो रखी थी। जिसमें स्थानीय जनता के साथ साथ स्कूली बच्चों को आने जाने में बड़ी दिक्कतें होती थी। वर्ष 2022 में रेलवे विकास निगम के माध्यम से आर एन्ड आर मद से धनराशि स्वीकृत होने के उपरांत नगर पालिका रुद्रप्रयाग के द्वारा द्वारा सड़क निर्माण के लिए ₹ 65 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई। स्वीकृति मद के माध्यम से सड़क का निर्माण किया गया। सड़क लोकार्पण के अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष गीता झिंक्वाण ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही नगर क्षेत्र की अन्य समस्याओं को लेकर सहयोग करने की अपील की। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि नगर की जो भी समस्या होगी उन सभी का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। जिस प्रकार से इस सड़क की गुणवत्ता से कार्य किया गया अन्य कार्यो में भो अधिकारियों से यही अपेक्षा की जाती है ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक भरत सिंह चौधरी ने अच्छी गुणवत्ता के साथ सड़क निर्माण कार्य करवाने के लिए नगर पालिका को बधाई दी। यह एक उदाहरण है, आगे भी इसी गुणवत्ता के साथ नगर में अन्य विकास कार्य भी होंगे।इसअवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष देवेंद्र झिंक्वाण, सभासद सुरेंद्र रावत, अंकुर खन्ना, उमा देवी, रुक्मिणी देवी, सुनील नौटियाल जिला महामंत्री भारत भूषण भट्ट अजय सेमवाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

पौड़ी गढ़वाल में देर रात को हुआ वाहन दुर्घटना ग्रस्त ,दो लोगो की मौके पर ही मौत ।

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पौड़ी।जनपद पौड़ी गढ़वाल में देर रात एक वाहन खाई मे गिरा जिसमे चार लोग सवार थे ।ये सभी लोग पौड़ी से सतपुली जा रहे थे ।पौड़ी से 15 किलोमीटर की दूरी जखेटी के पास वाहन दुर्घटना ग्रस्त हो कर 50 मीटर नीचे जा गिरा ।जिसमे दो लोगो की  मौके पर ही मौत हो गई ।जबकि दो अन्य घायलों को कड़ी मशक्कत के बाद खाई से निकाल कर 108 से अस्पताल पहुंचाया।

SDRF ने चलाया रेस्क्यू अभियान,

देर रात SDRF टीम को मिली वाहन खाई मे गिरने की सूचना,

रेस्क्यू हेतु SDRF रेस्क्यू टीम पहुंची मौके पर,

SDRF रेस्क्यू टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुऐ 50 मीटर नीचे खाई मे उतरकर वाहन तक पहुँच बनायी,

वाहन में 04 लोग सवार थे, वाहन पौड़ी से सतपुली मार्ग के बीच जखेटी नामक स्थान पर अनियंत्रित होकर खाई मे गिरा था,

मोके पर दो लोगो को खाई से बाहर निकालकर उपचार हेतु तुरन्त 108 एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल भिजवाया गया,

  • 02 अन्य व्यक्तियों के शवो को अत्यन्त विषम परिस्थितियों में खाई से निकालकर जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया,

बाबा के धाम में भी धूमधाम से मनाया गया देश का 74 वा गणतंत्र दिवस ।

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श्री केदारनाथ धाम में भी धूम धाम से मनाया गया74 गणतंत्र दिवस ।

केदारनाथ ।आज देश के कोने कोने में 74 वा गणतंत्र दिवस बढे धूम धाम से बनाया गया है ।सुबह से ही इंडिया गेट से लेकर कन्या कुमारी तक विभिन्न  प्रकार की ऐतिहासिक ,सांस्कृतिक,शौर्य गाथा पर आधरित झांकिया निकलती देखी गयी है ।देश की रक्षा व अखण्डता की सुरक्षा में तैनात सीमा के पहरियो द्वारा भी अपने अपने अंदाज में गणतंत्र दिवस को मनाया गया है ।
74 वा गणतंत्र दिवस को ग्यारवें ज्योतिर्लिंग बाबा केदारनाथ में आईटीबीपी के हिम बीरो द्वारा तिरंगा फहरा कर धूम धाम से मनाया गया है ।केदारनाथ मंदिर के चारो तरफ इस समय 4 से 5 फिट बर्फ गिरी हुई है और धाम का तापमान मानियस 7 ,8 डिग्री हो जाता है ।इस कड कड़ाती ठंड में भी हिम बीर अपनी कर्तब्य निष्ठा को निभाते हुए बाबा के मंदिर की सुरक्षा में लगे हुए है ।देश के प्रति भरतीय वीर सेनिको का जज्बा हमेशा देखने लायक होता है ।केदारनाथ धाम में इस समय आईटीबीपी के जवान,3 साधु व विधुत कर्मी तैनात है जो कि धाम की विधुत व्यवस्था की रेख देख के लिये यंहा तैनात है ।इन सभी लोगो के द्वारा मन्दिर परिसर में ही राष्ट्रीय तिरंगा फहराया गणतंत्र दिवस को मनाया गया है ।

भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट खुलने की तिथि हुई घोषित ,27 अप्रैल सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर खुलेंगे बद्रीविशाल धाम के कपाट ।

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नरेंद्रनगर ।।उत्तराखंड चारधाम धाम यात्रा 2023 शुरू होने की प्रकिया आज वसंत पंचमी के पर्व पर भगवान श्री बद्रीविशाल के कपाट खुलने की तिथि घोषित होने से प्राम्भ मानी जाती है ।
राजमहल नरेंद्र नगर में आयोजित धार्मिक समारोह में कपाट खुलने की घोषणा।

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित करोड़ों हिंदुओं की आस्था के प्रतीक भगवान बदरीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल को प्रातः7 बजकर
10 मिनट को खुलेंगे मई को पर श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। बसंत पंचमी के पावन पर्व पर नरेंद्रनगर स्थित राजदरबार में राजपुरोहितों ने महाराजा मनुज्येंद्र शाह की जन्म कुंडली देखकर धाम के कपाट खोलने की तिथि घोषित की। इस अवसर पर टिहरी सांसद राज्य लक्ष्मी शाह भी उपस्थित रही।

शुक्रवार को नरेंद्रनगर राजदरबार में राजपुरोहितों ने टिहरी नरेश महाराजा मनुज्येंद्र शाह की जन्म कुंडली के आधार पर बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने की तिथि निकाली। भगवान के महाभिषेक के लिए तिलों का तेल 12 अप्रैल को पिरोया जाएगा। बसंत पंचमी के मौके पर नरेंद्रनगर राजमहल में आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल ने वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ गणेश पूजन, पंचांग पूजन और चौकी पूजन के बाद महाराजा मनुज्येंद्र शाह का वर्षफल और ग्रह नक्षत्रों की दशा देखकर भगवान श्री बदरीनाथ के कपाट खोलने की तिथि घोषित की। इस अवसर पर बद्रीनाथ धाम के रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी भी उपस्थित रहे।

भगवान बद्री विशाल के महाभिषेक के लिए स्थानीय सुहागिन महिलाएं टिहरी सांसद महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह के नेतृत्व में 12 अप्रैल को राजदरबार में तिलों का तेल निकालेंगी। उसके बाद गाडू घड़ा यात्रा को लेकर डिम्मर पंचायत के लोग अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान करेंगे।

रुद्रप्रयाग में फायर सर्विस स्टेशन के पास हुआ भीषण हादसा ।

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रुद्रप्रयाग

जनपद रुद्रप्रयाग में फायर सर्विस स्टेशन के पास हुआ भीषण हादसा,

SDRF ने किया राहत व बचाव कार्य शुरू,

देर रात्रि रतूड़ा फायर सर्विस स्टेशन के पास एक वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की जानकारी SDRF को प्राप्त हुई,

SDRF टीम मय रेस्क्यू उपकरणों के तत्काल घटनास्थल पर पहुंची,

SDRF टीम द्वारा खाई में उतरकर कड़ी मशक्कत करते हुए कटर के सहायता से वाहन के कई हिस्सों को काटते हुये व क्रेन के मदद से दोनों शवों को बाहर निकालकर जिला पुलिस के सुपर्द किया गया,

मृतक रतूड़ा रुद्रप्रयाग के ही रहने वाले थे,

रुद्रप्रयाग जिले में कल देर रात एक सड़क हादसा हुआ है, कल देर रात SDRF को फायर सर्विस स्टेशन के पास एक वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली, जानकारी प्राप्त होते ही SDRF की टीम रेस्क्यू उपकरणों के तत्काल घटनास्थल हेतु रवाना हुई, पता चला की एक टाटा सूमो घोलतीर से रतूड़ा के तरफ आते समय फायर स्टेशन के पास पुलिया पर अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग तोड़ते हुए लगभग 90 मीटर गहरी खाई में गिर गयी, इस वाहन में कुल 03 लोग सवार थे जिसमे एक घायल को स्थानीय लोगो द्वारा निकाल कर अस्पताल भेजा गया जबकि दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी, बताया जा रहा है की थी मृतको क़े शव वाहन में ही फंसे रहा गये थे, SDRF टीम द्वारा खाई में उतरकर कड़ी मशक्कत क़े बाद कटर के सहायता से वाहन के कई हिस्सों को काटते हुये व क्रेन के मदद से दोनों शवों को बाहर निकला गया,