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Friday, July 3, 2026
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जोशीमठ में चल रहे राहत कार्यो की सचिवालय में समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को दिए निर्देश ।

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देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में जोशीमठ में चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि भूधंसाव से प्रभावित क्षेत्र के जिन परिवारों को अन्यत्र सिफ्ट किया गया है,

शीतलहर के दृष्टिगत उन सभी परिवारों को हीटर एवं अलाव की पूरी व्यवस्था की जाए,

मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन को निर्देश दिये कि जोशीमठ के प्रभावित क्षेत्र के लोगों को पुनर्वास एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए कितनी धनराशि की आवश्यकता होगी, इसका गहनता से आंकलन किया जाए,

जिलाधिकारी चमोली से लगातार समन्वय रखकर एवं स्थानीय लोगों के सुझावों के आधार पर सभी बिन्दुओं को ध्यान में रखकर आंकलन किया जाए,

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जोशीमठ के प्रभावित क्षेत्र से जो लोग विस्थापित होंगे,

उनको स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी विस्तृत योजना बनाई जाए,

यह सुनिश्चित किया जाए कि जो लोग विस्थापित होंगे, उनकी आजीविका प्रभावित न हो, इसके लिए अभी से योजना बनाकर आगे कार्य करें,

जिन स्थानों पर प्रभावितों को विस्थापित किया जायेगा, उनको सरकार द्वारा हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी,

मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड परीक्षाएं भी निकट हैं, प्रभावित क्षेत्र के बच्चों को पढ़ाई एवं परीक्षा देने में किसी भी प्रकार से परेशानी न हो, इसके लिए भी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं,

केदारनाथ धाम से लेकर मिनी स्वीजरलैंड चोपता में जमकर हो रही है बर्फबारी हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी ,तो निलचे क्षेत्रों में हो रही बारिश से ठंड का प्रकोप ।

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केदारनाथ धाम से लेकर मिनी स्वीजरलैंड चोपता में जमकर हो रही है बर्फबारी
हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी तो निलचे क्षेत्रों में हो रही बारिश से ठंड का प्रकोप
चोपता में पेड़ों से लेकर वाहनों और घरों की छत ने भी ओढ़ी बर्फ की सफेद चादरउत्तर भारत के एकमात्र तीर्थ कार्तिक स्वामी मंदिर में भी हुई सीजन की पहली बर्फबारी
शिव पार्वती विवाह स्थली त्रियुगीनारायण में भी बर्फबारी हो रही है।
रुद्रप्रयाग ।।- मिनी स्वीजरलैंड के रूप में प्रसिद्ध केदारघाटी के पर्यटक स्थल चोपता-दुगलबिटटा में सीजन की पहली बर्फबारी जमकर हुई है। बर्फबारी के बाद पर्यटकों ने चोपता का रूख कर दिया है। चोपता पहली ही बर्फबारी एक फीट से अधिक तक हुई है। बर्फबारी के कारण फिलहाल चोपता-बद्रीनाथ हाईवे पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। चोपता के हरे-भरे बुग्याल अब सफेद नजर आ रहे हैं। यहां पेड़ों से लेकर गाड़ियों की छतों पर बर्फ की मोटी चादर ने डेरा डाल दिया है।

वहीं कार्तिक स्वामी तीर्थ में पहली बार जमकर बर्फबारी हो रही है। कार्तिक स्वामी का प्रसिद्ध मंदिर समुद्र तल से लगभग 3048 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
बता दें कि जहां बाबा केदार के धाम में लगातार बर्फबारी जारी है तो मिनी स्वीजरलैंड के रूप में विख्यात पर्यटक स्थल चोपता में पर्यटक लंबे समय से जमकर बर्फबारी होने का इंतजार कर रहे थे। केदारनाथ धाम में भारी बर्फबारी के बीच आईटीबीपी और पुलिस के जवान तैनात है, जबकि कुछ साधु संत भी धाम में रहकर भगवान शंकर की तपस्या में लीन हैं। सुरक्षा कर्मियों के लिए प्रशासन की ओर से अलाव से लेकर राशन की पूरी व्यवस्था की गई है। धाम में अब मार्च माह अंत तक बर्फबारी रहेगी, जिस कारण प्रशासन की ओर से पहले से ही धाम में सुरक्षा जवानों के साथ ही साधु संतो के लिए राशन मुहैया करा दिया गया है, जिससे उन्हें कोई समस्या का सामना ना करना पड़े। वहीं मिनी स्वीजरलैंड में भी जमकर बर्फबारी होने लगी है। बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। यहां एक फीट से अधिक तक बर्फ गिरी चुकी है। चोपता के जो बुग्याल हमेशा हरे-भरे नजर आते थे, वह अब सफेद दिखाई दे रहे हैं। यहां पेड़ों से लेकर गाड़ियों और घरों ने भी बर्फ की मोटी चादर ओढ़ दी है। चोपता में बर्फबारी होने के बाद पर्यटक भी यहां पहुंचने लग गये हैं। फिलहाल चोपता से आगे चोपता-बद्रीनाथ हाईवे पर बर्फबारी के चलते आवाजाही प्रभावित हो गई है।इसके अलावा उत्तर भारत के एकमात्र तीर्थ स्थल कार्तिक स्वामी मंदिर में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। यह स्थल कनक चैरी नामक गांव के पास क्रोंच पर्वत पर बसा है। रुद्रप्रयाग से लगभग 36 किलोमीटर दूर कनकचैरी पहुंच कर वहां से लगभग 4 किलोमीटर की चढ़ाई के साथ 80 सीढ़ियां चढ़ने के बाद कार्तिक स्वामी मंदिर पहुंच जाते हैं। इस मंदिर में सैकड़ों घंटियां लटकाई गई हैं और कहा जाता है कि इस मंदिर की घंटियों की आवाज 800 मीटर तक सुनाई पड़ती है। क्रोंच पर्वत के चारो ओर का दृश्य रमणीक है। यहां से त्रिशूल, नंदा देवी, आदि प्रसिद्ध हिमालयी पर्वत श्रृंखलाओं के दर्शन होते हैं। दक्षिण भारत में कार्तिक स्वामी को कई मंदिरों में मुरुगन स्वामी या कार्तिक स्वामी के नाम से पूजा जाता है, लेकिन उत्तराखंड में कार्तिक स्वामी का एक ही मंदिर है और कहते हैं यही वो मंदिर है, जहां से कार्तिक स्वामी का दक्षिण का सफर शुरू हुआ था।

रुद्रप्रयाग ,चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ में आज होगी बारिश और बर्फबारी ।

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रुद्रप्रयाग ,चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ में आज होगी बारिश और बर्फबारी,

देहरादून सहित पहाड़ी जिलों में देर रात से हो रही बारिश के चलते तापमान में आई गिरावट,

पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में आया बदलाव,

मौसम विभाग का अनुमान अगले 1 सप्ताह तक ठंड से नहीं मिल सकती राहत,

उत्तराखंड में अगले 24 घंटे उठाई वाले इलाकों में बर्फबारी की बनी है संभावनाएं,

23 से 26 जनवरी तक मैदान से लेकर पहाड़ तक तेज गर्जना के साथ बारिश और बर्फबारी की बनी है संभावनाएं,

जोशीमठ भू धंसाव से पर्यटन को भारी नुकसान औली के नेशनल विंटर गेम के आयोजन पर भी छाए संकट के बादल।

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जोशीमठ भू धंसाव से पर्यटन को भारी नुकसान औली के नेशनल विंटर गेम के आयोजन पर भी छाए संकट के बादल।

जोशीमठ में हो रहे भू धसांव के कारण उत्तराखंड पर्यटन को भी काफी नुकसान हुआ है औली में हर साल होने वाले विंटर गेम्स का आयोजन खटाई में पड़ गया है सरकार एजेंसियों के आकलन और उनके रिपोर्ट का इंतजार कर रही है जिसके आधार पर औली में होने वाले विंटर गेम्स पर फैसला लिया जाएगा।

जोशीमठ आपदा के चलते उत्तराखंड पर्यटन को भी काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है चार धाम यात्रा सर्दियों में बंद हो जाती है और औली में विंटर गेम्स की शुरुआत हो जाती है राज्य सरकार ने औली में होने वाली स्कीइंग को बढ़ावा देने के लिए काफी निवेश किया है और कई योजनाओं पर काम भी किया जा रहा है लेकिन इस साल जोशीमठ में आई आपदा ने सभी तैयारियों पर पानी फेर दिया है, इस साल औली आने वाले पर्यटकों ने रजिस्ट्रेशन कराए थे उन्होंने जोशीमठ आपदा को देखते हुए अपने रजिस्ट्रेशन को कैंसिल कराना शुरू कर दिया है, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने पर्यटकों से पंजीकरण को रद्द ना करने की अपील की है पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि स्थानीय लोग विंटर गेम्स कराने की मांग कर रहे हैं लेकिन राज्य सरकार किसी ठोस रिपोर्ट का इंतजार कर रही है जिसके बाद ही विंटर गेम्स को लेकर कोई फैसला लिया जाएगा।

उत्तराखण्ड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने जोशीमठ आपदा के बाद पलटन डेस्टिनेशंस को कैरिंग कैपेसिटी के हिसाब से ही पर्यटकों को अनुमति देने की पैरवी की है। जबकि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने पर्यटको के कैंसिल हो रहे पंजीकरण को लेकर मीडिया रिपोर्ट को भी जिम्मेदार माना है पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि जोशीमठ को लेकर मीडिया में इस तरह की रिपोर्ट आई है उससे पर्यटन को काफी नुकसान हुआ है।

अपर मुख्य सचिव के आदेश से ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों में आक्रोश।

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अपर मुख्य सचिव के आदेश से ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों में आक्रोश
तीन दिनों से कार्य बहिष्कार पर हैं ग्राम पंचायत विकास अधिकारी
सीएससी सेंटरों से मायूस होकर घर लौट रहे लोग
कार्य बहिष्कार जारी रहने से जनता को हो रही परेशान


रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग जनपद में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी तीन दिनों से कार्य बहिष्कार पर हैं, जिस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी जनता को नहीं मिल पा रहा है, जबकि वित्त से संबंधित निर्माण कार्य भी ठप पड़े हुए हैं। समय रहते इनकी मांगों पर कार्यवाही नहीं हुई तो जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
बता दें कि प्रांतीय नेतृत्व के आहवान पर अपर मुख्य सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त के आदेश के विरोध में जिले के सभी ग्राम पंचायत विकास अधिकारी तीन दिनों से बेला खुरड़ स्थित विकास भवन कार्यालय परिसर में कार्य बहिष्कार कर धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि या तो पंचायती राज व ग्राम्य विकास विभाग दोनों का पूर्ण विलय कर दिया जाए या फिर पूर्व की भांति समस्त विभागों के ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को भी ग्राम विकास अधिकारियों की भांति खण्ड विकास अधिकारी पद पर पदोन्नति दी जाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल की तर्ज पर प्रदेश में भी शासनादेश लागू किया जाए। दोनों विभागों के कर्मचारी-अधिकारी ग्राम सभाओं में ईमानदारी से कार्य कर रहे हैं, लेकिन उनके कार्यो का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है। विभागों की मूल भावना के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी चाहते हैं कि पूर्व की भांति विभाग अपना-अपना कार्य करते रहें या फिर पूर्ण रूप से उन्हें मर्ज किया जाए। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष देवेन्द्र ंिसंह नेगी, महामंत्री अनूप बेंजवाल, उपाध्यक्ष रणजीत सिंह राणा ने कहा कि तीन दिनों से जिले के सभी 36 ग्राम पंचायत विकास अधिकारी कार्य बहिष्कार पर हैं। मांगों पर जब तक अमल नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों के कार्य बहिष्कार करने से जनता खासी परेशान है। लोगों के जन्म मृत्यु, परिवार रजिस्टर की नकल, राशन कार्ड, मिशन अंत्योदय, वृद्धा, विधवा, विकलांग, पेंशन, दाखिला सहित अन्य कार्य नहीं हो पा रहे हैं, जबकि नंदा गौरा योजना भी प्रभावित हो रही है। इसके अलावा सरकार की जन कल्याणकारी योजनाएं का लाभ भी लोगों को नहीं मिल पा रहा है। ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों के कार्य बहिष्कार के चलते क्षेत्र पंचायत निधि के तहत राज्य वित्त एवं केन्द्रीय वित्त विकास कार्य व पंचायत भवन निर्माण कार्य प्रभावित हो गये हैं।

उत्तराखण्ड सरकार के गड्डा मुक्त सड़क के दावे खोखले ,सड़को को गड्डा मुक्त नही बल्कि गड्डा युक्त बंनाने पर तुली है सरकार ।।

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उत्तराखण्ड सरकार के गड्डा मुक्त सड़क के दावे खोखले ,सड़को को गड्डा मुक्त नही बल्कि गड्डा युक्त बंनाने पर तुली है सरकार ।।

, ग्रामीण सड़को के गड्ढे भरने के लिये कर रहे हैं चंदा इक्कठा ।

रुद्रप्रयाग ।उत्तराखण्ड सरकार भलेही हर गांव हर कस्बा को सड़क से जोड़ने के दावे कर रही हो लेकिन धरातल पर सड़को की हालात दहनीय बनी हुई है ।सड़को की स्थिति ऐसी है कि सड़क गड्डो में तब्दील हो रखी है चुने हुए जनप्रतिनिधियो को अपने अपने क्षेत्रों की सड़क की खराब स्थिति नही दिखती है क्यो ये जनप्रतिनिधि स्वयं सम्बंधित विभागों में ठेकेदारी करते नजर आते हैं ।तिलवाडा सौराखाल मोटर मार्ग की स्थिति बहुत ही खराब हो रखी है और कभी भी इस मोटर मार्ग पर कोई बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है लेकिन लोकनिर्माण विभाग व यंहा के चुने हुए जन प्रतिनिधि कुम्भकर्णीय नींद में सोये हुए। एक सड़क होता तो उसका नाम बताया जाय जनपद की जितनी भी लोकनिर्माण व प्रधानमंत्री ग्राम सड़के है उनकी स्थिति देख कर साफ जाहिर हो जाता है कि ये सभी सड़के विभागों के कमीशन की भेंट चढ़ी हुई है ।यदि कुछ जागरूक ग्रामीण सड़को स्थिति के लिये आवाज उठाते हैं तो विभाग कुछ दिनों के लिए सड़क के गड्डो को मिट्टी से भर देते हैं और अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री कर देते है ।सड़को के गड्ढे देख कर साफ देखा जा सकता है उत्तराखण्ड सड़कर का विकास का पहिया कितनी तेजी से चल रहा हैं ।
उत्तराखण्ड सरकार के लोकनिर्माण विभाग के वरिष्ठ मंत्री जनपद दौरे पर आते हुए जिले के मुख्या को जनपद की सभी सड़को को गड्डा मुक्त करने के निदेश दिए थे लेकिन उनके निर्देशो की लोक निर्माण विभाग ने हवा निकाल कर रख दी है।सड़के केवल लोकनिर्माण विभाग ही नही इससे अछूता राष्ट्रीय राजमार्ग भी नही है सड़को की खराब स्थिति को देखते हुए स्थानीय जनता चंदा इक्कठा करके सम्बंधित विभाग को दे कर सड़को को गड्डा मुक्त करने की पहल करने जा रहे है इसकी शुरुवात राष्ट्रीय राजमार्ग 58 खांकरा क्षेत्र से शुरू की जा रही है ।

रूद्रप्रयाग जनपद में जिस प्रकार से सड़कों की हालत है उससे यही अनुमान लगाया जा सकता है कि गढढा मुक्त नही गढढ़ा युक्त रहेगी सड़के, इसका जीता जागता उदाहरण हम आपको ऋृषिकेश बद्रीनाथ राज मार्ग के पौड़ी और रूद्रप्रयाग के बीच बन रहा वाईपास की बात करते है। जो 2007 में बीआरओं द्धारा इस नैशनल हाईवे 58 का डामरीकरण किया गया था तब से इस मार्ग को एैसा ही छोड़ दिया गया है। 2017 में सिरोहबगड़ से नौगॉव तक नया हाईवे का निर्माण कार्य किया जा रहा है। लेकिन सिरोहबगड़ से नौगॉव तक दो-दो तीन तीन फीट के लम्बे चौडे गढढे बने हुए इन गढढों से कई हादसे हो गये हैं। हजारो लाखों वाहन इसी मार्ग से दिन रात गुजरते है। यहां तक की हजारों बीआईपी भी रात दिन इस मार्ग से गुजर रहे हैं। स्थानीय जनता द्धारा कई बार जिला प्रशासन से लेकर केन्द्रीय मंत्री राज्य के मत्रीयों को इस बारे में बताया गया है। लेकिन मार्ग के सुधारीकरण के लिए कोई आगे आने को तैयार नही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जबतक वाईपास नहीं बनता तब तक इस मार्ग का सुधारीकरण तो किया जाय लेकिन प्रशासन की आखें खुलने का नाम नहीं ले रही है। लगातार बड़ी कठिनाईयों के साथ लोग इन गडडओ से आवत जावत कर रहे हैं खांकरा के स्थानीय जनता ने सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार की लापवाही के कारण आज खांकरा के लोग भी लोग इन गड्डओ के कारण परेशान है गढढों में पानी भरने से पैदल चलने वाले लोग भी गाड़ी के चलने के कारण छीटे उनके उपर पड़ रहे है। धूल से लोगों को बीमारी बढ रही है लेकिन इसका सुधारीकरण नहीं किया जा रहा है।
स्थानीय निवासी हरीश डोभाल का कहना है कि हम लोगों द्धारा कई बार आन्दोलन किया लेकिन सरकार के कानों में जूॅ तक नहीं रेगं पा रही है। अब एक ही रास्ता है कि सड़क पर चलने वाले लोगों से चन्दा इक्कठा कर विभाग को भेजा जायेगा या स्वंम उस चंदे से सड़क का डामरीकरण किया जायेगा क्येंकि लगता है कि सरकार के पास डामरीकरण के लिए पैसा नहीं है इसी चंदे के पैसे से डामरीकरण किया जायेगा।

गणतंत्र दिवस-2023 परेड के लिये उत्तराखण्ड राज्य की चयनित “मानसखण्ड” की झांकी का सीएम धामी ने किया निरीक्षण।।

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दिल्ली

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रंगशाला, पर गणतंत्र दिवस-2023 परेड के लिये उत्तराखण्ड राज्य की चयनित “मानसखण्ड” की झांकी का निरीक्षण किया तथा झांकी में सम्मिलित उत्तराखण्ड के कलाकारों को कर्तव्य पथ पर प्रदर्शित की जाने वाली उत्तराखण्ड की कला एवं संस्कृति के लिए अग्रिम शुभकानाएं दी । मुख्यमंत्री ने झांकी के संबंध निर्देश दिये कि झांकी का निर्माण उच्चकोटि का किया जाय,जिसमें उत्तराखण्ड राज्य की कला एवं संस्कृति की झलक गणतंत्र दिवस पेरड में देखने का मिले । गणतंत्रदिवस परेड में इस वर्ष उत्तराखण्ड की झांकी में मानसखण्ड के अंतर्गत जागेश्वर धाम,कार्बेट नेशनल पार्क तथा उत्तराखण्ड की प्रसिद्व ऐपण आर्ट को दिखाया जा रहा है ।
मानसखण्ड का उल्लेख स्कन्द पुराण में वर्तमान कुमाँऊ क्षेत्र से है।

राज्य सरकार गढवाल मण्डल में होने वाली चारधाम यात्रा की भांति मानसखण्ड मंदिर मालामिशन के रूप में कुमाऊँ क्षेत्र के पौराणिक मंदिरों का चिन्हिकरण करते हुए इनमें आवश्यकतानुसार अवस्थापना सुविधाएं विकसित कर रही है। इससे देशी विदेशी पर्यटको को क्षेत्र की समृद्ध पौराणिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित भी कराया जा सकेगा,जिससे राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे

जंगल से नदी में पानी पीने आए घुरड़ के मुंह मे फंसा डब्बा ।

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रुद्रप्रयाग। अलकनंदा और मंदाकिनी संगम किनारे पानी पीने आए एक घुरड़ के मुंह में अचानक वहां रखा कोई डब्बा फंस गया, जिससे करीब दो घंटे घुरड़ अपनी जान बचाने के लिए मशक्कत करता रहा। काफी देर बाद दूसरी ओर स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी लगी। स्थानीय लोगों ने शीघ्र वन विभाग को सूचना दी। जिसके बाद दो वन कर्मी मौके पर पहुंचे। किसी तरह मुसीबत में पड़े घुरड़ के पास पहुंचे और उसके मुंह में फंसा डब्बा हटाया और घुरड़ को जंगल के लिए छोड़ दिया।

बोलोरो वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से दो लोगो की मौके पर ही मौत।

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जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार के अंतर्गत छेनागाड उछोला गांव के पास 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरा वाहन ।

बलोरो वाहन में सवार थे तीन लोग ।

रुद्रप्रयाग ।सांय 7 बजे छेनागाड उछोला गांव में बलोरो वाहन 200मीटर गहरी खाई में जा गिरा।वाहन में तीन लोग सवार होने बताया गया है जिसमे दो लोगो की मौके पर ही मौत हो गयी । जबकि एक घायल को रेस्क्यू कर 108 के माध्यम से जिला चिकित्सालय पहुंचाया जा रहा है ।
दुर्घटना की सूचना स्थानीय लोगो के द्वारा गुप्तकाशी थाना को दी गयी ।सूचना मिलते ही पुलिस द्वारा ततपरता दिखा देते हुए,DDRF टीम के साथ मौके पर पहुंचे ।स्थानीय लोगो की मद्दत से 200 मीटर गहरी खाई से निकाला जा रहा है घायल व्यक्ति को 108 की माध्यम से जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग ले जाया जा रहा है।

मृतकों का नाम
1- दिलीप लाल 46 वर्ष निवासी ग्राम क्याकं।
2- सुनील लाल उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम उछोला।
घायल व्यक्ति का नाम
1- जगदीश सिंह उम्र 36 वर्ष निवासी ग्राम उछोला। सूचना परेशित हैं

रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा सप्ताह पर निकाली गयी जागरुकता रैली ।।

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रुद्रप्रयाव ।।आम जन मानस को यातायात के नियमो का पालन हेतु उत्तराखण्ड पुलिस विभाग द्वारा प्रति वर्ष सड़क सुरक्षा सप्ताह का कार्यक्रम किया जाता है। सड़क सुरक्षा को देखते हुए उत्तराखण्ड के सभी जनपदों में लोगो को यातायात के प्रति जागरूक किया जाता है । जनपद रुद्रप्रयाग पुलिस अधीक्षक डॉ0 विशाखा अशोक भदाणे द्वारा दिये निर्देशों के क्रम में आज

17 जनवरी 2023 को पुलिस उपाधीक्षक यातायात श्रीमती हर्षवर्द्धनी सुमन के नेतृत्व में व प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुद्रप्रयाग श्री जयपाल सिंह नेगी एवं यातायात निरीक्षक रुद्रप्रयाग श्री श्याम लाल की उपस्थिति में जनपद रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा 11 जनवरी 2023 से 17 जनवरी 2023 की अवधि में मनाये जा रहे सड़क सुरक्षा सप्ताह के आखिरी दिवस पर गुलाबराय मैदान रुद्रप्रयाग से लेकर मुख्य बाजार होते हुए केदारनाथ तिराहा/बेलनी पुल तक जागरुकता रैली निकाली गयी। इस जागरुकता रैली के दौरान आम जनमानस को यातायात के नियमों का पालन करने, नाबालिग बच्चों से वाहन का संचालन न करने, शराब पीकर वाहन न चलाये जाने, दुपहिये वाहन में दोनों सवारियों को हैलमेट का प्रयोग किये जाने, निर्धारित गति सीमा में ही वाहन का संचालन किये जाने इत्यादि नियमों के अनुरूप अपील की गयी।