32.5 C
Dehradun
Thursday, July 2, 2026
Home Blog Page 267

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन निर्माण का दंश झेल रहा है रुद्रप्रयाग का मरोड़ा गांव ।

0

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन निर्माण का दंश झेल रहा है रुद्रप्रयाग का मरोड़ा गांव
गांव में दरारे पड़ने के बाद कई घर जमीदोज तो कई घर जमीदोज होने की कगार पर
मुआवजा न मिलने पर अभी भी गांव में खतरे के साये में रह रहे हैं कई परिवार
पीड़ित ग्रामीणों ने सरकार व रेल लाइन का निर्माण कर रही कार्यदायी संस्था पर लगाये कई आरोप

रुद्रप्रयाग ।। रुद्रप्रयाग जनपद का मरोड़ा गांव ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन निर्माण से आपदा का दंश झेल रहा है। गांव के नीचे टनल निर्माण से कई घर जमीदोज हो चुके हैं तो कई घर होने की कगार पर हैं। जिन प्रभावित परिवारों को अभी तक मुआवजा नहीं मिल पाया है, वह अभी भी मौत के साये में टूटे-फूटे मकानों में रह रहे हैं। ग्रामीणों को शीघ्र ही यहां से विस्थापित नहीं किया गया तो कभी भी कोई बड़ी हानी हो सकती है।

– ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल निर्माण का कार्य जोर शोर से चल रहा है। पहाड़ों में भूस्खलन होने की संभावनाओं को देखते हुये अधिकांश जगह रेल टनल से होकर गुजरेगी। इसी कड़ी में जनपद के मरोड़ा गांव के नीचे भी टनल का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन टनल निर्माण के चलते मरोड़ा गांव के घरों मंे मोटी-मोटी दरारे पड़ चुकी हैं। कई घर तो दरार पड़ने के बाद जमीदोंज हो चुके हैं और कई होने की कगार पर हैं। जिन परिवारों को रेलवे की ओर से मुआवजा मिल गया है, वह तो दूसरी जगह चले गये हैं, लेकिन जिन परिवारों को मुआवजा नहीं मिल पाया है, वह मौत के साये में ही गांव में रह रहे हैं। स्थिति इतनी विकराल है कि गांव में कभी भी कहर बरप सकता है। रेल लाइन का निर्माण कार्य कर रही कार्यदायी संस्था की ओर से पीड़ितों के रहने के लिये टिन सेड बनाये गये हैं, लेकिन पीड़ित इन टिन शेड़ों में नहीं रह रहे हैं। पीड़ितों का आरोप है कि टिन शेड़ों में किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं है। शुरूआती चरण में प्रभावित परिवारों को रेलवे किराया देती थी, लेकिन अब किराया देना भी बंद कर दिया है और यहां से पलायन कर चुके लोग फिर गांव का रूख कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विकास की जगह उनका विनाश हुआ है। उनका पुस्तैनी मकान उनकी आंखों के सामने जमीदोज हो रहे हैं। उनका विस्थापना किया जा रहा है और न मानकों के अनुसार उन्हे मुआवजा दिया जा रहा है। गांव की महिलाएं बेहद लाचार हैं और रोते हुये सरकार व रेल लाइन का निर्माण कार्य कर रही कार्यदायी संस्था पर कई तरह के आरोप लगा रही हैं। कभी मरोड़ा गांव में 35 से चालीस परिवार हुआ करते थे, लेकिन अब मात्र 15 से 20 परिवार रह गये हैं और जो परिवार यहां रह भी रहे हैं, उनके साथ कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

जोशीमठ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर तत्काल सुनवाई से किया इनकार ।

0

जोशीमठ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर तत्काल सुनवाई से किया इनकार ।

 

: सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर तत्काल सुनवाई से किया इनकार

आपको बता दें कि जोशीमठ के मामले पर 16 जनवरी को सुनवाई होने के लिए चिह्नित किया गया है

लेकिन मंगलवार को इस बारे में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हर केस की जल्द सुनवाई नहीं हो सकती है

इन मामलों के लिए लोकतांत्रिक संस्थाएं हैं, जो काम कर रही हैं।

ज्योतिर्माथ पीठ की तरफ से की गई थी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल

जोशीमठ का क्रेक ज़ोन: इस 300 मीटर चौड़े इलाके में दरक रहे मकान ! एक्सपर्ट्स ने दिए ये 6 सुझाव।

0

 


देहरादून: उत्तराखंड के जोशीमठ में भू-धंसाव की घटना ने सभी की चिंता बढ़ा दी है. उत्तराखंड प्रशासन ने जोशीमठ इलाके को आपदा की आशंका वाला क्षेत्र घोषित कर दिया है. यहां अब तक धंसाव की घटना के चलते 610 घरों दरारें पड़ गई हैं. पहले यह संख्या 561 थी. उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोशीमठ में भू-धंसाव को लेकर विशेषज्ञों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की. इसके बाद राज्य के साथ साथ केंद्रीय एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं. बताया जा रहा है कि जोशीमठ में करीब 350 मीटर का इलाका भू-धंसाव की घटना से प्रभावित हुआ है. जोशीमठ में निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है. उत्तराखंड सरकार द्वारा बनाई गई आपदा प्रबंधन और विशेषज्ञों की टीम ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री धामी को सौंप दी है. एक्सपर्ट टीम ने प्रभावित घरों का दौरा कर रिपोर्ट तैयार की है. इसमें 6 अध्ययनों की सिफारिश की गई है.

प्रभावित घर तोड़े जाएं, लोगों को शिफ्ट किया जाए

– विशेषज्ञ समिति ने इस पूरी स्थिति को समझने के लिए भू-तकनीकी जांच, भूकंपीय निगरानी समेत 6 अध्ययनों की सिफारिश की है. विशेषज्ञ समिति ने कहा है कि अगस्त 2022 की रिपोर्ट में की गई सिफारिशों का पालन किया जाना चाहिए. ज्यादा नुकसान वाले घरों को तोड़ देना चाहिए और उनका मलबा हटा देना चाहिए. उन क्षेत्रों की पहचान की जानी चाहिए, जो अभी भी रहने योग्य हैं.
प्रभावित जगह पर रहने वाले लोगों को तुरंत शिफ्ट किया जाना चाहिए.

विशेषज्ञ समिति ने कहा- किए जाएं ये 6 अध्ययन

– भू-तकनीकी जांच की जानी चाहिए, जरूरत पड़ने पर नींव की रेट्रोफिटिंग का भी अध्ययन किया जाए.
– क्षेत्र के उप-स्तरों को समझने के लिए जियोफिजिकल जांच की जानी चाहिए.
– क्षेत्र में भूकंपीय निगरानी होनी चाहिए.
– हाइड्रोलॉजिकल जांच होनी चाहिए, ताकि जल निकासी, झरनों, लोकल वॉटर टेबल स्रोत की पहचान हो सके.
– भू धंसाव की रियल टाइम निगरानी होनी चाहिए.
– घरों को पहुंची क्षति का आकलन होना चाहिए, रेट्रोफिटिंग होनी चाहिए.

 

केंद्रीय एजेंसियां भी करेंगी जांच

अब जोशीमठ की मौजूदा स्थिति पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (NIDM), जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की, वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी और सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञों की टीम सर्वे करेगी और अपनी रिपोर्ट सब्मिट करेगी.

NDRF-SDRF तैनात, लोगों को किया जा रहा शिफ्ट

उत्तराखंड के मुख्य सचिव ने बताया कि करीब 350 मीटर चौड़ी जमीन भू धंसाव से प्रभावित हुई है. एनडीआरएफ की एक टीम और एसडीआरएफ की चार टीमें जोशीमठ में पहुंच चुकी हैं. प्रभावित परिवारों को सुरक्षा स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा है. साथ ही उनके भोजन और आश्रय की व्यवस्था की जा रही है. जोशीमठ के लोगों को घटना की जानकारी दी जा रही है और उनका सहयोग लिया जा रहा है. लघु-मध्यम-दीर्घकालीन योजनाएं तैयार करने के लिए विशेषज्ञों की सलाह ली जा रही है.

पीएम ने की समीक्षा बैठक

इससे पहले पीएम मोदी के मुख्य सचिव डॉ. पीके मिश्रा ने उच्च स्तरीय समीक्षा की. इस बैठक में भारत सरकार के कैबिनेट सचिव, गृह सचिव, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य, उत्तराखंड के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक, जोशीमठ के जिलाधिकारी व अन्य अधिकारी, उत्तराखंड के वरिष्ठ अधिकारी और कई विशेषज्ञ मौजूद रहे. इससे पहले पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की और इस पर चिंता व्यक्त की.

लोगों की सुरक्षा तत्काल प्राथमिकता पर हो- प्रधान सचिव

उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव ने कहा, प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा तत्काल प्राथमिकता होनी चाहिए. राज्य सरकार को प्रभावित लोगों के साथ संवाद स्थापित करना चाहिए. स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए तत्काल प्रयास किए जाने चाहिए.

प्रदेश में ठंड को देखते हुए शिक्षा महानिदेशक ने लिया बड़ा निर्णय।

0

देहरादून,,,

प्रदेश में ठंड को देखते हुए शिक्षा महानिदेशक ने लिया बड़ा निर्णय

15 जनवरी तक बंद रहेंगे प्रदेश के सभी स्कूल

स्कूल बंद रखने को लेकर शिक्षा महानिदेशक ने आदेश किया जारी

स्टेट प्रेस क्लब के अध्यक्ष विश्वजीत नेगी व महामंत्री चन्द्रशेखर जोशी को किया गया मनोनीत ।

0

पत्रकार नरेश भट्ट को मिली स्टेट प्रेस क्लब के प्रदेश सचिव की कमान।
युवा पत्रकार रोहित डिमरी को किया गया प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल।
पत्रकारों के हितों के लिए किया जा रहा संघर्ष : विश्वजीत नेगी
देहरादून। स्टेट प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी का चुनाव सर्व सहमति से संपन्न हो गए हैं। कार्यकारिणी का गठन कर विश्वजीत नेगी को प्रदेश अध्यक्ष चुना गया, जबकि चंद्रशेखर जोशी को महामंत्री मनोनीत किया गया। इसके अलावा कार्य कारिणी में अन्य पत्रकारों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बीजापुर गेस्ट हाउस देहरादून मे स्टेट प्रेस क्लब उतराखंड का द्विवार्षिक चुनाव संपन्न हुआ। मुख्य चुनाव अधिकारी अजय ढोडियाल और सहायक चुनाव अधिकारी शिव शंकर कुशवाह ने नई कार्यकारिणी की घोषणा की। विश्वजीत सिंह नेगी के नाम का प्रस्ताव सर्वेश बिष्ट तथा देवेंद्र ने किया, जिनका अनुमोदन ज्ञान प्रकाश पांडे ने किया। इसके पश्चात् सदन ने सर्वसम्मति से प्रदेश अध्यक्ष के रूप में विश्वजीत नेगी पर विश्वास प्रकट किया। महामंत्री पद पर चंद्रशेखर जोशी के नाम पर सदन ने सर्वसम्मति जताई।
प्रदेश उपाध्यक्ष गढ़वाल से सुनील थपलियाल, प्रदेश उपाध्यक्ष (कुमाऊं) से राजकुमार फुटेला के नाम सदन ने सर्वसम्मति जताई। प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर कुमायु मंडल से राज कुमार फुटेला सर्व सम्मति से चुने गए। प्रदेश उपाध्यक्ष देहरादून से बसंत निगम को सदन ने सर्वसम्मति से चुना। प्रदेश सचिव गढ़वाल से देवेंद्र दुमोगा को सर्वसम्मति से सदन ने चुना तथा प्रदेश सचिव गढ़वाल से नरेश भट्ट, प्रदेश सचिव कुमाऊँ से संजय रावत प्रदेश सचिव कुमाऊँ से कंचन वर्मा, प्रदेश सचिव देहरादून से सुलोचना पयाल तथा कोषाध्यक्ष पद पर हरिद्वार के वरिष्ठ पत्रकार ज्ञान प्रकाश पांडे सर्वसम्मति से चुने गए। विशेष सचिव दिनेश चंद्र शास्त्री, संप्रेक्षक सुरेंद्र अग्रवाल सम्मति से सदन ने चुना। सदन ने सर्वसम्मति से वरिष्ठ पत्रकार अजय ढोडियाल को विशेष प्रेस क्लब उत्तराखंड का संरक्षक घोषित किया। स्टेट प्रेस क्लब उतराखंड की कार्यकारिणी सदस्यों में प्रत्येक जनपद से वरिष्ठ पत्रकार चुने गए, जिसमें रुद्रप्रयाग से रोहित डिमरी, उत्तरकाशी से द्वारिका प्रसाद सेमवाल, टिहरी जनपद शशि भूषण भट्ट, रुद्रपुर से सुरेंद्र गुप्ता, नैनीताल से योगेश शर्मा, देहरादून से बॉबी शर्मा, बागेश्वर से रमेश पांडे, कृषक हरिद्वार से सनक शर्मा, अल्मोड़ा से अशोक पांडे, चंपावत से विनय शर्मा, चमोली से कांति भट्ट, पौड़ी से गणेश कुकसाल चुने गए।
प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने पर विश्वजीत नेगी ने समस्त पत्रकार जगत का आभार व्यक्त किया। महा मंत्री चंद्रशेखर जोशी ने कहा कि स्टेट प्रेस क्लब उतराखंड देश का एकमात्र मंच है, जिसमें पूरे प्रदेश से पत्रकार गण जुड़े हुए हैं। एक अंब्रेला ऑर्गेनाइजेशन मजबूती से अस्तित्व में आ गया है। इधर, आगामी दिनों में प्रेस क्लब की स्मारिका बनाये पर सहमति बनी, जिसकी संपादकीय की जिम्मेदारी विशेष सचिव वरिष्ठ पत्रकार दिनेश शास्त्री जी को सौंपी गई।

क्षेत्रीय विधायक भरत सिंह चौधरी ने पश्चिमी भरदार क्षेत्र के भ्रमण दौरान सुनी जनसमस्यांए ।

0

नवनिर्मित भ्यूता-खरगेड मोटर मार्ग का किया शुभारंभ।

  1. रुद्रप्रयाग ।रुद्रप्रयाग विधानसभा के विधायक भरत सिंह चौधरी द्वारा पश्चमी भरदार के विभिन्न गांवों
    सौराखाल, भ्यूता, चौंडा-सिराई, खरगेड, बा़सी में क्षेत्र भ्रमण कर स्थानीय जनता से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। साथ ही ग्रामीणों को उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए आश्वाशन दिया । इस अवसर पर उनके द्वारा अपने पिछले कार्यकाल में भ्युन्ता-खरगेड मोटर मार्ग का निर्माण कार्य शुरू कराया गया। जो कि अब बनकर तैयार हुआ है। उसका शुभारंभ उनके द्वारा किया गया। इस मोटर मार्ग के निर्माण में जो पश्चिमी भरदार आधा दर्जन से अधिक गावं के ग्रामीणों को 25 किमी से अधिक बढियारगढ़( टिहरी) से हो के आवागमन करना पड़ता था। वो अब नहीं करना पड़ेगा। जिससे अब क्षेत्रवासियों को आवागमन करने में समय के साथ धन की भी बचत होगी। इसके साथ उनके द्वारा बाँसी भरदार में पाडंव लीला के समापन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा की यह हमारी पौराणिक परम्परा है। जो हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान है। जिसका सदियों से हमारे पूर्वजों द्वारा इस परम्परा का निर्वहन किया है। आज युवा पीढ़ी इस परम्परा को आगे बढा रही है। उन्होंने पांडव लीला आयोजन के लिए सभी ग्राम वासियों को बधाई दी। साथ ही उन्होंने कहा कि कोटली-बाँसी मोटर मार्ग का निर्माण कार्य भी शीघ्र प्रारंभ करवाया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि भरदार पेयजल योजना फेज-2 ₹25 करोड़ की लागत से मन्दाकिनी नदी से लिफ्ट पेयजल निर्माण कार्य गतिमान है। जल्द ही पेयजल की समस्या खत्म हो जाएगी।

जोशीमठ के घरों में आ रही दरार को लेकर आज की सबसे बड़ी खबर ।

0

 

जोशीमठ के घरों में आ रही दरार को लेकर आज की सबसे बड़ी खबर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात

फोन पर जोशीमठ में चल रहे राहत बचाव कार्यों के बारे में ली जानकारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विस्तार पूर्वक मुख्यमंत्री से जोशीमठ को लेकर की चर्चा

प्रधानमंत्री ने हर संभव प्रदेश सरकार को मदद देने का किया आश्वासन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर संभव मदद की गई है बात

जोशीमठ के घरों में आ रही दरारों को लेकर की है चर्चा

10 मिनट पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री को फोन करके ली जानकारी

राज्य की बेटी कुमारी मनीषा ने एक बार फिर राज्य का नाम किया रोशन ।

0

 

राज्य की बेटी कुमारी मनीषा ने एक बार फिर राज्य का नाम किया रोशन,

राष्ट्रीय स्तर पर कला उत्सव प्रतियोगिता में प्रथम स्थान जीतकर पूरे देश में उत्तराखंड का नाम किया रोशन,

भारत सरकार द्वारा कला उत्सव प्रतियोगिता 2023 का भुवनेश्वसर उड़ीसा में किया गया था आयोजन,

कुमारी मनीषा राजकीय इंटर कॉलेज सलानी जनपद बागेश्वर में कक्षा 9 की है छात्रा,

प्लास्टिक उन्मूलन के लिए डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम (डीआरएस) में जनपद रुद्रप्रयाग को राष्ट्रीय पुरस्कार से किया गया सम्मानित ।।

0

रुद्रप्रयाग ।। श्री केदारनाथ धाम सहित तृतीय केदार यात्रा मार्ग पर प्लास्टिक उन्मूलन के लिए डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम (डीआरएस) में जनपद रुद्रप्रयाग को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। शनिवार को दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं उपजिलाधिकारी ऊखीमठ जितेन्द्र वर्मा को यह पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
जिलाधिकारी मूयर दीक्षित के कुशल नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं द्वारा उपयोग की जाने वाली पानी की बोतल, कोल्ड ड्रिंक समेत अन्य प्लास्टिक का सामान इस्तेमाल करने के बाद उसका उचित निस्तारण करने के लिए रिसाइकिल संस्था के साथ मिलकर पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर केदारनाथ यात्रा मार्ग में एवं दूसरे चरण में चोपता, तुंगनाथ और देवरिया ताल मार्ग पर क्यू आर कोड व्यवस्था को लागू किया गया। जिला प्रशासन के अथक प्रयास से प्लास्टिक उन्मूलन के लिए क्यू आर कोड प्रणाली शुरू कर प्लास्टिक बोतलों की टैगिंग की गई स हर क्यू आर कोड लगी बोतल पर बिक्री के समय 10 रुपए अतिरिक्त वसूले जाते हैं, वहीं प्रत्येक बोतल वापस जमा करने वाले को दस रुपए दिए जाते हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक पूरी तरह से बैन किया जा चुका है, ऐसे में यात्रा मार्ग पर लाखों श्रद्धालुओं द्वारा पानी की बोतलों, कोल्ड ड्रिंक समेत अन्य प्लास्टिक का सामान इस्तेमाल करने के बाद उसका उचित निस्तारण बड़ी चुनौती है। रिसायकल संस्था के साथ मिलकर पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर केदारनाथ यात्रा मार्ग एवं दूसरे चरण में चोपता-तुंगनाथ और देवरियाताल मार्ग पर क्यूआर कोड व्यवस्था को लागू किया गया। इस वर्ष पानी की बोतलों पर क्यूआर लगाने से प्रोजेक्ट शुरु हुआ था जबकि बाद में कोल्ड ड्रिंक की बोतलों पर भी इसे लागू किया गया। आगामी यात्राओं में योजना को बड़े पैमाने पर लागू कर सभी प्रकार के प्लास्टिक कचरे को निस्तारित करने के लिए इस्तेमाल करने पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार द्वारा जनपद रुद्रप्रयाग को डिजिटल डिपोजिट रिफंड सिस्टम के तहत नामित किया गया था जिसमें जनपद ने राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल इंडिया अवॉर्ड्स 2023 में सिल्वर मेडल का पुरस्कार जीता है।

रुद्रप्रयाग के छातीखाल देजीमाण्ड़ा पौड़ीखाल मोटर मार्ग पर कार दुर्घटनाग्रस्त होने से कार सवार की दुर्घटना स्थल पर ही मौत।

0

 

रूद्रप्रयाग-  जनपद रुद्रप्रयाग के छातीखाल देजीमाण्ड़ा पौड़ीखाल मोटर मार्ग पर मरंगाव गांव के पास एक कार दुर्घटना ग्रस्त होकर गहरी खाई में जा गिरी।  दुर्घटना की सूचना स्थानीय लोगो के द्वारा आपदा कन्ट्रृोल की  दी गयी।सूचना पर एसडीआरएफ, पुलिस की टीम  व जिला प्रशासन की टीम मौके के लिए रवाना हो  कर दुर्घटना स्थल पहुंची ।दुर्घटना ग्रस्त कार में एक व्यक्ति सवार था ।कार सवार व्यक्ति अपना नियंत्रण खो कर  500मीटर दूर खाई में गिरी। आपको बता दे कि जिस मार्ग पर यह घटना हुई वह रोड़ अभी निर्माणधीन है यह मार्ग खांखरा छातीखाल से देजीमाण्ड़ा पौड़ीखाल के लिए कटती है। घटना दोपहर 1 बजे की बताई जा रही है दुर्घटना में मृतक की पहचान हरीश असवाल पुत्र श्री जगदीश सिहं असवाल गांव जा रहा रहा था अचानक गाड़ी अनय़िन्त्र होकर गहरी खाई में जा गिरी। जिसमें बताया जा रहा है हरीश असवाल अकेला ही थे। मौके पर पहॅूची टीम द्धारा शब को गहरी खाई से निकालकर पोस्टमार्डम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है,