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Thursday, March 19, 2026


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महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री के जन्म दिवश को पुलिस प्रशासन द्वारा धूमधाम से मनाया गया।

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रुद्रप्रयाग ।जनपद मुख्यालय पर पुलिस प्रशासन द्वारा धूमधाम से मनाया गया है ।रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी की जयन्ती के अवसर पर उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की गई।

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी की जयन्ती के अवसर पर पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग श्री आयुष अग्रवाल द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन रतूड़ा के प्रांगण में पूज्य महात्मा गाँधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र का अनावरण, माल्यार्पण किया गया।

इसी क्रम में पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रयाग श्री प्रबोध कुमार घिल्डियाल द्वारा पुलिस कार्यालय में, तथा समस्त शाखा/थाना प्रभारियों द्वारा अपने अपने थाना/शाखा प्रांगण में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी एवं शास्त्री जी की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं पुष्प चढ़ाकर अपने अधीनस्थ अधिकारी / कर्मचारी गणों को अहिंसा एवं शांति प्रतिज्ञा की शपथ दिलाते हुए उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी गई।


पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग द्वारा जनपद में नियुक्त स्वच्छकों को गर्म कपड़े दिये गये।
जनपद के समस्त थानों, पुलिस लाइन, कार्यालय में सफाई अभियान भी चलाया गया।

उक्रांद ने किया रुद्रप्रयाग में प्रदर्शन, बंद को मिला ब्यापक समर्थन।

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रुद्रप्रयाग-आज अंकिता हत्याकांड व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में हुई धांथली सहित तमाम मुद्दों को लेकर उत्तराखंड क्रान्ति दल के प्रदेश ब्यापी बंद का रुद्रप्रयाग में ब्यापक असर रहा, सुबह से ही उक्रांद कार्यकर्ता बंद को लेकर सड़कों पर थे। उक्रांद के पूर्व केन्द्रीय महामंत्री देवेंन्द्र चमोली , जिला महामंत्री अशोक घौधरी, चन्द्रमोहन गुंसाई, देवेन्द्र जग्गी के नेतृत्व में उक्रांद कार्यकर्ताओं नै मुख्य बाजार में जलूस निकाला व ब्यापारियों से बंद को सफल बनाने की अपील की। यहाँ मुख्य बाजार में हुई जनसभा को संबोधित करते हुये उक्रांद नेताओं ने अंकिता हत्याकांड पर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुये आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र का प्रयोग साक्क्षो को मिटाने में किया गया।

वक्ताओं ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग व विधानसभा सचिवालय में हुई अबैध भर्तियों को लेकर आक्रोश जताया। उक्रांद नेता देवेंन्द्र चमोली ने कहा कि आज तक मुजफ्फरनगर कांड के दोशियों को सजा नहीं मिल पाई ऐसे में अकिता को न्याय मिल पायेगा। उन्होंने उत्तराखंड क्रान्ति दल के इस प्रदेश ब्यापी बंद को सफल बनाने के लिये रुद्रप्रयाग के समस्त ब्यापारियों व बंद को सफल बनाने में जुटे सभी युवाओं का आभार ब्यक्त किया। इस अवसर पर युवा नेता मानवेन्द्र नेगी, व गढ़वाल विश्व विद्यालय छात्र संघ के पूर्व महा सचिव संदीप रावत ने भी अपना समर्थन देकर सभा को संबोधित किया।

अकिंता हत्याकांड में दोषियो को फांसी की सजा मांग पर केदारपुरी बन्द।

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केदारनाथ -ग्यारवें जोतिर्लिंग बाबा के धाम में भी 2 अक्टूबर बन्द के आवाहन पर आज केदारपुरी में पूरा बाजार बंद किया हुआ है ।कुछ दिन पूर्व केदापुरी में तीर्थ पुरोहितों के द्वारा अकिंता भण्डारी की आत्मा की शान्ति के लिये शोक सभा व केंडिल मार्च यात्रा निकाली गई थी ।केदारपुरी के लोगो का व देश विदेश से आने वाले यात्रियों का कहना था कि जिस प्रकार से उत्तराखण्ड जैसे पवित्र स्थानों पर जो घटनाये हो रही है ये उत्तराखण्ड ही नही बल्कि पूरे देश के लिये शर्मिंदा करने वाली घटना है जो कि सम्पूर्ण मानवता को शर्मसार कर देती है ।

 

जिन लोगो ने अकिंता कि हत्या की सरकार को उन दोषियो को सख्त,
सजा देनी चाहिये ।ताकि फिर कोई भी अकिंता जैसी कहानी ना दोहराई जा सके ।अकिंता भण्डारी के साथ आम जनमानस की भावना जुड़ी है सरकार को चाहिये कि सभी की भावना को देखते हुए दोषियो को फांसी की सजा हो ताकि मृत आत्मा को शांति मिल सके ।

 

साथ ही अकिंता जैसे मामले में किसी पार्टी,संगठन को राजनीति से ऊपर उड़कर न्याय की मांग करनी चाहिये ।

समान नागरिक सहिंता के सम्बन्ध में नागरिकों का पक्ष सुनने के लिये पहुंचे समिति के सदस्य ।

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समान नागरिक सहिंता के सम्बन्ध में नागरिकों का पक्ष सुनने के लिये पहुंचे समिति के सदस्य ।

चमोली । राज्य स्तरीय समान नागरिक संहिता विशेषज्ञ समिति के सदस्यों द्वारा नागरिकों का पक्ष सुनने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण का कार्यक्रम निर्धारित किया गया। इसका उद्देश्य राज्य के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को समान नागरिक संहिता की जानकारी देते हुए उनके सुझाव प्राप्त करना है।

इस ओर समिति के सदस्यों द्वारा आज राज्य के सीमान्त गांव, माणा जनपद चमोली से भ्रमण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। समान नागरिक संहिता के बारे में जानकारी देने के बाद उपस्थित महिलाओं, पुरूषों और युवाओं द्वारा अपने क्षेत्र से सम्बन्धित रीति-रिवाजों के विषय में जानकारी दी। उनके द्वारा विभिन्न मुद्दों पर सुझाव भी प्रेषित किये गये। इस कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा पारम्परिक वेशभूषा पहन कर प्रतिभाग किया गया।

 

इसके बाद जोशीमठ के नगर पालिका भवन में समिति के सदस्यों द्वारा महाविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, प्रबुद्धजनों से सुझाव लिये गये। गौरतलब है कि समिति के सदस्य गढ़वाल और कुमाऊं मण्डल के जनपदों का भ्रमण कर प्रस्तावित ड्राफ्ट तैयार करेंगे।

राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली व नई पेंशन स्कीम के विरोध में सयुक्त मोर्चा  कर्मचारियों ने काली पट्टी बांध कर किया  विरोध

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राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली व नई पेंशन स्कीम के विरोध में सयुक्त मोर्चा  कर्मचारियों ने काली पट्टी बांध कर किया  विरोध ।

रुद्रप्रयाग ।।राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा जनपद रूद्रप्रयाग के सभी कार्मिकों ने 1 अक्टूबर को नई पेंशन स्कीम के विरोध में हाथ पर काली पट्टी बांध कर इस बाजार आधारित योजना का विरोध किया,NOPRUF के मंडलीय महासचिव नरेश कुमार भट्ट ने कहा कि आज ही के दिन 1 अक्टूबर 2005 को उत्तराखंड सरकार ने पुरानी पेंशन योजना के स्थान नई पेंशन योजना को लागू किया था, तत्कालीन समय में इस योजना के बहुत फायदे गिनाए गए थे लेकिन आज जब कार्मिक इस पेंशन योजना के तहत सेवानिवृत हो रहे हैं तो उनको पेंशन राशि के रूप में 1000 से 1500 रुपए तक ही पेंशन मिल रही हैं, जो कि ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है।
मोर्चा रुद्रप्रयाग जिला अध्यक्ष अंकित रौथाण ने कहा कि हम कही सालों से सरकार को अपनी पीड़ा से अवगत कराते आ रहे हैं लेकिन सरकार सत्ता के नशे में कार्मिकों की इस जायज मांग को लगातार अनसुना कर रही है ,जिससे कर्मचारियों में बहुत रोष व्याप्त है , और आने वाले समय में सरकार और उसके मंत्रियों का सड़क से सदन तक विरोध होगा।
मोर्चा रुद्रप्रयाग के मुख्य संरक्षक शंकर भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड की राज्य सरकार को राजस्थान, झारखंड ,छत्तीसगढ़ की सरकारों से सीख लेकर तुरंत ही कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन बहाल करनी चाहिए अन्यथा कर्मचारी उग्र आंदोलन की तैयारी करने को मजबूर होंगे।
मोर्चा रुद्रप्रयाग के महासचिव अंकुश नौटियाल जी ने जानकारी देते हुए बताया कि मोर्चा इसी अक्टूबर माह में प्रांतीय कार्यकारणी के निर्देशों पर जनपद में NPS के विरोध में धरातलीय कार्यकर्मों का आयोजन करेगा
मोर्चा के प्रांतीय कोषाध्यक्ष रणवीर सिंधवाल ने कहा कि राष्टीय नेतृत्व के आह्वान पर 8 अक्टूबर से कश्मीर से कन्याकुमारी तक पुरानी पेंशन न्याय यात्रा निकाली जाएगी जिसमें उन्होंने उत्तराखंड के अधिक से अधिक कार्मिकों के शामिल होने का आह्वान किया,
विरोध दिवस में मंडलीय उपाध्यक्ष रश्मि गौड़,मोर्चा रुद्रप्रयाग महिला उपाध्यक्ष शशि चौधरी,नीलम बिष्ट,मोर्चा रुद्रप्रयाग पदाधिकारी अतुल शाह,संदीप रावत, उमेश गार्गी,अंकित रावत,दुर्गाप्रसाद भट्ट सुखवीर बिष्ट,अगस्त्यमुनि से गिरिजेश सेमवाल, दिगम्बर गुसाईं,अनिता राणा,माला राणा,लक्ष्मी नेगी,शशि गुसाईं,प्रीति जखोली से प्रवीण घिल्डियाल, अवतार सिंह,गजेंद्र राणा,मनमोहन गुसाईं, रजत कुमार,राकेश डंगवाल,प्रदीप कुमार,विजय रावत,पवन नौटियाल उखीमठ से कमल सिंह ,कैलाश गार्गी,अजय भट्ट,संदीप रावत,अनदीप राणा,विमल कोहली,सुलेखा सेमवाल अमित नेगी आदि उपस्थित थे

हिट एण्ड रन की अनसुलझी गुत्थी को सुलझा गयी रुद्रप्रयाग पुलिस।

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दिनांक 25/26 सितम्बर 2022 की रात्रि दो बजे के लगभग थाना अगस्त्यमुनि पुलिस को डायल 112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई थी कि गबनी गांव के पास किसी व्यक्ति को चोट लगी है, जो कि सड़क किनारे पड़ा है। इस सूचना पर प्रभारी निरीक्षक अगस्त्यमुनि अधीनस्थ पुलिस बल के मौके पर पहुंचे वहां पर कुल 03 व्यक्ति पड़े हुए हालत में मिले थे, करीब जाने पर ज्ञात हुआ कि इन पर काफी चोट भी लगी थी और इनके शरीर से खून भी बह रहा था। पुलिस द्वारा तत्काल इन तीनों को सी0एच0सी0 अगस्त्यमुनि लाया गया, जहां पर डॉक्टरों द्वारा इनमें से 02 व्यक्तियों को मृत घोषित किया गया। तथा तीसरे व्यक्ति को हायर सेन्टर के लिए रैफर कर दिया गया था। जानकारी करने पर ज्ञात हुआ था कि ये तीनों युवक गौरीकुण्ड से अपने खच्चरों को लेकर वापस अपने घर को जा रहे थे। प्रथम दृष्टतया ये लोग पुलिस को सड़क पर पड़े हालत में मिले थे जबकि इनके खच्चर सुरक्षित थे।

घटनास्थल की परिस्थितियों के अनुसार इन पर किसी अज्ञात वाहन द्वारा इन पर टक्कर मारी गयी थी, तथा वह वहां से भाग निकला था।
दिनांक 26 सितम्बर की प्रातःकाल थाना अगस्त्यमुनि पुलिस द्वारा परिजनों की उपस्थिति में मृतकों का पंचायतनामा भरकर शवों को पोस्टमार्टम हेतु जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भिजवाया गया तथा परिजनों की तहरीर के आधार पर प्रकरण में थाना अगस्त्यमुनि पर मु0अ0सं0 35/2022 धारा 279, 337, 338, 304 ए भा0द0वि0 बनाम अज्ञात का अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रचलित की गयी।
चूंकि इस घटनाक्रम में मृत हुए 02 व्यक्ति तथा बुरी तरह घायल हुआ 01 व्यक्ति अपने परिवार के कमाऊ एवं जिम्मेदार व्यक्ति होने तथा इनके परिवार पर अकस्मात ही इस प्रकार की विषम परिस्थितियों के आ जाने से स्वयं पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग द्वारा इस केस में व्यक्तिगत तौर पर रुचि लेते हुए पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रयाग के पर्यवेक्षण में टीम का गठन करते हुए विवेचक सहित विवेचना के निस्तारण हेतु गठित टीम को समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।
उक्त घटना क्रम रात्रि का होने के कारण व किसी के भी द्वारा घटना के तत्काल बाद घटना की सूचना नहीं दी गई थी। प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर भी कोई सामने नहीं आया जिसे कि, इस घटना का अंदेशा भर भी रहा हो। गठित टीमों द्वारा क्षेत्र के सीसीटीवी द्वारा घटना का समय पता लगाया गया व उस दौरान दुर्घटना स्थल से गुजरने वाले वाहनों को तलाश किया गया व आस-पास के लोगों से पूछताछ की गई सी0सी0टी0वी0 में दिख रहे सदिग्ध वाहन मैक्स को पकड़ा गया। जिसमें बैठे तीनों व्यक्तियों से सख्ती से पूछताछ की गई तो उनके द्वारा दिनांक 25/09/2022 की रात की घटना को नशे की स्थिति में होने के कारण होना बताया व घटना के बाद अपने-अपने घर पहुंचकर अगले दिन तीनों द्वारा उक्त वाहन मैक्स यूके 13 टीए 0012 को फाटा के पास ठीक करवाया व घटना से सम्बन्धित वाहन के साक्ष्यों को मिटाया। घटना के दिन वाहन चलाने वाले चालक नीरज के पास डी0एल0 न होने के कारण मुकदमा उपरोक्त में 304 व 201 भादवि की बढ़ोत्तरी की गई। पुलिस द्वारा घटना के खुलासे हेतु जनपद पुलिस द्वारा निरन्तर अथक प्रयासों व विभिन्न स्थानों पर लगे लगभग 80 सी0सी0टी0वी0 कैमरों के फुटेज जो (देवप्रयाग, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, ऊखीमठ, गुप्तकाशी, फाटा व सोनप्रयाग के बीच) संदिग्ध वाहनों को ट्रैस किया गया तथा रात्रि में गुजरने वाले लगभग 10 से 15 वाहन चालकों से पूछताछ की गई व 70 से 80 अन्य लोगों से भी घटना के सम्बन्ध में पूछताछ की गई। परिणति यह रही कि जनपद पुलिस द्वारा निरन्तर अथक प्रयासों से इस घटना को कारित करने वाले व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
हालांकि जनपद रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा इस ब्लाइंड केस का खुलासा तो कर ही दिया है, परन्तु जो 02 लोग इस दुनियां में नहीं रहे व 01 व्यक्ति जो कि जिन्दगी व मौत के बीच में झूल रहा है, इनकी इस हालात के जिम्मेदार कहीं न कहीं हमारे समाज में रह रहे लोग भी हैं। वर्तमान समय में जनपद रुद्रप्रयाग में श्री केदारनाथ धाम यात्रा चल रही है, निश्चित ही जनपद क्षेत्रान्तर्गत कई वाहनों का आवागमन हो रहा है। यात्री वाहनों को छोड़ भी दें तो निश्चय ही स्थानीय वाहन भी इस मार्ग से गुजरे होंगे पर किसी ने जहमत नहीं उठायी कि ये लोग सड़क किनारे पड़े हैं तो इनको देख लिया जाये। देख नहीं पाये तो एक कॉल पुलिस को ही मिला देते। कुछ लोगों ने तो यहां तक बताया कि उन्होने देख भी लिया था पर उन्हें लगा कि शराब के नशे में लेटे होंगे। भई कहां चली गयी मानवता???

कम से कम यदि इतना ही महसूस हो गया था कि ये शराब के नशे में लेटे होंगे तो जहमत तो उठा देते कि साहब न जाने कौन लोग अमुक स्थान पर शराब पिये लेटे हैं, शायद हम (पुलिस) इन तक पहुंच जाते। यदि समय पर सूचना मिलती तो शायद ये लोग जिन्दा भी रह सकते थे। समाज को भी समझना होगा कि जितनी अपेक्षा वे पुलिस से रखते हैं वे भी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन अवश्य करें। पुलिस भी समाज का अभिन्न अंग है, आप किसी की मदद नहीं कर सकते तो पुलिस तक सूचना ही दे देते। हमने इन लोगों को गिरफ्तार तो कर लिया है, और अपनी प्रभावी विवेचनात्मक कार्यवाही करते हुए साक्ष्य भी मा0 न्यायालय में प्रस्तुत करेंगे पर जो कुछ इनके परिवार पर गुजर रही उसकी भरपायी कैसे होगी इसके लिए वो लोग भी उतने ही जिम्मेदार हैं, जिन्होंने इन लोगों को सड़क पर पड़ा देख लिया पर किसी को कुछ बताया नहीं।
समाज का अधिकांश हिस्सा एक भीड़ के रूप में एकत्र तो हो जायेगा घटना के घटित होने के बाद पर ऐसी घटनायें हों ही न इसके लिए कुछ करने की सोचेगा भी नहीं। हर कार्य सरकार या सरकारी नुमाइंदों के हाथों में नहीं बल्कि हमारे हाथों में है। इस घटनाक्रम में कुछेक लोगों की इन्सानियत तो वास्तव में मर सी गयी थी, जो यह समझकर आगे बढ़ गये कि झांझी कहीं के लेटे पड़े हैं।
कुछेक लोगों के इस मध्य सोशल मीडिया में कमेंन्ट्स और पोस्ट चल रहे थे कि पुलिस तो लोकल लोगों को ही परेशान करेगी। बाहर से आने वाले यात्रियों को तो रोकती भी नहीं। इनकी जानकारी के लिए बता दें कि बाहर से जो भी वाहन आता है जो कि ग्रीन कार्ड यानि कि यात्रा करने विषयक हरेक नियमों का पालन करने हेतु बाध्य रहता है, हमें भी कोई शौक नहीं कि अनावश्यक परेशान करें। हम लोग अपना हरेक कार्य पूरी ईमानदारी से करते हैं और करते आयेंगे। पहले तो ऐसा घटनाक्रम होना नहीं चाहिए, पर हो भी गया तो समाज में रहने के नाते हरेक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि दूसरे पर लांछन लगाने से पहले वह भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन अवश्य करे।
इस केस के खुलासे में जनपद रुद्रप्रयाग पुलिस पूरे गर्व के साथ कह सकती है कि, उनको दिन रात एक करके इस केस की जिस तह तक जाना पड़ा वहां तक गये और इस घटना के गुनाहगारों को पकड़ लाये हैं। बाबा केदार की बरबस कृपा इसी प्रकार से जनपद रुद्रप्रयाग पुलिस पर बनी रहे यही आशा करते हैं।

गिरफ्तार व्यक्तियों का विवरण-

1 नीरज सिंह नेगी पुत्र श्री कलम सिंह नेगी, ग्राम नाला, थाना गुप्तकाशी, जिला रुद्रप्रयाग (उम्र 27 वर्ष)
2 उत्तम लाल पुत्र श्री सोहन लाल निवासी मस्ता, नाला, थाना गुप्तकाशी, जिला रुद्रप्रयाग (उम्र 26 वर्ष)
3 अमित शाह पुत्र श्री किशोरी लाल निवासी नारायणकोटि, थाना गुप्तकाशी, जिला रुद्रप्रयाग (उम्र 28 वर्ष)

तददिवस को घायल व्यक्ति का विवरण (वर्तमान समय में देहरादून में उपचाराधीन) –
धर्मेन्द्र निवासी मूसाढुंग, जिला रुद्रप्रयाग

तददिवस को घटना में मृतकों का विवरण –
1 मदन पुत्र मोहन सिंह निवासी मूसाढुंग, जिला रुद्रप्रयाग
2 हरवीर पुत्र पूरण सिंह निवासी मूसाढुंग, जिला रुद्रप्रयाग

अभियुक्तों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम का विवरण-
1- प्रभारी निरीक्षक श्री योगेन्द्र सिंह गुसाई थाना अगस्त्यमुनि।
2- उपनिरीक्षक ललित मोहन भट्ट थाना अगस्त्यमुनि।
3- उपनिरीक्षक सुरेश कुमार सिंह थाना अगस्त्यमुनि।
4- उपनिरीक्षक सतेन्द्र सिंह नेगी एसओजी रुद्रप्रयाग।
5- उपनिरीक्षक दिनेश सती- कोतवाली रुद्रप्रयाग।
6- आरक्षी अजय कुमार- थाना अगस्त्यमुनि।
7- आरक्षी रविन्द्र सिंह-एसओजी रुद्रप्रयाग।
8- आरक्षी राहुल-एसओजी रुद्रप्रयाग
9- आरक्षी पंकज राणा।
10-आरक्षी अनूप लिंगवाल
11- आरक्षी चालक संतोष सिंह।

इस सम्पूर्ण पुलिस टीम को पुलिस अधीक्षक रूद्रप्रयाग द्वारा ₹ 10000/- नगद पुरस्कार दिये जाने की घोषणा की गयी है।

 

केदारनाथ धाम की पहाड़ियों पर एक एवलांच का वीडियो वायरल ।

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केदारनाथ धाम के ठीक ऊपर एवलांच का एक वीडियो सोशल मीडिया में फिर वायरल हो रहा है, वायरल वीडियो में बहुत ही तेजी के साथ बर्फ का गुम्बारा आगे बढ़ रहा है, ये वीडियो हेलीकॉप्टर से लिया गया है, ओर आज सुबह का ही बताया जा रहा है, हालांकि प्रशासन इस बारे में अभी कुछ नही बता पा रहा है कि ये वीडियो कब का है, कुछ दिन पहले भी केदारनाथ धाम के ठीक ऊपर एवलांच का वीडियो वायरल हुआ था, जिससे पूरे प्रशासन में हड़कंप मच गया था, लेकिन इस वीडियो को देखने के बाद हर किसी के रौंगटे खड़े हो रहे हैं, आप भी इस वीडियो को देखिए….

दो अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर उत्तराखंड बंद का ऐलान।

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राज्यभर के जन संगठन, व्यापार संघ, छात्र और कई विपक्षी दल भी होंगे शामिल

देहरादून-राज्यभर तमाम जन संगठनों, व्यापार संघों और कई विपक्षी दलों ने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर उत्तराखंड बंद का ऐलान किया है। यह बंद अंकिता भंडारी हत्या कांड और अल्मोड़ा के दलित जगदीश चंद्र की हत्या को लेकर किया जा रहा है। देहरादून के शहीद स्थल पर आयोजित बैठक में फैसला किया गया कि महिलाओं की अगुवाई में राज्य के तमाम मुद्दों को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाए। इसमें युवाओं को मुख्य रूप से शामिल किया जाए। अन्य लोग आंदोलन में सहयोग करें।

बैठक में तय किया गया कि आज शाम 7 बजे हर घर में दीया जलाकर अंकिता और जगदीश चंद्र को श्रद्धांजलि देंगे। जहां संभव हो वहां लोग सामूहिक रूप से दीये जलाएंगे। इससे पहले शाम 6 बजे देहरादून में गांधी पार्क से मशाल जुलूस निकाला जाएगा। यह मशाल जुलूस पलटन बाजार सहित सभी प्रमुख बाजारों में व्यापारियों और आम लोगों से बंद में शामिल होने का अनुरोध करेगा। राज्य भर के अन्य शहरों में भी जन संगठनों से दीया जलाने और मशाल जुलूस निकालने का अनुरोध किया गया है। बैठक के बाद बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में जन संगठनों और विपक्षी दलों के नेताओं कहा कि 2 अक्टूबर के बंद को व्यापारी संगठनों, टैक्सी यूनियनों और विश्वविद्यालयों व कॉलेजों के छात्र संगठनों ने भी समर्थन दिया है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उत्तराखंड महिला मंच के अध्यक्ष कमला पंत ने कहा कि इस आंदोलन में युवा संगठन बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। अंकिता के मसले को लेकर बेरोजगार संघ जैसे संगठन ने फिलहाल नौकरियों में घोटाले की अपनी लड़ाई को छोड़कर इस आंदोलन में शामिल होने की घोषणा की है।

सीपीआई एमएल के इंद्रेश मैखुरी ने अंकिता मर्डर केस की न्यायिक जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में है। उन्होंने पुलिस के इस दावे को झूठा करार दिया कि अंकिता के परिवार को पोस्टमार्टम की कॉपी दे दी गई है। इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलाने से भी यह बात साफ हो गई है कि पुलिस ने साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया था। उत्तराखंड आंदोलनकारी मंच के प्रदीप कुकरेती ने राज्य भर के लोगों से 2 अक्टूबर के बंद में शामिल होने की अपील की।

बेरोजगार संघ के बॉबी पंवार ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में लगातार लीपापोती करने का प्रयास कर रहे हैं। गढ़वाल सभा के कैलाश तिवारी ने कहा कि राज्य भर में इस बंद को सफल बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं भारत ज्ञान विज्ञान समिति की उमा भट्ट, यूकेडी के मोहित डिमरी, लुशुन टोडरिया, प्रमिला रावत, एसएफआई के नितिन मलेठा, आदि शामिल थे।

2 अक्टूबर के बंद को अखिल गढ़वाल सभा, युवा शक्ति संगठन, एसएफआई, भारत ज्ञान विज्ञान समिति, राज्य आंदोलनकारी मंच, जन संवाद समिति, पूर्वांचल परिषद, राजकीय पेंशनर संगठन, सरस्वती विहार समिति, जन हस्तक्षेप, चेतना आंदोलन, वनाधिकार आंदोलन, उत्तराखंड महिला मंच, धाद, संवेदना साहित्यिक मंच, व्यापार मंडल, उत्तराखंड बेरोजगार संघ सहित 30 से ज्यादा संगठनों और उत्तराखंड क्रांति दल, कांग्रेस, सीपीएम, सीपीएम एमएल, आम आदमी पार्टी आदि राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों ने भी समर्थन दिया।

6 दिनों बाद भी हिट एंड रन का खुलासा न होने पर क्षेत्रीय जनता में उबाल ।

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3अक्टूबर को करेगे जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव ।

बीते 25 सितम्बर की रात्रि को तीन लोगों को वाहन से कुचलने वाले वाहन चालक को नहीं तलाश पाई रुद्रप्रयाग पुलिस,स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने डीएम और एसपी को सौंपा ज्ञापन

रुद्रप्रयाग-बीते 25 सितम्बर की रात्रि को केदारनाथ राजमार्ग पर गबनी गांव के पास अज्ञात वाहन द्वारा राजमार्ग पर घोड़े ले जा रहे तीन लोगों को कुचल दिया गया।जिसमें से 2 लोगों की मौके पर मौत व एक व्यक्ति गम्भीर रूप से घायल हुआ था।वहीं अभी तक रुद्रप्रयाग पुलिस इस मामले में कुचलने वाले वाहन चालक का कुछ भी सुराख नहीं लगा पाई है।गम्भीर घायल हुए व्यक्ति को एम्स ऋषिकेश में उपचार के लिये भर्ती कराया तो गया है लेकिन अभी तक एम्स में भर्ती मरीज को प्रशासन की ओर से कोई भी आर्थिक सहायता नहीं मिली है।जबकि घायल मरीज का आयुष्मान कार्ड भी नहीं बन पा रहा है।साथ ही मरीज की स्थिति गम्भीर बनी हुई है।
वहीं इस मामले को देखते हुए जखोली ब्लॉक के जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग व एसपी रुद्रप्रयाग को ज्ञापन सौंपा है।जिसमे उन्होंने कहा कि मृतक हरवीर सिंह तथा मदन सिंह के परिजनों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाय।

साथ ही गम्भीर घायल धर्मेंद्र के इलाज का पूरा खर्चा वहनकर उसके परिवार को भी आर्थिक सहयोग दिया जाय।ज्ञापन में कहा कि यदि 3 दिन के भीतर 2 अक्टूबर तक इस घटनाक्रम का पर्दाफाश और अन्य मांगे पूरी नहीं हुई तो जखोली ब्लॉक की जनप्रतिनिधि समस्त क्षेत्रीय जनता जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन एवं आंदोलन को मजबूर होंगे।